Chapter 9 जंतुओं में जनन

पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 100

प्रश्न 1.
आपने पाचन, परिसंचरण एवं श्वसन प्रक्रम के बारे में पढ़ा था। क्या आपको इनके विषय में याद है?
उत्तर:
हाँ, ये प्रक्रम प्रत्येक जीव की उत्तरजीविता के लिए आवश्यक हैं।

जनन की विधियाँ

प्रश्न 1.
क्या आपने विभिन्न जन्तुओं के बच्चों को देखा है? कुछ जन्तुओं के बच्चों के नाम निम्न सारणी में भरने का प्रयास कीजिए जैसा कि क्रम संख्या 1 एवं 5 में उदाहरण देकर दर्शाया गया है।
उत्तर:

प्रश्न 2.
क्या आप बता सकते हैं कि चूजे और इल्ली (केटरपिलर) किस प्रकार जन्म लेते हैं?
उत्तर:
हाँ, चूजे और इल्ली लैंगिक जनन से जन्म लेते हैं और अण्डे देते हैं। इन्हें अण्डप्रजक जन्तु कहते हैं।

प्रश्न 3.
बिलौटे और पिल्ले का जन्म किस प्रकार होता है?
उत्तर:
बिलौटे और पिल्ले का जन्म लैंगिक जनन के द्वारा होता है। ये शिशु के रूप में जन्म लेते हैं। इन्हें जरायुज जन्तु कहते हैं।

प्रश्न 4.
क्या आप सोचते हैं कि जन्म से पूर्व ये जीव वैसे ही दिखाई देते थे जैसे कि वह अब दिखाई देते हैं? आइए पता लगाते हैं?
उत्तर:
नहीं, हम ऐसा नहीं सोचते हैं।

लैंगिक जनन

प्रश्न 1.
आपको याद होगा कि लैंगिक जनन करने वाले पौधों में नर और मादा जननांग (भाग) होते हैं। क्या आप इन भागों के नाम बता सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, पौधों में नर जननांग पुंकेसर तथा मादा जननांग स्त्रीकेसर होते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 101

नर जनन अंग

प्रश्न 1.
क्या शुक्राणु एकल कोशिका जैसे प्रतीत होते हैं?
उत्तर:
हाँ, ये एकल कोशिका होते हैं।

प्रश्न 2.
शुक्राणु में पूँछ किस काम आती है?
उत्तर:
शुक्राणु में पूँछ डिम्बवाहिनी में तैरने में सहायता करती है और निषेचन के लिए अण्डाणु तक पहुंचते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 102

निषेचन

प्रश्न 1.
क्या आपको जानकारी थी कि एक युग्मनज नए व्यष्टि का प्रारम्भ है?
उत्तर:
हाँ, एक युग्मनज नए व्यष्टि का प्रारम्भ है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 103

क्रियाकलाप 9.1

प्रश्न 1.
अण्डों के रंग तथा साइज को नोट कीजिए।
उत्तर:
अण्डों का रंग हल्का सफेद होता है तथा साइज 1 सेमी कम से लेकर कुछ सेमी तक होता है।

प्रश्न 2.
मछली और मेंढक एक साथ सैकड़ों अण्डे क्यों देते हैं जबकि मुर्गी एक समय में केवल एक अण्डा ही देती है।
उत्तर:
मछली और मेंढक सैकड़ों अण्डे देते हैं तथा लाखों शुक्राणु निर्मोचित करते हैं। इनमें से सारे अण्डों का निषेचन नहीं होता और वे नया जीव नहीं बन पाते। इसका कारण यह है कि अण्डे एवं शुक्राणु निरन्तर जल की गति, वायु एवं वर्षा से प्रभावित होते रहते हैं तथा जल में ऐसे भी जन्तु रहते हैं जो इन अण्डों का भोजन करते हैं।

अतः इनका सैकड़ों अण्डे देना आवश्यक है जिससे कि उनमें से कुछ में निषेचन की क्रिया हो सके। इसके अतिरिक्त ये अण्डे कवच से ढके नहीं होते तथा अपेक्षाकृत कोमल होते हैं। अतः इनकी सुरक्षा नहीं हो पाती जबकि मुर्गी के अण्डे कवच से ढके रहते हैं। जेली की एक परत अण्डों को एक साथ रखती है तथा इनकी सुरक्षा भी करती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 104

प्रश्न 1.
एक एकल कोशिका किस प्रकार एक बड़ा जीव बन सकता है?
उत्तर:
निषेचन की प्रक्रिया में शुक्राणु और अण्डाणु संलयित होकर युग्मनज का निर्माण करते हैं। युग्मनज विकसित होकर भ्रूण में परिवर्तित होता है। गर्भाशय में भ्रूण का विकास होता है और धीरे-धीरे शारीरिक अंग, जैसे-हाथ, पैर, आँख, कान, नाक इत्यादि विकसित हो जाते हैं। यह अवस्था गर्भ कहलाती है। जब गर्भ का विकास पूर्ण हो जाता है तो शिशु के रूप में बड़ा जीव बन जाता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 105

प्रश्न 1.
क्या मनुष्य और गाय की तरह मुर्गी भी बच्चों को जन्म देती है?
उत्तर:
नहीं, मनुष्य और गाय की तरह मुर्गी बच्चों को जन्म नहीं देती है।

प्रश्न 2.
चूजे कैसे जन्म लेते हैं?
उत्तर:
निषेचन के बाद युग्मनज लगातार विभाजित होकर अण्डवाहिनी में नीचे की ओर बढ़ता रहता है और इस पर सुरक्षित परत चढ़ती जाती है और अन्त में एक कठोर सुरक्षित कवच अण्डे पर दिखाई देता है। कठोर कवच के पूर्ण रूप से बन जाने के बाद मुर्गी अण्डे का निर्मोचन करती है। लगभग 3 सप्ताह बाद अण्डे का चूजा बन जाता है। चूजे के पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद कवच के प्रस्फुटन के बाद चूजा बाहर आता है।

प्रश्न 3.
आपने मुर्गी को ऊष्मायन के लिए अण्डों पर बैठे देखा होगा। क्या आप जानते हैं कि अण्डे के अन्दर चूजे का विकास उस अवधि में ही होता है?
उत्तर:
हाँ, हम जानते हैं कि अण्डे के अन्दर चूजे का विकास इस अवधि में ही होता है।

क्रियाकलाप 9.2

प्रश्न 1.
क्या आप इन सभी प्राणियों के अण्डे एकत्र कर पाए हैं? जिन अण्डों को आपने एकत्र किया है, उनके चित्र बनाइए।
उत्तर:
हाँ, हमने निम्नांकित अण्डे एकत्र किए हैं –

प्रश्न 2.
क्या आप जरायुज एवं अण्डप्रजक जन्तुओं के कुछ अन्य उदाहरण दे सकते हैं?
उत्तर:
जरायुज जन्तु: गाय, घोड़ा, हाथी, गधा, बन्दर आदि।
अण्डप्रजक जन्तु: कबूतर, कौवा, मोर, डक, हंस आदि।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 106

शिशु से वयस्क

प्रश्न 1.
क्या टैडपोल वयस्क मेंढक से भिन्न दिखाई नहीं देते?
उत्तर:
हाँ, टैडपोल वयस्क मेंढक से बिल्कुल भिन्न दिखाई देते हैं।

प्रश्न 2.
क्या आप सोच सकते हैं कि किसी दिन यह टैडपोल वयस्क मेंढक बन जायेंगे?
उत्तर:
हाँ, लगभग दो सप्ताह बाद ये टैडपोल बड़े होकर वयस्क मेंढक बन जायेंगे।

प्रश्न 3.
फिर टैडपोल अथवा इल्ली का क्या होता है?
उत्तर:
टैडपोल कुछ परिवर्तनों के साथ रूपान्तरित होकर वयस्क बन जाता है, जो तैर सकता है और छलांग लगा सकता है। इल्ली की स्थिति में एक सुन्दर शलभ कोकून से बाहर आता है जो बाद में ये विकसित होकर रेशम के कीट बन जाते हैं। इनके शरीर का कायान्तरण हो जाता है।

प्रश्न 4.
जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हम शरीर में किस प्रकार के परिवर्तन देखते हैं?
उत्तर:
जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं हमारे शरीर के अंगों का रूपान्तरण होने लगता है। अंगों में कुछ विशेष परिवर्तन होने लगते हैं।

प्रश्न 5.
क्या आप सोचते हैं कि हमारा भी कायान्तरण होता है?
उत्तर:
हाँ, हमारा भी कायान्तरण होता है।

अलैंगिक जनन

प्रश्न 1.
अमीबा में जनन किस प्रकार होता है? क्या आप उनके प्रजनन करने के ढंग के विषय में जानते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम उनके प्रजनन के ढंग के विषय में जानते हैं। अमीबा में अलैंगिक जनन होता है। अमीबा में द्विखण्डन विधि से प्रजनन होता है। इसमें पूर्ण विकसित एक कोशिकीय जीव अमीबा की कोशिका में जीवद्रव्य और केन्द्रक का विभाजन हो जाता है। इस प्रक्रिया में पहले केन्द्रक विभाजित होता है, फिर जीवद्रव्य विभाजित होता है, फिर दोनों भाग अलग-अलग होकर दो अमीबा को जन्म देते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 107

क्रियाकलाप 9.3

प्रश्न 1.
जनक के शरीर से क्या कुछ उभरी हुई संरचनाएँ दिखाई देती हैं। इन उभरी हुई संरचनाओं की संख्या ज्ञात कीजिए। इनका साइज भी ज्ञात कीजिए। हाइड्रा का चित्र वैसा ही बनाइए जैसा आपको दिखाई देता है।
उत्तर:
हाँ, जनक के शरीर में उभरी हुई संरचनाएँ दिखाई देती हैं। इन्हें मुकुल कहते हैं। उभरी हुई संरचना एक है।

MP Board Class 8th Science Chapter 9 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
सजीवों के लिए जनन क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर:
सजीवों में जनन की प्रक्रिया उत्तरजीविता के लिए आवश्यक है। इससे एक जैसे जीवों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी निरन्तरता बनी रहती है।

प्रश्न 2.
मनुष्य में निषेचन प्रक्रम को समझाइए।
उत्तर:
मनुष्य में जनन के प्रक्रम में सर्वप्रथम शुक्राणु और अण्डाणु का संलयन होता है। इस प्रक्रम में मादा के अण्डाणु और नर के शुक्राणु का संयोजन होता है। निषेचन के परिणामस्वरूप युग्मनज का निर्माण होता है। नई संतति में कुछ लक्षण माता से तथा कुछ लक्षण पिता से वंशानुगत होते हैं। यह निषेचन शरीर के अन्दर होता है। अतः इसे आन्तरिक निषेचन कहते हैं।

प्रश्न 3.
सर्वोचित उत्तर चुनिए –
(क) आन्तरिक निषेचन होता है –

  1. मादा के शरीर में।
  2. मादा के शरीर से बाहर।
  3. नर के शरीर में।
  4. नर के शरीर के बाहर।

(ख) एक टैडपोल जिस प्रक्रम द्वारा वयस्क में विकसित होता है, वह है –

  1. निषेचन।
  2. कायान्तरण।
  3. रोपण।
  4. मुकुलन।

(ग) एक युग्मनज में पाए जाने वाले केन्द्रकों की संख्या होती है –

  1. कोई नहीं।
  2. एक।
  3. दो।
  4. चार।

उत्तर:
(क) मादा के शरीर में।
(ख) कायान्तरण।
(ग) एक।

प्रश्न 4.
निम्न कथन सत्य (T) है अथवा असत्य (F), संकेतिक कीजिए –

  1. अंड प्रजक जन्तु विकसित शिशु को जन्म देते हैं।
  2. प्रत्येक शुक्राणु एक एकल कोशिका है।
  3. मेंढक में बाह्य निषेचन होता है।
  4. वह कोशिका जो मनुष्य में नए जीवन का प्रारम्भ है, युग्मक कहलाती है।
  5. निषेचन के पश्चात् दिया गया अण्डा एक एकल कोशिका है।
  6. अमीबा मुकुलन द्वारा जनन करता है।
  7. अलैंगिक जनन में भी निषेचन आवश्यक है।
  8. द्विखण्डन अलैंगिक जनन की एक विधि है।
  9. निषेचन के परिणामस्वरूप युग्मनज बनता है।
  10. भ्रूण एक एकल कोशिका का बना होता है।

उत्तर:

  1. असत्य।
  2. सत्य।
  3. सत्य।
  4. सत्य।
  5. सत्य।
  6. असत्य।
  7. असत्य।
  8. सत्य।
  9. सत्य।
  10. असत्य।

प्रश्न 5.
युग्मनज और गर्भ में दो भिन्नताएँ दीजिए।
उत्तर:
युग्मनज और गर्भ में भिन्नताएँ:

युग्मनज

गर्भ

निषेचन के समय शुक्राणु और अण्डाणु संलयित होकर युग्मनज का निर्माण करते हैं।

युग्मनज विकसित होकर भ्रूण में परिवर्धित होता है। भ्रूण की वह अवस्था जिसमें सभी शारीरिक भागों की पहचान हो सके गर्भ कहलाता है।

यह जनन प्रक्रिया के प्रथम चरण के परिणामस्वरूप बनता है।

गर्भ का विकास पूरा होने पर माँ नवजात शिशु को जन्म देती है।

प्रश्न 6.
अलैंगिक जनन की परिभाषा लिखिए। जन्तुओं में अलैंगिक जनन की दो विधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वह जनन जिसमें केवल एक ही जनक नए जीव को जन्म देता है, अलैंगिक जनन कहलाता है। इसमें दो लिंगों की आवश्यकता नहीं होती।
अलैंगिक जनन की दो विधियाँ निम्नलिखित हैं –
(1) मुकलन:
वह जनन जिसमें जनक में एक या अधिक उभार विकसित होकर नए जीव को जन्म देते हैं, मुकुलन कहलाता है। जैसे – हाइड्रा में जनन।

(2) विखण्डन:
वह जनन जिसमें जीव विभाजित होकर दो संतति उत्पन्न करता है, द्विखण्डन कहलाता है। जैसे – अमीबा में जनन।

प्रश्न 7.
मादा के किस जनन अंग में भ्रूण का रोपण होता है?
उत्तर:
मादा के गर्भाशय में भ्रूण का रोपण होता है।

प्रश्न 8.
कायान्तरण किसे कहते हैं? उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
लारवा का कुछ उग्र परिवर्तनों द्वारा वयस्क जन्तु में बदलने की प्रक्रिया कायान्तरण कहलाती है।

उदाहरण:
टैडपोल रूपान्तरित होकर वयस्क में बदल जाता है, जो तैर सकता है तथा छलांग लगा सकता है।

प्रश्न 9.
आन्तरिक निषेचन एवं बाह्य निषेचन में भेद कीजिए।
उत्तर”
आन्तरिक निषेचन तथा बाह्य निषेचन में भेद:

आन्तरिक निषेचन

बाह्य निषेचन

वह निषेचन जो मादा के शरीर के अन्दर होता है आन्तरिक निषेचन कहलाता है। जैसे – मानव, मुर्गी, गाय, कुत्ता आदि में निषेचन।

वह निषेचन जो शरीर के बाहर होता है, बाह्य निषेचन कहलाता है। जैसे – जलीय प्राणियों में निषेचन।

प्रश्न 10.
नीचे दिए गए संकेतों की सहायता से क्रॉस शब्द पहली को पूरा कीजिए।
बाईं से दाईं ओर:
1. यहाँ अण्डाणु उत्पादित होते हैं।
3. वृषण में उत्पादित होते हैं।
4. हाइड्रा का अलैंगिक जनन है।

ऊपर से नीचे की ओर:
1. यह मादा युग्मक है।
2. नर और मादा युग्मक का मिलना।
4. एक अण्ड प्रजक जन्तु।
उत्तर:

Chapter 9 जंतुओं में जनन