अपठित गद्यांश 6

‘अपठित’ शब्द का अभिप्राय है-जो पहले पढ़ा न गया हो। अपठित गद्यांश पाठ्यपुस्तकों से नहीं दिए जाते। ये ऐसे गद्यांश होते हैं जिन्हें छात्रों ने कभी नहीं पढ़ा होता। इस प्रकार के गद्यांश देकर विद्यार्थियों से उन पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। अपठित गद्यांशों के उत्तर देने से पूर्व निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • दिए गए गद्यांश को कम से कम दो तीन बार अवश्य पढ़ ले।
  • पूछे गए प्रश्नों के उत्तरों को रेखांकित कर लें।
  • प्रश्नों के उत्तर पूरी तरह समझकर सरल भाषा में लिखें।
  • भाषा व्याकरण सम्मत होनी चाहिए।
  • उत्तर गद्यांश या काव्यांश से होना चाहिए। उसमें अपने विचार समाहित कर उत्तर नहीं देना चाहिए।
  • सभी उत्तर देने के बाद उन्हें एक बार अवश्य पढ़ लें।

उदाहरण ( उत्तर सहित )

1. समय बहुत मूल्यावान होता है। यह बीत जाए तो लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करके भी इसे वापस नहीं लाया जा सकता। इस संसार में जिसने भी समय की कद्र की है, उसने सुख के साथ जीवन गुजारा है और जिसने समय की बर्बादी की, वह खुद ही बर्बाद हो गया है। समय का मूल्य उस खिलाड़ी से पूछिए, जो सेकंड के सौवे हिस्से से पदक चूक गया हो। स्टेशन पर खड़ी रेलगाड़ी एक मिनट के विलंब से छूट जाती है। आजकल तो कई विद्यालयों में देरी से आने पर विद्यालय में प्रवेश भी नहीं करने दिया जाता। छात्रों को तो समय का मूल्य और भी अच्छी तरह समझ लेना चाहिए, क्योंकि इस जीवन की कद्र करके वे अपने जीवन के लक्ष्य को पा सकते हैं।

(क) उपरोक्त गद्यांश में कीमती किसे माना गया है?
(i) जीवन को
(ii) अनुशासन को
(iii) समय को
(iv) खेल को

(ख) किसने सुख के साथ जीवन गुजारा
(i) जिसने दुनिया में खूब धन कमाया
(ii) जिसने मीठी बाणी बोली
(iii) जिसने समय की कद्र की
(iv) जिसने समय को बर्बाद किया

(ग) सेकंड के सौवें हिस्से से पदक कौन चूक जाता है
(i) खिलाड़ी जिसने मामूली अंतर से पदक गंवा दिया हो
(ii) वह यात्री जिसकी ट्रेन छूट गई
(iii) उपर्युक्त दोनों लोग
(iv) इनमें कोई नहीं

(घ) छात्रों को समय की कद्र करने से क्या लाभ होता है?
(i) वे स्वस्थ हो जाते हैं।
(ii) वे मेधावी बन जाते हैं।
(iii) वे सभी विषयों में 100% अंक प्राप्त करते हैं।
(iv) वे लोकप्रिय हो जाते हैं।

(ङ) इस गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक होगा
(i) समय का मूल्य
(ii) जीवन का लक्ष्य
(iii) विद्यार्थी जीवन में समय का महत्त्व
(iv) अनुशासन

उत्तर-
(क) (iii)
(ख) (iii)
(ग) (iii)
(घ) (iii)
(ङ) (i)

प्रश्नोत्तर

(क) गद्यांश में किसे और क्यों मूल्यवाने बताया गया है?
उत्तर-
गद्यांश में समय को मूल्यवान बताया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि यदि वह बीत जाए तो इसे लाखों करोड़ों रुपये खर्च करके भी बीता हुआ समय वापिस नहीं हो सकता है।

(ख) समय को महत्त्व देने वालों का जीवन कैसा होगा?
उत्तर-
समय के महत्त्व को समझने वालों को जीवन सुखमय होता है। वे अपना जीवन आनंदपूर्वक व्यतीत करते हैं।

(ग) कौन व्यक्ति स्वयं बर्बाद हो जाता है?
उत्तर-
समय को व्यर्थ में बर्बाद करने वाला व्यक्ति स्वयं बर्बाद हो जाता है।

(घ) “समय का हर पल कीमती होता है। इस कथन के लिए गद्यांश में कौन-सा उदाहरण पेश किया गया है?
उत्तर-
इस कथन के लिए गद्यांश में खिलाड़ी का उदाहरण पेश किया गया है, जो सेकंड के सौवें हिस्से के अंतर से पदक नहीं जीत सका था।

(ङ) इस गद्यांश से हमें क्या प्ररेणा मिलती है?
उत्तर-
इस गद्यांश से हमें सीख मिलती है कि हमें सदैव समय के मूल्य को समझना चाहिए और अपने जीवन में समय को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए, क्योंकि समय मूल्यवान है इसको आँवाने से हम अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकते।

2. बढ़ती जनसंख्या ने अनेक प्रकार की समस्याओं को जन्म दिया है-रोटी, कपड़ा, मकान की कमी, बेरोजगारी, निरक्षता, कृषि एवं उद्योगों के उत्पादनों में कमी आदि। हम जितनी अधिक उन्नति करते हैं या विकास करते हैं, जनसंख्या उसके अनुपात में बढ़ जाती है। बढ़ती जनसंख्या के समक्ष हमारा विकास बहुत कम रह जाता है और विकास कार्य दिखाई नहीं देते। बढ़ती जनसंख्या के समक्ष सभी सरकारी प्रयास असफल दिखाई देते हैं। कृषि उत्पादन और औद्योगिक विकास बढ़ती जनसंख्या के सामने नगण्य सिद्ध हो रहे हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए जनसंख्या वृद्धि पर नियत्रंण की अति आवश्यकता है। इसके बिना विकास के लिए किए गए सभी प्रकार के प्रयत्न अधूरे रह जाएँगे।

प्रश्न

(क) बढ़ती जनसंख्या से किसमें कमी आई है?
(i) बेरोजगारी
(ii) गरीबी
(iii) निरक्षरता
(iv) कृषि एवं उद्योगों के उत्पादनों में

(ख) जनसंख्या बढ़ने से किन चीजों में बढ़ोत्तरी हुई है?
(i) लोगों के कार्य करने की क्षमता में
(ii) शिक्षा में
(iii) गरीबी एवं बेरोजगारी में
(iv) लोगों के स्वास्थ्य में

(ग) हमारा विकास कार्य दिखाई नहीं देता, क्योंकि
(i) विकास के अनुपात में जनसंख्या वृधि अधिक है।
(ii) जनसंख्या वृद्धि कम हैं।
(iii) उपर्युक्त दोनों ।
(iv) इनमें से कोई नहीं

उत्तर-
(क) (iv)
(ख) (iii)
(ग) (i)

प्रश्नोत्तर

(क) बढ़ती जनसंख्या ने किसे जन्म दिया है?
(ख) विकास कार्य क्यों नहीं दिखाई देते ?
(ग) बढ़ती जनसंख्या के सामने कौन से प्रयास असफल दिखाई देते हैं ?
(घ) “नगण्य’ शब्द का सही अर्थ क्या है?
उत्तर-
(क) बढ़ती जनसंख्या ने कई प्रकार की समस्याओं को जन्म दिया है। इनमें रोटी, कपड़ा, मकान की कमी, बेरोजगारी, निरक्षता, कृषि एवं उद्योगों के उत्पादनों में कमी आदि।
(ख) जनसंख्या वृद्धि के कारण हमें विकास कार्य नहीं दिखाई देते हैं।
(ग). बढ़ती जनसंख्या के सामने सभी सरकारी प्रयास असफ ल दिखाई देते हैं।
(घ)‘नगण्य’ शब्द का सही अर्थ है अपर्याप्त।

3. संसार में सबसे मूल्यावान वस्तु समय है क्योंकि दुनिया की अधिकांश वस्तुओं को घटाया-बढ़ाया जा सकता है, पर समय का एक क्षण भी बढ़ा पाना व्यक्ति के बस में नहीं है। समय के बीत जाने पर व्यक्ति के पास पछतावे के अलावा कुछ नहीं होता। विद्यार्थी के लिए तो समय का और भी अधिक महत्त्व है। विद्यार्थी जीवन का उद्देश्य है शिक्षा प्राप्त करना। समय के उपयोग से ही शिक्षा प्राप्त की जा सकती है। जो विद्यार्थी अपना बहुमूल्य समय खेल-कूद, मौज-मस्ती तथा आलस्य में खो देते हैं वे जीवन भर पछताते रहते हैं, क्योंकि वे अच्छी शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं और जीवन में उन्नति नहीं कर पाते। मनुष्य का कर्तव्य है कि जो क्षण बीत गए हैं, उनकी चिंता करने के बजाय जो अब हमारे सामने हैं, उसका सदुपयोग करें।

प्रश्न

(क) समय को सबसे अमूल्य वस्तु क्यों कहा गया है?
(i) इसका एकक्षण भी घटाया-बढ़ाया नहीं जा सकता
(ii) सम्य व्यक्ति के वश में नहीं है।
(iii) समय ही व्यक्ति के जीवन को बदल सकता है
(iv) मनुष्य उस समय की गति को नहीं रोक सकता

(ख) विद्यार्थी जीवन का उद्देश्य है
(i) जीवन को सुखी बनाना
(ii) गुरुओं का आदेश मानना
(iii) व्यक्ति के जीवन में समय का महत्त्व
(iv) शिक्षा प्राप्त करना

(ग) विद्यार्थी जीवन भर क्यों पछताते रहते हैं ?
(i) क्योंकि वे आलसी होते हैं
(ii) जो अपना कीमती समय मौज मस्ती और आलस्य में खो देते हैं।
(iii) जो ज्ञान प्राप्त नहीं करते।
(iv) जो विद्यार्थी माता-पिता और गुरुओं की आज्ञा का पालन नहीं करते

(घ) संमय के संबंध में व्यक्ति का क्या कर्तव्य बताया गया है?
(i) परिश्रम करें
(ii) मन लगाकर पढ़ाई करें
(iii) बीते समय के बारे में पश्चाताप न करके वर्तमान समय का सदुपयोग करें
(iv) असफल होने पर निराश न हों, पुनः प्रयास करें

(ङ) उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक सुझाइए
(i) समय का सदुपयोग
(ii) समय और मनुष्य
(iii) विद्यार्थी और समय
(iv) अमूल्य समय उत्तर

उत्तर-
(क) (i)
(ख) (iv)
(ग) (ii)
(घ) (iii)
(ङ) (i)

प्रश्नोत्तर

(क) संसार में सबसे मूल्यवान वस्तु क्या है?
उत्तर-
संसार में सबसे मूल्यवान समय है।

(ख) व्यक्ति के बस में क्या नहीं है?
उत्तर-
समय के एक भी क्षण को बढ़ा पाना व्यक्ति के बस में नहीं है।

(ग) किस प्रकार के विद्यार्थी पछताते हैं?
उत्तर-
जो विद्यार्थी अपना समय खेल-कूद, मौज-मस्ती एवं आलस में बिता देते हैं, वे पछताते हैं।

(घ) मनुष्य का क्या कर्तव्य है?
उत्तर-
मनुष्य का कर्तव्य है कि बीते हुए समय पर विचार न करके जो समय अपने पास है उसका सदुपयोग करे।

अपठित गद्यांश 6