5 पर्यायवाची शब्द

पाठ्यक्रम में केवल पर्यायवाची (समानार्थी) शब्द ही निर्धारित हैं।
नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार प्रस्तुत प्रकरण से कुल 2 अंकों के प्रश्न पूछे जाएँगे।

एक ही अर्थ को प्रकट करने वाले एकाधिक शब्द पर्यायवाची कहलाते हैं। यद्यपि किसी भाषा में कोई दो शब्द समान अर्थ वाले नहीं होते, उनमें सूक्ष्म-सा अन्तर अवश्य होता है तथापि अर्थ के स्तर पर अधिक निकट होने वाले शब्दों को समानार्थी कहा जाता है; उदाहरणार्थ-अश्व, हय और तुरंग-तीनों घोड़े के लिए प्रयुक्त होते हैं। अत: ये पर्यायवाची शब्द हैं।-

हिन्दी भाषा के कुछ शब्दों के पर्यायवाची निम्नवत् हैं-

अमृत [2011, 12, 13, 15]-अमिय, सुधा, पीयूष, अमी।
अतिथि [2014, 18]-अभ्यागत, मेहमान, पाहुना, आगन्तुक।
असुर-दनुज, दानव, दैत्य, राक्षस, निशाचर, खल, रजनीचर।
अग्नि [2011, 12, 13, 15, 16]–हुताशन, वह्नि, अनल, पावक, आग, दहन, ज्वाला।
अनुपम-अद्भुत, अद्वितीय, अनोखा, अपूर्व, अनूठा।
अधर्म-पतित, भ्रष्ट, नीच, निकृष्ट, खल, पामर, दुर्जन।
अपमान-अनादर, उपेक्षा, तिरस्कार, निरादर।।
अन्धकार—तम, तिमिर, तमिस्र, तमिस, तमर, तारीक।
अश्व [2013, 15]-घोड़ा, वाहन, हय, बाजी, घोटक, सैंधव, तुरंग।
अहंकार-अभिमान, गर्व, घमण्ड, मद, दर्प।
आकाश [2011, 13, 14, 15, 16, 17] – अन्तरिक्ष, अम्बर, आसमान, व्योम, नभ, गगन।
आँख [2011, 12, 14, 16]-दृग, लोचन, चक्षु, अक्षि, नेत्र, नयन।।
आनन्द–प्रसन्नता, हर्ष, उल्लास, खुशी।
आम [2017]-आम्र, रसाल, सहकार, अमृतफल।
आभूषण--गहना, भूषण, अलंकार, जेवर इनाम-पुरस्कार, पारितोषिक, प्रीतिकर, आनन्दकर।
इच्छा-अभिलाषा, चाह, मनोरथ, कामना, आकांक्षा, लालसा।
इन्द्र [2011, 15, 17, 18]-देवेन्द्र, सुरेन्द्र, सुरपति, पुरन्दर, देवराज, शचीपति।
ईश्वर-ईश, परमात्मा, परमेश्वर, प्रभु, भगवान, जगदीश।
उषा—प्रभात, सवेरा, अरुणोदय, निशान्त।
उदर—पेट, जठर।
उत्पन्न–पैदा, उद्भूत, आविर्भाव, प्रादुर्भूत।
उन्नति–उदय, वृद्धि, उत्कर्ष, उत्थान।
उद्देश्य-अभिप्राय, आशय, लक्ष्य, ध्येय, इष्ट, तात्पर्य।
उद्यान [2012, 13]-उपवन, कुसुमाकर, बगीचा, बाग, वाटिका।
कोयल [2013, 18]-पिक, कोकिल, परभृत, वसन्तदूत।
किरण—-मरीचि, मयूख, कर, रश्मि, अंश।
कामदेव [2011, 13, 15]-मदन, मनसिज, रतिपति, पंचशर, अतनु, कन्दर्प, मन्मथ, मनोज, अनंग।
कमल [2011, 12, 13, 14, 15, 17, 18]-शतदल, पुण्डरीक, उत्पल, वारिज, कोकनद, सरसिज, पद्म, नलिन, राजीव, सरोज, पंकज, अरविन्द, अम्बुज, जलज, सरोरुह, कंज, नीरज।
कपड़ा [2016, 18]–वस्त्र, पट, वसन, चीर, अम्बर।।
किनारा-तट, तीर, कगार, कूल।
कृष्ण [2016]–घनश्याम, मोहन, केशव, माधव, वासुदेव, गिरिधर, गोपाल, मुरारि कथा-कहानी, आख्यान, गल्प, आख्यायिका।।
कलह–झगड़ा, विवाद।
कान-कर्ण, श्रोत्र, श्रवण।
कृपा–अनुग्रह, मेहरबानी, दया, अनुकम्पा।
क्रोध-गुस्सा, रोष, कोप, अमर्ष।
खग [2016]-पक्षी, पखेरू, विहंग, द्विज, चिड़िया
गणेश [2011, 12]-गणपति, भालचन्द्र, लम्बोदर, गजानन, विनायक।
गंगा [2015, 16, 17]-भागीरथी, देवनदी, सुरसरि, मंदाकिनी, नदीश्वरी।
गाय [2012, 13, 15, 16]–गौ, सुरभि, धेनु।
गोद-अंक, क्रोड, उत्सर्ग।।
घर (2011, 14, 15, 16)-सदन, धाम, गेह, आयतन, आलय, आगार, भवन, गृह, निकेतन।
चाँदनी—ज्योत्स्ना, कौमुदी, चन्द्रिका, चन्द्रमरीची।
चाँद [2011, 12, 13, 14, 15, 18]–निशाकर, हिमांशु, राकेश, निशिपति, कलानिधि, सुधाधर, चन्द्र, चन्द्रमा, विधु, सोम, शशि, शशांक, मयंक, इन्दु, रजनीश।
जल[2012, 14, 15, 16, 17, 18]-पय, सलिल, पानी, जीवन, तोय, अम्बु, वारि, उदक, नीर।
जंगल [2013, 17]-विपिन, कानन, अरण्य, वन।।
जीभ-जिह्वा, रसना, रसज्ञा, रसा।
जूता-चरणदास, जूत, जोड़ा, पदत्र, पादत्राण।
झण्डा-ध्वज, पताका, निशान, केतु।
तलवार-खड्ग, कृपाण, असि, शमशीर, करवाल।
तरंग-लहर, उर्मि, वीचि, हिलोर।
तालाब [2011, 13, 14, 15, 17]-सर, सरोवर, तड़ाग, जलाशय, ताल, पोखर।
तारा-नक्षत्र, तारक, ऋण, नखत। तीर [2012]-बाण, शर, सायक, शिलीमुख।
दुष्ट-खल, दुर्जन, पामर, शठ।।
दूध [2017]–पय, दुग्ध, गोरस, क्षीर।
दन्त-दाँत, दर्शन, रद, द्विज, दंश।
दास—भृत्य, नौकर, सेवक, अनुचर, परिचारक।
दिन [2012, 16]-दिवस, वार, वासर, अहन्।
देवता–सुर, अमर, देव, त्रिदिव, गीर्वाण, आदित्य।
दुर्गा – भवानी, देवी, कालिका, अम्बा, चण्डिका।।
दुःख-पीड़ा, कष्ट, व्यथा, विषाद, यातना, वेदना।
धनुष-धनु, कोदण्ड, चाप, कमान, कार्मुक, शरासन।
धन-द्रव्य, अर्थ, वित्त, सम्पत्ति, लक्ष्मी।
नदी [2011, 12, 15, 16, 18]-सरिता, तरंगिणी, जलमाता, नद, तटिनी।
नरक–दुर्गति, संघात, यमपुर, यमलोक, यमालय।
नेत्र [2016]–नयन, लोचन, चक्षु, आँख, दृग।।
नारी [2011]-स्त्री, कामिनी, महिला, अबला, वनिता, भामिनी, ललना, वामा, कान्ता, रमणी।
रात [2012,16]–निशा, यामिनी, रात्रि, रजनी, शर्वरी।।
नौका-नाव, तरिणी, जलयान, बेड़ा, पतंग, तरी।।
पण्डित [2014]–विद्वान, प्राज्ञ, बुद्धिमान, धीमान, वीर, सुधी।
पक्षी [2013]-खग, नभचर, विहग, विहंगम, पतंग, शकुंत, अण्डज, शकुनि, पखेरू, खेचर।
पत्नी [2015]-वधू, गृहिणी, स्त्री, प्राणप्रिया, अर्धांगिनी, वल्लभा, तिय, भार्या।।
पति-स्वामी, नाथ, वर, कान्त, प्राणनाथ, आर्य, ईश।।
पत्ता [2017]-पात, दल, पत्र, किसलय, पर्ण, पल्लव।
पराग-पुष्परज, कुसुमरज, पुष्पधूलि।
पर्वत [2012, 14, 16, 18]–गिरि, पहाड़, शैल, नग, अचल, महीधर, धराधर, अद्रि, भूधर।
पुत्र-सुत, बेटा, लड़का, पूत, तनय, पुत्र, आत्मज, तनु।
पुत्रीसुला, बेटी, लड़की, नन्दिनी, तनया, तनुजा, दुहिता, आत्मजा।
पत्थर [2014, 15, 16]-पाषाण, वज्र, पाहन, उपल, शिला।
पुरुष-मनुज, आदमी, मर्द, जन, नर, मनुष्य।
पृथ्वी [2011, 13, 14, 17, 18]-वसुन्धरा, वसुधा, अवनि, मेदिनी, धरती, धरा, भूमि, मही, वसुमति।।
पुष्प [2012, 13, 15] कुसुम, सुमन, फूल, पुहुप, मंजरी, प्रसून।
प्रकाश-उजाला, ज्योति, प्रभाव, विभा, आलोक।।
प्रसन्नता–हर्ष, खुशी, आह्लाद, मोद।
फल-रसाल, सस्य, पीलांक।
फूल [2016, 17, 18]-पुष्प, सुमन, कुसुम, मंजरी।
बादल [2012, 13, 14, 16, 17]-मेघ, जलद, नीरद, घन, वारिद, पयोद, धराधर, अम्बुद।
बन्दर–कपि, मर्कट, शाखामृग, हरि, वानर।
बिजली [2018]-दामिनी, सौदामिनी, विद्युत, चंचला, चपला, तड़ित।
बाल-अलक, कच, चिकुर, केश, कुन्तल।।
ब्राह्मण-भूसुर, द्विज, भूदेव, विप्र।।
बर्फ़-तुषार, हिम, तुहिन।
भ्रमर [2012, 17]-मधुप, मधुकर, भौंरा, भुंग, द्विरेफ, अलि, षट्पद।
भयानक–डरावना, भयजनक, विकट, गम्भीर
भिक्षा–भीख, याचना, माँगना, खैरात।
भूख-क्षुधा, बुभुक्षा, अन्नलिप्सा, आहारेच्छा।
भाई (2015)-भ्राता, सहोदर, बंधु, प्रियजन।
मछली-अण्डज, मीन, मत्स्य।
मदिरा-शराब, सुरा, मद्य, वारुणी।
माता (2013, 14, 15)-जननी, माँ, मात, मैया, अम्बा।
मित्र-सखा, सहचर, साथी, मीत, दोस्त।
मुख-मुँह, मुखड़ा, आनन, वदन।
मृत्यु-निधन, देहान्त, अन्त, मौत।।
मनुष्य-मनुज, नर, आदमी, मानव, पुरुष।
मोर [2016]-मयूर, शिखी, शिखण्डी, कलापी।
मूर्ख-अज्ञ, अबोध, गॅवार, मूढ़।।
मल्लाह–नाविक, माँझी, खेवट, कर्णधार, केवट।
महादेव-शिव, शम्भू, शंकर, महेश, त्रिलोचन, त्रिनेत्र, पशुपति, उमापति, कैलाशपति, रूद्र, भूतनाथ, नीलकण्ठ, पिनाकी।
यत्न-उद्यम, प्रयास, उद्योग, प्रयत्न, पुरुषार्थ।
यमुना [2014]-यम की बहन, नदी, कालिन्दी, दुर्गा।
यौवन-जवानी, युवावस्था, जीवन, शिरोमणि, तरुणाई।
युवक-जवान, युवा, तरुण।।
युद्ध-रण, संग्राम, लड़ाई, समर, संगर।
रात्रि [2012, 15, 16]–यामिनी, विभावरी, निशि, क्षपा, रात, रजनी, निशा।।
राजा-नरेश, भूपति, भूपाल, नरेन्द्र, महीपाल. नृप, नृपति, महीप।।
लक्ष्मी-इन्दिरा, कमला, रमा, हरिप्रिया, श्री।
लंहू-रक्त, खून, शोणित, रुधिर।।
लता [2016]-बेल, शोरा, वल्ली, आरोही, द्राक्षा।
वायु 2011, 12, 13, 15]-अनिल, वात, मारुत, पवमान, समीरण, हवा, पवन, प्रकम्पन, समीर।
वृक्ष [2017]-रुख, विटप, द्रुम, पादप, तरु, पेड़।
वज्र [2014, 18]-अश्मि, पवि, कुलिश।
वन [2011, 12, 13]-विपिन, जंगल, कानन, अटवी, अरण्य।
वर्ष-अब्द, साल, बरस, संवत्।।
वसन [2017]-वस्त्र, आवरण, चीर।
वानर [2018]–बन्दर, कपि, हरि, मर्कट, शाखामृग।
वर्षा (2016)–बारिश, बरसात, बौछारे, वृष्टि।
विष्णु [2016, 18]-नारायण, जनदिन, चक्रपाणि, माधव, केशव।
व्यर्थ-निरर्थक, अर्थहीन, फ़िजूल।
शत्रु-रिपु, दुश्मन, विपक्षी, अरि, वैरी, अराति।
शरीर-देह, काया, कलेवर, तन, वपु।।
शहद [2014]–मधु, अमृत, सुधा, घी।
शोभा–छवि, दीप्ति, कान्ति, सुषमा, आभा, छटा।
शिव [2017]–महादेव, शंकर, शम्भू, त्रिलोचन, महेश।
सेना –अनी, दल, चमू, कटेक, फौज।
सोना [2014]–हेम, हिरण्य, कंचन, स्वर्ण, कनक, कुन्दन।।
सूरज [2012, 13, 14, 16, 17, 18]–भानु, भास्कर, सूर्य, दिनेश, दिनकर, आदित्य, प्रभाकर, रवि, दिवाकर।
सूर [2017]-देवता, वसु, आदित्य।।
समुद्र [2012, 13, 14]-सागर, सिन्धु, रत्नाकर, उदधि, जलधि, जलनिधि, पारावार, अम्बुधि।
सिंह-हरि, शेर, केसरी, शार्दूल, व्याघ्र, केहरि, मृगेन्द्र, मृगराज, पंचानन।
स्वर्ग-द्युलोक, बैकुण्ठ, सुरलोक, देवलोक।
सवेरा–सूर्योदय, अरुणोदय, प्रातः, उषा, भोर।
साँप [2012, 14, 17]–नाग, फणि, व्याल, सर्प, अहि, भुजंग, पन्नग, विषधर।
संसार [2013]–विश्व, जगत, जग, दुनिया, भव, भुवन।
सुगन्धि–सौरभ, सुरभि, महक, खुशबू।
सरस्वती-शारदा, भारती, गिरा, वाणी।
सन्तान-सन्तति, अपत्य, प्रजा, प्रसूति, औलाद।
हंस [2014]–मराल, कलहंस, मानसौकस।
हाथ [2016]-हस्त, कर, पाणिः ।
हिरण [2014, 18]–कुरंग, सारंग, मृग।
हाथी [2014, 17, 18]-दन्ती, कुंजर, द्विरद, द्विप, मतंग, हस्ती, गज, करी।
हनुमान-अंजनीनन्दन, कपीश्वर, पवनसुत, वज्रांगी, महावीर, बजरंगबली।