Rajasthan Board RBSE Class 12 English Prudence Short Stories Chapter 2 One Centimetre

RBSE Class 12 English Prudence Short Stories Chapter 2 Textual Questions

A. Say whether the following statements are True or False :

  1. The height of Tao Ying’s son is half centimetre less than the required one for buying a ticket.
  2. Tao Ying always wanted to become an ideal mother.
  3. The old lady’s scales of measuring height and weight were not reliable.
  4. Tao Ying was happy to get the compensation offered by the temple officials.
  5. Tao Ying was an ordinary worker in a factory.

Answer:

  1. False
  2. True
  3. True
  4. False
  5. True

B. Answer the following questions in about 15-20 words each :
निम्न प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 15-20 शब्दों में लिखिए :

Question 1.
Describe the things that reveal that Tao Ying was educated.
वे बातें बताइये जो यह दिखाती है कि ताओ यिंग शिक्षित थी।
Answer:
She writes a letter to temple officials. This shows that she is educated.
वह मन्दिर के अधिकारियों को पत्र लिखती है। यह प्रदर्शित करता है कि वह शिक्षित थी।

Question 2.
Why was Tao Ying very careful about spending money?
‘ताओ यिंग पैसा खर्च करने में बहुत सावधान क्यों रहती है?
Answer:
Tao Ying was very careful about spending money because she was very shrewd.
ताओ यिंग पैसा खर्च करने में बहुत सावधान रहती है क्योंकि वह व्यावहारिक रूप से बहुत चालाक थी।

Question 3.
Did Tao Ying truly mean to cheat at the temple ?
क्या ताओ यिंग वास्तव में मंदिर में धोखाधड़ी करना चाहती थी?
Answer:
No, but she thought that one centimetre less height than the required will not need a ticket.
नहीं, बल्कि उसने सोचा कि एक सै. मी. कम ऊँचाई होने पर टिकट की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

Question 4.
Why was Tao Ying not allowed to enter the temple without one more ticket?
ताओ यिंग को एक और टिकट के बिना मन्दिर में प्रवेश की इजाजत क्यों नहीं दी गई।
Answer:
Tao Ying needed one more ticket for entry in the temple because her son was found to be taller than the required limit.
ताओ यिंग को एक और टिकट की आवश्यकता थी क्योंकि उसका लड़का आवश्यक सीमा से ज्यादा लम्बा पाया गया था।

Question 5.
Why did everybody look at the mother with suspicion at the temple gate ?
प्रत्येक व्यक्ति ने मन्दिर के दरवाजे पर माँ को संदेह से क्यों देखा?
Answer:
Everybody saw the mother with suspicion because the guard insisted that her son was taller and she must buy one more ticket.
प्रत्येक व्यक्ति ने माँ को सन्देह से देखा क्योंकि गार्ड ने ” दृढ़तापूर्वक कहा कि उसका पुत्र अधिक लम्बा है और उसे एक और टिकट खरीदना चाहिये।

C. Answer the following questions in about 50 words each:
निम्न प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 50 शब्दों में लिखिए :

Question 1.
What made Tao Ying decide whether to buy a ticket or not when she rode a bus alone?
जब टाओ यिंग अकेली बस में यात्रा करती है तो वह कौन सी बात है जिसकी वजह से वह यह निश्चय करती है कि टिकिट खरीदा जाये या नहीं ?
Answer:
Usually when Tao Ying rides a bus alone she does not hesitate in travelling without a ticket. She takes it as a punishment because of her poverty. Whenever she notices that the conductor is a smart one and dutiful, she takes a ticket immediately but if the conductor is not very strict and careful, she avoids buying a ticket.

टाओ यिंग अक्सर जब बस में अकेली सफर करती है तो बिना टिकिट यात्रा करने में उसे कोई संकोच नहीं होता है। अपनी गरीबी के कारण यह उसे एक सजा लगती है। जब कभी वह देखती है कि बस का कन्डक्टर एक चालाक व जिम्मेदार व्यक्ति है तो वह तुरन्त टिकिट खरीद लेती है लेकिन यदि कन्डक्टर ज्यादा सख्त और ध्यान देने वाला नहीं है तो वह टिकिट खरीदने से बचती है।

Question 2.
Why did she insist on buying tickets both for herself and her son that day?
उस दिन उसने अपने व अपने बेटे के लिये टिकिट खरीदने पर जोर क्यों दिया ?
Answer:
Though the height of her (Tao Ying’s) son is 1 cm less than the required one for buying a ticket, yet he (Xiao Ye) feels that buying of a ticket is a matter of respect and pride. Tao Ying wants to become an ideal mother hence she decides to buy a ticket to make him happy.

यद्यपि उसके बेटे की ऊँचाई, टिकिट के लिये आवश्यक ऊँचाई से 1 सेंटीमीटर कम थी, फिर भी वह (जियाओ ये) टिकिट खरीदने में सम्मान वे गर्व की बात महसूस करता है। टाओ यिंग एक आदर्श माँ बनना चाहती है अतः वह उसे खुश करने के लिये एक टिकिट खरीदने का निश्चय करती है।

Question 3.
Why did Tao Ying change her idea of purchasing another ticket? (Board Exam 2012)
टाओ यिंग ने दूसरा टिकिट खरीदने का अपना विचार क्यों बदल लिया ?
Answer:
For the sake of her self-respect, Tao Ying was about to buy one more ticket but when she saw that her son wanted to know why she was not prepared to buy a ticket, she changed her intention. She did it because she wanted to bring the fact of her correctness before her son.

अपने आत्म सम्मान के लिये टाओ यिंग एक और टिकिट खरीदने वाली थी लेकिन उसने देखा कि उसका बेटा जानना चाहता था कि वह टिकिट खरीदने से क्यों बच रही थी, तभी उसने अपना इरादा बदल दिया। उसने ऐसा इसलिये किया क्योंकि वह अपने बेटे के सामने स्वयं के सही होने का सच लाना चाहती थी।

Question 4.
Why did Tao Ying refuse the compensation offered by the temple officials ?
ताओ यिंग ने मन्दिर अधिाकारियों द्वारा दी गयी क्षतिपूर्ति सहायता (सांत्वना सहायता) को क्यों अस्वीकार कर दिया?
Answer:
Tao Ying had no intention of accepting any money or compensation from the temple’s administrators, because no compensation could make her and her son forget that unhappiness. She proved herself to be right before her son. This was above all compensations. Hence, she refused the compensation offered by the temple officials.

टाओ यिंग का मन्दिर के प्रशासकों से कोई पैसा या क्षतिपूर्ति (सांत्वना) वसूल करने का इरादा नहीं था। कोई भी क्षतिपूर्ति उसकी व उसके बेटे की उस अप्रसन्नता को नहीं भुला सकती। अपने बेटे के सामने उसने अपने को सही सिद्ध कर दिया। यह प्रत्येक क्षतिपूर्ति से बढ़कर था। इसलिये उसने मन्दिर के अधिकारियों द्वारा दी जा रही उस क्षतिपूर्ति को अस्वीकार कर दिया।

Question 5.
Why did Tao Ying feel nervous and depressed when the temple officials visited her house ?
जब मन्दिर के अधिकारी टाओ यिंग के घर गए तो उसने स्वयं को परेशान व निराश क्यों महसूस किया ?
Answer:
When the temple officials visited Tao Ying’s house, she felt nervous and depressed mainly because at that moment her house was very messy. She was afraid of the thought that ‘if they (officials) thought her to be lazy they might not believe her.’ Another reason was her son’s presence. She could not predict what would happen.

जब मन्दिर के अधिकारी टाओ यिंग के घर गए तो उसने स्वयं को परेशान व निराश महसूस किया, मुख्य रूप से इसलिये कि उस समय उसका घर एकदम अव्यवस्थित (बिखरा हुआ) पड़ा हुआ था। वह इस विचार से डरी हुई थी कि यदि वे (अधिकारी) सोचेंगे कि वह आलसी प्रवृत्ति की है, तो उस पर विश्वास नहीं करेंगे। दूसरा कारण था उसके बेटे की उपस्थिति। वह कह नहीं सकती थी कि क्या होगा।

D. Answer the following questions in about 100 words each:
निम्न प्रत्येक प्रश्न का उत्तरे 100 शब्दों में लिखिए :

Question 1.
Bi Shu-Min in this story portrays the relationship of a mother with her young son. Describe any one situation from the story that highlights that Tao Ying, the mother would like to maintain an ideal image of a mother.
इस कहानी में लेखिका एक मां और उसके नौजवान बेटे के संबंध पर प्रकाश डालती है। कहानी में से एक उदाहरण का वर्णन कीजिए जिसमें मां एक आदर्श मां का रूप बनाए रखती है।
Answer:
The one incident when Tao Ying, the mother, is seen to wish to maintain an ideal image of a mother comes at the end of the story when temple officials visit her home. They offer her two tickets to the temple or money thereof as a compensation for the denial to her son’s entry into the temple. But she refuses to take either money or tickets. She requests the officials to explain her son what happened on that day and that she has not done anything wrong. Her only aim is to make her son realise that she has not done any wrong and in spite of her poverty she wants to bring her son up as an ideal mother.

वह घटना जब माँ ताओ यिंग एक आदर्श माँ की छवि बनाये रखना पसन्द करती है, कहानी के अंत में आती। है जब मंदिर के अधिकारी उसके घर आते हैं। उसे दो टिकट या धन देने का प्रस्ताव करते हैं क्योंकि उसके पुत्र को मन्दिर में घुसने नहीं दिया गया था। परन्तु वह धन या टिकट लेने से इन्कार कर देती है। वह अधिकारियों से अनुरोध करती है कि वे उसके पुत्र को बतायें कि उस दिन क्या हुआ और यह कि उसने (माँ ने) कुछ भी गलत नहीं किया है। उसका केवल यही ध्येय है कि उसके पुत्र को यह आभास हो जाए कि उसकी माँ ने कुछ गलत नहीं किया है, तथा अपनी गरीबी के बावजूद वह अपने पुत्र का लालन-पालन एक आदर्श माँ की तरह करना चाहती है।

Question 2.
Comment on the significance of the title of the story ‘One Centimetre’.
कहानी ‘One Centimetre’ के शीर्षक के महत्त्व के बारे में टिप्पणी कीजिए।
Answer:
The author has given a very apt title “One Centimetre” to the story which suits it very well. The reason being that it is only one centimetre that makes all the difference. Tao Ying’s son Yiao Ye is refused admission in the temple because the guard thinks that he is above 110 centimeters although when temple officials check it much later, they find it to be 110 centimetres. On the other hand, Tao Ying thinks that her son is one centimetre less and she does not buy a ticket for him. But that very one centimetre questions her image of an ideal mother.

लेखक ने कहानी को “One Centimeter” एक बहुत उपयुक्त शीर्षक दिया है जो कि कहानी के लिये बहुत सही लगता है। कारण यह है कि यह एक सेमी. ही है जो अन्तर पैदा करता है। ताओ पिंग का लड़का जियाओ ये को मंदिर में प्रवेश से इन्कार कर दिया जाता है क्योंकि गार्ड सोचता है कि वह 110 सेमी से ज्यादा है। यद्यपि जब मन्दिर के अधिकारी काफी समय बाद जाँच करते हैं तो वे इसे 110 सेमी. पाते हैं। दूसरी ओर टाओयिंग सोचती है कि उसका लड़का एक इंच कम है और वह टिकट नहीं खरीदती है। लेकिन यह एक सेमी ही उसकी आदर्श माँ की छवि पर प्रश्न चिह्न लगाता है।

RBSE Class 12 English Prudence Short Stories Chapter 2 Additional Questions

RBSE Class 12 English Prudence Short Stories Chapter 2 Short Answer Type Questions

Answer the following questions in about 50 words each:
निम्न प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 50 शब्दों में लिखिए :

Question 1.
Did Tao Ying really intend to cheat at the temple?
क्या टाओ यिंग वास्तव में मन्दिर पर धोखाधड़ी करना चाहती थी ?
Answer:
She was given a complementary ticket by Lao Chiang. She knew that the children below
1.10 m are exempted from the ticket. Her son was 1 cm less than the required minimum height hence she didn’t buy one more ticket. Thus, she never intended to cheat at the temple.

लाओ चियांग द्वारा उसे एक टिकिट उपहारस्वरूप दिया गया था। वह जानती थी कि 110 सेंटीमीटर से कम ऊँचाई के बच्चों को टिकिट की आवश्यकता नहीं होती है। उसका बेटा आवश्यक निम्नतम ऊँचाई से 1 सेंटीमीटर कम था अतः उसने एक और टिकिट नहीं खरीदा। अतः उसका मन्दिर पर धोखाधड़ी करने। का कोई इरादा नहीं था।

Question 2.
Were the old lady’s scales a reliable measure of height and weight ? What convoluted logic were her measurements based on ?
क्या उस वृद्ध महिला के पैमाने ऊँचाई व वजन नापने के। विश्वसनीय साधन थे ? उसके पैमाने किस घुमावदार तर्क पर आधारित थे ?
Answer:
No, the old lady’s scales of measuring height and weight were not reliable scales. She was not bad hearted but surely a cunning lady. Since her scales were a source of her livelihood, hence they were meant to make her customers happy. She knew that people liked to be lighter and taller so she had set them accordingly.

नहीं, उस वृद्ध महिला के ऊँचाई व वजन नापने वाले पैमाने विश्वसनीय नहीं थे। वह हृदय से बुरी नहीं थी किन्तु एक चालाक महिला थी। क्योंकि उसके पैमाने उसकी जीविका के साधन थे अतः वे उसके ग्राहकों को खुश करने के लिये थे। वह जानती थी कि लोग कम वजन का होना और लम्बा होना पसन्द करते थे इसलिये उसने अपने पैमानों को उसी हिसाब से सैट कर रखा था।

Question 3.
What was the conflict between the mother and the son?
माँ वे बेटे के बीच क्या द्वन्द्व (संघर्ष) था ?
Answer:
The mother loved her son very much. She wanted to represent herself before him as an ideal mother. But here we can see a conflict between the two. The mother considered him as a small boy but the son wanted to be seen as tall. This was the main point of conflict between the mother and the son.

माँ अपने बेटे से बहुत प्रेम करती थी। वह स्वयं को उसके सामने एक आदर्श माँ के रूप में प्रस्तुत करना चाहती थी। किन्तु यहाँ हम दोनों के बीच एक द्वन्द्व देख सकते हैं। माँ उसे एक छोटा बच्चा समझती थी। किन्तु बेटा लम्बा (बड़ा) दिखना चाहता था। माँ व बेटे के बीच द्वन्द्व का मुख्य बिन्दु यही था।

Question 4.
How did Tao Ying’s son influence the way she led her life?
टाओ यिंग के बेटे ने उसके जीवन के तरीके को किस प्रकार प्रभावित किया ?
Answer:
Owing to her poor condition Tao Ying usually travelled in a bus without a ticket. But she had to hide her real nature from her son because she always wanted to be an ideal mother. The good qualities which she wanted her son to adopt, she herself had to practise them hence he influenced her life very much.

टाओ यिंग, अपनी गरीबी के कारण अक्सर बस में बिना टिकिट खरीदे यात्रा करती थी। लेकिन उसे अपना वास्तविक स्वभाव अपने बेटे से छिपाना पड़ता था क्योंकि वह हमेशा एक आदर्श माँ बनना चाहती थी। वे अच्छे गुण जो वह चाहती थी कि उसका बेटे सीखे, उसे स्वयं को अपनाने पड़ते थे। अतः उसने (बेटे ने) उसकी जिन्दगी को बहुत ज्यादा प्रभावित किया।

Question 5.
How effectively does the narrative technique adopted in this story illustrate ‘unity of thought’?
कहानी की वर्णन तकनीक किस प्रकार विचार की एकता’ को प्रभावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करती है ?
Answer:
The writer has used a narrative technique which very nicely maintains the ‘unity of thought’. There is only dimension in the story – buying or not buying a ticket. There are only two episodes in the story that occur. The first episode happens in the bus and the other happens at the temple. The theme is easy to understand.

लेखक ने कहानी में वर्णन तकनीक का प्रयोग किया है जो बहुत ही अच्छे ढंग से विचार की एकता को बनाए रखती है। कहानी में सिर्फ एक ही आयाम है – टिकिट खरीदा जाये या नहीं। कहानी में सिर्फ दो प्रसंग घटित होते हैं। पहला प्रसंग बस में और दूसरा मन्दिर में। कहानी समझने में आसान है।

Question 6.
What do you mean by ambivalence ?
द्वैधवृत्ति से क्या अभिप्राय है ?
Answer:
Ambivalence means having a dual feeling about something or someone. It can also be termed as a confused state of mind. If a conflict about two things starts in the mind then it can prove disturbing and can result in fury, depression and nervous breakdown. It can also be termed as inner conflict.

किसी वस्तु अथवा किसी व्यक्ति के प्रति द्वैधवृति अर्थात् दो प्रकार की भावनाएँ संजोए रखने को द्वैधवृत्ति कहते हैं। इसे मस्तिष्क की एक विचलित स्थिति भी कहा जा सकता है। यदि किन्हीं दो वस्तुओं के मध्य संघर्ष मस्तिष्क में शुरू हो जाता है तो यह हस्तक्षेप करने वाला होता है, और इससे मनुष्य के मस्तिष्क में सनक, क्रोध, निराशा, और घबराहट की स्थिति पैदा हो जाती है। इसे आन्तरिक अन्र्तद्वन्द्व भी कहा जा सकता है।

Question 7.
The guard at the gate is a symbol of arrogance and oppression. Do you agree?
मन्दिर के गेट पर सन्तरी अहंकार (अक्खड़पन) व दमन का प्रतीक है। क्या आप इससे सहमत हैं ?
Answer:
No, in my View, the guard was loyal to his duty. He was abiding by the criterion for entrance in the temple. It was not his fault for inaccuracy in the scale. It was the lady, Tao Ying, who thought that the guard should respect her before her son. So we can state that the guard was neither arrogant nor oppressive but doing his duty with absolute loyalty.

नहीं, मेरे विचार से, गार्ड अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान था। वह मन्दिर में प्रवेश कराने के लिए उचित तरीके के इस्तेमाल करने के लिए प्रतिबद्ध था। स्केल की त्रुटि में उसका दोष नहीं था। टाओ यिंग जैसी औरत यह मानती थी कि गार्ड को उसके बेटे के सामने उसका आदर करना चाहिए था। इसलिए हम कह सकते हैं कि गार्ड न तो अक्खड़ था और न दमनकारी, अपितु वह अपना कर्तव्य पूरी वफादारी के साथ निभा रहा था।

Question 8.
“Children are often more conscious of rituals than adults.” Discuss.
बच्चे धार्मिक कृत्यों के प्रति बड़ों से ज्यादा सचेत होते हैं।” विवेचना कीजिए।
Answer:
Every guardian wants to see his/her ward, a civilised and cultured citizen. They teach
them the correct manner of dealing with others. Like the protagonist, they conceal the acts which their conscience and cognition deem unfair, unlawful and unjustified. The children always heed the things told by their parents and abide by them accordingly.

प्रत्येक अभिभावक अपने बच्चों को सुसंस्कृत और सभ्य बनाना चाहता है। वे सिखाते हैं कि दूसरों के साथ किस प्रकार व्यवहार किया जाना चाहिए। नायक की तरह वे अपने बच्चों से वे सब बातें छिपाते हैं जो उनके विवेक एवं संकल्प के अनुसार असंगत, अनियंत्रित तथा अन्यायपूर्ण होती हैं। माँ-बाप जो बात उन्हें कहते हैं, बच्चे गांठ बांधकर पास रखते हैं और उसी अनुसार पालन करते हैं।

Question 9.
What proposition did the officials from the administrative office make to Tao Ying ?
प्रशासनिक कार्यालय के अधिकारियों ने टाओ यिंग को क्या प्रस्ताव दिया ? (S.S. Exam 2014)
Answer:
The officials from the administrative office gave her a five dollar bill. But she refused it saying that day’s happiness could never be bought again. Then they gave her two tickets to the temple. But she argued that no compensation could buy the happiness of that day which was turned into a bitter experience.

प्रशासनिक कार्यालय के अधिकारी उसे पाँच डॉलर का नोट देते हैं। लेकिन वह इसे यह कहकर अस्वीकार कर देती है कि उस दिन की प्रसन्नता फिर से कभी नहीं खरीदी जा सकती। फिर वे उसे मंदिर के दो टिकट देते हैं। किन्तु वह कहती है कि कोई भी क्षतिपूर्ति उसे दिन को नहीं खरीद सकती जो कि एक कटु अनुभव में बदल गई थी।

RBSE Class 12 English Prudence Short Stories Chapter 2 Long Answer Type Questions

Answer the questions in about 100.words each :
निम्न प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 100 शब्दों में लिखिए :

Question 1.
“Throughout the story we find misuse and abuse of one’s cognition and resolution.” Discuss.
पूरी कहानी में हमें किसी के ज्ञान और संकल्प का गलत प्रयोग और दुरुपयोग मिलता है।” विवेचना कीजिए।
Answer:
We find misuse of cognition and resolution due to mis-conception of things to satisfy one’s false ego. Tao Ying is over ambitious in the matter of providing good culture and manners to her son. She takes undue advantage of careless conductors in the bus and wants to board the bus without ticket. No doubt, she is generous in providing her son with nutritious diet and good schooling as all parents must do, but does not want to reveal her real personality before him. She tries to be an ideal mother before her son. She is money minded and relies on getting things free of cost.

किसी व्यक्ति के झूठे अहम् को संतुष्ट करने के लिए चीजों की गलत धारणा के कारण ज्ञान और संकल्प का गलत प्रयोग तथा दुरुपयोग किया जाता है। टाओ यिंग अपने बेटे को हर कीमत पर अच्छे संस्कार देने के मामले में अति महत्त्वाकांक्षी है। वह लापरवाहे कण्डक्टर के अनुचित लाभ को लेती है और बस में बिना टिकिट बैठना चाहती है। निःसन्देह वह अपने बेटे को पोषक आहार और अच्छी शिक्षा प्रदान कराने में उदार है जैसा कि हर माँ-बाप अपने बच्चे के लिए चाहते हैं। परन्तु वह अपने पुत्र के सामने अपने वास्तविक व्यक्तित्व को प्रकट नहीं करना चाहती। अपने बेटे के सामने वह एक आदर्श माँ बनने का प्रयास करती है। वह कंजूस है तथा वस्तुओं या सेवाओं को बिना मूल्य चुकाये प्राप्त करने में विश्वास करती है।

Question 2.
Pickout instances from the story to show that official rules are often arbitrary.
कहानी में से ऐसे उदाहरण छाँटिये जो यह प्रदर्शित करते हैं कि कार्यालयी नियम अधिकांशत: मनमाने होते हैं।
Answer:
The whole story revolves round the official rule that children upto 1:10 m. are exempted from tickets in the buses, temples and other public places where ticket is necessary. Tao Ying’s son is 1 cm shorter than the limit hence he is eligible for the i exemption. There are two instances in the story showing that official rules are often arbitrary:

  1. For the sake of her son’s happiness when Tao Ying asked the conductor to issue two tickets, he issued the same. Though he knew that the child is less than 1:10 m.
  2. Scale at the temple was not accurate. It showed the child taller and the guard insulted Tao Ying by compelling her to buy one more ticket.

सारी कहानी एक वैधानिक नियम, कि 1.10 मीटर तक के बच्चों को बसों में, मन्दिरों में, और अन्य सार्वजनिक स्थान जहाँ टिकिट लगती है, टिकिट की आवश्यकता नहीं है, इसी के चारों ओर घूमती है। टाओ यिंग का बेटा इस सीमा से एक सेंटीमीटर छोटो है अतः वह छूट पाने का अधिकारी है। यहाँ कहानी में ऐसे दो उदाहरण हैं जो यह दर्शाते हैं कि कार्यालयी नियम अधिकांशतः मनमाने होते हैं।

  1. अपने बेटे की खुशी के लिये टाओ यिंग जब बस के कन्डक्टर से दो टिकिट देने के लिये कहती है तो वह दो टिकिट दे देता है। यद्यपि वह जानता है कि बच्चा 1.10 मी. से कम है।
  2. मन्दिर में पैमाना सही नहीं था। इसने बच्चे की लम्बाई ज्यादा दर्शाई और गार्ड ने उस महिला को एक टिकिट और खरीदने के लिये बाध्य कर अपमानित किया।

Question 3.
Why was her final vindication important to Tao Ying? (S.S. Exam 2015)
टाओ यिंग के लिये उसका अन्तिम न्याय (दोषमुक्ति का) क्यों महत्त्वपूर्ण था ?
Answer:
Tao Ying was always very careful about her behaviour before her son. She always wanted to be an ideal mother. She never did anything that might leave a bad impression upon her son. Because of erroneous height mark in the temple the guard proved her wrong before the crowd. Even her son suspected her. The visit to the temple was a very painfuł experience for her. But when the officials of the temple came to her house and apologised to her before her son, she took a sigh of relief. It was the only chance for her to prove herself right before her son.

टाओ यिंग अपने बेटे के सामने अपने व्यवहार को लेकर हमेशा बहुत सावधान रहती थी। वह हमेशा एक आदर्श माँ बनना चाहती थी। उसने कभी ऐसा कोई कार्य नहीं किया जो कि उसके बेटे पर गलत प्रभाव डाल सके। मन्दिर में ऊँचाई नापने वाले त्रुटिपूर्ण मानक के कारण गार्ड ने उसको सारी भीड़ के सामने गलत सिद्ध कर दिया। यहाँ तक कि उसके बेटे ने भी उस पर संदेह किया। उस दिन मंदिर जाने का उसको अनुभव बेहद कड़वा था। लेकिन जब मन्दिर के अधिकारी उसके घर आये और उसके बेटे के सामने उससे माफी माँगी, तब उसने, चैन की सांस ली। उसके पास स्वयं को अपने बेटे के सामने सही सिद्ध करने का यही एक सही मौका था।

Question 4.
Discuss the way a child looks at the world is very different from that of an adult.
एक बच्चा’ संसार को जिस ढंग से (नज़रिये) देखता है वह एक वयस्क व्यक्ति की सोच (नज़रिये) से बहुत भिन्न होता है।
Answer:
A child is very innocent and pure like a seed. His first guides are his parents. Generally parents avoid revealing anything bad before their wards. Children are quick observers of the minutest thing. The author has clearly written this fact – “It is exhausting to follow rules dictated by parental guide books all the time, but Tao Ying is determined to be an ideal mother and creates a perfect example for her son to look up to.” So far as an adult’s views are concerned they are enslaved to their lust, greed and selfesteem.

बच्चा बीज की तरह से अबोध और शुद्ध होता है। उसके पहले गाइड उसके माता-पिता होते हैं। माँ-बाप अधिकतर अपने बच्चों के सामने बुरी (गलत) बातें उजागर नहीं करते हैं। बच्चे चीजों को बहुत बारीकी से देखते हैं। लेखक ने इस तथ्य को स्पष्ट शब्दों में लिखा है – हर समय माँ-बाप के लिए निर्देशन पुस्तिका के नियमों का पालन करना बड़ी परेशानी वाला होता है परन्तु टाओ यिंग एक आदर्श माँ बनने के लिए दृढ़ संकल्प है। तथा अपने बेटे के अनुकरण हेतु अच्छे उदाहरण प्रस्तुत करती है। जहाँ तक प्रौढों के विचारों का प्रश्न है, वे अपनी लालसा, लालच तथा आत्मसम्मान के गुलाम होते हैं।

Question 5.
Comment on the statement with reference to Tao Ying in the story ‘One Centimetre’ “There is always a gap between what we really are and what we wish to appear to be to others.”
कहानी ‘One Centimetre’ की पात्र Tao Ying के संदर्भ में इस कथन पर अपने विचार लिखिए – ‘हम जैसे वास्तव में होते हैं तथा जैसे हम दूसरों के सामने दिखना चाहते हैं इसके बीच हमेशा एक अन्तर होता है।
Answer:
Yes, it is absolutely true. It is human nature that each one of us has a dual personality. Often one is real and the other is superficial. The same case is with Tao Ying. She is not an exception. She maintains a dual personality. When she travels in a bus alone, she often avoids buying a ticket. But when her son is with her, she quickly buys the ticket not only for herself but also for her son though he falls in the category of exemption as he is shorter than 1.10 m. We always wish to leave good impression on others.

हाँ, यह एकदम सच है। यह मानव स्वभाव है कि हममें से प्रत्येक व्यक्ति दोहरा व्यक्तित्व रखता है। एक वास्तविक व दूसरा वह जो अधिकांशतः दिखावटी होता है। ऐसा ही है टाओ यिंग के साथ भी। वह अपवाद नहीं है। वह दोहरा व्यक्तित्व रखती है। जब वह बस में अकेली सफर करती है तो अक्सर टिकिट लेने से बचती है। लेकिन जब उसका बेटा साथ में होता है तो वह फुर्ती से न सिर्फ अपने लिये बल्कि अपने बेटे के लिये भी टिकिट खरीदती है जबकि वह (बेटा) छूट की श्रेणी में आता है क्योंकि वह 1.10 मीटर से कम ऊँचाई का है। हम हमेशा दूसरों पर अच्छा प्रभाव छोड़ना चाहते हैं।

Question 6.
Comment on the significance of the first sentence of the story ‘One Centimetre’ to its theme.
कहानी ‘One Centimetre’ के कथानक (विषय-वस्तु) के लिये कहानी के प्रथम वाक्य की महत्ता पर टिप्पणी कीजिये।
Answer:
The first sentence of the story is: ‘When Tao Ying rides on the bus alone, quite often she does not bother to buy a ticket.’ This sentence is very significant because the entire story revolves round a ticket – The title of the story ‘One Centimetre’ is also related to the same issue. The children up to 1.10 m are exempted from buying a ticket. The protagonist Tao Ying’s son Xiao Ye is 1 cm shorter than the limit. The next episode occurs at the temple when due to erroneous scale she was not allowed to enter the temple without one more ticket. Hence the first sentence of the story and the entire theme of the story are interwoven. The first sentence is the soul of the story.

कहानी का प्रथम वाक्य है : ‘जब कभी टाओ यिंग बस में अकेली सवार होती है तो वह अधिकांशतः टिकिट खरीदने की परवाह नहीं करती है।’ यह वाक्य कहानी (कथानक) के लिये बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि सम्पूर्ण कहानी एक टिकिट के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी का शीर्षक ‘एक सेंटीमीटर’ भी इसी विषय से जुड़ा हुआ है। 1.10 मीटर तक ऊँचाई के बच्चों को टिकिट से छूट है। कहानी की मुख्य पात्र टाओ यिंग का बेटा इस सीमा से 1 सेंटीमीटर छोटा है। अगली घटना मन्दिर पर होती है जब मन्दिर के त्रुटिपूर्ण पैमाने के कारण उसे बिना एक और टिकिट के अन्दर प्रवेश नहीं दिया गया। अतः कहानी का प्रथम वाक्य और सम्पूर्ण कथानक (कहानी) एक दूसरे में गुंथे हुए हैं। प्रथम वाक्य कहानी की आत्मा है।

Question 7.
Would you describe the author’s portrayal of Tao Ying’s character in the story as sympathetic, critical or realistic ? क्या आप लेखक द्वारा कंहानी में चित्रित टाओ यिंग के चरित्र को सहानुभूतिपूर्ण, आलोचनात्मक अथवा वास्तविक रूप में वर्णित करेंगे ?
Answer:
The way the author has portrayed the character of Tao Ying is sympathetic. She has a deep sympathy for her son. Whenever she sees the aperture on her son’s head, she is overwhelmed by a sense of responsibility. She is sympathetic for others also. When the temple officials come to her home to apologize to her, she asks them not to punish the guard. The guard humiliated her in front of the crowd and did not allow her to enter the temple without one more ticket, yet she bears no ill feelings towards him. She feels that he was just doing his duty. She also thinks that forgiveness is the greatest punishment. Hence, the author has portrayed her as a sympathetic character.

जिस ढंग से लेखक ने टाओ यिंग के चरित्र को चित्रित किया है वह सहानुभूतिपूर्ण है। वह अपने बेटे के लिये गहरी सहानुभूति रखती है। जब कभी वह अपने बेटे के सिर पर वह छेद देखती है तो जिम्मेदारी के अहसास से अभिभूत हो जाती है। वह दूसरों के प्रति भी सहानुभूति रखती है। जब मन्दिर के अधिकारी उसके घर उससे माफी माँगने आते हैं। तो वह उनसे उस गार्ड को सजा नहीं देने के लिये कहती है। उस गार्ड ने उसे (टाओ यिंग) भीड़ के सामने शर्मिन्दा किया और बिना एक और टिकिट के मन्दिर में प्रवेश नहीं करने दिया। फिर भी उसके (टाओ यिंग के) दिल में उसके लिये कोई बुरी भावना नहीं है। वह महसूस करती है कि वह सिर्फ अपना कार्य (जिम्मेदारी का काम कर रहा था। वह यह भी सोचती है कि माफी सबसे बड़ी सजा है। अतः लेखक ने उसे एक सहानुभूतिपूर्ण पात्र के रूप में चित्रित किया है।।

Question 8.
Identify the episodes of the story ‘One Centimetre’ that bring out the ambivalent attitude to ethics commonly seen in human life.
कहानी ‘One Centimetre’ के उन प्रसंगों की पहचान कीजिये जो सामान्य जीवन में पाये जाने वाले नीतिशास्त्र के प्रति उभयमुखी दृष्टिकोण को उजागर करते हैं।
Answer:
There are two episodes in the story that bring out the ambivalent attitude to ethics commonly seen in human life. The first episode takes place in the bus. It is ethical to have a valid ticket in a bus. Xiao Ye urges her mother to buy a ticket for him, so she buys one more ticket. This is just for his happiness, no ethics is involved here. The other episode occurs when the temple officials want to give her some compensation in lieu of their mistake. From ethical point of view it was right on their part but Tao Ying refused the compensation. She thought no compensation can buy the happiness of that day which was turned into a bitter experience for her.

कहानी में दो प्रसंग हैं जो सामान्य मानव में पाये जाने वाले नीतिशास्त्र के प्रति उभयमुखी दृष्टिकोण को उजागर करते हैं। पहला प्रसंग बस में घटित होता है। बस में वैध टिकिट खरीदना नैतिक नियम है। जियाओ ये अपनी माँ से अपने लिये टिकिट खरीदने की जिद् करता है इसलिये, वह एक और टिकिट खरीद लेती है। यह सिर्फ उसकी खुशी के लिये है इसमें कोई नीति नहीं है। दूसरा प्रसंग तब आता है जब मन्दिर के अधिकारी अपनी भूल के बदले में उसे कुछ सांत्वना (क्षतिपूर्ति के प्रतीक के रूप में) देना चाहते थे। नीतिशास्त्र के अनुसार उनकी तरफ से यह सही थी लेकिन, टाओ यिंग ने सांत्वना ( क्षतिपूर्ति) को अस्वीकार कर दिया। उसने सोचा कोई भी सांत्वना उस दिन की खुशी को नहीं खरीद सकती जो कि उसके लिए एक कटु अनुभव में बदल दिया गया था।