A Roadside Stand [सड़क के किनारे की छोटी दुकान]

-Robert Frost

The little old house……. and withering faint.

The little old house was out with a little new shed

In front at the edge of the road where the traffic sped,

A roadside stand that too pathetically pled,

It would not be fair to say for a dole of bread,

But for some of the money, the cash, whose flow supports

The flower of cities from sinking and withering faint.

कठिन शब्दार्थ : shed (शेड्) = छोटी-सी दुकान, थड़ी। sped (स्पेड्) = तीव्र गति से चलता था। stand (स्टैन्ड्) = छोटी दुकान । pathetically (पथेटिक्लि) = करुणा के साथ। pled (प्लेड्) = याचना करता था। dole (डोल्) = भिक्षा, दान । withering (विद्रिङ्) = मुरझा जाना। faint (फेन्ट) = बेहोश होना, मृतप्राय हो जाना।

हिन्दी अनुवाद : सड़क के किनारे के सामने पुराने छोटे-से मकान में से एक छोटी-सी थड़ी बाहर निकाल ली गयी । यहाँ से तीव्र गति से यातायात गुजरता था। सड़क के किनारे की यह थड़ीनुमा दुकान अत्यधिक करुणा के साथ याचना करती थी, रोटी की भीख के लिए नहीं, बल्कि कुछ धन के लिए, नकद रूप में, जिसका प्रवाह शहर-रूपी फूलों को दुर्बल होने तथा मुरझाकर मृतप्राय होने से बचाता है।

The polished traffic ….. and go along.

The polished traffic passed with a mind ahead,

Or if ever aside a moment, then out of sorts

At having the landscape marred with the artless paint

Of signs that with N turned wrong and S turned wrong

Offered for sale wild berries in wooden quarts,

Or crook-necked golden squash with silver warts,

Or beauty rest in a beautiful mountain scene,

You have the money, but if you want to be mean,

Why keep your money (this crossly) and go along.

कठिन शब्दार्थ : polished (पॉलिश्ट्) = चमचमाता हुआ। traffic (ट्रैफिक्) = गाड़ियाँ । aside (असाइड्) = दाएँ-बाएँ। out of sorts (आउट ऑव् सोट्स) = झुंझलाहट में, क्रोध में। marred (माइ) = खराब किया हुआ। artless (आट्ल्स ) = बेहूदा, भद्दा। wild berries (वाइल्ड् बेरिज्) = जंगली बेर। quarts (क्वॉट्स) = बोतलें, पेटियाँ, डिब्बे I warts (वॉट्स) = छोटी-छोटी गोलियाँ। mean (मीन्) = कजूस। crossly (क्रॉसलि) = क्रुद्ध होकर।

हिन्दी अनुवाद : चमचमाता यातायात अपने ध्यान में सीधा चला जाता था। और अगर कभी दाएं-बाएँ एक क्षण के लिए देखते भी थे तो थोड़ा झंझलाकर कि भूदृश्य को अनाड़ीपन से N और S को उल्टी ओर मोड़ कर खराब किया हुआ था. उन नाम पट्टों पर पेन्ट करके जो लकड़ी की पेटियों में जंगली बेर बेचने के लिए प्रस्तुत करते थे। या टेढ़ी-मेढी गर्दन वाली बोतलों में चाँदी की गोलियों वाला सुनहरी स्क्वैश बेचने के लिए, या कोई सुन्दर पहाडी दृश्य का चित्र बेचने के लिए। आपके पास धन है, परन्तु आप कंजूस बनना चाहते हैं, तो ठीक, अपना धन अपने पास रखो (यह क्रुद्ध होकर कही) और अपना रास्ता लो।

The hurt to……..keeping from us.

The hurt to the scenery wouldn’t be my complaint

So much as the trusting sorrow of what is unsaid:

Here far from the city we make our roadside stand

And ask for some city money to feel in hand

To try if it will not make our being expand,

And give us the life of the moving-pictures’ promise

That the party in power is said to be keeping from us.

कठिन शब्दार्थ : Hurt (हॅट्) = क्षति। unsaid (अन्सेड्) = अनकहा। being (बीइङ्) = जीवन। expand (इकस्पैन्ड) = विकसित होना। keeping from (कीपिङ् फ्रॉम्) = वंचित रख रहे।

हिन्दी अनुवाद : मुझे भूदृश्य को होने वाली क्षति से शिकायत उतनी नहीं है जितना दुःख अनकही बात का है। यहाँ शहर से दर हम सड़क के किनारे अपनी थड़ी बनाते हैं और शहर के कुछ धन को हाथ में महसुस करना चाहते हैं और जानने की कोशिश करते हैं कि क्या इससे हमारे जीवन का विकास नहीं होगा, और क्या यह हमें चलचित्रों के माध्यम से जिस प्रकार के जीवन का वादा किया गया है, नहीं देगा, जिस प्रकार के जीवन से सत्तासीन राजनैतिक दल द्वारा हमें वंचित रखा जा रहा है, ऐसा कहा जाता है।

It is in the news……..the ancient way.

It is in the news that all these pitiful kin

Are to be bought out and mercifully gathered in

To live in villages, next to the theatre and the store,

Where they won’t have to think for themselves anymore,

While greedy good-doers, beneficent beasts of prey,

Swarm over their lives enforcing benefits

That are calculated to soothe them out of their wits,

And by teaching them how to sleep they sleep all day,

Destroy their sleeping at night the ancient way.

कठिन शब्दार्थ : pitiful (पिटिफ्ल) = दयनीय। kin (किन) = समुदाय, समूह । bought out (बॉट आउट) = सारी सम्पत्ति खरीद ली जावेगी। good-doers (गुड्-डुअज) = परोपकारी लोग। beneficent (बेनिफिश्न्ट ) = दयालु । swarm over (स्वॉम् ओव(र)) = बड़ी संख्या में आ जाना। beasts of prey (बीस्ट्स ऑव् प्रे) = दूसरों का शिकार करने वाले हिंसक पशु । enforcing (इन्फॉसिङ्) = बाध्य करना । calculated (कैल्क्यु लेट्ड) = योजनाबद्ध । soothe (सूद्) = मीठी-मीठी बातें करना। out of wits (आउट ऑव विट्स) = मूर्ख बनाते हुए।

हिन्दी अनुवाद : ऐसा समाचार है कि इस समुदाय के सभी दयनीय लोगों की सारी सम्पत्ति खरीद ली जायेगी और इन्हें दया करके इकट्ठा कर गाँवों में रहने को भेज दिया जायेगा। ये लोग नाट्यशाला तथा दुकान के निकट रहेंगे। वहाँ इन्हें अपने विषय में और नहीं सोचना पड़ेगा। जबकि लालची परोपकारी, दयालु हिंसक पशु इन लोगों के जीवन पर बड़ी संख्या में छा जायेंगे और उन्हें लाभ लेने पर बाध्य करेंगे, जो लाभ योजनाबद्ध तरीके से उन्हें लुभाते हैं तथा बुद्ध बना देते हैं । और वे इन लोगों को सिखाते हैं कि कैसे सोया जाये, और स्वयं सारे दिन सोते हैं, तथा रात्रि में उनके सोने के पुराने ढंग को नष्ट कर देते हैं।

Sometimes I feel……didn’t it see?

Sometimes I feel myself I can hardly bear

The thought of so much childish longing in vain,

The sadness that lurks near the open window there,

That waits all day in almost open prayer

For the squeal of brakes, the sound of a stopping car,

Of all the thousand selfish cars that pass,

Just one to inquire what a farmer’s prices are.

And one did stop, but only to plow up grass

In using the yard to back and turn around;

And another to ask the way to where it was bound;

And another to ask could they sell it a gallon of gas

They couldn’t (this crossly); they had none, didn’t it see?

कठिन शब्दार्थ : Childish (चाइल्डिश्) = बचकानी। longing (लॉङ्गि) = इच्छा। lurks (लक्स) = छिपी रहती है। squeal (स्क्वील्) = चीख जैसी ध्वनि। plough (प्लाउ) = उखाड़ना। yard (याड्) = अहाता । gallon (गैलन्) = 4.55 लीटर। gas (गैस्) = (यहाँ-) पेट्रोल।

हिन्दी अनुवाद : कभी-कभी मैं स्वयं महसूस करता हूँ कि मैं मुश्किल से ही व्यर्थ की बचकानी इच्छा के विचार को सहन कर सकता हूँ। जो उदासी वहाँ खुली खिड़की के निकट छिपी रहती है, जो करीब-करीब पूरे दिन खुली प्रार्थना करते हुए इन्तजार करती है, रुकती हुई एक कार के ब्रेकों के चीखने की आवाज़ का। यह इन्तजार उन हजारों स्वार्थी कारों में से किसी एक कार का होता है, जो वहाँ से गुजरती हैं। केवल एक कार जो यह पूछ ले कि किसी किसान की वस्तुओं की कीमत क्या है। और एक कार रुकी भी लेकिन उसने किसान के अहाते का उपयोग पीछे चलकर (घास को रौंदते हुए) मुड़ने के लिए किया। एक अन्य कार यह पलने के लिए रुकी कि यह रास्ता कहाँ जायेगा। तथा एक और कार यह पूछने को रुकी कि क्या वे उसे (कार को) एक 1ोल बेच देंगे। वे ऐसा नहीं कर सकते थे (उन्होंने क्रोध से कहा); उनके पास कोई पेट्रोल नहीं था, क्या ठन्हें यह बात दिखाई नहीं देती थी?

No, in country money……..out of my pain.

No, in country money, the country scale of gain,

The requisite lift of spirit has never been found,

Or so the voice of the country seems to complain,

I can’t help owning the great relief it would be

To put these people at one stroke out of their pain.

And then next day as I come back into the sane,

I wonder how I should like you to come to me

And offer to put me gently out of my pain.

कठिन शब्दार्थ : Scale (स्केल) = आकार। requisite (रेक्विजिट) = आवश्यक। lift of spirit (लिफ्ट्र ऑव स्पिरिट्) = आनन्द । at one stroke (एट् वन् स्ट्रोक्) = एक झटके में। sane (सेन) = होश में।

हिन्दी अनुवाद : नहीं, गाँव के धन में, उपलब्धि के गाँव के मापदण्ड (आकार) से, आवश्यक आनन्द कभी नहीं मिला है, अथवा गाँव की आवाज ऐसी ही शिकायत करती प्रतीत होती है। मैं इस बात को स्वीकार बिना नहीं रह सकता कि इन लोगों को एक ही झटके में मार डाला जाये और कष्ट से इन्हें मुक्त कर जाये। और फिर अगले दिन जब मैं होश में आ जाऊँगा तो मुझे विस्मय होगा कि मैं आपसे अपेक्षा करूगा कि आप मेरे पास आयें और मुझे चुपचाप, धीमे से दर्द से मुक्त करने का प्रस्ताव कर दें।

Explanations with Reference to the Context

Stanza: 1

The little old house was out with a little new shed

In front at the edge of the road where the traffic sped,

A roadside stand that too pathetically pled,

It would not be fair to say for a dole of bread,

But for some of the money, the cash, whose flow supports

The flower of cities from sinking and withering faint.

Reference These are the opening lines of Robert Frost’s poem, “A Roadside Stand”.

Context—The poet in talking about a roadside stand put up by a poor villager. He puts forth the reason why the stand has been put up.

Explanation-A little old house is extended in front at the edge of the road and turned into a small shop. The traffic passes by the shop at full speed with none stopping there. The roadside stand pathetically pleads to a prospective customer to stop his car there and buy something from it. The stands want to earn some money in cash, the cash that keeps the economy of cities in good health and saves them from collapsing.

संदर्भ-ये पंक्तियाँ रॉबर्ट फ्रोस्ट की कविता, “A Roadside Stand” की प्रारंभिक पंक्तियाँ हैं।

प्रसंग-कवि सड़क के किनारे रखी गई एक थड़ी के बारे में बात कर रहा है जिसे एक गरीब ग्रामीण ने स्थापित किया है । कवि कारण बताता है कि इस थड़ी को क्यों रखा गया।

व्याख्या-छोटे-से पुराने मकान को आगे की ओर बढ़ाकर सड़क के किनारे पर एक छोटी दुकान में बदल दिया गया। यातायात पूरी गति से इस थड़ी के पास से गुजरता है किन्तु कोई भी वहां नहीं ठहरता। सड़क के किनारे

की दुकान बड़े दयनीय भाव से किसी संभावित ग्राहक से प्रार्थना करती है कि वह उसकी कार को रोक ले और इससे कुछ खरीद ले । छोटी दुकान कुछ नकद पैसा कमाना चाहती है, वो नकद पैसा जो शहरों की अर्थव्यवस्था को

अच्छे स्वास्थ्य में रखती है और शहरों को ढहने से बचा लेती है।

Stanza : 2

The polished traffic passed with a mind ahead,

Or if ever aside a moment, then out of sorts

At having the landscape marred with the artless paint

Of signs that with N turned wrong and S turned wrong

Offered for sale wild berries in wooden quarts,

Or crook-necked golden squash with silver warts,

Or beauty rest in a beautiful mountain scene,

You have the money, but if you want to be mean,

Why keep your money (this crossly) and go along.

Reference — These lines have been taken from Robert Frost’s poem “A Roadside Stand”.

Context—Talking about a roadside stand put up by a poor farmer to sell his produce and thereby earn some money in cash, the poet goes on to describe the things on sale and the customers.

Explanation—The poet says that brightly shining traffic passed by the roadside stand without paying any heed to it. The traffic seemed to be speeding to its destination. If any vehicle ever stopped there, it would be to complain about the wrongly lettered sign boards put up by the stand-keeper. These sign-boards informed the customers what the stand sold. The stand sold wild berries, or golden squash or a painting of natural scenery. Some of the rich customers who behaved meanly with the stand-owner were rebuked and turned away – by him.

संदर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ रॉबर्ट फ्रोस्ट की कविता, “A Roadside Stand” से ली गई हैं।

प्रसंग-एक गरीब किसान द्वारा लगाई गई थड़ी जिस पर वह उसका सामान बेचना चाहता है और कुछ नकद पैसा कमाना चाहता है, के बारे में बात करते हुए कवि उन वस्तुओं का वर्णन करता है जो बिक्री के लिए है और उन ग्राहकों की बात करता है जो वहाँ ठहर जाते हैं।

व्याख्या-कवि कहता है कि तेज चमचमाता हुआ यातायात सड़क के किनारे की दुकान के निकट से बिना दुकान पर ध्यान दिए गुजरता था। यातायात इसके गंतव्य की ओर तेज गति से दौड़ता प्रतीत होता था। अगर कोई गाड़ी कभी वहां रुकती भी थी तो वह स्टैंड (थड़ी) के स्वामी द्वारा लगाए गए गलत अक्षरों में लिखे गए विज्ञापन पट्टों के बारे में शिकायत करने के लिए रुकती थी। ये विज्ञापन-पट्ट ग्राहकों को सूचित करते थे कि थड़ी में क्या चीजें बेची जाती थीं। यह थड़ी जंगली बेर, अथवा गोल्डन स्क्वॉश अथवा प्राकृतिक दृश्य की पेंटिंग बेचती थी। कुछ धनी ग्राहक जो थड़ी के स्वामी से तुच्छतापूर्ण व्यवहार करते थे, उन्हें थड़ी के स्वामी द्वारा फटकार दिया जाता था और वहाँ से चले जाने के लिए कह दिया जाता था।

Stanza : 3

The hurt to the scenery wouldn’t be my complaint

So much as the trusting sorrow of what is unsaid:

Here far from the city we make our roadside stand

And ask for some city money to feel in hand

To try if it will not make our being expand,

And give us the life of the moving-pictures’ promise

That the party in power is said to be keeping from us.

Reference—These lines have been taken from Robert Frost’s poem “A Roadside Stand”.

Context—The poet brings out the pain and suffering of the poor villagers who try to earn some money by selling their produce at the roadside stands,

Explanation—The poet says that the so-called injury to the landscape caused by the e sign-boards of the stand-keepers is not of much concern to him. What worries sorrow of the villagers about which no one talks and which no one understands. The stand keeper puts up his stand in a place that is far from the city. He wants to earn some money by selling his goods to the passing city people. He wants to raise a little his standard of living with the money so carncd. He wants to live a comfortable life as shown in the films and promised by the party in power. Thus, he wants to improve his financial condition.

संदर्भ-ये पंक्तियाँ रॉबर्ट फ्रोस्ट की कविता, “A Roadside Stand’ से ली गई हैं।

प्रसंग-कवि उन गरीब ग्रामवासियों के कष्ट एवं पीड़ा को उजागर करता है जो सड़क के किनारे की थडियों पर उनके उत्पाद बेचकर कुछ पैसा कमाना चाहते हैं।

व्याख्या-कवि कहता है कि भूदृश्य को तथाकथित हानि जो थड़ी के स्वामियों के विज्ञापन पट्टों के कारण पहुँचती है, वह उसके लिए अधिक अर्थ नहीं रखती। उसे गांव वालों के दु:ख की चिन्ता है जिसके बारे में कोई भी बात नहीं करता है और कोई नहीं समझता है । थड़ी का स्वामी उसकी थड़ी को ऐसे स्थान पर स्थापित करता है जो शहर से बहुत दूर होता है । वह वहाँ से होकर गुजरने वाले शहर के लोगों को अपने उत्पाद बेचकर कुछ पैसा कमाना चाहता है। वह उसके जीवन-स्तर को थोड़ा ऊपर उठाना चाहता है, उस पैसे से जिसे वह इस प्रकार कमाता है। वह फिल्मों में दिखाए जाने वाले तथा सत्ताधारी दल द्वारा जिस आरामदायक जीवन का वादा किया जाता है, उस प्रकार जीवन जीना चाहता है। इस प्रकार वह उसकी वित्तीय दशा को सुधारना चाहता है।

Stanza : 4

It is in the news that all these pitiful kin

Are to be bought out and mercifully gathered in

To live in villages, next to the theatre and the store,

Where they won’t have to think for themselves anymore,

While greedy good-doers, beneficent beasts of prey,

Swarm over their lives enforcing benefits

That are calculated to soothe them out of their wits,

And by teaching them how to sleep they sleep all day,

Destroy their sleeping at night the ancient way.

Reference-These lines are taken from Robert Frost’s poem “A Roadside Stand”.

Context—The poet describes the pitiable condition of the poor villagers and the fraud to be played upon their lives by the greedy, rich people of the cities.

Explanation—The poet is worried about a news item that all these pitiable villagers will be compelled to sell their lands to the rich, unscrupulous people of the cities. They will be pushed back to live in villages next to the theatres and the stores that will come up on their lands. The greedy, rich people of the cities will come in the guise of good-doers and beneficent social-workers. They will use persuasion and force against the villagers to make them sell their lands to them. The villagers will fall into their trap. They will stop using their brains. The villagers will be taught to change the habits of sleeping at night, while the cheats will sleep all day.

संदर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ रॉबर्ट फ्रोस्ट की कविता, “A Roadside Stand” से ली गई हैं।

प्रसंग-कवि गरीब ग्रामीणों की दयनीय स्थिति तथा शहरों के धनी लोगों द्वारा उनके जीवन के साथ की जाने वाली धोखाधड़ी का वर्णन करता है।

व्याख्या-कवि को उस सामाचार से चिन्ता है कि इन निरीह लोगों को उनकी जमीनें शहरों के धनी, बेईमान लोगों को बेचने के लिए मजबूर कर दिया जाएगा। उन्हें पीछे धकेलकर गाँवों में रहने के लिए बाध्य किया जाएगा जो बड़ी दुकानों तथा सिनेमाघरों के निकट होंगे। ये बड़ी दुकानें तथा सिनेमाघर उनकी जमीनों पर ही बनाए जाएंगे। शहरों के लालची, धनी लोग भले लोगों और परोपकारी सामाजिक कार्यकर्ताओं के वेश में आएंगे। वे समझाइश एवं बल का प्रयोग गाँव वालों के विरुद्ध करेंगे और उन्हें उनकी जमीनें बेच देने के लिए बाध्य कर देंगे। गाँव वाले उनके जाल में फँस जाएँगे। वे उनका दिमाग काम में लेना बंद कर देंगे। गाँव वालों को सिखाया जाएगा कि वे रात में सोने की उनकी आदत को बदल दें, जबकि वे ठग लोग पूरे दिन सोया करेंगे।

Stanza :5

Sometimes I feel myself I can hardly bear

The thought of so much childish longing in vain,

The sadness that lurks near the open window there,

That waits all day in almost open prayer

For the squeal of brakes, the sound of a stopping car,

Of all the thousand selfish cars that pass,

Just one to inquire what a farmer’s prices are

Reference-These lines have been taken from Robert Frost’s poem “A Roadside Stand”.

Context—The poet conveys in these lines how the poor stand-owner waits all day for at least one of the thousands of cars to stop at his shop. But he is disappointed when not one of them stops there to ask about the price of his wares.

Explanation—The poet feels pained to see the poor villagers sad and disappointed when no one stops to buy their goods at their stands. He has a childish wish to relieve the poor men of their suffering. He imagines that they can be freed from their agony if all of them are killed at one stroke. However, he calls it a childish idea. The poet says that the stand-owner waits all day, almost in open prayer, for at least one car to stop out of the thousand cars that pass. He expects to be asked about the prices of his goods.

संदर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ रॉबर्ट फ्रोस्ट की कविता, “A Roadside Stand” से ली गई हैं।

प्रसंग-कवि इन पंक्तियों में बताता है कि किस प्रकार थड़ी का स्वामी पूरे दिन हजारों कारों में से किसी एक कार के उसकी थड़ी पर रुकने का इन्तजार करता है। किन्तु वह तब निराश हो जाता है जब एक भी कार वहाँ नहीं ठहरती है और उसके सामान की कीमतों के बारे में पूछताछ नहीं करती है।

व्याख्या-कवि गरीब ग्रामवासियों को तब उदास एवं निराश देखकर दु:खी हो उठता है जब उनकी थड़ियों से सामान खरीदने हेतु कोई भी नहीं रुकता है । कवि इन गरीबों का दुःख दूर करने के लिए एक बचकानी कामना करता है। वह कल्पना करता है कि उन्हें उनकी पीड़ा से मुक्त किया जा सकता है, अगर उन सब को एक ही झटके में मार दिया जाए। किन्तु वह इसे बचकाना विचार कहता है । कवि कहता है कि थड़ी का स्वामी पूरे दिन करीब-करीब स्पष्ट प्रार्थना के साथ, हजारों कारों में से, जो वहाँ से होकर गुजरती हैं, कम-से-कम एक कार तो वहां ठहर जाए। वह अपेक्षा करता है कि उससे उसकी चीजों की कीमतों के बारे में पूछा जाए।

Stanza : 6

And one did stop, but only to plow up grass

In using the yard to back and turn around;

And another to ask the way to where it was bound;

And another to ask could they sell it a gallon of gas

They couldn’t (this crossly); they had none, didn’t it see?

Reference- These lines are from Robert Frost’s poem “A Roadside Stand”.

Context—The poet feels pained to see the poor ‘stand-owner waiting for at least one car out of a thousand cars to stop and ask about the prices of his goods. However, those hitch stop do so for other purposes then purchasing anything from him.

Explanation—The poet says that sometimes a car stops to use the yard to back and turn around. Another stops to ask about the route it should take to reach its destination. Still another, to ask if they would sell it a gallon of gas, which they didn’t do. Ironically, none stops to buy the stand-owner’s things.

संदर्भ-ये पंक्तियाँ रॉबर्ट फ्रोस्ट की कविता, “A Roadside Stand’ से ली गई हैं।

प्रसंग-कवि यह देखकर दुःखी महसूस करता है कि गरीब थड़ी वाला हजारों कारों में से कम-से-कम एक कार के ठहरने की प्रतीक्षा करता रहता है जो उसके सामान की कीमतों के बारे में पूछताछ करे। किन्तु जो कारें ठहरती भी हैं वे किन्हीं अन्य उद्देश्यों से ठहरती हैं, बजाय उससे कोई वस्तु खरीदने के लिए।

व्याख्या-कवि कहता है कि कभी-कभी एक कार रुकती है, अहाते के पीछे चलने और गोल घूमने के लिए उपयोग करने के लिए। दूसरी कार उसके गंतव्य पर पहुँचने के लिए मार्ग के बारे में पूछने के लिए रुकती है । एक अन्य कार यह पूछने के लिए रुकती है कि क्या थड़ी वाला उसे एक गैलन गैस बेचेगा, जैसा कि वह नहीं किया करता। विडंबना है कि कोई भी कार थड़ी के स्वामी की चीजें खरीदने को नहीं रुकती

Stanza: 7

No, in country money, the country scale of gain,

The requisite lift of spirit has never been found,

Or so the voice of the country seems to complain,

I can’t help owning the great relief it would be

To put these people at one stroke out of their pain.

And then next day as I come back into the sane,

I wonder how I should like you to come to me

And offer to put me gently out of my pain.

Reference-These are the concluding lines of Robert Frost’s poem “A Roadside Stand”.

Context—The poet talks about the sorry state of the villager’s life. The money they earn is not enough to buy things that can give them a comfortable life even by the village standards. The poet puts to rest his childish wish by realising that it is neither feasible nor practical to kill all the villager at one go.

Explanation—The poet regrets that money is no abundant in the country-side. Furthermore, money can raise spirits while a lack of it, dampens it. Moreover, the poet becomes very emotional and contemplates their pain. He certainly wants to change the lives of the rural poor in one go, but understands that this will be a futile act.

संदर्भ-ये रॉबर्ट फ्रोस्ट की कविता, “A Roadside Stand” की अंतिम पंक्तियाँ हैं।

प्रसंग-कवि गरीब ग्रामीणों के जीवन की दु:खद स्थिति के बारे में बात करता है। जो पैसा वे कमाते हैं वह ग्रामीण-स्तर का आरामदायक जीवन जीने के लिए भी चीजें खरीदने के लिए पर्याप्त नहीं होता। कवि उसकी बचकानी इच्छा को भी शान्त यह महसूस करते हुए कर देता है कि इसे पूरा करना न संभव है और न ही व्यावहारिक क्योंकि सभी ग्रामीणों को एक साथ नहीं मारा जा सकता है।

व्याख्या-कवि पश्चाताप करता है कि ग्रामीण क्षेत्र में पर्याप्त पैसा नहीं है। इसके अतिरिक्त, पैसा उत्साह को बढ़ा सकता है, किन्तु इसका अभाव उत्साह को ठंडा भी कर देता है । कवि भावुक हो जाता है और उन लोगों के कष्ट की कल्पना भी करता है । वह गाँवों के गरीब लोगों की जिन्दगियों को एक झटके में बदल देना चाहता है लेकिन वह यह भी समझता है कि ऐसा करना निरर्थक कार्य होगा।