Rajasthan Board RBSE Class 12 English Prudence Poetry Chapter 2 On Time

RBSE Class 12 English Prudence Poetry Chapter 2 Textual Questions

(A) Choose the correct alternative :

Question 1.
“lazy leaden …………. stepping hours’ denotes time as :
(i) fast
(ii) furious
(iii) crazy
(iv) very slow
Answer:
(iv) very slow

Question 2.
What guides human souls towards divinity?
(i) bad habits
(ii) peace, love and humanity
(iii) evils of heart
(iv) selfishness
Answer:
(ii) peace, love and humanity

Question 3.
The thing which is eternal :
(i) greed
(ii) envy
(iii) selfless love
(iv) selfish love
Answer:
(iii) selfless love

(B) Answer the following questions in 15-20 words each:
निम्न प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 15-20 शब्दों में दीजिए :

Question 1.
“And merely mortal dross.” What do you understand by mortal dross ?
“And merely mortal dross.” नश्वर निकृष्ट अवगुणों से आप क्या समझते हैं ?
Answer:
Passion for worldly or materialistic things, greed, selfishness, false show, envy etc., are mortal dross.
भौतिक अथवा सांसारिक वस्तुओं को प्राप्त करने की लालसा, लालच, स्वार्थ, झूठा दिखावा, ईष्र्या आदि नश्वर निकृष्ट अवगुण हैं।

Question 2.
“With an individual kiss, And joy shall overtake us as a flood” What does individual kiss mean here?
यहा ‘individual kiss’ का क्या अर्थ है?
Answer:
When noble deeds are done by the individuals, they attain immortality. Such immortality is the individual kiss of eternity.
जब व्यक्तियों द्वारा नेक कार्य किये जाते हैं उन्हें अमरत्व प्राप्त हो जाता है। इस प्रकार का अमरत्व ही अनन्त काल का व्यक्तिगत प्रेम (प्यार) है

Question 3.
“Then long éternity shall greet our bliss.” How long will eternity greet our bliss ?
अनंत समय प्रसन्नतापूर्वक हमारा कैसे स्वागत करेगा?
Answer:
When bad time has consumed everything evil, the eternal time shall make every individual perfectly happy.
जब बुरा समय हर बुरी चीज को समाप्त कर देगा तो अनन्त समय हर व्यक्ति को पूरी तरह से सुखी बना देगा।

Question 4.
what is meant by ‘Earthy grossness’ ?
‘सांसारिक लिप्तता’ से क्या तात्पर्य है?
Answer:
By ‘Earthy grossness’ the poet refers to our being busy in worldly affairs that are temporal and insignificant.
‘सांसारिक लिप्तता’ से कवि उन सांसारिक मामलों में व्यस्त रहने की ओर संकेत करता है जो नश्वर और महत्वहीन होते हैं।

Question 5.
‘Fly envious time’, why does the poet want the envious time to fly?
कवि क्यों चाहता है कि ईर्ष्यालु समय चला जाये?
Or
Why does the poet wish this time to pass quickly ?
कवि इस समय के शीघ्रातिशीघ्र गुजर जाने की इच्छा क्यों रखता है ?
Answer:
The poet wishes this envious time to pass quickly so that good and blissful time may take its place.
कवि इस ईष्र्यालु समय के शीघ्रातिशीघ्र गुजर जाने की इच्छा रखता है ताकि इसके स्थान पर अच्छा और सुखमयी समय आ सके।

(C) Answer the following questions in 50 words each :
निम्न प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 50 शब्दों में दीजिए :

Question 1.
What guides human souls towards divinity?
मनुष्यों को देवत्व की ओर जाने के लिए क्या चीज़ निर्देशित करती है ?
Answer:
The virtues of truth, peace and love guide human souls towards divinity. These virtues help lead a pious life and inspire us to indulge in good things. The person who has developed these qualities in his character wins the race against time. His actions are inspired by the voice of his soul.

सत्य, शान्ति और प्रेम के गुण मानव आत्माओं को देवत्व की ओर जाने को निर्देशित करते हैं। ये गुण एक पवित्र जीवन बिताने में मदद करते हैं तथा अच्छे कार्यों में लगने की प्रेरणा देते हैं। इन गुणों को अपने चरित्र में विकसित कर लेने वाला व्यक्ति समय के विरुद्ध दौड़ में जीत जाता है। उसके कार्य उसकी आत्मा की आवाज़ से प्रेरित होते हैं।

Question 2.
What is the theme of the poem ?
इस कविता की विषयवस्तु क्या है ?
Answer:
The poem is about the bad times when people are lost in worldliness. The poet wants this time to pass quickly. He hopes truth, peace and love to reign the world soon. He wishes for such a time to come when people are guided by God and make this world a happy place.

यह कविता बुरे समय के बारे में है जबकि लोग सांसारिकता में खोये हैं। कवि चाहता है कि यह समय तेजी से गुजरे जाये। वह आशा करता है कि संसार में शीघ्र ही सत्य, शान्ति व प्रेम का शासन होगा। वह ऐसे समय की कामना करता है जब लोग ईश्वर के निर्देशानुसार कार्य करेंगे और इस संसार को प्रसन्नता से भर देंगे।

Question 3.
“About the supreme Throne of Him”. Which supreme throne does the poet talk. about?
“उसके सर्वोच्च सिंहासन के चारों ओर” कवि किसे सर्वोच्च सिंहासन की बात कर रहा है?
Answer:
The poet talks about the supreme Throne of God that is Heaven where truth, peace and love prevail everywhere forever. After death when the soul appears in God’s presence, it sheds off its temporal character. There, it overcomes death and time and becomes timeless and immortal.

कवि ईश्वर के इस सर्वोच्च सिहांसने की बात कर रहा है जो स्वर्ग है जहाँ हर जगह हमेशा सत्य, शान्ति और प्यार व्याप्त रहता है। मृत्यु के बाद जब आत्मा ईश्वर के सामने उपस्थित होती है तो वह अपनी सांसारिक बातों को छोड़ देती है। वहाँ, वह मृत्यु और समय पर विजय पा लेती है और अनन्त और अमर हो जाती है।

Question 4.
What is sincerely good and perfectly divine ?
वास्तविक रूप से अच्छा और पूर्णतः दैवीय क्या है ?
Answer:
Noble deeds free from envy and false show are sincerely good. These include love, truth and peace. These very deeds are perfectly divine as goodness is very close to divinity. These deeds bring joy and satisfaction to the doer as well as the receiver. Thus they are sincerely good and perfectly divine.

ईष्र्या और झूठे दिखावे से रहित श्रेष्ठ कार्य वास्तव में अच्छे होते हैं। इनमें प्रेम, सत्य और शान्ति के गुण सम्मिलित होते हैं। ये ही कार्य पूर्णतः दैवीय होते हैं। क्योंकि अच्छाई देवत्व के बहुत समीप होती है। ये कार्य करने वाले तथा प्राप्त करने वाले दोनों को प्रसन्नता व सन्तुष्टि देते हैं। इस प्रकार ये वास्तविक रूप से अच्छे और पूर्णत: दैवीय हैं।

(D) Answer the following in questions 100 words each :
निम्न प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 100 शब्दों में दीजिए :

Question 1.
“Triumphing over Death and Chance and thee 0 Time.” What does triumph over death, chance and time signify ?
मृत्यु, अवसर और समय पर विजय से क्या अभिप्राय है ?
Answer:
When a person follows the principles of truth, peace and love in his life, everything he does is for the good of humanity. Such a person becomes immortal in the sense that he is always remembered for his noble deeds. His physical death cannot take him away from people’s memory. It does not put an end to his fame as a man of great character. He is remembered even after his death. He is remembered at all occasions and all times. His noble deeds make him loving to the people.Thus he gets triumph over death, chance and time.

जब कोई व्यक्ति अपने जीवन में सत्य, शान्ति और प्रेम के सिद्धान्तों का अनुसरण करता है तो वह प्रत्येक कार्य मानवता की भलाई के लिए करता है। ऐसा व्यक्ति इस भाव में अमर हो जाता है कि उसे उसके श्रेष्ठ कार्यों के लिए हमेशा याद किया जाता है। उसके शरीर की मृत्यु उसे लोगों की स्मृति से दूर नहीं ले जाती है। उसकी मृत्यु से एक महान चरित्रवान व्यक्ति के रूप में उसकी ख्याति समाप्त नहीं होती है। उसे उसकी मृत्यु के बाद भी याद किया जाता है। उसे प्रत्येक अवसर पर और प्रत्येक समय याद किया जाता है। उसके श्रेष्ठ कार्य उसे लोगों का प्रिय बना देते हैं। इस प्रकार वह मृत्यु, अवसर और समय पर विजय कर लेता है।

Question 2.
Write critically the central idea of the poem.
कविता का आलोचनात्मक केन्द्रीय भाव लिखिये।
Answer:
The poem ‘On Time’ by John Milton propagates the idea that time shapes and influences human life on the earth. It brings painful changes which cause not only deterioration but also the eventual death of the body. The poet wishes that this time on the earth passes quickly consuming with it all that is evil and earthly so that eternal time like heaven may bring truth; peace and love to each individual. The poet means to emphasise that man can escape the ravages of time by attaining an eternal life that is full of joy.

जॉन मिल्टन की कविता ‘On Time’ इस विचार को व्यक्त करती है कि समय ही पृथ्वी पर मानव जीवन को रूप देता है और प्रभावित करता है। यह ऐसे दर्द भरे परिवर्तन लाता है जो शरीर के न केवल ह्रास बल्कि अन्त में मृत्यु का कारण बनते हैं। कवि इच्छा करता है कि पृथ्वी पर यह समय अपने साथ जो कुछ बुरा और नश्वर है लेकर जल्दी ही गुजर जाये जिससे स्वर्ग के समान अनन्त समय प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सत्य, शान्ति और प्रेम ला सके। कवि इस बात पर जोर देना चाहता है कि मनुष्य में शाश्वत जीवन जो सुख से भरपूर है प्राप्त कर समय के विनाश से बच सकता है।

RBSE Class 12 English Prudence Poetry Chapter 2 Additional Questions

RBSE Class 12 English Prudence Poetry Chapter 2 Short Answer Type Questions

Answer the following questions in about 50 words each :

Question 1.
Why has the poet compared the flight of time with the ‘lazy leaden-stepping hours’ and ‘the heavy plummet’s pace ?
कवि ने समय की उड़ान की तुलना ‘सुस्त भारी कदमों वाले घण्टों तथा ‘भारी पेण्डुलम की गति’ से क्यों की है ?
Answer:
The poet is talking about bad times in which there is no place for truth, peace or selfless love. He wants this time to pass quickly. But, it seems to be moving at a very slow pace. Hence, the poet has compared the flight of time against the ‘lazy leaden stepping hours’ and ‘the heavy plummets’s pace.’

कवि बुरे समय के बारे में बात कर रहा है। जिसमें संत्य, शान्ति और नि:स्वार्थ प्रेम का कोई स्थान नहीं है। वह चाहता है कि यह समय तेज़ी से गुजर जाये। लेकिन इसकी गति बहुत धीमी प्रतीत होती है। इसलिए कवि ने समय की उड़ान की तुलना ‘सुस्त भारी कदमों वाले घण्टों’ तथा ‘भारी पेण्डुलम की गति से की है।’

Question 2.
What are the things associated with the temporal and what are associated with the eternal ?
कौन-कौन सी वस्तुएँ अल्पकाल से सम्बन्धित हैं और कौन-सी अनन्त से सम्बन्धित हैं ?
Answer:
The temporal things are bad habits. These are envy, greed, selfishness etc. These are bound to end as the life of evil is always short. Nothing evil can stay forever. Eternal things are selfless love, peace and truth. They are sure to make our world a place like heaven. They bring eternal joy in our life.

अल्पकाल से सम्बन्धित चीजें बुरी आदतें हैं। ये हैं – ईष्र्या, लालच, स्वार्थ इत्यादि। इनका नाश निश्चित होता है क्योंकि बुराई का जीवन हमेशा छोटा होता है। कोई भी बुरी चीज़ सदा नहीं रह सकती है। नि:स्वार्थ प्रेम, शान्ति और सत्य शाश्वत चीजें हैं। ये निश्चित ही हमारे संसार को स्वर्ग के समान बना देती हैं। ये हमारे जीवन में शाश्वत (स्थाई) आनन्द लाती हैं।

Question 3.
what is long eternity ?
पारलौकिक शाश्वतता क्या है ?
Answer:
It is the state of cosmic consciousness in which worldly affairs lose importance. There is no place for envy, greed, false show etc., in it. Love and peace surround us from all around. This is the state when we feel totally happy. This is the state of permanent bliss that keeps us calm and cool.

यह ब्रह्माण्ड के प्रति चेतना की स्थिति होती है जिसमें सांसारिक मामलों का महत्व समाप्त हो जाता है। ईर्ष्या, लालच और झूठे दिखावे इत्यादि का कोई स्थान नहीं रहता है। प्रेम और शान्ति हमें चारों ओर से घेर लेते हैं। इस स्थिति में हम पूर्ण प्रसन्नता का अनुभव करते हैं। यह परम आनन्द की स्थिति होती है जो हमें शान्त व ठंडा रखती है।

Question 4.
Why does the poet call the time envious
कवि समय को ईर्ष्यालु क्यों कहता है ?
Answer:
By addressing the time envious, Milton wants to indicate to the time when people are lost in vices. He uses envy as symbolical of other vices such as greed, selfishness etc. Therefore, he calls the time envious.

समय को ईष्र्यालु कहकर सम्बोधित करने से मिल्टन उस समय की ओर संकेत करना चाहते हैं जबकि लोग दुर्गुणों में डूबे हुए हैं। वह ईष्र्या को लालच, स्वार्थ आदि अन्य दुर्गुणों के प्रतीक के रूप में प्रयोग करते हैं। इसलिए वह समय को ईर्ष्यालु कहते हैं।

Question 5.
“So little is our loss, so little is your gain !” What does the poet mean to convey ?
“कितना कम हमारा नुकसान, कितना कम तुम्हारा लाभ!” कवि क्या कहना चाहता है?
Answer:
The poet means to convey through the expression “So little is our loss, so little is your gain!” that all things temporal come to an end with the passage of time. In their loss, man does not lose anything because they are worthless. By consuming them, time gains nothing for the similar reason.

“कितना कम हमारा नुकसान, कितना कम तुम्हारा लाभ!” इस अभिव्यक्ति से कवि यह बताना चाहता है। कि सभी भौतिक चीजें समयानुसार समाप्त हो जाती है। उनके जाने से मनुष्य को कोई नुकसान नहीं होता क्योंकि वे बेकार है। उनको अपनाकर कर इसी कारण से समय को कोई लाभ नहीं होता।

Question 6.
When does ‘Earthy grossness’ quit a man’s life?
मानव जीवन से सांसारिक लिप्तता कब निकलती है?
Answer:
According to the poet, the ‘Earthy grossness’ quits a man’s life when he attains Supreme consciousness. In that state, everything worldly loses meaning and significance for him. He is detatched from the worldly pains and pleasures, ups and downs of life and his soul becomes one with the Supreme Being.

कवि के अनुसार मानव जीवन से सांसारिक लिप्तता निकल जाती है जब वह सर्वोच्च चेतना को प्राप्त कर लेता है। उस अवस्था में हर सांसारिक वस्तु को उसके लिये कोई अर्थ और महत्व नहीं होता। वह सांसारिक
सुख और दुःख, जीवन के उतार-चढ़ाव से विरक्त हो जाता है और उसकी आत्मा परमात्मा में मिल जाती है।

RBSE Class 12 English Prudence Poetry Chapter 2 Long Answer Type Questions

Answer the following question in about 100 words :

Question 1.
Explain how long eternity will greet our bliss with an individual kiss.
व्याख्या कीजिए कि पारलौकिक शाश्वतता हमारे आनन्द का एक व्यक्तिगत चुम्बन से स्वागत किस प्रकार करेगी।
Answer:
While doing noble deeds, we’ll be in a state of permanent bliss. Noble deeds include loving all beings selflessly and being at peace within ourselves and trying to keep the world a peaceful place. They also include following the path of truth. Love, peace and truth bring joy alongwith them. While practising these in our life, we’ll feel blessed forever and ever. We’ll find the world a peaceful place full of love and truth. In this state, we’ll feel like being greeted by long eternity with its love as that time will be loving to us.

श्रेष्ठ कार्य करते समय हम स्थाई आनन्द की स्थिति में होंगे। श्रेष्ठ कार्यों में शामिल है- सभी प्राणियों को नि:स्वार्थ भाव से प्रेम करना और स्वयं के अन्दर शान्ति रखना व विश्व को शान्तिपूर्ण बनाये रखने में सहायता करना। उनमें सत्य के मार्ग का अनुसरण करना भी शामिल है। प्रेम, शान्ति और सत्य अपने साथ आनन्द लाते हैं। अपने जीवन में इन्हें व्यवहार में लाते समय हम स्वयं को सदा ईश्वर के आशीर्वाद से युक्त अनुभव करेंगे। हम संसार को प्रेम व सत्य से परिपूर्ण एक शान्तिपूर्ण स्थान पायेंगे। इस स्थिति में हमें अनुभव होगा कि पारलौकिक शाश्वतता अपने प्रेम से हमारा स्वागत कर रही है क्योंकि वह समय हमें प्रिय होगा।