Chapter 5 पदार्थों का पृथक्करण

पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
हमें किसी मिश्रण के विभिन्न अवयवों को पृथक करने की आवश्यकता क्यों होती है? दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
शुद्धता अच्छाई के लिए ही नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन के लिए भी आवश्यक है। आजकल खाद्य पदार्थों में मिलावट व्यवसाय का एक हिस्सा बन गया है। खाद्य पदार्थों में गन्दगी, सस्ती व अनुपयोगी वस्तुओं की मिलावट की जाती है। यही मिलावट हमारे स्वास्थ्य के लिए घातक है कभी-कभी यह मिलावट अनायास या आवश्यकता पड़ने पर हो जाती है। जैसेस्टोर करने के लिए। अतः मिश्रण को शुद्ध रूप में उपयोग करने के लिए उनमें उपस्थित हानिकारक अवयवों को अलग-अलग करने की आवश्यकता होती है।

उदाहरण:

  1. किसी खाद्यान्न में से छोटे-छोटे कंकड़ों धूल, मिट्टी, भूसा आदि को अलग करना।
  2. नदी अथवा तालाब के पंकिल जल को साफ करना।

प्रश्न 2.
निष्पावन से क्या अभिप्राय है? यह कहाँ उपयोग किया जाता है?
उत्तर:
किसी मिश्रण से भारी तथा हल्के अवयवों का वायु अथवा पवन के झोंकों द्वारा पृथक करने की क्रिया निष्पावन कहलाती है।

इस विधि का उपयोग हल्के भूसे को भारी अन्न कणों से पृथक करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 3.
पकाने से पहले दालों के किसी नमूने से आप भूसे एवं धूल के कण कैसे पृथक करेंगे?
उत्तर:
पकाने से पहले दालों के नमूने से भूसे तथा धूल के कण निस्पावन विधि द्वारा पृथक करते हैं।

प्रश्न 4.
छालन से क्या अभिप्राय है? यह कहाँ उपयोग होता है?
उत्तर:
भिन्न-भिन्न आकार के अवयवों को मिश्रण से अलग करने की विधि छालन कहलाती है। इसका उपयोग आटा से भूसी, बालू से कंकड़ अलग करने में होता है। इसके लिए भिन्न-भिन्न आकार के छेदों वाली छलनियाँ उपयोग में लाई जाती हैं।

प्रश्न 5.
रेत और जल के मिश्रण से आप रेत और जल को कैसे पृथक करेंगे?
उत्तर:
रेत और जल के मिश्रण से रेत को निस्तारण की विधि द्वारा जल को पृथक करते हैं। रेत के भारी कण नीचे बैठ जाते हैं। जल को बिना हिलाए दूसरे बर्तन में इकट्ठा कर लेते हैं।

प्रश्न 6.
आटे और चीनी के मिश्रण से क्या चीनी को पृथक करना सम्भव है? अगर हाँ, तो आप इसे कैसे करेंगे?
उत्तर:
हाँ, आटे और चीनी के मिश्रण से चीनी को पृथक करना सम्भव है, इसके लिए छलनी का उपयोग करेंगे, मिश्रण को छलनी में डालकर छानेंगे जिससे आटा नीचे चला जाएगा और चीनी छलनी में रह जाएगी। दोनों को अलग-अलग बर्तनों में एकत्र कर लेंगे।

प्रश्न 7.
पंकिल जल के किसी नमूने से आप स्वच्छ जल कैसे प्राप्त करेंगे?
उत्तर:
पंकिल जल के नमूने को गिलास में लेकर थोड़ी देर के लिए छोड़ देते हैं, कुछ समय बाद अविलेय गन्दगी बीकर की तली में बैठ जाती है, अब जल को बिना हिलाए इसके ऊपर के जल को दूसरे गिलास में उड़ेल लेते हैं, अब इस जल की अशुद्धियों को फिल्टर पत्र द्वारा निस्यान्दित करते हैं। फिल्टर पत्र को शंकु के रूप में मोड़कर एक कीप में लगा देते हैं तथा मिश्रण को फिल्टर पत्र में उड़ेलते हैं। मिश्रण के ठोस कण फिल्टर पत्र पर ही रह जाते हैं तथा स्वच्छ पानी को दूसरे गिलास में एकत्र कर लेते हैं।

प्रश्न 8.
रिक्त स्थानों को भरिए –

  1. धान के दानों को डंडियों से पृथक करने की विधि को ………… कहते हैं।
  2. किसी एक कपड़े पर दूध को उड़ेलते हैं तो मलाई उस पर रह जाती है। पृथक्करण की यह प्रक्रिया कहलाती है।
  3. समुद्र के जल से नमक …………. प्रक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है।
  4. जब पंकिल जल को पूरी रात एक बाल्टी में रखा जाता है तो अशुद्धियाँ तली में बैठ जाती हैं। इसके पश्चात् स्वच्छ जल को ऊपर से पृथक कर लेते हैं। इसमें उपयोग होने वाली पृथक्करण की प्रक्रिया को …………. कहते हैं।

उत्तर:

  1. थ्रेशिंग।
  2. निस्यन्दन।
  3. वाष्पन।
  4. निस्तारण।

प्रश्न 9.
सत्य अथवा असत्य?

  1. दूध और जल के मिश्रण को निस्यन्दन द्वारा पृथक किया जा सकता है।
  2. नमक और चीनी के मिश्रण को निस्पावन द्वारा पृथक कर सकते हैं।
  3. चाय की पत्तियों को चाय से पृथक्करण निस्यन्दन द्वारा किया जा सकता है।
  4. अनाज और भूसे का पृथक्करण निस्तारण प्रक्रम द्वारा किया जा सकता है।

उत्तर:

  1. असत्य।
  2. असत्य।
  3. सत्य।
  4. असत्य।

प्रश्न 10.
जल में चीनी तथा नींबू का रस मिलाकर शिकंजी बनाई जाती है। आप बर्फ डालकर इसे ठण्डा करना चाहते हैं, इसके लिए शिकंजी में बर्फ चीनी घोलने से पहले डालेंगे या बाद में? किस प्रकरण में अधिक चीनी घोलना सम्भव होगा?
उत्तर:
शिकंजी में बर्फ चीनी घोलने के बाद डालेंगे। बर्फ में डालने से पहले जल में अधिक चीनी घोलना सम्भव होगा।

Chapter 5 पदार्थों का पृथक्करण