Rajasthan Board RBSE Class 10 Hindi व्याकरण विशेषण

संज्ञा और सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं, जैसे

  1. नीला आकाश
  2. छोटी लड़की
  3. दुबला आदमी
  4. कुछ पुस्तकें ।

उपर्युक्त उदाहरणों में क्रमशः नीला, छोटी, दुबला और कुछ, शब्द विशेषण हैं जो क्रमश: आकाश, लड़की, आदमी और पुस्तकें आदि संज्ञाओं की विशेषता का बोध कराते हैं।
अतः विशेषता बतलाने वाले शब्द (पद) विशेषण कहलाते हैं।

विशेष्य – विशेषण शब्द (पद) जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है उसे ‘विशेष्य’ कहते हैं, जैसे-उपर्युक्त शब्द-आकाश, लड़की, आदमी, पुस्तकें आदि ‘विशेष्य’ कहलाएँगे।

विशेषण के भेद – विशेषण के चार भेद हैं

  1. गुणवाचक विशेषण
  2. परिमाणवाचक विशेषण
  3. संख्यावाचक विशेषण
  4. सार्वनामिक विशेषण

1. गुणवाचक विशेषण –
जो विशेषण संज्ञा या सर्वनाम शब्द के गुण, दोष, रूप, रंग, आकार, स्वभाव, दशा, स्वाद आदि का बोध कराते हैं तथा अन्य कई विशेषताएँ भी बताते हैं, वे गुणवाचक विशेषण कहे जाते हैं, जैसे
गुण – अच्छा, भला, शिष्ट, सभ्य, नम्र, दानी, सुशील, कर्मठ आदि।
दोष – बुरा, अशिष्ट, असभ्य, दुश्चरित्र, कंजूस, चोर, झूठा आदि।
रंग – काला, लाल, हरा, पीला, सफेद, नीला आदि।
रूप – सुन्दर, कुरूप, आकर्षक, दर्शनीय आदि।
दशा – रोगी, स्वस्थ, मोटा, पतला, बीमार, बिगड़ा हुआ, सुखी, दु:खी, पिघला, गाढ़ा, गीला, सूखा आदि।
आकार – गोल, चपटा, सुडौल, अण्डाकोर, त्रिभुजाकार आदि।
दिशा – उत्तरी, पूर्वी, पश्चिमी, दक्षिणी, भीतरी, बाहरी, ऊपरी आदि।
देश – भारतीय, पाकिस्तानी, अफ्रीकी, चीनी, जापानी, पंजाबी आदि।
काले – नया, पुराना, ताजा, प्राचीन, अगला, पिछला, मौसमी, आगामी आदि।
आयु – युवा, वृद्ध, बाल, किशोर आदि। स्पर्श-कोमल, कठोर, मुलायम, खुरदरा, नरम, ठंडा, गर्म आदि।
स्वभाव – क्रोधी, दयालु, हितैषी, उपकारी। स्वाद-कड़वा, मीठा, कटु, रसीला ।
गंध – सुगन्धित, दुर्गन्धित।
प्रभाव – मादक, मोहक, उत्तेजक।

कुछ उदाहरण –

  1. आम एक मीठा फल है।
  2. वह सुन्दर स्त्री है।
  3. मोहन एक उदार व्यक्ति है।
  4. युवा पुरुष राष्ट्र निर्माण करते हैं।
  5. महिलाएँ कोमल शरीर की होती हैं।
  6. हिमालय ठण्डी बर्फ का घर है।
  7. रावण दुष्ट राक्षस था।

इन वाक्यों में मीठा, सुन्दर, उदार, युवा, कोमल, ठण्डी, दुष्ट आदि शब्द गुणवाचक विशेषण हैं। ये ‘विशेष्य’ फल, स्त्री, व्यक्ति, पुरुष, शरीर, बर्फ, राक्षस आदि के गुणों को व्यक्त कर रहे हैं, अतः गुणवाचक विशेषण हैं।

2. परिमाणवाचक विशेषण
जो विशेषण संज्ञा तथा सर्वनाम की नाप-तोल तथा परिमाण का बोध कराते हैं, वे परिमाणवाचक विशेषण कहे जाते हैं, जैसे-

  1. दो सौ ग्राम चीनी लाओ।
  2. आज तीन से.मी. वर्षा हुई।
  3. आपने इतने पैसे खर्च कर दिये।
  4. बर्तन में कुछ दूध है।

परिमाणवाचक विशेषण के दो भेद हैं

(क) निश्चित परिमाणवाचक – जो विशेषण संज्ञा या सर्वनाम के निश्चित परिमाण का बोध कराते हैं, वे निश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहे जाते हैं, जैसे-तीन किलो चीनी, दो लीटर दूध, पाँच मीटर कपड़ा, दस किलो सोना।
उदाहरण:

  1. आज दस से.मी. वर्षा हुई।
  2. इस कैन में तीन लीटर दूध आता है।
  3. कमीज में 2 मीटर कपड़ा लगता है।
  4. चाय में तीन किलो चीनी खर्च हुई।

(ख) अनिश्चित परिमाणवाचक-जो विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की अनिश्चित मात्रा या परिमाण को बोध कराते हैं वे अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहे जाते हैं, जैसे-थोड़ा-सा पानी, इतने पैसे, कुछ काम, बहुत पैसा।

उदाहरण:

  1. इस व्यापारी ने बहुत धन कमाया है।
  2. अभी कितना काम बाकी है?
  3. मुझे थोड़ा सा पानी पीने को दीजिए।
  4. छोटे बालक को इतने पैसे मत दो।

3. संख्यावाचक विशेषण
जो विशेषण संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की संख्या, क्रम या गणना का बोध कराते हैं, वे संख्यावाचक विशेषण कहे जाते हैं, जैसे-

  1. इस कक्षा में तीस छात्र हैं।
  2. दशरथ के चारों पुत्रों का विवाह हो गया।
  3. बस दुर्घटना में दो दर्जन व्यक्ति घायल हुए।
  4. भारत का प्रत्येक नागरिक ज्ञानी है।

इन वाक्यों में तीस, चारों, दो दर्जन और प्रत्येक शब्द (पद) संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध कराते हैं। अतः ‘संख्यावाचक’ विशेषण कहे जाते हैं।

संख्यावाचक विशेषण के दो भेद हैं-(क) निश्चित संख्याबोधक। (ख) अनिश्चित संख्याबोधक।

(क) निश्चित संख्याबोधक-जो विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की निश्चित संख्या, क्रम, समूह, आवृत्ति आदि का बोध कराते हैं वे निश्चित संख्याबोधक विशेषण कहे जाते हैं, जैसे-पाँच छात्र, दो दर्जन कापियाँ, चौथा लड़का, दो गुना काम, चारों भाई, एक सैकड़ा, प्रत्येक आदमी आदि।

निश्चित संख्याबोधक विशेषण के संख्या के आधार पर निम्न भेद किये जा सकते हैं –

  1. गणना के आधार पर (क) पूर्ण संख्यावाचक, जैसे-1-2-3 आदि। (ख) अपूर्ण संख्यावाचक, जैसे-आधा (1/2), चौथाई (1/4), सवा (1/4), डेढ़ (11/4) आदि।
  2. क्रमवाचक-पहला, दूसरा, चौथा आदि।
  3. आवृत्तिवाचक-दुगुना, चौगुना,
  4. समुदाय या समुच्चयवाचक-दोनों, तीनों, चारों, सप्तपदी, चालीसा आदि।
  5. प्रत्येकवाचक-हेर एक, प्रत्येक, प्रति आदि।

(ख) अनिश्चित संख्याबोधक-जो विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की अनिश्चित संख्या का बोध कराते हैं, वे अनिश्चित संख्याबोधक विशेषण कहे जाते हैं, जैसे-बहुत आदमी, सैकड़ों कर्मचारी, लगभग दो सौ रुपये, थोड़े से अधि किारी आदि, जैसे-

  1. इस गाँव में बहुत आदमी निरक्षर हैं।
  2. सरकार ने सैकड़ों लोगों को रोजगार दिया।
  3. इस भवन को बनाने में लगभग दो लाख रुपये व्यय होंगे।
  4. केवल सौ-दो सौ रुपयों से काम चला लेंगे।
  5. जनगणना के काम में थोड़े से कर्मचारी लापरवाह हैं।

4. सार्वनामिक विशेषण
जो सर्वनाम शब्द विशेषण की भाँति किसी संज्ञा के पहले प्रयुक्त होकर संज्ञा की विशेषता बताते हैं, वे सार्वनामिक विशेषण कहे जाते हैं, जैसे – यह लड़का, वे किसान, हम सब शिक्षक आदि।
सार्वनामिक विशेषणों के चार भेद हैं –

  1. निश्चयवाचक या संकेतवाचक
  2. अनिश्चयवाचक
  3. प्रश्नवाचक
  4. सम्बन्धवाचक।

(क) निश्चयवाचक/संकेतवाचक सर्वनामिक विशेषण-ये सार्वनामिक विशेषण किसी संज्ञा की ओर निश्चयसूचक संकेत करते हैं, जैसे
(क) यह लड़का कल अनुपस्थित था।
(ख) वह भवन श्रीराम प्रताप की है।

(ख):अनिश्चयवाचक सर्वनामिक विशेषण-ये सार्वनामिक विशेषण किसी संज्ञा की ओर अनिश्चयसूचक संकेत करते हैं। जैसे
(क) कोई आदमी बगीचे में रह रहा है।
(ख) कुछ महिलाएँ बाहर प्रतीक्षा कर रही हैं।

(ग) प्रश्नवाचक सर्वनामिक विशेषण-ये सार्वनामिक विशेषण संज्ञा की ओर प्रश्नात्मक संकेत करते हैं, जैसे
(क) यहाँ कौन आदमी बैठा था?
(ख) किस युवक ने बच्चे को बचाया है?
(ग) कौन-से छात्र ने कक्षा में शरारत की ?
(घ) तुम लोगों में क्या बातें हो रही हैं?

(घ) सम्बन्धवाचक सार्वनामिक विशेषण-ये सार्वनामिक विशेषण एक संज्ञा शब्द का वाक्य में प्रयुक्त दूसरे संज्ञा शब्द से सम्बन्ध सूचित करते हैं, जैसे
(क) जो पुस्तके तुम को मिली थी, वह सौरभ की है।
(ख) जिस लड़के ने फूल तोड़े हैं, वह गेट पर खड़ा है।

सार्वनामिक विशेषण तथा सर्वनाम में अन्तर

जब सर्वनाम शब्द किसी संज्ञा शब्द के पहले विशेषण की तरह प्रयुक्त होता है, तो वह सार्वनामिक विशेषण होता है। जब सर्वनाम शब्द ‘अकेले या स्वतन्त्र रूप में (संज्ञा के स्थान पर) प्रयुक्त होता है तो वह सर्वनाम ही कहा जाता है, जैसे

सर्वनाम के रूप में                   विशेषण के रूप में
वह कहाँ गया है?                    वह लड़का कहाँ गया है?
यह बाहर से आया है।              यह छात्र बाहर से आया है।
उसका घर कहाँ है?                 उस आदमी का घर कहाँ है?
हम यहाँ क्या करें ?                  हम शिक्षक यहाँ क्या करें ?

कुछ प्रचलित विशेषण

(क) संज्ञा से बने विशेषण
RBSE Class 10 Hindi व्याकरण विशेषण Q1

(ख) क्रियाओं से बने विशेषण

(ग) अव्यय शब्दों से बने विशेषण

पाठ्यपुस्तक से संकलित उदाहरण

संज्ञा शब्दों से बने विशेषण

विशेषण शब्दों के रूपान्तरण-विशेषण शब्दों का रूपान्तरण

  1. लिंग और
  2. वचन के कारण होता है।

लिंग और वचन का विशेषण पर प्रभाव

1. लिंग का विशेषण पर प्रभाव –
(क) यदि विशेषण आकारान्त हो और विशेष्य स्त्रीलिंग हो तो आकारान्त विशेषण ईकारान्त हो जाता है, जैसे

इनके वाक्य प्रयोग

अन्य उदाहरण

(ख) आकारान्त विशेषण को छोड़कर अन्य विशेषणों पर विशेष्य के लिंग की प्रभाव नहीं पड़ता, जैसे

2. वचन का विशेषण पर प्रभाव

(क) यदि मूल विशेषण आकारान्त हो और विशेष्य बहुवचन पुंल्लिंग, हो तो : आकारान्त विशेषण एकारान्त हो जाता है, जैसे
छोटा घर                  छोटे लड़के
मीठा फल                मीठे आम
बड़ा आदमी              बड़े लोग

(ख) यदि विशेष्य बहुवचन स्त्रीलिंग हो तो आकारान्त विशेषण ईकारान्त हो जाता है, जैसे
यह सेब मीठा है।                      यह लीचियाँ मीठी हैं।
यह कुर्ता हरा है।                      ये टोपियाँ हरी हैं।
बड़े लकड़े बैठे हैं।                    बड़ी लड़कियाँ बैठी हैं।

विशेषण का विशेषण पर प्रभाव – यदि किसी वाक्य में एक विशेष्य के एकाधिक विशेषण हों तो उनमें एकरूपता होती है। या तो सभी विशेषण पुंल्लिंग होते हैं या स्त्रीलिंग, जैसे

1. हरी एक गोरा, लम्बा, चुस्त और छर-हरा जवान है।
राधा एक गोरी, लम्बी, चुस्त और छरहरी युवती है।
(यहाँ ‘चुस्त’ उभयलिंगी है शेष आकारांत विशेषण ईकारांत में बदल गये हैं।

2. यह युवक अच्छा, गुणवान, बुद्धिमान और हठीला है।
ये युवक अच्छे, गुणवान, बुद्धिमान और हठीले हैं।
ये युवतियाँ अच्छी, गुणवती, बुद्धिमती और हठीली हैं।
(तीनों वाक्यों में विशेषणों की संगति उनके विशेष्यों के अनुरूप बनी हुई है।)

यह एकरूपता परसर्ग के अनुसार भी बनी रहती है, जैसे-

  • हरीमोहने हरे भरे, खुले और हवादार मैदान में टहलता है।
  • वे सब हरी-भरी खुली और हवादार पहाड़ी पर चढ़ते हैं।

कारकों में सम्बोधन कारक ही ऐसा कारक है जिसमें विशेषणों में एकरूपता बनी रहती है, जैसे
ओ नादान दोस्त! यहाँ बैठो। ए छोटी-प्यारी बहनो! यहाँ बैठो।
यदि एक विशेषण के साथ अनेक विशेष्य हों तो विशेषण अपने निकटस्थ विशेषण के अनुरूप लगता है, जैसे हरा वृक्ष और बेलें । पक्के घर और दुकानें।

विशेषणों के तुलनात्मक रूप – दो वस्तुओं के गुणों-अवगुणों के मिलान को तुलना कहते हैं। तुलना की दुष्टि से विशेषण की तीन अवस्थाएँ होती हैं

(i) मूल अवस्था,
(ii) उत्तर अवस्थी,
(iii) उत्तम अवस्था।

(i) मूल अवस्था – इसमें विशेषण द्वारा किसी व्यक्ति या वस्तु की तुलना न करके उसकी सामान्य विशेषता बताई जाती है, जैसे-राम सुन्दर है।
(ii) उत्तर अवस्था – इसमें विशेषण द्वारा व्यक्तियों या वस्तुओं की तुलना करके एक की अधिकता या न्यूनता बताई जाती है, जैसे-राम मोहन से सुन्दर है।
(iii) उत्तम अवस्था – इसमें विशेषण द्वारा दो से अधिक व्यक्तियों या वस्तुओं की तुलना करके किसी एक को सबसे अधिक या न्यून बताया जाता है, जैसे-राम सबसे सुन्दर है।

प्रविशेषण

ऐसे विशेषण शब्द जो अन्य विशेषणों की विशेषताएँ बताते हैं, उनको प्रविशेषण कहा जाता है। उदाहरण‘अति उत्तम बाल की पूँछ हाथ पड़ गई।’
इस वाक्य में ‘अति’ शब्द ‘उत्तम’ विशेषण की विशेषता बता रहा है। अतः यह शब्द प्रविशेषण है।

अन्य उदाहरण
1. ये लुप्तलोचन ज्योतिषाभरण बड़े उदंड पण्डित हैं।
2. रमजान के पूरे तीस रोजों के बाद ईद आई है।
3. कितना सुन्दर संचालन है।
4. इतनी कम शिक्षा ने भी अनर्थ कर डाला।
5. सीता से अधिक साध्वी स्त्री नहीं सुनी गई।
6. उन लोगों के वहाँ होने से सैंड हिल बहुत रंगीन हो उठी थी।
7. यह आनन्द ईष्र्यालु व्यक्ति का सबसे बड़ा पुरस्कार है।
8. वह बहुत प्रसन्न जान पड़ी।
9. अंत में एक ऐसा निर्मम सत्य उद्घाटित हुआ।
10. इतनी हष्ट-पुष्ट दूध-सी उज्ज्वल पयस्विनी गाय।
11. एकदम पत्थर-जैसा भारी हो गया।
12. यह उनके जीवन की सबसे बड़ी विशेषता है।
13. एवरेस्ट शिखर संसार का सबसे ऊँचा पर्वत-शिखर है।
14. उस अत्यन्त भयभीत बालिका को पुलिस अपने साथ ले गई ।
15. भाई के देहावसान पर वह इतना दुखी था कि मैं वर्णन नहीं कर सकता।

उद्देश्य-विशेषण तथा विधेय-विशेषण

उद्देश्य-विशेषण – जो विशेषण वाक्य के उद्देश्य (कर्ता आदि) से पहले लगाए जाते हैं, उन्हें उद्देश्य-विशेषण कहा जाता है। जैसे

बुद्धिमान व्यक्ति सदा सफल होता है।
सुन्दर वस्तु सभी को अच्छी लगती है।
उपर्युक्त उदाहरणों में ‘बुद्धिमान’ तथा ‘सुन्दर’ उद्देश्य-विशेषण हैं।

विधेय – कभी विशेषण विशेष्य के बाद भी प्रयुक्त होता है। इसे विधेय-विशेषण कहा जाता है। जैसे
वह चित्र आकर्षक है। तुम्हारा घर बड़ा है।

सम्बन्धवाचक विशेषण – कभी-कभी संज्ञा तथा सर्वनाम के सम्बन्ध तथा सर्वनाम के सम्बन्धवाचक रूपों को विशेषण की भाँति प्रयुक्त किया जाता है। जैसे
मेरा विद्यालय नगर से दूर है।                अशोक का साम्राज्य बहुत विशाल था।

उपर्युक्त वाक्यों में ‘मेरा’ तथा ‘अशोक का’ सम्बन्धवाचक विशेषण है।

पद-बंध विशेषण-कभी-कभी विशेषण क्रिया-पदों के बंध के रूप में भी प्रयुक्त होता है।
जैसे-लोग रुकी हुई गाड़ी को ठेल रहे हैं।
रोता हुआ बालक किसका है?
उपर्युक्त वाक्यों में रुका हुआ’ तथा ‘रोता हुआ’ पद-बंध विशेषण हैं।

समानतासूचक विशेषण – समान’, ‘जैसा’, ‘सदृश’ तथा ‘तुल्य’ आदि समानतासूचक शब्दों से युक्त विशेषण समानता-सूचक कहे जाते हैं। जैसे-सीता-जैसी नारी और कौन है। चाणक्य-जैसा मंत्री मिलना दुर्लभ है।

RBSE Class 10 Hindi व्याकरण विशेषण परीक्षोपयोगी प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों में से विशेषण शब्द छाँटकर लिखिए
(i) श्रेष्ठ पुरुषों का सभी सम्मान करते हैं।
(ii) चार घोड़े मैदान में चर रहे हैं।
(iii) थोड़ा दूध देंने का कष्ट करें।
(iv) मोर सुन्दर पक्षी है।
(v) हमारी गाड़ी बहुत तेज चलती है।
उत्तर:
(i) श्रेष्ठ,
(ii) चार,
(iii) थोड़ा,
(iv) सुन्दर,
(v) हमारी।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों में से विशेषण छाँटकर उनके भेद बताइए
अच्छा समय, चमकता तारा, पाँच सौ ग्राम चीनी, ऊँची चोटी, कुछ लड़के, बहुत भीड़, पचास छात्र, दोनों मित्र, वे गायें, प्रत्येक यात्री, कोई आदमी, कितने प्रश्न ।
उत्तर:

प्रश्न 3.
निम्नलिखित संज्ञा शब्दों से विशेषण शब्द बनाइए –
पुराण, इतिहास, नगर, गाँव, गुजरात, बीमारी, केन्द्र, पुस्तक, घर, गान, सरकार, धन, पुरुष, कुल, क्षेत्र।
उत्तर:

प्रश्न 4.
निम्नलिखित विशेषण शब्दों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिएसभ्य, ग्रामीण, दानी,

उत्तर:
(1) सभ्य – सभ्य व्यक्ति का व्यवहार अनुकरणीय होता है।
(2) ग्रामीण – ग्रामीण उद्योगों का विकास बहुत आवश्यक है।
(3) दानी – कर्ण महान दानी पुरुष थे।
(4) सुडौल – यह गाय बड़ी सुडौल है।
(5) आकर्षक – शकुंतला का आकर्षक रूप देखकर राजा दुष्यन्त मुग्ध हो गए।
(6) पूज्य – हर पुत्र के लिए माता-पिता पूज्य हैं।
(7) श्रद्धालु – ब्रजभूमि में लाखों श्रद्धालु नर-नारी प्रत्येक वर्ष आते हैं।
(8) कुछ – कुछ लोग सभा में बाधा डालना चाहते हैं।
(9) जो – जो पुस्तक मैंने दी है, उसे सम्हाल कर रखना।
(10) एक दर्जन – एक दर्जन केले लेते आना।।
(11) कौन-सी-कौन – सी नारी सावित्री की बराबरी कर सकती है।
(12) मेरी – मेरी नानी गाँव में रहती हैं।
(13) बालक की – बालक की माता बहुत चिन्तित है।
(14) भूगोल की – बच्चो! भूगोल की पुस्तक निकालो।

प्रश्न 5.
अपनी पाठ्यपुस्तक में आए पाँच विशेषण शब्द लिखिए और उनके भेद बताइए।
उत्तर:

प्रश्न 6.
निम्नलिखित वाक्यों के रिक्तस्थानों को उपयुक्त विशेषण शब्दों से पूर्ति करें
(1) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने एक …………… स्वप्न देखा।
(2) रमजान के पूरे ………….. रोजों के बाद ईद आई है।
(3) हामिद के पास कुल …………….. पैसे हैं।
(4) सीता का संदेश …………….. नहीं तो क्या मीठा है।
(5) स्वतन्त्रता का संग्राम एक ……………. सफर है।
(6) …………… किरणों ने पीली रेत को एक नया-सा रूप दे दिया था।
उत्तर:
1. अद्भुत अपूर्व,
2. तीस,
3. तीन,
4. कटु,
5. लम्बा,
6. सुनहली।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित विशेषण शब्दों को अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिएलाड़िली, पाखण्ड प्रिय, आनंद-भरी, पक्की, महँगे, बुढ़िया, अपढ़, विदुषी, नींव का, देशभक्त, बलखाती, आठ-दस, बैंगनी, सुरमई, रंगहीन, मृदुभाषिणी, ईर्ष्यालु, चारित्रिक, रचनात्मक, संक्रामक, मंथर, दुर्बल, निराकार, प्रबल पक्षधर।
उत्तर:
(1) कृपाशंकर ने अपनी लाड़िली बेटी को सुशिक्षित बनाया।
(2) लेखक ने पाखण्ड प्रिय पंडित को पाठशाला में अध्यापक नियुक्त किया।
(3) आनन्द-भरी शाम में सभी आमोद-प्रमोद कर रहे थे।
(4) आश्रम के चारों ओर पक्की दीवार है।
(5) इतने महँगे खिलौने हामिद नहीं खरीद सकता था।
(6) बुढ़िया दादी ने पोते को गले लगा लिया।
(7) प्राचीन भारत में स्त्रियाँ अपढ़ नहीं होती थीं।
(8) विदुषी नारियों ने बड़े-बड़े ज्ञानियों से शास्त्रार्थ किए थे।
(9) नींव का पत्थर अदृश्य रहकर ही भवन का बोझ उठाता है।
(10) सागरमल एक सच्चा देशभक्त क्रान्तिकारी था।
(11) बलखाती लहरें समुद्र की शोभा बढ़ा रही थीं।
(12) रेत के टीले पर आठ-दस युवतियाँ टहल रही थीं।
(13) सूर्यास्त के समय समुद्र का बैंगनी रंग का जल धीरे-धीरे काला हो गया।
(14) समुद्र तट की सुरमई रेत देखकर लेखक चकित रह गया।
(15) अपराधी का रंगहीन चेहरा उसकी घबराहट बता रहा था।
(16) वकील साहब की पत्नी मृदुभाषिणी थी।
(17) ईष्र्यालु व्यक्ति का जीवन सदा बेचैन रहता है।
(18) चारित्रिक गुणों से ही व्यक्ति महान कहलाता है।
(19) रचनात्मक सोच द्वारा ईर्ष्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
(20) मनुष्य के दोष संक्रामक रोग की तरह तेजी से फैलते हैं।
(21) मंथर गति से बहती नदी में नौका-विहार बड़ा आनन्ददायक होता है।
(22) दुर्बल व्यक्ति को सभी दबाने की चेष्टा करते हैं।
(23) संत पीपा निराकार ईश्वर के उपासक थे।
(24) सभी महापुरुष सामाजिक समानता के प्रबल पक्षधर रहे हैं।

प्रश्न 8.
‘प्रविशेषण’ के सात उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
(1) वह बहुत बुद्धिमान व्यक्ति है।
(2) भगतसिंह महान क्रान्तिकारी थे।
(3) अब तुम पूरी तरह स्वस्थ हो।
(4) ठीक आठ बजे स्टेशन पहुँच जाना।
(5) कक्षा में लगभग पच्चीस छात्र थे।
(6) अत्यन्त कठिन परिस्थितियों में भी राणा प्रताप ने धैर्य नहीं छोड़ा।
(7) ईश्वर परम कृपालु और समदर्शी है।।

प्रश्न 9.
परिमाणवाचक तथा संख्यावाचक विशेषणों के पाँच-पाँच उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
परिमाणवाचक विशेषण-

  1. एक लीटर तेल।
  2. पाँच किलो आटा,
  3. थोड़ा नमक,
  4. सारा परिवार,
  5. कुछ ठण्डा शरबत ।

संख्यावाचक विशेषण-

  1. तीन बालिकाएँ,
  2. बीस रुपए,
  3. चार गुना लाभ,
  4. पाँचवाँ लड़का,
  5. प्रत्येक सदस्य।

प्रश्न 10.
सार्वनामिक विशेषण के भेद तथा उनके उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
सार्वनामिक विशेषण के भेद और उदाहरण निम्नलिखित हैं

(क) निश्चयवाचक सर्वनामिक विशेषण
उदाहरण:
(1) यह घर मेरे मित्र पीयूष का है।
(2) इस कक्षा में पचास छात्र पढ़ते हैं।

(ख) अनिश्चयवाचक सर्वनामिक विशेषण
(1) कुछ लोग द्वार पर प्रतीक्षा कर रहे हैं।
(2) क्या परिवार का कोई सदस्य घर में है?

(ग) प्रश्नवाचक सार्वनामिक विशेषण
(1) यह पुस्तक किस लड़के की है?
(2) तुम्हारा कौन-सा बेटा बाहर रहता है?

(घ) संबंधवाचक सर्वनामिक विशेषण’
(क) जो छात्र परिश्रम करता है वह सफलता पाता है।
(ख) जिस आदमी का यह काम है, वह बच नहीं पाएगा।

प्रश्न 11.
संबंधवाचक विशेषण के तीन उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
(1) तुम्हारा भाई कहाँ नौकरी करता है?
(2) कृष्ण की नगरी मथुरा विश्व प्रसिद्ध है।
(3) मेरा घर यमुना के तट पर है।

प्रश्न 12.
विशेष्य किसे कहते हैं?
उत्तर:
विशेषण जिस संज्ञा या सर्वनाम शब्द की विशेषता बताता है, उसे विशेष्य कहा जाता है।

प्रश्न 13.
विशेष्य के लिंग-वचन का विशेषण पर क्या प्रभाव पड़ता है? उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर:
विशेष्य के लिंग और वचन के अनुसार ही विशेषण का लिंग और वचन निर्धारित होता है जैसे
RBSE Class 10 Hindi व्याकरण विशेषण Q18

प्रश्न 14.
निम्नलिखित वाक्यों के सामने उनमें विशेषणों तथा प्रयुक्त विशेष्यों को लिखिए
उत्तर:
(1) इतने में मेरी अपूर्व पाठशाला का एक कोना भी नहीं बन सकता था।
विशेषण – अपूर्व, विशेष्य – पाठशाला।।

(2) होनहार बालवान है।
विशेषण – बलवान, विशेष्य – होनहार।।

(3) अब्बाजान क्यों बदहवास चौधरी कायम अली के घर दौड़े जा रहे हैं?
विशेषण – बदहवास, विशेष्य – अब्बाजान।

(4) इतनी कम शिक्षा ने भी अनर्थ कर डाला।
विशेषण – कम, विशेष्य – शिक्षा।

(5) पुराने जमाने में विमान उड़ते थे।
विशेषण – पुराने, विशेष्य – जमाने।

(6) जो लोग पुराणों में पढ़ी-लिखी स्त्रियों के हवाले माँगते हैं ……….. त्रेपनवाँ अध्याय पढ़ना चाहिए।
विशेषण – जो, पढ़ी-लिखी, त्रेपनवाँ विशेष्य – लोग, स्त्रियों, अध्याय ।

(7) क्या तुमने क्रांतिकारी कविताएँ नहीं लिखीं?
विशेषण – क्रांतिकारी, विशेष्य – कविताएँ।

(8) नींव का पत्थर कब कहता है जेलर साहब! ‘कि मेरी कहानी बने।।
विशेषण – नींव को, मेरी, विशेष्य – पत्थर, कहानी।

प्रश्न 15.
निम्नलिखित संज्ञा शब्दों को विशेषण शब्दों में परिवर्तित कीजिए
उत्तर:

प्रश्न 16.
चलना, ढलना, झगड़ना, भरना, रोना तथा करना क्रियाओं से विशेषण शब्द बनाइए।
उत्तर:

RBSE Class 10 Hindi व्याकरण विशेषण अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1. विशेषण की परिभाषा लिखिए।
प्रश्न 2. विशेषण के पाँच उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 3. विशेष्य किसे कहा जाता है?
प्रश्न 4. विशेष्य के कितने भेद हैं? लिखिए।
प्रश्न 5. गुणवाचक विशेषण की परिभाषा तथा पाँच उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 6. परिमाणवाचक विशेषण की परिभाषा तथा उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 7. परिमाणवाचक विशेषण के भेद परिभाषा सहित लिखिए।
प्रश्न 8. निश्चित परिमाणवाचक विशेषण के पाँच उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 9. अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण के पाँच उदाहरण वाक्य सहित लिखिए।
प्रश्न 10. संख्यावाचक विशेषण की परिभाषा तथा उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 11. संख्यावाचक विशेषण के भेद उदाहरण सहित लिखिए।
प्रश्न 12. निश्चित संख्यावाचक विशेषण के भेद लिखिए।
प्रश्न 13. पूर्ण तथा अपूर्ण संख्यावाचक विशेषणों के तीन-तीन उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 14. क्रमवाचक विशेषण की परिभाषा तथा उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 15. अनिश्चित संख्यावाचक की परिभाषा तथा चार उदाहरण वाक्य लिखिए।
प्रश्न 16. सार्वनामिक विशेषण किसे कहते हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
प्रश्न 17. सार्वनामिक विशेषण के भेद लिखिए तथा प्रत्येक के दो-दो उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 18. संज्ञा शब्दों से बने विशेषणों के पाँच उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 19. चलन, भागना, भूलना, खाना क्रियाओं से बनने वाले विशेषणों को लिखिए।
प्रश्न 20. आर्थिक, अवलंबित, काल्पनिक, दैहिक तथा प्राकृतिक विशेषण किन-किन संज्ञा-शब्दों से बने हैं? लिखिए।
प्रश्न 21. विशेषणों की तुलनात्मक अवस्थाएँ कौन-कौन-सी हैं? प्रत्येक के तीन-तीन उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 22. उच्च, लघुतर, सुंदरतम, श्रेष्ठतर, लघु तथा महत्तम विशेषणों के सामने उनकी तुलनात्मक अवस्थाएँ लिखिए।