Chapter 4 From the Diary of Anne Frank

Writing in a ………..this friend — Kitty’. (Pg. 50)

कठिन शब्दार्थ-Musing (म्यूजिंग्ज) = चिन्तन, Depressed (डिप्रेस्ड) = निराश, Listless (लिस्टलेस) = सुस्त, Brooding (ब्रडिंग) = विचार करते हुए, Stiff-backed (स्टिफ-बैक्ड) = कठोर जिल्द वाली, Grandly (ग्रैन्टलि)= शान से, Referred to ( रेफॅर्ड ट) = उल्लेखित करते है, Probably ( प्रॉबब्लि)= सम्भवतः, Prompted (प्रॉम्पटिड)= प्रेरित किया, Confide (कॅनफाइड) = किसी को गोपनीय बात बताना, Liable (लाइअब्ल)= उत्तरदायित्व, Enhance (इनहान्स)= बढ़ाना/संवर्द्धन, Imagination (इमेजिनेशन) = कल्पना, Jot down (जॉट डाउन)= जल्दी से संक्षेप में लिखना।

हिन्दी अनुवाद-किसी मेरी जैसी के लिए एक डायरी में लिखना सही में एक विचित्र अनुभव है। यह विचित्र अनुभव सिर्फ इसलिए नहीं है कि मैंने कभी इससे पहले कुछ नहीं लिखा है बल्कि इसलिए भी है क्योंकि मुझे ऐसा लगता है कि बाद में न तो मैं स्वयं और न कोई दूसरा व्यक्ति 13 वर्ष की स्कूली बालिका के विचारों में रुचि रखेगा। यह ठीक है कि इस बात का कोई महत्त्व नहीं है मैं लिखने जैसा महसूस करती हूँ अर्थात् मैं लिखना चाहती हूँ और मुझे इससे भी ज्यादा जरूरत है अपने दिल का बोझ हल्का करने की।

‘कागज़, मानव से ज्यादा धैर्य अथवा सहनशीलता रखते है’, मैंने इस कहावत के बारे में उन दिनों सोचा जब मैं थोड़ा निराश महसूस कर रही थी और अपने हाथों में अपनी ठोड़ी को पकड़कर घर पर उदास और सुस्त बैठी हुई थी और सोच रही थी कि घर में अन्दर ही रुकूँ या बाहर जाऊँ। मैं आखिरकार वहीं रूकी रही, जहाँ मैं थी यह सोचते हुए-हाँ, कागज़ वाकई अधिक धैर्य रखता है और चूँकि मैं यह योजना नहीं बना रही हूँ कि किसी दूसरे को इस सख्त-जिल्द वाली पुस्तिका, जिसे शान से एक डायरी के रूप में निर्दिष्ट करते हैं, को पढ़ने की अनुमति दूँ, जब तक कि मुझे एक वास्तविक विश्वसनीय दोस्त नहीं मिल जाता, तब तक इसमें शायद थोड़ा-सा भी बदलाव नहीं आयेगा।

अब मैं वापस उस ही बिन्दु पर आती हूँ जिसने मुझे डायरी को पहले स्थान पर रखने के लिए प्रेरित किया-वह यह है कि मेरा कोई भी दोस्त नहीं हैं।

मैं इसे स्पष्ट कर दें, क्योंकि कोई इस बात पर भरोसा नहीं करेगा कि एक 13 वर्ष की लड़की दुनिया में बिल्कुल अकेली है और मैं अकेली हँ भी नहीं। मेरे पास प्यार करने वाले मेरे माता-पिता और 16 वर्ष की एक बहन है और लगभग 30 ऐसे भी लोग हैं जिन्हें मैं अपना दोस्त कह सकती हूँ। मेरा एक परिवार है जिसमें प्यारी चाचियाँ हैं और एक अच्छा घर है। नहीं, अर्थात् स्थिति ऐसी नहीं है ऊपरी तौर पर ऐसा लगता है कि मेरे पास सब कुछ है, बजाए एक सच्चे दोस्त के । जब मैं अपने दोस्तों के साथ होती हूँ तो सिर्फ मौज-मस्ती के बारे में ही सोचती हूँ। मैं रोजमर्रा की सामान्य चीज़ों के अलावा और कुछ नहीं सोचती हूँ। हम और आत्मीय होते नहीं दिखते, शायद यही समस्या है। शायद यह मेरी गलती हो कि हम एक-दूसरे को अपनी गोपनीय बातें नहीं बताते हैं। किसी भी परिस्थिति में, स्थितियाँ ऐसी ही हैं जैसी हैं और दुर्भाग्यवश ये बदलने वाली नहीं हैं। इस ही कारण से मैंने डायरी लिखना शुरू किया है।

लम्बे समय से इंतज़ार में इस दोस्त की छवि मेरी कल्पना में बढ़ाने के लिए, मैं इस डायरी में तथ्यों को जल्दी से संक्षेप में इस तरह से लिखना नहीं चाहूँगी जैसे कि ज्यादातर लोग करते हैं, बल्कि मैं चाहती हूँ कि डायरी मेरी दोस्त बने और मैं इस दोस्त को ‘किट्टी’ कहकर पुकारने वाली हूँ।

Since no one ……………of my diary. (Pg. 51)

कठिन शब्दार्थ-Plunge in (प्लज इन) = हड़बडी में शुरू करना, Sketch ( स्केच) = | रूपरेखा, Adorable (अडोरेबल) = प्रिय, Emigrate ( एमिग्रेट) = उत्प्रवास करना/विदेश में जा बसना, Plunked down (प्लंक्ड डाउन) = पटक दिया, heart breaking ( हार्टब्रेकिंग) = हृदय विदारक, Farewell ( फेअरवेल) = विदाई, Celebration ( सेलिब्रेशन) = समारोह, Intended (इनटेन्डेड) = के प्रयोजन से, Solemn( सॉलॅम )= सत्यनिष्ठ, Dedication (डेडिकेशन) = समर्पण।

हिन्दी अनुवाद-कोई भी किट्टी में लिखी मेरी कहानी का एक भी शब्द नहीं समझ पाता अगर मैं इसमें वाकई में हड़बड़ी में लिखना शुरू कर देती। यह अच्छा होगा कि मैं अपने जीवन की एक संक्षिप्त रूपरेखा उपलब्ध करवा दूं, यद्यपि मैं ऐसा करना पसन्द नहीं करती हूँ।

मेरे पिताजी, मैंने जितने भी अब तक दूसरों के पिता देखे है उनमें से मेरे पिताजी सबसे प्यारे है, जिन्होंने मेरी माँ से तब तक विवाह नहीं किया जब तक वह 36 वर्ष के नहीं हो गए और माँ 25 वर्ष की नहीं हो गई। मेरी बहन मार्गोट का जन्म सन् 1926 में जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में हुआ। मेरा जन्म 12 जून, 1929 को हुआ था। मैं 4 वर्ष की आयु तक फ्रैंकफर्ट में रही। मेरे पिताजी सन् 1933 में हॉलैंड को उत्प्रवास अथवा चले गए अथवा मेरी माँ, एडिथ हॉलैंडर फ्रैंक, सितम्बर में उनके साथ हॉलैंड चली गई, जबकि मार्गोट और मुझे हमारी दादी माँ के साथ रहने ऑकन भेज दिया गया था। मार्गोट दिसम्बर में हॉलैंड गई और मैंने फ़रवरी में उसका अनुसरण किया, जब मुझे मार्गोट के जन्मदिन के उपहार के तौर पर मेज़ पर पटक दिया गया था।

____ मैंने तुरन्त ही मॉन्टेसॅरि नर्सरी विद्यालय में पढ़ाई शुरू कर दी। मैं 6 वर्ष की आयु तक वहाँ रही जब तक कि मैंने पहली कक्षा शुरू कर दी थी। छठी कक्षा में मेरी अध्यापिका मिस. क्युपरेस प्रधानाचार्य थी। साल के अन्त में हम दोनों की आँखों में आँसू थे ज्योंही हमने एक-दूसरे को हृदय विदारक विदाई दी।

_सन् 1941 की गर्मियों में दादी माँ बीमार हो गई और उनका एक ऑपरेशन कराना पड़ा था, अत: मेरा जन्मदिन बिना किसी समारोह के खत्म हो गया।

– दादी माँ का स्वर्गवास जनवरी, 1942 में हो गया था। कोई नहीं जानता है कि मैं उनके बारे में कितनी बार सोचती हूँ तथा अब भी उनसे प्यार करती हूँ । सन् 1942 का यह जन्मदिन पहले वाले जन्मदिन को मनाने की कमी को पूरा करने के इरादे से मनाया गया था तथा अन्य मोमबत्तियों के साथ दादी माँ की मोमबत्ती भी जलाई गई थी।

हम चारों अभी भी ठीक-ठाक हैं और इसके साथ ही मैं आज के दिनांक 20 जून, 1942 पर आती हूँ और मेरी डायरी के प्रति निष्ठापूर्वक समर्पण पर आती हूँ।

Dearest Kitty, …… to keep quiet. (Pg. 52)

कठिन शब्दार्थ-Quaking in its boots (क्वेकिंग इन इट्स बूट्स) = भय व चिन्ता से कॉपना, Forthcoming ( फोर्थकमिंग) = आगामी, Bets ( बेट्स) = शर्त, Pleading glances (प्लीडिंग ग्लासिज) = प्रार्थना भरी निगाहें, Angry outbursts ( एंग्री आउटबॅस्ट्स ) = क्रोधपूर्ण भड़ास, Dummies (डमिज) = मूर्ख व्यक्ति, Unpredictable (अनप्रिडिक्टॅबल)= जिसके बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती, Old fogey (ओल्ड फोगि) पुराने फ़ैशन का, Annoyed ( अनॉइड) = नाराज़, Assigned ( असाइन्ड) = दिया, Chatterbox (चैटॅरबॉक्स) = बातूनी, Tucked in (टक्ड इन)= अन्दर रखी।

शनिवार 20 जून, 1942

प्रिय किट्टी,

हमारी पूरी कक्षा डर और चिन्ता से काँप रही है। इसका कारण नि:सन्देह. आगामी मीटिंग है जिसमें अध्यापक यह फैसला करेंगे कि कौन अगली कक्षा में जायेगा और किसको इसी कक्षा में रोक लिया जायेगा। इस पर आधी कक्षा शर्ते लगा रही है ।

जी.एन. और मैं अपने पीछे के दो लड़कों सी.एन. और जैकस की मूर्खता पर हँसते हैं जिन्होंने अपनी छुट्टियों की पूरी बचत को शर्त पर लगा दिया है। सुबह से रात तक यही चलता रहता “तुम तो उत्तीर्ण हो जाओगे”, “नहीं, मैं नहीं होऊँगा”, “हाँ, तुम हो जाआग, ला, में नहीं होऊंगा’। यहाँ तक कि जी’ की प्रार्थना भरी निगाहें और मेरी गस्से वाली भडास भी उन्हें शान्त नहीं कर पाए। अगर आप मुझसे पूछे, तो कक्षा में इतने मूर्ख हैं कि एक-चौथाई को तो इस ही कक्षा में रोक लिया जाना चाहिए, लेकिन अध्यापकगण इस धरती पर ऐसे प्राणी हैं जिनके बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है।

_मैं अपनी सहेलियों और अपने बारे में चिन्तित नहीं हूँ। हम इसे कर लेंगे अर्थात् हम तो पास हो ही जाएँगे। एकमात्र विषय गणित जिसके बारे में मैं आश्वस्त नहीं हूँ। जो भी हो, हम सिर्फ इंतज़ार ही कर सकते हैं। तब तक, हम एक-दूसरे को निराश न होने के लिए ही कह सकते हैं।

__मेरी, सभी अध्यापकों के साथ अच्छी बनती है। वे 9 हैं जिनमें 7 पुरुष और 2 महिलाएँ हैं । मि. कीसिंग, पुराने फ़ैशन के हैं और गणित पढ़ाते हैं, वे लम्बे समय से मुझसे नाराज़ थे क्योंकि मैं बहुत बात करती थी। बहुत-सी चेतावनियों के बाद उन्होंने मुझे ज्यादा घर पर कार्य दे दिया, ‘एक बातूनी’ विषय पर एक निबन्ध लिखना भी उसमें सम्मिलित है। एक बातूनी-इसके बारे में तुम क्या लिख सकती हो? मैंने निश्चय किया, कि इसकी चिन्ता बाद में करूँगी। मैंने शीर्षक को मेरी अभ्यास-पुस्तिका में लिखा, इसे मेरे थैले में रखा और चुप रहने की कोशिश की।

That evening, ……….. Yours, Anne. (Pg. 52-54)

कठिन शब्दार्थ-Ramble on (रैम्बल ऑन) = अनर्गल प्रलापना अथवा इधर-उधर की बात करना, Convincing arguments (कॅनविन्सिंग आर्ग्युमेन्ट्स) = युक्तिपूर्ण बात, ठोक तर्क, Inherited traits (इनहेरिटिड ट्रेट्स) = वंशानुगत विशेषताएँ, Proceeded (प्रॉसीडिड) = आगे बढ़ी, Incorrigible(इनकॉरिजिबल) = जिसे सुधारा न जा सके. Quack (क्वैक) = बत्तख की तरह काँ-काँ, Exhausted (इगजोस्टिड) = समाप्त कर दिया, Ingenuity (इनजॅन्यूअटि) = प्रतिभाशीलता, Ridiculous (रिडिक्वॅलॅस) = हास्यास्पद, Swan (स्वॉन) = हँस, Baby duckling ( बेबि डकलिंग्ज) = | बत्तख के बच्चे।

हिन्दी अनुवाद-उस शाम, जब मैं अपना शेष गृहकार्य खत्म कर चुकी थी, उसके बाद निबन्ध लिखने के नोट पर मेरा ध्यान गया। मेरी स्याही वाले पेन की नोक को चबाते हुए अथवा मुँह में लेते हुए मैंने विषयवस्त के बारे में सोचना शुरू किया। कोई भी अनर्गल बातें लिख सकता था और शब्दों के बीच ज्यादा जगह छोड़ सकता था अथवा खला खुला लिख सकता था, लेकिन चतुराई तो इस बात में थी कि बोलने की जरूरत को युक्तिपूर्ण तर्कों द्वारा प्रमाणिक किया जाए। मैं सोचती रही और सोचती रही और अचानक मुझे एक विचार आया। मैंने तीन पेज लिखे जो मि. कीसिंग ने मुझे दिए थे और वह सन्तुष्ट थे। मैंने तर्क दिया कि बोलना एक विद्यार्थी की विशेषता है और यह कि मैं इसे नियन्त्रण में रखने की मेरी सर्वोत्तम कोशिश करूँगी लेकिन बात यह है कि मैं इस आदत से कभी छूट नहीं पाऊँगी क्योंकि मेरी माँ भी अगर मुझसे ज्यादा नहीं तो उतना तो बातनी थी जितनी मैं हूँ और यह कि वंशानुगत विशेषताओं के बारे में आप कुछ ज्यादा नहीं कर सकते।

मेरे तर्कों पर मि. कीसिंग खुलकर हँसे, लेकिन जब मैं अगले पाठ के दौरान भी मेरे ही तरीके से बात करने लगी तो उन्होंने मझे दूसरा निबन्ध लिखने को दे दिया। इस बार यह इस शीर्षक पर था-“एक असुधार्य बातूनी” अर्थात् बातूनी जिसे सुधारा न जा सके। | मैंने उसे भी लिखकर दे दिया और मि. कीसिंग के पास दो परे पेजों तक शिकायत करने को कुछ नहीं था। फिर भी, तीसरे पाठ के

दौरान उनसे और नहीं सहा गया।”एनी फ्रैंक, कक्षा में बात करने की सजा के रूप में, इस शीर्षक पर निबन्ध लिखकर लाना-‘काँ काँ-काँ कुमारी बातुनी बोली।”

– कक्षा ज़ोर से हँसने लगी, मुझे भी हँसी आ गई, क्योंकि बातृनियों के विषय पर मैं अपने प्रतिभाशीलता लगभग खत्म कर चुकी थी। अब समय था कुछ अन्य करने का, कुछ मौलिक करने का। मेरी मित्र, सैन, जो कि काव्य-लेखन में अच्छी है, ने इस निबन्ध को शुरू से आखिर तक कविता में लिखने में मेरी सहायता करने का प्रस्ताव रखा और मैं खुशी से झूम उठी। मि. कीसिंग इस हास्यास्पद विषय द्वारा मेरा मज़ाक उड़ाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मैं सुनिश्चित करूँगी कि यह मज़ाक उन्हीं के साथ हो।

मैंने अपनी कविता खत्म की और यह बहुत सुन्दर थी। यह कविता एक बत्तख माँ और एक हँस पिता जिनके तीन बच्चे थे, के बारे में थी उनके पिता ने उन बच्चों को चोंच मार-मारकर इसलिए मार दिया था क्योंकि वे बहुत ज्यादा काँ-काँ करते थे। सौभाग्य से, मि. कीसिंग ने मज़ाक को सही ढंग से लिया। उन्होंने अपनी टिप्पणी जोड़ते हुए, कविता को कक्षा में सुनाई तथा फिर दूसरी कक्षाओं में भी सुनाई। तब से उन्होंने मुझे बोलने की इजाज़त दे दी है और मुझे कोई भी अलग से घर पर कार्य नहीं दिया गया है। इसके विपरीत, मि. कीसिंग इन दिनों मज़ाक भी करने लगे है।

आपकी,

एनी