सर्वनाम सर्वनाम शब्द दो शब्दों के मेल से बना है- सर्व + नाम। सर्व का अर्थ है- सबका। ‘सर्वनाम का अर्थ है- ‘सबका नाम’। व्याकरण में सर्वनाम ऐसे शब्दों को…

समास दो या दो से अधिक शब्दों को संक्षिप्त करके नया शब्द बनाने की प्रक्रिया देने की विधि समास कहलाती है। यानी समास शब्द का अर्थ है- संक्षेप अर्थात छोटा…

संधि ‘संधि’ संस्कृत भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है- मेल । जब दो अक्षर (वर्ण) मिलकर एक नया अक्षर बनाते हैं, वो उस विकार (रूप परिवर्तन) को संधि कहते…

संज्ञा किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान अथवा भाव का बोध कराने वाले शब्दों को संज्ञा कहते हैं; जैसे प्राणियों के नाम – नेहा, आयुष, ओजस्व, अंशु, गाय, भैंस, कुत्ता, शेर आदि। स्थानों…

शब्द-भंडार वर्गों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं। शब्द और अर्थ का अत्यंत घनिष्ठ संबंध है। एक तरह से शब्द का बोध उसके अर्थ से है। अर्थ भी एक…

शब्द विचार निश्चित अर्थ को प्रकट करने वाले समूह को शब्द कहते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि शब्द ध्वनियों (वर्षों से) बनते हैं। प्रत्येक शब्द का कुछ न कुछ…

विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। विशेषण शब्द की विशेषता बतलाता है, उसे विशेष्य कहते हैं। विशेषण (विशेषता)  विशेष्य (संज्ञा) लाल दो मोटा…

वाक्य शब्दों के सार्थक समूह को ‘वाक्य’ कहते हैं। वाक्य के दो अंग होते हैं- उद्देश्य विधेय 1. उद्देश्य – वाक्य में जिसके विषय में कुछ कहा जाए, उसे उद्देश्य कहते…

वाक्य संबंधी अशुधियाँ वाक्यों में अशुद्धियों का प्रमुख कारण है- व्याकरण के नियमों की सही जानकारी का अभाव। व्याकरणगत अशुधियों से बचने के लिए नीचे दिए नियमों पर ध्यान दीजिए…

वर्ण विचार भाषा की सबसे छोटी इकाई वर्ण है। इसके और टुकड़े नहीं हो सकते। बोलने-सुनने में जो ध्वनि है, लिखने-पढ़ने में वह वर्ण है। वर्ण शब्द का प्रयोग ध्वनि…