Chapter 11 थोक व्यापार

बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक)

प्रश्न 1.
“थोक व्यापारी वे विपणन व्यक्ति होते हैं, जो फुटकर व्यापारी तथा निर्माता या उत्पादक के मध्य का स्थान ग्रहण करते हैं।” यह परिभाषा किसने दी हैं?
(a) ए. एल. लार्सन
(b) एस. ई. थॉमस
(c) वेब्सटर शब्दकोश
(d) प्रो. हर्ले
उत्तर:
(d) प्रो. हले

प्रश्न 2.
थोक व्यापारी एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है। (2014)
(a) फुटकर व्यापारी एवं उपभोक्ता के बीच
(b) उत्पादक एवं फुटकर व्यापारी के बीच
(C) उत्पादक एवं उपभोक्ता के बीच
(d) उपरोक्त सभी के बीच
उत्तर:
(b) उत्पादक एवं फुटकर व्यापारी के बीच

प्रश्न 3.
थोक व्यापारी का मुख्य कार्य होता है।
(a) उत्पादन में वित्तीय सहायता प्रदान करना
(b) निर्माता का परामर्शात्मक कार्य करना
(c) माल के भण्डारण का कार्य करना
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(d) उपरोक्त सभी

प्रश्न 4.
थोक व्यापार के लाभ हैं।
(a) साख सुविधाएँ प्रदान करना
(b) विशिष्टीकरण को प्रोत्साहन
(c) उत्पादकों का लाभ
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(d) उपरोक्त सभी

निश्चित उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)

प्रश्न 1.
थोक व्यापारी अपना माल किसे बेचते हैं?
उत्तर:
फुटकर व्यापारी को

प्रश्न 2.
थोक व्यापारी माल किससे खरीदते हैं?
उत्तर:
उत्पादकों से

प्रश्न 3.
थोक व्यापारी अपने माल को कहाँ पर रखते हैं?
उत्तर:
गोदामों में

प्रश्न 4.
थोक व्यापारी वस्तुओं का  विज्ञापन करते हैं/नहीं करते हैं।
उत्तर:
करते हैं।

प्रश्न 5.
क्या उपभोक्ता थोक व्यापारी से अपनी मनपसन्द की वस्तुएँ खरीद सकता है?
उत्तर:
नहीं

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)

प्रश्न 1.
थोक व्यापार क्या है? (2011)
अथवा
थोक व्यापार क्या है? इसके दो गुणों का उल्लेख कीजिए। (2013)
उत्तर:
थोक व्यापार से आशय ऐसे व्यापार से है, जिसमें व्यापारी उत्पादकों व निर्माताओं से भारी मात्रा में माल का क्रय करते हैं और उसे आवश्यकतानुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में फुटकर व्यापारियों को बेचते हैं। थोक व्यापार निर्माता एवं फुटकर व्यापारी के मध्य की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है। इस व्यापार में एक ही वस्तु का क्रय-विक्रय किया जाता है तथा माल उधार व नकद दोनों प्रकार से बेचा जाता है। ए. एल. लार्सन के अनुसार, “थोक व्यापार में उन सब एजेन्सियों को सम्मिलित किया जाता है, जो स्थानीय बाजार तथा फुटकर व्यापारी के मध्य होने वाले क्रय-विक्रय में हाथ बँटाते हैं।” थोक व्यापार के दो गुण निम्नलिखित हैं

  1. साख-सुविधाएँ प्रदान करना थोक व्यापारी उत्पादकों और फुटकर व्यापारियों को साख-सुविधाएँ प्रदान करते हैं।
  2. वस्तुओं के संग्रह की सुविधा थोक व्यापारी माल का संग्रह करने कीसमस्या से उत्पादकों व फुटकर व्यापारियों को मुक्त करने में सक्षम होते हैं।

प्रश्न 2.
थोक व्यापारी की दो विशेषताओं को लिखिए।
उत्तर:
थोक व्यापारी की दो विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

  1. थोक व्यापारी मुख्यतः किसी एक ही वस्तु का व्यापार करते हैं।
  2. थोक व्यापारी की आर्थिक स्थिति अच्छी होती है। यह उत्पादक से नकद माल क्रय करने में सक्षम होते हैं तथा फुटकर व्यापारियों को अधिकतर उधार माल बेचते हैं।

प्रश्न 3.
थोक व्यापारी के कोई चार कार्य बताइए।
उत्तर:
थोक व्यापारी के चार कार्य निम्नलिखित हैं-

  1. पूर्वानुमान कार्य थोक व्यापारी ग्राहक की आवश्यकताओं के सम्बन्ध में पूर्वानुमान लगाने का प्रयास करते हैं।
  2. माल का संग्रहण थोक व्यापारी निर्माताओं से माल खरीदकर अपने गोदामों में माल का संग्रहण करते हैं।
  3. वित्त प्रबन्धन थोक व्यापारी निर्माताओं व फुटकर व्यापारियों के लिए वित्त की व्यवस्था भी करते हैं।
  4. श्रेणीयन एवं उपविभाजन थोक व्यापारी माल को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर, उसको पैक करवाते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)

प्रश्न 1.
क्या थोक व्यापारी को हटाया जा सकता है? चार कारण दीजिए। (2017)
अथवा
थोक व्यापारी के दोष बताइए।
उत्तर:
हाँ, थोक व्यापारी को हटाया जा सकता है। इसे हटाने के कारण/दोष निम्नलिखित हैं-

  1. मूल्यों में वृद्धि थोक व्यापारियों के कारण वस्तु की कीमत में अनावश्यक वृद्धि हो जाती है, क्योंकि थोक व्यापारी की कमीशन के कारण उत्पादकों द्वारा बेचे गए माल तथा उपभोक्ताओं द्वारा खरीदे गए माल की कीमत में अन्तर होता है।
  2. मनमानी शर्ते थोक व्यापारी फुटकर व्यापारियों पर मनमानी शर्ते थोपने का कार्य करते हैं तथा ये छोटे निर्माताओं से मनमानी शर्तों पर माल क्रय करते हैं।
  3. चोरबाजारी को बढ़ावा थोक व्यापारी वस्तुओं की कृत्रिम कमी पैदा करके वस्तु के मूल्य बढ़ाते हैं एवं चोरबाजारी को भी बढ़ावा देते हैं।
  4. निजी व्यापारिक चिह्नों का प्रयोग थोक व्यापारी निर्माताओं से माल क्रय करके उस पर अपने चिह्न लगाकर ग्राहकों को बेचते हैं। इस प्रकार एकाधिकार से उपभोक्ताओं का शोषण होता है।
  5. केवल लोकप्रिय वस्तुओं का ही विक्रय थोक व्यापारी अधिक लोकप्रिय व तुरन्त बिकने वाली वस्तुओं को ही बेचते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (8 अंक)

प्रश्न 1.
थोक व्यापारी से आप क्या समझते हैं? थोक व्यापारी की विशेषताओं तथा कार्यों का वर्णन कीजिए। (2006)
उत्तर:
थोक व्यापारी ऐसे व्यापारी होते हैं, जो उत्पादकों व निर्माताओं से भारी मात्रा में माल का क्रय करते हैं और उसे आवश्यकतानुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में फुटकर व्यापारियों को बेचते हैं। यह निर्माता एवं फुटकर व्यापारी के मध्य की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी होते हैं। प्रो. हलें के अनुसार, “थोक व्यापारी वे विपणन व्यक्ति होते हैं, जो फुटकर व्यापारी तथा निर्माता या उत्पादक के मध्य का स्थान ग्रहण करते हैं।

वेब्सटर शब्दकोश के अनुसार, “थोक व्यापारी एक मध्यस्थ है, जो मुख्यतः फुटकर व्यापारियों, औद्योगिक संस्थाओं या व्यापारिक व्यवहार करने वालों के हाथ पुनः विक्रय के उद्देश्य से अथवा व्यवहार के लिए विक्रय करता है।’ एस. ई. थॉमस के अनुसार, “थोक व्यापारी ऐसा व्यापारी है, जो उत्पादकों से बड़ी मात्रा में माल खरीदकर फुटकर व्यापारियों को सुविधाजनक मात्रा में पुनः बिक्री करता है।”

थोक व्यापारी की विशेषताएँ थोक व्यापारी की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

  1. एक ही वस्तु का व्यापार थोक व्यापारी मुख्यत: किसी एक ही वस्तु का व्यापार करते हैं।
  2. मजबूत आर्थिक स्थिति थोक व्यापारी की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी होती है। यह उत्पादक से प्रायः नकद में माल क्रय करने में सक्षम होते हैं तथा फुटकर व्यापारियों को अधिकतर उधार माल बेचते हैं।
  3. बड़ी मात्रा में माल क्रय करना थोक व्यापारी की प्रमुख विशेषता यह है कि ये बड़ी मात्रा में माल खरीदकर, इसे थोड़ी-थोड़ी मात्रा में फुटकर व्यापारियों को बेचते हैं।
  4. उत्पादकों से माल क्रय करना थोक व्यापारी सीधे ही उत्पादकों से बड़ी मात्रा में माल क्रय करते हैं।
  5. महत्त्वपूर्ण कड़ी थोक व्यापारी न तो उत्पादक होते हैं और न ही फुटकर व्यापारी होते हैं। यह निर्माता और फुटकर व्यापारी के मध्य की महत्त्वपूर्ण कड़ी होते हैं।
  6. मूल्य-निर्धारण थोक व्यापारी अधिक मात्रा में माल खरीदकर उनकी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पैकिंग बनाकर माल के मूल्य भी निर्धारित करते हैं।
  7. मूल्य नियन्त्रण थोक व्यापारी माँग और पूर्ति की आवश्यकतानुसार भाल को स्टॉक रखते हैं और माँग के अनुसार माल को बेचते हैं। इस प्रकार वह मूल्य नियन्त्रण में भी सहायक होते हैं।
  8. व्यापक व्यापारिक क्षेत्र थोक व्यापारी को व्यापारिक क्षेत्र व्यापक होता है। ये विज्ञापन पर अधिक एवं दुकान की सजावट पर कम ध्यान देते हैं।

थोक व्यापारी के कार्य थोक व्यापारी के निम्नलिखित कार्य हैं-

  1. पूर्वानुमान कार्य थोक व्यापारी फुटकर व्यापारियों से सम्पर्क करके पहले बाजार विशेष के ग्राहकों की आवश्यकताओं का पूर्वानुमान लगाते हैं, फिर फुटकर व्यापारियों को उसी के अनुसार माल उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं।
  2. माल का संग्रहण थोक व्यापारी विभिन्न उत्पादकों अथवा निर्माताओं से विशिष्ट वस्तुओं को अधिक मात्रा में मँगवाकर अपने पास एकत्रित करते हैं, जिससे फुटकर व्यापारियों को उनका चुनाव करने में आसानी रहती है।
  3. वित्त प्रबन्धन थोक व्यापारी निर्माता के लिए वित्त प्रबन्धन का कार्य करते हैं। वह निर्माताओं को अग्रिम राशि भेजकर तथा फुटकर व्यापारियों को एक निश्चित समय के लिए उधार माल उपलब्ध कराकर वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं।
  4. श्रेणीयन एवं उपविभाजन विभिन्न निर्माताओं से एकत्रित की गई वस्तुओं को थोक विक्रेता उनकी किस्म या गुण के अनुसार भिन्न-भिन्न श्रेणियों एवं उपविभागों में विभाजित करते हैं और फिर उन्हें उपयुक्त ब्राण्ड (चिह्न) के अनुसार पैक करा देते हैं।
  5. विज्ञापन एवं नमूनों का वितरण थोक व्यापारी अपनी ओर से वस्तु-विशेष का विज्ञापन करवाते हैं तथा वस्तु का नि:शुल्क नमूना भी उपलब्ध करवाते हैं।
  6. जोखिम वहन करना थोक व्यापारी निर्माता से बड़ी मात्रा में माल का क्रय करते हैं एवं इस माल के विक्रय को पूरा जोखिम थोक व्यापारी ही वहन करते हैं।
  7. माल का भण्डारण थोक व्यापारी निर्माताओं से थोक में माल खरीदकर गोदामों में उसके भण्डारण का कार्य करते हैं तथा समय-समय पर फुटकर व्यापारियों को उनकी आवश्यकतानुसार माल उपलब्ध करवाते हैं।
  8. माँग व पूर्ति में सन्तुलन वस्तुओं की माँग और पूर्ति में सन्तुलन बनाए रखने में भी थोक व्यापारी की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है।

प्रश्न 2.
थोक व्यापारी की सेवाओं का वर्णन कीजिए। (2010)
उत्तर:
थोक व्यापारी उत्पादकों एवं फुटकर विक्रेताओं के मध्य की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी होता है। यह दोनों पक्षों के लिए महत्त्वपूर्ण है। थोक व्यापारी द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं को अग्रलिखित तीन वर्गों में बाँटा जा सकता है

I. उत्पादकों या निर्माताओं के प्रति सेवाएँ थोक व्यापारी की उत्पादकों या निर्माताओं के प्रति निम्नलिखित सेवाएँ हैं

  1. वित्तीय सहायता थोक व्यापारी प्रायः उत्पादकों को माल के क्रयादेश के साथ ही माल का अग्रिम भुगतान कर देते हैं। इससे निर्माता को बिना ब्याज के कार्यशील पूंजी प्राप्त हो जाती है और वित्तीय सहायता प्राप्त होती है।
  2. बड़े पैमाने पर उत्पादन में सहायता थोक व्यापारियों द्वारा बड़ी मात्रा में क्रयादेश दिए जाने से उत्पादक या निर्माता बड़े पैमाने पर उत्पादन करने में सक्षम होते हैं।
  3. विज्ञापन थोक व्यापारी प्रायः निर्माताओं के माल का विज्ञापन स्वयं अपने खर्चे पर करते हैं। इससे निर्माताओं के माल की माँग बढ़ती है और विज्ञापन पर उनका अनावश्यक व्यय नहीं होता है।
  4. जोखिम वहन करना बड़ी मात्रा में माल को क्रय करके थोक व्यापारी भविष्य में होने वाले जोखिमों को स्वयं वहन करते हैं और निर्माता इससे मुक्त रहते हैं।
  5. विक्रय में सहायता थोक व्यापारी स्वयं माल के विक्रय का प्रबन्ध करके उत्पादकों को विक्रय की चिन्ता से मुक्त कर देते हैं। इससे उत्पादकों को विक्रय में सहायता मिलती है।
  6. भण्डारण में सहायता थोक व्यापारी निर्माताओं के लिए कच्चा माल व निर्मित माल को रखने के लिए अपने गोदामों की सुविधा प्रदान करते हैं, जिससे निर्माताओं को भण्डारण में सहायता प्राप्त होती है।
  7. मध्यस्थ की भूमिका थोक व्यापारी उत्पादकों व फुटकर व्यापारियों के मध्यस्थ के रूप में कार्य करते हैं।
  8. विदेशी व्यापार में सहायक थोक व्यापारी, निर्माताओं को विदेशी बाजारों के सम्बन्ध में उपयोगी जानकारी देते हैं, जिससे उन्हें विदेशों में नए-नए बाजार खोजने में सहायता मिलती है।

II. फुटकर व्यापारियों के प्रति सेवाएँ थोक व्यापारी की फुटकर व्यापारियों के प्रति निम्नलिखित सेवाएँ हैं

  1. माल को संग्रहित करने से मुक्ति थोक व्यापारी से आवश्यकतानुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में वस्तुएँ उपलब्ध हो जाने से फुटकर व्यापारी को स्वयं वस्तुओं का स्टॉक रखने की आवश्यकता नहीं रहती है।
  2. साख सुविधाएँ थोक व्यापारी फुटकर व्यापारियों को माल उधार क्रय करने की सुविधा प्रदान करते हैं। इस प्रकार फुटकर व्यापारियों को तुरन्त माल उधार पर मिल जाता है।
  3. मूल्यों में स्थायित्व थोक व्यापारी अपने क्षेत्र में माँग एवं पूर्ति में सन्तुलन करके मूल्यों में स्थायित्व लाने का प्रयास करते हैं।
  4. जोखिम में कमी थोक व्यापारी माल तैयार होते ही उसे खरीदकर अपने पास रख लेते हैं, जबकि फुटकर व्यापारी आवश्यकतानुसार थोक व्यापारी से बिक्री के अनुसार माल खरीदते रहते हैं। इस प्रकार वह जोखिम से मुक्त रहते हैं।
  5. नवनिर्मित वस्तुओं की जानकारी थोक व्यापारी उत्पादकों अथवा निर्माताओं की नई-नई वस्तुओं से फुटकर व्यापारियों को परिचित कराते हैं। तथा उनकी माँग बढ़ाने के लिए प्रवर्तन कार्य करते हैं।
  6. परिवहन की सुविधा थोक व्यापारी, फुटकर व्यापारियों को परिवहन की सुविधा भी प्रदान करते हैं।
  7. भिन्न-भिन्न उत्पादकों से सम्बन्ध स्थापित कराने में मुक्ति कई थोक व्यापारी अनेक निर्माताओं का माल बेचते हैं। ऐसी स्थिति में फुटकर व्यापारी को दूर-दूर तक फैले निर्माताओं से सम्पर्क करने की आवश्यकता नहीं रहती है।
  8. संवेष्टन का लाभ थोक व्यापारी माल को अलग-अलग छाँटकर छोटे-छोटे डिब्बों में पैक कर देते हैं। इससे फुटकर व्यापारियों को पैकिंग के कार्य से मुक्ति मिलती है।

III. समाज या उपभोक्ता के प्रति सेवाएँ थोक व्यापारी की समाज या उपभोक्ता के प्रति निम्नलिखित सेवाएँ हैं

  1. ताजे व आधुनिक माल की प्राप्ति विज्ञापन तथा विक्रय संवर्द्धन द्वारा थोक व्यापारी विभिन्न नवीन वस्तुओं व ताजा वस्तुओं की प्राप्ति उपभोक्ता को करवाने में सहायक होता है।
  2. रुचि के अनुसार वस्तुएँ उपलब्ध थोक व्यापारी अपने उत्पादकों की वस्तुएँ संग्रह करके रखते हैं। फुटकर व्यापारी ग्राहक की इच्छानुसार वस्तुएँ दुकान में रखते हैं। इससे ग्राहक को मनपसन्द माल (वस्तुएँ) सरलता से प्राप्त हो जाता है।
  3. मूल्यों में स्थायित्व थोक व्यापारी माल का संग्रह करके उसकी पूर्ति में सन्तुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं, जिससे मूल्यों में स्थायित्व रहता है।
  4. बाजार अनुसन्धान का लाभ अनेक थोक व्यापारी बाजार अनुसन्धान भी करते हैं। इससे वे समाज की आवश्यकताओं, पसन्द, नापसन्द, इच्छा, आदि का ज्ञान प्राप्त करके उत्पादक को उसी प्रकार के माल के उत्पादन की सलाह देते हैं।
  5. उचित मूल्य थोक व्यापारी कम लाभ पर वस्तुओं का विक्रय करते हैं और कभी-कभी फुटकर व्यापारियों द्वारा लिए जाने वाले माल के मूल्यों पर भी नियन्त्रण रखते हैं। इससे उपभोक्ता को वस्तुएँ उचित मूल्य पर प्राप्त हो जाती हैं।
  6. पैकिंग का लाभ थोक व्यापारी वस्तुओं को भार एवं माप के अनुसार सुविधाजनक इकाइयों में बाँटकर उनकी पैकिंग करते हैं, जिससे उपभोक्ता द्वारा वस्तुएँ आसानी से उपयोग में लाने में सहायता मिलती है।
  7. समान मूल्य एक क्षेत्र में निर्माता द्वारा एक ही थोक व्यापारी नियुक्त किया जाता है, जो सभी फुटकर व्यापारियों को समान मूल्य पर वस्तुएँ वितरित करता है।
  8. वस्तुओं की आसानी से उपलब्धि थोक व्यापारियों के अभाव में फुटकर व्यापारी उपभोक्ताओं को उनकी आवश्यकता की वस्तुएँ उपलब्ध नहीं करवा सकते हैं। थोक व्यापारी विभिन्न निर्माताओं की विभिन्न प्रकार की वस्तुएँ फुटकर व्यापारियों को उपलब्ध कराकर उपभोक्ता को आसानी से वस्तु उपलब्ध करवाते हैं।

प्रश्न 3.
थोक व्यापारी किसे कहते हैं? इसके गुण-दोषों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
थोक व्यापारी से आशय
थोक व्यापारी ऐसे व्यापारी होते हैं, जो उत्पादकों व निर्माताओं से भारी मात्रा में माल का क्रय करते हैं और उसे आवश्यकतानुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में फुटकर व्यापारियों को बेचते हैं। यह निर्माता एवं फुटकर व्यापारी के मध्य की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी होते हैं। प्रो. हलें के अनुसार, “थोक व्यापारी वे विपणन व्यक्ति होते हैं, जो फुटकर व्यापारी तथा निर्माता या उत्पादक के मध्य का स्थान ग्रहण करते हैं।

वेब्सटर शब्दकोश के अनुसार, “थोक व्यापारी एक मध्यस्थ है, जो मुख्यतः फुटकर व्यापारियों, औद्योगिक संस्थाओं या व्यापारिक व्यवहार करने वालों के हाथ पुनः विक्रय के उद्देश्य से अथवा व्यवहार के लिए विक्रय करता है।’ एस. ई. थॉमस के अनुसार, “थोक व्यापारी ऐसा व्यापारी है, जो उत्पादकों से बड़ी मात्रा में माल खरीदकर फुटकर व्यापारियों को सुविधाजनक मात्रा में पुनः बिक्री करता है।”

थोक व्यापारी के गुण थोक व्यापारी के निम्नलिखित गुण हैं

  1. साख सुविधाएँ प्रदान करना थोक व्यापारी उत्पादकों को अग्रिम भुगतानकरके तथा फुटकर व्यापारियों को उधार माल बेचकर आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं।
  2. वस्तुओं के संग्रह की सुविधा थोक व्यापारी माल का संग्रह करके रखने की समस्या से भी उत्पादकों एवं फुटकर व्यापारियों को मुक्त करते हैं।
  3. जोखिम से मुक्ति थोक व्यापारी निर्माता या उत्पादक से वस्तुओं को नकद में खरीदते हैं, जिससे उत्पादकों को मूल्यों के घट जाने अथवा किसी अन्य कारण से हानि की कोई जोखिम नहीं रहती है।
  4. विशिष्टीकरण को प्रोत्साहन थोक व्यापारी उत्पादकों को उपभोक्ताओं की माँग व रुचि के विषय में अवगत कराते हैं, जिससे माँग के अनुसार उत्पादन किया जाता है।
  5. बड़े पैमाने पर उत्पादन के लाभ थोक व्यापारी उत्पादकों से अधिक मात्रा में माल का क्रय करते हैं। इससे उत्पादकों को उत्पादित माल के वितरण की समस्या नहीं होती तथा उत्पादन लगातार बड़े पैमाने पर किया जा सकता है।
  6. मूल्य-निर्धारण में सहायक थोक व्यापारी मूल्य को निर्धारित करने में अत्यन्त सहायक होते हैं।
  7. माल परिवहन में सहायता थोक व्यापारी अपने फुटकर व्यापारियों को माल की सुपुर्दगी उनकी दुकानों पर ही करवाते हैं। इससे फुटकर व्यापारी अपने द्वारा क्रय किए गए माल के परिवहन के खर्चे से बच जाते हैं।
  8. भावी माँग का अनुमान थोक व्यापारी भावी माँग का अनुमान लगाकर उत्पादक को उत्पादन निरन्तरता में सहायता करते हैं।

थोक व्यापारी के दोष थोक व्यापारी के दोष निम्नलिखित हैं

  1. मूल्यों में वृद्धि थोक व्यापारी के कारण वस्तु की कीमत में अनावश्यक रूप से वद्धि हो जाती है।
  2. मनमानी शर्ते थोक व्यापारी एक ओर तो छोटे निर्माताओं से मनमानी शर्तों पर माल क्रय करते हैं और दूसरी ओर प्रतिष्ठित निर्माताओं के माल का विक्रय करते समय फुटकर व्यापारियों पर मनमानी शर्ते थोपने का कार्य भी करते हैं।
  3. चोरबाजारी को बढ़ावा थोक व्यापारी वस्तुओं की कृत्रिम कमी पैदा करके वस्तु के मूल्य बढ़ाते रहते हैं, जिससे चोरबाजारी की सम्भावना भी बढ़ती है।
  4. निजी व्यापारिक चिह्नों का प्रयोग थोक व्यापारी निर्माताओं से माल क्रय करके उस पर अपने चिह्न लगाकर ग्राहकों को बेचते हैं। इस प्रकार एकाधिकार से उपभोक्ताओं का शोषण होता है।
  5. केवल लोकप्रिय वस्तुओं को ही विक्रय थोक व्यापारी केवल अधिक लोकप्रिय व तुरन्त बिकने वाली वस्तुओं को ही बेचते हैं।
  6. वस्तुओं में मिलावट कुछ थोक व्यापारी खाद्य वस्तुओं में मिलावट करके बेचते हैं। ये अधिक लाभ कमाने के लिए उपभोक्ता के स्वास्थ्य से धोखेबाजी करते हैं।