Rajasthan Board RBSE Class 10 Hindi रचना पत्र-लेखन

पत्र-लेखन का महत्व

यद्यपि सूचना तथा दूरसंचार तकनीक के अधिक विकसित हो जाने के कारण अब पत्रों का लेखन और प्रेषण बहुत कम हो गया है तथापि पत्र-लेखन का महत्त्व अब भी यथावत् बना हुआ है। पत्र-लेखन में कुछ ऐसी विशेषताएँ हैं जो सन्देश भेजने के अन्य माध्यमों में सम्भव नहीं हैं। पत्र में हम अपने विचारों को यथारुचि विस्तार दे सकते हैं। पत्र में अपने भाव सोच-समझकर अच्छी भाषा में लिखने का पर्याप्त अवसर रहता है। पत्र में यदि कुछ गलत या अशोभनीय लिख जाए तो उसे निरस्त करके पुनः दूसरा पत्र लिखा जा सकता है। पत्र को प्रमाण के रूप में लम्बे समय तक रखा जा सकता है। कभी-कभी
तो लोग पत्र के माध्यम से सदा के लिए मित्र बन जाते हैं ।

एक अच्छे पत्र की विशेषताएँ
पत्र-लेखन एक कला है। एक सुगठित और सन्तुलित पत्र ही उत्तम पत्र माना जाता है। एक अच्छे पत्र में निम्नलिखित विशेषताएँ होनी चाहिए

  1. संक्षिप्तता – पत्र में विषय का वर्णन संक्षेप में करना चाहिए। एक ही बात को बार-बार दोहराने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए।
  2. संतुलित भाषा का प्रयोग – पत्र में सरल, बोधगम्य भाषा का ही प्रयोग किया जाना चाहिए।
  3. तारतम्यता – पत्र में सभी बातें एक तारतम्य से रखी जानी चाहिए। ऐसा न हो कि आवश्यक बातें तो छूट जाएँ और
    पत्र का अधिकांश भाग प्रयुक्त हो जाए। पत्र में सभी बाते उचित क्रम में लिखी होनी चाहिए।
  4. शिष्टता – पत्र में संयमित, विनम्र और शिष्ट शब्दावली का प्रयोग किया जाना चाहिए।
  5. सज्जा – पत्र को साफ-सुथरे कागज पर सुलेख में ही लिखा जाना चाहिए। तिथि, स्थान एवं सम्बोधन यथास्थान लिखने से पत्र में आकर्षण बढ़ जाता है।

पत्र के अंग –
जो बातें सामान्यतः सभी प्रकार के पत्रों में होती हैं उन्हें पत्रों के आवश्यक अंग कहते हैं। पत्रों के छह अंग होते हैं

  1. संबोधन और अभिवादन – यह पत्र में बायीं ओर लिखा जाता है। कार्यालयी और व्यावसायिक पत्रों में संबोधन की विधि निर्धारित होती है, जैसे – महोदय, प्रिय महोदय। अभिवादन भी व्यक्ति के पद या मर्यादा के अनुरूप लिखे जाते हैं।
  2. पत्र भेजने की तिथि – पत्र भेजने वाले के द्वारा दिनांक, महीना और सन् लिखा जाता है।
  3. पत्र की विषय-सामग्री – यह पत्र का मुख्य भाग है। इसी भाग में समाचार, सूचनाएँ, आवेदन, आदेश एवं शिकायत आदि अलग-अलग अनुच्छेद में लिखा जाता है।
  4. पत्र का अंत – पत्र के अंत में दायीं ओर पत्र लिखने वाले के द्वारा अपने पद के अनुरूप शब्द, यथा- भवदीय, शुभेच्छु आदि लिखकर नीचे अपने हस्ताक्षर किए जाते हैं ।
  5. भेजने वाले को पता – दायीं ओर पत्र भेजने वाले का पता लिखा जाता है। इससे पत्र प्राप्त करने वाले को, पत्र भेजने वाले का सही-सही पता ज्ञात हो जाता है और उसे उत्तर भेजने में कठिनाई नहीं होती।
  6. पत्र पाने वाले का पता – पत्र समाप्ति के बाद पोस्टकार्ड, अंतर्देशीय पत्र तथा लिफाफे पर पत्र पाने वाले का स्पष्ट पता लिखा जाता है। पते के साथ पिन कोड अवश्य लिखना चाहिए।

RBSE Class 10 Hindi पत्र-लेखन – कायालयी पत्र

‘कार्यालयी पत्र’ अंग्रेजी के ‘ऑफीशियल लेटर’ का हिन्दी रूपान्तर है। इस वाक्य के पत्रों का आदान-प्रदान जिन-जिन । के बीच होता है, उनमें से प्रमुख निम्नांकित हैं:

  1. किसी देश की सरकार और अन्य देश की सरकार के बीच,
  2. कार्यालयों और व्यक्ति विशेष के बीच,
  3. सरकार और दूतावासों के बीच,
  4. सरकार और व्यक्ति विशेष के बीच,
  5. एक राज्य सरकार और दूसरी राज्य सरकार के बीच,
  6. सरकार और अन्य विभागों के बीच,
  7. सरकार और अन्य देशी-विदेशी संस्थानों, संघों या संगठनों के बीच,
  8. केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच,
  9. विशिष्ट विभाग और अधीनस्थ विभागों के बीच

इस प्रकार के समस्त पत्र कार्यालयी पत्राचार के अंतर्गत आते हैं। कार्यालय का आशय, किसी सरकारी, अर्द्धसरकारी, गैर सरकारी, स्वायत्तशासी अथवा वह स्थान विशेष है जहाँ से प्रशासन का संचालन होता है। इसीलिए इस प्रकार के पत्रों को शासकीय या प्रशासकीय पत्र भी कहते हैं। कार्यालयों की दृष्टि से सरकारी कार्यालयों का क्षेत्र बहुत व्यापक और प्रभावशाली होता है, इसलिए कार्यालयी पत्रों पर विचार करते समय सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित पत्रों के लेखन का भी ज्ञान आवश्यक होता है। अन्य कार्यालयों के पत्रों का प्रारूप सरकारी पत्रों का ही प्रतिरूप होता है।

कार्यालयी पत्र लिखते समय ध्यान देने योग्य तथ्य

  • सबसे ऊपर दायीं ओर कार्यालय, विभाग, संस्थान या मंत्रालय का नाम मुद्रित या टंकित होना चाहिए। पता और पिनकोड भी यहीं लिखना होता है।
  • उसके नीचे दिनांक, कभी-कभी दिनांक ऊपर न देकर पत्र के अन्त में बायीं ओर लिखा जाता है।
  • प्रेषक का नाम, पद और पता लिखते हैं।
  • जिस विषय को लेकर पत्र लिखा जा रहा है उसका उल्लेख करना चाहिए।

प्रमुख सावधानियाँ

  1. भेजे गए पत्र की संख्या और दिनांक का उल्लेख कर देना चाहिए।
  2. इसके बाद मूल पत्र लिखा जाना चाहिए।
  3. प्रत्येक बात के लिए पृथक् अनुच्छेद का प्रयोग करना चाहिए।
  4. पत्र में जहाँ तक सम्भव हो, उत्तम पुरुष (मैं, हम) शैली को प्रयोग में नहीं लाना चाहिए।
  5. पत्र की भाषा शिष्ट, सरल और सुसंगत होनी चाहिए।
  6. पत्र समाप्ति के बाद भवदीय, आपका विश्वासपात्र या सद्भावनापूर्वक आपका, लिखकर हस्ताक्षर किये जाते हैं।
  7. हस्ताक्षर के नीचे कोष्ठक में अपना नाम लिख देना चाहिए।
  8. पत्र का पृष्ठांकन किया जाना आवश्यक होता है। आवश्यक क्रम संख्या लिखनी चाहिए।

कार्यालयी पत्रों के कुछ उदाहरण

प्रश्न 1.
कार्यालय, आयुक्त माध्यमिक शिक्षा, प्रगति प्रदेश, प्रयोगपुर की ओर से राज्य के समस्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) के नाम एक कार्यालयी पत्र लिखिए जिसमें माध्यमिक से उच्च माध्यमिक विद्यालय क्रमोन्नति के मय वैकल्पिक विषयों के खोलने सम्बन्धी प्रस्तावों का उल्लेख हो।
उत्तर:
प्रेषक
आयुक्त
प्रगति प्रदेश
प्रयोगपुर।
पत्रांक : 1507/17-18
दिनांक
12 मार्च, 2018
सेवा में
समस्त जिलाशिक्षा अधि. (माध्य.) प्रगति प्रदेश
विषय : माध्यमिक से उच्च माध्यमिक विद्यालय क्रमोन्नति एवं वैकल्पिक विषय खोलने सम्बन्धी प्रस्ताव । महोदय,

प्रदेश की सरकार को राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अधिक जनोपयोगी बनाने के लिए कुछ सुझाव प्राप्त हुए थे। इनमें माध्यमिक विद्यालयों को उच्च माध्यमिक बनाने तथा उनमें विभिन्न वैकल्यिक विषय खोलने सम्बन्धी प्रस्ताव भी थे।
मुझे यह कहने का निर्देश हुआ है कि सरकार ने विचार-विमर्श के बाद इन प्रस्तावों को मानने का निश्चय किया है। अतः अपने जिले के सम्बन्धित विद्यालयों को इसकी सूचना देने का कष्ट करें।

भवदीय
आयुक्त, माध्यमिक शिक्षा प्रगति प्रदेश

प्रतिलिपि सूचनार्थः
सचिव, माध्यमिक शिक्षा, प्रगति प्रदेश को प्रेषित

प्रश्न 2.
शिक्षा निदेशक, राजस्थान सरकार, बीकानेर की ओर से एक पत्र राजकीय उ. मा. विद्यालय डूंगरपुर को लिखिए, जिसमें हिन्दी प्रवक्ताओं के दो अतिरिक्त पदों के अनुमोदन की सूचना दी गई हो ।
उत्तर:

राजस्थान सरकार, जयपुर
(माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर)

पत्रांक-ख-8/रा.वि. 118-12/पी./17-18
दिनांक 5.9.2017
प्रेषक
शिक्षा निदेशक (मा.)
राजस्थान सरकार
बीकानेर ।

सेवा में
प्राचार्य
राजकीय उ. मा. विद्यालय
डूंगरपुर (राज.)

विषय : हिन्दी व्याख्याताओं के दो अतिरिक्त पदों का अनुमोदन
महोदय,
आपके पत्रांक 130/ए.स./01-140 दिनांक 14.07.2017 के सन्दर्भ में मुझे यह सूचित करना है कि निदेशालय ने आपके विद्यालय में हिन्दी के दो नए व्याख्याताओं के पदों का अनुमोदन कर दिया है । इनकी नियुक्ति हेतु आप माध्यमिक शिक्षा सेवा आयोग, अजमेर से सम्पर्क करें ।
राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर से चयनित व्याख्याताओं की सूची प्राप्त होने तक आप अस्थायी रूप से दैनिक वेतन पर गेस्ट फेकल्टी योजनान्तर्गत व्याख्याताओं की नियुक्ति कर सकते हैं ।

(हस्ताक्षर)
मा. शिक्षा निदेशक
बीकानेर

प्रतिलिपि सूचनार्थ प्रेषित है

  1. जिला उपनिदेशक, उदयपुर ।
  2. जिला शिक्षा अधिकारी, डूंगरपुर ।
  3. सचिव मा. शि. सेवा आयोग, अजमेर ।

(हस्ताक्षर)
माध्यमिक शिक्षा निदेशक
बीकानेर।

प्रश्न 3.
उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली की ओर से एक पत्र का प्रारूप तैयार कीजिए, जो मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार जयपुर को भेजा गया हो, जिसमें शिक्षित बेरोजगारों को ऋण- सुविधा उपलब्ध कराने हेतु चर्चा की गई हो ।
उत्तर:

भारत सरकार
(उद्योग मंत्रालय)
उद्योग भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली

पत्रांक 7/क-19/603-606/17-18
दिनांक 20.1.2018
प्रेषक
सचिव
उद्योग मंत्रालय
भारत सरकार
नई दिल्ली ।
सेवा में
मुख्य सचिव
राजस्थान सरकार
जयपुर ।

विषय : शिक्षित बेरोजगारों हेतु ऋण-सुविधा उपलब्ध कराना

महोदय
आपके पत्रांक 75/ख-432-01 दिनांक 04.10.2017 के सन्दर्भ में मुझे यह कहने का निर्देश हुआ है कि केन्द्र सरकार ने शिक्षित बेरोजगारों को बैंक-ऋण सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिससे बेरोजगार अपना व्यवसाय प्रारम्भ कर सकें । ऋण की अधिकतम राशि 50000 रुपए होगी तथा इस पर मात्र तीन प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा । इस सहायता मद में राज्य सरकारें जो धन व्यय करेंगी, उसका आधा भाग केन्द्र सरकार वहन करेगी ।

ऋण देने हेतु सरकारी क्षेत्र के समस्त बैंकों को निर्देश निर्गत किए जा चुके हैं। कृपया योजना से लाभान्वित बेरोजगारों की त्रैमासिक सूचना इस कार्यालय को प्रेषित करें ।

भवदीय
(एस. सुकुमारन)
सचिव, भारत सरकार

प्रतिलिपि सूचनार्थ प्रेषित

  1. सचिव, उद्योग विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर ।
  2. सचिव, वित्त मंत्रालय राजस्थान सरकार, जयपुर ।
  3. गवर्नर, रिजर्व बैंक, नई दिल्ली।

(हस्ताक्षर)
सचिव, भारत सरकार ।

प्रश्न 4.
निदेशक (शैक्षिक) माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से एक कार्यालयी पत्र प्रधानाचार्य रा.उ. मा. वि. चित्तौड़गढ़ को लिखिए, जिसमें राष्ट्रीय छात्रवृत्ति हेतु चयनित दो बालकों की छात्रवृत्ति राशि को उल्लेख हो ।
उत्तर:

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान
अजमेर

प्रेषक
निदेशक (शैक्षिक)
मा. शि. बो. राजस्थान
अजमेर।
क्रमांक – माशिबो/शेअ/17-18/ 1741-43
दिनांक 10-8-2017
सेवा में
श्रीमान् प्रधानाचार्य
रा. उ. मा. वि. चित्तौड़गढ ।

विषय : राष्ट्रीय छात्रवृत्ति की स्वीकृति के क्रम में

महोदय,
उपर्युक्त विषयान्तर्गत सूचित हो कि आपके विद्यालय के निम्नलिखित छात्रों को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति देना स्वीकृत हुआ है। छात्रवत्ति की धनराशि प्रत्येक के नाम के आगे अंकित है।

क्र.सं.                         नाम छात्र/छात्रा                    कक्षा                          राशि (रु. में)
(1)                           श्री जितेन्द्र सिंघवी                    XII                        1200 = 00 वार्षिक
(2)                           सुश्री आशी चपलोत                  X                         1000 = 00 वार्षिक
योग = 2200 = 00

कुल दो हजार दो सौ रुपयों का चैक संलग्न कर भिजवाया जा रहा है । प्राप्ति की सूचना दें ।

भवदीय
(हस्ताक्षर)
निदेशक (शैक्षिक)
मशि. बो. राजस्थान
अजमेर

संलग्न- चैक नं. 191764/ दि. 8.8.2017
प्रतिलिपि सूचनार्थ प्रेषित है
(1) वित्त नियंत्रक, मा. शि. बो. अजमेर ।
(2) श्रीमान् जिला शिक्षा अधिकारी, चित्तौड़गढ़ ।
(हस्ताक्षर)
निदेशक (शैक्षिक)
मा. शि. बो. राजस्थान
अजमेर ।

प्रश्न 5.
जिलाधीश टोंक (राजस्थान) की ओर से स्वास्थ्य सचिव, राजस्थान सरकार, जयपुर को निर्धारित प्रारूप में एक कार्यालयी पत्र लिखिए जिसमें उनसे अपने क्षेत्र में फैली हुई रहस्यमय बीमारी से ग्रामीण जनता को राहत दिलवाने के लिए राजधानी के विशेष चिकित्सकों का एक दल भेजने के लिए निवेदन कीजिए ।
उत्तर:

राजस्थान सरकार
कार्यालय, जिलाधीश टोंक

पत्रांक : जि.1/स्वा/17-18-/175-76
दिनांक : 5 मई, 2018
सेवी में
श्रीमान् स्वास्थ्य सचिव
(राजस्थान)
राजस्थान सरकार, जयपुर ।
विषय : रहस्यपूर्ण बीमारी से राहत दिलवाने हेतु चिकित्सकीय सहायता के संदर्भ में
महोदय,
उपर्युक्त विषयान्तर्गत सूचनार्थ निवेदन है कि
टोंक जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में एक अज्ञात बीमारी से विगत 3 दिनों में 07 लोग मौत का शिकार हो गए। हैं । इस बीमारी में रोगी को तीव्र ज्वर आता है और वह पेट दर्द के साथ प्राण त्याग देता है । स्थानीय चिकित्सक इस बीमारी का निदान नहीं कर पा रहे हैं । अतः इसे महामारी पर शीघ्र नियंत्रण राजधानी से चिकित्सकों का एक दल तत्काल भिजवाने का कष्ट करें ताकि संत्रस्त जनता को राहत प्रदान की जा सके । – यह रहस्यमय बीमारी किसी प्रकार की संक्रामक बीमारी का रूप भी धारण कर सकती है और इससे अधिक जनहानि भी हो सकती है ।

भवदीय
(हस्ताक्षर)
जिलाधीश, टोंक

पृष्ठांकन सं. : जि/स्वा/18-17/175-76
दिनांक 5 मई, 2018

प्रतिलिपि सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित है

  1. श्रीमान् स्वास्थ्य मंत्री, राजस्थान सरकार, जयपुर ।
  2. श्रीमान् प्रमुख सचिव, राजस्थान सरकार, जयपुर ।
  3. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, टोंक ।

(हस्ताक्षर)
जिलाधीश, टोंके ।

प्रश्न 6.
शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), राजस्थान, जयपुर की ओर से एक पत्र निर्धारित प्रारूप से समस्त जिला विद्यालय निरीक्षक, राजस्थान को लिखिए जिसमें माध्यमिक शिक्षा परिषद् राजस्थान की परीक्षाओं की उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से सम्बन्धित कार्यों के भुगतान के बारे में निर्देश दीजिए।
उत्तर:

कार्यालय शिक्षा निदेशक (माध्य.) राजस्थान जयपुर

प्रेषक
शिक्षा निदेशक (माध्य) राजस्थान
जयपुर ।
पत्रांक : डी. ई/मा. शि. प/400-496/2017-18
दिनांक 30 मार्च 2018
सेवा में
समस्त जिला विद्यालय निरीक्षक
राजस्थान।
विषय : माध्यमिक शिक्षा परिषद्, राजस्थान की वर्ष 2018 की सैकेण्डरी तथा सीनियर सैकेण्डरी की परीक्षाओं से सम्बन्धित कार्यों के भुगतान के सम्बन्ध में ।
महोदय
आजकल माध्यमिक शिक्षा परिषद् राजस्थान की सैकेण्डरी/सी. सैकेण्डरी की परीक्षाएँ संचालित हो रही हैं । ये परीक्षाएँ 10 अप्रैल, 2018 को समाप्त हो जाएँगी । मूल्यांकन कार्य 18 अप्रैल, 2018 से प्रारम्भ होने जा रहा है । परीक्षा समाप्ति के उपरान्त परीक्षा ड्यूटी में लगे सभी शिक्षकों/कर्मचारियों के पारिश्रमिक के देयक भी भुगतान हेतु प्राप्त होंगे। इसी प्रकार मूल्यांकन कार्य की समाप्ति के उपरान्त मूल्यांकन कार्य में लगे परीक्षकों/कर्मचारियों के पारिश्रमिक के देयक भी भुगतान हेतु प्राप्त होंगे। यह आवश्यक है कि परीक्षा कार्य में संलग्न सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पारिश्रमिक का भुगतान वरीयता के आधार पर किया जाय । इस सम्बन्ध में आवश्यक धनराशि आपको सम्बन्धित मदों में परिषद् द्वारा उपलब्ध कराई जा चुकी है।

अतः आपको निर्देश दिए जाते हैं कि परीक्षा समाप्ति के एक सप्ताह के भीतर केन्द्र-व्यवस्थापकों, अतिरिक्त केन्द्र-व्यवस्थापकों, कक्ष-निरीक्षकों एवं परीक्षा कार्य से जुड़े अन्य सभी कर्मचारियों के समस्त पारिश्रमिक देयकों को पारित कराकर उनका भुगतान समय पर करा दिया जाय । इसी प्रकार मूल्यांकन समाप्ति के पश्चात् एक सप्ताह के भीतर मूल्यांकन से जुड़े परीक्षकों व अन्य कर्मचारियों का भुगतान कराया जाना भी सुनिश्चत किया जाय, जिससे परीक्षा कार्य में संलग्न अधिकारी, परीक्षक, वीक्षक एवं अन्य कर्मचारी निष्ठा तथा तत्परता से कार्य का समापन कर सकें तथा इसके साथ ही घोषित समय पर ही परीक्षा-परिणामों का प्रकाशन किया जा सके ।

भवदीय
हस्ताक्षर
शिक्षा निदेशक (मा.)
राजस्थान, जयपुर।

प्रश्न 7.
अधिशासी अभियन्ता, राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लि, खण्ड-III बहरोड, अलवर की ओर से एक पत्र पुलिस अधीक्षक, अलवर को लिखिए जिसमें किसान रैली के दौरान विद्युत लाइनों की सुरक्षा करने हेतु बताया गया हो ।
उत्तर:
पत्रांक 3 (a) अअब/सु/2017/3296
दिनांक : 25 दिसम्बर, 2017
प्रेषक
अधिशासी अभियन्ता
राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लि.
खण्ड-III बहरोड, अलवर ।
सेवा में
पुलिस अधीक्षक
अलवर (राज.)
विषय : विद्युत आपूर्ति की अनियमितता के विरोध में 5 जनवरी 2018 को आयोजित किसान रैली के दौरान विद्युत लाइनों की सुरक्षा के सम्बन्ध में ।
महोदय
हम आपका ध्यान 20 दिसम्बर, 2017 को जिला कलेक्टर, अलवर के कार्यालय में हुई बैठक की ओर आकृष्ट करना चाहते हैं, जिसमें 5 जनवरी, 2018 को आयोजित विशाल किसान रैली की सुरक्षा के लिए सम्भावित खतरों पर चर्चा की गई थी। उक्त बैठक में आधार पर किसान सभा के अध्यक्ष के अभद्र भाषा में रोष एवं पत्र के अधोहस्ताक्षरकर्ता ने सवाल उठाया था कि किसान रैली के दौरान किसानों का रोष मुखर हो सकता है तथा वे ट्रान्सफॉर्मर जलाने, विद्युत लाइन तोड़ने जैसी कार्यवाही भी कर सकते हैं । इस सन्दर्भ में हमारी ओर से प्रस्ताव है। कि आपके नेतृत्व में पुलिसकर्मियों एवं विद्युतमण्डल के कार्मिकों की एक संयुक्त बैठक अविलम्ब आयोजित हो जिसमें विद्युत लाइन की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विचार किया जा सके ।

इसी अपेक्षा के साथ

भवदीय ।
ह. राकेश मीणा ।
अधिशासी अभियन्ता ।

संलग्न – किसान सभा के अध्यक्ष के रैली के सम्बन्ध में प्रेषित पत्र की छायाप्रति । प्रतिलिपि सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित है

  1. जिला कलैक्टर, अलवर ।
  2. अधीक्षण अभियन्ता, रा. राज्य वि. प्र. नि. लि. जयपुर वृत्त, जयपुर
  3. उप-अधीक्षक, पुलिस बहरोड़ वृत्त, बहरोड़, अलवर ।
  4. थाना प्रभारी, पुलिस थाना बहरोड़, अलवर ।

ह. राकेश मीणा ।
अधिशासी अभियन्ता ।

प्रश्न 8.
निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी (मा.) बाँसवाड़ा को रिक्त पदों की सूचना अविलम्ब भिजवाने हेतु स्मरण-पत्र लिखिए ।
उत्तर:

राजस्थान सरकार
कार्यालय निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर

पत्रांक-2/फा. 71/08/1681
दिनांक 18 अगस्त, 2017
जिला शिक्षा अधिकारी (माध्य)
बाँसवाड़ा (राज.)
इस 3701 रचना

विषय : रिक्त पदों की सूचना प्रेषण करने हेतु
उपर्युक्त विषयक हमारे पत्रांक-2/फा. 71/08/1681 दिनांक 18 जुलाई, 2017 के सन्दर्भ में लेख है कि आपके कार्यालय से जिले के माध्यमिक विद्यालयों में व्याख्याता, द्वितीय वेतन श्रृंखला के अध्यापक और पुस्तकालय प्रभारी के रिक्त पदों की सूचना माँगी गई थी। लेकिन अभी तक यह चाही गई सूचना हमारे कार्यालय को प्राप्त नहीं । हुई है । अतः आपको स्मरण दिलाया जा रहा है कि हमारे पत्र का अवलोकन करें एवं सूचना अविलम्ब इस कार्यालय को प्रेषित करें ताकि रिक्त स्थानों को नई नियुक्तियों अथवा स्थानान्तरणों से शीघ्र ही भरने की कार्यवाही की जा सके।

भवदीय
हस्ताक्षर
निदेशक
माध्य. शिक्षा राजस्थान, बीकानेर

संलग्नक-पूर्व आदेश की छायाप्रति ।

प्रश्न 9.
जिला शिक्षा अधिकारी, कमलनेर की ओर से जिले के समस्त उ. मा. वि./ मा. वि. के प्रधानाचार्यो/ प्रधानाध्यापकों को एक पत्र लिखिए जिसमें कक्षा 10 के विद्यार्थियों को गणित, विज्ञान एवं अंगेजी विषयों के अध्ययन हेतु उत्कर्ष योजना (कम्प्यूटर सी. डी. द्वारा प्रश्नोत्तर विधि से) को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश हों।
प्रेषक
जिला शिक्षा अधिकारी
कमलनेर ।
पत्रांकः मा./ 215-46/1250
दिनांक: 24 फरवरी, 2018
सेवा में :
प्रधानाचार्य/ प्रधानाध्यापक
समस्त उ. मा. वि. मा. वि.
कमलनेर।
महोदय,
आपको पूर्व में ही अवगत कराया जा चुका है कि कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषयों में अध्ययन हेतु उत्कर्ष योजना (कम्प्यूटर सी. डी. द्वारा प्रश्नोत्तर विधि से) लागू की जा चुकी है।
आप इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करें और समय-समय पर यह देखते रहें कि इस सम्बन्ध में सही प्रगति हो रही है। यह आपकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। इसकी रिपोर्ट भी प्रत्येक माह की अन्तिम तिथि से पूर्व निम्न हस्ताक्षरकर्ता को देनी है।

हस्ताक्षर
जिला शिक्षा अधिकारी
कमलनेर।

प्रश्न 10.
कार्यालय शिक्षा निदेशक राजस्थान की ओर से राज्य के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों के नाम एक परिपत्र का प्रारूप बनाएँ जिसमें योगासन और प्राणायाम को विद्यालयों में दैनिक चर्या का अंग बनाए जाने का उल्लेख हो ।
उत्तर:

कार्यालय निदेशक (शैक्षिक)
माध्य. शि. बो. राजस्थान, अजमेर

पत्रांक 31/19/2018
दिनांक : 27 मई 2018
विषय : योगासन एवं प्राणायाम को विद्यालय की दैनिक चर्या में सम्मिलित किए जाने के संबंध में ।
मा. शि. बो. राजस्थान ने ‘योगासन एवं प्राणायाम’ को छात्रों के लिए लाभदायक मानते हुए यह निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी विद्यालयों में इसे दैनिक चर्या का अंग बनाया जाये । अनुभव से यह ज्ञात हुआ है कि योगासन और प्राणायाम करने से छात्रों का मानसिक और शारीरिक विकास होता है तथा एकाग्रता में उल्लेखनीय प्रगति होती है। । अतः सभी जिला शिक्षाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में इसकी व्यवस्था कराएँ तथा इसके अनुपालन के संबंध में त्रैमासिक प्रतिवेदन उचित माध्यम से इस कार्यालय को प्रेषित करें ।

(हस्ताक्षर)
निदेशक (शैक्षिक)
मा.शि.बो. राजस्थान, अजमेर

प्रतिलिपि सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित है

  1. समस्त उपनिदेशक, शिक्षा (माध्य.) राजस्थान ।
  2. समस्त जिला शिक्षाधिकारी, राजस्थान ।

प्रश्न 11.
प्रधानाचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, भरतपुर (राजस्थान) की ओर से एक कार्यालयी पत्र निर्धारित प्रारूप में निदेशक, प्रशिक्षण एवं सेवानियोजन निदेशालय, जयपुर (राजस्थान) के नाम लिखिए और उनसे निवेदन कीजिए कि संस्थान के जीर्ण-शीर्ण भवन की मरम्मत के लिए शीघ्र ही अनुमति प्रदान करें । मरम्मत में आने वाले व्यय के अनुमान से भी अवगत कराएँ ।
उत्तर:

कार्यालय, प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान
भरतपुर (राजस्थान)

प्रेषक :
प्रधानाचार्य
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान
भरतपुर (राजस्थान)
पत्रांक औ प्र.स/म/17/18/2017-18
दिनांक 10 जून, 2017
सेवा में
निदेशक
प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय
जयपुर (राजस्थान)
विषय : संस्थान के पुराने भवन की मरम्मत कराए जाने के सम्बन्ध में
महोदय
आपका ध्यान उपर्युक्त विषय की ओर आकर्षित करते हुए निवेदन है कि इस संस्थान का भवन काफी पुराना तथा जीर्ण-शीर्ण है । इसके गिरने से जन-हानि की भी संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता । अतः यह आवश्यक है कि इसकी अविलम्ब मरम्मत कराई जाए ।

मरम्मत कार्य की लागत अनुमानतः एक लाख रुपये होगी । संस्थान के भवन के सम्बन्ध में यह सूचित करना मैं आवश्यक समझता हूँ कि यदि इसकी मरम्मत तुरन्त ने कराई गई तो आगामी सत्र में प्रशिक्षुओं को भवन में प्रशिक्षण देना सम्भव न होगा । बरसात आने को है । गत वर्षों में भी इस भवन की जीर्ण-शीर्ण छतों से बरसात का पानी टपकता था। इस कारण प्रशिक्षण कार्य बीच में ही रोकना पड़ता था । बरसात के कारण भवन के अधिक क्षतिग्रस्त होने से उसके गिरने की भी आशंका बनी रहेगी और वह प्रशिक्षुओं तथा शिक्षकों के जीवन के लिए संकट का कारण बन सकता है ।

अतः आपसे अनुरोध है कि धनराशि की व्यवस्था करते हुए भवन की मरम्मत की अनुमति प्रदान करें ।

भवदीय
हस्ताक्षर
प्रधानाचार्य

प्रश्न 12.
ग्राम पंचायत क ख ग के सचिव की ओर से जिला कलेक्टर ‘अ ब स’ को गर्मी के मौसम में पानी की समुचित व्यवस्था हेतु टैंकर भिजवाने के लिए कार्यालयी पत्र लिखिए।
उत्तर:
पत्रांक ग्र.ग.पा. 17-18/231-232 दिनांक : 5 अप्रैल, 2018 ई.
प्रेषक :
सचिव,
ग्राम पंचायत
‘क ख ग’

प्रतिष्ठा में
श्रीमान् कलैक्टर महोदय
‘अ ब स’
विषय : गर्मी के मौसम में पानी की व्यवस्था
महोदय
निवेदन है कि गर्मी का मौसम आरम्भ हो चुका है और कुछ दिनों बाद ही उसमें वृद्धि होने लगेगी। इस मौसम में पानी की माँग बढ़ जाती है। गाँव में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था के लिए पुराने हैण्डपम्पों को सुधारने का काम ग्राम पंचायत कर रही है किन्तु इतने से काम नहीं चलेगी।
पानी की बढ़ती आवश्यकता की पूर्ति हेतु मई तथा जून के महीनों में ग्राम में पानी का एक टैंकर प्रतिदिन भिजवाने की व्यवस्था कर अनुग्रहीत करें।

धन्यवाद सहित ।

भवदीय
हस्ताक्षर
सचिव

प्रश्न 13.
आकाशवाणी जयपुर केन्द्र को भरतपुर निवासी एक नागरिक ने कार्यक्रमों को रोचक तथा लोकप्रिय बनाने के सम्बन्ध में कुछ सुझाव भेजे थे । निदेशक की ओर से पत्र की प्राप्ति सूचित करते हुए सुझावों पर ध्यान देने का आश्वासन दिए जाने से युक्त कार्यालयी पत्र का प्रारूप लिखिए ।
उत्तर:

कार्यालय आकाशवाणी जयपुर केन्द्र, जयपुर

पत्रांक- 351/सु/2017
दिनांक : 20 जून 2017
सेवा में
श्री दिवाकर वाजपेयी
3, गांधी नगर, भरतपुर
महोदय
आपका दिनांक 5 जून 2017 को लिखित तथा प्रेषित सुझाव पत्र प्राप्त हुआ । यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आप हमारे केन्द्र से प्रसारित कार्यक्रमों के नियमित श्रोता हैं । हम अपने श्रोताओं की ओर से प्रेषित रचनात्मक सुझावों का सदैव स्वागत करते हैं।

आपके सुझाव केन्द्र की कार्यक्रम निर्धारण समिति की आगामी बैठक में विचारार्थ प्रस्तुत किए जाएँगे और निर्णय से आपको अवगत कराया जाएगा ।
आशा है, भविष्य में भी आपका सक्रिय सहयोग प्राप्त होता रहेगा ।

भवदीय
(के. मधुकर)
केन्द्र निदेशक

प्रश्न 14.
पंजाब नेशनल बैंक ने छोटे सिक्कों को स्वीकार करने तथा वितरित करने के बारे में अपनी सभी शाखाओं को कार्यालय आदेश भेजा । आप कार्यालये आदेश का प्रारूप तैयार कीजिए ।
उत्तर:

कार्यालय प्रबंध निदेशक
पंजाब नेशनल बैंक, नई दिल्ली

दिनांक 06 अप्रैल 2018

कार्यालय आदेश

प्रेषक
प्रबंध निदेशक
पंजाब नेशनल बैंक, नई दिल्ली ।

प्रापक
शाखा प्रबंधक
संभी पंजाब नेशनल बैंक शाखाएँ ।

विषय : सिक्कों की स्वीकृति तथा वितरण के संबंध में ।
महोदय/महोदया,
कृपया आर. बी. आई., नई दिल्ली के पत्र तथा अनुस्मारक का संदर्भ ग्रहण करें जिनकी प्रतिलिपियाँ संलग्न हैं। आर. बी. आई के उपर्युक्त पत्रों के अनुपालन में मुझे यह आदेश निर्गत करने का निर्देश हुआ है कि पंजाब नेशनल बैंक की सभी शाखाओं के प्रबंधक सिक्कों की स्वीकृति तथा वितरण के संबंध में आर. बी.आई. के दिशा-निर्देशों का अपनी शाखाओं में यथावत् अनुपालन कराएँ तथा सिक्कों के लेन-देन से संबंधित मासिक विवरण इस कार्यालय को उपलब्ध कराएँ।
इस कार्य में किसी भी प्रकार की उदासीनता तथा उपेक्षा इस कार्यालय को स्वीकार्य नहीं होगी ।

भवदीय
हस्ताक्षर
(श्रीकृष्ण देव वर्मन)
प्रबंध निदेशक ।

प्रश्न 15.
रिजर्व बैंक को अभी भी उपभोक्ताओं द्वारा शिकायतें मिल रही हैं कि छोटे सिक्के बैंकों द्वारा स्वीकार नहीं किये जा रहे। अतः रिजर्व बैंक के महाप्रबंधक को दूसरे बैंकों को अनुस्मारक भेजना है। इस अनुस्मारक को तैयार करने में आप उनकी मदद कीजिए।
उत्तर:

भारतीय रिजर्व बैंक
महाप्रबंधक कार्यालय : नई दिल्ली

पत्र सं. आर. बी. आई. 2017/36/118/11/37.01/2017-18
26 अप्रैल 2018
प्रेषक
महाप्रबंधक
भारतीय रिजर्व बैंक, नई दिल्ली
प्रापक
अध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशक
सभी सार्वजनिक तथा निजी बैंक
विषय : सिक्कों की स्वीकृति एवं वितरण के संबंध में
महोदय/महोदया,
कृपया उपर्युक्त विषय पर इस कार्यालय द्वारा भेजे गए समसंख्यक पत्र दिनांक 6 अप्रैल 2018 का स्मरण करें। इस कार्यालय को बैंकों द्वारा सिक्कों के लेन-देन में बरती जा रही उपेक्षा के बारे में अब भी ग्राहकों की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं । इससे ज्ञात होता है कि बैंकों द्वारा रिजर्व बैंक के स्पष्ट आदेशों के बावजूद इस दिशा में शिथिलता और उदासीनता बरती जा रही है । यह स्थिति किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकती। अतः अपने बैंकों की सभी शाखाओं को सिक्कों की स्वीकृति तथा वितरण से संबंधित निर्देशों को दृढ़ता से अनुपालन किए जाने के आदेश दें।

साथ ही बैंक द्वारा स्वीकृत तथा वितरित सिक्कों का मासिक विवरण इस कार्यालय को प्रेषित कराने का समुचित प्रबंध कराएँ ।

भवदीय
(प्रमोद कुमार आनंद)
महाप्रबन्धक
हस्ताक्षर

प्रश्न 16.
नगरपालिका परिषद, भरतपुर के अधिशासी अधिकारी के कार्यालय से एक अंतिम चेतावनी-पत्र के रूप में विज्ञप्ति प्रकाशित कराई गई है, जिसमें नगर के अतिक्रमण कर्ताओं को अपने अनधिकृत निर्माण तीन दिन के अंदर स्वयं हटा लेने की चेतावनी दी गई है। अन्यथा की स्थिति में नगरपालिका दिनांक 10 अगस्त से अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाएगी और हर प्रकार के अवैध निर्माण और अतिक्रमण को ध्वस्त कराएगी। इससे उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति के लिए अतिक्रमणकर्ता स्वयं उत्तरदायी होंगे । इन बिन्दुओं के आधार पर एक प्रेस-विज्ञप्ति का प्रारूप बनाइए ।
उत्तर:

कार्यालय अधिशासी अधिकारी
नगरपालिका परिषद, भरतपुर
विज्ञप्ति : अतिक्रमणकर्ताओं को अंतिम चेतावनी।

नागरिकों की निरंतर प्राप्त होने वाली शिकायतों तथा स्वयं के स्थलीय निरीक्षण से यह स्पष्ट हो गया है कि नगर में अवैध अतिक्रमणों तथा कब्जों के कारण स्थिति गम्भीर रूप ले चुकी है । इस विषय में नगरपालिका द्वारा अतिक्रमणकर्ताओं को अनेक बार अतिक्रमण हटा लेने के बारे में चेतावनी दी जा चुकी है। अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई सार्थक पहल न होते देखकर नगरपालिका को सार्वजनिक हित एवं सुरक्षा की दृष्टि से कठोर कदम उठाने को बाध्य होना पड़ रहा है । दिनांक 10 अगस्त से सम्पूर्ण नगर में अतिक्रमण हटाओ’ अभियान चलाया जाएगा । इस अभियान में सभी अतिक्रमण तथा अवैध कब्जे ध्वस्त किए जाएँगे तथा इस पर होने वाला व्यय 5000 रुपये प्रति घण्टे की दर से सम्बन्धित अतिक्रमणकर्ता से वसूला जायेगा। अतः किसी भी सम्भावित आर्थिक हानि या मानसिक संताप से बचने के लिए तीन दिन के अंदर सभी प्रकार के अतिक्रमण हटा लिए जाएँ । अन्यथा की स्थिति में अतिक्रमणकर्ता किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए स्वयं उत्तरदायी होंगे ।

दिनांक 10 जुलाई, 2017
हस्ताक्षर
अधिशासी अधिकारी
अध्यक्ष न.पा.प. भरतपुर

प्रश्न 17.
सर्वशिक्षा अभियान के अंतर्गत चल रहे रात्रिकालीन शिक्षण-केन्द्रों में प्रौढ़ों को पढ़ाने के लिए अंशकालिक, शिक्षकों की आवश्यकता है; जो कम-से-कम सैकण्डरी तक पढ़े हों । इस कार्य के लिए निदेशक प्रौढ़ शिक्षा, जयपुर, राजस्थान को आवेदन-पत्र लिखिए ।
सेवा में,
निदेशक, प्रौढ़ शिक्षा
जयपुर (राजस्थान)
दिनांक 31 मई 20_
विषय – अंशकालिक शिक्षक-पद के लिए आवेदन
महोदय,
आपके कार्यालय द्वारा प्रकाशित विज्ञापन के अनुसार मैं अपनी सेवाएँ प्रस्तुत करता हूँ। मेरी शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य परिचय इस प्रकार है –
नाम                       :               प्रकाश नारायण शर्मा
पिता का नाम           :               मधुकर शर्मा
जन्म-तिथि:              :              16.5.1987 (सोलह मई, उन्नीस सौ सतासी)
पत्र-व्यवहार का पता :              335, कृष्ण गली, अलवर ।
शैक्षणिक योग्यताएँ:
RBSE Class 10 Hindi रचना पत्र-लेखन Q1
अनुभव : झुनझुनवाला, उ.मा.वि., सीकर में आठ महीने अध्यापन ।
आशा है, आप मुझे यह सेवा करने का अवसर प्रदान करेंगे ।

भवदीय
प्रकाश नारायण शर्मा

प्रश्न 18.
अपनी योग्यताओं का विवरण देतु हुए जिला शिक्षा अधिकारी को ‘विद्यार्थी मित्र’ पद के लिए आवेदन-पत्र लिखिए ।
सेवा में,
जिला शिक्षा अधिकारी
माध्यमिक शिक्षा विभाग
बाड़मेर
दिनांक 3 दिसम्बर, 20_

विषय – ‘विद्यार्थी मित्र’ पद के लिए आवेदन-पत्र
महोदय,
राजस्थान पत्रिका’ से ‘विद्यार्थी मित्र’ पद की रिक्तियों का पता चला । मैं इस पद के लिए स्वयं को प्रस्तुत करती हूँ । मेरी शैक्षणिक योग्यताएँ तथा परिचय इस प्रकार हैं
नाम                       :    कविता पाराशर
पिता का नाम           :    महेश्वर पाराशर
जन्म-तिथि               :    01.05.1987
पत्र-व्यवहार का पता :    1665, जीवनी मण्डी, बाड़मेर
शैक्षणिक योग्यताएँ :

विशेष योग्यता :

  1. बी.ए. में वि.वि. में प्रथम स्थान प्राप्त किया था ।
  2. शास्त्रीय संगीत की जानकारी है ।

अनुभव : वर्तमान में एक प्रतिष्ठित मॉन्टेसरी विद्यालय में कार्यरत हूँ ।
आशा है आप मुझे साक्षात्कार का अवसर अवश्य प्रदान करेंगे ।
धन्यवाद !

आवेदिका
कविता पाराशर
1665, जीवनी मंडी, बाड़मेर

संलग्न-पत्र :

  1. सैकण्डरी प्रमाण-पत्र
  2. सीनियर सैकण्डरी प्रमाण-पत्र
  3. बी.ए. प्रमाण-पत्र
  4. बी.एड. प्रमाण-पत्र
  5. चरित्र प्रमाण-पत्र

प्रश्न 19.
एन. सी. ई. आर. टी. दिल्ली में लिपिक पदों के लिए रोजगार समाचार’ में विज्ञापन आया है उसका हवाला देते हुए सचिव के नाम आवेदन-पत्र लिखिए ।
सेवा में,
सचिव
एन. सी. ई. आर. टी
नई दिल्ली।
दिनांक 11 फरवरी, 20_
विषय – लिपिक पद के लिए आवेदन-पत्र
महोदय,
10 फरवरी 20– के रोजगार समाचार में प्रकाशित विज्ञापन सं. 520 के अनुसार मैं लिपिक पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन करता हूँ। मेरा परिचय एवं शैक्षणिक योग्यताएँ इस प्रकार हैं –
नाम                :   मानवेन्द्र कौशिक
पिता का नाम    :   हरीशंकर कौशिक
जन्म-तिथि        :   22.03.1991
पता                 :   74 – सी, प्रकाश नगर, बहरोड़

शैक्षणिक योग्यताएँ :

विशेष योग्यता :

  1. मैंने एक वर्ष हिन्दी-अँग्रेजी टंकण का अभ्यास किया है ।
  2. मैंने एक वर्षीय कम्प्यूटर प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है ।

आशा है आप मेरी शैक्षणिक योग्यताओं पर विचार करते हुए मुझे साक्षात्कार का अवसर प्रदान करेंगे ।
धन्यवाद !

आवेदक
मानवेन्द्र कौशिक
74-सी, प्रकाश नगर, बहरोड़

संलग्न –

  1. सैकण्डरी प्रमाण-पत्र
  2. सी., सैकण्डरी प्रमाण-पत्र
  3. टंकण प्रमाण-पत्र
  4. कम्प्यूटर कोर्स प्रमाण-पत्र

प्रश्न 20.
आप सुदेश कुमारी हैं । आपने बी.ए., बी.एड. किया है। आप हिन्दी अध्यापक के पद के लिए आवेदन प्रपत्र भरिए ।

पद का नाम                                                                :                  हिन्दी अध्यापक (वरिष्ठ अध्यापक)
1. नाम                                                                       :                  सुदेश कुमारी
2. पिता का नाम                                                           :                  सुन्दर लाल
3. माता का नाम                                                           :                  सुमन बाला
4. पिता का व्यवसाय                                                     :                  अध्यापक
5. जन्म-तिथि (अंको में)                                                 :                  17.12.1988
(शब्दों में)                                                                    :                  सत्रह दिसम्बर उन्नीस सौ अठासी
6. वर्तमान पता                                                             :                  18, शिवनगर, डीग (राज.)
7. स्थायी पता                                                               :                   उपर्युक्त
8. दूरभाष                                                                    :                  2234567
9. क्या आप अनुसूचित जाति/जनजाति पिछड़ी जाति के हैं ?  :                    X
10. यदि हाँ, तो जाति का नाम लिखिए।                              :                    X
11. क्या आप भारतीय नागरिक हैं ?                                  :                    हाँ
12. यदि नहीं, तो अपनी नागरिकता लिखिए                        :                     X
13. अर्हताएँ।                                                                 :

मैं प्रमाणित करती हूँ कि आवेदित पद के लिए निर्धारित अर्हताएँ मुझमें हैं। आवेदन-पत्र में दी गई जानकारी मेरे अनुसार सही हैं ।

आवेदिका
सुदेश कुमारी
द्वारा श्री सुन्दरलाल
18, शिवनगर, डीग (राज.)

दिनांक 3 फरवरी, 20

संलग्न पत्र :

  1. सैकण्डरी प्रमाण-पत्र
  2. सी. सैकण्डरी प्रमाण-पत्र
  3. बी.ए. प्रमाण-पत्र
  4. बी.एड. प्रमाण-पत्र
  5. चरित्र प्रमाण-पत्र

प्रश्न 21.
आप राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय में हिन्दी के शिक्षक हैं और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से एम. फिल. करना चाहते हैं। विभाग से एम. फिल. करने की अनुमति प्राप्त करने के लिए पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में
महानिदेशक
मानव संसाधन मंत्रालय
भारत सरकार
नई दिल्ली
विषय : जे.एल.एन.यू. से एम. फिल. करने की अनुमति प्राप्त करने के संबंध में
महोदय,
मैं प्रतिभा विकास विद्यालय, जयपुर, राजस्थान में विगत पाँच वर्ष से हिन्दी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। इस सेवाकाल में विद्यालय के अधिकारी, छात्र एवं अभिभावकगण मेरे अध्यापन एवं अन्य क्रियाकलापों से पूर्ण संतुष्ट रहे हैं। मैं अपने विषय में अपनी योग्यता को उच्चस्तरीय बनाने तथा भविष्य में उत्कृष्ट संभावनाओं का अवसर पाने की दृष्टि से, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से एम. फिल. की उपाधि प्राप्त करना चाहता हूँ।
अत: निवेदन है कि मुझे उपर्युक्त विषय में विभागीय अनुमति प्रदान करने की कृपा करें।
दिनांक 25-10-2017

भवदीय
अनुपम मिश्रा
हिन्दी शिक्षक
प्रतिभा विकास विद्यालय, जयपुर

संलग्नक –

  1. शैक्षिक प्रमाण-पत्र एवं उपाधि पत्र
  2. अनापत्ति पत्र प्रधानाचार्य

प्रश्न 22.
जिला शिक्षा अधिकारी, बीकानेर की ओर से सचिव, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लालगढ़, बीकानेर में बोर्ड परीक्षा-केन्द्र की स्वीकृति हेतु कार्यालयी पत्र लिखिए।
उत्तर:
कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (मा.) बीकानेर (राज.)
क्रमांक-जिशिबी/बोपके/10-18/1916-17
दि. 18 अगस्त, 2017
सेवा में
श्रीमान् सचिव महोदय
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
राजस्थान, अजमेर
विषय : रा.उ.मा.वि. लालगढ़ में बोर्ड परीक्षा केन्द्र की स्वीकृति प्रदान करने हेतु
सन्दर्भ – आपका पत्रांक-माशिबो/अजमेर/09/10 दि. 15-07-17
महोदय,
उपर्युक्त प्रासंगिक विषयान्तर्गत निवेदन है कि रा.उ.मा.वि. लालगढ़ में बोर्ड परीक्षा केन्द्र की आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से हैं-

  1. इस विद्यालय में वर्तमान में कक्षा XII कला वर्ग में 60 विद्यार्थी व कक्षा X में 90 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिन्हें 40 कि.मी. दूर परीक्षा देने देशनोक जाना पड़ता है।
  2. विद्यालय में परीक्षा संबंधी आवश्यक भौतिक एवं मानवीय संसाधन उपलब्ध हैं। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा हेतु यहाँ पुलिस थाना है ।
  3. आस-पास 8 कि.मी. की परिधि में 4 माध्यमिक विद्यालयों के परीक्षार्थी भी यहाँ परीक्षा दे सकते हैं ।
    अतः उक्त केन्द्र की स्वीकृति प्रदान करने की अनुकम्पा करें ।

सादर
भवदीय
हस्ताक्षर………….
जिला शिक्षा अधिकारी
(मा.) बीकानेर

संलग्न:

  1. ब्लू-प्रिंट रा.उ.मा.वि. लालगढ़
  2. निकटस्थ विद्यालयों की सूची (मय छात्र संख्या)

प्रतिलिपि सूचनार्थ

  1. श्रीमान् निदेशक, मा. शि. राजस्थान, बीकानेर
  2. प्रधानाचार्य, रा.उ.मा.वि. लालगढ़
  3. कार्यालय प्रति

हस्ताक्षर…..
जिला शिक्षा अधिकारी
(मा.) बीकानेर

प्रश्न 23.
जिला शिक्षा अधिकारी, अलवर की ओर से एक कार्यालयी पत्र प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामगढ़, अलवर को लिखिए जिसमें कक्षा 10 के कमजोर विद्यार्थियों को गणित, अंग्रेजी एवं विज्ञान विषयों के अध्यापन के लिए अतिरिक्त कक्षाओं का प्रावधान सुनिश्चित किया गया हो ।
उत्तर:

कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, अलवर

क्रमांक – जिशिअ/ई/16-17/161-163
दिनांक : 24-01-2018
सेवा में
श्रीमान् प्रधानाचार्य
रा.उ.मा.वि. रामगढ़
जिला, अलवर (राज.)
विषय : कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं के संदर्भ में
मान्यवर,
उपर्युक्त संदर्भ एवं विषयान्तर्गत लेख है कि विगत तीन वर्षों से आपके विद्यालय की कक्षा का परीक्षा परिणाम गुणात्मक एवं परिमाणात्मक दृष्टि से अपेक्षानुरूप नहीं रहा है। इस हेतु आप कक्षा के कमजोर विद्यार्थियों के लिए गणित, अंग्रेजी एवं विज्ञान विषयों में अतिरिक्त कक्षाओं का प्रावधान सुनिश्चित करें । आवश्यकता होने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों अथवा वरिष्ठ प्राध्यापकों की सेवाएँ भी ली जा सकती हैं ।
उक्त विषयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा-परिणाम के आधार पर कमजोर विद्यार्थियों की सूची तथा आदेश अनुपालना की सूचना इस कार्यालय को भिजवाएँ।

भवदीय
हस्ताक्षर…….
जिला शिक्षा अधिकारी
अलवर

प्रतिलिपि सूचनार्थ
श्रीमान् शिक्षा निदेशक महोदय, बीकानेर
हस्ताक्षर…………..
जिला शिक्षा अधिकारी
(माध्य.) अलवर

प्रश्न 24.
कम्प्यूटर शिक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने के लिए प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुम्भलगढ़ की ओर से सचिव, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर को लिखे जाने वाले पत्र का प्रारूप तैयार कीजिए ।
उत्तर:

कार्यालय प्रधानाचार्य रा.उ.मा.वि. कुम्भलगढ़ (राज.),

क्रमांक उमावि/कु./17-18/176-178
दिनांक 11-8-2017
सेवा में
श्रीमान् सचिव महोदय
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान
अजमेर
विषय : कम्प्यूटर शिक्षा की अनिवार्यता के संदर्भ में
महोदय,
आपके पत्रांक-कशि/1040/सं.-1 वि. दि. 30-07-2017 के सन्दर्भ में निवेदन है कि विगत वर्षों से माध्यमिक स्तर तक कम्प्यूटर शिक्षा अनिवार्य कर दी गई है । जीवन में कम्प्यूटर के दिनों-दिन बढ़ते महत्त्व तथा रोजगारपरक सम्भावनाओं को देखते हुए, बोर्ड का यह निर्णय उचित प्रतीत होता है, किन्तु इसके क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए इस विषय की अनिवार्यता पर पुनर्विचार करने का कष्ट करना उचित होगा।

अनिवार्य विषय होने से सभी विद्यार्थियों के क्रियात्मक प्रशिक्षण के लिए आवश्यक कम्प्यूटर कक्ष का निर्माण, साज-सज्जा तथा आवश्यक कम्प्यूटर यंत्रों की व्यवस्था कर पाना कठिन हो रही है । प्रायः छात्र इस विषय में रुचि नहीं लेते और अतिरिक्त शुल्क देने में भी आनाकानी करते हैं। इसके अतिरिक्त कम्प्यूटर प्रशिक्षक इतनी बड़ी छात्र संख्या के साथ न्याय नहीं कर पाता है । कम्प्यूटर पर कार्य करने का अवसर सप्ताह में औसतन एक घण्टे प्रति छात्र भी नहीं होता ।

अतः मेरा विनम्र सुझाव है कि कम्प्यूटर शिक्षा की अनिवार्यता समाप्त करके इसे ऐच्छिक विषय के रूप में लागू कर दिया जाय, तो यह योजना अधिक व्यावहारिक होगी । छात्रहित की दृष्टि से इस संबंध में शीघ्र निर्णय एवं आवश्यक निर्देश प्रदान कर अनुगृहीत करें ।

सादर
भवदीय
हस्ताक्षर……
प्रधानाचार्य
रा.उ.मा.वि. कुंभलगढ़

प्रतिलिपि सूचनार्थ
(1) निदेशक, मा. शि. बो. राजस्थान, बीकानेर ।
(2) निदेशक (शैक्षिक) मा. शि. बो. राजस्थान, अजमेर ।
हस्ताक्षर…………..
प्रधानाचार्य
रा.उ.मा.वि. कुंभलगढ़

प्रश्न 25.
आपके नगर में गंदगी की समस्या काफी समय से चली आ रही है। निरंतर प्रयास और प्रदर्शनों के पश्चात् आपकी नगरपालिका ने घरों से ही कूड़ा एकत्र करने के लिए एक निजी संस्था से अनुबंध किया है। इसके संबंध में नगरपालिका कार्यालय द्वारा जारी की गई एक प्रेस विज्ञप्ति का प्रारूप प्रस्तुत कीजिए ।
उत्तर:

कार्यालय नगरपालिका, अलवर
प्रेस विज्ञप्ति
विषय : नगरपालिका द्वारा घरों से ही कूड़ा एकत्र किए जाने की व्यवस्था ।

नगरपालिका अलवर ने जनता की दीर्घकालीन समस्या ‘गंदगी’ से छुटकारा दिलाने के लिए निर्णय लिया है कि निजी संस्था ‘स्वच्छती सेवा’ के सहयोग से घरों का कूड़ा घरों से ही एकत्र किए जाने की व्यवस्था की जाय । संस्था के कर्मचारी हर घर को दो कूड़ादान (डस्टबिन) उपलब्ध कराएँगे । नागरिकों से अनुरोध है कि घरों के कूड़े को इधर-उधर न डालकर इन कूड़ेदानों में ही डालें । कर्मचारी प्रत्येक दिन प्रत्येक घर से कूड़े से भरा कूड़ादान ले लेंगे और खाली कूड़ादान घर वालों को वापस दे देंगे। नागरिकों से अनुरोध है कि इस योजना में सहयोग देकर नगर को स्वच्छ बनायें।

प्रश्न 26.
नगर पालिका क ख ग की ओर से एक विज्ञप्ति का प्रारूप तैयार कीजिए, जिसमें नगर पालिका क्षेत्र में घूमने वाले आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील की गई हो।
उत्तर:

कार्यालय नगरपालिका क ख ग’
प्रेस विज्ञप्ति

दिनांक : 5 फरवरी, 2017

विषय : नगरपालिका क्षेत्र में घूमने वाले आवारा पशुओं की रोकथाम ।
नगरपालिका क्षेत्र के निवासी नागरिक जानते हैं कि नगरपालिका क्षेत्र में कुछ आवारा पशु घूमते रहते हैं। इनमें कुत्ते, सूअर, गाय, साँड आदि पशु विशेषतः सार्वजनिक स्थलों पर दिखाई देते हैं। इनसे जनता को परेशानी होती है। ये कभी-कभी लोगों को चोट या अन्य प्रकार की क्षति भी पहुँचाते हैं। सब्जी तथा अनाज मण्डी में इनके कारण ग्राहक परेशान रहते हैं।

पशुपालकों को आगाह किया जाता है कि वे अपने पालतू जानवरों को बाँध कर रखें, उन्हें खुला न छोड़ें। एक सप्ताह बाद नगरापालिका उनको पकड़कर पशुशाला में रखेंगी तथा पशुपालकों को दण्डित करेगी। हमें आशा है कि नगर को आवारा पशुओं से मुक्त कराने में हमें समस्त नागरिकों का सहयोग मिलेगा।

अधिशासी अधिकारी
नगरपालिका ‘क ख ग ।

RBSE Class 10 Hindi पत्र-लेखन – व्यावसायिक पत्र

आज का युग व्यापार-प्रधान युग है। चारों ओर उद्योग-धन्धों का प्रभाव फैलता जा रहा है। अतः अनेक प्रकार के उद्योगों के बीच परस्पर सम्बन्ध और व्यापार की दृष्टि से पत्राचार का महत्व बहुत बढ़ गया है। व्यापारिक जटिलताओं को देखते हुए आज मौखिक की अपेक्षा लिखित बातों का बहुत महत्व है। माल मँगाना है, माल बेचने के लिए बाजार की खोज करनी है, व्यापारिक शर्ते तय करनी हैं और भी अनेक व्यावसायिक कार्यों के लिए पत्राचार आवश्यक है। यह पत्राचार ही व्यावसायिक पत्राचार कहलाता है। इसलिए यह व्यावसायिक संस्थान संगठन या प्रतिष्ठान को दूसरे उद्योग समूह के साथ जिस प्रकार के पत्रों का आदान-प्रदान होता है, वे ही व्यावसायिक पत्र कहे जाते हैं।

व्यावसायिक पत्रों की उपयोगिता –

  1. व्यापारिक साख बढ़ती है।
  2. इनके माध्यम से माल मँगाने और बेचने में सहायता मिलती है।
  3. विवाद उत्पन्न होने पर ये अकाट्य प्रमाण होते हैं।
  4. विवाद और भ्रम का निवारण होता है।
  5. उद्योगों में परस्पर निकटता आती है।
  6. समय बचता है।
  7. पैसा कम खर्च होता है।
  8. प्रचार और विज्ञापन का काम देते हैं।

व्यावसायिक पत्र लिखने के कारण

  1. कोई नमूना मँगाने के लिए।
  2. मूल्य और सूची मँगाने के लिए।
  3. शिकायत आदि के लिए।
  4. एजेन्सी लेने या देने के लिए।
  5. विक्रय-प्रस्ताव भेजने के लिए।
  6. भुगतान के लिए।
  7. बैंक संबंधी कार्य करने के लिए।
  8. सामग्री खरीद करने के लिए।
  9. मूल्य या भाव जानने के लिए।
  10. बीमा से संबंधित कार्य के लिए।

व्यावसायिक पत्र-लेखन में प्रयुक्त सावधानियाँ
एक व्यावसायिक पत्र को प्रभावपूर्ण बनाने के लिए निम्नलिखित सावधानियों को ध्यान में रखना चाहिए

  1. व्यावसायिक पत्र में शिष्टता और विनम्रता का पूरा ध्यान रखा जाता है। “अच्छे बोल, पूरी तोल” यह व्यापार की सफलता और समृद्धि की मूल-मंत्र है
  2. पत्र की भाषा सरल और स्पष्ट रखनी चाहिए।
  3. पत्र में काट-छाँट नहीं करनी चाहिए। यदि काट-छाँट आवश्यक हो तो उसे दुबारा सुन्दर एवं स्पष्ट लिखा जाना चाहिए। वैसे व्यवसाय पत्र टाइप किए हुए ही अच्छे होते हैं।
  4. पत्र में प्रामाणिकता होनी चाहिए। ढुलमुले, अप्रासंगिक, शंका या सन्देह उत्पन्न करने वाली कोई बात नहीं होनी चाहिए। विश्वसनीयता और स्पष्ट प्रभाव व्यापार में बढ़ोत्तरी करते हैं।
  5. हर नयी बात नये परिच्छेद से लिखनी चाहिए । एक ही परिच्छेद में एक से अधिक बातों का ढेर-सा नहीं लगा देना चाहिए।
  6. व्यावसायिक पत्र मुद्रित लैटर हैड पर लिखा जाना या टाइप किया जाना चाहिए।
  7. जहाँ तक सम्भव हो, पत्र छोटा और अपने आप में पूर्णता लिए हुए हो।
  8. सामग्री की गुणवत्ता का यथातथ्य उल्लेख होना चाहिए। किसी प्रकार की अतिशयोक्ति नहीं की जानी चाहिए, इससे साख कम हो जाती है।

व्यावसायिक पत्र लेखन के आधारभूत सिद्धांत

  1. संस्था के ‘लेटर हैड’ पर व्यापारिक संस्थान का नाम, पता, फोन, फैक्स आदि की संख्या छपी होती है, न हो। तो टाइप करवाकर ही पत्र लिखना चाहिए।
  2. बायीं ओर पत्रांक व क्रमांक होता है।
  3. इसके नीचे पत्रे पाने वाले व्यक्ति का नाम, पद या संस्थान का नाम होती है।
  4. इसके बाद बायीं ओर ही उपयुक्त’ सम्बोधन होता है।
  5. व्यावसायिक पत्र में अभिवादन का प्रयोग नहीं हुआ करता है।
  6. इसके बाद पत्र का मूल अंश होता है जिसमें सम्बन्धित विषय का स्पष्ट व सटीक विवरण दिया जाता है।
  7. दायीं ओर ‘भवदीय’ शब्द लिखा जाता है।
  8. ‘भवदीय’ के नीचे हस्ताक्षर और फिर नाम व पद लिखा जाता है।
  9. पत्र के साथ नत्थी कागज-पत्र, रसीद आदि हों तो नीचे ‘संलग्न’ लिख कर उनका उल्लेख कर देते हैं।
  10. पत्र की प्रति कहीं और भेजी जा रही हो तो प्रतिलिपि प्रेषित” लिखकर प्रति जहाँ भेजी जा रही है, उसका उल्लेख कर दिया जाता है।

व्यावसायिक पत्रों के कुछ उदाहरण

1. धीमान पुस्तक प्रकाशन को एक पत्र लिखिए जिसमें पुस्तकों की सूची पत्र एवं कमीशन आदि की जानकारी दी गई हो।
उत्तर:

धीमान पुस्तक प्रकाशन
(पुस्तक प्रकाशन एवं विक्रेता)

प्रताप नगर,
जयपुर
दिनांक 10.9.20_

सेवा में,
प्रभाकर प्रकाशन,
कचहरी रोड अजमेर
प्रिय महोदय,
कृपया आपके यहाँ से प्रकाशित पुस्तकों का नवीनतम सूची पत्र शीघ्र ही भेजने का कष्ट करें। कमीशन की पिछली दरों में कोई परिवर्तन हुआ हो, तो उसकी भी सूचना दें।।

भवदीय,
राम किशोर जैन
व्यवस्थापक

2. स्वयं को एक पुस्तक विक्रेता मानते हुए मित्तल पब्लिशिंग हाउस को पत्र लिखें, जिसमें उनके द्वारा कक्षा 9, 10, 11 तथा 12 के लिए प्रकाशित पासबुक्स की सूची तथा कमीशन के बारे में पूरा विवरण मॅगाएँ।
उत्तर:

प्रेषक
धनंजय शर्मा
शर्मा बुक डिपो
कृष्णा नगर, अलवर (राज.)
दिनांक 5 जुलाई, 20…..

सेवा में,
प्रबंधक महोदय
मित्तल पब्लिशिंग हाउस
डी-26, इण्डस्ट्रियल एरिया
मथुरा (उ.प्र.)
महोदय,
मैंने कुछ समय पूर्व ही दुकान प्रारम्भ की है । मैंने आपके द्वारा प्रकाशित पुस्तकों के श्रेष्ठ स्तर और लोकप्रियता के बारे में सुना है । मैं अपनी दुकान के माध्यम से अपने नगर के छात्रों को आपकी पुस्तकों से लाभान्वित करना चाहता हूँ । कृपया आपके द्वारा प्रकाशित पासबुक्स को सूची-पत्र तथा विक्रेता को दिए जाने वाले कमीशन का विवरण शीघ्र भेजने का कष्ट करें ।

भवदीय
धनंजय शर्मा

3. किराने की वस्तुओं का भाव जानने के लिए एक पत्र लिखिए ।
उत्तर:

शर्मा उपभोक्ता सेवा भण्डार,
बस अड्डा , झुंझुनूं
11 जून, 20–

सन्दर्भ संख्या – 30
सेवा में,
मैसर्स मातादीन मुंशीलाल
किराना स्टोर,
अपर रोड, हरिद्वार।
प्रिय महोदय,

हमने पिछले माह किराने के सामान की दुकान खोली है, जिसके लिए हमें नीचे लिखी वस्तुओं की आवश्यकता है। कृपया लौटती डाक से इन वस्तुओं के वर्तमान भाव क्या हैं और आप किस भाव पर ये वस्तुएँ उपलब्ध करा सकेंगे, इसकी यथाशीघ्र जानकारी देने का कष्ट करें ।
आपकी माल भेजने की शर्ते क्या हैं? कृपया अवगत करायें। वस्तु-सूची इस प्रकार है

भवदीय
(हस्ताक्षर)
नरेश कुमार शर्मा

4. प्रधानाचार्य जवाहर विद्यापीठ, कानोड़ की ओर से साहित्य अकादमी, नई दिल्ली को पुस्तक-सूची मँगवाने हेतु एक पत्र लिखिए।
उत्तर:

प्रधानाचार्य
जवाहर विद्यापीठ, कानोड़
जिला – उदयपुर
दिनांक 15 सितम्बर, 20_

सेवा में,
श्रीमान् व्यवस्थापक महोदय,
साहित्य अकादमी, नई दिल्ली-6
मान्यवर,
विश्व पुस्तक मेला, 2017 में आप द्वारा प्रकाशित पुस्तकों के अवलोकन का अवसर मिला। हमारी संस्था के कक्षा XI व XII के विद्यार्थियों हेतु हिन्दी व इतिहास की संदर्भ पुस्तकें खरीदनी हैं । अतः आपके पास उपलब्ध पुस्तकों की मूल्य सूची भिजवाने का कष्ट करें।
सधन्यवाद!

भवदीय
(हस्ताक्षर)
प्रधानाचार्य
जवाहर विद्यापीठ कानोड़

5. सस्ता साहित्य भण्डार की ओर से पुस्तकें मँगाने के लिए देहली प्रकाशन को आदेश-पत्र लिखिए।
उत्तर:

सस्ता साहित्य भण्डार
(लोक साहित्य के प्रमुख विक्रेता)
जनरल गंज,
सवाई माधोपुर
दिनांक 21 मई, 20–

सेवा में,
श्रीमान् प्रबन्धक,
देहली प्रकाशन,
नई सड़क, देहली।
मान्यवर,
हमें आपके द्वारा भेजी गई पुस्तक-सूची से जानकारी मिली है कि आपने लोक साहित्य पर आधारित कुछ पुस्तकें प्रकाशित की हैं। अतएव हमें निम्नलिखित पुस्तकें वी.पी.पी. द्वारा उचित कमीशन काटकर भिजवाने की अनुकम्पा करें।

पुस्तक का नाम                                                 प्रतियाँ
(1) ब्रज के लोकगीत                                            10
(2) राजस्थान की लोककथाएँ                                 5

भवदीय
रमेशदेव
कृते सस्ता साहित्य भण्डार

6. प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बेगूं की ओर सचिव, साहित्य अकादमी, उदयपुर को पुस्तकालय हेतु पुस्तकें प्रेषित करने के लिए पत्र लिखिए।
उत्तर:

रा.उ.मा.वि.बेगू
जिला-चित्तौड़गढ़
दिनांक 15 मई, 20_ _

सेवा में,
श्रीमान् सचिव,
साहित्य अकादमी,
उदयपुर।
मान्यवर, विद्यालय में पुस्तकालय हेतु निम्न पुस्तकें रजिस्टर्ड पार्सल द्वारा भिजवाने की कृपा करें

कुल तीन सौ अस्सी रुपये का ड्राफ्ट संलग्न है।
धन्यवाद्।

भवदीय
(हस्ताक्षर)
प्रधानाचार्य
रा.उ.मा.वि.बेगू

संलग्न – ड्राफ्ट सं. ।
184436 /दि. 14.7.20–

7. मित्तल प्रकाशन, मथुरा की ओर से प्रधानाचार्य रा.उ.मा.वि, लाडनूं को आदेशित माल भेजने की सूचना को पत्र लिखिए।
उत्तर:

मित्तल प्रकाशन
मथुरा
दिनांक 07 मार्च 20–

पत्रांक- 960 । रा.-2/116
सेवा में,
श्रीमान् प्रधानाचार्य महोदय,
रा. उ. मा. वि. लाडनूं।
मान्यवर,

आपके पत्रांक उ.मा.वि./ला./ 09-10/14 दिनांक 28 फरवरी, 20 के संदर्भ में सूचित किया जाता है कि आपके द्वारा प्रेषित सूची के अनुसार निम्न पुस्तके वी.पी.पी. द्वारा प्रेषित की जा रही हैं।

कृपया, वी.पी.पी. छुड़ाने की कृपा करें।

भवन्निष्ठ
(हस्ताक्षर)
कृते- मित्तल प्रकाशन, मथुरा

8. अग्रवाल पुस्तक सदन, अलवर की ओर से मित्तल पब्लिशिंग हाउस को एक पत्र लिखिए, जिसमें पार्सल द्वारा कुछ पासबुक मॅगाई गई हों ।
उत्तर:

अग्रवाल पुस्तक सदन
(प्रमुख पुस्तक विक्रेता)
अलवर
दिनांक 15 सितम्बर, 20–

सेवा में,
व्यवस्थापक,
मित्तल पब्लिशिंग हाउस
मथुरा।
प्रिय महोदय,

कृपा करके निम्नलिखित पुस्तकें रेलवे पार्सल द्वारा भेजने का कष्ट करें
1. हिन्दी प्रभा                              15 प्रतियाँ
2. संस्कृत प्रभा                            15 प्रतियाँ
3. सामाजिक विज्ञान                     10 प्रतियाँ
4. गणित                                    10 प्रतियाँ
साथ में अपना नया सूची-पत्र भी भेजने का कष्ट करें।

भवदीय
(दीनदयाल दीक्षित)
क्रय-विक्रय अधिकारी

9. डाबर इंडिया लि. दिल्ली को एक पत्र लिखिए जिसमें कंपनी की ऐजेन्सी लेने की बात कही गई हो।
उत्तर:

मीणा आयुर्वेदिक औषधि भण्डार
(आयुर्वेदिक औषधियों के विक्रेता)

प्रताप सर्किल
जयपुर।
दिनांक 19 सितम्बर, 20–

सेवा में,
डाबर इंडिया लि.
दिल्ली
प्रिय महोदय,
10 सितम्बर, 20 के ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ दैनिक में जयपुर में एजेण्ट की आवश्यकता हेतु किये गये आपके विज्ञापन के सन्दर्भ में हम अपने संस्थान को इस सेवा के लिए प्रस्तुत करते हैं। हम आयुर्वेदिक औषधि-विक्रय क्षेत्र, में विगत दस वर्षों में कार्यरत हैं और उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान तथा मध्य प्रदेश में हमें इन औषधियों के विक्रय को अच्छा बाजार उपलब्ध है। अतः हम आपके उत्पादनों की अच्छी बिक्री कर सकने में पूर्णत: समर्थ हैं।

हम अन्य संस्थानों के साथ 20 प्रतिशत कमीशन पर कार्य करते हैं। यही कमीशन हम आपसे भी चाहेंगे।
हमारी कमीशन दर पर आप हमें जयपुर में अपना एजेन्ट नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान करेंगे, तो हम आपकी भलीप्रकार सेवा कर सकेंगे, ऐसा हम विश्वास दिलाते हैं।

भवदीय
(हर्षवर्द्धन शर्मा)
संचालक

10. स्वयं को सुधीर मेडीकल स्टोर का व्यवस्थापक रमेश चन्द्र सिंघल मानते हुए श्री वैद्यनाथ आयुर्वेद भवन, झाँसी को एक शिकायती पत्र लिखिए।
उत्तर:
सुधीर मेडिकल स्टोर
(आयुर्वेदिक दवाओं के प्रमुख विक्रेता)

70, जयपुर हाऊस
चौड़ा रास्ता, जयपुर
दिनांक 15.9.20–

सेवा में,
प्रबन्धक,
श्री वैद्यनाथ आयुर्वेद भवन प्रा. लि.
झाँसी।
प्रिय महोदय,

अत्यन्त खेद के साथ हमें यह लिखना पड़ रहा है कि 10.9.20– को आपकी औषधियों को जो पार्सल हमें प्राप्त हुआ है, उसमें पंचारिष्ट आसव की 500 शीशियों के स्थान पर केवल 450 शीशियाँ ही प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 34 की सील खराबी से दवा रिस गयी है। हम वे 34 शीशियाँ लौटा रहे हैं। अब कृपया पंचारिष्ट आसव की 84 शीशियाँ तुरन्त भेज दें, ताकि हमारी बिक्री पर विपरीत प्रभाव न पड़ सके।

भवदीय
(रमेश सिंघल)
व्यवस्थापक

11. स्वीकृत ऋण जारी करने के संबंध में प्रबंधक स्टेट बैंक मुख्य शाखा चौड़ा रास्ता जयपुर को एक पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
प्रबन्धक,
स्टेट बैंक, मुख्य शाखा, चौड़ा रास्ता जयपुर

विषय-स्वीकृत ऋण शीघ्र दिलाए जाने के विषय में

महोदय,
निवेदन है कि जिला उद्योग कार्यालय जयपुर द्वारा मुझे स्टेशनरी विक्रेता व्यवसाय प्रारम्भ करने के लिए तीस हजार रुपये की ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। इससे सम्बन्धित कागजात आपके बैंक में आ चुके हैं तथा आपके क्षेत्र अधिकारी इस सम्बन्ध में आवश्यक जाँच-पड़ताल भी कर चुके हैं। मैंने बैंक द्वारा वांछित सभी औपचारिकताएँ हैं किन्तु खेद है कि एक महीना बीत जाने पर भी मुझे ऋण प्राप्त नहीं हो सका है। नया शिक्षा सत्र एक दिन पश्चात् प्रारम्भ हो जाएगा, यदि मुझे शीघ्र ऋण प्राप्त नहीं हुआ तो मैं समय से व्यवसाय प्रारम्भ नहीं कर पाऊँगा।
आशा है, आप मेरी कठिनाई और सम्भावित हानि को देखते हुए, मुझे शीघ्र ही ऋण दिलाने की व्यवस्था करने का कष्ट करेंगे।

दिनांक 14.5.20–
32, रामबाग,
जयपुर।

भवदीय
गिरीश प्रसाद

12. व्यावसायिक ऋण प्राप्ति के संबंध में आ रही अड़चन का उल्लेख करते हुए प्रबंधक सिंडीकेट बैंक जोधपुर को एक पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
प्रबन्धक महोदय,
सिण्डीकेट बैंक, जोधपुर

विषय-व्यावसायिक ऋण के सम्बन्ध में

श्रीमान्
निवेदन है कि आपके पत्र दि. 5.2.20_ _ के निर्देशों के अनुपालन में, मैंने आपके बैंक में बचत खाता खेल दिया है तथा वांछित धनराशि भी जमा करा दी है। मैं इस सम्बन्ध में चार बार बैंक में उपस्थित हो चुकी हैं, किन्तु सम्बन्धित अधिकारी महोदय से भेंट नहीं हो सकी है। इससे मुझे ऋण प्राप्त होने में अकारण विलम्ब हो रहा है।
आपसे अनुरोध है कि इस सम्बन्ध में यथाशीघ्र कार्यवाही करके अनुग्रहीत करें।

दिनांक 7.3.20–
महिला सिलाई शिक्षा केन्द्र
भामाशाह बाजार, जोधपुर।

भवदीय
सुकन्या पाराशर

13. किसी बैंक की स्थानीय शाखा के प्रबन्धक को अपनी पुस्तक की दुकान के लिए ऋण-प्राप्ति हेतु एक आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
प्रबन्धक महोदय,
भारतीय स्टेट बैंक, कुम्हेर गेट शाखा,
भरतपुर।
विषय-पुस्तक की दुकान के लिए ऋण-प्राप्ति के सम्बन्ध में
महोदय,
जिला उद्योग कार्यालय द्वारा मुझे पुस्तकों की दुकान चलाने हेतु 25,000 रु. का ऋण स्वीकृत हो चुकी है। जिसकी फाइल आपकी बैंक में पहुँच चुकी है। आपके द्वारा वांछित औपचारिकताएँ भी मैं पूरी कर चुका हूँ।
कृपया मुझे यथाशीघ्र ऋण दिलाने को कष्ट करें ताकि मैं आगामी जुलाई मास से अपनी दुकान आरम्भ कर सकें।

भवदीय
राजेश कुमार मीणा
भरतपुर

14. आप सचिन क्रिकेट क्लब के प्रबंधक हैं । आपने चावला गेम्स एण्ड स्पोर्ट्स, जालंधर को ऑल और बैट्स का ऑर्डर भेजा था । पन्द्रह दिन बाद भी सामान न प्राप्त होने पर फर्म को एक स्मरण-पत्र लिखिए ।
उत्तर:

प्रेषक
पुनीत पालीवाल
प्रबंधक, सचिन क्रिकेट क्लब
मालवीय नगर, अजमेर (राज.)
दिनांक 6 मार्च, 20…..

सेवा में,
मार्केटिंग मैनेजर
चावला गेम्स एण्ड स्पोर्ट्स
जालंधर (पंजाब)

विषय : सामान प्राप्त न होने के संबंध में

महोदय,
कृपया मेरे दिनांक 20 फरवरी, 20… के ऑर्डर-पत्र का अवलोकन करें । पन्द्रह दिन बीत जाने पर भी ऑर्डर में लिखितमाल प्राप्त नहीं हुआ है ।
कृपया शीघ्र से शीघ्र ऑर्डर की आपूर्ति की व्यवस्था करें ।
धन्यवाद !

भवदीय
पुनीत पालीवाल