Rajasthan Board RBSE Class 10 Maths Chapter 12 वृत्त Ex 12.3

प्रश्न 1.
प्रत्येक के लिए सत्य/असत्य लिखिए और अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।

(i) किसी जीवा द्वारा वृत्त पर स्थित किन्हीं दो बिन्दुओं पर अन्तरित कोण बराबर होते हैं।
(ii) आकृति में, AB एक वृत्त का व्यास, है और C वृत्त पर कोई बिन्दु है। तब AC2+ BC2 = AB2 है।
(iii) आकृति में, यदि ∠ADE = 120° है तो ∠EAB = 30° है।
(iv) आकृति में, ∠CAD = ∠CED है।

हल:
(i) यह कथन असत्य है क्योंकि हम यह जानते हैं कि किसी जीवा द्वारा वृत्त पर स्थित किन्हीं दो बिन्दुओं पर अन्तरित कोण तभी बराबर होते हैं जब दोनों बिन्दु एक ही वृत्त खण्ड (दीर्घ या लघु) में स्थित हों।
(ii) यह कथन सत्य है क्योंकि अर्द्धवृत्त में बना कोण ∠C समकोण है। अर्थात् ∠C,= 90°
AC2 + BC2 = AB2
(iii) यह कथन सत्य है क्योंकि आकृति में AD, DE, DB और EB को मिलाने के बाद ∠BDE = 120° – 90° = 30°। यहाँ ∠BDE एवं ∠EAB एक ही चापखण्ड पर बने कोण हैं अतः ∠BDE = ∠EAB = 30°
(iv) यह कथन सत्य है क्योंकि AC, CD, AD, DE व CE को मिलाने पर ∠CAD एवं ∠CED एक ही चापखण्ड में बनने वाले कोण हैं अतः
∠CAD = ∠CED.

प्रश्न 2.
आकृति में, ∠ABC = 45° है तो सिद्ध कीजिए OA ⊥ OC है।

हल:
प्रश्नानुसार ∠ABC = 45° अर्थात् वृत्त के चाप AC से वृत्त की परिधि पर बनने वाला कोण ∠ABC = 45° है।
हम जानते हैं कि एक चाप द्वारा वृत्त के केन्द्र पर अन्तरित कोण वृत्त के शेष भाग के किसी बिन्दु पर अन्तरित कोण को दोगुना होता है अर्थात् चित्रानुसार A व C से केन्द्र O पर बना कोण = 45° × 2 = 90° का होगा। इससे सिद्ध होता है। कि OA ⊥ OC.

प्रश्न 3.
O त्रिभुज ABC का परिकेन्द्र है तथा D आधार BC का मध्यबिन्दु है। सिद्ध कीजिए कि ∠BOD = ∠A है।
हल:
चित्रानुसार OB तथा OC को मिलाया।

अब ∆OBD और ∆OCD से।
OB = OC (वृत्त की समान त्रिज्याएँ)
∠ODB = ∠ODC (प्रत्येक कोण समकोण)
OD = OD (समान भुजा)।
∴ ∆OBD = ∆OCD
⇒ ∠BOD = ∠COD 4
⇒ ∠BOC = 2∠BOD = 2∠COD
यहाँ चाप BC द्वारा केन्द्र पर अन्तरित कोण ∠BOC है तथा इसी चाप BC द्वारा वृत्त के शेष भाग पर बना कोण ∠BAC = ∠A है।
∴ ∠BOC = 2∠A
⇒ 2∠BOD = 2∠A (∵ ∠BOC = 2∠BOD)
⇒ ∠BOD = ∠A (इतिसिद्धम्)

प्रश्न 4.
एक उभयनिष्ठ कर्ण AB पर दो समकोण त्रिभुज ACB और ADB इस प्रकार खींचे गये हैं कि वे विपरीत ओर स्थित हैं। सिद्ध कीजिए कि ∠BAC =∠BDC है।
हल:
सबसे पहले एक वृत्त खींचा जिसका व्यास AB है।

∵ ∠ADB = ∠ACB = 90°
अतः AB व्यास वाला वृत्त बिन्दु D व C से AK गुजरेगा।
अतः बिन्दु A, D, B व C चक्रीय बिन्दु हैं।
स्पष्ट है ∠BAC तथा ∠BDC एक ही वृत्त खण्ड के कोण हैं जो बिन्दु A, B, C तथा D से होकर जाता है।
∴ ∠BAC = ∠BDC (इतिसिद्धम्)

प्रश्न 5.
एक वृत्त की दो जीवाएँ AB और AC उसके केन्द्र पर क्रमशः 90° और 150° के कोण अन्तरित करती हैं। ∠BAC ज्ञात कीजिए, यदि AB और AC केन्द्र के विपरीत ओर स्थित हैं।
हल:

चापं BC द्वारा केन्द्र पर अन्तरित कोण उसकी शेष परिधि पर अन्तरित कोण का दुगुना होता है। .. . BOC = 2∠BAC

अतः कोण BAC का मान 60° है।

प्रश्न 6.
एक त्रिभुज ABC का परिकेन्द्र O है। सिद्ध कीजिए कि ∠OBC + ∠BAC = 90° है।
हल:
माना कि ∠BOC = z और
∠BAC = x

∵ OB व OC वृत्त की त्रिज्याएँ हैं।
∴ ∠OBC = ∠OCB = y
अतः z = 2x
चूँकि केन्द्र पर अन्तरित कोण उसकी शेष परिधि पर अन्तरित कोण का दुगुना होता है।
∆OBC में, ∠OBC + ∠OCB + ∠BOC = 180°
y + y + 2 = 180°
z + 2y = 180°
2x + 2 = 180°
x + y = 90°
∠BAC + ∠OBC = 90° इतिसिद्धम्।

प्रश्न 7.
किसी वृत्त की एक जीवा उसकी त्रिज्या के बराबर है। इस जीवा द्वारा दीर्घ वृत्तखण्ड में किसी बिन्दु पर अन्तरित कोण ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि AB एक जीवा है जो त्रिज्या OA या OB के बराबर है।
∴ OA = OB = AB
⇒ ∆AOB एक समबाहु त्रिभुज है।
∠AOB = 60°
\Rightarrow \quad \angle \mathrm{ACB}=\frac{1}{2} \times 60^{\circ}=30^{\circ}

चूँकि केन्द्र पर अन्तरित कोण उसकी शेष परिधि पर अन्तरित कोण का दुगना होता है।
अब चाप ACB, केन्द्र O पर कोण बनाता है।
360° – 60° = 300°
\therefore \quad \angle \mathrm{ADB}=\frac{1}{2} \times 300^{\circ}=150^{\circ}
अतः जीवा AB द्वारा शीर्ष वृत्तखण्ड में किसी बिन्दु (D) पर अंतरित कोण का मान
= 150°

प्रश्न 8.
आकृति में, ∠ADC = 130° और जीवा BC = जीवा BE है। ∠CBE ज्ञात कीजिए।

हल:

प्रश्न 9.
आकृति में, ∠ACB = 40° है। ∠OAB ज्ञात कीजिए।
हल:
वृत्त के किसी केन्द्र पर अन्तरित कोण वृत्त की शेष परिधि पर अन्तरित कोण का दुगना होता है।
दिया है ∠ACB = 40°
∠AOB = 2 × ∠ACB
= 2 × 40°
= 80°
माना कि ∠OAB = ∠OBA = x°

प्रश्न 10.
आकृति में, AOB वृत्त का व्यास है तथा C, D और E अर्धवृत्त पर स्थित कोई तीन बिन्दु हैं। ∠ACD + ∠BED का मान ज्ञात कीजिए।

हल:
चूँकि ACDE एक चक्रीय चतुर्भुज है।
∠ACD + ∠AED = 180° …..(1)
∠AEB = 90° …..(2) (चूँकि अर्द्धवृत्त में बना कोण समकोण होता हैं।)

समीकरण (1) व (2) को जोड़ने पर
∠ACD + ∠AED + ∠AEB = 180° + 90° = 270°

Chapter 12 वृत्त Ex 12.3