A Walk through the Fire

[आग पर चलना]-A.D. Smith

About the Lesson (पाठ के बारे में)

-A.D. Smith का जन्म बर्मिंघम में हुआ था व आपने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। A Walk Through the Fire’ का BBC London (बी.बी.सी. लंदन के रेडियो) पर प्रसारण किया गया था।

यह पाठ लेखक को भारत के हैदराबाद में एक ब्रिटिश सैनिक के रूप में पदस्थापना पर हुए अनुभव का वास्तविक वर्णन है। आप बताते हैं कि किस प्रकार यहाँ एक बुजुर्ग भारतीय जिसे वह सड़क किनारे घायल पड़े पाता है उसे अपने रहस्यात्मक व्यवहार, टिप्पणियाँ तथा सबसे ऊपर आग पर चलकर एक के बाद एक अनेक आश्चर्य देता है। यह वृत्तान्त यह वर्णन भी करता है कि लेखक के लिए अपनी आँखों पर ही विश्वास करना कितना कठिन हो गया था जब लेखक ने इस वृद्ध भारतीय को अचानक वही व्यक्ति पाया जिसके आग पर चलने के अविश्वसनीय कार्य को उसने हाल ही में देखा था। भारतीय जो अग्नि पर चलता था के द्वारा सम्पादित साहसिक कार्य इस अंग्रेज के लिए आश्चर्यजनक था क्योंकि आग के द्वारा उसके शरीर पर कोई भी जलने का चिह्न नहीं था। इसके शीघ्र बाद ही अग्नि पर चलने वाले ने वर्णनकर्ता को भी अपने साथ जलती लपटों पर बिना किसी हानि के चलवाया। अग्नि पर चलने वाले भारतीय के साथ इस अविश्वसनीय चाल के दौरान लेखक मस्तिष्क की एक रहस्यात्मक दशा अनुभव करते हैं जिसे वह कहते हैं कि दूसरे लोग भी भारतीय योग, मनन तथा एकाग्रता की कला में निपुणता के द्वारा अनुभूत कर सकते हैं।

| कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद

The other evening I was………………………………….with the world. (Page 60)

कठिन शब्दार्थ : sorting out (सॉटिंग आउट) = छंटनी करते हुए। contents (कन्टेन्ट्स) = सामग्री। trunk (ट्रंक) = एक बड़ा बॉक्स। loft (लॉफ्ट) = छत के नीचे की जगह सामान भरने के लिए, टाँड। khaki (खाकी)= सिपाही की वर्दी । drill (ड्रिल्) = व्यायाम । slacks (स्लैक्स्) = पायजामा। souvenir (सूवनिअ(र)) = स्मृति-चिह्न। tropical (ट्रॉपिक्ल) = गर्म देशों की। kit (किट) = traveller’s outfit, सफरी सामान । preserved (प्रिजव्ड) = संभाल कर रखी गयी। bottoms (बॉटॅम्ज) = मोहरी, किनारे। deliberately (डिलिबरेंटलि) = स्वेच्छा से, चलाकर। aloft (अलोपट) = के ऊपर।

stationed (स्टेशन्ड्) = नियुक्त । sapper (सैप्(र)) = सेना का इंजीनियरिंग कैम्प । delightful (डिलाइट्फुल) = मजेदार, आनन्ददायक।

हिन्दी अनुवाद-गत एक शाम मैं छत के नीचे लगी टाँड पर रखे एक बड़े बॉक्स की सामग्री की छंटनी कर रहा था तब मुझे एक पुराना खाकी पायजामा मिला, जो व्यायाम के वक्त पहना जाता था, और अब यह भारत में बिताये गये मेरे सेना के कार्यकाल का स्मृति-चिह्न बन गया था। इसमें कोई विशेष बात नहीं थी, मैं मानता हूँ, लेकिन यह एक विशेष पायजामा था जो सेना से गर्म देशों के अनुरूप मिला था। इसे सावधानी से रखा गया था और अभी भी यह बढ़िया आकार में था सिवाय इसके कि इसके नीचे के किनारे (मोहरी) बुरी तरह जले हुए थे, करीब-करीब इस प्रकार से कि जैसे किसी ने इसे जानबूझकर आग पर उठाये रखा हो। वस्तुत: करीब-करीब यही इसके साथ हुआ था।

यह बात 1947 के प्रारम्भ की है जब मैंने स्वयं को हैदराबाद रियासत के छोटे से स्थान बेगमपेट में सेना के एक इंजीनियरिंग कैम्प में नियुक्त पाया और एक शाम मैं कैम्प की ओर गाड़ी से सिकन्दराबाद नामक निकट के शहर से लौट रहा था जहाँ मैंने एक चाइनीज होटल में मजेदार भोजन खाया था। मैं दुनिया भर के साथ सौहार्द महसूस कर रहा था।

I had reached……. ..boot into him.

(Page 60) कठिन शब्दार्थ : Swinging (स्विंगिंग) = झूलता हुआ मुड़ रहा था। fork (फॉक्) = दो शाखाओं में बंटी सड़क की एक शाखा। glimpse (ग्लिम्पस्) = झलक । cart track (काट् ट्रैक्) = बैलगाड़ी का रास्ता। reversed (रिवस्ड) = वापस पीछे लिया। shadowy (शैडो) = छाया जैसे। figures (फिग(र)ज.) = आकृतियाँ। mad (मैड) = अत्यधिक जल्दी से। obviously (आब्विअसलि) = स्पष्टतः। intent (इनटेन्ट) = आमादा, तैयार। inspection (इंस्पेक्शन) = निरीक्षण । elderly (एल्डलि) = बुजुर्ग। putting the boot (पुटिंग द बूट) = बूटों से ठोकर मारकर पीटना।

हिन्दी अनुवाद-मैं एक ऐसे बिन्दु पर जा पहुँचा था जहाँ सड़क, जैसी यह थी, बँट जाती थी और जब मैं कैम्प की तरफ बायीं ओर की शाखा की ओर झूलता हुआ मुड़ रहा था, मैंने दायीं ओर की सड़क पर किसी चीज की झलक गाड़ी की बत्तियों की रोशनी में देखी—यह सड़क फिरोजगुढ़ा नामक छोटे से गाँव को जाती थी और बैलगाड़ी की पगडंडी से बेहतर नहीं थी। मैंने ट्रक को रोका और इसे सड़क पर पीछे लिया जब तक कि इसकी बत्तियाँ उस स्थान पर रोशनी न डालने लगीं जहाँ किसी चीज ने पहले मेरा ध्यान आकर्षित किया था। और, तब ही मैंने छाया जैसी आकृतियों को ऊबड़-खाबड़ मैदान के पार जल्दी से गायब होते देखा । वे जो भी हों, वे स्पष्ट रूप से मेरे और उनके बीच इतनी दूरी बना लेने को आमादा थे जितनी कम-से-कम समय में बनायी जा सके। इसलिए मैंने उन्हें ऐसा करने दिया क्योंकि अब मैं पहली दृष्टि में सफेद कपड़ों का गट्ठर दिखाई देने वाली किसी चीज को देख रहा था, लेकिन निकट के निरीक्षण के उपरान्त वह गट्ठर एक बुजुर्ग भारतीय व्यक्ति निकला। वह बिल्कुल शान्त पड़ा था और मुझे बुरे से बुरे की आशंका थी, लेकिन जब मैं उसके पास घुटनों के बल बैठ गया तो उसने अपनी आँखें खोली। उसका चेहरा खून से सना था और यह स्पष्ट था कि कोई व्यक्ति उसकी ठोकर मारकर पिटाई कर रहा था।

Not for the first……….to that effect.(Pages 60-61)

कठिन शब्दार्थ : Field dressing kit (फील्ड् ड्रेसिंग किट) = मैदान में लेकर जाने की मरहम पट्टी आदि । managed (मैनिज्ड) = इंतजाम किया। evidently (एविलि ) = स्पष्ट रूप से। severe (सीविअ(२)) = कठोर। internal (इन्टन्ल) = आन्तरिक। squatting (स्क्वेटिंग) = उकडू बैठा हुआ। muster (मस्ट(र)) = इकट्ठा करना, बटोरना। sketchy (स्केच्)ि = टूटी-फूटी। timely-intervention (टाइमली-इन्टरवेन्शन) = समयानुकूल हस्तक्षेप। imagine (इमेजिन) = कल्पना करना। incongruous (इन्कॉग्रुअस्) – असंगत, अटपटे। sounded (साउन्डिड) = सुनाई पड़े। ragged (रेग्ड) = गंदे चिथड़े पहने हुए। bare-foot (बेअफुट्) = नंगे पैर। worldly possessions (वल्ड्ल पजेशन्ज) = सांसारिक

सम्पत्तियाँ। mysterious (मिस्टिअरिअस) = रहस्यमय।। हैं Assailants ( असेलॅन्ट्स) = आक्रमण करने वाले । pretended (प्रिटेन्डिड) = बहाना किया। unconscious (अनकांशस) = बेहोश। brushed aside (ब्रश्ट असाइड) = टाल दिया। rescue (रेस्क्यू ) = बचाव।

हिन्दी अनुवाद-तब यह पहली बार नहीं था जब मैंने अपने जीवन में कामना की थी कि मैं एक अच्छा सिपाही होता जो हमेशा मैदान में काम आने वाली मरहम-पट्टी आदि अपने पायजामे की विशेष रूप से प्रदान की गयी जेब में लेकर चलता, न कि सिगरेट का एक पैकिट। लेकिन अच्छा सिपाही न होने के कारण मुझे के बडे रुमाल से ही काम चलाना पड़ा और जब मैंने उसके चेहरे से खून साफ कर दिया तो में देख पाया कि वह एक बहुत वृद्ध भारतीय था और मैं थोड़ा अधिक ही चिन्तित हो गया। स्पष्टत: उसने कठोर पिटाई झेली थी और मैं उसे हिलाना नहीं चाहता था क्योंकि मैं नहीं जानता था कि वह किन आन्तरिक चोटों का शिकार था, दूसरी ओर, मैं नहीं चाहता था कि मैं उसे वहीं छोड़कर कैम्प जाऊँ और मदद लाऊँ। वस्तुत: में नहीं जानता था कि क्या किया जाये और फिर वह उठ खड़ा हुआ! बिल्कुल सरलता से, वह उठ खड़ा हुआ। मैं जमीन पर उकडू बैठा रह गया और जब मैं उर्दू की अपनी टूटी-फूटी जानकारी जल्दी से बटोरने की कोशिश कर रहा था ताकि मैं पूछ सकूँ कि – क्या वह ठीक था तो उसने मुझे उस शाम के दूसरे आश्चर्य में डाल दिया मेरे समयानुकूल हस्तक्षेप के लिए शुद्ध अंग्रेजी में धन्यवाद देकर। ये ही शब्द थे जिन्हें उसने काम लिया और आप कल्पना कर सकते थे कि ये शब्द कितने असंगत सनाई दिये थे, क्योंकि इन्हें एक गंदे-चिथडों में ढके व्यक्ति ने बोले थे जिसकी सांसारिक दौलत एक सामान्य रहस्यमय गठरी में बंधी प्रतीत होती थी, जो उसकी धोती में कहीं छिपी थी।

फिर वह मुझे बताने लगा कि उस पर आक्रमण करने वाले लोग दो एंग्लो-इण्डियन युवक थे, लेकिन वह – उनके हाथों ज्यादा पीड़ित नहीं हुआ था क्योंकि वह जानता था कि मैं शीघ्र उधर आने वाला था और रुकने वाला – था। इसलिए उसने अपना चेहरा हाथों से ढक लिया था और बेहोश होने का बहाना कर लिया था। जब मैंने उससे पूछा कि उन युवकों ने उसे क्यों पीटा था तो उसने मेरे सवाल को टाल दिया, इसलिए मैंने इस पर जोर नहीं दिया। फिर मैंने पूछा कि वह कैसे जानता था कि मैं उसके बचाव हेतु आऊँगा लेकिन मुझे इस प्रश्न का जो उत्तर मिला, वह यह था, ‘कुछ चीजें सभी को मालूम होती हैं, साहिब, अन्य केवल कुछ लोगों को’, या कुछ ऐसे शब्द थे, उसके।

I was trying to……… ..into the night. (Page 61)

कठिन शब्दार्थ : Tactful (टैक्ट्फ्ल ) = चातुर्यपूर्ण । excellent (एक्सॅलंट्) = शानदार। stopped me in my tracks (स्टोप्ट मी इन माई ट्रैक्स) = मुझे बीच में ही चुप कर दिया। remarking (रिमाकिंग)= टिप्पणी करते हुए। behaves (बिहेव्ज) = व्यवहार करता है। Lift (लिफ्ट) = सवारी | straight (स्ट्रेट) = सीधा । headed for (हैडिड फॉर) = की ओर जा रहा था। hop (हॉप्) = उछलना। comparative (कम्पैरटिव्) = तुलनात्मक expense (इक्स्पे न्स्) = खर्चा ।

Destination (डेस्टिनेशन) = गंतव्य। proposed (प्रपोज्ड) = सोचता था। huge (ह्यूज) = विशाल। faded (फेडिड) = गायब हो गया।

हिन्दी अनुवाद-मैं कोई चातुर्यपूर्ण तरीका सोचने की कोशिश कर रहा था कि मैं यह पूछ सकूँ कि वह अंग्रेजी की इतनी शानदार जानकारी कैसे प्राप्त कर सका, तभी उसने मुझे बीच में रोक दिया, यह टिप्पणी करते हुए—’शरीर किस तरह ढका है इसका महत्त्व नहीं है, तुलनात्मक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण यह है कि दिमाग कैसे काम करता है।

यह सारी बातचीत तब चल रही थी जब मैं उसे ट्रक में सवारी करवा रहा था। मैंने उससे सीधा-सादा उत्तर प्राप्त कर लेने में सफलता प्राप्त कर ली थी जब मैंने उससे पूछा कि वह कहाँ जा रहा था, और चूँकि वह स्थान फिरोजगुढ़ा ही निकला, जो मेरे रास्ते से दूर नहीं था, तो अर्थ यह निकला कि मैंने उसे ट्रक में आ बैठने तथा ब्रिटिश सेना के खर्चे पर तुलनात्मक आराम से यात्रा करने का निमन्त्रण दे दिया था।

हम शीघ्र ही उसके गंतव्य पर जा पहुंचे, इस पर उसने मुझे पुनः धन्यवाद दिया और कहा कि वह मेरा रूमाल इसे साफ कर लेने के बाद लौटा देगा, जब भी हम अगली बार मिलेंगे। मैं उसे पूछने ही वाला था कि वह अगली भेंट का बंदोबस्त किस प्रकार करने की सोचता था जबकि वह नहीं जानता था कि मैं कौन था और उस विशाल सैनिक-कैम्प के किस हिस्से में रहता था, लेकिन इससे पूर्व कि मैं अपनी बात शुरू करता वह रात्रि के अन्धकार में विलीन हो चुका था।

A few weeks………….. ……..around his neck. (Pages 61-62)

कठिन शब्दार्थ : posting (पोस्टिङ्) = नियुक्ति। coincided (कोइन्साइड्ड) = संयोग हुआ। supplies (सप्लाइज) = खेप, विशेष मात्रा में आयी वस्तुएँ। canned (कैन्ड) = डिब्बा-बंद । remarkable (रिमाकबल) = महत्त्वपूर्ण । troupe (ट्रप) = कलाकारों की मण्डली। feats (फीट्स) = कारनामे | non-existent (नॉन-इजिसटन्ट्) = अस्तित्व में न होना। laid on (लेड् ऑन) = आयोजित किया गया।

mickey (मिकी) = मजे लेना, उपहास करना। Amazing (अमेजिंग) = आश्चर्यजनक। performance (पफॉमन्स्) = करतब | volunteers (वॉलन्टिअ(र)स) = स्वयंसेवक। bend (बेन्ड्) = मोड़ना। horizontally (हॉरिजॉन्टलि) = आड़ी, समतल में। signal (सिग्नल्) = संकेत। might (माइट) = शक्ति।

हिन्दी अनुवाद-कुछ सप्ताहों बाद मेरी नियुक्ति नई दिल्ली के प्रमुख मुख्यालय में हो गयी दिन मुझे रवाना होना था उसकी पूर्व रात्रि को कनाडियन डिब्बा-बंद बीयर की ताजी खेप कैम्प पर पहुँचने का संयोग हुआ। ऐसा संयोग भी हुआ कि भारतीय कलाकारों की एक महत्त्वपूर्ण मण्डली भी आ पहुँची, जिसका नेतृत्व एक प्रो. राव नामक संभ्रान्त व्यक्ति कर रहे थे, जो (ये कलाकार), ऐसा माना जाता था, शक्ति के

आश्चर्यजनक कारनामे करते थे। इस कैम्प पर व्यावहारिक रूप से मनोरंजन उस समय बिल्कुल नहीं होता था, इसलिए कल्याण अधिकारी द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन को छोड़ना मुश्किल था, इसलिए, अच्छी तरह जश्न मनाकर यद्यपि उतनी बुद्धिमत्ता से नहीं, हम इस प्रदर्शन को देखने गये। वस्तुत: हम इस इरादे से गये थे कि मजे करेंगे, लेकिन कुछ समय पश्चात्, हर अन्य व्यक्ति के समान, हम आश्चर्य करते रहे।

ह वास्तव में एक आश्चर्यजनक करतब था। जब हम पहँचे, तो प्रोफेसर, जो कोई बलवान व्यक्ति नहीं दिखाई देता था, ने श्रोताओं में से 12 स्वयंसेवकों को बुला लिया था जिनका कार्य था, एक लोहे की छड़ को उसकी गर्दन पर मोड़ना। यह छड़ जो सेना के स्टोर से उपलब्ध करायी गयी थी, करीब 12 फीट लम्बी थी और प्रोफेसर ने इसे बीच से अपने गले पर समतल रख लिया था। फिर उसने स्वयं-सेवकों को प्रत्येक ओर छ: की संख्या में खड़ा कर दिया। प्रोफेसर के संकेत पर स्वयंसेवकों ने अपनी पूरी शक्ति से इसे धकेलना शुरू किया और लोहे की छड़ उसकी गर्दन के चारों ओर ‘यू’ के आकार में मोड़ दी गयी।

Other feats followed……crowd into it. (Page 62)

कठिन शब्दार्थ : insistence (इन्सिस्टन्स) = जोर देने पर। document (डॉक्युमन्ट) = दस्तावेज। feats (फीट्स) = करतब। closing act (क्लोजिंग एक्ट) = अन्तिम कारनामा । crude (क्रूड्) = कामचलाऊ। rear (रिअर) = पिछला । sleeper (स्लीप(र)) =फंट। ramp (रैम्प) = ढलान | incidentally (इन्सिडेटिल) = संयोगवश | contained (कन्टेन्ड) = अपने भीतर रखे था। crowd (क्राउड) = समा सकते थे।

हिन्दी अनुवाद-अन्य कारनामे भी हुए। लेकिन प्रोफेसर का अन्तिम कारनामा अविस्मरणीय था और इससे पहले कि वह इसे करता कल्याण अधिकारी ने घोषणा की कि उसके जोर देने पर प्रोफेसर ने एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किये थे कि अगर उसे कुछ हो जाये तो ब्रिटिश सेना इसके लिए कतई जिम्मेदार नहीं होगी। केवल इन्हीं शर्तों पर प्रोफेसर को यह अन्तिम करतब करने की अनुमति दी गयी।

फिर दर्शकों द्वारा बनाये गये गोले के केन्द्र में पाँच टन का सेना का एक ट्रक लाया गया। यह गोला ही प्रोफेसर का मंच था। वह ट्रक के नीचे लेट गया ताकि उसकी छाती ट्रक के पिछले पहिए की सीध में आ गयी और एक पुराना रेलवे का फंटा उसकी छाती के साथ रख दिया गया जो ट्रक के चढ़ने में काम चलाऊ ढलान का काम करे। फिर ट्रक को तेजी से आगे ले जाया गया और पिछला पहिया फंटे की ढलान से चढ़कर प्रोफेसर की छाती के पार चला गया। यह सब इतना सरल एवं सामान्य था। ट्रक के पीछे जितने सिपाही घुस सकते थे उतने घुसे हुए थे।

There was another Indian……cold with fear. (Pages 62-63)

कठिन शब्दार्थ : shallow (शैलो) = कम गहरी, उथली । trench (ट्रेन्च) = खाई। cook-house (कुक-हाउस) = भोजन-शाला। funny business (फनि बिजनस्) = मजाक की बात। intense (इन्टेन्स्) = तेज। splashed (स्पलेश्ट) = बिखेरा, छिड़का। proceeded (पॅसीडिड) = आगे बढ़ा। incredible (इनक्रेडब्ल) = अविश्वसनीय। spectacle (स्पेक्टक्ल) = दृश्य। licking (लिकिंग) = चिपटती हुई। flames (फ्लेग्ज) = आग की लपटें| squatted down (स्क्वॉड डाउन्) = बैठ गया। gestured (जेस्चर्ड) = इशारा किया। blister (ब्लिस्टू(र) = फफोला । pushed forward (पुश्ड फॉवड्) = धकेलकर आगे आया। character (कैरक्ट(२)) = पात्र, व्यक्ति। thrust (थस्ट) = धकेली गयी, तूंसी गयी। * Pretend (प्रिटेंड) = बहाना करना। amused (अम्यूज्ड) = प्रसन्न करता था। comments (कमेन्ट्स) = टिप्पणियाँ | admiring (अडमाइअङ्) = प्रशंसा करने वाली, recovered (रिकवर्ड) = ठीक हो गया था। encounter (इन्काउन्ट (र)) = सामना। halting (हॉल्टिंग) = रुक-रुक कर बोली जा रही। join in (जॉइन् इन) = शामिल होना। ice-cold (आइस्-कोल्ड्) = बर्फ के समान ठंडा।

हिन्दी अनुवाद-प्रोफेसर एवं उसकी मण्डली के साथ एक और हिन्दुस्तानी था जिसने शक्तिशाली व्यक्ति के कारनामों में कोई भाग नहीं लिया बल्कि उसने पूरा समय एक उथली खाई को खोदने में खर्च किया, करीब 10 फुट लम्बी एवं 2 या 3 फुट चौड़ी। जब तक प्रोफेसर ने अपना काम खत्म किया तब तक इस खाई को भोजनशाला से लाये गये लाल-लाल दहकते हुए कोयलों से भर दिया गया था। इस आग की खाई में भी कोई मजाक की बात नहीं थी। हम इसके चारों ओर इकट्ठा हो गये थे तथा इससे आने वाली गर्मी तीव्र थी। यह हिन्दुस्तानी, जो थोड़ा बुजुर्ग व्यक्ति था, इस खाई के एक सिरे पर खड़ा हो गया, पास में रखी एक बाल्टी से उसने अपने नग्न पैरों पर पानी बिखेरा और फिर लाल कोयलों पर खाई की पूरी लम्बाई तक चलने के लिए आगे बढ़ा। वह एक अविश्वसनीय दृश्य था हम देख रहे थे कि लाल-गर्म कोयलों से निकली छोटी-छोटी आग की लपटें उसके नग्न पैरों से चिपटती थीं जब वह धीरे-धीरे खाई के अन्त तक पहुंच रहा था। जब वह खाई के अन्त में जा पहुंचा । जैसे वह संतुष्ट न हआ हो, वह वापस मुडा और उसी तरह चलकर वापस आ गया। फिर वह जमीन पर बैठ गया, उसने अपने पैरों की ओर इशारा किया और हम सबको उनका निरीक्षण करने हेतु आमन्त्रित किया। हमने ऐसा किया पर उसके पैरों पर कहीं कोई फफोला भी नहीं था। मैं धक्के मारकर भीड़ में से आगे निकला ताकि इस आश्चर्यजनक पात्र के पैरों को पास से देख सकूँ। और, जब मैं उसके पास घुटनों के बल बैठा तो मैंने महसूस किया कि कोई चीज मेरे हाथ में लूंस दी गयी। यह एक रूमाल था, और तब ही मैं उसे पहचान पाया।

उसने मेरी ओर एक बार देखा था, थोड़े समय के लिए, जब उसने मुझे रूमाल सौंपा था, लेकिन जब मैं उससे बात करने गया तो वह दूसरी ओर देखने लगा अतः मैंने अपना मुँह बन्द रखा। अगर वह उस समय यह बहाना करना चाहता था कि वह अंग्रेजी नहीं समझता, तो मेरे लिए यह ठीक ही था। स्पष्टत: उसके चारों ओर खड़ी प्रशंसकों की भीड़ की टिप्पणियाँ सुनना उसके लिए प्रसन्नता की चीज थी। अब प्रोफेसर भी पाँच टन के ट्रक से हुए मुकाबले से उबर चुका था और वह मेरी ओर आया तथा रुक-रुक कर बोली गयी अंग्रेजी में उसने कहा कि आग पर चलने वाला अपने साथ एक स्वयं-सेवक को आग की खाई के पार ले जायेगा। इस बात ने एक जोरदार हँसी पैदा की, लेकिन मैं इसमें शामिल नहीं हुआ। मैं तब ही जान गया कि मैं आग की खाई के पार जा रहा था यद्यपि ऐसा करने का विचार ही मुझे भय के कारण बर्फ के समान ठण्डा कर रहा था।

I walked over…………..state of mind. (Page 63)

कठिन शब्दार्थ : Gaiters (गेस) = चमड़े अथवा कपड़े के लम्बे टुकड़े जो घुटनों से टखनों तक ढकते हैं। curious (क्युअरिअस्) = जिज्ञासु, उत्सुक। Think hard (थिंक हाड्) = जोर देकर सोचना। countryside (कन्ट्रिसाइड्) = ग्रामीण क्षेत्र । lane (लेन) = गली। concentrate (कॉन्सन्ट्रेट) = ध्यान केन्द्रित करना। instructions (इन्स्ट्रक्शन्स) = निर्देश। Stretch (स्ट्रेच्) = टुकड़ा। infinitely (इनफिनट्ल) = अनंत रूप से। peaceful (पीसफ्ल्) = शान्त। penetrating (पेनिट्रेटिंग) = प्रवेश करती हुई, भेदती हुई। state of mind (स्टेट ऑव माइन्ड) = मनोदशा।

हिन्दी अनुवाद-मैं आग पर चलने वाले की ओर गया और उसके सामने खड़ा हो गया। उसने अपने हाथ मेरे कंधों पर रखे और बोला, बहुत धीमे से, ताकि मेरे अलावा और कोई न सुन सके, “जब आप अपने जूते उतार दें, साहिब, तो अपना भय भी उतार दें—आग आपको नुकसान नहीं पहुँचायेगी।” मैं जमीन पर बैठ गया तथा मैंने अपने गेटर्स, जूते तथा जुराब उतार दिये। आश्चर्य की बात है, ऐसा करने के बाद मैं भयभीत नहीं रहा, केवल तीव्रता से उत्सुक रहा।

मैं खाई के प्रारम्भिक सिरे की ओर गया और आग पर चलने वाले ने मेरे तथा स्वयं के पैरों पर पानी छिड़का। फिर वह मुझसे बड़े धीमे से बोला और कहा कि मैं अपनी आँखें बन्द कर लूँ और केवल हरे-हरे खेतों तथा. इंग्लैण्ड के शान्त ग्रामीण क्षेत्रों के बारे में सोचूँ। मुझे यह कल्पना करनी थी कि मैं किसी गाँव की गली से गुजर रहा था और पूरे समय मुझे हरे-भरे खेतों पर ध्यान केन्द्रित रखना था। फिर वह मेरे सामने खड़ा हो गया, अपनी पीठ मेरी ओर करते हुए और मुझसे मेरे हाथ उसके कंधों पर रख लेने को कहा। उसने उसके निर्देशों को एक बार फिर दोहराया और फिर, आँखें बन्द किये हुए तथा हरे-भरे खेतों पर ध्यान लगाये हुए मैंने उसे धीरे-धीरे आगे बढ़ता हुआ महसूस किया।

– मैं वापस इंग्लैण्ड आ पहुँचा था (कल्पना में ) । सही कहूँ तो मैं रॉकफील्ड रोड पर, मनमाउथ के ठीक बाहर हैन्ड्रे पार्क के निकट टहल रहा था। यह सड़क का वह टुकड़ा था जिस पर मैं कई बार टहल चुका था जब युद्ध के शुरू में मैं रॉकफील्ड में रह रहा था। मेरे दोनों ओर हरे-भरे खेत थे तथा दृश्य अत्यन्त शान्तिपूर्ण था। यह एक सुन्दर ग्रीष्म का दिन था और मैं सूर्य की किरणों की गरमाहट को मेरे कपड़ों को भेदती हुई महसूस कर सकता था। मेरा मन आश्चर्यजनक रूप से तथा पूरी तरह से विश्राम की अवस्था में था। इससे पूर्व एवं तब से अब तक मैंने वो मनोदशा कभी भी प्राप्त नहीं की है।

Suddenly I felt……………………..my way to New Delhi.(Pages 63-64)

कठिन शब्दार्थ : bewildered (बिविल्डर्ड) = भौचक्का | crowding (क्राउडिंग) = भीड़ बनाता

ked (अनमाक्ट) = बिना किसी निशान के। tackled (टैक्ल्ड् ) = स्पष्ट बात की। light (लाइट) = दिन की रोशनी। hopeless (होप्लॅस) = बेकार का। task (टास्क्) = कार्य।

हिन्दी अनुवाद-अचानक मैंने अपने-आपको ठण्डा होता हुआ पाया जैसेकि सूर्य किसी बादल के पीछे छिप गया हो। मैंने अपनी आँखें खोली और मैं वापस आ पहुँचा, जैसे पहले था, आग पर चलने वाले के पीछे खड़े हुए, मेरे हाथ अभी भी उसके कंधों पर रखे हुए। वह मुड़ा और मेरी ओर चेहरा कर दिया और तब मैंने महसूस किया कि मैं अपनी पीठ आग की खाई की तरफ किये खड़ा था। हम इस खाई की लम्बाई तक चले थे और फिर वापस प्रारम्भ के बिन्दु तक आ गये थे।

मैंने आग पर चलने वाले व्यक्ति को फिर कभी नहीं देखा। मैं पूरी तरह असमंजस में था, जो हो गया था उसको लेकर। और इसके बाद की उत्तेजना में, जब प्रत्येक व्यक्ति मेरी ओर भीड़ बनाता चला आया, तो मैं उसे (आग पर चलने वाले को) न देख सका। बाद में, जब करीब-करीब कैम्प के प्रत्येक व्यक्ति ने मेरे पैरों का निरीक्षण कर लिया, जो पूरी तरह से बिना किसी निशान के थे, और मुझे फिर से जूते पहनने की अनुमति दे दी गयी, तो मैं उसे ढूँढ़ने गया, लेकिन वह गायब हो चुका था। मैंने उसके बारे में प्रोफेसर से भी स्पष्ट बात की लेकिन वह मुझे कुछ भी बताने में अनिच्छुक अथवा अक्षम था।

अगले दिन, ज्यों ही दिन की रोशनी हुई, मैंने एक ट्रक उधार लिया और फिरोजगुढ़ा चला गया यह देखने को कि क्या मैं उसे खोज सकता था, लेकिन यह एक व्यर्थ का कार्य था और कुछ घण्टों बाद मैं दिल्ली के रास्ते पर था।