Chapter 10 Transport And Communication (परिवहन तथा संचार)

Text Book Questions

प्रश्न 1.
नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए-
(i) भारतीय रेल प्रणाली को कितने मण्डलों में विभाजित किया गया है-
(क) 9
(ख) 12
(ग) 16
(घ) 14
उत्तर:
(ग) 16

(ii) निम्नलिखित में से कौन-सा भारत का सबसे लम्बा राष्ट्रीय महामार्ग है-
(क) एन०एच०-1
(ख) एन०एच०-6
(ग) एन०एच०-7
(घ) एन०एच०-8
उत्तर:
(ग) एन०एच०-7

(iii) राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 किस नदी पर तथा किन दो स्थानों के बीच पड़ता है-
(क) ब्रह्मपुत्र-सादिया-धुबरी
(ख) गंगा-हल्दिया-इलाहाबाद
(ग) पश्चिमी तट नहर-कोट्टापुरम से कोल्लाम
उत्तर:
(ख) गंगा-हल्दिया-इलाहाबाद।

(iv) निम्नलिखित में से किस वर्ष में पहला रेडियो कार्यक्रम प्रसारित हुआ था-
(क) 1911
(ख) 1936
(ग) 1927
(घ) 1923
उत्तर:
(घ) 1923

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 30 शब्दों में दें-
(i) परिवहन किन क्रियाकलापों को अभिव्यक्त करता है? परिवहन के तीन प्रमुख प्रकारों के नाम बताइए।
उत्तर:
परिवहन, तृतीयक क्रियाकलाप को अभिव्यक्त करता है। परिवहन के प्रमुख तीन प्रकार-

  1. स्थल,
  2. जल एवं
  3. वायु परिवहन।

(ii) पाइप लाइन परिवहन से लाभ एवं हानि की विवेचना करें।
उत्तर:
पाइप लाइन द्वारा किया गया परिवहन काफी सस्ता होता है लेकिन इसके रिसाव होने का खतरा सदैव बना रहता है, जिस कारण इस माध्यम में अत्यधिक सावधानी रखने की आवश्यकता होती है।

(iii) संचार’ से आपका क्या तात्पर्य है? उत्तर-एक स्थान से दूसरे स्थान तक संदेश अथवा सूचना पहुँचाने की व्यवस्था को ‘संचार’ कहते हैं। संचार के साधनों के दो वर्ग-

  1. वैयक्तिक संचार जाल एवं
  2. सार्वजनिक संचार जाल।

(iv) भारत में वायु परिवहन के क्षेत्र में ‘एयर इण्डिया’ तथा ‘इण्डियन’ के योगदान की विवेचना करें।
उत्तर:
एयर इण्डिया-यह विदेशी उड़ानों का संचालन करता है। यह विश्व के सभी प्रमुख नगरों को मिलाती है।
इण्डियन एयरलाइन्स–यह देश में मुख्य घरेलू उड़ानों का संचालन करता है। 8 दिसम्बर, 2005 को इण्डियन एयरलाइन्स ने अपने नाम से ‘एयरलाइन्स’ शब्द को अलग कर दिया और इसे केवल ‘इण्डियन’ के नाम से ही जाना जाता है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें-
(i) भारत में परिवहन के प्रमुख साधन कौन-कौन-से हैं? इनके विकास को प्रभावित करने वाले, कारकों की विवेचना करें।
उत्तर:


परिवहन के विकास को प्रभावित करने वाले कारक-

परिवहन के विकास को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं-

  1. आर्थिक कारक-परिवहन साधनों के विकास में आर्थिक स्थिति को देखा जाता है। परिवहन साधनों का विकास उन्हीं क्षेत्रों में अधिक किया जाता है जहाँ आर्थिक विकास अधिक हुआ है।
  2. भौगोलिक कारक-भारत के उत्तरी मैदानों में रेल तथा सड़क मार्गों का जाल बिछा हुआ है। इस प्रदेश में समतल भूमि, सघन जनसंख्या, समृद्ध कृषि और विकसित उद्योग के साथ-साथ बड़े-बड़े नगर भी हैं। ये सभी कारक परिवहन साधनों के विकास में सहायक हैं।
  3. राजनीतिक कारक-ब्रिटिशकाल में अंग्रेजों ने रेलों के द्वारा प्रमुख नगरों को जोड़ा था, लेकिन स्वतन्त्रता के बाद रेलों व सड़कों का विकास काफी तेजी से हुआ है।
    स्पष्ट है कि उपर्युक्त सभी कारक परिवहन साधनों के विकास को प्रभावित करते हैं।

(ii) पाइप लाइन परिवहन के लाभ एवं हानि की विवेचना करें। उत्तर-लाभ-पाइप लाइन परिवहन से निम्नलिखित लाभ होते हैं-

  1. पाइप लाइनें तरल तथा गैस पदार्थों के परिवहन के लिए आदर्श माध्यम हैं।
  2. इनके संचालन एवं रख-रखाव में काफी कम खर्चा होता है।
  3. यह ऊबड़-खाबड़ भू-भागों तथा पानी के भीतर बिछाई जा सकती है।
  4. इसमें ऊर्जा का उपयोग काफी कम होता है।

हानि-पाइप लाइन परिवहन से निम्नलिखित हानियाँ होती हैं-

  1. पाइप लाइन परिवहन में लोच का अभाव होता है। इसे निश्चित स्थानों के लिए ही प्रयोग किया जा सकता है।
  2. इनकी सुरक्षा व्यवस्था करना कठिन कार्य है।
  3. एक बार निर्माण के बाद इसकी क्षमता को घटाया या बढ़ाया नहीं जा सकता।
  4. भूमिगत पाइप लाइनों में रिसाव का पता लगाने तथा उनकी मरम्मत करने में भी काफी कठिनाई आती है।

(iii) भारत के आर्थिक विकास में सड़कों की भूमिका का वर्णन करें।
उत्तर:
भारत में आर्थिक विकास में सड़कों की भूमिका (महत्त्व)

  1. रेलें सीमित स्थानों तक ही पहुँच सकती हैं, परन्तु सड़कें दूर-दूर तक पहुँच जाती हैं। भारत की अधिकांश रेलें बड़े-बड़े शहरों को ही मिलाती हैं, जबकि सड़कें छोटे-छोटे गाँव तक भी पहुँच जाती हैं।
  2. पर्वतीय क्षेत्रों में रेलों का लगभग पूर्णत: अभाव है। इन भागों में सड़कें आसानी से पहुँच सकती हैं।
  3. कृषि के विकास के लिए सड़कों का महत्त्व कहीं अधिक है। उर्वरक, बीज, कृषि यन्त्र आदि को खेतों तक पहुँचाने के लिए सड़कों का ही प्रयोग किया जाता है। कृषि उत्पादों को ग्रामीण क्षेत्रों की मण्डियों तक पहुँचाने में भी सड़कों का काफी योगदान है।
  4. सड़कों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की शीघ्रनाशी वस्तुओं जैसे दूध, पनीर, सब्जी, फल, मछली इत्यादि को खपत क्षेत्रों तक शीघ्रता से पहुँचाया जा सकता है।
  5. सीमावर्ती दुर्गम क्षेत्रों में तैनात सेना के जवानों को आवश्यक वस्तुएँ पहुँचाने के लिए भी सड़कों का ही। प्रयोग किया जाता है। इसी कारण ‘सीमा सड़क संगठन’ ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण किया।
  6. प्राकृतिक आपदाओं (सूखा, बाढ़, अतिवृष्टि एवं अन्य दैवी विपत्तियों आदि के समय) के दौरान सड़कें, रेलों की तुलना में अधिक प्रभावशाली हो जाती हैं, क्योंकि उनसे दूर-दूर तक जाया जा सकता है।
  7. सड़कों से शिक्षा व सभ्यता के प्रसार में भी सहायता मिलती है, क्योंकि सड़कों ने नगरों व गाँवों को आपस में जोड़ दिया है।

Other Important Questions

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
सड़कों का वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर:
सड़कों का वर्गीकरण निर्माण एवं रख-रखाव की दृष्टि से भारत में सड़कों के निम्नलिखित प्रकार हैं-

  1. राष्ट्रीय महामार्गः-राष्ट्रीय महामार्गों के निर्माण, रख-रखाव, विकास एवं गुणवत्ता की जिम्मेदारी केन्द्र सरकार की है। केन्द्र सरकार का भूतल परिवहन मन्त्रालय इन सड़कों का निर्माण राज्यों के लोक निर्माण विभागों, भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सीमा सड़क संगठन (BRO) के माध्यम से करता है। ये महामार्ग राज्यों की राजधानियों, प्रमुख नगरों, महत्त्वपूर्ण पत्तनों तथा रेलवे जंक्शनों को जोड़ते हैं।
  2. राज्य महामार्ग—ये सड़कें राज्यों की प्रमुख सड़कें हैं जो राज्यों की राजधानियों को जिला मुख्यालयों व अन्य महत्त्वपूर्ण शहरों को जोड़ती हैं। ये सड़कें राष्ट्रीय महामार्गों से भी जुड़ी हुई होती हैं। इनका निर्माण व रख-रखाव राज्य सरकार द्वारा किया जाता है।
  3. जिला सड़कें-ये सड़कें जिला मुख्यालयों को जिले के अन्य महत्त्वपूर्ण स्थानों से मिलाती हैं।
  4. ग्रामीण सड़कें-ये सड़कें न केवल ग्रामीण क्षेत्रों को आपस में मिलाती हैं बल्कि गाँवों को कस्बों और शहरों से भी जोड़ती हैं।
  5. अन्य सड़कें अन्य सड़कों में सीमान्त सड़कें व अन्तर्राष्ट्रीय महामार्ग आते हैं।
  6. सीमान्त सड़कें देश की उत्तरी तथा उत्तर-पूर्वी सीमा से सटी सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण सड़कों के तीव्र एवं समन्वित सुधार के लिए मई 1960 में सीमा सड़क संगठन (B.R.0.) स्थापित किया गया।
  7. अन्तर्राष्ट्रीय महामार्ग अन्तर्राष्ट्रीय महामार्गों का उद्देश्य पड़ोसी राष्ट्रों के बीच भारत के सम्पर्क बढ़ाना तथा सद्भावनापूर्ण सम्बन्धों को बढ़ावा देना है।

प्रश्न 2.
परिवहन के स्थलीय साधनों में रेलमार्गों के सापेक्षिक महत्त्व की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
स्थानीय साधनों में रेलमार्गों के सापेक्षिक महत्त्व स्थलीय साधनों में रेलमार्गों का सापेक्षिक महत्त्व इस प्रकार है-

  1. रेल परिवहन संसार के आर्थिक विकास में एकमात्र सबसे अधिक शक्तिशाली कारक सिद्ध हुआ है। यह सर्वाधिक विभिन्न उत्पादों, सवारियों तथा डाक ले जाने की सुविधा प्रदान करता है।
  2. रेल स्थल पर अत्यन्त तीव्र गति वाला परिवहन का साधन है।
  3. यह मोटर गाड़ियों की अपेक्षा कई गुना अधिक भार ढोने की क्षमता रखता है।
  4. रेल भारी तथा सस्ती वस्तुओं को दूर-दूर तक ले जाती है।
  5. अधिक दूरी तय करने के लिए रेल सबसे उपयुक्त एवं सुविधाजनक साधन है।
  6. स्थल पर पशुओं के परिवहन के लिए रेलों से बढ़कर कोई और सस्ता, सुविधाजनक और विस्तृत साधन उपलब्ध नहीं है।
  7. रेल-तन्त्र किसी भी देश के आन्तरिक परिवहन का आधार होता है।

प्रश्न 3.
“भारत में सड़कों का वितरण समरूप नहीं है।” उपयुक्त तर्कों की सहायता से इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर:
भारत में सड़कों का वितरण एकसमान नहीं है, जिसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं-
1. भौतिक बनावट-सड़क घनत्व भौतिक बनावट से प्रभावित होता है। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़को का घनत्व कम है, जबकि मैदानी भागों में घनत्व अधिक है।
2. जलवायु-जलवायु के प्रभाव से भी सड़क वितरण प्रभावित होता है। उत्तर-पूर्वी राज्यों में मनत्य इसलिए कम है कि यहाँ वर्षा अधिक होती है।

3. आर्थिक विकास–आर्थिक रूप से विकसित प्रदेशों में सड़कों का घनत्व कम है। केरल में सबसे अधिक सड़क घनत्व 37.5 किमी है। अरुणाचल प्रदेश में सबसे कम 10 किमी है।
4. अधिक जनसंख्या–प्रायः अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों में सड़कें अधिक हैं। सड़क ही यहाँ का यातायात का प्रमुख साधन है।
5. निर्माण सामग्री-सड़कों की निर्माण सामग्री का भी इसके वितरण पर प्रभाव पड़ता है। पश्चिम बंगाल तथा राजस्थान में निर्माण सामग्री का अभाव है, इसलिए सड़कों का वितरण कम है, जबकि दक्षिण भारत में निर्माण सामग्री के रूप में पत्थर आदि उपलब्ध हैं; इसलिए यहाँ सड़कों का वितरण अधिक है।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
सड़क परिवहन के दोषों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
सड़क परिवहन के दोष/अवगुण/कमियाँ/सीमाएँ निम्नलिखित हैं-

  1. लम्बी दूरियों को तय करने के लिए सड़क मार्ग सुरक्षित एवं सुविधाजनक नहीं होते।
  2. लोहा व कोयले जैसी भारी वस्तुओं की ढुलाई सड़क मार्गों से महँगी पड़ती है।
  3. सड़क यात्रा रेल यात्रा की तुलना में महँगी है।
  4. सड़कों द्वारा यात्रा रात्रि में सुरक्षित नहीं है।
  5. सड़क परिवहन में वाहन के अन्दर टॉयलेट व कैण्टीन आदि की सुविधा नहीं होती है।

प्रश्न 2.
कोंकण रेलवे पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
कोंकण रेलवे-सन् 1998 में कोंकण रेलवे का निर्माण भारतीय रेल की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। यह 760 किमी लम्बा रेलमार्ग महाराष्ट्र में रोहा को कर्नाटक के मंगलौर से जोड़ता है। इसे अभियान्त्रिकी का एक अनूठा चमत्कार माना जाता है। यह रेलमार्ग 146 नदियों व धाराओं तथा 2000 पुलों एवं 91 सुरंगों को पार करता है। इस मार्ग में महाराष्ट्र, गोवा तथा कर्नाटक राज्य शामिल हैं।

प्रश्न 3.
संचार तन्त्र के अर्थ एवं महत्त्व को समझाइए।
उत्तर:
संचार तन्त्र का अर्थ–एक स्थान से दूसरे स्थान पर सूचना अथवा संदेश भेजने या प्राप्त करने की विस्तृत व्यवस्था को ‘संचार तन्त्र’ कहा जाता है।

संचार तन्त्र का महत्त्व देश के आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक विकास के साथ-साथ संचार तन्त्र राष्ट्रीय एकता और अखण्डता को बनाए रखने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत जैसे बड़े देश में बाढ़, सूखा, भूकम्प, चक्रवात तथा दुर्घटना जैसी आपदाओं का प्रबन्धन विकसित संचार तन्त्र के बिना सम्भव नहीं है।

प्रश्न 4.
संचार साधनों को,वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर:
संचार साधनों के वर्ग-व्यापकता और गुणवत्ता के आधार पर संचार साधनों को निम्नलिखित श्रेणियों में विभक्त किया जा सकता है-

प्रश्न 5.
मुक्त आकाश नीति को समझाइए।
उत्तर:
मुक्त आकाश नीति-सरकार ने अप्रैल 1992 में मुक्त आकाश नीति को अपनाया। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय निर्यातकों को सहायता देना तथा उनके निर्यात को विश्व बाजार में अधिक प्रतियोगितापूर्ण बनाना था। इस नीति में विदेशी एयरलाइन्स या निर्यातकों का संगठन कोई भी मालवाहक वायुयान देश में ला सकता है।

प्रश्न 6.
भारतीय रेल-मार्गों के प्रकारों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भारतीय रेल-मार्गों के प्रकार भारतीय रेल-मार्ग गेज की दृष्टि से निम्नलिखित तीन प्रकार के हैं-

  1. बड़ी लाइन अथवा चौड़ी गेज-इसकी चौड़ाई अर्थात् दोनों पटरियों की आपसी दूरी 1676 मिलीमीटर अथवा 1.676 मीटर होती है।
  2. मध्यम लाइन अथवा मीटर गेज—इसकी चौड़ाई, 1,000 मिलीमीटर अथवा 1 मीटर होती है।
  3. छोटी लाइन अथवा सँकरी गेज-इसकी चौड़ाई 762 मिलीमीटर तथा 610 मिलीमीटर है। यह लाइन कुछ पर्वतीय क्षेत्रों तक ही सीमित है और कम दूरी तक ही चलती है।

प्रश्न 7.
स्वर्ण चतुष्कोण परम राजमार्ग को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
स्वर्ण चतुष्कोण परम राजमार्ग-राष्ट्रीय महामार्ग परियोजना में सड़कों के विकास की एक महत्त्वाकांक्षी योजना बनाई गई है। इसे 2 जनवरी, 1999 में शुरू किया गया था और यह सड़कों को सुधारने की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है। इन राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण का दायित्व भारत के राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण को है। इसके दो घटक हैं-
चरण-I : स्वर्ण चतुष्कोण
चरण-II : उत्तर-दक्षिण गलियारा एवं पूर्व-पश्चिम गलियारा

प्रश्न 8.
भारत में उपग्रह संचार के लाभों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
भारत में उपग्रह संचार के लाभ निम्नलिखित हैं-

  1. इससे दूरदर्शन सेवाएँ प्राप्त होती हैं जो देश में दूरस्थ भागों में भी उपलब्ध है।
  2. यह विभिन्न भागों में दूर तक विभिन्न सूचनाएँ भेज सकता है।
  3. INSAT प्रणाली बहुउद्देशीय प्रणाली है जिसके द्वारा संवाद किया जा सकता है।
  4. इसका उपयोग आँकड़ों के एकत्रीकरण तथा कार्यान्वयन के लिए किया जाता है।

प्रश्न 9.
सीमावर्ती सड़कों के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
सीमावर्ती सड़कों का महत्त्व निम्नलिखित है-

  1. इन सड़कों ने दुर्गम क्षेत्रों के आवागमन को सुलभ बनाया है।
  2. इन सड़कों के बनने से सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक विकास में सहायता मिलती है।
  3. सुरक्षाकर्मियों को गन्तव्य स्थान तक पहुँचने तथा उन्हें सामान की निरन्तर आपूर्ति करने में इन सड़कों का विशेष महत्त्व है।

प्रश्न 10.
भारत में वैयक्तिक संचार तन्त्र के क्षेत्र में इण्टरनेट की सेवाओं के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
वैयक्तिक संचार तन्त्र के क्षेत्र में इण्टरनेट सेवाओं का महत्त्व निम्नलिखित है-

  1. इण्टरनेट के द्वारा सभी प्रकार के कम्प्यूटरों को जोड़ा जा सकता है।
  2. इण्टरनेट से हम किसी भी तरह की सूचना प्राप्त कर सकते हैं।
  3. इण्टरनेट से ई-मेल द्वारा सूचना तथा पत्र भेजे जा सकते हैं।
  4. इण्टरनेट टेलीफोन, कम्प्यूटर पर बात करने के लिए उपयुक्त हैं।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
सड़कों के कोई दो महत्त्व लिखिए।
उत्तर:
सड़क परिवहन का महत्त्व (गुण)-

  1. उपभोक्ता के घर तक सेवा एवं
  2. शीघ्र नाशवान वस्तुओं का परिवहन।

प्रश्न 2.
परिवहन का सबसे सस्ता साधन कौन-सा है?
उत्तर:
परिवहन का सबसे सस्ता साधन जल परिवहन है।

प्रश्न 3.
परिवहन का सबसे महँगा साधन कौन-सा है?
उत्तर:
परिवहन का सबसे महँगा साधन वायु परिवहन है।

प्रश्न 4.
भारत में वायु परिवहन की शुरुआत कब हुई थी?
उत्तर:
भारत में वायु परिवहन की शुरुआत सन् 1911 में हुई।

प्रश्न 5.
भारत में वायु परिवहन के महत्त्व के दिनों-दिन बढ़ने का क्या कारण है?
उत्तर:
भारत में वायु परिवहन के महत्त्व के बढ़ने का कारण-

  1.  यहाँ दूरियाँ बहुत लम्बी हैं तथा
  2. भू-भाग एवं जलवायवी दशाएँ अत्यन्त विविधतापूर्ण हैं।

प्रश्न 6.
वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण कब किया गया?
उत्तर:
वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण,सन् 1953 में किया गया।

प्रश्न 7.
स्वर्णिम चतुष्कोण मार्ग की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:

  1. इन्हें ‘परम राजमार्ग’ कहते हैं। यह छह लेन के होंगे जिनसे यातायात बिना किसी रुकावट के चलता रहेगा।
  2. इन राजमार्गों के बन जाने से महानगरों के बीच की दूरी कम हो जाएगी।

प्रश्न 8.
‘साइबर स्पेस’ का क्या अर्थ है?
उत्तर:
साइबर स्पेस कम्प्यूटर में एक काल्पनिक स्थान है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक संवाद सूचनाएँ तथा फोटों का आदान-प्रदान होता है।

प्रश्न 9.
सड़क घनत्व से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
प्रति 100 वर्ग किमी क्षेत्र में पायी जाने वाली सड़कों को ‘सड़क घनत्व’ कहा जाता है।

प्रश्न 10.
‘उपग्रह संचार’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
यह संचार की विधि है जिसके द्वारा संवाद तथा सूचनाएँ भेजी जाती हैं। यह अन्य संचार साधनों को भी नियमित करता है।

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
दिल्ली और अमृतसर के मध्य महामार्ग को क्या कहते हैं-
(a) राष्ट्रीय महामार्ग-2
(b) राष्ट्रीय महामार्ग-1
(c) राष्ट्रीय महामार्ग-3
(d) राष्ट्रीय महामार्ग-4
उत्तर:
(b) राष्ट्रीय महामार्ग-1

प्रश्न 2.
दिल्ली और मुम्बई को कौन-सा राष्ट्रीय महामार्ग जोड़ता है-
(a) राष्ट्रीय महामार्ग-1
(b) राष्ट्रीय महामार्ग-6
(c) राष्ट्रीय महामार्ग-4
(d) राष्ट्रीय महामार्ग-8
उत्तर:
(d) राष्ट्रीय महामार्ग-8

प्रश्न 3.
नैरो गेज में दो पटरियों के बीच की दूरी कितनी होती है-
(a) 1.676 मीटर
(b) 0.610 मीटर
(c) 1 मीटर
(d) 1.4 मीटर।
उत्तर:
(b) 0.610 मीटर।

प्रश्न 4.
भारत में पहली रेलगाड़ी कब चलाई गई-
(a) सन् 1853 में
(b) सन् 1856 में
(c) सन् 1861 में
(d) सन् 1864 में।
उत्तर:
(a) सन् 1853 में।

प्रश्न 5.
सीमा सड़क संगठन कब बनाया गया-
(a) सन् 1950 में
(b) सन् 1960 में
(c) सन् 1965 में
(d) सन् 1970 में।
उत्तर:
(b) सन् 1960 में।

प्रश्न 6.
भारत में रेडियो प्रसारण कब शुरू हुआ-
(a) सन् 1920 में
(b) सन् 1923 में
(c) सन् 1925 में
(d) सन् 1930 में।
उत्तर:
(b) सन् 1923 में।

प्रश्न 7.
उत्तर-दक्षिण गलियारा किन स्थानों को जोड़ता है-
(a) वाराणसी-कन्याकुमारी
(b) श्रीनगर-कन्याकुमारी
(c) पोरबन्दर-गुवाहाटी
(d) पटना-कोच्चि।
उत्तर:
(b) श्रीनगर-कन्याकुमारी।

प्रश्न 8.
भारत में सड़कों का सर्वाधिक घनत्व किस राज्य में है-
(a) केरल
(b) तमिलनाडु
(c) गोवा
(d) कर्नाटक।
उत्तर:
(a) केरल।

प्रश्न 9.
सन् 1853 में मुम्बई और ठाणे के बीच चली पहली भारतीय रेल ने कितना सफर तय किया था-
(a) 18 किमी
(b) 54 किमी
(c) 34 किमी
(d) 100 किमी।
उत्तर:
(c) 34 किमी।

Chapter 10 Transport And Communication (परिवहन तथा संचार)