Rajasthan Board RBSE Class 12 English Prudence Poetry Chapter 7 Time and Time Again

RBSE Class 12 English Prudence Poetry Chapter 7 Textual Questions

1. Choose the correct alternative :

Question (a)
‘Precise’ means:
(i) different ways
(ii) inaccurate
(iii) clumsy
(iv) exact
Answer:
(iv) exact

Question (b)
Which of the following reflects the poet’s attitude towards communal disharmony?
(i) critical condemnation
(ii) helpless acceptance
(iii) wistful lament
(iv) none of the above
Answer:
(iii) wistful lament

2. Answer the following questions in 15-20 words each :
निम्न प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 15-20 शब्दों में दीजिए :

Question (a)
Why is the city termed as ‘old’ ?
शहर को पुराना क्यों कहा गया है ?
Answer:
The city is termed as old because clock-towers are found in cities established a long time back.
शहर को पुराना कहा गया है क्योंकि घण्टाघर काफी समय पहले स्थापित हुये शहरों में ही पाये जाते हैं।

Question (b)
“Between the pieces of a back street quarrel”. What do you understand by ‘backstreet quarrel’?
‘Backstreet quarrel’ से क्या तात्पर्य है ?
Answer:
The term ‘backstreet quarrel’ refers to a quarrel that occurs on trivial matters due to religious fanaticism or hostile communal feelings.
शब्द ‘backstreet quarrel’ उस झगड़े की ओर संकेत करता है जो धार्मिक कट्टरता या शत्रुतापूर्ण भावनाओं के कारण छोटी-छोटी बातों पर घटित होती है।

Question (c)
Explain – “The perennial feuds” and “seasonal alliances”. “Perennial feuds” and “seasonal alliances”
शब्दों की व्याख्या करो
Answer:
‘Perennial feuds’ means the quarrels that keep going at all times. ‘Seasonal alliances’ refers to temporary goodwill between the parties at dispute.

‘Perennial Feuds’ का अभिप्राय उन झगड़ों से है जो हमेशा चलते रहते हैं। ‘Seasonal alliances झगड़ने वाले दलों के बीच कुछ समय के लिए होने वाली शुभेच्छा की ओर संकेत करता है।

Question (d)
How do you interpret “knocked out clock work” ?
“टूटी-फूटी घड़ी” की आप किस प्रकार व्याख्या करते हैं ?
Answer:
It means chaotic situation of the society when communal riots take a toll of many lives and damage public property.
इसका अर्थ समाज में अराजकता की स्थिति से है जिसमें साम्प्रदायिक दंगों से अपार जन-धन की हानि होती

Question (e)
What is zigzag sky?
टेढ़े-मेढ़े आकाश से क्या तात्पर्य है ?
Answer:
The wrong and confused explanation of religion has been called zigzag sky.
धर्म की गलत और भ्रमित करने वाली व्याख्या को टेढ़ा-मेढ़ा आकाश कहा गया है।

3. Answer the following questions in 50 words each :
निम्न प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 50 शब्दों में दीजिए :

Question (a)
Why is the act of nature described as “precise” ?
प्रकृति के कार्य को ‘सटीक के रूप में क्यों वर्णित किया गया है ?
Answer:
The act of nature has been described as ‘précise’ in comparison to the acts of human beings. We humans may be inaccurate in our acts. We interpret one thing in many different ways. But nature does everything in an exact manner.

प्रकृति के कार्य को मनुष्यों के कार्यों की तुलना में ‘सटीक’ कहकर वर्णित किया गया है। हम मनुष्य अपने कार्यों में गलत हो सकते हैं। हम एक बात की बहुत से अलग-अलग तरीकों से व्याख्या करते हैं। लेकिन प्रकृति सब कुछ सटीक तरीके से करती है।

Question (b)
Discuss the title of the poem.
कविता के शीर्षक पर चर्चा कीजिये।
Answer:
The title of the poem, “Time and Time Again” is very appropriate. The world has suffered time and time again clashes and conflicts due to religious differences. These differences have been created by the various interpretations of religion given by the so called custodians to suit their selfish motives.

कविता का शीर्षक “Time and Time Again” बहुत ही उपयुक्त है। संसार ने धार्मिक मतभेदों के कारण बार-बार झगड़ों और विवादों को झेला है। ये मतभेद ( धर्म के) संरक्षक कहलाने वाले लोगों द्वारा अपने स्वार्थी हितों के अनुरूप दिये गये धर्म की विभिन्न व्याख्या करके उत्पन्न किये गये।

Question (c)
How would you interpret the term “donor’s whim” ?
‘दाता की सनक’ शब्द की व्याख्या आप किस प्रकार करेंगे ?
Answer:
It means a misinterpretation of religion made by the religious authorities. They are donors of instructions in religious affairs including ethics, etiquette etc. They preach the people in their own way as per their own understanding. They generate differences in the minds of masses and disturb the peace of the nation.

इसका अर्थ धर्माधिकारियों द्वारा की गयी धर्म की गलत व्याख्या से है। ये धार्मिक मामलों से सम्बन्धित निर्देश प्रसारित करते हैं जिनमें नीतिशास्त्र एवं आचरण शामिल हैं। वे अपनी सनक में समाज को गलत निर्देश देते हैं। वे समाज में अलगाव उत्पन्न करते हैं तथा राष्ट्र की शान्ति भंग करते हैं।

Question (d)
What does the line ‘perennial feuds and seasonal alliance’ allude to?
यह वाक्य “निरन्तर झगड़े और मौसमी गठबन्धन” क्या संकेत करता है?
Answer:
The term “perennial feuds’ refers to the conflicts and riots between two religious communities that keep on happening continuously. The term “seasonal alliance” refers to the occasional temporary truce between the warring communities brought about by some sensible voices within the communities or by some unavoidable circumstances.

कथन ‘‘निरन्तर झगड़े’ दो धार्मिक समुदायों के बीच उन विवादों और दंगों की ओर संकेत करता है जो हमेशा लगातार होते ही रहते हैं। कथन “मौसमी गठबन्धन” दो झगड़ने वाले समुदायों के बीच में से ही कुछ समझदार लोगों द्वारा या न बच सकने वाली परिस्थितियों द्वारा कभी-कभी लायी गयी अस्थाई शान्ति की ओर संकेत करता है।

4. Answer the following questions in 100 words each:
निम्न प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 100 शब्दों में दीजिए :

Question (a)
What is the central idea of the poem ? How is it developed ?
कविता का मुख्य विषय क्या है? इसका किस प्रकार से वर्णन हुआ है?
Or
What is the theme of the poem ?
इस कविता की विषयवस्तु क्या है?
Or
Establish clocktowers as a symbol of confusing religious preachings.
घण्टाघरों की भ्रमित करने वाले धार्मिक उपदेशों के प्रतीक के रूप में व्याख्या कीजिए।
Answer:
The poet is telling about people’s blind faith in religious authorities. The poet expresses his views through the example of clocktowers. People take the time told by clocktowers to be exact. But due to the differences in their manufacturing or the ways of gongs being beaten, they always tell different time. In the same way, people who preach religion do this job as per their own understanding of religion. They preach what they understand. Thus they all preach religion in different lights. This confuses and misguides people. Thus clocktowers are a symbol of confusing religious preachings.

कवि धर्माधिकारियों पर लोगों के अन्धे विश्वास के बारे में बता रहा है। कवि घण्टाघरों के माध्यम से अपने विचार व्यक्त करता है.। लोग घण्टाघरों द्वारा बताये गये समय को बिल्कुल ठीक मानते हैं। लेकिन उनके निर्माण के तरीके के घड़ियालों को पीटे जाने के तरीके में अन्तर के कारण वे हमेशा अलग-अलग समय बताते हैं। इसी प्रकार सभी धर्मोपदेशक धर्म का उपदेश धर्म की उनकी अपनी-अपनी समझ के अनुसार देते हैं। वे वही उपदेश देते हैं जो वे स्वयं समझते हैं। इस प्रकार वे सब धर्म का अलग-अलग दृष्टिकोण से उपदेश देते हैं। इससे लोग भ्रमित और गलत निर्देशित होते हैं। इस प्रकार घण्टाघर भ्रमित करने वाले धार्मिक उपदेशों के प्रतीक हैं।

Question (b)
Is the poet’s attitude a representation of how the average Indian feels both towards human violence and nature’s fury? Explain.
क्या कवि का दृष्टिकोण इस बात का प्रतिनिधित्व है कि सामान्य भारतीय हिंसा और प्रकृति के क्रोध के प्रति किस प्रकार अनुभव करता है?
Answer:
The poet’s attitude towards human violence and Nature’s fury expressed in the poem “Time and Time Again” is a true representation of what an average Indian thinks and feels about them. The poet feels that the wrong understanding of religion by the preachers of religions is the root cause of the continued animosity between communities. It is the common perception too that religious authorities interpret religion in their own way. They misguide people and this leads to clashes and riots. Regarding Nature’s fury, the general opinion concurs with that of the poet that natural disasters are the way Nature balances itself.

कविता ‘Time and Time Again’ में व्यक्त कवि के मानवीय हिंसा और प्रकृति के आक्रोश के बारे में दृष्टिकोण जो एक आम भारतीय इनके बारे में जो सोचता और महसूस करता है उसका सही प्रतिनिधित्व करता है। कवि यह महसूस करता है कि धर्म के संरक्षकों द्वारा धर्म की त्रुटिपूर्ण समझ समुदायों के बीच लगातार चली आ रही शत्रुता का मुख्य कारण है। आम विचार भी यही है कि धर्माधिकारी धर्म की अपनी ही तरह से व्याख्या करते हैं। वे लोगों को पथभ्रष्ट करते हैं और इससे झगड़े और दंगे होते हैं। प्रकृति के आक्रोश के सम्बन्ध में आम राय कवि से मिलती है कि प्राकृतिक आपदायें प्रकृति का स्वयं को सन्तुलित करने का एक तरीका है।

RBSE Class 12 English Prudence Poetry Chapter 7 Additional Questions

Question 1.
What did you think the poem was about when you read the first few lines ?
कविता की प्रथम कुछ पंक्तियाँ पढ़ने पर आपको कविता का क्या विषय लगा ?
Answer:
As we read the first few lines of the poem, we thought the poem is about clocktowers. We thought it was about clocktowers’ giving varied time to varied people. It seemed to be about clocktowers’ inability to tell exact time. We thought the poem deals with the nature of clocktowers.

जब हमने इस कविता की प्रथम कुछ पंक्तियाँ पढ़ीं तो हमें लगा कि कविता घण्टाघरों के बारे में है। हमें लगा कि कविता घण्टाघरों के अलग-अलग लोगों को अलग-अलग समय बताने के बारे में है। लगा कि कविता घण्टाघरों की ठीक समय बताने की अक्षमता के बारे में है। हमें लगा कि कविता घण्टाघरों की प्रकृति के बारे में है।

Question 2.
what makes for the differences between the timekeeping of the various clocks ? What is the implicit comparison ?
क्या चीजें हैं जिनसे विभिन्न घड़ियों के समय में अन्तर आता। है ? इस स्थिति की सांकेतिक रूप से किससे तुलना की गई है ?
Answer:
These differences are created by variations in the metallurgy of gong, setting of frequency and variation in wave length, thickness and moulding of the shaking hand. These variations have been implicitly compared with the various wrong interpretations of religion. Various religious authorities interpret religion in their own way and thus misguide people.

ये अन्तर घड़ियाल के डिस्क की धातु-कर्म (विज्ञान) के समय में रह जाते हैं (तांबा और टिन के गलाने और मिलावट के दौरान), तरंगदैर्ध्य की सैटिंग के दौरान वे घड़ी की सुईयों की लम्बाई, मोटाई तथा सांचे में ढालने के दौरान (ये अन्तर) हो जाते हैं। इन अन्तरों की सांकेतिक रूप से तुलना धर्म की विविध गलत व्याख्याओं से की गई है। विभिन्न धर्माधिकारी धर्म की व्याख्या अपने-अपने तरीके से करते हैं और इस प्रकार लोगों को दिग्भ्रमित करते हैं।

Question 3.
Which of the following reflects the poet’s attitude towards communal disharmony?
(i) critical condemnation
(ii) helpless acceptance
(iii) wistful lament
निम्न में से कौन कवि के साम्प्रदायिक असंगति (अलगाव) के प्रति दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है ?
(i) आलोचनात्मक निन्दा
(ii) असहाय स्वीकृति
(iii) चाह से भरा हुआ विलाप।
Answer:
It is wistful lament because the poet expresses sorrow over communal disharmony in society. He feels sorry for the state when the followers of all religions take the preachings of their religion in the wrong way. Their blind faith in religious authorities misguides them and causes riots. The poet wishes the people to be wise.

यह चाह से भरा हुआ विलाप है क्योंकि कवि समाज में साम्प्रदायिक अलगाव पर दुःख व्यक्त करता है।। वह उस स्थिति के लिए दु:ख का अनुभव करता है जब लोग अपने धर्म के उपदेशों को गलत अर्थ निकालते हैं। धर्माधिकारियों पर उनका अन्धविश्वास उन्हें दिग्भ्रमित करता है और दंगों का कारण बनता है। कवि चाहता है कि लोग बुद्धिमानी से काम लें।

Question 4.
Is the poet’s attitude a representation of how the average Indian feels both towards human violence and nature’s fury?
क्या लेखक को दृष्टिकोण इस बात का एक प्रतिनिधित्व है कि सामान्य भारतीय मानव हिंसा तथा प्रकृति के क्रोध के प्रति किस प्रकार महसूस करता है ?
Answer:
Yes, the poet’s attitude is a representation of how the average Indian feels both towards human violence and nature’s fury. It is a general perception that communal riots take place due to wrong understanding of religion. This is also a common thought that natural calamities are nature’s own way of balancing itself.

हाँ, कवि का दृष्टिकोण इस बात का प्रतिनिधित्व करता है कि औसत भारतीय मानवीय हिंसा व प्रकृति के क्रोध के विषय में कैसा अनुभव करता है। यह सामान्य अवधारणा है कि साम्प्रदायिक दंगे धर्म की गलत समझ के कारण होते हैं। यह भी सामान्य विचार है कि प्राकृतिक आपदाएँ प्रकृति को स्वयं को सन्तुलित करने का तरीका हैं।

Question 5.
Why does the poet state the city as old well-managed city ?
कवि शहर को पुराना व्यवस्थित शहर क्यों कहता है ?
Answer:
It’s a mere ironical remark. The term ‘old’ refers to vices like prejudices, inequality, discrimination etc. In largest form city is refered to society. The society is ailing because it does not want to accept reforms felt necessary from time to time. It keeps working on its old set of patterns.

यह मात्र एक व्यंग्यात्मक कथन है। ‘Old’ शब्द दुर्गुणों को इंगित करता है जैसे पूर्वाग्रह, असमानता, भेदभाव आदि। व्यापक रूप से शहर समाज के सन्दर्भ में प्रयुक्त हुआ है। समाज बीमार है क्योंकि यह अपनी संरचना में सुधार स्वीकार नहीं करता जो समय-समय पर आवश्यक महसूस किये जाते हैं। यह अपने पुराने नियमों या व्यवस्था के अनुरूप ही कार्य करता रहता है।

Question 6.
How do unmanned religious sentiments cause harm to the health of society?
समझदारी से रहित धार्मिक भावनाएँ किस प्रकार समाज को नुकसान पहुँचाती हैं ?
Answer:
Religion in true sense is a means of guiding people to the path of love and peace. But if we are not careful, we take religion itself as an end. In this state, we foster biased sentiments for our religion. This causes communal disharmony which harms the health of society.

वास्तविक अर्थ में धर्म लोगों को प्रेम व शान्ति के पथ पर ले जाने का एक साधन है। लेकिन यदि हम सावधान नहीं रहते हैं तो हम स्वयं धर्म को ही उद्देश्य मान लेते हैं। इस स्थिति में, हम अपने धर्म के विषय में भेदभावपूर्ण भावनाएँ पाल लेते हैं। इससे साम्प्रदायिक अलगांव पैदा होता है जो समाज के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है।

RBSE Class 12 English Prudence Poetry Chapter 7 Long Answer Type Question

Answer the following question in about 100 words:
निम्न प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 100 शब्दों में दीजिए :

Question 1.
Give a critical appreciation of the poem.
कविता का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिये।
Answer:
The poem, “Time and Time Again” expresses the poet’s wistful lament on social disharmony and the consequent violence. The poet describes the theory of difference among religions through the symbol of clock-towers. Just as different clock-towers tell different time due to some error in their making, the poet concludes that wrong understanding of religion leads to its different interpretations. The religious authorities interpret religion in their own way for their own selfish motives and misguide people. The natural consequence is that there are clashes and riots which destroy clock-towers (religions) :

कविता “Time and Time Again” सामाजिक कलह और परिणाम स्वरूप हिंसा पर कवि के उत्कंठित शोक को व्यक्त करती है। कवि घण्टाघरों के प्रतीक के माध्यम से धर्मों में मतभेद के विचार का वर्णन करता है। जैसे अलग-अलग घण्टाघर उनके बनाने में किसी कमी के कारण अलग-अलग समय बताते हैं, कवि का निष्कर्ष है कि धर्म की गलत समझ उसके विभिन्न अर्थ निकालती है। धर्माधिकारी अपने स्वार्थ हित में अपनी ही तरह से धर्म का अर्थ निकालते हैं और लोगों को गुमराह करते हैं। इसका स्वाभाविक परिणाम होता है कि झगड़े और दंगे होते हैं। जो इन घण्टाघरों का (धर्म का) विनाश कर देते हैं।