Chapter 9 समय व श्रम बचाने वाले यन्त्र

बहुविकल्पीय प्रश्न ( 1 अंक)

प्रश्न 1.
कार्यालय में प्रयुक्त की जाने वाली छोटी-छोटी मशीनों से बचत होती है।
(a) समय की
(b) श्रम की
(c) समय व श्रम दोनों की
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(c) समय व श्रम दोनों की

प्रश्न 2.
टाइपराइटर का आविष्कार कब हुआ था?
(a) 1680 ई. में
(b) 1642 ई. में
(C) 1560 ई. में
(d) 1714 ई. में
उत्तर:
(d) 1714 ई. में

प्रश्न 3.
बीजक, वेतन एवं मजदूरी सूचियाँ तैयार करने हेतु किस यन्त्र को प्रयोग किया जाता है?
(a) बहीखाता मशीन
(b) रोकड़ लेखन मशीन
(C) गणना मशीन
(d) बीजक मुद्रक यन्त्र
उत्तर:
(d) बीजक मुद्रक यन्त्र

प्रश्न 4.
गणना करने वाली मशीन का प्रयोग किया जाता है।
(a) जोड़ व घटाने में
(b) भाग देने में
(C) गुणा करने में
(d) ये सभी
उत्तर:
(d) ये सभी

निश्चित उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)

प्रश्न 1.
कर्मचारियों के कार्डों पर समय अंकित करने के लिए किस यन्त्र का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर:
समय लेखन मशीन

प्रश्न 2.
कार्यालय में समय लेखन यन्त्र का प्रयोग किसलिए किया जाता है? (2013)
उत्तर:
कर्मचारियों के आने-जाने का समय लिखने हेतु

प्रश्न 3.
समय एवं श्रम बचाने वाले किसी एक यन्त्र का नाम लिखिए।
उत्तर:
कम्प्यूटर

प्रश्न 4.
विशालकाय मस्तिष्क के रूप में कार्य किस यन्त्र द्वारा किया जाता है?
उत्तर:
कम्प्यूटर

प्रश्न 5.
कम्प्यूटर का आविष्कार किसने किया? (2018)
उत्तर:
चार्ल्स बैबेज ने

प्रश्न 6.
कैलकुलेटर का आविष्कार किसने किया?
उत्तर:
ब्लेस पॉस्कल ने

प्रश्न 7.
फोटोस्टेट मशीन का प्रयोग कार्यालय में किस कार्य हेतु किया जाता (2012)
उत्तर:
प्रतिलिपि प्राप्त करने हेतु

प्रश्न 8.
भारत में सर्वाधिक प्रयोग किए जाने वाले एकाउण्टिंग सॉफ्टवेयर का नाम लिखिए। (2016)
उत्तर:
TALLY

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)

प्रश्न 1.
समय तथा श्रम बचाने वाले यन्त्रों से क्या आशय है?
उत्तर:
समय तथा श्रम बचाने वाले यन्त्रों (Time and Labour Saving Appliances) से तात्पर्य उन मशीनों व उपकरणों से है, जिनके उपयोग से समय तथा मानवीय श्रम की बचत होने के साथ-साथ कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है। समय व श्रम बचाने के लिए विज्ञान ने हमें कई ऐसे छोटे-बड़े यन्त्र प्रदान किए हैं; जैसे-टाइपराइटर, टेलीफोन, डिक्टाफोन, कैलकुलेटर, फोटोस्टेट मशीन, आदि।

प्रश्न 2.
आधुनिक व्यवसाय में समय तथा श्रम की बचत करने वाले यन्त्रों के महत्त्व के चार बिन्दु लिखिए। (2017)
उत्तर:
आधुनिक व्यवसाय में समय तथा श्रम की बचत करने वाले यन्त्रों के महत्त्व निम्न प्रकार है-

  1. इन यन्त्रों से समय की बचत होती है।
  2. इन यन्त्रों के प्रयोग से श्रम की बचत होती है।
  3. इन यन्त्रों के द्वारा प्रत्येक कार्य का सरलीकरण किया जा सकता है।
  4. इन यन्त्रों की सहायता से प्रत्येक कार्य कुशलतापूर्वक एवं शुद्धता से किया जा सकता है।

प्रश्न 3.
समय तथा श्रम बचाने वाले चार ऐसे यन्त्रों के नाम लिखिए, जो व्यवसाय में प्रयुक्त किए जाते हैं। (2016)
अथवा
एक कार्यालय में प्रयुक्त पाँच श्रम बचत युक्तियों के नाम लिखिए।
अथवा
श्रम एवं समय बचाने वाले उपकरणों से आप क्या समझते हैं? किन्हीं छः उपकरणों के नामों का उल्लेख कीजिए।
अथवा
व्यवसाय में प्रयुक्त किन्हीं चार समय तथा श्रम बचाने वाले यन्त्रों के नाम लिखिए। (2018)
उत्तर:
समय वे श्रम बचाने वाले यन्त्रों से अभिप्राय उन विभिन्न उपकरणों से है, जिनके उपयोग में लिए जाने से समय और श्रम दोनों की बचत होती है।
एक कार्यालय में प्रयुक्त श्रम बचत युक्तियों के नाम निम्नलिखित हैं-

  1. टाइपराइटर
  2. छिद्र करने वाली मशीन
  3. टेलीफोन
  4. संख्या डालने वाली मशीन
  5. तारीख/दिनांक अंकित करने की मशीन
  6. समय लेखन मशीन

प्रश्न 4.
तारीख डालने वाली मशीन से क्या आशय है?
उत्तर:
इस मशीन के द्वारा पत्रों पर दिनांक अंकित करने का कार्य किया जाता है। दिनांक अंकित करने के लिए इस मशीन में तिथि, माह एवं वर्ष के लिए अलग-अलग पंक्तियाँ होती हैं। मुहर की तरह इस मशीन का प्रयोग किया जाता है, इसलिए इसमें स्याही की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 5.
कम्प्यूटर के चार प्रमुख उपयोग बताइए। (2018, 16)
उत्तर:
कम्प्यूटर के चार प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं-

  1. इसके द्वारा सभी प्रकार की जटिल गणितीय क्रियाओं को आसानी से हल | किया जा सकता है।
  2. यह व्यावसायिक कार्यों पर नियन्त्रण करने में सहायक होता है।
  3. इसके द्वारा स्टॉक का मूल्यांकन आसानी से किया जा सकता है।
  4. यह प्रबन्धकीय सूचनाएँ उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)

प्रश्न 1.
व्यावसायिक कार्यालयों में प्रयोग किए जाने वाले किन्हीं चार समय एवं श्रम बचाने वाले यन्त्रों का वर्णन कीजिए। (2014)
अथवा
व्यापारिक कार्यालय में समय एवं श्रम बचाने वाले चार यन्त्रों का वर्णन कीजिए। (2012)
उत्तर:
समय एवं श्रम बचाने वाले प्रमुख यन्त्र समय एवं श्रम बचाने वाले प्रमुख यन्त्र निम्नलिखित हैं-

1. टाइपराइटर इसका आविष्कार हेनरी मिल ने सन् 1714 में किया था। टाइपराइटर में सम्बन्धित भाषाओं के सभी अक्षरों के बटन लगे होते हैं। इन बटनों को दबाकर किसी भी विवरण को टाइप किया जा सकता है। इससे समय की बचत होती है। और कार्य भी शुद्धता से किया जा सकता है। इसे सुचारु रूप से चलाने के लिए एक प्रशिक्षित व्यक्ति की आवश्यकता होती है, जिसके द्वारा टाइप का कार्य उचित रूप से किया जा सकता है। इस यन्त्र का उपयोग हिन्दी, अंग्रेजी व अन्य भाषाओं में भी किया जा सकता है।

2. छिद्र करने वाली मशीन इस मशीन के द्वारा पत्रों में छेद किया जाता है। पत्रों को फाइलिंग करने के लिए उनमें छिद्र करने की आवश्यकता होती है। हाथ की अपेक्षा इस मशीन से आसानी से छिद्र किए जा सकते हैं। लेटी फाइलिंग प्रणाली में दो छेद व टैग फाइल में एक छेद करने की आवश्यकता होती है। आजकल सभी प्रकार के कार्यालयों में इस मशीन का प्रयोग किया जा रहा है।

3. टेलीफोन इसका आविष्कार एलेक्जेण्डर ग्राहम बेल ने सन् 1876 में किया था। इस यन्त्र की सहायता से व्यक्ति एक स्थान से दूसरे स्थान, शहर या देश में बैठे व्यक्ति से आसानी से बात कर सकता है।

4. संख्या डालने वाली मशीन इस मशीन का प्रयोग कार्यालयों, व्यापारों, उद्योगों, आदि में कार्यों से सम्बन्धित दस्तावेजों, प्रपत्रों, रसीदों, बिलों, आदि पर क्रमांक अंकित करने के लिए किया जाता है। इस मशीन की सहायता से पृष्ठ संख्या को अंकित करने के लिए बार-बार निर्देश देने की आवश्यकता नहीं होती है। एक बार निर्देश देने के पश्चात् अगले पृष्ठों पर संख्या स्वत: अंकित हो जाती है।

5. तारीख/दिनांक अंकित करने की मशीन इस मशीन के द्वारा पत्रों पर दिनांक अंकित करने का कार्य किया जाता है। दिनांक अंकित करने के लिए इस मशीन में तिथि, माह एवं वर्ष के लिए अलग-अलग पंक्तियाँ होती हैं। मुहर की तरह इस मशीन का प्रयोग किया जाता है, इसलिए इसमें स्याही की आवश्यकता होती है।

6. डाक तौलने वाली मशीन इस मशीन का उपयोग बाहर जाने वाली डाक को तौलकर उन पर आवश्यकतानुसार टिकट लगाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग करने से सभी डाकों को डाकघर ले जाने की आवश्यकता नहीं रहती है।

प्रश्न 2.
एक व्यावसायिक कार्यालय में कम्प्यूटरों के उपयोगों का वर्णन कीजिए। (2011)
उत्तर:
यह एक विशालकाय मस्तिष्क के रूप में कार्य करता है। इसकी उत्पत्ति अंग्रेजी के ‘कम्प्यूट’ (Compute) शब्द से हुई है, जिसका अर्थ ‘गणना करना होता है। इसके द्वारा सभी प्रकार की जटिल गणितीय क्रियाओं को आसानी से हल किया जा सकता है। इसके द्वारा कार्य करने से समय व श्रम की बचत के साथ-साथ कार्यकुशलता में भी वृद्धि होती है। वर्तमान में इसका सभी विभागों में व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है। आधुनिक व्यावसायिक कार्यालयों में कम्प्यूटर के प्रयोग से निम्नलिखित लाभ होते हैं

  1. व्यावसायिक कार्यों पर नियन्त्रण सन् 1954-55 के बाद से ही कम्प्यूटर के प्रयोग में तीव्र वृद्धि हुई है। इसके द्वारा एक बड़े व्यावसायिक कार्यालय की सभी शाखाओं व विभागों का नियन्त्रण सरलता से किया जा सकता है।
  2. स्टॉक के मूल्यांकन में सहायक कम्प्यूटर की सहायता से संस्था के स्टॉक का कभी भी मूल्यांकन किया जा सकता है। इससे समय व श्रम की बचत होती है।
  3. प्रबन्धकीय सूचनाएँ उपलब्ध कराने में सहायक कम्प्यूटर के द्वारा व्यवसाय के विषय में सभी प्रकार की सूचनाएँ आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं। किसी भी सूचना की आवश्यकता मिलने पर आवश्यक कुंजी दबाकर उसकी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इस प्रकार, कम्प्यूटर सूचनाएँ उपलब्ध कराने में भी सहायक है।
  4. कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी का संग्रह करना कम्प्यूटर के द्वारा प्रत्येक कर्मचारी की अलग-अलग फाइल बनाकर इसमें कर्मचारी विशेष की विशिष्ट जानकारी या उसके द्वारा किए गए कार्य का लेखा आसानी से कर सकते हैं।
  5. जटिल गणितीय क्रियाओं में सहायक कम्प्यूटर के द्वारा सभी प्रकार के जटिल जोड़, घटाना, गुणा, भाग व अन्य गणनाएँ आसानी से की जा सकती हैं।
  6. अन्य उपयोग कम्प्यूटर के द्वारा ग्राहकों को कम्प्यूटरीकृत बिल देना, लेजर पोस्टिग, उत्पादन कार्यों पर नियन्त्रण, पारिश्रमिक की सूची बनाना, आवश्यक जानकारी प्राप्त करना, आदि कार्य आसानी से किए जा सकते हैं।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणी लिखिए (2007)

  1. कम्प्यूटर
  2. कैलकुलेटर
  3. तारीख डालने वाली मशीन
  4. बहीखाता मशीन

उत्तर:
1. कम्प्यूटर यह विशालकाय मस्तिष्क के रूप में कार्य करता है। इसकी उत्पत्ति अंग्रेजी के ‘कम्प्यूट’ (Compute) शब्द से हुई है, जिसका अर्थ ‘गणना करना होता है। इसके द्वारा सभी प्रकार की जटिल गणितीय क्रियाओं को आसानी से हल किया जा सकता है। इसके द्वारा कार्य करने से समय व श्रम की बचत के साथ-साथ कार्यकुशलता में भी वृद्धि होती है। वर्तमान में इसका सभी विभागों में व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है तथा इसके प्रयोग से होने वाले लाभ निम्नलिखित हैं|

  • व्यवसायिक कार्यों पर नियन्त्रण
  • स्टॉक के मूल्यांकन में सहायक
  • प्रबन्धकीय सूचनाएँ उपलब्ध कराने में सहायक
  • कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी संग्रह करने में सहायक एवं जटिल गणितीय क्रियाओं में सहायक

2. कैलकुलेटर कैलकुलेटर की सहायता से जोड़ना, घटाना, गुणा, भाग व अन्य गणनाओं से सम्बन्धित कार्य शीघ्र किए जा सकते हैं। यह यन्त्र बाजार में छोटे व बड़े दोनों आकार में उपलब्ध है। इसका उपयोग सभी प्रकार के कार्यालयों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों में किया जा सकता है। वर्तमान युग में यह सभी वर्गों के लिए अत्यन्त उपयोगी है।

3. तारीख/दिनांक अंकित करने की मशीन इस मशीन के द्वारा पत्रों पर दिनांक अंकित करने का कार्य किया जाता है। दिनांक अंकित करने के लिए इस मशीन में तिथि, माह एवं वर्ष के लिए अलग-अलग पंक्तियाँ होती हैं। मुहर की तरह इस मशीन का प्रयोग किया जाता है, इसलिए इसमें स्याही की आवश्यकता होती है।

4. बहीखाता मशीन (पुस्तपालन मशीन) यह मशीन टाइपराइटर की भांति ही कार्य करती है। इस मशीन का उपयोग खाते तैयार करने, चिट्ठा तैयार करने, खातों में प्रविष्टि करने तथा गणना सम्बन्धी कार्य में किया जाता है। इसमें कागज लगाने के बाद कुंजी दबाने पर रकम टाइप हो जाती है। इस मशीन से कार्य शीघ्रता व शुद्धता से किया जा सकता है। इस मशीन का प्रयोग प्रायः सभी प्रकार के कार्यालयों में किया जा सकता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (8 अंक)

प्रश्न 1.
कार्यालय यन्त्रीकरण के उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए। (2010)
अथवा
आधुनिक व्यवसाय में समय तथा श्रम की बचत करने वाले यन्त्रों का क्या महत्त्व है? (2006)
उत्तर:
समय तथा श्रम बचाने वाले यन्त्रों का महत्त्व अथवा उद्देश्य आधुनिक व्यापारिक युग में समय एवं श्रम को बचाने वाले यन्त्रों के महत्त्व को निम्नवत् स्पष्ट किया जा सकता है-

1. समय की बचत मशीनों के द्वारा शीघ्र व शुद्धतापूर्वक कार्य करने से समय की बचत होती है। आधुनिक यन्त्र मनुष्य द्वारा किए जाने वाले कार्यों से कई गुना कार्य करते हैं और समय की बचत करके हम इस शेष समय को अन्य महत्त्वपूर्ण कार्यों में उपयोग कर सकते हैं। कहा भी गया है, “समय ही धन है।”

2. श्रम की बचत आधुनिक यन्त्रों के प्रयोग के कारण श्रम की भी बचत होती है। इन यन्त्रों के द्वारा कार्य को कुशलतापूर्वक किया जा सकता है। ये यन्त्र मनुष्य की अपेक्षा अधिक कार्य कम व्यय पर कर देते हैं।

3. मितव्ययिता आधुनिक यन्त्रों के द्वारा कम समय व कम श्रम में अधिक कार्य को पूरा किया जा सकता है, जिससे आर्थिक लाभ की प्राप्ति होती है।

4. शुद्धतापूर्ण कार्य आधुनिक मशीनों के द्वारा प्रत्येक कार्य को शुद्धता से पूर्ण किया जा सकता है, जिससे व्यवसाय के सभी प्रकार के कार्यों में सरलता रहती है। प्रत्येक कार्य शुद्धतापूर्ण किए जाने से व्यवसाय की अच्छी छवि बनती है।

5. कार्य में एकरूपता आधुनिक मशीनों के द्वारा किया गया कार्य, मानव द्वारा किए गए कार्य की तुलना में अधिक सुन्दर होता है। सुन्दरता से किए गए कार्य में एकरूपता भी नजर आती है।

6. सरलता आधुनिक मशीनों के द्वारा कठिन से कठिन कार्य को आसानी से सम्पन्न किया जा सकता है। दूसरे शब्दों में, यन्त्रों के द्वारा प्रत्येक कार्य का सरलीकरण किया जा सकता है।

7. धोखे से मुक्ति यन्त्रों द्वारा किए जाने वाले कार्यों में जालसाजी की सम्भावना नहीं रहती है। यन्त्रों के द्वारा किया गया कार्य निष्कपट व सावधानी से पूर्ण किया जाता है तथा प्रत्येक कार्य की आवश्यक सूचना भी हमेशा उपलब्ध रहती है।

8. उदासीनता की समाप्ति एक ही प्रकार का कार्य करते-करते मनुष्य उदासीन प्रवृत्ति का बन जाता है और प्रत्येक कार्य को अच्छे ढंग से निष्पादित नहीं कर पाता है। लेकिन आधुनिक यन्त्रों के प्रयोग से मनुष्य की उदासीनता व नीरसता समाप्त हो जाती है।

9. व्यापार की साख आधुनिक यन्त्रों को उपयोग में लिए जाने से संस्था की साख में वृद्धि होती है। इन यन्त्रों के द्वारा प्रत्येक कार्य को शुद्धता व कार्यकुशलता से सम्पन्न किया जाता है तथा इन साधनों के प्रभाव से संस्था/व्यापार की साख बढ़ती है।

10. कार्य-विभाजन सम्भव आधुनिक श्रम व समय बचाने वाले यन्त्रों के माध्यम से कार्यालय में कार्य विभाजन करके नियमितता व कुशलता को प्राप्त किया जा सकता है।