Bholi
Ch 8: Bholi (भोली) • By K.A. Abbas
Bholi
[ भोली ]
8
K.A. Abbas
📖 पाठ का सार एवं मुख्य भाव (Introduction & Summary)
बचपन से ही भोली की घर पर उपेक्षा की जाती थी। उसकी अध्यापिका ने उसमें विशेष रुचि क्यों ली? क्या भोली अपनी अध्यापिका की आशाओं पर खरी उतरी?
कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद
Her name was..........................................looks nor intelligence. (Page 47)
--- | ---
= गोरी। pretty (प्रिटि) = आकर्षक। attack (अटैक) = आक्रमण, दौरा। small pox (स्मॉलपॉक्स) = चेचक। entire (इन्टाइअ (र)) = संपूर्ण। permanently (पमनन्टलि) = स्थायी रूप से। disfigured (डिसफिगड) = विकृत हो गई। pockmarks (पॉकमाक्स) = चेचक के दाग। little (लिटल्) = छोटी। learnt (लन्ट) = सीखा। stammered (स्टैम(र)ड) = हकलाई। often (ऑफ्न्) = प्राय:। mimicked (मिमिक्ट) = नकल उतारते थे। prosperous (प्रॉस्परस्) = समृद्ध। plently (प्लेन्टि) = भरपूर। except (इक्सेप्ट) = को छोड़ कर। settled (सेट्टल्ड) = तय कर दिया गया था। bridegroom (ब्राइडग्रूम) = दूल्हा। worried (वरिड) = चिंतित। good looks (गुड लुक्स) = सुंदर।
वह रामलाल, नम्बरदार की चौथी बेटी थी। जब वह दस महीने की थी, वह अपने सिर के बल चारपाई से नीचे गिर गई थी, और शायद इससे उसके मस्तिष्क का कोई भाग क्षतिग्रस्त हो गया था। यही कारण था कि वह पिछड़ी हुई बच्ची रह गई और भोली, बुद्धू के नाम से जानी जाने लगी।
जन्म के समय बच्ची बहुत गोरी और सुन्दर थी। लेकिन जब वह दो वर्ष की थी, उस पर चेचक का आक्रमण हुआ। केवल आँखें ही सुरक्षित बच पाईं, परन्तु सम्पूर्ण शरीर स्थायी रूप से गहरे काले चेचक के दागों से विकृत हो गया। पाँच वर्ष की आयु तक नन्ही सुलेखा बोल नहीं सकी, और अन्त में जब उसने बोलना सीख लिया तो, वह हकलाने लगी। अन्य बच्चे प्राय: उसका मजाक उड़ाते थे और उसकी नकल उतारते थे। परिणामस्वरूप वह बहुत कम बोलती थी।
रामलाल के सात बच्चे थे—तीन बेटे और चार बेटियाँ और भोली उनमें सबसे छोटी थी। यह एक समृद्ध किसान का कुटुम्ब था और वहाँ खाने-पीने के लिए भरपूर था। भोली को छोड़कर सभी बच्चे स्वस्थ और हृष्टपुष्ट थे। बेटे विद्यालयों में अध्ययन करने के लिए नगर भेज दिए गए थे, और बाद में कॉलेजों में। बेटियों में सबसे बड़ी राधा का विवाह पहले ही हो चुका था। दूसरी बेटी मंगला का विवाह भी तय किया जा चुका था, और जब वह सम्पन्न हो गया, रामलाल को तीसरी (बेटी) चंपा के बारे में सोचना था। वे सभी दिखने में अच्छी, स्वस्थ लड़कियाँ थीं, और उनके लिए वर ढूँढना मुश्किल नहीं था।
लेकिन रामलाल भोली के बारे में चिंतित था। वह न तो सुन्दर थी, न ही बुद्धिमान।
Bholi was seven....................................................than her home! (Pages 48-49)
उस रात्रि जब रामलाल ने अपनी पत्नी से सलाह माँगी, वह चिल्लाई, "क्या तुम मूर्ख हो? यदि लड़कियाँ स्कूल गईं तो उनसे विवाह कौन करेगा?"
लेकिन तहसीलदार की अवज्ञा करने की हिम्मत रामलाल में नहीं थी। अन्त में उसकी पत्नी बोली, ‘‘मैं आपको बताऊँगी कि क्या करना है। भोली को स्कूल भेज दो। जैसी स्थिति है, उसके विवाह की सम्भावना कम है, उसके कुरूप चेहरे और समझ में कमी के साथ। विद्यालय के शिक्षकों को उसकी फिक्र करने दो।’’
अगले दिन रामलाल ने भोली का हाथ पकड़ा तथा बोले, ‘‘मेरे साथ आओ। मैं तुम्हें विद्यालय ले चलूँगा।’’ भोली डर गई। उसे पता नहीं था कि स्कूल कैसा होता है। उसे याद आया कि किस प्रकार कुछ दिनों पहले उनकी बूढ़ी गाय लक्ष्मी को घर से बाहर निकाल दिया गया था और बेच दिया गया था।
‘‘न-न-न-न नहीं-नहीं-नहीं।’’ वह अत्यधिक भय से चीखी और पिता की पकड़ से अपना हाथ छुड़ा लिया।
‘‘तुम्हारे साथ क्या बात है, अरे मूर्ख?’’ रामलाल चिल्लाए। ‘‘मैं तुम्हें विद्यालय ही तो ले जा रहा हूँ।’’ तब उन्होंने अपनी पत्नी से कहा, ‘‘आज उसे कुछ ढंग के वस्त्र पहनाओ, अन्यथा शिक्षक और विद्यालय की अन्य लड़कियाँ हमारे बारे में क्या सोचेंगी जब वे उसे देखेंगी?’’
भोली के लिए कभी भी नए कपड़े नहीं बनवाए गए थे। उसकी बहनों के पुराने वस्त्र उसे दे दिए जाते थे। उसके कपड़ों की मरम्मत करने या धोने की कोई फिक्र नहीं करता था। परन्तु आज वह भाग्यशाली थी एक साफ-सुथरी पोशाक पाकर, जो कई बार धुलने के पश्चात सिकुड़ गई थी जो चंपा को ठीक नहीं आती थी (छोटी पड़ गई थी)। उसे नहलाया भी गया और उसके सूखे उलझे हुए केशों में तेल मला गया। केवल तभी उसने विश्वास करना प्रारंभ किया कि उसे उसके घर से बेहतर स्थान पर ले जाया जा रहा था!
When they reached................................................touched her heart. (Pages 49-50)
Vocabulary Table
Word | Hindi Meaning | English Meaning |
reached (रीच्ट) | पहुँचा | arrived |
already (ऑलरेडी) | पहले से ही | before this time |
handed over (हैन्डड अडव(र)) | दिया | gave |
headmistress (हेडमिस्ट्रेस) | प्रधानाध्यापिका | female head of a school |
alone (अलोन्) | अकेली | solitary |
several (सेवरल्) | अनेक | many |
squatted (स्कवॉंटिड) | उकडूँ बैठना | sat on heels |
mats (मैट्स) | चटाई | floor coverings |
slates (स्लेट्स) | स्लेटें | writing boards |
exactly (इग़जैक्ट्लि) | एकदम, बिल्कुल | precisely |
happened (हैपनड) | घटित हुआ | occurred |
glad (ग्लैड्) | प्रसन्न, सुखी | happy |
almost (ऑलमोस्ट) | लगभग | nearly |
hoped (होप्ड) | आशा की | expected |
lady teacher (लेडि टीचर) | महिला शिक्षक | female teacher |
understand (अन्डस्टैन्ड) | किसी बात का अर्थ समझना | comprehend |
fascinated (फ़ैसिनेटिड) | मोहित करते थे | attracted |
visit (विज़िट) | भ्रमण, दौरा | go to see |
orchard (ऑचर्ड) | फलों का बाग | fruit garden |
suddenly (सडन्लि) | अचानक | abruptly |
noticed (नोटिस्ट) | ध्यान दिया | observed |
stammer (स्टैम(र)) | हकलाना | stutter |
flowed (फ़्लोड) | बहे | streamed |
helpless (हेल्पलस्) | विवश | powerless |
flood (फ़्लड) | प्रवाह | deluge |
corner (कॉन(र)) | कोना | angle |
daring (डेअरिंग) | साहस करना | bold |
still (स्टिल्) | अब तक, तो भी | yet |
scurried (स्किड) | छोटे-छोटे तेज कदमों से आगे बढ़ गई | moved quickly |
lowered (लोअ(र)ड) | नीचे झुका हुआ | bent down |
sobbing (सॉबिड्) | सिसकती रही | crying |
soft (सॉफ़्ट) | नरम | gentle |
soothing (सूदिड्) | शांतिदायक | comforting |
touched (टच्ड) | छू लिया | felt |
heart (हाट्) | दिल | organ of emotion |
भोली को यह ज्ञात नहीं था कि विद्यालय कैसा होता है और वहाँ क्या होता है, लेकिन वह लगभग अपनी आयु की बहुत-सी लड़कियों को वहाँ उपस्थित देख कर खुश थी। उसे आशा थी कि उनमें से कोई लड़की सम्भवतः उसकी सहेली बन जाएगी।
शिक्षिका जो कक्षा में थी, लड़कियों से कुछ कह रही थी, लेकिन भोली को कुछ समझ में नहीं आया। उसने दीवार पर लगे चित्रों को देखा। रंगों ने उसको मोहित कर दिया—घोड़ा उसी घोड़े की भाँति भूरा था, जिस पर तहसीलदार साहब ने गाँव का दौरा किया था; बकरी उसकी पड़ौसी की बकरी की भाँति काली थी; तोता उन्हीं तोतों की भाँति हरा था जिसे उसने आम के बाग में देखा था; और गाय बिल्कुल उनकी लक्ष्मी के समान थी। और अचानक भोली ने देखा कि शिक्षिका मुस्कुराते हुए उसके पास आकर खड़ी हो गई थी।
‘‘तुम्हारा नाम क्या है, नन्ही बच्ची?’’
“भो......भो......भो......।” वह हकलाने के कारण आगे नहीं बोल सकी।
फिर उसने रोना शुरू कर दिया और उसकी आँखों से आँसू विवश बाढ़ की भाँति बह निकले। वह सिर नीचे किए हुए कोने में बैठी रही। उसे पता था कि लड़कियाँ उस पर अब भी हँस रही थीं, उसकी हिम्मत उनकी ओर देखने की नहीं हुई।
जब स्कूल की घण्टी बजी, सभी लड़कियाँ छोटे-छोटे तेज कदमों से कक्षा से बाहर बढ़ गईं, परन्तु भोली की हिम्मत अपने कोने को छोड़ने की नहीं हुई। अपना सिर अब भी नीचा किए हुए वह सिसकती रही।
“भोली।”
अध्यापिका का स्वर बहुत नरम और शान्तिदायक था! अपने सम्पूर्ण जीवन में कभी भी उसे इस प्रकार सम्बोधित नहीं किया गया था। इसने (शब्दों ने) उसका हृदय छू लिया।
“Get up”, said the...........................early tomorrow morning. (Pages 50-51)
🔤 कठिन शब्दार्थ :
Word | Pronunciation | Hindi Meaning | English Meaning |
get up | गेट अप् | खड़ी हो जाओ | stand up |
command | कमान्ड | आदेश | order |
suggestion | सजेसचन् | सुझाव | advice |
sweat | स्वेद् | पसीना | perspiration |
tongue | टङ् | जीभ | organ of speech |
disgrace | डिस्ग्रेस | बदनामी | shame |
encouraged | इन्करिज़्ड | हिम्मत बढ़ाई | inspired |
relieved | रिलीव्ड़ | चिंतामुक्त | relaxed |
achievement | अचीव्मन्ट | उपलब्धि | success |
patted | पैटिड | थपथपाया | tapped gently |
affectionately | अफेक्शन्ट्लि | स्नेहपूर्वक | lovingly |
fear | फिअ(र) | भय | terror |
really | रिअलि | वास्तव में | in fact |
easy | ईंजि | सरल | simple |
nodded | नॉडिड | सिर हिलाया | moved head |
aloud | अलाउड् | ऊँचे स्वर में | loudly |
astonished | अस्टॉन्शिट | आश्चर्यचकित | surprised |
learned | लॅनिड | विद्वान | educated |
respect | रिस्पेक्ट | आदर | honour |
slightest | स्लाइट्स्ट | थोड़ी-सी | very little |
“अब मुझे अपना नाम बताओ।”
उसके पूरे शरीर पर पसीना आ गया। क्या उसकी हकलाती हुई जबान फिर से उसे लज्जित कर देगी? फिर भी उसने इस दयालु महिला के लिए एक प्रयास करने का निर्णय लिया। उसकी आवाज ऐसी शान्तिदायक थी; वह उस पर नहीं हँसेगी।
“भ-भ-भो-भो-” उसने हकलाना शुरू कर दिया।
“बहुत अच्छा, बहुत अच्छा”, शिक्षिका ने उसकी हिम्मत बढ़ाई। “आओ, अब—पूरा नाम बताओ।”
“भ, भ-भो-भोली।” अन्त में वह यह कहने में समर्थ हुई और उसने चिंतामुक्त महसूस किया जैसे कि यह एक महान उपलब्धि थी।
“बहुत अच्छा।” शिक्षिका ने उसे स्नेहपूर्वक थपथपाया और कहा, “अपने दिल से डर भगा दो और तुम सभी की तरह बोलने में सक्षम हो जाओगी।”
भोली ने मानो यह पूछने के लिए ऊपर की ओर देखा, “सचमुच?”
“हाँ, हाँ, यह बहुत आसान होगा। केवल तुम प्रतिदिन स्कूल आया करो। क्या तुम आओगी?”
भोली ने स्वीकृति में सिर हिला दिया।
“नहीं, इसे जोर से बोलो।”
“हं-हं-हाँ।” और भोली स्वयं आश्चर्यचकित हो गई कि वह यह बोलने में समर्थ हो गई थी।
“क्या मैंने तुम्हें नहीं बताया था? अब यह पुस्तक ले लो।”
पुस्तक सुन्दर चित्रों से भरी हुई थी और चित्र रंगीन थे—कुत्ता, बिल्ली, बकरी, घोड़ा, तोता, शेर और बिल्कुल लक्ष्मी जैसी एक गाय। और प्रत्येक तस्वीर के साथ एक शब्द मोटे काले अक्षरों में लिखा था।
“एक महीने में तुम इस पुस्तक को पढ़ने में समर्थ हो जाओगी। फिर मैं तुम्हें इससे बड़ी पुस्तक दूँगी और तत्पश्चात् उससे भी बड़ी पुस्तक। समय आने पर तुम गाँव में अन्य सभी की तुलना में अधिक शिक्षित हो जाओगी। तब कोई व्यक्ति कभी भी तुम पर हँस नहीं सकेगा। लोग तुम्हें सम्मान से सुना करेंगे और तुम बिना थोड़ी-सी भी हकलाहट के बोल सकोगी। समझी? अब घर जाओ और कल प्रातः जल्दी वापस आ जाना।”
Bholi felt as if..........................................envious of her luck. (Pages 51-52)
🔤 कठिन शब्दार्थ :
Word | Hindi Meaning | English Meaning |
as if | जैसे मानो कि | as though |
bells | घंटियाँ | small ringing objects |
temple | मंदिर | place of worship |
blossomed | खिल गए | flowered |
throbbing | धड़कना | beating |
passed | गुजर गए | went by |
(पास्ट्) = बीत गए। cinema (सिनमा) = चलचित्र। tin shed (टिन् शेड्) = टिन का सायबान। ginning mill (जिनिङ् मिल्) = रुई धुनने का कारखाना। mail train (मेल् ट्रेन्) = डाक-गाड़ी। proposal (प्रपोजल्) = प्रस्ताव, सुझाव। certainly (सट्नलि) = निश्चित रूप से। well to do (वेल् टु डू) = धनी। bank (बैंक) = बैंक। dowry (डाउरि) = दहेज। young (यङ्) = युवा। limps (लिम्पस्) = लंगड़ाता है। grown up (ग्रोन् अप्) = वयस्क। great age (ग्रेट् एज्) = अधिक आयु। accept (अक्सेप्ट्) = स्वीकार करना। unmarried (अनमैरिड्) = अविवाहित। wonder (वन्ड(र)) = कुछ जानने को उत्सुक होना। witless (विटलैस) = मूर्ख, नासमझ। dumb (डम्) = गूंगी। muttered (मट(र)ड) = बुदबुदाया। courtyard (कॉट्याड्) = आंगन। awake (अवेक्) = जागना। listening (लिसनिंग) = सुनते हुए। whispered (विसप(र)ड) = कानाफूसी की। conversation (कॉन्वरसेशन) = बातचीत। grocer (ग्रोस(र)) = पंसारी। relations (रिलेशनज़) = रिश्तेदार। brass band (ब्रास् बैन्ड) = पीतल के वाद्य-यंत्रों का बैंड। popular (पॉप्यल(र)) = लोकप्रिय। tune (ट्यून्) = संगीत की कोई धुन। headed (हेडिड्) = सबसे आगे था, procession (प्रसेशन्) = बारात, riding (राइडिंग) = घोड़े की सवारी करते हुए। decorated (डेकोरेटिड) = सजा हुआ। overjoyed (ओवजॉयड) = आनंद विभोर। pomp (पॉम्प) = तड़क-भड़क। splendour (स्प्लेन्ड(र)) = शान, वैभव। dreamt (ड्रेम्ट) = स्वप्न देखा। grand (ग्रैन्ड) = शानदार। wedding (वेडिंग) = विवाह समारोह। elder (एल्ड(र)) = बड़ी। occasion (अकेशन) = अवसर। envious (एनविअस्) = ईर्ष्या करने वाला।
इस प्रकार वर्षों बीत गए।
गाँव छोटा कस्बा बन गया। छोटी प्राथमिक पाठशाला उच्च विद्यालय बन गई। अब वहाँ टिन शेड के नीचे एक सिनेमा घर और एक रुई धुनने की मिल थी। उनके रेलवे स्टेशन पर डाकगाड़ी ने रुकना प्रारम्भ कर दिया था।
एक रात भोजन के उपरान्त रामलाल ने अपनी पत्नी से कहा, "तो क्या मैं बिशम्भर का विवाह प्रस्ताव स्वीकार कर लूँ?"
"हाँ, अवश्य", उसकी पत्नी बोली। "ऐसे अमीर दूल्हे को पाकर भोली भाग्यशाली होगी। एक बड़ी दुकान, अपना मकान, और मैंने सुना है बैंक में कई हजार जमा हैं। इसके अलावा वह कोई दहेज भी नहीं माँग रहा है।"
"वह तो ठीक है, परन्तु वह इतना जवान नहीं रहा, तुम जानती हो—लगभग मेरी आयु का है—और वह लंगड़ाता भी है। उसके अलावा उसकी पहली पत्नी के बच्चे भी काफी बड़े हो चुके हैं।"
"तो इससे क्या फर्क पड़ता है?" उसकी पत्नी ने उत्तर दिया। "पैंतालीस या पचास—पुरुष के लिए यह कोई अधिक आयु नहीं है। हम भाग्यशाली हैं कि वह दूसरे गाँव का है और वह उसके चेचक के दागों और उसकी समझ की कमी के बारे में नहीं जानता है। यदि हम इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करते हैं तो वह जीवनपर्यन्त अविवाहित रह सकती है।"
"हाँ, लेकिन मैं यह जानने को उत्सुक हूँ कि भोली क्या कहेगी।"
"वह मूर्ख क्या कहेगी? वह एक मूक गाय के समान है।"
"शायद तुम सही हो", रामलाल बड़बड़ाया।
आँगन के दूसरे कोने में, भोली जागी हुई अपनी चारपाई के ऊपर लेटी हुई माता-पिता की कानाफूसी वाली बातचीत सुन रही थी।
बिशम्भरनाथ एक समृद्ध पंसारी था। वह विवाह के लिए मित्रों और रिश्तेदारों की एक बड़ी बारात लेकर आया। बारात के आगे-आगे पीतल के वाद्ययंत्रों का एक बैंड एक भारतीय चलचित्र की लोकप्रिय धुन बजाता हुआ चल रहा था, दूल्हा एक सजे हुए घोड़े पर सवार था। इतनी तड़क-भड़क और शान देख कर रामलाल आनन्दविभोर हो गया। उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसकी चौथी बेटी का विवाह इतनी धूमधाम से होगा। इस अवसर पर आई हुई भोली की बड़ी बहनें उसके भाग्य से ईर्ष्या करने लगीं।
When the auspicious..................................................only cold contempt. (Pages 52-53)
कठिन शब्दार्थ (Vocabulary)
Word | Pronunciation | Hindi Meaning | English Meaning |
auspicious | ऑस्पिशस् | मांगलिक | Favorable |
moment | मोमन्ट | क्षण | A very brief period of time |
priest | प्रीस्ट | पुजारी | A person who performs religious ceremonies |
bring | ब्रिड | लाना | To fetch |
clad in | क्लैड् इन् | वस्त्र पहने हुए | Dressed in |
bridal dress | ब्राइड् ड्रेस | वधू की पोशाक | Wedding clothes |
sacred | सेक्रिड् | पवित्र | Holy |
garland | गालन्ड | फूलों का हार | A wreath of flowers |
prompted | प्रॉम्प्टिड | याद दिलाया | Reminded |
lifted | लिफ्टिड | ऊपर उठाया | Raised |
slipped | स्लिपट | उतार दिया | Slid |
silken veil | सिल्कन वेल | रेशमी घूंघट | A thin silk covering for the face |
glance | ग्लान्स | उड़ती नजर डाली | A quick look |
poised | पॉइज्ड | किसी हरकत के लिए तैयार | Ready for action |
bride | ब्राइड | दुल्हन | A woman on her wedding day |
pulled down | पुल्ड डाउन | नीचे खींचा | Dragged down |
turban | टबन् | साफा | A headgear |
honour | ऑनर | प्रतिष्ठा | Respect |
humiliate | ह्यूमिलिएट | अपमानित करना | To insult |
considerate | कन्सिरडर्ट | संवेदनशील | Thoughtful |
streaming down | स्ट्रीमिंग डाउन | नीचे बहते हुए | Flowing down |
counted | काउन्टिड | एक-एक करके धीरे-धीरे गिने | Reckoned one by one |
triumphant | ट्राइअम्फन्ट | विजय पर अत्यंत प्रसन्न | Victorious |
gambled | गैम्बल्ड | बाजी लगाई, जुआ खेला | Bet |
downcast | डाउनकास्ट | आँखें नीचे झुकी हुई | Looking downwards |
straight | स्ट्रेट | सीधे, सीधे-सीधे | Directly |
prospective | प्रस्पेक्टिव | संभावित | Likely to happen |
cold contempt | कोल्ड कन्टेम्प्ट | रूखा तिरस्कार, अवज्ञा | Disdain |
दुल्हन वाली लाल, रेशमी साड़ी पहने हुए भोली पवित्र अग्नि के पास दुल्हन के स्थान तक लाई गई।
"दुल्हन को माला पहना दो", बिशम्भरनाथ के एक मित्र ने उसे याद दिलाया।
दूल्हे ने पीले गेंदे के फूलों का हार ऊपर उठाया। एक महिला ने दुल्हन के चेहरे से घूंघट पीछे सरका दिया। बिशम्भर ने शीघ्रता से एक उड़ती नजर से देखा। माला उसके हाथों में ठहरी रह गई। दुल्हन ने धीरे से घूंघट अपने चेहरे पर नीचे खींच लिया।
"क्या तुमने उसे देखा है?" बिशम्भर ने बगल में खड़े मित्र से पूछा। "उसके चेहरे पर चेचक के दाग हैं।"
"तो क्या (हुआ)? आप भी तो जवान नहीं हैं।"
"हो सकता है। लेकिन यदि मेरा उससे विवाह होगा तो उसके पिता को मुझे पाँच हजार रुपये अवश्य देने होंगे।"
रामलाल गया और अपनी पगड़ी—अपनी प्रतिष्ठा—बिशम्भर के पैरों पर रख दी। "मुझे इस तरह अपमानित मत करिए। दो हजार रुपये ले लीजिए।"
"नहीं। पाँच हजार, या हम वापस चले जाएँगे। अपनी बेटी को रख लो।"
"कृपया थोड़ा संवेदनशील बनिये। यदि आप वापस चले जाएँगे, तो मैं गाँव में मुँह दिखाने लायक नहीं रहूँगा।"
"तो फिर निकालो पाँच हजार।"
चेहरे पर आँखों से आँसू बहाते हुए रामलाल भीतर गया, तिजोरी खोली और नोट एक-एक करके धीरे-धीरे गिने। उसने दूल्हे के चरणों पर बण्डल रख दिया।
बिशम्भर के लालची चेहरे पर विजय की एक मुस्कराहट आ गई। उसने जुआ खेला था और बाजी जीत ली। "मुझे माला दो।" उसने घोषणा की।
एक बार फिर दुल्हन के चेहरे से घूंघट पीछे सरकाया गया, लेकिन इस बार उसकी आँखें नीचे झुकी हुई नहीं थीं। वह ऊपर देख रही थी, अपने भावी पति को सीधे देख रही थी। और उसकी आँखों में न क्रोध था, न ही घृणा, मात्र रूखा तिरस्कार।
Bishamber raised the..................................................of her masterpiece. (Pages 53-54)
कठिन शब्दार्थ (Vocabulary)
Word | Pronunciation | Hindi Meaning | English Meaning |
raised | रेज्ड | ऊपर उठाई | Lifted |
streak | स्ट्रीक | धारी, पतली रेखा | A thin line |
lightning | लाइटनिंग | आकाश की बिजली | Flash of light in the sky |
flung | फ्लड् | जोर से फेंक दी गई | Thrown forcefully |
thunder struck | थन्डर स्ट्रक | वज्रपात हो गया | Shocked |
guests | गेस्ट्स | अतिथि | Visitors |
shameless | शेमलेस | बेशर्म | Without shame |
disgrace | डिसग्रेस | बदनामी करना | Dishonour |
willing | विलिंग | राजी | Ready |
lame | लेम | लंगड़ा | Disabled in leg |
mean | मीन | संकुचित मनोवृत्ति वाला | Selfish/Low-minded |
contemptible | कन्टेम्प्टिबल | तिरस्करणीय | Despicable |
coward | काउअर्ड | कायर | Lacking courage |
harmless | हार्मलेस | सीधी-सादी | Innocent |
violently | वाइअलन्टलि | हिंसापूर्वक | Forcefully |
heartless | हार्टलेस | निर्मम | Cruel |
creature | क्रीचर | प्राणी | Being |
confused | कन्फ्यूज्ड | भ्रमित | Perplexed |
rooted | रूटिड | जमीन में गड़ा हुआ | Fixed to the spot |
bowed | बाउड् | झुका हुआ | Bent |
grief | ग्रीफ | दुःख | Sorrow |
shame | शेम | शर्म | Embarrassment |
flames (फ्लेम्ज्) = लपट, ज्वाला। calm (काम्) = शांत। steady (स्टेडि) = स्थिर। satisfaction (सैटिस्फैक्शन्) = संतुष्टि। artist (आटिस्ट्) = कलाकार। contemplating (कॉन्टम्प्लेटिंग्) = चिंतन करते हुए। completion (कम्प्लीशन्) = समाप्ति। masterpiece (मास्टपीस्) = अतिश्रेष्ठ रचना।
"पिताजी!" भोली स्पष्ट, ऊँची आवाज में बोली; और उसके पिता, माता, बहनें, भाई, रिश्तेदार और पड़ोसी थोड़ी-सी भी हकलाहट के बिना उसे बोलते हुए सुनकर चौंक गए।
"पिताजी! अपना पैसा वापस ले लीजिए। मैं इस व्यक्ति से विवाह नहीं करने जा रही।"
रामलाल के ऊपर वज्रपात हो गया। अतिथिगण कानाफूसी करने लगे, "इतनी बेशर्म! इतनी कुरूप और इतनी बेशर्म!"
"भोली, क्या तू पागल है?" रामलाल चीखा। "तू अपने परिवार की बदनामी कराना चाहती है? हमारी इज्जत का थोड़ा तो लिहाज कर!"
"आपकी इज्जत की खातिर", भोली ने कहा, "मैं इस लंगड़े, बूढ़े व्यक्ति से विवाह करने के लिए तैयार हो गई थी। लेकिन मुझे अपने पति के रूप में ऐसी संकुचित मनोवृत्ति वाला, लालची और घृणित कायर नहीं चाहिए। मैं नहीं करूँगी, मैं नहीं करूँगी, मैं नहीं करूँगी।"
"कितनी निर्लज्ज लड़की है। हम सबने सोचा था कि वह एक सीधी-सादी गूँगी गाय है।"
भोली बूढ़ी महिला की ओर उग्रता से मुड़ी, "हाँ, चाची, तुम सही हो। आप सबने सोचा कि मैं बेजुबान गाय हूँ। इसी कारण आप मुझे इस क्रूर व्यक्ति को सौंप देना चाहती थीं। किन्तु अब यह मूक गाय, हकलाने वाली मूर्ख बोल रही है। क्या आप और अधिक सुनना चाहती हैं?"
बिशम्भरनाथ पंसारी ने बारात के साथ वापस जाना प्रारम्भ कर दिया। चकराए हुए बैन्डवालों ने सोचा कि अनुष्ठान (विवाह) सम्पन्न हो चुका था, इसलिए उन्होंने अन्तिम गीत (विदाई गीत) बजाना शुरू कर दिया।
रामलाल जमीन में गड़ा हुआ खड़ा रहा, उसका सिर दुःख और लज्जा के बोझ तले झुक गया था। पवित्र अग्नि की लपटें धीमे-धीमे बुझ गईं। सभी जा चुके थे। रामलाल भोली की ओर मुड़ा और बोला, "परन्तु तेरा क्या होगा, अब तुझसे कोई कभी विवाह नहीं करेगा। हम तेरे लिए क्या करेंगे?"
और सुलेखा शांत और स्थिर आवाज में बोली, "आप चिन्ता न करें, पिताजी! आपकी वृद्धावस्था में मैं आपकी और माताजी की सेवा करूँगी और मैं उसी विद्यालय में पढ़ाऊँगी जहाँ मैंने इतना सीखा। क्या यह ठीक नहीं है, मैडम?"
अध्यापिका इस दौरान नाटक देखते हुए एक कोने में खड़ी थी। "हाँ, भोली, निस्सन्देह", उसने उत्तर दिया। और उसकी मुस्कराती हुई आँखों में गहरी सन्तुष्टि की रोशनी थी जो एक कलाकार उस समय महसूस करता है जब वह अपनी सर्वश्रेष्ठ कलाकृति के समापन का विचार करता है।
[BOX: [655, 358, 696, 645]]
READ AND FIND OUT
Page 47
Q. 1. Why is Bholi’s father worried about her? (Question Bank)
भोली के पिता उसके विषय में चिन्तित क्यों हैं?
Ans. Ramlal has seven children. All of them except Bholi are good-looking, healthy and strong. Hence it is not difficult to find suitable good matches for them. But on the contrary Bholi has neither good looks nor intelligence. So her father is worried about her.
रामलाल के सात बच्चे हैं। भोली के अलावा वे सभी अच्छे दिखने वाले, स्वस्थ और हृष्टपुष्ट हैं। अतः उनके लिए उपयुक्त अच्छा रिश्ता ढूँढना मुश्किल नहीं है। लेकिन इसके विपरीत, भोली न तो सुदर्शन है न ही बुद्धिमान। अतः उसके पिता उसके विषय में चिन्तित है।
Q. 2. For what unusual reasons is Bholi sent to school?
कौनसे असामान्य कारणों के लिए भोली को स्कूल भेजा जाता है?
Ans. A primary school is opened in Bholi’s village. The Tehsildar asks Bholi’s father to send his daughters to school. It is socially banned to send girls to school because nobody
will marry a girl who has gone to school. But Bholi’s father has no courage to disobey the tehsildar. Bholi’s mother suggests that Bholi should be sent to school. Thus they send Bholi to school to please the tehsildar.
भोली के गाँव में एक प्राथमिक विद्यालय खोला जाता है। तहसीलदार भोली के पिता को अपनी पुत्रियों को विद्यालय भेजने को कहता है। लड़कियों को विद्यालय भेजना सामाजिक रूप से प्रतिबंधित है। उस लड़की से कोई विवाह नहीं करेगा जो विद्यालय गई हुई हो। लेकिन भोली के पिता में इतना साहस नहीं है कि वह तहसीलदार की अवज्ञा कर सके। भोली की माँ सुझाव देती है कि भोली को विद्यालय भेज देना चाहिए। इस प्रकार तहसीलदार को प्रसन्न करने के लिए वे भोली को विद्यालय भेज देते हैं।
Page 48
Q. 1. Does Bholi enjoy her first day at school?
क्या भोली विद्यालय में अपने प्रथम दिन का आनन्द उठाती है?
Ans. Yes, Bholi enjoys her first day at school. She feels happy to see many girls there. The coloured pictures on the wall fascinate her. She cries also when the girls laugh at her stammer. But the teacher’s soft and soothing voice encourages her.
हाँ, भोली विद्यालय में अपने प्रथम दिन का आनन्द लेती है। बहुत सी लड़कियों को वहाँ देखकर वह प्रसन्न महसूस करती है। दीवार की रंगीन तस्वीरें उसे आकर्षित करती हैं। जब लड़कियाँ उसके हकलाने पर हँसती हैं तो वह रोने भी लगती है। लेकिन शिक्षिका की कोमल व सहानुभूतिपूर्ण आवाज उसे प्रोत्साहित करती है।
Q. 2. Does she find her teacher different from the people at home?
क्या वह अपनी शिक्षिका को घर के लोगों से भिन्न पाती है?
Ans. Yes, she finds her teacher different from the people at home. Her teacher is kind, sympathetic encouraging and affectionate whereas the people at home neglect her. The teacher tells that schooling will make her learned and respected.
हाँ, वह अपनी शिक्षिका को घर के लोगों से भिन्न पाती है। उसकी शिक्षिका दयालु, सहानुभूतिपूर्ण, प्रोत्साहित करने वाली व स्नेही है जबकि घर के लोग उसकी उपेक्षा करते हैं। शिक्षिका उसे बताती है कि विद्यालयी शिक्षा उसे ज्ञानशील व सम्मानित करेगी।
Page 51
Q. 1. Why do Bholi’s parents accept Bishamber’s marriage proposal?
(Board Model Paper, 2025-26; Question Bank)
भोली के अभिभावक बिशम्बर का विवाह का प्रस्ताव क्यों स्वीकार कर लेते हैं?
Ans. Bholi’s parents accept Bishamber’s marriage proposal because he is a wealthy grocer. He does not demand dowry. They fear that being ugly and witless no one else will marry her. भोली के माता-पिता, बिशम्बर का विवाह प्रस्ताव स्वीकार कर लेते हैं क्योंकि वह एक धनवान पंसारी है। वह दहेज की माँग नहीं करता है। उनको डर है कि कुरूप व बुद्धिहीन होने के कारण कोई अन्य उससे विवाह नहीं करेगा।
Q. 2. Why does the marriage not take place? विवाह सम्पन्न क्यों नहीं होता है?
Ans. The marriage does not take place because on seeing pockmarks on Bholi’s face, Bishamber demands dowry of ₹ 5000. Then, Bholi refuses to marry such a mean, greedy and contemptible coward.
विवाह सम्पन्न नहीं होता है क्योंकि भोली के चेहरे पर चेचक के दाग देखकर बिशम्बर 5000 रुपये के दहेज की मांग करता है। तब, भोली ऐसे नीच, लालची, घृणित कायर से विवाह करने से मना कर देती है।
TEXTUAL QUESTIONS
Think About It
Q. 1. Bholi had many apprehensions about going to school. What made her feel that she was going to a better place than her home? स्कूल जाने के विषय में भोली के मन में बहुत से भय थे। किस बात ने उसे यह महसूस करवाया कि वह घर से बेहतर जगह पर जा रही थी?
Ans. Bholi had many apprehensions about going to school. She didn’t know what a
school was like. She thought she would be turned out of the house and sold like their old cow, Lakshmi.
She was given a bath. Then, oil was rubbed into her dry and matted hair. After that, a clean dress was given to her to put on. All these made her feel that she was going to a better place than her home.
विद्यालय जाने के बारे में भोली के मन में बहुत से भय थे। वह नहीं जानती थी कि विद्यालय कैसा होता था। उसने सोचा कि उसे उनकी वृद्ध गाय, लक्ष्मी के जैसे घर से बाहर किया जा रहा था और बेचा जा रहा था।
उसे स्नान कराया गया था। फिर उसके रूखे व उलझे बालों में तेल लगाया गया था। इसके उपरांत, उसे पहनने को एक स्वच्छ पोशाक दी गई थी। इन सभी ने उसे यह महसूस करवाया कि वह घर से बेहतर जगह पर जा रही थी।
Q. 2. How does Bholi’s teacher play an important role in changing the course of her life? (Sec. Board Exam., 2024; Board Model Paper, 2021-22)
भोली के जीवन का मार्ग बदलने में उसकी शिक्षिका किस प्रकार एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है?
Ans. Bholi’s teacher plays a very important role in changing her life. She is the first person who speaks to her affectionately. She encourages her to speak out her name without any fear. She inculcates in her a desire to learn. Her teacher assures her (Bholi) that one day, she would be able to speak confidently like every one else in her village. Her guidance helps her (Bholi) become an educated and self-aware girl. It is her presence in Bholi’s life that transforms Bholi from a dumb cow into a bold and confident girl.
भोली की शिक्षिका उसका जीवन बदलने में एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वह पहली महिला है जो उससे स्नेहपूर्वक बोलती है। वह उसे बिना किसी भय के अपना नाम बोलने के लिए प्रोत्साहित करती है। वह उसमें सीखने की इच्छा पैदा करती है। उसकी शिक्षिका उसे दिलासा देती है कि एक दिन, वह (भोली) गाँव में प्रत्येक दूसरे व्यक्ति की तरह आत्मविश्वास के साथ बोलने लगेगी। उसका मार्गदर्शन भोली की एक शिक्षित व आत्म-जागरूक लड़की बनने में मदद करता है। यह उसकी उपस्थिति ही है जो भोली को एक मूक गाय से एक साहसी व आत्मविश्वासी लड़की में बदल देती है।
Q. 3. Why did Bholi at first agree to an unequal match? Why did she later reject the marriage? What does this tell us about her?
भोली पहले बेमेल विवाह सम्बन्ध के लिए क्यों सहमत हो गई? बाद में उसने विवाह से क्यों इनकार कर दिया? यह हमें उसके बारे में क्या बताता है?
Ans. Bholi agreed to unequal match because she had pockmarks so no one else would marry her. Her parents were worried about her marriage so to free them from this worry she agreed to it.
She later rejected the marriage because Bishamber, the groom, demanded ₹ 5000 when he saw her pockmarks. She refused to marry a mean, greedy and contemptible coward.
This tells us about her boldness to face a mean society.
भोली बेमेल विवाह को तैयार हो गई क्योंकि उसके चेचक के दाग थे इसलिए कोई अन्य उससे विवाह नहीं करता। उसके माता-पिता उसके विवाह के लिए चिन्तित थे इसलिए उन्हें इस चिंता से मुक्त करने के लिए वह इसके लिए तैयार हो गई।
बाद में उसने इस विवाह से इनकार कर दिया क्योंकि दूल्हे, बिशम्भर ने उसके चेचक के दाग देखकर 5000 रुपये की मांग कर डाली। उसने ऐसे नीच, लालची व घृणित कायर से विवाह करने से इनकार कर दिया।
यह बात हमें एक तुच्छ समाज का सामना करने की उसकी वीरता के बारे में बताती है।
Q. 4. Bholi’s real name is Sulekha. We are told this right at the beginning. But only in the last but one paragraph of the story in Bholi called Sulekha again. Why do you think she is called Sulekha at that point in the story?
भोली का वास्तविक नाम सुलेखा है। हमें यह ठीक शुरू में ही बता दिया जाता है। पर कहानी के आखिरी से पहले अनुच्छेद में फिर से भोली को सुलेखा कहा गया। आप क्यों सोचते हैं कहानी के उस बिंदु पर उसे सुलेखा क्यों कहा जाता है?
Ans. Sulekha is called Bholi because she is considered to be a foolish girl.
There is no proof of her intelligence in the whole story but at the end of the story her real identity is achieved.
सुलेखा भोली कहलाई जाती है क्योंकि वह एक मूर्ख लड़की मानी जाती है।
पूरी कहानी में उसकी बुद्धिमता का कोई प्रमाण नहीं है परन्तु कहानी के अन्त में उसकी वास्तविक पहचान उसे मिल जाती है।
Talk about it
Q. 1. Bholi’s teacher helped her overcome social barriers by encouraging and motivating her. How do you think you can contribute towards changing the social attitudes illustrated in this story?
भोली की अध्यापिका उसे सामाजिक बाधाओं को पार करने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करती है। आप क्या सोचते हैं, आप कैसे सामाजिक धारणाओं को जिनकी व्याख्या इस कहानी में है, बदलने में अपना योगदान दे सकते हैं?
Ans. Bholi’s teacher helps her overcome social barriers by encouraging and motivating her.
I think I can contribute towards changing the social attitudes illustrated in this story by making people aware of the benefits of girls’ education, by sending my own daughters to school and helping them in achieving their goals so that other girls and their parents might get inspired by them.
भोली की टीचर उसे सामाजिक बाधाओं को पार करने के लिए प्रोत्साहित व प्रेरित करती है।
मेरे विचार से मैं इस कहानी में दी गई सामाजिक धारणाओं को बदलने में अपना योगदान, बालिका शिक्षा के लाभ के बारे में लोगों को जाग्रत करके, मेरी अपनी पुत्रियों को विद्यालय भेजकर और उन्हें उनके लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करके ताकि अन्य लड़कियाँ व उनके माता-पिता उनसे प्रेरित हो सकें।
Q. 2. Should girls be aware of their rights and assert them? Should girls and boys have the same rights, duties and privileges? What are some of the ways in which society treats them differently? When we speak of ‘human rights’, do we differentiate between girls’ rights and boys’ rights?
क्या लड़कियों को अपने अधिकारों के प्रति चेतन होना चाहिए और उन्हें दृढ़तापूर्वक स्थापित करना चाहिए? क्या लड़के और लड़कियों के अधिकार, कर्त्तव्य तथा विशेष अधिकार समान होने चाहिए? ऐसे कौन से तरीके हैं जिनके द्वारा समाज उनसे असमान रूप से व्यवहार करता है? जब हम ‘मानवाधिकारों’ की बातें करते हैं, तो क्या हम लड़के और लड़कियों के अधिकारों में भेदभाव करते हैं?
Ans. Yes, girls should be aware of their rights and assert them.
Yes, girls and boys should have the same rights, duties and privileges.
Following are some of the ways in which society treats them differently. Boys are given higher education whereas girls are given simple education. Girls face restrictions while boys enjoy freedom.
When we speak of ‘human rights’, we do not differentiate between girls’ rights and boys’ rights.
हाँ, लड़कियों को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए और इनको प्रतिस्थापित भी करना चाहिए।
हाँ, लड़कियों व लड़कों के समान अधिकार, कर्तव्य व विशेषाधिकार होने चाहिए।
ये वो कुछ तरीके हैं जिनसे समाज उनसे अलग-अलग तरीके से व्यवहार करता है। लड़कों को उच्च शिक्षा दी जाती है जबकि लड़कियों को साधारण शिक्षा दी जाती है। लड़कियाँ बंधन का सामना करती हैं जबकि लड़के स्वतंत्रता का आनंद लेते हैं।
जब हम ‘मानवाधिकार’ की बात करते हैं तो हम लड़कियों के अधिकार व लड़कों के अधिकार में भेद नहीं करते हैं।
Q. 3. Do you think the characters in the story were speaking to each other in English? If not, in which language were they speaking? (You can get clues from the names of the persons and the non-English words used in the story.)
क्या आप सोचते हैं कि कहानी के पात्र एक-दूसरे से अंग्रेजी में बात कर रहे थे? यदि नहीं तो वे किस भाषा में बात कर रहे थे? (आप व्यक्तियों के नामों तथा कहानी में प्रयुक्त गैर-अंग्रेजी भाषा के शब्दों द्वारा संकेत पा सकते हैं।)
Ans: According to me, the characters of the story don't talk in English with each other. Their names Bholi, Bishamber, Ramlal, Radha, Mangla, Champa, Sulekha, Laxmi etc. are all Hindi names. Moreover, the use of certain Hindi words like Numberdar, Tehsildar, ijjat, pitaji, sahib, hint that the characters must be speaking in Hindi among themselves.
मेरे अनुसार, कहानी के पात्र अंग्रेजी में बातचीत नहीं करते हैं। उनके नाम भोली, बिशंबर, रामलाल, राधा, मंगला, चंपा, सुलेखा, लक्ष्मी... इत्यादि हिंदी नाम हैं। इसके अतिरिक्त कुछ निश्चित शब्दों का प्रयोग जैसे नंबरदार, तहसीलदार, इज्जत, पिताजी, साहिब, प्रकट करते हैं कि पात्र एक-दूसरे से हिंदी में बात कर रहे हैं।
ADDITIONAL QUESTIONS
I. Multiple Choice Questions :
1. What do you mean by the word ‘Simpleton’?
2. What was the name of Bholi? (Sec. Board Exam., 2025; Question Bank)
3. How many children did Ram Lal have? (Question Bank)
4. Who was the father of Bholi?
5. How was some part of her brain damaged?
6. Why did Bholi talk very little?
7. Who is referred to as the ‘artist’ in the lesson?
8. How did the lady teacher react on seeing Bholi’s face?
9. What according to you, was wrong in Bishamber’s marrying Bholi?
10. Who was Lakshmi?
11. Why did the girls laugh at Bholi?
12. What was Bholi’s first reaction on hearing that she was going to school?
13. How did Ramlal’s wife react about sending her girls to school?
14. What was the purpose of the Tehsildar’s village visit?
15. Who came to marry Bholi?
16. Of the four daughters of Ramlal, who was sent to school?
17. Who was Ramlal?
18. The eldest daughter of Ramlal was—
19. How was the prospective husband of Bholi?
20. What were the paintings on the wall?
21. At what age did Bholi fall off from her cot? (Question Bank)
22. How old was Bholi when small pox attacked her? (Question Bank)
23. When Bholi was prepared for school, she thought that school was a : (Question Bank)
24. The behaviour of lady teacher towards Bholi was : (Question Bank)
25. How many daughters Ramlal had ? (Sec. Board Exam., 2026)
26. What does Bholi aspire to become after refusing to marry Bishambhar? (Board Model Paper, 2025-26)
Ans. 1. (B) 2. (A) 3. (D) 4. (A) 5. (A) 6. (D) 7. (D)
8. (A) 9. (B) 10. (D) 11. (B) 12. (B) 13. (C) 14. (A)
15. (A) 16. (B) 17. (A) 18. (B) 19. (A) 20. (A) 21. (A)
22. (B) 23. (C) 24. (A) 25. (D) 26. (C)
II. Answer each of the following questions in 20-30 words :
Q. 1. Why was Bholi glad and what did she hope? (Sec. Board Exam., 2023)
भोली खुश क्यों थी और उसे क्या उम्मीद थी?
Ans. She was glad to receive affectionate treatment and inspiring words from her teacher. She hoped that one day, she would be able to speak without stammer.
अपनी अध्यापिका से स्नेहमयी व्यवहार व प्रेरणादायक शब्द सुनकर वह खुश थी। वह आशा करती थी कि एक दिन वह बिना हकलाये बोलने में समर्थ होगी।
Q. 2. Why did Ramlal send Bholi to school?
रामलाल ने भोली को स्कूल क्यों भेजा?
Ans. Ramlal sent Bholi to school because the Tehsildar asked him to do so. He could not dare to refuse him. रामलाल ने भोली को स्कूल भेजा क्योंकि तहसीलदार ने उससे ऐसा करने को कहा था। वह उसे मना करने की हिम्मत नहीं कर सका था।
Q. 3. What did the teacher give Bholi on the first day of her school?
विद्यालय के प्रथम दिन शिक्षक ने भोली को क्या दिया था?
Ans. The teacher gave her a book. It was full of nice coloured pictures of animals and with every picture was a word in black letters. शिक्षक ने उसे एक पुस्तक दी थी। इसमें रंगीन चित्रों में जानवरों के चित्र थे और हर चित्र के साथ काले अक्षरों में एक शब्द लिखा हुआ था।
Q. 4. What did the teacher tell Bholi after giving her the first book?
भोली को पहली पुस्तक देने के बाद शिक्षक ने उससे क्या कहा था?
Ans. The teacher told her that she would be able to read the book in one month then she would give her a bigger book. शिक्षक ने उससे कहा कि एक महीने में वह इस पुस्तक को पढ़ लेगी तब वह उसे एक बड़ी पुस्तक पढ़ने को देगी।
Q. 5. What changes will be there in Bholi after reading the book?
पुस्तक पढ़ने के बाद भोली में क्या परिवर्तन आयेंगे।
Ans. After reading the book Bholi will be the most learned lady in the entire village. She will be able to speak fluently and confidently.
पुस्तक पढ़ने के बाद भोली सारे गाँव में सबसे ज्यादा पढ़ी-लिखी होगी। वह धाराप्रवाह और आत्मविश्वास से बोलने में सक्षम होगी।
Q. 6. Why was Sulekha nicknamed Bholi?
सुलेखा का घर का नाम भोली क्यों रखा गया था?
Ans. Sulekha had fallen from a cot. Her brain was damaged. She was a backward child so she was called Bholi. सुलेखा चारपाई से गिर गई थी। उसके दिमाग को चोट पहुँची थी। वह पिछड़ी बच्ची रह गई थी इसलिए उसे भोली कहते थे।
Q. 7. Write about Sulekha in your own words.
अपने स्वयं के शब्दों में सुलेखा के बारे में लिखिए।
Ans. Sulekha was the fourth daughter of Ramlal. She was fair and pretty at birth. She had an attack of smallpox at the age of 2 years. सुलेखा रामलाल की चौथी बेटी थी। वह जन्म के समय गौरी और सुन्दर बच्ची थी। उसे दो वर्ष की आयु में चेचक हुई थी।
Q. 8. What was the problem with Sulekha at the age of ten months?
सुलेखा के साथ दस माह की उम्र में क्या समस्या हुई थी?
Ans. She fell from a cot that damaged her brain. This affected her brain, making her slow in learning and speaking, unlike other children.
वह चारपाई से गिर गई थी जिससे उसके दिमाग पर चोट लगी थी। इससे उसके मस्तिष्क पर बुरा असर पड़ा और वह अन्य बच्चों के विपरीत सीखने और बोलने में धीमी हो गयी।
Q. 9. Why did the other children make fun of Bholi?
दूसरे बच्चे भोली का मजाक क्यों बनाते थे?
Ans. Bholi stammered when she was learning how to speak. She also had pockmarks on her face due to smallpox. So the other children made fun of her.
भोली जब बोलना सीख रही थी तब वह हकलाती थी। चेचक के कारण उसके चेहरे पर दाग भी थे। अतः दूसरे बच्चे उसका मजाक बनाते थे।
Q. 10. Write about Ramlal’s children. रामलाल के बच्चों के बारे में लिखिए।
Ans. Ramlal had three sons and four daughters. Bholi was weaker than others. Sons were studying in the city. His elder daughters were married.
--- | ---
रामलाल के तीन बेटे और चार बेटियां थी। भोली अन्य से कमजोर थी। बेटे शहर में पढ़ाई कर रहे थे। उसकी बड़ी बेटियां विवाहित थीं।
Q. 11. What did Bholi see in her school? भोली ने अपने विद्यालय में क्या देखा था?
Ans. Bholi saw many rooms. Children were sitting on mats and reading books or writing on slates. There were pictures on the wall.
भोली ने बहुत सारे कमरे देखे। बच्चे चटाइयों पर बैठे पुस्तकें पढ़ रहे थे या स्लेट पर लिख रहे थे। दीवार पर तस्वीरें थीं।
Q. 12. How did Bholi react when she failed to speak her name?
भोली की प्रतिक्रिया क्या थी जब वह अपना नाम नहीं बोल पाई?
Ans. Bholi started crying and tears came into her eyes. She hung her head with shyness. She felt nervous and embarrassed. भोली रोने लगी और उसकी आँखों से आँसू आ गए थे। उसने अपना सिर झेंप से झुका लिया था। वह घबरा गई और शर्मिंदा महसूस किया।
Q. 13. Why did Bholi’s mother say good words about Bishamber as husband of Bholi? भोली की माँ ने बिशम्बर को भोली के पति के रूप में होने पर अच्छे शब्द क्यों कहे थे?
Ans. Bishamber was rich and he had a shop, a house of his own and several thousand rupees in the bank and he was ready to marry Bholi without a dowry.
बिशम्बर धनवान था और उसके दुकान, स्वयं का मकान और बैंक में हजारों रुपये थे और वह भोली से बिना दहेज के विवाह करने को तैयार था।
Q. 14. Why did Ramlal object about Bishamber as Bholi’s husband?
रामलाल ने भोली के पति के रूप में बिशम्बर का विरोध क्यों किया था?
Ans. The age of Ramlal and Bishmber was the same. His children were grown up. Bholi would be his second wife.
रामलाल और बिशम्बर समान उम्र के थे। उसके बच्चे भी बड़े थे। भोली उसकी दूसरी पत्नी होती।
Q. 15. What made Ramlal very happy on the occassion of marriage?
शादी के अवसर पर रामलाल को सबसे अधिक खुशी किस कारण से हुई थी।
Ans. Ramlal saw Bishamber on a decorated horse. He was overjoyed to see the pomp and splendour. He never expected Bholi to have such a grand wedding.
रामलाल ने बिशम्बर को सजे धजे घोड़े पर देखा। वह उसकी तड़क-भड़क देखकर आनन्दविभोर हो गया था। उसने कभी अपेक्षा नहीं की थी की भोली का इतना शानदार विवाह होगा।
Q. 16. What did Sulekha say to her parents after the departure of Bishamber and his big party?
सुलेखा ने अपने माता-पिता से बिशम्बर और उसकी बड़ी बारात के जाने के बाद क्या कहा था?
Ans. Sulekha said that she would serve them in their old age. She would teach in the same school where she learnt so much. सुलेखा ने अपने माता-पिता से कहा कि वह बुढ़ापे में उनकी सेवा करेगी। वह उसी विद्यालय में पढ़ायेगी जहां पर उसने इतना सीखा था।
Q. 17. What was Ramlal’s status in the village? रामलाल की गाँव में क्या हैसियत थी?
Ans. Ramlal was a prosperous farmer. He was a revenue officer of the village. He was financially well-off and respected in the village. रामलाल एक समृद्धशाली किसान था। वह गाँव का राजस्व अधिकारी था। वह आर्थिक रूप से संपन्न था और गाँव में उसका सम्मान था।
Q. 18. What made Ramlal send his daughter to school?
रामलाल ने किस कारण से अपनी बेटियों को विद्यालय भेजा था?
Ans. Ramlal sent his daughters to school by the pressure of Tehsildar who asked him to set an example in the village.
रामलाल ने अपनी बेटियों को तहसीलदार के दबाव में स्कूल भेजा था जिसने उसे गाँव वालों के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए कहा था।
Q. 19. What was the impression of Sulekha’s teacher on her personality?
सुलेखा के व्यक्तित्व पर उसकी शिक्षिका का क्या प्रभाव पड़ा था?
Ans. Sulekha’s teacher turned simple Sulekha into a bold, confident and self respecting individual who could take her own decisions.
सुलेखा की शिक्षिका ने सीधी सादी सुलेखा को हिम्मतवाली, आत्मविश्वासी एवं आत्मसम्मान से परिपूर्ण व्यक्ति के रूप में विकसित किया जो अपने बुद्धिमतापूर्ण निर्णय स्वयं ले सकती थी।
Q. 20. How did Bholi feel after her teacher had encouraged her to study?
भोली ने कैसा महसूस किया जब उसकी शिक्षिका ने उसे अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया था?
Ans. Bholi’s heart throbbed with a new hope and a new life. She felt that the village temple bells were ringing. भोली का हृदय एक नई आशा और नए जीवन के साथ धड़क रहा था। उसने महसूस किया कि गाँव के मन्दिर की घंटियां बज रही थीं।
III. Answer each of the following questions in about 60 words :
Q. 1. Why did Bholi reject the marriage? (Sec. Board Exam., 2022)
भोली ने विवाह के लिए इनकार क्यों कर दिया।
Or
Why did Bholi refuse to marry Bishamber? (Question Bank)
भोली ने बिशम्बर से विवाह करने से इंकार क्यों किया?
Ans. Bholi rejected the marriage because she found her would be husband a mean, greedy and contemptible person. He demanded a dowry of ₹ 5000 on seeing pock marks on Bholi’s face and on knowing about her ugliness. Ramlal placed his turban at Bishamber’s feet and requested him not to humiliate him and take two thousand rupees. But Bishamber was adamant.
भोली ने विवाह से इनकार कर दिया क्योंकि उसने अपने भावी पति को एक नीच, लालची व तिरस्कारपूर्ण व्यक्ति पाया। जब उसे पता लगा कि भोली के चेहरे पर चेचक के दाग हैं तथा वह बदसूरत है तो उसने 5000 रुपये का दहेज माँगा। रामलाल ने अपनी पगड़ी बिशम्बर के कदमों में रख दी तथा उससे खुद को अपमानित न करने व दो हजार रुपये लेने की प्रार्थना की। किन्तु बिशम्बर अटल था।
Q. 2. Why was Sulekha called Bholi? सुलेखा को भोली क्यों पुकारा जाता था?
Ans. When Sulekha was ten months old, she fell from a cot on her head and perhaps it had damaged some part of her brain. That was why she remained a backward child. Consequently, it affected her intelligence and speech. When she spoke, she stammered. Due to her simple nature people began to call her Bholi instead of Sulekha.
जब सुलेखा दस माह की थी तो वह चारपाई से सिर के बल गिर गई थी तथा शायद इससे उसके मस्तिष्क का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसीलिए वह एक पिछड़ी बच्ची रही। परिणामस्वरूप इसने उसकी बुद्धिमता और वाणी को प्रभावित किया था। जब वह बोलती थी तो वह हकलाती थी। उसकी साधारण प्रकृति के कारण लोग उसको सुलेखा के स्थान पर भोली पुकारने लगे थे।
Q. 3. Why was Ramlal worried about Bholi?
रामलाल भोली के बारे में चिन्तित क्यों रहता था?
Ans. When Bholi was ten months old, she fell from a cot. She began to stammer when she spoke. She did not have good looks. Her face was covered with pockmarks. She was not intelligent. Ramlal was worried about the future of his daughter. His worry was the marriage of Bholi. She had neither good looks nor intelligence. No one would accept her with all these weaknesses.
जब भोली दस माह की थी तो वह चारपाई से नीचे गिर गई थी। जब वह बोलती थी तब वह हकलाती थी। उसका चेहरा भी अच्छा नहीं था। उसका चेहरा चेचक के दागों से भरा हुआ था। वह बुद्धिमान भी नहीं थी। रामलाल अपनी बेटी के भविष्य के बारे में चिन्तित था। उसकी चिन्ता भोली का विवाह था। वह न तो सुन्दर थी और न ही बुद्धिमान। इतनी कमजोरियों के बाद कोई भी उसे स्वीकार नहीं करता।
Q. 4. Write about the family of Ramlal. रामलाल के परिवार के बारे में लिखिए।
Ans. Ramlal was the revenue officer of his village. He was a prosperous farmer. He had seven children. The sons were sent to city. They were college students there. His eldest daughter Radha had already been married. The second daughter Mangala’s marriage had also been settled. Third daughter was champa. Bholi whose name was Sulekha was the youngest child. रामलाल अपने गाँव का राजस्व अधिकारी था। वह एक समृद्धशाली किसान था। उसके सात बच्चे थे। लड़कों को शहर में भेज दिया गया था। वे वहाँ पर महाविद्यालय के छात्र थे। उसकी सबसे बड़ी बेटी राधा विवाहित थी। उसकी दूसरी बेटी मंगला का विवाह भी तय हो गया था। तीसरी बेटी चम्पा थी। भोली जिसका नाम सुलेखा था वह सबसे छोटी बेटी थी।
Q. 5. Draw a brief character sketch of Bholi. (Question Bank)
भोली का संक्षिप्त चरित्र चित्रण कीजिए।
Ans. Before Bholi got admission in the village school, her character demanded our sympathy. But, later after she started going to school, she got self-confidence. She realised her own value and her duty to her parents and society. That’s why when she refused to marry Bishamber as he was greedy, she declared that she would remain unmarried, serve her parents and teach in the village school. गाँव के विद्यालय में प्रवेश पाने से पूर्व, भोली का चरित्र हमारी सहानुभूति की माँग करता है। किन्तु बाद में उसके विद्यालय में जाना शुरू करने के बाद उसमें आत्म-विश्वास आया। उसने समय का मूल्य व अपने माता-पिता व समाज के प्रति अपने कर्तव्य को महसूस किया। इसीलिए जब उसने बिशम्बर से उसके लालची होने के कारण विवाह करने से इंकार किया तो उसने घोषणा की कि वह अविवाहित रहेगी, अपने माता-पिता की सेवा करेगी तथा गाँव के विद्यालय में पढ़ायेगी।
Q. 6. What was the role of education in the life of Bholi? (Board Model Paper, 2023-24)
भोली के जीवन में शिक्षा का क्या महत्व था?
Ans. Education changed the life of Bholi. Through her teacher’s efforts she emerged as a confident, bold, respecting person. Education imparted her strengths of mind, knowledge and understanding. She turned from a fool into an enlightened and sensible girl. She refused to marry a mean, greedy and contemptible coward. She was bold enough to face the mean society. शिक्षा ने भोली के जीवन को बदल दिया था। अपने शिक्षक के प्रयास द्वारा वह एक आत्मविश्वासी, साहसी, सम्माननीय व्यक्ति के रूप में उभर कर आई थी। शिक्षा ने उसे दिमाग की शक्ति, ज्ञान और समझ प्रदान की थी। वह एक मूर्ख बालिका से संवेदनशील और शिक्षित बालिका में बदल गई थी। उसने एक घटिया, लालची व घृणित कायर से विवाह करने से इंकार कर दिया था। वह एक घटिया समाज का सामना करने के लिए पर्याप्त साहसी थी।
Q. 7. Write the character sketch of Bishamber Nath.
बिशम्बर नाथ का चरित्र-चित्रण कीजिए।
Ans. Bishamber Nath had a big shop, a house and a good amount of money in his bank. He was a middle aged widower with grown up children. He sent a marriage proposal for Bholi. He did not know that she was ugly and lacked sense. He demanded no dowry. When he saw Bholi, he demanded ₹ 5000. He went back without marrying Bholi. He was very greedy.
बिशम्बर नाथ के एक बड़ी दुकान, एक मकान और बैंक में अच्छी खासी रकम थी। वह अधेड़ उम्र का विधुर था और उसके बच्चे बड़े-बड़े थे। उसने भोली से विवाह का प्रस्ताव भिजवाया था। वह नहीं जानता था कि वह भद्दी और कम समझ वाली थी। उसने दहेज की माँग भी नहीं की थी। जब उसने भोली को देखा उसने पांच हजार रुपयों की माँग रखी थी। वह लालची था।
Q. 8. Why did Bholi feel that temple bells were ringing?
भोली को ऐसा क्यों महसूस हुआ कि मन्दिर की घंटियाँ बज रही थीं।
Ans. Bholi failed to speak her name. She stammered very badly. The girls laughed at her. Then her teacher spoke to her in a very sweet, soothing, affectionate manner. She
encouraged her and told her not to fear. She asked her to attend school daily. She would be very learned. Bholi was very happy. She felt elated and felt the temple bells ringing.
भोली अपना नाम बोल पाने में असफल रही थी। वह बहुत अधिक हकलाती थी। लड़कियाँ उस पर हँसने लगी थीं। तब उसकी शिक्षक ने उससे बहुत मधुर, स्नेहमय तरीके और सांत्वना देने के अन्दाज में बात की थी। उसने उसे प्रेरित किया और कहा कि वह डरे नहीं। उसने उसे रोजाना स्कूल आकर पढ़ने के लिए कहा था। वह बहुत अधिक शिक्षित होगी। भोली बहुत खुश थी। वह बहुत प्रसन्न थी और महसूस किया कि मन्दिर की घंटियाँ बज रही थीं।
Q. 9. What do you think about Bholi’s mother?
आप भोली की माँ के बारे में क्या सोचते हैं?
Ans. Bholi’s mother was a typical village woman. She had seven children. She didnot care much about Bholi. She was against her education. She had no sympathy for Bholi and her weaknesses. She was not at all bothered about the great difference in the age of Bholi and Bishamber. She was wishing eagerly to get Bholi married to Bishamber.
भोली की माँ एक ठेठ ग्रामीण महिला थी। उसके सात बच्चे थे। उसने भोली के बारे में अधिक चिन्ता नहीं की थी। वह शिक्षा के खिलाफ थी। उसको भोली और उसकी कमजोरियों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं थी। वह बिशम्बर और भोली के मध्य उम्र के फर्क के बारे में भी ज्यादा चिन्तित नहीं थी। वह बहुत उत्सुकता से यह चाहती थी कि भोली का विवाह बिशम्बर से हो जाए।
Q. 10. Give a character sketch of Ramlal.
रामलाल का चरित्र-चित्रण कीजिए।
Ans. Ramlal was a conservative person. He thought that it was bad to send girls to school. But he sent his sons to the city to study in schools and later in colleges. Though he was worried about Bholi, he took good care of his other children. But, neglected Bholi as she lacked good looks and intelligence.
He cared more for his so-called “izzat” than his unfortunate child.
रामलाल एक रूढ़िवादी व्यक्ति था। वह सोचता था कि लड़कियों को विद्यालय भेजना गलत था। किन्तु उसने अपने बेटों को शहर में विद्यालय व बाद में विश्वविद्यालय में पढ़ने भेजा था। यद्यपि वह भोली के लिये चिन्तित था, उसने अपने अन्य बच्चों की अच्छी देखभाल की। किन्तु भोली की उपेक्षा की क्योंकि वह सुन्दर व बुद्धिमान नहीं थी।
वह अपनी अभागी बच्ची से अधिक अपनी तथाकथित "इज्जत" की परवाह करता था।
Q. 11. What did Bholi relate the pictures on the school wall to?
भोली ने स्कूल की दीवारों पर लगे चित्रों का सम्बन्ध किससे जोड़ा?
Ans. Bholi related the pictures on the school wall to the animals she used to see in her surroundings. She was a village girl and she always saw animals around her. She related the horse with the horse of Tehsildar, goat with the goat of her neighbour and the parrot with the parrot in the mango orchard. She related the cow with their own old cow lakshmi.
भोली ने विद्यालय की दीवारों पर उत्कीर्ण चित्रों को अपने आसपास के जानवरों से मिलाकर देखा था। वह गाँव की बालिका थी और उसने अपने आसपास जानवरों को देखा था। उसने घोड़े को तहसीलदार के घोड़े से जोड़कर देखा था, बकरी को अपने पड़ोसी की बकरी से जोड़कर देखा और तोते को आम के बगीचे के तोते के साथ जोड़कर देखा था। उसने गाय को उनकी स्वयं की गाय लक्ष्मी से जोड़कर देखा था।
Q. 12. What was the brave decision of Bholi in this story?
भोली का इस कहानी में सबसे बहादुरीपूर्ण निर्णय क्या था?
Ans. When Bishamber demanded a dowry of five thousand rupees, Bholi’s father requested him and put his turban in the feet of Bishamber Nath. Bishamber Nath was greedy as well as cruel. Bholi understood at once the character of Bishamber. She thought that her future was not secure. She declared in a thundering voice not to marry such a cruel and greedy man.
जब बिशम्बर ने पांच हजार रुपये दहेज के रूप में माँगे तो भोली के पिता ने उससे प्रार्थना की और अपनी पगड़ी बिशम्बर नाथ के पैरों में रख दी थी। बिशम्बर नाथ लालची और क्रूर दोनों ही था। भोली उस व्यक्ति का चरित्र एकदम से तुरन्त समझ गई थी। उसने सोचा कि उसका भविष्य सुरक्षित नहीं था। उसने गर्जना भरे स्वर में घोषणा की कि वह इस प्रकार के लालची और क्रूर व्यक्ति से विवाह नहीं करेगी।