Chapter 7 Understanding Advertising (Hindi Medium)

पाठगत प्रश्न

1. केयर साबुन के विज्ञापन में यह प्रतीत होता है कि बच्चे की देखभाल केवल माँ ही करती है। क्या इस छवि में आपको कोई समस्या नज़र आती है? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-81)
उत्तर : केयर साबुन के विज्ञापन में यह प्रतीत होता है कि बच्चे की देखभाल केवल माँ ही करती है, यह सही नहीं है। किसी बच्चे की देखभाल माता-पिता दोनों मिलकर करते हैं। यह अलग बात है कि उसमें माँ का योगदान अधिक होता है।

2. विज्ञापन हमें ब्रांड का सामान इस्तेमाल पर क्या अनुभव कराना चाहता है? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-84)
उत्तर : विज्ञापन अधिकतर हमारी व्यक्तिगत भावनाओं को केंद्र बनाने की कोशिश करते हैं। हमारी व्यक्तिगत भावनाओं को उत्पादों के साथ जोड़कर वे इस बात को भी प्रभावित करने की कोशिश करते हैं कि हमें अपना मूल्य कैसे आँकते हैं। विज्ञापन ब्रांड को उच्च स्तरीय उत्पाद बतलाने की कोशिश करता है और यह भी बताता है। कि वे उत्पाद खरीदने योग्य हैं। साथ ही विज्ञापन हमें अधिकांशतः धनाढ्य लोगों की जीवन शैली के चित्र दिखाते हैं।

3. यदि आपके पास विज्ञापित उत्पादों को खरीदने के लिए पैसा हो, तो आपको इन्हें देखकर कैसा महसूस होगा? यदि आपके पास पैसा न हो, तब कैसा अनुभव होगा? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-84)
उत्तर : विज्ञापित उत्पाद अधिकांशत: बड़ी कंपनियों की होती है, जो अपनी उत्पादों की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए तकनीकी पर करोड़ों रुपये खर्च करती है। ऐसी स्थिति में स्वाभाविक है कि इन कंपनियों का उत्पाद उच्च कोटि का होगा। इन वस्तुओं को खरीदकर हमें अच्छा महसूस होगा। यदि इन वस्तुओं को हमें खरीदने की क्षमता नहीं होगी तो हम बिना विज्ञापित उत्पादों को ही खरीदेंगे और विज्ञापित वस्तुओं के प्रति हमारी धारणा यह होगी कि ये वस्तुएँ विज्ञापन के कारण ही महँगी हैं। इनमें और हमारे द्वारा खरीदे गए वस्तुओं में ज्यादा अंतर नहीं है।

4. आपके विचार में सामाजिक विज्ञापन में किस श्रोता को संबोधित या ‘लक्षित किया गया है? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-88)
उत्तर : हमारे विचार में सामाजिक विज्ञापन में उन सभी श्रोताओं को संबोधित या लक्षित किया गया है, जो समाज के अंग हैं; जैसे-विकलांग बच्चों के शैक्षणिक अधिकारों से संबंधित विज्ञापन, असुरक्षित रेलवे क्रॉसिंग को पार करने से संबंधित विज्ञापन, उपभोक्ताओं के अधिकार से संबंधित विज्ञापन आदि।

5. राज्य शासन के अध्याय में आपने हैजा की महामारी फैलने के बारे में पढ़ा। इसे पढ़ने के बाद क्या आप एक सामाजिक विज्ञापन बना सकते हैं जिसमें हैजा की बीमारी से बचाव के उपायों के बारे में बताया गया हो। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-88)
उत्तर : “पानी को किसी बर्तन से ढककर रखें या पानी को उबालकर पीयें पानी में किसी तरह की अस्वच्छता
आपके घर में हैजा को दस्तक दे सकता है। । हैजा की बीमारी अस्वच्छ जल से ही फैलती है इसलिए ऊपर में विज्ञापन लोगों को स्वच्छ जल के
प्रति जागरूकता के लिए दिया गया है।

6. पाठ्यपुस्तक में से प्रत्येक सामाजिक विज्ञापन क्या संदेश पहुँचाना चाह रहा है? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-88)
उत्तर : पाठ्यपुस्तक में दिए गए प्रत्येक सामाजिक विज्ञापन लोगों की सुरक्षा और अधिकार से संबंधित संदेश पहुँचाना चाहते हैं; जैसे-असुरक्षित रेलवे क्रॉसिंग को पार करने से संबंधित सामाजिक विज्ञापन। विकलांग बच्चों के शैक्षणिक अधिकारों से संबंधित सामाजिक विज्ञापन।

प्रश्न-अभ्यास
पाठ्यपुस्तक से

1. ‘ब्रांड’ शब्द से आप क्या समझते हैं? विज्ञापन के लिए ब्रांड निर्मित करने के दो मुख्य कारण बताइए।
उत्तर : ‘ब्रांड’ शब्द का आशय उत्पाद के विशेष नाम या पहचान से है। इस पहचान का निर्माण विज्ञापन प्रक्रिया द्वारा होता है। विज्ञापन के लिए ब्रांड निर्मित करने के कारण|

  1. प्रायः निर्माता अपने उत्पाद को बाजार में प्रचलित अन्य उत्पादों से भिन्न दिखाने के लिए विशेष नाम अथवा चिन्ह का प्रयोग करते हैं।
  2. निर्माता, ग्राहकों को अपने उत्पादों की ओर आकर्षित करने के लिए भी अपने उत्पादों को नाम देते हैं।

2. अपनी पसंद के दो छपे हुए विज्ञापन चुनिए। इन्हें देखकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

उत्तर :

3. क्या आप ऐसे दो तरीके बता सकते हैं, जिनके द्वारा आप सोचते हैं कि विज्ञापन का प्रभाव लोकतंत्र में समानता के मुद्दे पर पड़ता है?
उत्तर : विज्ञापन का प्रभाव लोकतंत्र में समानता के मुद्दे पर पड़ता है। विज्ञापन के ऐसे दो तरीके निम्न हैं

  1. ब्रांड या उत्पाद के विज्ञापन की कीमत भी वस्तु के मूल्य में शामिल होने से उसकी कीमत बढ़ जाती | है, जिसके कारण वह वस्तु निम्न आय वर्ग की पहुँच से बाहर हो जाती है।
  2. केवल बड़ी कंपनियाँ ही बड़े स्तर पर अपने ब्रांड का विज्ञापन कर सकती हैं। छोटे व्यापारी या उत्पादक | उद्यमी अपने अच्छे उत्पाद को भी सस्ते मूल्य पर बेचने में भी असफल रहते हैं। इस प्रकार लोकतंत्र में जहाँ सब लोग समान हैं और जहाँ सभी को सम्मानीय जीवन जीने का अवसर मिलना चाहिए। विज्ञापन के कारण समाज में दो तरह के उत्पाद उपलब्ध होते हैं। एक ब्रांड उत्पाद और दूसरा स्थानीय उत्पाद। ब्रांडेड उत्पाद को अच्छा माना जाता है और स्थानीय उत्पाद को ब्रांडेड उत्पाद की अपेक्षा कम अच्छा माना जाता है।

4. विज्ञापन बनाने में रचनात्मकता की बहुत आवश्यकता होती है। आइए, हम एक ऐसी स्थिति की कल्पना करें, जहाँ एक निर्मात्री ने एक नयी घड़ी बनाई है। निर्मात्री कहती है कि वह यह घड़ी स्कूल के बच्चों को बेचना चाहती है। वह आपकी कक्षा में आकर आप सबसे घड़ी के लिए एक ब्रांड का नाम और विज्ञापन बनाने को कहती है। कक्षा को छोटे-छोटे समूहों में बाँट दीजिए। हर समूह इस घड़ी के लिए एक विज्ञापन और तैयार करेगा। अब आपस में अपने बनाए कच्चे-पक्के विज्ञापनों और नाम को कक्षा के सामने रखिए।
उत्तर एक घड़ी के विज्ञापन तैयार करने के लिए कक्षा के छात्रों को चार भागों में बाँटें
घड़ी के ब्रांड का नाम-‘टाइम वॉच’:

NCERT Solutions for Class 7 Social Science Civics Chapter 7 (Hindi Medium) 2

पहले समूह का विज्ञापन : ‘टाइम वॉच’ एक सस्ती और टिकाऊ घड़ी है, जो सालों-साल चलती है। यह घड़ी काफी आकर्षित भी है और बच्चों के लिए सबसे उपयोगी घड़ी है, कीमत मात्र : 325 रुपये है।
दूसरे समूह का विज्ञापन-टाइम वॉच” दुनिया की सबसे बेहतरीन घड़ी है। जिसे लाखों-करोड़ों की संख्या में लोगों नेआजमाया है और इसकी सराहना की है। अब आपके लिए भी उपलब्ध है। कीमत मात्र : 325 रुपये।
तीसरे समूह का विज्ञापन : ‘टाइम वॉच’ ‘‘सभी घड़ियों से अलग खूबियों वाली” इसकी खूबियाँ जो अन्य घड़ियों से इसे अलग करती हैं

  1. डायमंड लगा हुआ फ्रैंक बलूची वॉच
  2. 1 साल की मैन्युफेक्चरर वॉरन्टी
  3. वाटर प्रूफ
  4. बच्चों को ध्यान में रखकर बनाया गया।चौथे समूह का विज्ञापन : “टाइम वॉच” पर 20% की ।छूट। बच्चों के लिए यह छूट 25% तक की है। यह मौका आपके हाथ से कहीं निकल न जाए।
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