Rajasthan Board RBSE Class 10 English Literature Prose Chapter 3 Positive Health

Activity 1: Comprehension
A. Answer the following questions in about 30 40 words each:
Question 1.
What do you mean by health?
स्वास्थ्य से आप क्या समझते हैं?
Answer.
Health is a holistic concept. It is a positive state not only of the body but also of the mind. It means being physically healthy and free from diseases. It means feeling satisfied by living in a clean and comfortable environment.

स्वास्थ्य एक सात्विक अवधारणा है। यह एक सकारात्मक अवस्था है न केवल शरीर के लिए बल्कि मस्तिष्क के लिए भी। इसका तात्पर्य होता है। शारीरिक रूप से स्वथ्य तथा रोगमुक्त होना। इसका मतलब होता है, स्वच्छ तथा आरामदेह वातावरण में संतोषपूर्वक रहना।

Question 2.
How can we remain mentally well?
हम मानसिक रूप से प्रसन्नचित कैसे रह सकते हैं?
Answer.
We can remain mentally well when we feel satisfied living in a comfortable and clean environment. We have mental satisfaction when we are in harmony and peace with our families, friends and neighbors. Another important factor that contributes to our mental peace is our positive attitude and approach towards life, people and things.

जब हम स्वच्छ तथा आरामदेह वातावरण में रहते हैं। तभी हम मानसिक रूप से भी स्वस्थ रह सकते हैं। हमें मानसिक संतुष्टि तभी प्राप्त होती है तब हमारा संबंध परिवार, मित्रों तथा पड़ोसियों के साथ सौहार्द्र तथा शांतिपूर्ण होता है। हमें मानसिक शांति प्रदान करनेवाला एक अन्य महत्वपूर्ण कारक है हमारी सकारात्मक विचार तथा जीवन, लोग तथा विभिन्न वस्तुओं के प्रति हमारा दृष्टिकोण।

Question 3.
What is the quality of environmental conditions in developed countries?
विकसित देशों में पर्यावरणीय स्तर की गुणवत्ता कैसी है?
Answer.
A clean and comfortable environment is essential for the health of the body and the mind. The rich and the developed nations of the world enjoy a higher degree of environmental cleanliness than the developing countries. This is why the people of these countries enjoy better physical health.

स्वस्थ शरीर तथा मस्तिष्क के लिए स्वच्छ तथा अरामदेह वातावरण का होना आवश्यक है। समृद्ध एवं विकसित देश, विकासशील देशों की अपेक्षा वातावरण की शुद्धता का अधिक उपयोग करते हैं। इसका तात्पर्य यह है कि उन देशों के लोगों का शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा होना है।

Question 4.
What is the advantage of environmental conditions in developed countries?
विकसित देशों की पर्यावरण स्थिति के क्या लाभ हैं?
Answer.
Environmental conditions are important factors in deciding the physical well-being of the people. The advanced countries have cleaner and perhaps comfortable environment than that is enjoyed by the developing countries which don’t enjoy such a clean environment. So, we find that the people in developed countries enjoy better physical health than the people living in developing countries.

लोगों के अच्छे शारीरिक स्वास्थ्य के निर्धारण के लिए वातावरण एक महत्वपूर्ण कारक है। विकसित देशों के लोग विकासशील देश के लोगों की अपेक्षा अधिक स्वस्थ तथा सुविधपूर्ण वातावरण का उपयोग । करते हैं। इसलिए हम देखते हैं कि विकासशील देश के लोग बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य का आनंद लेते हैं।

Question 5.
How can the infectious diseases be treated easily?
संक्रमक रोगों का इलाज आसानी से कैसे किया जा सकता है?
Answer.
Diseases which spread through infections are called infectious diseases. We definitely need proper medical care to cure them. We need proper vaccination and immunization against infectious diseases. Vaccinations involves medical treatment by injecting a vaccine into the body to produce immunity against diseases. Similarly, immunization creates immunity against a in particular infection.

जो बीमारियाँ संक्रमण के द्वारा फैलती हैं, उन्हें संक्रामक बीमारियाँ कहा जाता है। इनके उपचार के लिए हमें निश्चित रूप से समुचित चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता होती है। संक्रामक रोगों से बचाव के लिए हमें रोग प्रतिरोधक टीके लगवाने चाहिए। टीकाकरण के अंतर्गत शरीर के अंदर द्रव्य प्रवाहित कराया जाता है ताकि शरीर में संबंधित रोग से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता का विकास हो सके।

Question 6.
What is the attitude of doctors towards better health in developed countries?
विकसित देशों में बेहतर स्वास्थ्य के संबंध में चिकित्सकों का क्या विचार है?
Answer
The attitude of doctors towards better health in developed countries ignores social factors. The people enjoy better physical health there largely to the improved medical facilities. They tend to ignore other important social factors, such as higher standard of education, wealth, nutrition and cleaner environments enjoyed by the people there.

बेहतर स्वास्थ्य के संबंध में विकसित देशों का दृष्टिकोण सामाजिक कारकों की अनदेखी करना रहा है। क्योंकि लोग बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य का लाभ बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के कारण उठा पाते हैं। वे अन्य सामाजिक कारकों की अवहेलना करते हैं।जैसे, शिक्षा का उच्च स्तर, समृद्धि, तथा लोगों के द्वारा स्वच्छ तथा परिणामयुक्त स्वरूप का लाभ उठाया जाना।

Question 7.
What is the disadvantage of decline of human values in developed nations?
विकसित देशों में मानवीय मूल्यों के गिरावट से क्या हानियाँ हैं?
Answer. It is true that in developed countries people enjoy physical health than in the developing world. But developed nations have the disadvantage of decline of human values. The people there suffer from complex problems. They become easy victims of mental illness and stress related diseases. They have to consult psychiatrists so often.

यह सत्य है कि विकासशील देशों की तुलना में विकसित देश बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य का लाभ उठाते हैं। किंतु इसकी एक हानि भी है। विकसित देशों के मानवीय मूल्यों में गिरावट आती जा रही है। वहाँ के लोग कई प्रकार की जटिल समस्याओं में उलझे हैं। उनमें मानसिक रोग तथा तनाव संबंधी बीमारियाँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्हें मनोरोग चिकित्सक के पास जाना पड़ता है।

Question 8.
How are people in developing countries wasting their limited resources?
विकासशील देशों में लोग अपने सीमित संसाधनों का अपव्यय किस प्रकार से करते हैं?
Answer
Unfortunately, the people in developing countries are wasting their limited resources by aping the people of developed nations. They resort to medical facilities to cope with even minor health problems. They spend more money on doctors and medicines than on healthy foods and in the improvement of their physical environment.

दुर्भाग्यवश, विकासशील देशों के लोग अपने सीमित संसाधनों का दुरुपयोग विकसित देशों के लोगों की नकल करके कर रहे हैं। ये चिकित्सा सुविधाओं की शरण में छोटी-छोटी चिकित्सा संबंधी समस्याओं के लिए भी चले जाते हैं। वे खासकर खाद्यान्न तथा अपने भौतिक वातावरण में सुधार की बजाय चिकित्सकों की ऊपर अधिक धन खर्च करते हैं।

Question 9.
What are the benefits of using home remedies to maintain health?
स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए घरेलू उपचारों के प्रयोग से क्या लाभ हैं?
Answer.
Unfortunately, people in developing countries waste their limited resources by spending money on medicines and doctors. It is better if they make better use of their knowledge and common sense. They should use their indigenous simple home remedies to solve simple health problems. They should also learn the value of good nutrition for health.

दुर्भाग्यवश, विकासशील देशों के लोग अपने सीमित संसाधनों का अपव्यय चिकित्सकों तथा दवाइयों पर करते हैं। बेहतर है कि अपनी जानकारी तथा समान्य-ज्ञान का प्रयोग बेहतर तरीके से करें। सामान्य स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के निदान के लिए उन्हें सामान्य घरेलू उपचारों का प्रयोग करना चाहिए। उन्हें स्वास्थ्य में अच्छे पोषण के महत्व के बारे में जानना चाहिए।

Question 10.
How can the body signals help in achieving good health?
शरीर के संकेत अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति में किस प्रकार से सहायता करते हैं?
Answer
We should learn to read our body signals. Human beings have lost the ability to monitor their own bodies to maintain health. We refuse to understand our own body signals. We resort to overeating and develop obesity. We overfeed the infants and children even when they don’t need it. We are guided by doctors or the media forgetting the real demands of their bodies.

हमें अपने शरीर के संकेतों को पढ़ने का ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए मनुष्य ने अपने शरीर के पर्यवेक्षण करने की क्षमता को खो दिया है। हम अपने ही शरीर के संकेतों को समझ नहीं पाते। हम अधिक खाने लगते हैं तथा मोटापे का शिकार हो जाते हैं। हम शिशुओं तथा बच्चों को उनकी इच्छा के विरुद्ध अधिक भोजन करवाते हैं। हम अपने शरीर की वास्तविक माँग को भूलकर स्थितियों तथा मीडिया के द्वारा नियंत्रित होते हैं।

Question 11.
What is the harmful effect on children when their parents put too much pressure on them?
जब माता-पिता बच्चों पर अत्यधिक दबाव बनाते हैं। तो उनपर कौन-सा हानिकारक प्रभाव पड़ता है?
Answer
Most parents love and care for their children. But very often, their expectations and ambitions put too much pressure on their children scaling new heights. When poor children can’t reach the level of their parent’s ambitions the results are disastrous. The children suffer from too much frustration and stress. To avoid the harsh realities of life, they become drug-addict and develop escapist tendencies.

अधिकांश माता-पिता अपने बच्चों की देख-रेख तथा प्यार करते हैं। किंतु अक्सर उनकी उच्च अपेक्षाएँ | तथा महत्वाकांक्षाएँ बच्चों को आवश्यकता से अधिक दबावग्रस्त कर देती हैं। जब बच्चे अपने माता-पिता की महत्वाकांक्षाओं के स्तर को प्राप्त नहीं कर पाते तो उसका परिणाम बड़ा ही खतरनाक होता है। इससे बच्चे बहुत अधिक अवसाद एवं तनाव का शिकार हो जाते हैं। जीवन की कठोर सच्चाइयों से मुँह मोड़ने के लिए वे नशे का शिकार हो जाते हैं तथा पलायनवादी प्रवृत्ति अपना लेते हैं।

B. Answer the following questions in about 60 words each:
Question 1.
Why do people in developed countries remain far from achieving positive health?
सकारात्मक स्वास्थ्य को प्राप्त करने की दिशा में विकासशील देशों के लोग अभी बहुत पीछे क्यों हैं?
Answer
The people of rich and developed countries do enjoy a better physical health than the people living in developing countries. However, having a better physical health doesn’t also mean possessing positive health. Actually, they are far from it. No doubt, the developed nations have better medical facilities and cleaner environments. But they are not contented mentally. They face a decline in basic human values. They become easy prey to complex problems like drug dependence, psychological and mental illnesses and stress related diseases.

विकसित देशों के लोग विकासशील देशों के लोगों की अपेक्षा बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य का आनंद उठाते हैं। हालाँकि बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य का मतलब यह नहीं है कि वे सकारात्मक स्वास्थ्य को भी धारण करते हैं। वस्तुतः वे इससे काफी दूर हैं। इसमें दो राय नहीं कि विकसित देशों के पास बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ तथा स्वच्छ वातावरण उपलब्ध है। किंतु वे मानसिक रूप से संतुष्ट नहीं हैं। उनमें मानवीय मूल्यों का ह्रास हो रहा है। वे आसानी से विभिन्न प्रकार की जटिल समस्याओं; जैसे-नशे पर निर्भरता, मनोवैज्ञानिक समस्याएँ, मानसिक रोग तथा तनाव संबंधी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

Question 2.
What problems are faced by people in developing countries in achieving positive health?
सकारात्मक स्वास्थ्य को प्राप्त करने की दिशा में विकासशील देशों के लोगों को कौन-सी समस्याओ का सामना करना पड़ता है?
Answer.
The people of developing countries face many problems related to poverty, lack of resources and overpopulation. The environmental and nutritional status of developing countries are much lower than the developed countries. So, the people suffer more here from poor physical health. When a person’s physical health is poor, he can’t enjoy the state of positive health. Lack of proper Medicare, proper vaccination, immunization against infectious diseases are the factors. The lack of a cleaner environment certainly prevents them in achieving positive health.

विकासशील देशों के लोग कई प्रकार की समस्याओं जैसे—गरीबी से संबंधित समस्याएँ, संसाधनों का अभाव तथा अति जनसंख्या का सामना करते हैं। विकासशील देशों की पर्यावरणीय तथा पोषण संबंधी स्थितियाँ विकसित देशों की तुलना में बहुत ही निम्न है। इसलिए यहाँ के लोगों का शारीरिक स्वास्थ्य अधिक खराब रहता है जब किसी व्यक्ति का शारीरिक स्वास्थ्य ठीक नहीं होता तो वह सकारात्मक स्वास्थ्य की अवस्था कभी प्राप्त नहीं कर सकता। समुचित दवाओं का अभाव संक्रामक रोगों से प्रतिरक्षण हेतु उचित टीकाकरण का अभाव इत्यादि इसके मुख्य कारक हैं। स्वस्थ वातावरण का अभाव भी निश्चित रूप से उनके सकारात्मक स्वास्थ्य के लक्ष्य प्राप्ति में अवरोध बनता है।

Question 3.
How do the animals keep themselves fit?
जानवर अपने-आप को किस प्रकार से स्वस्थ रखते
Answer.
In nature, animals trust their own instincts. Nature has given each animal the power and ability to monitor or control their own bodies and health. They have better instincts than human beings in this regard. For example, salt is an essential element required by all animals. Wild animals in the forest like rhinoceros, elephants or deer regularly lick the soil to get the exact amount of salt their bodies need. Moreover, they never overfeed themselves. They eat only the required amount of food. This is the reason that they never suffer obesity as humans do. All carnivorous animals eat grass whenever they have diarrhoea or other stomach problems.

स्वभावतः जानवर अपनी सहज बुद्धि पर विश्वास करते हैं। प्रकृति ने प्रत्येक जानवर को अपने शरीर तथा स्वास्थ्य के अनुश्रवण तथा नियंत्रण की शक्ति प्रदान की है। इस संबंध में उनके पास मनुष्यों की अपेक्षा बेहतर सहज बुद्धि है। उदाहरण के तौर पर नमक सभी जानवरों के लिए एक आवश्यक तत्व है। जंगली जानवर, जैसे—गैंडा, हाथी तथा हिरण नियमित रूप से मिट्टी को चाटते हैं ताकि उनके शरीर की आवश्यकता के अनुरूप नमक प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त वे कभी भी आवश्यकता से अधिक नहीं खाते। यही कारण है कि वे मनुष्यों की तरह कभी भी मोटापे का शिकार नहीं होते। सभी मांसाहारी जानवर जब डायरिया अथाव आँत संबंधी समस्याओं से पीड़ित होते हैं तो घास खाते हैं।

Question 4.
How do parents spoil the eating habits of their children?
माता-पिता अपने बच्चों के खानपान संबंधी आदतों को किस प्रकार से खराब करते हैं?
Answer.
Human beings seem to have lost the ability to monitor their own and bodies of their children. They depend more on doctors or medicine rather than their natural instincts. Overzealous parents force infants and small children to eat even when they don’t need etc. They feed them even when they are not hungry. They are not fed according to the demands of their bodies. The parents go according to the dictates of some books or the media. As a result, children grow up ignoring important body signals. They forget that only proper nourishment in the correct amounts can save their children from obesity.

ऐसा लगता है कि मनुष्य ने अपने तथा अपने बच्चों के शरीर के अनुश्रवण की क्षमता को खो दिया है। अपनी प्राकृतिक सहज-बुद्धि के बजाय वे चिकित्सकों तथा दवाइयों पर निर्भर हो गए हैं। अति उत्साही माता-पिता अपने बच्चों तथा नवजातों की उनकी आवश्यकता के बिना भी खाने के लिए दबाव डालते हैं। वे भूखे न होते हुए भी इन्हें खिलाते हैं। वे अपने शरीर की माँग के अनुरूप भोजन नहीं करते। माता-पिता कुछ पुस्तकों तथा मीडिया से संचालित होते हैं। परिणामस्वरूप बच्चे शरीर के संकेतों की उपेक्षा कर बढ़ते हैं। वे इस बात को भूल जाते हैं कि समुचित मात्रा में पोषण की उनके बच्चों को मोटापे से बचा सकता है।

Question 5.
How can the world environment be kept in balance?
विश्व का पर्यावरण संतुलित कैसे रखा जा सकता है?
Answer.
It is rather unfortunate that we don’t understand the responsibility of keeping the world environment in balance. Man should remember that living space of this world is limited. We need enough space for ourselves and for our future generations to live happily. To achieve this, we must practice family planning. We must limit the birth rate by having one or two children per couple. Between each birth there should be space of few years which will contribute to a happy home environment.

यह बड़े ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि हम विश्व के पर्यावरण को संतुलित रखने की बात को समझ नहीं, पा रहे हैं। मनुष्य को इस बात को समझना चाहिए कि धरती पर रहने का स्थान सीमित है। हमें अपने तथा अपनी आगामी पीड़ियों के सुखपूर्ण जीवन के लिए पर्याप्त स्थान चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए हमें परिवार नियोजन कराना चाहिए। हमें एक या दो बच्चे तक ही जन्म-दर को सीमित रखना चाहिए। प्रत्येक जन्म के बीच कुछ वर्षों का अंतराल होना चाहिए, जो घर में आनंददायक माहौल बनाने मे सहायक होगा।

C. Say whether the following statements are true or false. Write T for true and F for false:

1. Only physical fitness is necessary for health.
2. Mental health requires harmonious interactions with family members, neighbours and friends.
3. In developed countries family ties are strong.
4. Physical health and positive health are synonymous terms.
5. People in developed nations have not only achieved better physical health, they are also leading in basic human values.
6. The trend of drug dependence is more dangerous frequently seen in developed countries than in the developing ones.
7. Too much eating results in obesity.
8. The meat-eating animals never eat grass.
9. High blood pressure is not stress related disease.
10. Antibiotics and pain killers should be healthy taken with the advice of a doctor.
Answer.
1.-T,
2.-T,
3.-F,
4.-F,
5.-F,
6.-T,
7.-T,
8.-F,
9.-F,
10.-T.

Activity 2: Vocabulary

A. Form nouns by adding suffixes to the verbs given below and point out the suffixes:
RBSE Solutions for Class 10 English Chapter 3 Positive Health 1

B. Form adjectives by adding suffixes to the nouns given below and point out the suffixes:
RBSE Solutions for Class 10 English Chapter 3 Positive Health 2

C. Form adverbs by adding suffixes to the adjectives given below and point out the suffixes:
RBSE Solutions for Class 10 English Chapter 3 Positive Health 3

D. Fill in the blanks with antonyms of words given in brackets. Select your answers from the words given below:
sophisticated, harmonious, indigenous, better, contentment, relaxation

1. …………. relationship is essential for mental health. (full of quarrels)
2. We should use our …………. simple home remedies. (factory made)
3. Most people in developed countries enjoy …………. health. (worse)
4. The rich countries have …………. medical facilities. (poorly developed)
5. A cheerful health is a matter of …………. (dissatisfaction)
Answers.
1. Harmonious relationship is essential for mental health.
2. We should use our indigenous simple home remedies.
3. Most people in developed countries enjoy better health.
4. The rich countries have sophisticated medical facilities.
5. A cheerful health is a matter of contentment.

E. Fill in the blanks with one-word substitutes for the expressions given in brackets. Select your answers from the words provided below: diarrhoea, psychiatrist, carnivorous, panic, antibiotics, obesity

1. The disorders of mind are treated by a ………….. (mental doctor)
2. …………. are used to treat infectious diseases. (a type of strong medicine)
3. Overeating causes ………….. (state of being fat)
4. Diseases should be treated in an intelligent way without ……….. (a sense of fear)
5. All …………. animals eat grass whenever they feel sick. (meat eating)
6. Intestinal disorders in human beings and animals cause ………….. (stomach disease)
Answers.
1. The disorders of mind are treated by a psychiatrist.
2. Antibiotics are used to treat infectious diseases.
3. Overeating causes obesity.
4. Diseases should be treated in an intelligent way without panic.
5. All carnivorous animals eat grass whenever they feel sick.
6. Intestinal disorders in human beings cause diarrhoea.

Activity 3: Grammar

Tenses Showing Future Time
There are several constructions by which future activities are indicated. When future events are not influenced by willingness, intention or likelihood, we may speak of a ‘pure future. These sentences which do not have personally controlled elements are the best examples of ‘pure future’.
1. Tomorrow will be Monday.
2. I shall be sixty next birthday.
3. He will be eighty in June.
4. How long will the work take?
5. Will there be time to visit both the museums?
Traditionally we use ‘shall’ with first person pronouns l’ and we’; and will’ with second person pronoun ‘you’, and third person pronouns ‘he’, ‘she’, ‘it’. But nowadays will is used in place of shall with the first-person pronouns. The contracted forms I’ll and we’ll are common in speech. The negative won’t is also used in place of shan’t.

1. Simple Future time can be expressed in many ways without using a verb
(i) By using Simple Present Tense; as
The train leaves at 5:00 a.m.
Her birthday is on Monday.
(ii) By using the Present Continuous tense; as
He is coming tomorrow.
They are leaving for Delhi tonight.
(iii) By using is/am/are + about to + first form of verb; as
The bus is about to depart.
The college is about to open.
Note: The above future events are the part of a settled programme or likely to happen almost immediately.
(iv) By using be + going to + first form of the verb; as
He is going to buy a new flat next month.
The old house is going to fall soon.
Note: The above future events are likely or almost certain to occur and it is preferred to will/shall.

2. Future Progressive/Continuous Tense:
This tense is used to describe a future activity or state that will begin before and continue after a point or period of future time.
(i) What will you be doing this afternoon?
(ii) I shall be playing tennis all afternoon.
(iii) When I get home my children will be watching TV.
Note: Shall be and will be as auxiliary + ing with infinitive form of verb is used in this tense.
This tense can also be used for future events that are planned particularly related to tourism and travel.
e.g. Roshan will be going to China next week.
My son will be spending winter break in Goa this year.

3. Future Perfect Tense is used to indicate the activity and state which will be completed at some point of time in future; as
(i) He will have reached Delhi by now.
(ii) She will have planted a tree by tomorrow.
This tense puts more emphasis on the completion of the activity and on the consequence of it.
(i) In the year 2020 we will have been married for thirty years.
(ii) By this time next year I shall have finished my research work. shall/will:
Exercise
Frame noun clau
A. Put the verbs in brackets into be+going to form:
1. You …………. (miss) your train.
2. What …………. you …………. (do) with this room?
3. The cat ………….. (have) kittens.
4. She …………. (not give) another concert this year.
5. Do you think he …………. (come) back before evening?
6. How soon …….. you ……… (be) ready?
7. I ………. (not sleep) in this room. It is haunted.
Answers.
1. You are going to miss your train.
2. What are you going to do with this room?
3. The cat is going to have kittens.
4. She is not going to give another concert this year.
5. Do you think he is going to come back before evening?
6. How soon are you going to be ready?
7. I am not going to sleep in this room. It is haunted.

B. Put the verbs in brackets into the future continuous or future perfect tense:
1. I ……… (finish) this book by tomorrow evening.
2. You …………. (do) geometry next term.
3. You should go back now, your father …………. (wonder) where you are.
4. By the time we reach the party everything …………. (be) eaten.
5. The train …………. (leave) before we reach the station.
6. By the end of the year 5000 people …………. (see) this exhibition.
7. I …………. (use) the car this afternoon.
8. The garden …………. (look) its best next month.
Answers.
1. I will be finishing this book by tomorrow morning. (determination)
2. You will be doing geometry next term.
3. You should go back now, your father will be wondering where you are
4. By the time we reach the party everything will have been eaten.
5. The train will have left before we reach the station.
6. By the end of the year 5000 people will have seen this exhibition.
7. I will be using the car this afternoon. (willingness)
8. The garden will be looking its best next month.

Activity 4: Speech Activity
Question 1.
Prepare a dialogue supposed to take place between a doctor and a patient:
Doctor : What is your name?
Patient : Anil, Sir.
Doctor : What is your age?
Patient : 22 Years
Doctor : Address?
Patient : Sukhadia circle, Sri Ganganagar.
Doctor : Do you keep a mobile phone?
Patient : yes, sir.
Doctor : Number, please
Patient : Sir, it is 9413037215
Doctor : Okay. Now tell me your problem.
Patient : Sir, I am suffering from fever.
Doctor : How long have you been suffering from fever?
Patient : For the past three days.
Complete the dialogue.
Answer.
Doctor : Do you have any other problem?
Patient : I also have severe headache.
Doctor : Why didn’t you come earlier?
Patient : Sir, I thought it was a minor problem.
Doctor : Okay, I shall give you some medicines.
Patient : Please do give some good medicine.
Doctor : Have only light and simple meals for a few days.
Patient : Okay sir, I shall do that.
Doctor : Come again after two days.
Patient : All right sir, I shall come after a few days.

Question 2.
Arrange a debate in the class on the topic “Too much use of the mobile phone is harmful.”
मोबाइल का अत्यधिक प्रयोग हानिकारक है, इस विषय पर अपनी कक्षा में एक वाद-विवाद का आयोजन कीजिए।
Answer.
“Too much use of the mobile phone is harmful”.
(A Debate)
For the Motion
Respected President, honoured teachers and friends! It is true that we can’t arrest the march of the times. After all, we are living in the 21st Century and not in the middle ages. Hence, the very idea of a blanket ban on the use of mobile phones is impractical as well as ridiculous. Sir, no doubt, the mobile phone has become an indispensable part of modern life. But should it be allowed to cause unavoidable harm? Certainly not. We must realize that too much use of the mobile phone is harmful socially as well as physically. Radiation of harmful ultraviolet rays are certainly injurious to health. Too much use of it causes problems to our ears as well as to the brain. Hence, we should use the mobile phone only when it is necessary.

Sir, let me remind my opponents what the traffic police says about the use of mobile phones during. driving. Studies show that using the phone during drives only makes the drivers lose their concentration. Many accidents have been caused due to not heeding to the warning. It has become an unnecessary craze for students to carry their mobile phones with them even during their school hours. The classrooms and the library need perfect peace and silence. The ringing of the phone only disturbs the sanctity and peace of the place. Similarly, during a movie or theatre shows the sudden ringing of the mobile is looked down upon as a criminal disturbance by the audience. Hence, the mobile phone should be used only judiciously.

आदरणीय अध्यक्ष महोदय, सम्मानित शिक्षकगण एवं मित्रो! यह सही है कि हम समय की रफ्तार को बाँध नहीं सकते। हम इक्कीसवीं सदी में रह रहे हैं। ने कि मध्यकाल में। अतः मोबाइल फोन के प्रयोग पर व्यापक प्रतिबंध लगाने का विचार न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि हास्यास्पद भी है। महोदय, इनमें कोई शक नहीं कि मोबाइल फोन आधुनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। लेकिन क्या इसे अपरिहार्य नुकसानों का कारण बनने देना चाहिए? निश्चित रूप से नहीं। हमें यह समझना होगा कि मोबाइल का अत्यधिक प्रयोग शारीरिक तथा सामाजिक दोनों ही रूपों में नुकसानदेह है। हानिकारक पराबैंगनी किरणों का विकिरण निश्चित रूप से स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है। इसका अत्यधिक प्रयोग कान के साथ-साथ मस्तिष्क संबंधी समस्याओं का कारण बनता है। अतः हमें जब | आवश्यक हो, तभी मोबाइल फोन का प्रयोग करना चाहिए।

महोदय, मैं अपने विरोधी बंधु को इस बात का स्मरण दिलाना चाहूँगा जिसे यातायात पुलिस ने गाड़ी के परिचालन के दौरान मोबाइल के प्रयोग के संबंध में कहा है। अध्ययनों से यह पता चलता है कि ड्राइविंग के दौरान मोबाइल को प्रयोग से ड्राइवर का ध्यान बँटता है। बहुत सारी दुर्घटनाएँ इस चेतावनी को अनदेखी करने के कारण होती हैं।

छात्रों को एक तरह की निरर्थक धुन-सी सवार हो गई है कि वे स्कूल के समय में भी अपने साथ मोबाइल ले जाते हैं। कक्षा एवं पुस्तकालय में पूर्ण शांति की आवश्यकता होती है। फोन का बजना केवल स्थान की पवित्रता तथा शांति को ही भंग करता है। इसी प्रकार फिल्म अथवा थियेटर शो में मोबाइल का बजना एक प्रकार से आपराधिक अवरोध की तरह देखा जाता है। अतः मोबाइल फोन का प्रयोग विवेकपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।

Activity 5: Composition
Question 1.
Write a paragraph in about 100 words describing the injurious effects of chewing ‘gutka’.
लगभग 100 शब्दों में ‘गुटका’ चबाने के हानिकारक प्रभावों का वर्णन करते हुए एक अनुच्छेद लिखिए।
Answer.
Injurious Effects of ‘chewing gutka’:
Animals have a better sense of self presentation. They will refuse eating anything that goes against their biology. But human beings are just their opposites. They find ways and means that may upset the smooth working of their minds as well as their bodies. Smoking and chewing ‘gutka’ are such acts that cause many disorders and diseases to those who indulge in such activities. The use of tobacco in any form is very injurious to health. Many people befool themselves entertaining a wrong notion that chewing ‘gutka’ is not injurious to health as smoking definitely is. Various medical studies have exploded such myths. It has been found that the presence of nicotine in ‘gutkas’ is as harmful as it is in cigarettes. Hundreds of people in the eastern parts of India where people become addicted to chewing ‘gutkas’ have died of throat cancer. Fortunately, some governments have banned the sale of gutkas’ in public. It is a welcome step. However only an awakening in the masses against gutka-addiction can save them from horrible diseases like cancer.

जानवरों में स्वयं को प्रस्तुत करने की चेतना अधिक होती है। वे अपने शरीर के खिलाफ जाने वाली चीज को खाने से इंकार कर देंगे। किंतु मानव उसके ठीक विपरीत है। वह ऐसा साधन और उपाय हूँढता है जो उनके शरीर तथा मस्तिष्क के सुचारू रूप से संचालन में बाधा उत्पन्न करते हैं। धूम्रपान तथा गुटका चबाना इसी प्रकार के कार्य हैं, जो इन गतिविधयों में लिप्त लोगों के शरीर में कई रोगों का कारण बनते हैं। तंबाकू का किसी भी रूप में प्रयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। कुछ लोग इस अवधारणा से स्वयं को बेवकूफ बनाते हैं कि गुटका का प्रयोग हानिकारक नहीं है, जबकि तंबाकू के हैं। बहुत सारे चिकित्सकीय अध्ययन इस तरह के मिथकों को तोड़ते हैं। यह पाया गया है कि गुटका में निहित ‘निकोटिन’ उतना ही खतरनाक है जितना कि यह सिगरेट में होता है। पूर्वी भारत में सैकड़ों लोग जो गुटका चबाने के आदी हैं, गले के कैंसर से मौत के मुँह में चले गए। सौभाग्य से कुछ सरकारों ने सार्वजनिक रूप से गुटके। की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह स्वागत योग्य कदम है। तथापि केवल लोगों में गुटका के खिलाफ जागरूकता कायम करके ही कैंसर जैसी बीमारियों से बचाया जा सकता हैं।

Question 2.
Write a paragraph in about 70-80 words describing the advantages of eating vegetarian food.
लगभग 70-80 शब्दों में शकाहारी भोजन करने के लाभों का वर्णन करते हुए एंव अनुच्छेद लिखिए।
Answer.
Advantages of eating vegetarian food:
The world of men is not the domain of animals. Carnivorous animals may not survive without meat. It is ridiculous to imagine a vegetarian tiger or a lion. But nature has made man a very delicate animal and with a very delicate biology. His physical structure and his digestive system don’t allow men to take liberties with the food they should eat. Scientific research has shown that vegetarian food is much more suitable to human being than meat-eating. Vegetarian food is easily digestible than the non-vegetarian food. Moreover, many diseases like the ‘Swine-flu’ or ‘Bird flu’ are caused by the infected animals. Unfortunately, the level of hygiene in meat shops is very deplorable. Hence, we should avoid buying it from there. Vegetarian foods are more fibrous, stomach friendly and easily digestible. So, be happy and switch over to vegetarian food.

मनुष्यों का संचार जानवरों का क्षेत्र नहीं है। मांसाहारी जानवर बिना मांस के जीवित नहीं रह सकते।। किसी शाकाहारी बाघ अथवा शेर की अपेक्षा करना हास्यास्पद है। किंतु प्रकृति ने मनुष्य को बहुत ही सुकुमार जानवर बनाया है तथा इसकी शारीरिक संरचना भी बहुत सुकुमार है। उसकी शारीरिक संरचना तथा उसका पाचन तंत्र मनुष्य को यह अनुमति नहीं देता कि वो जानवरों का आहार खाएँ। वैज्ञानिक अनुसंधान यह प्रदर्शित करते हैं कि मांसाहारी भोजन से ज्यादा मनुष्य के लिए शाकाहारी भोजन सुपाच्य है। इनके अतिरिक्त स्वाइन फ्लू तथा बर्ड फ्लू जैसे रोग संक्रामक जानवरों के कारण होते हैं। दुर्भाग्यवश मांस की दुकानों की स्वच्छता भी निराशाजनक है। शाकाहार भोजन अधिक रेशेदार, आँत के लिए अच्छा तथा आसानी से पचने योग्य होता है। इसलिए प्रसन्न रहें तथा शकाहारी भोजन अपनाएँ।

Additional Questions and Answers

A. Answer the following questions in about 30 40 words each:
Question 1.
What is the holistic definition of health?
स्वास्थ्य की सात्विक परिभाषा कौन-सी है?
OR
What do you mean by positive health?
सकारात्मक स्वास्थ्य से आप क्या समझते हैं?
Answer.
The writer Subhra Datta gives a holistic or complete definition of health. She defines health as a positive state of physical and mental wellbeing. Positive health demands perfect health conditions physically as well as mentally. If we are free from diseases and living in a comfortable and clean environment, we are in a state of positive health.

लेखिका शुभ्रा दत्त ने स्वास्थ्य की एक सात्विक तथा संपूर्ण परिभाषा दी है। उन्होंने स्वास्थ्य को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति की। सकारात्मक अवस्था बताया है। सकारात्मक स्वास्थ्य के अंतर्गत मानव शरीर की संपूर्ण शारीरिक तथा मानसिक अवस्था आती है। यदि हम रोगमुक्त हैं तथा एक सुविधाजनक तथा स्वच्छ वातावरण में रहते हैं, तब हम सकारात्मक स्वास्थ्य की अवस्था में हैं।

Question 2.
Do all people in the world enjoy positive health?
क्या विश्व के सभी लोग सकारात्मक स्वरूप का आनंद उठाते हैं?
Answer.
No, very few people in the world enjoy positive health. Positive health can be enjoyed only when we are not only physically fit but also enjoy mental peace. In developed countries people have high nutritional and environmental standards. They enjoy better physical health than the people living in the developing and poor countries. But they don’t have mental peace on the other hand, the developing countries can’t achieve positive health as their nutritional and environmental standards are much lower than the developed nations.

नहीं विश्व के केवल कुछ ही लोग सकारात्मक स्वास्थ्य का आनंद उठा सकते हैं। सकारात्मक स्वास्थ्य का तभी आनंद उठाया जा सकता है, जब हम न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ हों बल्कि मानसिक रूप से भी शांतिपर्ण जीवन बिता रहे हों। विकसित देशों में वहाँ के लोगों को उच्च स्तर का वातावरण तथा पोषण संबंधी स्तर प्राप्त होता है। वे विकासशील तथा निर्धन देशों के लोगों की तुलना में बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य को धारण करते हैं। लेकिन उन्हें मानसिक शांति नहीं होती है। दूसरी तरफ, विकासशील देश सकारात्मक स्वास्थ्य को नहीं प्राप्त कर सकते, क्योंकि विकसित देशों की तुलना में उनका पोषण तथा वातावरण संबंधी स्तर काफी निम्न होता है।

Question 3.
What are good things regarding health which developing countries have and what are the things they lack, when compared to developed nations of the world?
विकासशील देशों में स्वास्थ्य संबंधी कौन-सी अच्छी बातें हैं और किन बातों का अभाव है-जब उनकी तुलना विकसित देशों के साथ की जाती है?
Answer.
Fortunately, in developing countries, the quality of human interactions is better than the developed countries. They have closer ties with their families, friends and neighbours. This gives them more mental peace as the basic human values are intact here. The people of developing countries lack good medical facilities, nutritional and good environmental conditions that are found in developed countries.

सौभाग्यवश, विकासशील देशों के पास मानवीय अंतरक्रिया संबंधी गुण विकसित देशों की अपेक्षा अधिक उत्तम है। उनका परिवार, मित्र तथा पड़ोसियों के साथ घनिष्ठ संबंध होता है। चूंकि इसमें आधारभूत मानवीय मूल्य निहित होते हैं, अतः इससे उन्हें अत्यधिक मानसिक शांति प्राप्त होती है। विकासशील देशों के लोगों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ, पोषण तथा वातावरण संबंधी स्थिति इत्यादि का अभाव होता है।

Question 4.
Can a person enjoy the state of positive health when his physical health is poor? Give a reasoned answer.
क्या एक व्यक्ति जिसका शारीरिक स्वास्थ्य ठीक नहीं है, सकारात्मक स्वास्थ्य का आनंद उठा सकता है? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
Answer.
No, a person can’t enjoy the state of positive health when his physical health is poor. Health or the positive health demands a holistic growth and well-being. Only a person enjoying good physical as well as mental health can enjoy positive health. The presence of one and the lack of the other will not serve any purpose.

नहीं, जिस व्यक्ति का शारीरिक स्वास्थ्य ठीक नहीं है, वो सकारात्मक स्वास्थ्य का आनंद नहीं उठा सकता। स्वास्थ्य अथवा सकारात्मक स्वास्थ्य के अंतर्गत एक मनुष्य का संपूर्ण सात्विक विकास निहित होता है। केवल वही व्यक्ति सकारात्मक स्वास्थ्य का आनंद उठा सकता है, जिसके पास अच्छा शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ बेहतर मानसिक स्वास्थ्य भी हो। इसमें से एक की उपस्थिति तथा एक के अभाव से यह प्रयोजन पूरा नहीं होता।

Question 5.
Do people of developing countries enjoy better mental health. If so how?
क्या विकासशील देशों के लोग बेहतर मानसिक स्वास्थ्य का आनंद उठा पाते हैं? यदि हाँ, तो कैसे?
Answer.
Yes, the people of developing nations enjoy more mental peace than the people of rich and developed nations. The main reason is that the basic human values are still intact there. Moreover, their social structure and family ties help them live more peacefully. They have better and close ties with their families, friends and neighbours. These factors reduce their tension and mental stress.

हाँ, विकसित तथा समृद्ध देशों की तुलना में विकासशील देश अधिक मानसिक शांति का आनंद उठाते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि यहाँ आधारभूत मानवीय मूल्य अक्षुण्ण रहते हैं। इसके अतिरिक्त, उनकी सामाजिक संरचना तथा पारिवारिक जुड़ाव उन्हें शांतिपूर्ण जीवन को जीने में मदद करते हैं। उनका अपने परिवार, मित्रों तथा पड़ोसियों के साथ बेहतर तथा घनिष्ठ संबंध होते हैं। ये कारक उनके तनाव तथा मानसिक अशांति को दूर करते हैं।

Question 6.
Is it impossible for people in developing countries to achieve positive health? If yes, how?
क्या विकासशील देशों के लिए सकारात्मक स्वास्थ्य को प्राप्त करना असंभव है? यदि हाँ, तो कैसे?
Answer.
If is not impossible for people in developing countries to achieve positive health. They can achieve this state if they have better understanding of their bodies and their proper functioning. They also need a clean environment and healthy food and habits. Proper education and the positive approach to life can help them to achieve positive health.

विकासशील देशों के लोगों के लिए सकारात्मक स्वास्थ्य को प्राप्त करना असंभव नहीं है। यदि वे अपने शरीर तथा उनकी कार्यप्रणाली को अच्छी तरह समझ लें तो वे इस अवस्था को प्राप्त कर सकते हैं। उन्हें स्वच्छ वातावरण तथा स्वस्थ खान-पान व आदतों को विकसित करने की भी आवश्यकता है। समुचित शिक्षा तथा जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण सकारात्मक स्वास्थ्य को प्राप्त करने की दिशा में सहायक हो सकते हैं।

Question 7.
Why do we need proper medical care?
आपको चिकित्सकीय देखभाल की क्यों आवश्यकता है?
Answer.
It would be wrong to say that we don’t need any proper medical care. In spite of all our efforts, we will have diseases. We need proper vaccination and immunization against infectious diseases. Surgical needs can’t be ignored. Nor can we ignore proper maternal care before and after childbirth.

यह कहना गलत होगा कि हमें समुचित चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यक नहीं है। सभी उपायों के बावजूद हमें बीमारियाँ हो जाती हैं। संक्रामक रोगों से बचाव के लिए हमें टीकाकरण की आवश्यकता पड़ती है। शल्य-चिकित्सा संबंधी आवश्यकताओं की अनदेखी नहीं की जा सकती। बच्चे के जन्म से पूर्व तथा बाद में माता की समुचित देखभाल को भी हम नजरअंदाज नहीं कर सकते।

Question 8.
Describe the factors that help the people of developed nations to enjoy better health in comparison to the people of developing countries.
उन कारकों का वर्णन कीजिए जो विकासशील देशों की अपेक्षा विकसित देशों को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने में सहायक होते हैं?
Answer.
The people of developed country enjoy better health because of improved medical facilities and competent doctors there. There are other important social factors too. Higher standard of education, wealth, nutrition and cleaner environments enjoyed by the people help them to enjoy better health.

विकसित देशों के लोग बेहतर स्वास्थ्य का आनंद समुन्नत चिकित्सा सुविधाओं तथा चिकित्सकों के कारण उठा पाते हैं। वहाँ अन्य सामाजिक कारण भी उसके लिए उत्तरदायी हैं। शिक्षा का उच्च स्तर, समृद्धि,पोषण तथा स्वच्छ वातावरण का उपभोग वहाँ के लोग बेहतर स्वास्थ्य को प्राप्त करने के लिए करते हैं।

Question 9.
Due to decline in basic human values, the people of developed nations suffer from complex problems such as drug dependence, psychological and mental illness etc. Justify the given statement.
मानवीय मूल्यों में गिरावट के कारण, विकसित देशों के लोग बहुत सारी जटिल समस्याओं से ग्रसित होते हैं। जैसे-नशे पर निर्भरता, मानसिक एवं मनोवैज्ञानिक बीमारियाँ इत्यादि। इस कथन का औचित्य सिद्ध कीजिए।
Answer.
Yes, the people of developed nations have seen decline in basic human values. They don’t have closer ties with families, friends and neighbours. They develop complex problems. They depend on drugs. They develop psychological and mental illness. The suffer from stress related diseases. They don’t have close happy human interaction as families are breaking down there.

हाँ, विकसित देशों के लोगों में आधारभूत मानवीय मूल्यों में गिरावट आई है। उनका अपने परिवार, मित्रों तथा पड़ोसियों के साथ घनिष्ठ संबंध नहीं होता। इसमें कई तरह की जटिल समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं। वे नशे संबंधी बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। क्योंकि वहाँ पारिवारिक संबंध टूट जाते हैं। इसलिए उनमें आनंददायक मानवीय संबंध नहीं बन पाते।

Question 10.
Why do people in advanced countries turn to psychoanalysts or psychiatrists?
विकसित देशों के लोग क्यों मनोविश्लेषक अथवा मनोचिकित्सक के पास जाते हैं?
Answer.
Unfortunately, the people of developed countries don’t enjoy happy and close interactions with their families, friends and neighbours. Breaking down of families and loss of basic human values give them a life of stress and tension. They have to consult psychiatrists quite often as they suffer from psychological and stress related diseases.

दुर्भाग्यवश, विकसित देशों के लोग अपने परिवार,मित्रों तथा पड़ोसियों के पास आनंदपूर्ण एवं घनिष्ठ संबंध नहीं बना पाते। परिवारों का विघटन तथा आधारभूत मानवीय मूल्यों का ह्रास उन्हें तनावग्रस्त कर देता है। उन्हें अपनी तनाव संबंधी बीमारियों के कारण अक्सर मनोचिकित्सक से सलाह लेनी पड़ती है।

Question 11.
How are people from developing countries trying to ape developed nations ignoring important factors associated with better physical health and by spending more money on doctors and medicines? Is it desirable?
किस प्रकार से विकासशील देशों के लोग विकसित देशों की नकल कर बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण कारकों की अवहेलना करते हुए अधिकाधिक पैसा चिकित्सकों तथा दवाइयों पर खर्च
करते हैं? क्या ये आवश्यक है?
Answer.
No, it is not. Unfortunately, people from poor and developing countries ignore important factors associated with better physical health. They try to ape advanced nations. They run after medical facilities to cope with even minor health problems. They don’t care for healthy food and clean environments. They waste their limited resources on doctors and medicines.

नहीं, यह आवश्यक नहीं है। दुर्भाग्यवश विकासशील एवं निर्धन राष्ट्रों के लोग बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण कारकों की उपेक्षा करते हैं। वे विकसित देशों की नकल करने का प्रयास करते हैं। ये सामान्य स्वास्थ्य संबंधी समाधानों में भी चिकित्सकीय सहायता लेते हैं। वे स्वास्थ्यकर खाना तथा स्वच्छ वातावरण पर ध्यान नहीं देते। वे अपने सीमित संसाधनों का अपव्यय चिकित्सकों तथा दवाइयों पर करते हैं।

Question 12.
What should developing countries do instead of wasting their valuable resources?
RBSE Solutions for Class 10 English Chapter 3 Positive Health 12
Answer.
The developing countries should stop wasting their valuable resources. They must observe common sense to maintain healthy bodies and minds. They must learn the value of good nutrition for health. They must use their indigenous simple home remedies to solve simple health problems. They should stop spending money on doctors and medicines unnecessarily.

विकासशील राष्ट्रों को अपने कीमती संसाधनों का व्यर्थ प्रयोग बंद करना चाहिए। उनमें अपने शरीर तथा मस्तिष्क को स्वस्थ रखने की सामान्य समझ होनी चाहिए। उन्हें स्वास्थ्य के लिए अच्छे पोषण के महत्व को जानना चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी सामान्य समस्याओं के निदान के लिए उन्हें देशी एवं सामान्य घरेलू उपचारों की सहायता लेनी चाहिए। उन्हें चिकित्सों तथा दवाइयों पर अनावश्यक खर्च करना । बंद कर देना चाहिए।

Question 13.
“In nature, animals are not influenced by the media campaign and they trust their own instincts” says the author. Justify the statement.
‘स्वभावतः जानवर मीडिया के प्रचार से प्रभावित नहीं होते तथा वे अपनी सहज-बुद्धि पर विश्वास करते हैं।” ऐसा लेखक का कथन है। इस कथन के औचित्य को सिद्ध कीजिए।
Answer.
The author rightly says that like human beings, animals are not influenced by the media. Animals trust their own instincts. Nature has given animals the power to monitor their own bodies and maintain their health. Wild animals regularly lick the soil to get the exact amount of salt their bodies need. They never overeat and never suffer from obesity.

लेखक सही कहते हैं कि मनुष्य की तरह, जानवर मीडिया से प्रभावित नहीं होते। जानवर अपनी सहज-बुद्धि पर विश्वास करते हैं। प्रकृति ने जानवरों को अपने शरीर का अनुश्रवण तथा स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने की शक्ति प्रदान की है। जंगली जानवर अपने शरीर में आवश्यक लवण की मात्रा को प्राप्त करने के लिए मिट्टी को चाटते हैं। ये कभी भी अत्यधिक नहीं खाते तथा कभी मोटापे का शिकार नहीं होते।

Question 14.
How do animals save themselves from obesity and other stomach problems?
जानवर किस प्रकार से मोटापे तथा आँत संबंधी समस्याओं से स्वयं की रक्षा करते हैं?
Answer.
Nature has made animals trust their own instincts. They eat only the required amount of food and never suffer from obesity as humans often do. All carnivorous animals eat grass whenever they have diarrhoea and other stomach problems due to indigestion.

प्रकृति ने जानवरों को अपनी सहज–बुद्धि पर विश्वास करने की क्षमता प्रदान की है। वे अपना आहार आवश्यक मात्रा में ही लेते हैं तथा मनुष्यों की तरह कभी भी मोटापे का शिकार नहीं होते। सभी मांसाहारी जानवर बदहजमी के कारण होने वाली डायरिया अथवा आँत संबंधी समस्याओं में केवल घास खाते हैं।

Question 15.
How have human beings lost their power to monitor their own bodies?
किस प्रकार से मनुष्य ने स्वयं अपने शरीर के अनुश्रवण की शक्ति को खो दिया है?
Answer.
Human beings seem to have lost their ability to monitor their own bodies in order to maintain health. They refuse to understand their own body signals. The follow the advice of doctors and the media. Overzealous parents overfeed their children. Either they eat too much or too little. They ignore the value of proper environment and the correct amounts of food.

वे अपने शरीर के संकेतों को समझे नहीं पाते। वे चिकित्सकों तथा मीडिया की सलाहों का अनुसरण करते हैं। अति उत्साही माता-पिता अपने बच्चों को आवश्यकता से अधिक खिलाते हैं। या तो वे बहुत अधिक खाते हैं अथवा बहुत ही कम। वे आदर्श वातावरण व खाने की समुचित मात्रा के महत्व की उपेक्षा करते हैं।

Question 16.
How do exceptions and ambitions of parents put children to tremendous frustration and stress?
किस प्रकार से माता-पिता की अपेक्षाओं तथा महत्वाकांक्षाओं का दबाव बच्चों पर अत्यधिक अवसाद तथा तनाव का कारण बनता है?
Answer.
Often the expectations and ambitions of parents put too much pressure on their children. When children fail to reach the level of their parents’ ambitions, they can suffer from tremendous frustration and stress. It may lead to doing experimentation and grow escapist tendencies in them.

अक्सर माता-पिता की अपेक्षाओं तथा महत्वाकांक्षाओं का असर बच्चों पर बहुत ही ज्यादा पड़ता है। जब बच्चे अपने माता-पिता के उपेक्षाओं की कसौटी पर खरा नहीं उतर पाते तो वे अत्यधिक अवसाद तथा तनाव का शिकार हो जाते हैं। इससे वे प्रयोगधर्मी तथा पलायनवादी प्रवृत्ति के हो जाते हैं।

Question 17.
What are parental responsibilities to their children and to the world environment?
माता-पिता का अपने बच्चों तथा वैश्विक पर्यावरण के प्रति क्या कर्तव्य है?
Answer.
Parents have responsibilities not to put tremendous pressure on their children. When children fail to come up to their parent’s ambitions, they suffer from tremendous frustration and stress. They should change their conventional attitudes and give freedom to decide their own affairs. They must remember that the living space of this world is limited. Only proper family planning can help in providing a clean environment for the
future generations.

माता-पिता का यह कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों पर अत्यधिक दबाव न डालें। जब बच्चे अपने माता-पिता की महत्वाकांक्षाओं को पूरा नहीं कर पाते तो वे अत्यधिक अवसाद एवं तनाव का शिकार हो जाते उन्हें अपनी परंपरागत विचारधारा में परिवर्तन लाना चाहिए तथा उन्हें अपने बारे में निर्णय लेने की स्वतंत्रता देनी चाहिए| उन्हें यह स्मरण रखना चाहिए कि दुनिया में रहने का स्थान बहुत ही सीमित है। आगामी पीढ़ी को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए केवल परिवार नियोजन ही सहायक हो सकता है।

Question 18.
How is the mind most important in the maintenance of positive health?
सकारात्मक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए मस्तिष्क क्यों महत्वपूर्ण है?
Answer.
Actually, mind is the most important factor in the maintenance of positive health. Proper rest and relaxation are necessary for developing a healthy mind. We must learn ways and means to deal with day to day stress. It will avoid many health problems.

विशुद्ध रूप से, सकारात्मक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए मस्तिष्क एक महत्वपूर्ण कारक है। समुचित आराम तथा तनावमुक्त होना स्वस्थ मस्तिष्क के विकास के लिए अत्यावश्यक है। हमें दैनंदिन के तनाव से निपटने के लिए उसके उपायों तथा साधनों की जानकारी आवश्यक है। यह कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर कर सकता है।

Question 19.
We can’t avoid diseases. How are diseases be dealt with without panic?
हम बीमारियों की उपेक्षा नहीं कर सकते। इन बीमारियों से बिना किसी संत्रास के कैसे निपटा जा सकता है?
Answer.
Even if we enjoy good health, we cannot avoid diseases altogether. Each person is at risk of becoming sick or injured. It is important to deal with diseases or injuries in a realistic and intelligent way. We shouldn’t be panicky. Knowledge of the body and proper treatment are necessary. Antibiotics or strong pain killers should be taken only under the supervision of a qualified doctor.

यद्यपि हम अच्छे स्वास्थ्य को धारण करते हैं, तथापि हम बीमारियों को पूर्ण रूप से दूर भगा सकते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को बीमार अथवा घायल होने का खतरा रहता है। यह महत्वपूर्ण है कि इन बीमारियों अथवा चोट से यथार्थपूर्ण तथा बुद्धिमत्तापूर्ण तरीके से निपटा जाए। हमें घबड़ाना नहीं चाहिए। शरीर के बारे में ज्ञान तथा समुचित इलाज अति आवश्यक है। केवल योग्य चिकित्सकों के पर्यवेक्षण में ही प्रतिजैविकी अथवा प्रभावकारी दर्द निरोधक गोलियों का सेवन किया जाना चाहिए।

Question 20.
Justify the title and the message positive health gives to the readers.
पाठकों को दिए गए सकारात्मक स्वास्थ्य के शीर्षक तथा संदेश के औचित्य पर प्रकाश डालिए।
Answer.
The title the of lesson Positive Health is very apt and logical one. It gives a definite message. The concept of ‘positive health’ is a holistic concept. It means complete health. Merely physical health does not constitute ‘positive health’. According to Subhra Datta ‘Positive health’ is a positive state of physical and mental wellbeing. It means living harmoniously in a comfortable and clean environment and free from diseases. Only then we can enjoy better physical as well as mental health.

सकारात्मक स्वास्थ्य पाठ का शीर्षक बहुत ही उपयुक्त तथा तर्कसंगत है। यह एक निश्चित संदेश प्रदान करता है। सकारात्मक स्वास्थ्य एक सात्विक अवधारणा है। केवल शारीरिक स्वास्थ्य का मतलब सकारात्मक स्वास्थ्य नहीं है। शुभ्रा दत्त के अनुसार,सकारात्मक स्वास्थ्य स्वस्थ मनुष्य की सकारात्मक शारीरिक एवं मानसिक अवस्था है। इसका तात्पर्य सुविधाजनक तथा स्वस्थ वातावरण में रोगमुक्त होकर सद्भावना पूर्वक जीवन व्यतीत करना है। तब भी हम बेहतर शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य का आनंद उठा सकते हैं।

B. Answer the following questions in about 60 words each
Question 1.
In spite of better medical facilities and clean environments why don’t advanced nations enjoy positive health?
बेहतर चिकित्सा सुविधाओं तथा स्वच्छ वातावरण के बावजूद क्यों विकसित देश सकारात्मक स्वास्थ्य का आनंद नहीं उठा पाते?
Answer.
It is true that people in developed countries remain far from achieving positive health. Positive health means the positive state of physical and mental well-being. In developed countries the people enjoy better environmental and nutritional status. They may enjoy better physical health but they are far from achieving positive down of families and lack of harmony in their relations with their friends relatives and neighbours who keep them frustrated and in constant tension and mental stress. They have to often consult psychiatrists for mental and stress related diseases.

यह सत्य है कि विकसित देशों के लोग सकारात्मक स्वास्थ्य प्राप्त करने की दिशा में अब भी काफी दूर हैं। सकारात्मक स्वास्थ्य का तात्पर्य व्यक्ति की शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य की सकारात्मक अवस्था से है। विकसित देशों में लोग बेहतर वातावरण तथा पोषण संबंधी स्थितियों का आनंद उठाते हैं। वे बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य का आनंद तो उठाते हैं किंतु वे सकारात्मक स्वास्थ्य के लक्ष्य को प्राप्त करने से काफी दूर हैं। परिवारों का विघटन, मित्रों, संबंधियों तथा पड़ोसियों के बीच सद्भाव के अभाव के कारण वे हमेशा मानसिक अशांति तथा तनाव से ग्रसित रहते हैं। उन्हें अक्सर मनोरोग संबंधी समस्याओं के कारण मनोचिकित्सक की शरण लेनी पड़ती है।

Question 2.
Is it impossible for the developing nations to enjoy positive health?
क्या विकासशील राष्ट्रों के लिए सकारात्मक स्वास्थ्य का आनंद लेना असंभव है?
Answer.
The people in developing countries face many problems in achieving positive health. No doubt, due to close knit social systems, they have some advantages too. They don’t suffer from stress related mental diseases as people of developed nations do suffer. It is not impossible for developing countries to enjoy positive health. Only they have to have a cleaner environment and healthy food habits. However, the environmental and nutritional state of developing countries are much lower than the developed nations. The people of these countries suffer from poor physical health. Due to their poor physical health, they can’t enjoy the status of positive health.

विकासशील राष्ट्रों के लोग सकारात्मक स्वास्थ्य को प्राप्त करने के रास्ते में कई प्रकार की समस्याओं का सामना करते हैं। इसमें दो राय नहीं कि घनिष्ठ सामाजिक संरचना से जुड़े रहने के कारण, उन्हें कुछ लाभ भी प्राप्त होते हैं। वे उन मानसिक तनाव संबंधी समस्याओं से दो-चार नहीं होते, जिनसे विकसित लोग आक्रांत होते हैं। विकासशील देशों के लिए सकारात्मक स्वास्थ्य को प्राप्त करना कोई असंभव नहीं है। उन्हें केवल स्वच्छ परिवेश तथा अच्छा भोजन तथा उचित खान-पान की आदतें अपनाने की आवश्यकता है। तथापि, पर्यावरणीय तथा पोषण संबंधी स्थिति विकासशील देशों में विकसित देशों की अपेक्षा बहुत ही निम्न है। इन देशों के लोगों का शारीरिक स्वास्थ्य भी अच्छा नहीं रहता। खराब शारीरिक स्वास्थ्य के साथ वे सकारात्मक स्वास्थ्य की अवस्था को नहीं प्राप्त नहीं कर सकते।

Question 3.
How do animals understand the language of their bodies?
जानवर अपने शरीर की भाषा को कैसे समझ लेते हैं?
Answer.
(Please see Q. 3 of Type II of that Answer Questions, Text Book Exercise) कृपया प्रश्न संख्या 3 का उत्तर देखें।

Question 4.
A decline in basic human values have affected the people in developed nations. Do people living in developed nations suffer less from stress and stress-related diseases?
मानवीय मूल्यों में गिरावट ने विकसित देशों के लोगों को प्रभावित किया है। क्या विकसित देशों के लोग तनाव तथा अवसाद संबंधित बीमारियों से कम ग्रसित होते हैं?
Answer.
These is no doubt that a decline in basic human values have adversely affected the people living in developed countries. Breaking down of families is one of the deciding factors. The people don’t enjoy close ties with their families, neighbours and friends. This affects their wellbeing.

No, the people in developed countries don’t suffer less from stress and stress-related diseases. Rather they suffer more. Often, they have to consult psychiatrists for complex problems. They remain depressed, frustrated and become drug addicts.

इसमें कोई शक नहीं कि मानवीय मूल्यों में गिरावट ने विकसित देशों के लोगों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। परिवारों का विघटन इसका एक प्रमुख कारण है। लोग अपने परिवार, मित्रों तथा पड़ोसियों के साथ घनिष्ठ संबंध नहीं बना पाते। यह उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।

नहीं, विकसित देशों के लोग तनाव तथा अवसाद संबंधित बीमारियों से कम ग्रसित नहीं होते, बल्कि वे कहीं ज्यादा ही प्रभावित होते हैं। उन्हें अक्सर अपनी जटिल समस्याओं के निदान के लिए मनोचिकित्सकों की सहायता लेनी पड़ती है। वे अवसाद ग्रसित तथा नशा संबंधी आदतों के शिकार रहते हैं।

Question 5.
What is the best way to deal with your children? What are the hazards that parents face when they step up the pressure of ambitions and expectations on their children.
अपने बच्चों के साथ पेश आने का सबसे अच्छा तरीका कौन-सा है? बच्चों पर अपनी अपेक्षाओं तथा महत्वाकांक्षाओं का दबाव बनाते समय माता-पिता को किस प्रकार के जोखिम का सामना करना पड़ता है?
Answer.
Parents can’t adopt outdated and conservative methods to deal with their children. They will have to understand the limitations and sensitivities of their children. It is quite possible that their children may not reach the high level of their parents’ ambitions and expectations. It causes frustration, depression and escapism among them. They become an easy prey to drug-addiction and other stress related problems. The children should be allowed to develop in their own natural happy way. Parental love, care and guidance are necessary for their healthy growth.

माता-पिता अपने बच्चों के साथ अव्यावहारिक तथा संकीर्ण विचारों के साथ व्यवहार नहीं कर सकते। उन्हें अपने बच्चों की परिसीमाओं तथा संवेदनाओं को समझना होगा। ऐसा संभव है कि उनके बच्चे उनकी अपेक्षाओं तथा महत्वाकांक्षाओं की कसौटी पर खरा न उतर सकें। इसके कारण वे तनाव, अवसाद एवं पलायनवादिता का शिकार हो जाते हैं। बच्चों को अपने खर्च का ध्यान किए हुए आनंददायक रास्ते पर चलने की छूट देनी चाहिए। बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए माता-पिता का प्यार, दिशा निर्देशन तथा देखभाल आवश्यक है।

Questions for Practice
1. How will you define health?
स्वास्थ्य को आप कैसे परिभाषित करेंगे?

2. Why don’t the people of developed nations enjoy better mental health?
विकसित देशों के लोग बेहतर मानसिक स्वास्थ्य का आनंद क्यों नहीं उठा पाते?

3. Can we do away with medical care?
क्या हम चिकित्सकीय देख-रेख से दूर हो सकते हैं?

4. Which are things that are enjoyed more by the people in developed nations?
वे कौन-सी चीजें हैं जिनका आनंद विकसित देशों के लोग अधिक उठाते हैं?

5. Why shouldn’t developing nations waste their valuable resources?
विकासशील देशों के लोगों को अपना बहुमूल्य संसाधन क्यों नष्ट नहीं करना चाहिए?

6. Do animals have better control over their bodies than humans? How?
क्या मनुष्य की अपेक्षा जानवरों का अपने शरीर पर अधिक नियंत्रण होता है?

7. How do expectations and ambitions of parents put pressure on their children?
माता-पिता की महत्वाकांक्षाओं तथा आकांक्षाओं का दबाव किस प्रकार से बच्चों पर पड़ता है?

8. How is the mind most vital in the maintenance of positive health?
सकारात्मक स्वास्थ्य के लिए मस्तिष्क क्यों महत्वपूर्ण है?

9. What is positive health and name the factors that can help us in enjoying positive health?
सकारात्मक स्वास्थ्य क्या है? सकारात्मक स्वास्थ्य का आनंद उठाने में सहायक कारकों का नाम लिखिए।