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A Roadside Stand

Textbook Questions and Answers
Think it out

Question 1.
The city folk who drove through the countryside hardly paid any heed to the roadside stand or to the people who ran it. If at all they did, it was to complain. Which lines bring this out? What was their complaint about?
शहरी लोग जो ग्रामीण इलाकों से होकर गुजरते थे, मुश्किल से ही सड़क किनारे बने अड्डे या उसको चलाने वालों पर ध्यान देते थे। यदि देते भी थे तो शिकायत करने के लिये, कौन-सी पंक्तियाँ यह स्पष्ट करती हैं? उनकी शिकायत क्या थी?
Answer:
Their indifference to rural people can be seen from their complaint that the villagers had spoilt the natural scenery with cheap paints in the following lines. At having the landscape marred with the artless paint Of signs that with N turned wrong and S turned wrong.

उपर्युक्त पंक्तियों में ग्रामीणों के प्रति उनकी अवहेलना उनकी इस शिकायत से देखी जा सकती है कि ग्रामीणों ने सस्ते रोगन से प्राकृतिक दृश्य को खराब कर दिया है।

Question 2.
What was the plea of the folk who had put up the roadside stand?
उन लोगों की क्या विनती थी जिन्होंने सड़क के किनारे अड्डे की दुकान लगाई थी ?
Or
Why do the people who had put up the roadside stand want some city money to flow fell in their hands?
जिन लोगों ने सड़क के किनारे अड्डे की दुकान लगाई थी वे क्यों चाहते हैं कि शहर का कुछ पैसा उनके हाथों में आये?
Answer:
The folk at the roadside stand pleaded pathetically to the motorists to stop at their roadside stand. They wished them to buy some things from them so that they could earn some money to make their lives better.

वे लोग जिन्होंने सड़क के किनारे अड्डे (stand) की दुकान लगाई थी, ग्राहकों से वहाँ रुकने की दयापूर्वक याचना (विनती) कर रहे थे। वे चाहते थे कि वे वहाँ से कुछ वस्तुएँ खरीदें जिससे कि उनके पास अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिये कुछ पैसा आ सके ।

Question 3.
The government and other social service agencies appear to help the poor rural people, but actually do them no good. Pick out the words and phrases that the poet uses to show their double standards.
सरकार और अन्य सामाजिक सेवा एजेन्सियाँ गाँव में रहने वाले गरीब लोगों की मदद करती प्रतीत होती हैं, लेकिन वास्तव में उनके लिए कुछ भी अच्छा नहीं करतीं । उन शब्दों और वाक्यांशों को छाँटिए जिनमें कवि उनके दोहरे मापदण्ड को दर्शाते हैं
Answer:
The following lines of the poem clearly show the double standards of these so called good doers.
निम्नलिखित पंक्तियाँ इन तथाकथित समाजसेवियों के दोहरे मापदण्डों को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं।
greedy good-doers, beneficent beasts of prey, enforcing benefits soothe them out of their wits

Question 4.
What is the ‘childish longing’ that the poet refers to? Why is it ‘vain’?
वह बचकानी तीव्र इच्छा क्या है जिसको कवि इंगित करते हैं ? यह व्यर्थ क्यों है?
Answer:
The poet describes the miserable condition of the people who are running the roadside stand. They very eagerly wait to hear the sound of brakes of cars to stop at the stand. The poet calls the wish ‘the childish longing’ and it is vain because nobody stops there.

कवि उन लोगों की दयनीय स्थिति का वर्णन करते हैं जो कि सड़क किनारे अड्डे की दुकान चला रहे हैं। वे बहुत ही उत्सुकता के साथ गाड़ी के ब्रेकों (गाड़ियों के रुकने) की आवाज का इन्तजार करते हैं । कवि इस तीव्र इच्छा को बचकानी प्रबल इच्छा कहते हैं और यह व्यर्थ इसलिए है क्योंकि वहाँ पर कोई भी नहीं रुकता है।

Question 5.
Which lines tell us about the insufferable pain that the poet feels at the thought of the plight of the rural poor?
कौन-सी पंक्तियाँ हैं जो हमें कवि के उस असहनीय कष्ट के विषय में बताती हैं जो वह ग्रामीण लोगों की दयनीय स्थिति के विचार पर महसूस करते हैं ?
Answer:
The poet feels unbearable pain to see the plight of rural poor when he sees that these rural people keep their window open the whole day in the hope of arrival of some customer but nobody turns up. He expresses his grief through the following lines :

कवि गाँव में रहने वालों की दयनीय स्थिति को देखकर असहनीय पीड़ा का अनुभव करते हैं जब वह देखते हैं कि ये गाँव वाले किसी ग्राहक के आने की उम्मीद में सारा दिन अपनी खिड़की खुली रखते हैं लेकिन कोई भी नहीं . आता है । वह अपने असहनीय कष्ट को निम्नलिखित पंक्तियों द्वारा दर्शाता है

Sometimes I feel myself I can hardly bear The thought of so much childish longing in vain, I can’t help owning the great relief it would be To put these people at one stroke out of their pain.

Talk about it:

Discuss in small groups. छोटे-छोटे समूह में चर्चा करो।

Question 1.
The economic well being of a country depends on a balanced development of the villages and the cities.
एक देश का आर्थिक विकास उसके गाँवों व शहरों के संतुलित विकास पर निर्भर करता है।
Answer:
Of course, urban and rural areas are like the two sides of a coin. For real progress of India, rural development is very necessary. It’s very unfair that all the development takes place in big cities only. Various employment and other welfare schemes like electricity, clean drinking water, proper road connectivity, medical facilities should be provided in villages too. Therefore, it is absolutely right that the economic well being of a country depends on a balanced development of the villages and the cities.

वास्तव में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र एक ही सिक्के के दो पहलू के समान हैं। भारत की वास्तविक प्रगति के लिये ग्रामीण विकास बेहद आवश्यक है। यह बहुत ही अनुचित है कि सारा विकास सिर्फ बड़े शहरों में ही होता है। विभिन्न रोजगार व अन्य कल्याणकारी योजनाएँ जैसे बिजली, पीने का स्वच्छ पानी, समुचित सड़कें, चिकित्सा सुविधाएँ गाँवों में भी पहुँचनी चाहिये। इसलिये यह एकदम सही है कि देश का आर्थिक विकास शहरों व गाँवों के संतुलित विकास पर निर्भर करता है।

Try this out Note:

It is purely a students’ activity.
So do it yourself.

RBSE Class 12 English A Roadside Stand Important Questions and Answers
Short Answer Type Questions

Answer the following questions in about 20-25 words.

Question 1.
What were the owners of the roadside stand selling ?
सड़क के किनारे स्टॉल चलाने वाले क्या बेच रहे थे ?
Answer:
They sold were selling wild berries and golden gourds at the roadside stand. They also offeredg a few peaceful moments to enjoy the beautiful scene of the mountains.

वे लोग जंगली बेरफल (बेरीज) और सुनहरी काशीफल बेच रहे थे । वे शान्त वातावरण में पर्वतों के सुंदर दृश्य का आनंद देने की पेशकश भी कर रहे थे ।

Question 2.
What type of promises are made to the poor? What is the result ?
गरीबों से किस प्रकार के वायदे किये जाते हैं? परिणाम क्या होता है?
Answer:
The poor villagers are promised that they will be rehabilitated next to the theatre and the markets. But these promises are not fulfilled, and the poor villagers are befooled.

गरीब ग्रामीणों से वायदे किये जाते हैं कि उन्हें थियेटर व बाजार के नजदीक में बसाया जायेगा। परन्तु ये वायदे पूरे नहीं किये जाते हैं और गरीब ग्रामीणों को बेवकूफ बना दिया जाता है।

Question 3.
Why did the rural people set up the roadside stand? Was it successful? Give reason.
गाँव वालों ने सड़क के किनारे stall क्यों लगाई थी? क्या यह सफल रही? कारण बताइये।
Answer:
They set up the roadside stand hoping that city folks would halt and buy their produce.
Their venture failed as nobody stopped to buy anything due to plain in difference.

उन्होंने सड़क किनारे stand इस आशा में लगाया कि शहरी लोग (राहगीर) जो इस सड़क से गुजरेंगे, यहाँ रुकेंगे और उनकी उपज खरीदेंगे । लेकिन उनका उद्यम असफल रहा क्योंकि इस दुकान पर कोई भी कुछ खरीदने के लिए नहीं रुकता था। लोग इतने उदासीन थे कि उन्हें उनकी कोई परवाह नहीं थी।

Question 4.
How did the authorities mar the landscape?
प्रशासन ने भूदृश्य को किस प्रकार खराब कर दिया?
Answer:
The authorities had put up hoardings with garish paint on the roadside, which marred the otherwise beautiful landscape. They also put the wrong direction signs.

प्रशासन ने चटकीले रंगों से बनी होर्डिंग्स सड़क के किनारे लगा दी थीं जिससे वह सुंदर भूदृश्य कुरुप बना गया था। उन्होंने गलत दिशा चिन्ह भी लगा दिए थे।

Question 5.
What does the poet say about the ‘greedy good-doers’ and ‘beasts of prey”?
‘लोभी कल्याणकारी व्यक्ति’ और ‘शिकारी जानवर’ के विषय में कवि क्या कहते हैं ?
Or
What kind of complaint does the poet talk of?
कवि किस प्रकार की शिकायत की बात करता है?
Answer:
The poet says that these greedy people pretend to be benefactors, but in fact, they are like flesh-eating wild animals who prey on the rural folk.

कवि कहते हैं कि ये लोभी कल्याणकारी लोग भलाई करने का ढोंग रचते हैं लेकिन वास्तव में वे मांस खाने वाले जंगली जानवर की तरह होते हैं जो ग्रामीण लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।

Question 6.
Why do some car owners stop at the roadside stand?
कुछ कार वाले लोग दुकान पर क्यों रुकते हैं ?
Answer:
Some car owners stop here to ask the route, or for taking a back turn, or to inquire if they would sell gas, but none to purchase the things they sell.

कुछ गाड़ी वाले सड़क किनारे की दुकान पर रास्ता पूछने के लिये रुकते हैं, या अपनी गाड़ी को बैक करने के लिये, या ये पूछने के लिये कि क्या वे गैस बेचेंगे। लेकिन कोई भी वहाँ उनके द्वारा बेचे जाने वाले सामान को खरीदने के लिये नहीं रुकता

Question 7.
What would happen to the village folks if they were settled near the theatre?
यदि गाँव वालों को थियेटर के नजदीक बसा दिया जाये तो क्या होगा?
Answer:
If they are re-settled near the theatres they will only lose their sleep. It will do no good to these poor people.

यदि उनके घरों को थियेटर के आस-पास कर दिया जाए तो सिर्फ उनकी नींद ही खराब होगी। इससे इन गरीब लोगों का कुछ भला नहीं होगा।

Question 8.
How do government and social service agencies befool the rural folks?
सरकार व सामाजिक सेवा एजेन्सियाँ किस प्रकार गाँव वालों को बेवकूफ बनाती हैं ?
Answer:
These so-called do-gooders befool the rural folks by making false promises which they never fulfil. Rahter they destroy their time-tested way of life.

ये तथा-कथित भला करने वाले गाँव में रहने वालों को उनसे झूठे वायदे करके बेवकूफ बनाते हैं जो ये कभी पूरा नहीं करते। बल्कि ये उन लोगों की समय की कसौटी पर खरी उतरने वाली जीवन-शैली को भी भ्रष्ट कर देते हैं।

Question 9.
How will the poet come out of the insufferable pain of the plight of the poor rural people?
कवि गरीब गाँव वालों के कष्टों के कारण असहनीय पीड़ा से बाहर कब आयेंगे ?
Answer:
The poet will come out of this unbearable pain if the poor rural folks are freed from all of their miseries in just one stroke.

कवि गरीब गाँव वालों के कष्टों के कारण असहनीय पीड़ा से तब बाहर आयेंगे यदि उन्हें उनके सभी दर्दी से एक बार में ही मुक्त कर दिया जाये ।

Question 10.
What has been in the news?
समाचार में क्या रहता है ?
Answer:
The news is that all these pitiful people will be relocated next to the theatre and the store where everything will be within their reach.

समाचार यह है कि इन सभी दयनीय लोगों को थियेटर व गोदाम के नजदीक उनका पुनर्वास करवाया जायेगा जहाँ कि प्रत्येक वस्तु उनकी पहुँच में होगी।

Question 11.
What does the poet want to portray through this poem?
कवि इस कविता के माध्यम से क्या चित्रित करना चाहते हैं ?
Answer:
The poet brings out the helpless condition of the rural folk. If left in villages, they suffer from want, and if re-settled in cities, they lose their identity.

कवि ग्रामीणों की असहाय स्थिति को उजागर करता है। यदि उन्हें गाँवों में छोड़ दिया जाए, तो वे वंचित रह जाएँगे और यदि उन्हें शहरों में पुर्नवासित करा जाए तो वे अपनी पहचान खो देंगे।

Question 12.
What message does the poet convey through the poem A Roadside Stand’ ?
कविता ‘ए रोडसाइड स्टैण्ड’ के द्वारा कवि क्या संदेश देना चाहता है ?
Answer:
The poet wants to convey the message that economic well-being of a country depends on a balanced development of the cities and the villages. A fact that governments should realise and act upon.

कविता के माध्यम से कवि यह संदेश देना चाहते हैं कि देश की आर्थिक सम्पन्नता शहरों और गाँवों के सन्तुलित विकास पर निर्भर करती है । इस तथ्य को सरकारों को समझना होगा व इस पर काम करना होगा।

Question 13.
What is the villagers’ complaint against the rich people of the city ?
शहर के अमीर लोगों के खिलाफ ग्रामीण बन्धुओं की क्या शिकायत है ?
Answer:
The villagers’ complaint is that the rich people of the city are greedy and miserly. They are quite indifferent to the miserable life of the villagers.

ग्रामीणों की शिकायत है कि नगर के अमीर लोग लालची और कंजूस होते हैं । वे ग्रामीणों के दयनीय जीवन के प्रति पूर्णतः उदासीन होते हैं ।

Question 14.
What are the probable causes of the passing cars to stop near the Roadiside Stand ?
सड़क के किनारे बने स्टेण्ड के पास गुजरती हुई कारों के रुकने के क्या-क्या संभावित कारण होते है?
Answer:
The cars shop either to ask the prices of produce at the stand, or to back up and turn around, or to ask directions or ask for petrol.

कारें यहाँ या तो स्टॉल पर रखी उपज का मूल्य पूछने के लिए रूकती है, या पीछे होकर मुड़ने के लिए, या दिशा पूछने के लिए या पेट्रोल माँगने के लिए।

Question 15.
Why is the stand’s existence described as pathetic ?
स्टेण्ड का अस्तित्व दयीनय (करुणाजनक) क्या कहा गया है?
Answer:
The stand’s existence is described as ‘pathetic’ because the villager’s expectations are never fulfilled. The rich men passing by do not buy anything from the roadside stand.

स्टेण्ड का अस्तित्व करुणाजनक कहा गया है क्योंकि ग्रामीणों की अपेक्षाएं कभी पूरी नहीं होती है। गुजरते हुए अमीर लोग सड़क किनारे बने स्टेण्ड से कोई चीज नहीं खरीदते है।

Long Answer Type Questions

Answer the following questions in about 80 words.

Question 1.
Why were the poor villagers compelled to put up a roadside stand ? how did the city dwelling motorists react to this endeavour?
निर्धन ग्रामीणों को सड़क किनारे दुकान क्यों खोलनी पड़ी? शहरवासी वाहन-स्वामियों की इस उद्यम के प्रति क्या प्रतिक्रिया थी?
Answer:
The old, small house, the small shed and the meagre variety of farm produce it sold conveys the condition of the villagers. They have no money and scarce resources. The place is far away from the city and its vices, but it also lacks opportunities to grow.

The owners of the stall began their modest enterprise, hoping to sell fresh farm produce to the city-dwellers who passed by on the road. However, these self-absorbed motorists were completely indifferent to the plight and needs of the villagers. Sometimes they stopped, but not for buying.

वह पुराना, छोटा घर, वह छोटा शेड और कृषि उपज के सीमित प्रकार ग्रामीणों की दशा का वर्णन करते हैं। उनके पास पैसा नहीं है वह कम संसाधन हैं। यह स्थान शहर से काफी दूर है और उसकी बुराईयों से भी, किन्तु यहाँ विकास के अवसर नहीं हैं।

स्टाल के मालिकों ने यह छोटा सा उद्यम आरंभ किया, इस आशा के साथ कि वे ताजा उपज शहरवासियों को बेचेंगे जो उस सड़क से गुजरते हैं। परन्तु, ये स्वार्थी वाहन-स्वामी ग्रामीणों की दुर्दशा व आवश्यकताओं के प्रति पूर्णतया उदासीन हैं। कभी-कभी वे रूकते हैं, पर कुछ खरीदने के लिए नहीं।

Question 2.
What is the attitude of the city-dwellers towards their rural brethern? How does the poet criticise it ?
शहरवासियों का अपने ग्रामीण भाइयों के प्रति कैसा रवैया है? कवि इसकी आलोचना किस प्रकार करता है?
Answer:
The city-dwellers pass by the roadside stall all day on the busy road, but they hardly notice it. They do not seem to care about the trouble these villages most have gone through to extend that shed with their meagre resources.

Neighter do they care for the fresh farm produce on sale at the stall. If someone does stop, it is not to buy anything from the stall. This shows their complete indifference towards the villagers, and their selfish, insensitive attitude towards these hard-working, yet poor people.

शहरवासी पूरा दिन उस चलती सड़क पर (अपने वाहनों से) आते-जाते रहते हैं, पर उस सड़क किनारे की दुकान को शायद ही देखते हैं। उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं कि इन गाँव वालों ने उस (दुकान के) शेड को अपने थोड़े-से संसाधनों से कैसे बनाया होगा। न ही उन्ळे उस ताजा खेत की उपज की कोई परवाह है जो उस स्टॉल पर बिकाऊ है। यदि कोई रूकता भी है, तो वह स्टॉल से कुछ खरीदने के लिए नहीं। यह दिखलाता है कि इन ग्रामीणों के प्रति उनकी सोच पूर्ण रूप से उदासीन है और वे इन परिश्रमी पर निर्धन लोगों के विषय में कितने स्वार्थी व असंवेदनशील है।

Question 3.
The poet expresses his concernt about the future of the deprived rural folk. What is his concern ? Explain.
कवि वंचित गाँववालों के भविष्य के प्रति चिंतित है। उनकी चिंता क्या है? समझाइए।.
Answer:
The poet so of the view that the government of his country was indifferent and insensitive to the plight of the poor farmers. Similarly, the people of the cities who led a luxurious hardly thought of the hardships and deprivation that the villagers experiences life.

They never tried to help them by purchasing their products. Rather, they sought to grab the lands of the poor farmers by befooling them with imaginary benefits if they sold out their lands to them. They use persuasion and force to deprive them of their lands.

कवि महसूस करता था कि उसके देश की सरकार गरीब किसानों की हालत के प्रति उदासीन थी। इसी प्रकार शहरों के लोग, जो. विलासिता एवं आराम की जिन्दगी जीते थे, मुश्किल से ही किसानों की कठिनाइयों एवं वंचित जिन्दगी के बारे में सोचते थे। वे उनके उत्पाद खरीदकर उनकी मदद करने की कोशिश भी नहीं करते थे। इसके विपरीत, वे गरीब किसानों की जमीनें हथियाने की योजना बनाते थे, उन्हें काल्पनिक फायदों से मूर्ख बनाकर, अगर वे उन्हें उनकी जमीनें बेच दें। वे राजी करके तथा बल के प्रयोग से उन्हें उनकी जमीनों से वंचित – कर देते थे।

Question 4.
What ways did the “greedy good doers” employ to harm the simple farmers?
किस प्रकार से “लालची परोपकारी” लोग किस प्रकार सीधे-सादे किसानों को हानि पहुँचाने का प्रयास करते थे?
Answer:
There was news that these hard-working, honest but poor and deprived were to be deprived of their lands by the greedy so-called good-doers of the city. They were to be re-settled near big stores and theatres.

They were promised carefree and comfortable lives if they sold out their lands to them. The heartless beasts of prey people were planning to persuade or force the farmers to accept their offers of false benefits to deprive them of their lands.

They were also destroying their age-old lifestyle. : ऐसा समाचार था कि ये परिश्रमी, ईमानदार किन्तु निर्धन व वंचित किसान शहर के लालची, तथाकथित परोपकारियों के द्वारा उनकी जमीनों से वंचित किए जाने वाले हैं। उन्हें रहने के लिए उन स्थानों पर पुर्नवासित किया जाएगा जो बड़ी दुकानों एवं सिनेमाघरों के निकट स्थित होंगे।

उनसे चिंतामुक्त एवं आरामदायक जिन्दगी का वादा किया जाएंगा, बशर्ते वे उन्हें अपनी जमीनें बेच दें। ये हृदयहीन शिकारी जानवर, किसानों को राजी करके अथवा बलपूर्वक, लाभ के झूठे प्रस्तावों को स्वीकार करने पर बाध्य करेंगे ताकि उन्हें उनकी जमीनों 3. से वंचित किया जा सके। ये ठग उनकी (ग्रामीणों की) प्राचीन जीवन-शैली को भी नष्ट कर रहे थे।

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