8The Tale of Melon City [तरबूज के शहर की कहानी]

-Vikram Seth

. कविता के बारे में-निम्न कविता ‘Mappings’ से ली गई है जो 1981 में प्रकाशित हुई थी और | विक्रम सेठ द्वारा रचित ‘Collected Poems’ में शामिल की गई है।

तो इस कविता में, राजा, ‘न्यायप्रिय एवं शान्तिप्रिय’ है। क्या वह अपनी न्याय की धारणा को कुछ ज्यादा | ही दूर ले जाता है?

(कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद )

In the city………………………..spectators there. (Page 71)

कठिन शब्दार्थ : Tale (टेल्) = कहानी, melon (मेलन्) = तरबूज, just (जस्ट्) = न्यायप्रिय, placid (प्लैसिड्) = शान्तिप्रिय, शान्त, गम्भीर, proclaimed (प्रक्लेम्ड) = घोषणा की, arch (आच्) = तोरण, मेहराब, constracted (कन्स्ट्रिक्ड) = निर्माण किया, triumphally (ट्राइअमक्लि ) = सफलतापूर्वक, span (स्पैन्) = एक सिरे से दूसरे सिरे तक की दूरी, विस्तार, thoroughfare (थराफेअ(र)) = चौराहा, आम रास्ता, edify (एडिफाई) = लोगों को प्रोत्साहित करना, spectators (स्पेक्टेट(र)स = दर्शक, workmen (वक्मन्) = कारीगर, since (सिन्स्) = क्योंकि।

हिन्दी अनुवाद : (इदरीस शाह के बाद) जिस शहर की मैं गाथा गा रहा हूँ वहाँ एक न्यायप्रिय व शान्तिप्रिय राजा रहता था। राजा ने घोषणा की कि एक तोरण बनाया जाए जो सफलतापूर्वक प्रमुख मार्ग पर विस्तृत हो और जो देखने वालों को भी प्रोत्साहित करे। कारीगरों ने आकर उस तोरण का निर्माण कर दिया। यह निर्माण उन्होंने इसलिए किया क्योंकि वह राजा था। दर्शकों को प्रोत्साहित करने के लिए आम रास्ते से होता हुआ राजा घोड़े पर सवार होकर आया।

Under the arch…………………………………….to the Royal Court. (Pages 72-73)

कठिन शब्दार्थ : crown (क्राउन्) = ताज, मुकुट, frown (फ्राउन्) = तेवर, नाराजगी, disgrace (डिस्ग्रेस्) = लज्जाजनक, अपमान, chief (चीफ्) = प्रमुख, builder (बिल्ड(र)) = निर्माता, hanged (हैन्ड्) = फाँसी पर लटकाना, gallows (गैलोज्) = फाँसी का तख्ता, led out (लेड् आउट) = लाया । गया, shout (शाउट) = चीख, fault (फाल्ट्) = दोष, halt (हॉल्ट्) = रोक लगा दी।

__Proceedings (प्रसीडि ) = कार्यवाहियाँ, instead (इन्स्टेड्) = बजाय, realise (रिअलाइज्) = महसूस करना, bricks (ब्रिक्स) = ईंटें, summon (समन्) = बुलाना, mason (मेसन्) = राजमिस्त्री, quivering (क्विव(रि)ङ्) = काँपते हुए, architect (आकिटेक्ट) = वास्तुकार, Majesty (मैजस्टि) = महाराजाधिराज, ordain (ऑडेन्) = आदेश, amendments (अमेन्ड्म न्ट्स) = संशोधन, सुधार, plans (प्लैन्स) = योजनाएँ, saw red (सॉ रेड्) = आग बबूला हो गया, lost his head (लॉस्ट् हिज् हैड्) = उसका दिमाग खराब हो गया, just (जस्ट्) = न्यायी, tricky (ट्रिकि) = नाजुक, पेचीदा, counsel (काउन्स्ल् ) = सलाह, नसीहत, carried (कैरिड्) = लाया गया, court (कॉट) = दरबार ।

हिन्दी अनुवाद : तोरण इतना नीचे बना हुआ था कि राजा का मुकुट गिर गया। उसके शान्त चेहरे पर त्योरी चढ़ गई। राजा ने कहा, “यह तो अपमान है। इस तोरण का निर्माण करने वाले प्रमुख निर्माता को फाँसी पर लटकाया जाएगा।” इसके लिए रस्सी और फाँसी के तख्ते का इन्तजाम भी कर लिया गया।

प्रमुख निर्माणकर्ता को पेश किया गया। वह राजा के पास से गुजरा । वह जोर से बोला, “हे राजन् ! यह कारीगरों का दोष है।””ओह!”, राजा ने कहा और सारी कार्यवाही रुकवा दी। न्यायप्रिय होने के कारण (और जो अब और भी अधिक शान्त हो गया था) वह बोला, “इसकी बजाय मुझे सभी कारीगरों को फाँसी पर चढ़ाना होगा।” श्रमिक हैरान प्रतीत हो रहे थे और बोले, “हे राजन् ! आपको मालूम नहीं कि ईंटें ही गलत

आकार की बनी हुई थीं।”

“राजमिस्त्रियों को बुलाओ!” राजा ने कहा। राजमिस्त्री काँपते हुए वहाँ खड़े रहे। “यह दोष तो वास्तुकार का था………….” वे कहने लगे। वास्तुकार को बुलवाया गया। “अच्छा तो वास्तुकार”, राजा ने कहा, “मेरी आज्ञा है कि तुम्हें फाँसी दी जाए।” वास्तुकार ने कहा, “हे राजन्! आप एक छोटी-सी बात भूल गए हैं। जब सारी योजनाएँ बनाकर मैंने आपको दिखाई थीं तो आपने उसमें कुछ बदलाव कर दिये थे।”

राजा ने यह सब सुना। राजा आगबबूला हो गया। वस्तुतः उसका दिमाग ही खराब हो गया था; किन्तु एक न्यायप्रिय व शान्त राजा होने के कारण वह बोला, “यह तो पेचीदा मामला है। मुझे कुछ सलाह की आवश्यकता है। मुझे इस देश का सबसे अधिक समझदार व्यक्ति लाकर दो।” सबसे बुद्धिमान व्यक्ति को खोजा गया और लाया गया, नहीं, उसे शाही दरबार में पेश किया गया।

He could not……………….by Royal Decree. (Page 74)

कठिन शब्दार्थ : quavering (क्वै(रि)ङ्) = काँपते हुए, culprit (कल्प्रिट्) = अपराधी, banged off (बैङ्ड ऑफ्) = धमाके से गिरा दिया, hanged (हैन्ड् ) = फाँसी पर लटकाना, scaffold (स्कैफोल्ड्) = फाँसी का तख्ता, mused (म्यूज्ड) = सोचा, muttering (मट(रि)ङ्) = बुदबुदाया, aloud (अलाउड्) = जोर से, perceived (पसीव्ड) = समझाया, धारणा बनायी, mood (मूड्) = मन:स्थिति, assembled (असेम्ब्ल्ड ) = इकट्ठे हो गए, postpone (पस्पोन्) = स्थगित करना, consideration (कन्डिडरेश्न्) = विचार, guilt (गिल्ट्) = अपराध, finer (फाइन्(र)) = नाजुक, noose (नूस्) = फंदा, by and by (बाइ ऐन्ड बाइ) = एक के बाद एक, royal (रॉइअल) = राजकीय, decree (डिक्री) = आदेश।

हिन्दी अनुवाद : वह न तो चल सकता था और न देख सकता था। वह इतना बूढ़ा था और इसीलिए वह समझदार था। किन्तु काँपती हुई आवाज में उसने कहा, “दोषी को सजा जरूर मिलनी चाहिए। सच तो यह है कि यह तोरण ही था जिसने इस ताज को गिरा दिया था, अतः इसे फाँसी अवश्य दी जानी चाहिए।”

अतः फाँसी के तख्ने तक मेहराब को लाया गया, जब अचानक एक दरबारी ने कहा-“राजन्, जिसने आपके सिर को छुआ है, उसे हम इतनी शर्मिन्दगी के साथ कैसे फाँसी पर लटका सकते हैं?” राजा ने चकित होकर कहा, “सच कहा।” अब तक सारी भीड़ बेचैन होने लगी थी और जोर-जोर से बोलने लगी थी। – राजा ने उनके मूड को भाँप लिया और काँपने लगा और वहाँ पर एकत्रित सब लोगों से कहा—’दोष किसका है, इस बात की बारीकियों पर और विचार हम बाद में करेंगे। समूचा देश फाँसी देखना चाहता है,

अतः किसी न किसी को फाँसी अवश्य देना है, और वह भी तुरन्त।”

फाँसी का फंदा थोड़ा ऊँचा लगाया गया। एक-एक व्यक्ति को बारी-बारी से नापकर देखा गया। किन्तु एक व्यक्ति ही इतना लम्बा था वह सटीक बैठता था। केवल एक व्यक्ति । समस्या खत्म हुई। यह व्यक्ति राजा ही था। अतः शाही आदेशानुसार राजा को ही फाँसी दे दी गई।

Thank Goodness we……………………..well-established there. (Pages 75-76)

कठिन शब्दार्थ : Thank goodness (थैङ्क् गुड्नस्) = भगवान् का शुक्र है, unruly (अन्रूलि) = अनियन्त्रित, बेकाबू, pondered (पॉन्ड(र)ड) = ध्यान दिया, सोचा, dilemma (डाइलेमा) = उलझन, धर्म-संकट, heralds (हेरल्ड्स ) = दूत, proclaim (प्रक्लेम्) = घोषणा, custom (कस्टम) = प्रथा, रिवाज, enforced (इन्फॉस्ड) = लागू किया, due (ड्यू) = उचित, ceremony (से(र)मनि) = उत्सव, idiot (इडिअट्) = बेवकूफ, guards (गाड्स) = प्रहरी, melon (मेलन्) = तरबूज, standard (स्टैन्डड्) = स्तर, crowning (क्राउनिङ्) = सिर पर ताज रखते हुए, reverently (रेवरटिल) = सम्मान के साथ। on account of (ऑन् अकाउन्ट ऑव्) = कारण, customary (कस्टमरि) = परम्परागत, rejoice (रिजॉइस्) = आनन्द, OK (ओके) = सब ठीक है, liberty (लिबटि) = आजादी, laissez-faire (लेसे-फेअ(र)) = अहस्तक्षेप की नीति, established (इस्टैब्लिश्ट) = स्थापित।।

हिन्दी अनुवाद : मन्त्रीगण बोले, “शुक्र है हमें कोई मिल तो गया, क्योंकि यदि ऐसा न होता तो यह बेकाबू शहर राजा के खिलाफ हो जाता।” “राजा अमर रहे !” मन्त्रीगण बोले, “राजा अमर रहें! राजा मर चुका है।”

उन्होंने इस दुविधा पर विचार-विमर्श किया, तब व्यावहारिक व्यक्ति होने के कारण उन्होंने मुनादी करवा दी, जिसमें कहा गया कि (पूर्व) राजा के आदेश से “शहर के दरवाजा से होकर जो भी अगला व्यक्ति गुजरने वाला होगा, वही रीति-रिवाज के अनुसार, हमारे देश के शासक को चुनेगा। यह सब कुछ विधिवत् रूप से लागू किया जाएगा।”

एक व्यक्ति उस शहर के दरवाजे से होकर गुजरा । वह एक मूर्ख था। प्रहरी चिल्लाए, “रुको! तय करके जाओ कि राजा कौन बनेगा?” “एक तरबूज”, मूर्ख ने उत्तर दिया। उससे किए जाने वाले सभी सवालों का उसके पास यही जवाब था। (वह तरबूज पसन्द करता था।) एक तरबूज को मुकुट पहनाते हुए मन्त्रीगण बोले, “अब तुम ही हमारे राजा हो।” फिर वे उस तरबूज को उठाकर सिंहासन तक ले आए और सम्मानपूर्वक उसे वहाँ पर बिठा दिया।

यह घटना बहुत वर्ष पहले की है। अब भी आप जब लोगों से पूछते हैं, “तो तुम्हारा राजा तरबूज जैसा लगता है। यह सब कैसे हुआ?” तो वे कहते हैं, “हाँ यह सब परम्परा के अनुरूप चुनाव के कारण हुआ है। यदि राजा को तरबूज बनने में खुशी है, तो यह हमारे लिए भी ठीक है, क्योंकि यह कहने वाले हम कौन होते हैं कि वह कैसा होना चाहिए। जब तक वह हमें शान्ति और आजादी से रहने दे रहा है?”

अहस्तक्षेप का सिद्धान्त यहाँ पर भली-भाँति स्थापित हुआ-सा प्रतीत हो रहा है।

TEXTBOOK QUESTIONS

  1. Narrate ‘The Tale of Melon City’ in your own words.

‘The Tale of Melon City’ का वर्णन अपने शब्दों में करो।

Ans. The poem ‘The Tale of Melon City’ is the story of a moody and crazy king. He ordered an arch to be constructed. The arch was built too low. When the king came under it, his crown was struck and fell down. The king became very angry. He ordered that the chief of the builders would be hanged for that disgrace. The chief of builders pleaded that it was workmen’s fault. But the workmen blamed the wrong size of the bricks for this mishap. Mason requested that it was the fault of architect. The architect said that the king himself had made some changes in the plan of the arch.

The king counselled to solve this tricky issue. The wisest man in the city counselled that the arch itself was guilty. Therefore it must be hanged. The people wanted someone to be hanged. The noose was set up. Everyone was measured by and by. Only one man was so tall whose neck was fitted in the noose. He was the king-himself. His majesty was hanged by a Royal Decree.

The ministers proclaimed that the next to pass the city gate would choose the new king.’ An idiot passed first by the city gate. He declared that a melon would be the next king of the city. The melon was crowned as the next king.

‘द टेल ऑफ मेलन सिटी’ कविता एक सिरफिरे तथा सनकी राजा की कहानी है। उसने एक मेहराब बनाने का आदेश दिया। मेहराब बहुत नीचा बनाया गया। जब राजा उसके नीचे आया उसका मुकुट मेहराब से टकराया तथा नीचे गिर गया। राजा बहुत नाराज हुआ। उसने आदेश दिया कि निर्माताओं के मुखिया को इस अपमान के लिए फाँसी पर लटकाया जाय। मुखिया ने प्रार्थना की कि यह श्रमिकों का दोष था। लेकिन श्रमिकों ने ईंटों के आकार को इसका दोषी बतलाया। कारीगर ने प्रार्थना की कि यह दोष वास्तुकार का था । वास्तुकार ने कहा कि राजा ने स्वयं मेहराब की योजना में कुछ परिवर्तन किये थे।

राजा ने इस विषय को हल करने के लिए मन्त्रणा की। शहर के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति ने सलाह दी कि मेहराब स्वयं ही दोषी था। अतः इसे फाँसी दी जानी चाहिए। लोग चाहते थे किसी को फाँसी अवश्य हो। एक फंदा तैयार किया गया। एक के बाद एक की नाप ली गई। केवल एक ही व्यक्ति इतना लम्बा था जिसकी गर्दन । फंदे में सही नाप की बैठी। वह राजा स्वयं था। राजकीय आदेश के अनुसार महाराजाधिराज को फाँसी पर

लटका दिया गया।

मन्त्रियों ने घोषणा करवा दी कि जो सर्वप्रथम शहर के दरवाजे से गुजरेगा वह नये राजा का चुनाव करेगा। शहर के दरवाजे से एक मूर्ख व्यक्ति गुजरा । उसने घोषणा की कि शहर का अगला राजा तरबूज होगा। तरबूज को राजा के रूप में मुकुट पहनाया गया।

Q. 2. What impression would you form of a state where the king was just and placid’ ?

आप पर ऐसे राज्य का क्या प्रभाव पड़ेगा जहाँ का राजा ‘न्यायी तथा शान्त’ हो?

Ans. The poem is a satire and depicts how a just’ and ‘placid’ king ruled his state. He was unable to take an independent decision. He was whimsical and uncertain minded man. He could not take any firm decision. His people got him changed the decision. He lacked determination and sound judgement. In such a state anyone can meet the most unexpected end. Be it the king himself.

In such a state nobody is safe. The king’s actions lead him to his own destruction. The ministers and people thank God that they got someone to be hanged. It does not matter for them whether their king is a man or a melon. In my opinion, this kind of state would be an unruly state.

कविता एक व्यंग्य है और वर्णन करती है कि एक ‘न्यायी और शान्त’ राजा कैसे अपने राज्य पर शासन करता था। वह स्वतन्त्र निर्णय लेने में असमर्थ था। वह सनकी और अस्थिर दिमाग वाला था। वह कोई दृढ़ निर्णय नहीं कर सकता था। उसकी जनता उससे निर्णय बदलवा लेती थी। उसमें दृढ़ निश्चय और ठोस न्याय की कमी थी। ऐसी स्थिति में किसी का भी आशा के विपरीत अन्त हो सकता है। चाहे वह राजा ही क्यों न हो।

इस प्रकार के राज्य में कोई सुरक्षित नहीं है। राजा के कार्य उसे स्वयं के विनाश की ओर ले जाते हैं। मन्त्री तथा जनता ईश्वर को धन्यवाद देते हैं कि उन्हें फाँसी पर चढ़ाने के लिए कोई तो मिला। उनका राजा व्यक्ति हो या कोई तरबूज, इससे उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरी राय में, इस प्रकार का राज्य एक बेकाबू राज्य होगा।

Q. 3. How according to you can peace and liberty be maintained in a state? आपके अनुसार किसी राज्य में शान्ति और आजादी कैसे कायम रखी जा सकती है?

Ans. A state needs peace and liberty to be prosperous. The man who rules the state must understand the problems and needs of the people. Only a judicious, powerful and

honest ruler can establish peace and liberty. For this purpose the citizens also need to be honest, peace-loving and patriotic

एक राज्य को समृद्ध होने के लिए शान्ति और आजादी की आवश्यकता होती है। जो व्यक्ति राज्य पर शासन करता है उसे जनता की समस्याओं और आवश्यकताओं को समझना चाहिए। केवल एक न्यायी, शक्तिशाली और ईमानदार शासक शान्ति और आजादी कायम रख सकता है। इसके लिए नागरिकों को भी ईमानदार, शान्तप्रिय, कानून की पालना करने वाला तथा देश-भक्त होना आवश्यक है।

Q. 4. Suggest a few instances in the poem which high-lights humour and irony.

कुछ उदाहरण दीजिए जो कविता में हास्य व विडम्बना को प्रदर्शित करते हैं।

Ans. Vikram Seth’s poem ‘The Tale of Melon City’ is full of humour and irony. The very opening of the poem is ironical. There is a just and placid king. The just king is too good to be of any use to himself or the people. His unique sense of justice brings him to his own death. Every thing sounds ironical. Another humorous thing is that the placid king gets agitated on a small issue. The bumping off his crown by the arch is not such an issue that he invites his own death.

It is quite humorous how easily the king lets himself befooled by others. From the chief of builders to the architect everyone escapes of shifting the blame and responsibility on others. The most humorous and ridiculous instance comes when the arch is brought to the scaffold to be hanged. Only an idiot king could have agreed to such a thing. The tragic irony in the poem is the death of the king himself.

विक्रम सेठ की कविता ‘The Tale of Melon City’ हास्य और विडम्बनाओं से भरपूर है । कविता की शुरूआत ही विडम्बना से होती है। एक न्यायी और उत्तेजित न होने वाला राजा होता है। न्यायी राजा इतना अच्छा होता है कि वह अपने लिए या जनता के लिए किसी काम का नहीं है। उसका एक ध्येय न्याय उसकी मृत्यु को आमंत्रित करता है। हरेक बात में विडम्बना दिखती है। दूसरी हास्यास्पद बात है कि उत्तेजित न होने वाला राजा एक छोटी-सी बात पर उत्तेजित हो जाता है। मेहराब द्वारा उसके मुकुट का गिरना एक ऐसा विषय नहीं है कि वह अपनी मृत्यु को आमंत्रित कर लेता है।

यह अत्यन्त हास्यास्पद है कि राजा कितनी आसानी से लोगों द्वारा बेवकूफ बनाया जा सकता है। भवन निर्माता के मुखिया से लेकर वास्तुकार तक आरोप एक दूसरे पर डालकर जिम्मेदारी से बच जाते हैं। सबसे अधिक हास्य और मजाक का उदाहरण है जब मेहराब को फाँसी के तख्ने तक लाया जाता है। केवल एक मूर्ख राजा ही ऐसा कार्य कर सकता था। दुःख की विडम्बना यह है कि कविता में स्वयं राजा की मृत्यु है।