वाक्य

शब्दों के सार्थक समूह को ‘वाक्य’ कहते हैं।
वाक्य के दो अंग होते हैं-

  1. उद्देश्य
  2. विधेय

1. उद्देश्य – वाक्य में जिसके विषय में कुछ कहा जाए, उसे उद्देश्य कहते हैं; जैसे

  • नेहा खाना खाती है।
  • सर चंद्रशेखर वेंकटरमन को नोबेल पुरस्कार मिला

2. विधेय – वाक्य में उद्देश्य के विषय में जो कुछ कहा जाए उसे ‘विधेय’ कहते हैं; जैसे

  • गजू व्यायाम कर रहा है।
  • अंशु पढ़ रही है।
    उपर्युक्त वाक्यों में रेखांकित शब्द विधेय है।

वाक्य के भेद

वाक्य के भेद दो आधारों पर किए जाते हैं –

  • रचना के आधार पर
  • अर्थ के आधार पर

1. रचना के आधार पर वाक्य के भेद – रचना के आधार पर वाक्य के तीन भेद होते हैं

  • सरल वाक्य
  • संयुक्त वाक्य
  • मिश्रित वाक्य

(i) सरलवाक्य – जिन वाक्यों में एक विधेय होता है, उन्हें सरल वाक्य कहते है; जैसे

  • कोमल नाच रही है।
  • बबीत और अक्षत विद्यालय गए।

पहले वाक्य में एक उद्देश्य है, दूसरे वाक्य में दो उद्देश्य हैं। और इन दोनों वाक्यों में एक-एक विधेय है। इसलिए ये सब सरल वाक्य हैं। सरल वाक्यों में एक ही विधेय होता है।

(ii) संयुक्त वाक्य – जिस वाक्य में दो या दो से अधिक सरल वाक्य हैं तथा दोनों समुच्चयबोधक अव्यय से जुड़े हैं यानी यहाँ सरल वाक्य जुड़े हुए हैं। अतः यह संयुक्त वाक्य है; जैसे-नीता कहानी कहती है और गीत पिक्चर देखती है।

(iii) मिश्र वाक्य – जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य हो और दूसरा गौण या आश्रित उपवाक्य हो, उसे मिश्रितवाक्य कहते हैं; जैसे

नेता सुभाषचंद्र बोस ने कहा था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।
प्रधान उपवाक्य (आश्रित उपवाक्य)

2. अर्थ के आधार पर वाक्य के निम्नलिखित आठ भेद हैं-

  • विधानवाचक
  • निषेधवाचक
  • प्रश्नवाचक
  • विस्मयादिवाचक
  • आज्ञावाचक
  • इच्छावाचक
  • संदेहवाचक
  • संकेतवाचक

1. विधानवाचक वाक्य – जिस वाक्य में क्रिया के करने या होने का सामान्य कथन हो, उसे विधानवाचक वाक्य कहते हैं, जैसे सूर्य प्रकाश है।
2. निषेधात्मक वाक्य – जिस वाक्य में निषेध या नकारात्मकता हो, उसे निषेधात्मक या निषेधवाचक वाक्य कहते हैं; अक्षर आज विद्यालय नहीं जाएगा।


3. प्रश्नवाचक वाक्य – जिस वाक्य में प्रश्न पूछने का भाव प्रकट होता है। उसे प्रश्नवाचक वाक्य कहते हैं। जैसे-

  • उसको घर कहाँ है?
  • तुम कौन सी कक्षा में पढ़ते हो?

4. आज्ञावाचक वाक्य – जिस वाक्य में आज्ञा, प्रार्थना, अनुमति अथवा उपदेश का भाव रहता है। उसे आज्ञावाचक वाक्य कहते हैं; जैसे-

  • तुम अभी चले जाओ।
  • अपना काम समय पर करो।
  • बड़ों का कहना मानो।

5. विस्मयादिबोधक वाक्य – जिस वाक्य से विस्मय, हर्ष, शोक, घृणा आदि के भाव प्रकट किए गए हों, उसे विस्मयादिवाचक वाक्य कहते हैं; जैसे- अहा! कितना सुंदर दृश्य है।
6. इच्छावाचक वाक्य – जिस वाक्य में वक्ता की इच्छा या आशा का वर्णन हो, उसे इच्छावाचक वाक्य कहते हैं; जैसे-

  • ईश्वर तुम्हें दीर्घायु करे।
  • आज तो किसी तरह मेरा काम बन जाए।

7. संदेहवाचक वाक्य – जिस वाक्य में संदेह या संभावना की झलक मिले, उसे संदेहवाचक वाक्य कहते हैं; जैसे-शायद आज वर्षा हो।
8. संकेतवाचक वाक्य – जिस वाक्य में संकेत या दूसरी क्रिया पर निर्भर हो तो, उसे संकेतवाचक वाक्य कहते हैं; जैसे-वर्षा होती तो अच्छी फसल होती।

वाक्य परिवर्तन – एक प्रकार के वाक्य को दूसरे प्रकार के वाक्य में बदलने की प्रक्रिया को ‘वाक्य परिवर्तन’ कहते हैं। वाक्यों में परिवर्तन दो आधारों पर किया जाता है

  • रचना के आधार पर वाक्य परिवर्तन।
  • अर्थ के आधार पर वाक्य परिवर्तन।

1. रचना के आधार पर वाक्य परिवर्तन – सरल वाक्य से मिश्र वाक्य बनाने के लिए सरल वाक्य से दो उपवाक्य बनाकर उन्हें ‘जो’ ‘जबकि’ ‘क्योंकि यदि’ ‘जिसने’ जब आदि योजकों से जोड़ा जाता है; जैसे
सरल वाक्य
परिश्रमी पुरुष सफल होते हैं।
मिश्र वाक्य
जो परिश्रमी पुरुष होते हैं, वे सफल होते हैं।

2. सरल वाक्य से संयुक्त वाक्य बनाना – सरल वाक्य से संयुक्त वाक्य बनाते समय सरल वाक्य के अंश को दो उपवाक्यों में बदलकर उन्हें ‘और’ ‘अथवा’ क्या ‘परंतु’ ‘किंतु’ आदि योजकों से जोड़ा जाता है। जैसे
सरलवाक्य
वह गाँव जाकर बीमार पड़ गया।
संयुक्तवाक्य
वह गाँव गया और बीमार पड़ गया।

3. संयुक्त वाक्य से मिश्र वाक्य बनाना – संयुक्त वाक्य के एक प्रधान उपवाक्य को मुख्य उपवाक्य बनाकर दूसरे प्रधान उपवाक्य को आश्रित उपवाक्य बना देना चाहिए; जैसे
संयुक्त वाक्य
नेहा आई और कोमल चली गई।
मिश्र वाक्य
जब नेहा आई तब कोमल चली गई।

अर्थ के आधार पर वाक्य – परिवर्तनवह
वह पढ़ने जा रहा है। (विधानवाचक) मैं कल विद्यालय जाऊँगा। (विधानवाचक)
वह खेलने नहीं जा रहा है। (निषेधात्मक) मैं कल पढ़ने नहीं जाऊँगा। (निषेधात्मक)
तुम खेलने जाओगे। (आज्ञावाचक) तुम कल खेलने जाओ। (आज्ञावाचक)
क्या बच्चे मैदान में खेल रहे हैं? (प्रश्नवाचक) क्या तुम जयपुर जाओगे? (प्रश्नवाचक)
अच्छा! बच्चे मैदान मैं खेल रहे हैं? (विस्मयादिबोधक) अच्छा! तुम कल विद्यालय जाओगे। (विस्मयादिबोधक)
शायद बच्चे मैदान में खेल रहे हैं। (विस्मयादिबोधक) शायद बच्चे मैदान में खेल रहे हैं। (संदेहवाचक)
तुम्हे. सवेरे सैर पर जाना चाहिए। (इच्छावाचक) पढ़ोगे तो सफल अवश्य होगे। (संकेतवाचक)

बहुविकल्पी प्रश्न

1. शब्दों का सार्थक समूह कहलाता है
(i) शब्द
(ii) वाक्य
(iii) वर्ण
(iv) वर्णमाला

2. वाक्य में जिसके बारे में कोई बात कही जाए, उसे कहते हैं
(i) विधेय
(ii) सरलवाक्य
(iii) उद्देश्य
(iv) अनुच्छेद

3. उद्देश्य के विषय में जो कहा जाए उसे कहते हैं
(i) उद्देश्य
(ii) विधेय
(iii) मिश्रित वाक्य
(iv) इनमें से कोई नहीं

4. अर्थ की दृष्टि से वाक्य के भेद होते हैं
(i) पाँच
(ii) सात
(iii) आठ
(iv) इनमें से कोई नहीं

5. रचना के आधार पर वाक्य के भेद होते हैं?
(i) दो
(ii) तीन
(iii) चार
(iv) पाँच

6. ‘भगवान आपको सदैव सुखी रखे’ वाक्य किस भेद से संबंधित है|
(i) विधानवाचक
(ii) इच्छासूचक
(iii) प्रश्नसूचक
(iv) निषेधात्मक वाक्य

उत्तर-
1. (ii)
2. (iii)
3. (ii)
4. (iii)
5. (ii)
6. (iii)

वाक्य 8