9 A Man’s True Son [एक व्यक्ति का सच्चा पुत्र ]

—H.M. Lambert

पाठ-परिचय :

A Man’s True Son (एक व्यक्ति का सच्चा पुत्र) एक वृद्ध व्यक्ति के बारे में दिल को छू लेने वाली कहानी है जो कि एक चोर को किसी प्रकार की कोई सजा देने के बजाय उसके साथ उदारतापूर्ण व्यवहार करता है। उस भद्र व्यक्ति की दयालुता उस चोर के मन और मस्तिष्क को छू लेती है जो एक परिवर्तित व्यक्ति बन जाता है और वह उस भद्र व्यक्ति को एक आश्चर्यजनक उपहार देता है।

( कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद )

There was a great……………………back the dishes.” (Page 109)

कठिन शब्दार्थ-great (ग्रेट) = मात्रा, आकार आदि में बड़ा। feast (फीस्ट) = दावत, भोज। relations (रिलेशन्ज) = रिश्तेदार। from far and near (फ्रॉम फॉ एण्ड नीअ(र)) = दूर-दूर से। greet (ग्रीट) = बधाई देने। entertained (एन्टटेन्ड) = लोगों का अतिथि के रूप में सत्कार करना। look after (लुक आफ्ट(र).) = किसी व्यक्ति की स्वयं देखभाल करना। placed (प्लेस्ट्) = विशेष स्थान पर कोई वस्तु रखना (सावधानी से या जानबूझकर)। centre (सेन्ट(र)) = बीच में। towards (टवॉड्ज्) = किसी की ओर। suddenly (सडनलि) = अचानक। sight (साइट) = निगाह । shadow (शेडो) = परछाईं। floor (फ्लो(र)) = फर्श। realized (रिअलाइज्ड) = महसूस किया, समझ गया। fed (फेड) = खिलाया गया। dishes (डिशिज) = भोजन सामग्री।

हिन्दी अनुवाद : किसी सज्जन व्यक्ति के घर पर एक बहुत बड़ा भोज दिया जा रहा था। उस दिन उसका जन्म दिवस था, और उसके बहुत सारे रिश्तेदार दूर-दूर से उसको बधाई देने के लिए आए थे। और उसके लिए उपहार लाए थे। उसने अपने अतिथियों की आवभगत की थी। यह उसका कर्त्तव्य था कि वह सभी की भली-भाँति देखभाल करे। शाम को उसने एक बड़ी दावत दी थी, और जो उपहार मेहमान ले आए थे उन्हें हॉल के बीच में रख दिया था जिससे कि सभी उन्हें (उपहारों को) देख सकें ।

जब दावत समाप्त हो गई और मेहमान जा चुके थे, वह व्यक्ति उस स्थान की ओर गया जहाँ पर उपहारों को रखा गया था और उन्हें वह सावधानी से दूर रखने लगा था। जैसे ही उसने ऐसा किया था, उसको अचानक – आदमी के सिर की परछाईं की झलक हॉल के फर्श पर दिखाई दी थी। वह जान गया था कि कोई अवश्य ही पर छिपा हुआ है, और महसूस किया कि वहाँ पर एक चोर था। उसने अपने नौकर को बुलाया और कहा.. अभी तक सभी मेहमानों को खाना नहीं खिलाया गया है। भोजन सामग्री को वापस लेकर आओ।”

The servant did as…………..old man himself. (Page 109)

कठिन शब्दार्थ-Several (सेवरल) = अनेक, कुछ। humble (हम्ब्ल ) = साधारण। climbed . down (क्लाइम्ब्ड डाउन) = नीचे उतर कर आया। host (होस्ट) = मेजबान । courtesy (कटसि). शिष्ट व्यवहार। rose (pt. of rise रोज) = उठा। courtyard (कॉट्याड्) = परिसर, अहाता । stranger (स्ट्रेन्ज(र)) = अजनबी। refused (रिफ्यूज्ड) = मना किया था।

हिन्दी अनुवाद : नौकर ने वही किया जैसा उसे कहा गया था। वह पुनः भोजन सामग्री की कई प्लेट लेकर आया, और अपने मालिक के द्वारा परोसने के लिए कहे जाने के लिए इन्तजार करने लगा था। परन्त आदमी ने उसे कहा कि वह उन्हें वहीं पर छोड़ दे और चला जाए, जैसाकि उसकी अकेले रहने की इच्छा थी। तब उसने उस व्यक्ति की ओर देखा जो कि छत पर छिपा हुआ था और बोला, “यह आपने अच्छा किया है कि आप मेरे घर पर मेरे जन्म दिन पर आए हैं, मैंने सोचा था कि समस्त मेहमान जा चुके थे। परन्तु आपको अभी तक भोजन नहीं परोसा गया है। कृपया आओ और मेरे साथ यह साधारण भोजन करो।” चोर बहुत अधिक डर गया था जैसे ही वह अपने छिपने के स्थान से नीचे उतर कर आया परन्तु उसे बहुत आश्चर्य हो रहा था जब उसने यह पाया कि उसके साथ दूसरे और सभी मेहमानों जैसा व्यवहार किया जा रहा था। उसका मेजबान उसे बहुत अधिक शिष्टाचार के साथ भोजन परोस रहा था और जब वह वहाँ से चले जाने के लिए खड़ा हुआ, उस वृद्ध व्यक्ति ने उसे एक उपहार और सिक्कों (रुपयों) से भरा एक थैला दिया और वह स्वयं उसे अहाते के द्वार तक लेकर गया था।

. अनेक वर्षों के पश्चात्, उस वृद्ध व्यक्ति के जन्मदिन के अवसर पर दिया जाने वाला भोज पुनः आयोजित किया गया। बहुत से अतिथि आये और उसके लिए उपहार लेकर आए, और जैसेकि उसे बहुत अधिक प्यार किया जाता था, कुछ उपहार सुन्दर थे। शाम की समाप्ति की ओर एक अजनबी व्यक्ति वहा पर एक छोटा-सा बॉक्स उस वृद्ध व्यक्ति के लिए लेकर आया। उसने अपना नाम बताने से मना किया परन्तु उसन पूछा कि क्या वह उस वृद्ध व्यक्ति से स्वयं मिल सकता था।

. When the old man…………..as you did then?” (Pages 109-110)

कठिन शब्दार्थ-inside (इनसाइड) = उसके अन्दर । precious (प्रेशस) = बहुत कीमती । peal (पल्) = मोती। worth (वथ) = मूल्य । a great deal (अ ग्रेट डील) = बहत अधिक। immediately (इमीडिअलि) = तुरन्त । approached (अप्रोच्ट) = आगे बढ़ा, अधिक निकट आना। bowed (बाउ = नीचे झुका | recognise (रेकग्नाइज्) = पहचानना । sight (साइट) = दृष्टि, नज़र। dim (डिम) कमजोर, मंद। quietly (क्वाइअटलि) = शान्ति से, धीरे से। uninvited (अन्इनवाइटिड्) = . आमन्त्रण के। priceless (प्राइस्लस्) = अमूल्य, जिसकी कोई कीमत नहीं आंकी जा सके। occasion (अकेशन्) = अवसर। ।

हिन्दी अनुवाद : जब उस वृद्ध व्यक्ति ने डिब्बा खोला, उसने उसके अन्दर की ओर एक बेशकीमता पाया, जिसका मूल्य बहुत अधिक था। उसने अपने नौकर को तुरन्त ही उस अजनबी को लाने के लिए कहा

– उस अजनबी ने अन्दर प्रवेश किया। जैसे ही वह वृद्ध सजन व्यक्ति के पास पहुँचा, वह नीचे झुका , वह जान गया था कि उसका मेजबान उसे नहीं पहचान पाया था क्योंकि उसकी नजरें कमजोर थीं। इसलिए वह नजदीक गया और धीमे से उससे कहा, “मैं उन्हीं लोगों में से एक हूँ जिसकी आपने बहुत वर्षों पहले बहुत सहायता की थी। यह आपको बहुत ही कृपा थी कि आपने मुझे भोजन कराया था जब मैं आपके घर बिना बुलाए आ गया था।” उस वृद्ध व्यक्ति ने जवाब दिया, “यह सुनकर मुझे अत्यधिक प्रसन्नता है कि मैं आपकाल आपके लिए कुछ अच्छा कार्य करने के योग्य हो सका था। आपकी देखभाल करना मेरा कर्त्तव्य है । मैं आपसे चाहता हूँ कि आप मेरे साथ भोजन करें परन्तु आपको आमन्त्रित करने के लिए सर्वप्रथम मुझे आपका नाम जानना चाहिए।”

वह व्यक्ति जो अमूल्य उपहार लाया था उसने उत्तर दिया, “श्रीमान एक बार पहले, इसी प्रकार के अन्य अवसर पर आपने एक मेहमान को बिना उसका नाम जाने आमन्त्रित किया था। वह मेहमान आपकी छत पर छिपा हुआ था और आपका बुरा करने की इच्छा रखता था, फिर भी आपने उसका सम्मान और शिष्टाचार से व्यवहार किया था। क्या आप आज उसे निमन्त्रित नहीं कर सकते हैं जैसाकि आपने तब किया था?”

The old gentleman………….tell me your story.” (Page 110)

कठिन शब्दार्थ-explained (इक्सप्लेन्ड) = स्पष्ट करना, समझना । given up (गिवन् अप) = त्याग दिया। evil (ईव्ल) = बुराई, पापी। living (लिविङ्) = जीविका । arrogant (ऐरगन्ट) = घमण्डी एवं अशिष्ट। seems (सीम्स्) = प्रतीत होना, लगना। deed (डीड) = काम। grateful (ग्रेट्फ्ल् आभारी। indeed (इन्डीड्) = वास्तव में।

हिन्दी अनुवाद : उस वृद्ध सज्जन व्यक्ति को याद आया कि किस प्रकार से उसने एक चोर को अपनी छत पर छिपा हुआ पाया था और उस अजनबी व्यक्ति ने विस्तार से बताया कि उस अवसर पर उस व्यक्ति पर दिखाई गई दयालुता ने किस प्रकार उसके जीवन को बदल दिया था। उस दिन से उसने अपने बुरे रास्तों को . त्याग दिया था और ईमानदारीपूर्वक किए गए कार्यों से अपनी जीविका कमाने का प्रयास किया था। जैसे-जैसे वर्ष वातते गए, वह बहुत धनवान बन गया था। परन्तु इसने उसको घमण्डी और अशिष्ट नहीं बनाया था। उसने महसूस किया था कि यह उसका कर्त्तव्य था कि वह दूसरों पर वही दया दिखाए जो कि उस सज्जन व्यक्ति के द्वारा उस पर दिखाई गई थी।

वह वृद्ध सज्जन व्यक्ति उस कहानी से बहुत गहरा द्रवित हुआ, और जब दूसरे सभी मेहमान चले गए थे , वह उस अजनबी व्यक्ति की ओर मुड़ा और उससे बोला, “आपने देखा कि मेरे बहुत से पुत्र और पौत्र हैं। उनम से इस रात को कोई भी इतना प्रिय नहीं प्रतीत होता है जितना कि आप प्रतीत होते हैं। दयालुता के छोटे कार्य द्वारा जो कि मैंने बहत वर्षों पूर्व किया था, दयालुता के दूसरे कार्यों ने जन्म लिया, और अब मेरे मेरे पुत्र पोत्र पड़पोतों की संख्या की कोई सीमा नहीं है जो कि मेरे उस छोटे से कार्य से जन्मे हैं। मैं आपका आभारी हू क्योंकि आप उस दयालुता को आगे बढ़ाने का साधन रहे हैं। आप वास्तव में मेरे सच्चे पुत्र है आपका बहुत अच्छा कार्य है कि आपने मेरे पास आकर अपनी कहानी को मुझे सुनाया है।”