Rajasthan Board RBSE Class 10 Social Science Solutions

पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न [Textbook Questions Solved]

विनिर्माण उद्योग बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)

प्रश्न 1.
भारत में सबसे अधिक रोजगार देने वाला कौन-सा उद्योग है।
(अ) सीमेंट उद्योग
(ब) सूती वस्त्र उद्योग
(स) लौह इस्पात उद्योग
(द) कागज उद्योग

प्रश्न 2.
भारत में प्रथम औद्योगिक नीति लागू की गई थी?
(अ) 1948
(ब) 1954
(स) 1960
(द) 1965

प्रश्न 3.
निम्न में से कौन-सा उद्योग कच्चे माल के पास स्थापित होता है
(अ) हस्त शिल्प उद्योग
(ब) सूती वस्त्र उद्योग
(स) लौह इस्पात उद्योग
(द) कागज उद्योग

प्रश्न 4.
कृत्रिम आर्द्रता के आधार पर सूती वस्त्र उद्योग कहाँ पर स्थापित है?
(अ) गुजरात
(ब) महाराष्ट्र
(स) तमिलनाडु
(द) राजस्थान

प्रश्न 5.
राजस्थान में सफेद सीमेंट के कारखाने स्थापित है|
(अ) लाखेरी
(ब) केशवराय पाटन
(स) मोडक
(द) गौटन व खारिया खंगार

उत्तर:
1. (ब) सूतीवस्त्र उद्योग
2. (अ) 1948
3. (स) लौह इस्पात उद्योग
4. (द) राजस्थान
5. (द) गौरन व खाटिया खंगार

विनिर्माण उद्योग अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
भारत में लौह इस्पात उद्योग का प्राचीनतम प्रमाण कौन सा है?
उत्तर:
कुतुबमीनार के पास स्थित जंगरोधी लौहस्तम्भ भारत में लौह इस्पात उद्योग का प्राचीनतम प्रमाण है।

प्रश्न 2.
भारत में पहला सूती वस्त्र कारखाना कहाँ तथा कब स्थापित हुआ है?
उत्तर:
भारत में सूतीवस्त्र कारखाना 1818 में कलकत्ता के फोर्ट-ग्लास्टर में खोला गया था।

प्रश्न 3.
विनिर्माण उद्योग से क्या आशय है?
उत्तर:
कच्चे पदार्थ को मूल्यवान उत्पाद में परिवर्तित कर अधिक मात्रा में वस्तुओं के उत्पादन को विनिर्माण कहा जाता है।

प्रश्न 4.
भारत में पहला लौह इस्पात कारखाना कहाँ स्थापित किया था?
उत्तर:
भारत में पहला लौहइस्पात कारखाना 1907 में सांकची में TISCO नाम से स्थापित किया गया।

प्रश्न 5.
राजस्थान में सूती वस्त्र उद्योग किन जिलों में है?
उत्तर:
राजस्थान में सूतीवस्त्र उद्योग भीलवाड़ा, उदयपुर, कोटा, गंगानगर, पाली जिलों में स्थापित है।

प्रश्न 6.
भारत में नोट छापने का कारखाना कहाँ पर है?
उत्तर:
भारत में नोट छापने के कागज का कारखाना होसंगाबाद में हैं।

प्रश्न 7.
भारत में सीसा व जस्ता उद्योग किन राज्यों में स्थापित है?
उत्तर:
भारत में सीसा जस्ता उद्योग 95% राजस्थान में स्थापित है।

प्रश्न 8.
पूर्व का बोस्टन के नाम से किसे पुकारा जाता है?
उत्तर:
अहमदाबाद को, पूर्व का बोस्टन कहा जाता है।

प्रश्न 9.
मेग्नेशियम सल्फेट तथा सोडियम सल्फेट के कारखाने कहाँ पर हैं?
उत्तर:
मैग्नेशियम सल्फेट तथा सोडियम सल्फेट के कारखाने क्रमश: पचपदश तथा डिडवाना में स्थित हैं।

विनिर्माण उद्योग लघूत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
भारत में सूती वस्त्र उद्योग के विकास पर प्रकाश डालिए?
उत्तर:
सूतीवस्त्र उद्योग, भारत का प्राचीन उद्योग है। यह सर्वाधिक रोजगार का सृजन करता है। यह उद्योग विस्तार, उत्पादन, तथा रोजगार की संख्यानुसार देश में प्रथम स्तर का उद्योग है। भारत, विश्व का सूती वस्त्र उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा देश है। चीन प्रथम स्थान पर है। भारत में इसकी शुरूआत 1818 में हुई लेकिन पहली सूती वस्त्र मिल मुंबई में | स्थापित की गई थी।

प्रश्न 2.
भारत में लौह इस्पात उद्योग के विकास पर प्रकाश डालिए?
उत्तर:
भारत में लौह इस्पात उद्योग की स्थापना कुल्टी में हुई लेकिन 1907 में सांकची में TISCO की स्थापना, 1909 में हीरापुर में, 1937 में, बर्नपुर, शुरूआत हुई। पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से, दुर्गापुर, राउरकेला, भिलाई, कारखाने स्थापित किये गये। चौथी परियोजना में बोकारों, इस्पात संयंत्र स्थापित किया गया। विशाखापट्टनम, सेलम, विजयनगर में अन्य संयंत्र स्थापित किए गए हैं।

प्रश्न 3.
भारत में सीमेंट उद्योग के विकास पर प्रकाश डालिए?
उत्तर:
भारत में सीमेंट उद्योग का श्री गणेश चेन्नई में 1904 में किया गया। इसके बाद 1914 में पोरबंदर में, पहला भारतीय सीमेंट कारखाना खोला गया। राजस्थान के लाखेरी, मध्य प्रदेश के सतना, तथा अन्य कारखानों की स्थापना की गयी। विश्व में चीन के बाद भारत दूसरा बड़ा उत्पादक देश है।

प्रश्न 4.
भारत में कागज उद्योग के वितरण पर प्रकाश डालिए?
उत्तर:
भारत में पहला कारखाना श्री रामपुर में लगाया गया था। 1810 से 1867 में मद्रास व हुगली में खोले गए थे। 1879 में पहली भारतीय मिल लखनऊ में तथा 1881 में टिटागढ़ में स्थापित किए गए। पश्चिम बंगाल में-टीटागढ़ रानीगंज त्रिवेणी, कोलकाता, महाराष्ट्र में-मुम्बई, पूना, चन्द्रपुर, खपोली, पिपरी, काम्पठी, उत्तर:प्र० में लखनऊ, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बस्ती तथा मध्य प्रदेश के भोपाल, रीवां, होसंगाबाद, क्यलाई में पेपर कारखाने हैं। कर्नाटक में भद्रावती, बैंगलोर, रामनगर, कृष्णराजसागर, गुजरात के सूरत, वाणी, बडोदरा, राजकोट में कागज बनाया जाता है।

प्रश्न 5.
राजस्थान में सीमेंट उद्योग के विकास पर प्रकाश डालिए?
उत्तर:
राजस्थान सीमेंट उत्पादन में एक अग्रणी राज्य है। सर्वप्रथम 1912-13 में लाखेरी में सीमेंट कारखाना स्थापित किया गया था। आज सीमेंट कारखानों का केंद्रीयकरण-निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर में पाया जाता है। उदयपुर नागौर, पाली, सिरोही, अनेक बड़ी मध्यम तथा निजी क्षेत्र की इकाईयाँ हैं। चित्तौड़गढ़ को सीमेंट नगरी कहा जाता है। देश का 16% सीमेंट उत्पादन, राजस्थान में होता है। 90% पोर्टलैंड, 10% सफेद सीमेंट का निर्माण किया जाता है। जी०के० सीमेंट मंगलम सीमेंट, बिनानी सीमेंट, जे०के० लक्ष्मी सीमेंट के कारखाने हैं।

प्रश्न 6.
राजस्थान में औद्योगिक विकास पर प्रकाश डालिए?
उत्तर:
राजस्थान, उद्योगों की दृष्टि से विकसित राज्य की श्रेणी में नहीं आता। देश के कुल औद्योगिक उत्पादन में 6% का योगदान करता है। राजस्थान के सकल घरेलू उत्पाद में 30% का योगदान करता है। कृषि तथा खनिज आधारित बारां, अजमेर, पाली जिलों में केंद्रित हैं। रत्न, आभूषण, संगमरमर, उद्योग, सीमेंट उद्योग, सीसा, जस्ता उद्योग, नमक उद्योग, हस्तशिल्प कला उद्योग, तथा तिलहन उद्योगों में राजस्थान अग्रणी राज्य है।

विनिर्माण उद्योग निबंधात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
भारत में लौह इस्पात उद्योग के वितरण तथा उत्पादन प्रकाश डालिए?
उत्तर:

(i) भारत में लौह इस्पात उद्योग की वास्तविक शुरूआत 1907 में टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी द्वारा स्थापित सांकची संयंत्र से हुई इसके 1909 में हीरापुर; 1936 में कुल्टी व हीरापुर को मिला दिया गया।

(ii) ब्रिटिश सहयोग से दुर्गापुर संयंत्र, जर्मनी सहयोग से, राउरकेला रूस के सहयोग से भिलाई में कारखाने स्थापित किए गए हैं। झारखण्ड के बोकारो, में एशिया का सबसे बड़ा कारखाना स्थापित किया गया।

(iii) आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम, तमिलनाडु के सेसम, तथा कर्नाटक राज्य के विजयनगर में इस्पात संयंत्र स्थापित किए गए।

(iv) भारत में लौह इस्पात का उत्पादन, लौह इस्पात संयंत्रों के उत्पादन क्षमता के आधार पर किया जाता है। TISCO का उत्पादन 40 लाख टन, कुल्टी, हीरापुर तथा बर्नपुर का वार्षिक उत्पादन 16 लाख टन प्रत्येक है।

(v) राउर इस्पात संयंत्र, भिलाई इस्पात, संयंत्र, दुर्गापुर इस्पात कारखाना तथा बोकारो का उत्पादन क्रमशः 11 लाख टन, | 35 लाख टन, 15 लाख टन, 25 लाख टन है।

(vi) भद्रावती विशाखापट्टनम की उत्पादन क्षमता 2 लाख टन तथा तीन लाख टन है।

प्रश्न 2.
भारत में सूती वस्त्र उद्योग के वितरण पर वर्णन कीजिए?
उत्तर:
(i) भारत में सूती वस्त्र उद्योग का स्थानीयकरण कपास उत्पादक क्षेत्रों, सस्ते परिवहन तथा श्रम और नम जलवायु वाले भागों में हुआ है।

(ii) महाराष्ट्र, भारत का सूतीवस्त्र उत्पादन में अग्रणी राज्य है। मुंबई जिसे सूती वस्त्र की राजधानी कहते हैं। शोलापुर अकोला, अमरावती, वर्धा, सतारा, कोल्हापुर, सांगली, जलगाँव तथा नागपुर आदि सूती वस्त्र उत्पादन के मुख्य केंद्र हैं।

(iii) गुजरात, देश का दूसरा प्रमुख सूती वस्त्र उत्पादन राज्य है। अहमदाबाद को पूर्व का बोस्टन कहा जाता है। सूरत, बड़ोदरा, भावनगर, पोरबंदर, राजकोट, तथा मरूच में बड़ी-बड़ी मिलें स्थापित हैं। देश का 35% सूती वस्त्र का उत्पादन किया जाता है।

(iv) कोयम्बटूर, मदुरै, चेन्नई, पेराम्बूर, तिरूचिरापल्ली, रामनाथपुरम मिले हैं। देश का 6% सूती कपड़े का उत्पादन तमिलनाडु द्वारा किया जाता है।

(v) मध्य प्रदेश में 36 मिलें हैं जो इन्दौर, ग्वालियर, उज्जैन, देवास, जबलपुर, रतलाम में है। देश का कुल 5% सूती वस्त्र का उत्पादन यहाँ होता है। पश्चिम बंगाल में यह उद्योग कोलकात्ता हुगली हावड़ा व चौबीस परगना में स्थित

(vi) राजस्थान में सूतीवस्त्र उद्योग नूतन अवस्था में है जो भीलवाड़ा, उदयपुर, कोटा, गंगानगर, पाली में स्थापित है। यहाँ देश का 4% सूटिंग व सर्टिग कपड़ा बनाया जाता है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में, कानपुर, मुरादाबाद, हाथरस, वाराणसी पंजाब में अमृतसर, लुधियाना तथा फगवाड़ा, कर्नाटक में बेल्लारी मैसूर, बैंगलोर व तेलागाना, हैदराबाद व आन्ध्र प्रदेश के गुंटूर में सूती वस्त्र के कारखाने स्थापित हैं।

प्रश्न 3.
भारत में औद्योगिक प्रदूषण का वर्णन कीजिए।
उत्तर:

(i) देश में औद्योगीकरण के साथ- साथ नगरीकरण भी तीव्र गति से हुआ है। जल तथा वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। केंद्रीय जलमल नियामक बोर्ड के मतानुसार गंगा तथा यमुना के किनारे स्थित चमड़ा, कागज, खाद, रसायन आदि उद्योगों के अपशिष्ट के कारण प्रदूषित हो चुकी है।

(ii) लखनऊ में गोमती नदी भी विषाक्त हो चुकी है। महानगरों की 30% जनसंख्या सांस की बिमारियों से ग्रसित हो रही है। वायु में विषैले तत्वों जैसे-कार्बन, शीशा, सल्फर आदि नाइट्रोजन व ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके मानव शरीर तथा मिट्टी व जल पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। जो केंसर, रक्त आदि बिमारियों का कारण है।

(iii) कारखानों का अपशिष्ट जल तथा वायु के माध्यम से समुद्री क्षेत्रों में पहुँचकर परिस्थितिकी तंत्र को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। समुद्री जीव जंतु तथा वनस्पति मरने लगते हैं।

(iv) समुद्री जहाजों के अपशिष्ट का निस्तारण, समुद्रों में तेल टेंकरों से होने वाली दुर्घटनाएँ, समुद्रों में तेल का निकालना, तटों के पास शोधन आदि समुद्री जल को प्रदूषित कर रहें हैं।

(v) पक्षियों के प्राकृतिक आवास तथा भोजन स्रोत तेजी से समाप्त होते जा रहें-कारण तीव्र औद्योगीकरण तथा परिवहन के संधानों का विकास। महानगरों में अम्लीय वर्षा, भूमि में विषैले तत्वों का समावेश, परिणामस्वरूप उर्वरकता में कमी हो रही है।

प्रश्न 4.
राजस्थान के प्रमुख उद्योगों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:

(i) राजस्थान में मुख्य रूप से सीसा जस्ता उद्योग, सीमेंट उद्योग, हस्तशिल्प उद्योग, मारबल उद्योग, नमक व रसायन ऊन तथा सूती वस्त्र उद्योग है। सीसा-जस्ता उद्योग उदयपुर, चित्तौड़ में स्थापित है। देश का 95% उत्पादन राजस्थान में ही होता है। सीमेंट उत्पादन में राजस्थान प्रथम स्थान पर है यह निम्बाहेडा, चित्तौड़गढ़, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, उदयपुर नागौर, पाली, सिरोदी जिलों में सीमेंट उद्योग स्थापित है। देश का 16% सीमेंट उत्पादन इस राज्य में होता है।

(ii) हस्तशिल्प उद्योग- रत्न तरासने, आभूषणों का कार्य जयपुर, प्रतापगढ़, नाथ द्वारा, मूर्ति आदि, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर में लाख का सामान व चूड़ियाँ जयपुर तथा जोधपुर रंगाई व छपाई कार्य बाड़मेर, पाली, सागानैर में चमड़े का सामान जोधपुर, जयपुर अजमेर आदि में होता है।

(iii) मारबल उद्योग- मकराना, सिरोही, राजनगर, चित्तौड़, उदयपुर, किशनगढ़ में कटाई, पोलिस, व घिसाई इकाईयां लगी है। इसके अलावा रण क्षेत्रों तथा खारे पानी की झीलों से नमक बनाना काफी पुराना कार्य है। सांभर झील सर्वाधिक नमक का उत्पादन करती है। सोडियम सल्फेट डिडवाना, मैग्नेसियम सल्फेट पचपदरा में उत्पादित किया जा रहा है।

(iv) बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर व पाली में ऊनी कम्बल तथा नमदे बनाने का कार्य किया जाता है। जबकि सूती वस्त्र
उद्योग भीलवाड़ा, उदयपुर, कोटा, गंगानगर, पाली में स्थापित किए जाते हैं।

(v) तिलहन उद्योग में राजस्थान प्रथम स्थान पर है। मूंगफली, सरसों, सोयाबीन, अलसी, अरंडी के तेल की ईकाइयाँ, भरतपुर, अलवर, जयपुर, दौसा, कोटा, बूंदी में स्थापित हैं। चीनी उद्योग बूंदी, चित्तौड़, भीलवाड़ा, ग्वारमय उद्योग चुरू, जोधपुर, बाड़मेर, कागज उद्योग कोटा, भीलवाड़ा, उदयपुर, बांसवाड़ा में स्थापित है।

अतिरिक्त प्रश्नोत्तर (More Questions Solved)

विनिर्माण उद्योग बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)

प्रश्न 1.
भारतीय अर्थव्यवस्था के रीढ़ की हड्डी कौन से उद्योगों को कहा जाता है?
(अ) भारी उद्योग
(ब) कुटीर तथा लघु
(स) सीमेंट उद्योग
(द) चीनी उद्योग

प्रश्न 2.
जर्मनी के सहयोग से कौन-सा लौह इस्पात संयंत्र की स्थापना की गई है?
(अ) बोकारो इस्पात संयंत्र
(ब) राउरकेला इस्पात संयंत्र
(स) कुल्टी इस्पात संयंत्र
(द) सेलम इस्पात संयंत्र

प्रश्न 3.
विश्व में सूती वस्त्र उत्पादन किस देश में सर्वाधिक होता है?
(अ) संयुक्त राज्य अमेरिका
(ब) भारत
(स) रूस
(द) चीन

प्रश्न 4.
सूती वस्त्र की राजधानी किस नगर को कहा जाता है?
(अ) कोलकाता
(ब) बंगलुरू
(स) मुंबई
(द) दिल्ली

प्रश्न 5.
सीमेंट का आविष्कार कहाँ तथा कब हुआ था?
(अ) स्पेन, 1935
(ब) फ्रांस 1835
(स) इग्लैंड 1824
(द) भारंत 1814

उत्तर:
1. (ब) कुटीर तथा लघु
2. (ब) राउरकेला इस्पात संयत्र
3. (द) चीन
4. (स) मुंबई 1824
5. (स) इंग्लैंड 1824

विनिर्माण उद्योग अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
भारत को सोने की चिड़िया क्यों कहा जाता था?
उत्तर:
भारत में धातु, वस्त्र, स्वर्ण आभूषण तथा जहाजरानी जैसे कुटीर तथा लघु उद्योगों के विकसित होने के कारण, भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था।

प्रश्न 2.
चौथी पंचवर्षीय योजना में किस लौह इस्पात संयंत्र की स्थापना की गई थी?
उत्तर:
भारत में चौथी पंचवर्षीय योजना में एशिया के सबसे बड़े लौह-इस्पात संयंत्र की स्थापना बोकारों में की गई।

प्रश्न 3.
सकल घरेलू उत्पाद में इस्पात क्षेत्र का क्या योगदान है? इस क्षेत्र में कितने लोग कार्य करते हैं?
उत्तर:
देश के सकल घरेलू उत्पादों, इस्पात क्षेत्र लगभग 2% का योगदान देता है। इस क्षेत्र में 6 लाख से अधिक लोग कार्यकरते हैं।

प्रश्न 4.
गुजरात में सूतीवस्त्र उद्योग का अधिक विकास हुआ है। कारण लिखिए?
उत्तर:
गुजरात में, कपास उत्पादन का पृष्ठ प्रदेश, सस्ते श्रमिक पूँजी की उपलब्धता तथा काचला बंदरगाह की स्थिति इस उद्योग के विकास के कारण हैं।

प्रश्न 5.
राजस्थान में सफेद सीमेंट बनाने के कारखाने कहाँ पर हैं?
उत्तर:
सफेद सीमेंट बनाने के कारखाने नागौर जिले के गोटन तथा जोधपुर जिले के खारिया खंगार में स्थित हैं।

प्रश्न 6.
भारत में कागज उद्योग के स्थानीयकरण के मुख्य कारण लिखिए।
उत्तर:
देश में कागज उद्योग के स्थानीयकरण के मुख्य कारण

  1.  निर्माण सामग्री के प्राप्ति स्थल
  2.  सस्ता परिवहन क्षेत्र

प्रश्न 7.
राजस्थान के किन जिलों में ऊनी उद्योग स्थापित हैं?
उत्तर:
राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर व पाली जिलों में ऊनी उद्योग स्थापित हैं।

विनिर्माण उद्योग लघूत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
योजना आयोग ने विकास का मार्ग, किस प्रकार आगे बढ़ाया?
उत्तर:
देश में, योजना आयोग ने विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं द्वारा लौह इस्पात उद्योग, सूतीवस्त्र, सीमेंट उद्योग, कागज उद्योग, चीनी उद्योग का विकास किया गया।

प्रश्न 2.
सूती वस्त्र उद्योग के स्थानीयकरण के कारण लिखिए। सकल घरेलू उत्पाद में इसका कितना योगदान है?
उत्तर:
देश में सूती वस्त्र उद्योग का स्थानीयकरण, कपास उत्पादक क्षेत्र, सस्ते परिवहन, श्रम और नम जलवायु मुख्य कारण हैं। देश के सकल घरेलू उत्पाद 14% भाग प्रदान करता है।

प्रश्न 3.
पश्चिमी बंगाल में सूती वस्त्र का सर्वाधिक विकास क्यों हुआ है?
उत्तर:
पश्चिमी बंगाल में सूती वस्त्र उद्योग का केंद्रीयकरण कोलकाता-हुगली तथा चौबीस परगना क्षेत्रों में हुआ है। स्थानीय माँग अधिक कोलकाता बंदरगाह तथा परिवहन मार्गों का विकास तथा परस्पर जुड़ना, सस्ते श्रमिकों का उपलब्ध होना आदि मुख्य कारण है जो इस क्षेत्र में सूती वस्त्र उद्योग का सर्वाधिक विकास हुआ है।

प्रश्न 4.
महाराष्ट्र में सूती वस्त्र उद्योग किन क्षेत्रों में स्थित हैं? यहाँ किस प्रकार का कपड़ा बुना जाता है।
उत्तर:
महाराष्ट्र में सूती वस्त्र उद्योग का मुख्य केंद्र मुंबई है। इसके अलावा शोलापुर, अकोला, अमरावती, वर्धा, सतारा कोल्हापुर, सांगली, जलगाँव तथा नागपुर में इसकी मिलें स्थित है। यहाँ पापलीन, मलमल, साड़ी, धोती, चद्दर व सूटिग व संर्टिग का कपड़ा बुना जाता है।

विनिर्माण उद्योग निबंधात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
भारत में सूती वस्त्र उद्योग ने आजादी के बाद क्या उन्नति की थी? इसकी क्या समस्याएँ हैं।
उत्तर:

(i) आजादी के बाद भारत के सूती वस्त्रे उद्योग ने 12 गुना वृद्धि की हैं।
(ii) 1947 में 351 करोड़ वर्ग मीटर का उत्पादन था। आज लगभग 6500 करोड़ वर्ग मीटर का उत्पादन हो रहा है।
(iii) उत्पादन का अधिकांश भाग, देश की मांग के अनुसार उसे पूरा करने में लग जाता है।
(iv) सूती वस्त्र उद्योग के सामने अनेक समस्याएँ हैं जिनमें निम्न क्षेत्र की कच्चा माल, पुरानी मशीनें तथा कारखाने कृत्रिम रेशे से बने हुए उत्पाद हैं।
(v) उत्पादन से अधिक लागत मूल्य होना अपने आप में एक महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 2.
औद्योगीकरण प्रदूषण के दुष्परिणामों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:

(i) प्राकृतिक आवास व भोजन स्रोत समाप्ति की ओर जा रहे हैं जिससे आठ में से एक पक्षी लुप्त होने के कगार पर है।
(ii) नगरों में वायु प्रदूषण स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। अम्लीय वर्षा द्वारा अनेक समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।
(iii) गंदे पानी को बहाने से भूमि में विषैले तत्वों का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है जिससे जमीन की उर्वरकता में कमी हो रही है।
(iv) तापमान में वृद्धि से हिमाच्छादित पर्वतों पर नकारात्मक प्रभाव दृष्टि गोचर हो रहे हैं। जल स्रोत-ग्लेशियर तेजी से सिकुड़ रहे हैं।
(v) अनेक बीमारियों से मानव ग्रसित, अकाल, सूखे तथा बाढ़ जैसी समस्याओं में उत्तरोत्तर वृद्धि होगी।