📖 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्नोत्तर
राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान (राजनीति विज्ञान) — सभी पाठगत प्रश्नों एवं पाठ्यपुस्तक अभ्यास के संपूर्ण सटीक उत्तर।
पाठगत प्रश्न
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प्रश्न 1. मेरे दिमाग में सीधा सा समीकरण यह है कि सत्ता का बँटवारा-सत्ता के टुकड़े करना-देश को कमजोर करना। हम इस बात से शुरुआत क्यों कर रहे हैं?
उत्तर— यह विचार सही नहीं है कि सत्ता के बँटवारे या सत्ता की साझेदारी से देश कमजोर होगा। वस्तुस्थिति यह है कि सत्ता की साझेदारी देश को मजबूत बनाती है। बेल्जियम इस बात का स्पष्ट उदाहरण है।
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प्रश्न 2. बहुसंख्यक समुदाय के शासन में क्या हर्ज है? अगर श्रीलंका में सिंहलियों का राज नहीं होगा तो किसका राज होगा?
उत्तर— केवल यह कहना कि बहुसंख्यक समुदाय ही शासन करेगा, गलत है। इससे लोकतंत्र की मूल भावना का उल्लंघन होगा। लोकतंत्र में सभी को राजनीतिक रूप से शासन में भाग लेने हेतु दल बनाने एवं चुनाव लड़ने का अधिकार प्राप्त है। जिन्हें या जिस राजनीतिक दल को बहुमत प्राप्त होता है, वह शासन करता है। राजनीतिक दलों को अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों को भी चुने जाने का मौका प्रदान करना चाहिए।
श्रीलंका की स्थिति में बहुसंख्यक होने के कारण ज्यादा सम्भावना यही है कि वहाँ सिंहली अधिक चुने जायेंगे और उनकी ही सरकार होगी लेकिन उन्हें अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को भी अपनी तरफ से चुनाव में खड़ा करना चाहिए तथा सभी समुदायों के विकास के लिए काम करना चाहिए।
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प्रश्न 3. एनिते बेल्जियम के उत्तरी इलाके के एक डच माध्यम के स्कूल में पढ़ती है। फ्रेंच बोलने वाले उसके अनेक स्कूली साथी चाहते हैं कि पढ़ाई फ्रेंच में ही हो। सेल्वी श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के एक स्कूल में पढ़ती है। वह और उसके स्कूल के बहुत से दोस्त तमिल भाषी हैं और इनके माता-पिता पढ़ाई का माध्यम तमिल ही रखना चाहते हैं।
(क) कौन-सी सरकार एनिते और सेल्वी के माता-पिता की इच्छा पूरी कर सकती है? (ख) किसे सफलता मिलने की संभावना अधिक है और क्यों?
उत्तर— (क) बेल्जियम की सरकार एनिते के माता-पिता की इच्छा पूरी कर सकती है। (ख) एनिते को सफलता मिलने की संभावना अधिक है; क्योंकि यहाँ क्षेत्रीय और सांस्कृतिक विविधता को स्वीकार कर डच और फ्रेंच भाषा-भाषियों को सत्ता में समान प्रतिनिधित्व दिया गया है।
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प्रश्न 4. मेरे स्कूल में हर महीने क्लास मॉनीटर बदल जाता है। क्या आप इसे ही सत्ता की भागीदारी बता रहे हैं?
उत्तर— हमारे विचार से क्लास मॉनीटर का बदलना ही सत्ता की भागीदारी नहीं है, यह तो केवल एक विद्यार्थी को उसकी योग्यता के आधार पर कुछ जिम्मेदारी सौंपना है।
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प्रश्न 5. सत्ता के बँटवारे के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं। ये सत्ता की साझेदारी की चार श्रेणियों में से किसमें आते हैं? यहाँ सत्ता का साझा कौन किसके साथ कर रहा है?
(i) मुंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को आदेश दिया कि वह तत्काल कार्रवाई करे और मुंबई के सात अनाथालयों के 2000 बच्चों के रख-रखाव में सुधार करे।
(ii) कनाडा के ओंटेरियो प्रांत की सरकार ने वहाँ के मूलवासी समुदाय के साथ जमीन के दावों का निपटारा करने पर सहमति दे दी। स्थानीय मामलों के लिए जवाबदेह मंत्री ने घोषणा की कि सरकार मूलवासी समुदाय के साथ पारस्परिक सम्मान और सहयोग की भावना से काम करेगी।
(iii) रूस की दो प्रभावशाली राजनीतिक पार्टियों-द यूनियन ऑन राइट फोर्सेज और लिबरल याब्लोको मूवमेंट ने एक मजबूत दक्षिणपंथी गठबंधन बनाने के लिए अपने संगठनों के विलय का फैसला किया। इनका प्रस्ताव है कि अगले संसदीय चुनाव में हम उम्मीदवारों की साझा सूची बनाएंगे।
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(iv) नाइजीरिया के विभिन्न प्रांतों के वित्तमंत्रियों ने एकजुट होकर माँग की है कि संघीय सरकार अपनी आमदनी के स्रोतों को घोषित करे। वे यह भी जानना चाहते थे कि विभिन्न प्रान्तों के बीच राजस्व का बँटवारा किस आधार पर होता है।
उत्तर—(i) यह उदाहरण शासन के विभिन्न अंगों के बीच सत्ता की साझेदारी के अन्तर्गत आता है। यहाँ न्यायपालिका तथा कार्यपालिका के बीच सत्ता की साझेदारी हो रही है।
(ii) यह विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच सत्ता की साझेदारी का उदाहरण है। यहाँ मूलवासी समुदाय तथा सरकार के बीच सत्ता की साझेदारी हो रही है।
(iii) यह दो राजनीतिक पार्टियों द्वारा सत्ता की साझेदारी का उदाहरण है। यहाँ दो प्रभावशाली राजनीतिक पार्टियों के बीच सत्ता साझा हो रही है।
(iv) यह सरकार के विभिन्न स्तरों पर सत्ता की साझेदारी का उदाहरण है। यहाँ संघीय सरकार तथा प्रांतीय सरकारों के बीच सत्ता की साझेदारी हो रही है।
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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1. आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में सत्ता की साझेदारी के अलग-अलग तरीके क्या हैं? इनमें से प्रत्येक का एक उदाहरण भी दें।
अथवा
सत्ता की साझेदारी के विभिन्न रूपों का वर्णन कीजिए। (प्रश्न बैंक)
उत्तर— सत्ता की साझेदारी के तरीके/रूप
आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में सत्ता की साझेदारी के अलग-अलग तरीके निम्नलिखित हैं-
(1) सत्ता का क्षैतिज वितरण—इसमें एक ही स्तर पर रहकर शासन के विभिन्न अंगों, जैसे-विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच सत्ता का बँटवारा रहता है। ऐसे बँटवारे से यह सुनिश्चित हो जाता है कि कोई भी एक अंग सत्ता का असीमित उपयोग नहीं कर सकता तथा हर अंग दूसरे अंग पर अंकुश रखता है। इससे विभिन्न संस्थाओं के बीच सत्ता का संतुलन बनता है। हमें भारत में सत्ता की ऐसी साझेदारी देखने को मिलती है। यहाँ कार्यपालिका सत्ता का उपयोग करती है, पर यह संसद के अधीन कार्य करती है; न्यायपालिका की नियुक्ति कार्यपालिका करती है, लेकिन न्यायपालिका ही कार्यपालिका और विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों पर अंकुश रखती है।
(2) सत्ता का ऊर्ध्वाधर वितरण—संविधान द्वारा सरकार के बीच विभिन्न स्तरों पर सत्ता का बँटवारा हो सकता है। पूरे देश के लिए एक संघीय सरकार हो और फिर प्रान्तीय स्तर पर अलग-अलग सरकारें रहें। वहाँ के संविधान में इस बात का स्पष्ट उल्लेख होता है कि केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच सत्ता का बँटवारा किस तरह होगा। उदाहरण के लिए भारत के संविधान में केन्द्र और राज्य सरकार के बीच तीन सूचियों-संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची-के माध्यम से सत्ता का ऊर्ध्वाधर वितरण किया गया है।
(3) सत्ता का विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच बँटवारा—सत्ता का बँटवारा विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच भी हो सकता है। बेल्जियम में 'सामुदायिक सरकार' इस व्यवस्था का एक अच्छा उदाहरण है। इस तरह की व्यवस्था विधायिका और प्रशासन में अलग-अलग सामाजिक समूहों को हिस्सेदारी देने के लिए की जाती है ताकि लोग खुद को शासन से अलग न समझने लगें। अल्पसंख्यक समुदायों को भी इसी तरीके से सत्ता में उचित हिस्सेदारी दी जाती है।
(4) राजनीतिक दलों द्वारा सत्ता की साझेदारी—विभिन्न प्रकार के राजनैतिक दल आपस में प्रतिस्पर्धा करके, दबाव समूह आंदोलनों द्वारा शासन को प्रभावित तथा नियंत्रित करके सत्ता में साझेदारी करते हैं। राजनैतिक दलों की आपसी प्रतिद्वन्द्विता ही इस बात को सुनिश्चित कर देती है कि सत्ता एक व्यक्ति या समूह के हाथ में न रहे। इसी प्रकार लोकतंत्र में हम व्यापारी, उद्योगपति, किसान और औद्योगिक मजदूर जैसे कई हित समूह भी सक्रिय रहते हुए अपने सदस्य-वर्ग के लाभ के लिए दबाव बनाकर सत्ता में भागीदारी करते हैं।
प्रश्न 2. भारतीय संदर्भ में सत्ता की हिस्सेदारी का एक उदाहरण देते हुए इसका एक युक्तिपरक और एक नैतिक कारण बतायें। (प्रश्न बैंक)
उत्तर— भारत में सत्ता के क्षैतिज वितरण के अन्तर्गत एक ही स्तर की सत्ता को सरकार के तीन अंगों-कार्यपालिका, व्यवस्थापिका और न्यायपालिका-में विभाजित कर दिया गया है तथा ऊर्ध्वाधर वितरण के अन्तर्गत सत्ता
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सामाजिक विज्ञान (राजनीति विज्ञान) कक्षा X 261
को केन्द्र सरकार और राज्यों की सरकारों के बीच बाँट दिया गया है। इसके साथ ही सत्ता में विभिन्न सामाजिक समूहों की हिस्सेदारी भी सुनिश्चित की गयी है। इस हेतु अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं तथा अन्य पिछड़े वर्गों की आरक्षण की व्यवस्था के द्वारा सत्ता में हिस्सेदारी निश्चित की गई है।
इस प्रकार भारत में सत्ता की हिस्सेदारी का क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर वितरण जहाँ इसका नैतिक तर्क है, वहाँ आरक्षण की व्यवस्था द्वारा विभिन्न सामाजिक समूहों को सत्ता में साझेदारी देकर समूहों के बीच टकराव को कम करने का युक्तिपरक तर्क है।
प्रश्न 3. इस अध्याय को पढ़ने के बाद तीन छात्रों ने अलग-अलग निष्कर्ष निकाले। आप इनमें से किससे सहमत हैं और क्यों? अपना जवाब करीब पचास शब्दों में दें।
थम्मन-जिन समाजों में क्षेत्रीय, भाषायी और जातीय आधार पर विभाजन हो सिर्फ वहीं सत्ता की साझेदारी जरूरी है।
मथाई-सत्ता की साझेदारी सिर्फ ऐसे बड़े देशों के लिए उपयुक्त है जहाँ क्षेत्रीय विभाजन मौजूद होते हैं।
औसेफ-हर समाज में सत्ता की साझेदारी की जरूरत है, भले ही वह छोटा हो या उसमें सामाजिक विभाजन न हों।
उत्तर— हम औसेफ के इस तर्क से सहमत हैं कि हर समाज में सत्ता की साझेदारी की जरूरत है, भले ही वह छोटा हो या उसमें सामाजिक विभाजन न हों। चूंकि सरकार द्वारा बनाए गए कानून सभी को प्रभावित करते हैं और उनका पालन करना सभी के लिए आवश्यक होता है, इसलिए उनके निर्माण में सभी की भागीदारी होनी चाहिए।
प्रश्न 4. बेल्जियम में ब्रूसेल्स के निकट स्थित शहर मर्चटेम के मेयर ने अपने यहाँ के स्कूलों में फ्रेंच बोलने पर लगी रोक को सही बताया है। उन्होंने कहा कि इससे डच भाषा न बोलने वाले लोगों को इस फ्लेमिश शहर के लोगों से जुड़ने में मदद मिलेगी। क्या आपको लगता है कि यह फैसला बेल्जियम की सत्ता की साझेदारी की व्यवस्था की मूल भावना से मेल खाता है? अपना जवाब करीब 50 शब्दों में लिखें।
उत्तर— शहर मर्चटेम के मेयर का अपने यहां के स्कूलों में फ्रेंच बोलने पर लगी रोक को सही बताने का फैसला बेल्जियम की सत्ता की साझेदारी की व्यवस्था की मूल भावना से मेल नहीं खाता है। बेल्जियम में 59% लोग डच भाषा बोलते हैं तथा 40% लोग फ्रेंच भाषा बोलते हैं। मेयर के फैसले से फ्रेंच बोलने वाले लोगों में डच भाषा-भाषियों के प्रति अविश्वास उत्पन्न होगा तथा समाज का भाषा के आधार पर बँटवारा भी हो जायेगा।
प्रश्न 5. नीचे दिए गए उद्धरण को गौर से पढ़ें और इसमें सत्ता की साझेदारी के जो युक्तिपरक कारण बताए गए हैं उनमें से किसी एक का चुनाव करें।
"महात्मा गाँधी के सपनों को साकार करने और अपने संविधान निर्माताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए हमें पंचायतों को अधिकार देने की जरूरत है। पंचायती राज ही वास्तविक लोकतंत्र की स्थापना करता है। यह सत्ता उन लोगों के हाथों में सौंपता है जिनके हाथों में इसे होना चाहिए। भ्रष्टाचार कम करने और प्रशासनिक कुशलता को बढ़ाने का एक उपाय पंचायतों को अधिकार देना भी है। जब विकास की योजनाओं को बनाने और लागू करने में लोगों की भागीदारी होगी तो इन योजनाओं पर उनका नियंत्रण बढ़ेगा। इससे भ्रष्ट बिचौलियों को खत्म किया जा सकेगा। इस प्रकार पंचायती राज लोकतंत्र की नींव को मजबूत करेगा।"
उत्तर— भ्रष्टाचार कम करने और प्रशासनिक कुशलता को बढ़ाने का एक उपाय पंचायतों को अधिकार देना भी है।
प्रश्न 6. सत्ता के बँटवारे के पक्ष और विपक्ष में कई तरह के तर्क दिए जाते हैं। इनमें से जो तर्क सत्ता के बँटवारे के पक्ष में हैं उनकी पहचान करें और नीचे दिए गए कोड से अपने उत्तर का चुनाव करें।
सत्ता की साझेदारी :
(क) विभिन्न समुदायों के बीच टकराव को कम करती है।
(ख) पक्षपात का अंदेशा कम करती है।
(ग) निर्णय लेने की प्रक्रिया को अटका देती है।
(घ) विविधताओं को अपने में समेट लेती है।
(ङ) अस्थिरता और आपसी फूट को बढ़ाती है।
(च) सत्ता में लोगों की भागीदारी बढ़ाती है।
(छ) देश की एकता को कमजोर करती है।
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(सा) | क | ख | घ | च |
(रे) | क | ग | ङ | च |
(गा) | क | ख | घ | छ |
(मा) | ख | ग | घ | छ |
उत्तर—(सा) क, ख, घ, च
प्रश्न 7. बेल्जियम और श्रीलंका की सत्ता में साझेदारी की व्यवस्था के बारे में निम्नलिखित बयानों पर विचार करें :
(क) बेल्जियम में डच-भाषी बहुसंख्यकों ने फ्रेंच-भाषी अल्पसंख्यकों पर अपना प्रभुत्व जमाने का प्रयास किया।
(ख) सरकार की नीतियों ने सिंहली-भाषी बहुसंख्यकों का प्रभुत्व बनाए रखने का प्रयास किया।
(ग) अपनी संस्कृति और भाषा को बचाने तथा शिक्षा तथा रोजगार में समानता के अवसर के लिए श्रीलंका के तमिलों ने सत्ता को संघीय ढाँचे पर बाँटने की माँग की।
(घ) बेल्जियम में एकात्मक सरकार की जगह संघीय शासन व्यवस्था लाकर मुल्क को भाषा के आधार पर टूटने से बचा लिया गया।
ऊपर दिए गए बयानों में से कौन-से सही हैं?
[मिलान कोड तालिका]

(सा) क, ख, और घ (रे) क, ख और घ (गा) ग और घ (मा) ख, ग और घ
उत्तर—ऊपर दिये गये बयानों में से (मा) विकल्प ख, ग और घ सही है।
प्रश्न 8. सूची I [ सत्ता के बँटवारे के स्वरूप ] और सूची II [ शासन के स्वरूप ] में मेल कराएँ और नीचे दिए गए कोड का उपयोग करते हुए सही जवाब दें :
सूची I | सूची II |
1. सरकार के विभिन्न अंगों के बीच सत्ता का बँटवारा | (क) सामुदायिक सरकार |
2. विभिन्न स्तर की सरकारों के बीच अधिकारों का बँटवारा | (ख) अधिकारों का वितरण |
3. विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच सत्ता की साझेदारी | (ग) गठबंधन सरकार |
4. दो या अधिक दलों के बीच सत्ता की साझेदारी | (घ) संघीय सरकार |
1 | 2 | 3 | 4 | |
(सा) | घ | क | ख | ग |
(रे) | ख | ग | घ | क |
(गा) | ख | घ | क | ग |
(मा) | ग | घ | क | ख |
उत्तर—(गा) ख घ क ग
प्रश्न 9. सत्ता की साझेदारी के बारे में निम्नलिखित दो बयानों पर गौर करें और नीचे दिए गए कोड के आधार पर जवाब दें।
(अ) सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र के लिए लाभकारी है।
(ब) इससे सामाजिक समूहों में टकराव का अंदेशा घटता है।
इन बयानों में कौन सही है और कौन गलत?
(क) अ सही है लेकिन ब गलत है।
(ख) अ और ब दोनों सही हैं।
(ग) अ और ब दोनों गलत हैं।
(घ) अ गलत है लेकिन ब सही है।
उत्तर—(ख) अ और ब दोनों सही हैं।
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सामाजिक विज्ञान (राजनीति विज्ञान) कक्षा X 263
--- अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न ---
📝 2. नोट्स: पाठ-सार, मुख्य बिंदु एवं शब्दावली
महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं, भौगोलिक परिभाषाएं, राजनीतिक सिद्धांत एवं संपूर्ण अध्याय का सारगर्भित सारांश।
पाठ-सार
लोकतांत्रिक व्यवस्था में सारी ताकत किसी एक अंग तक सीमित नहीं होती। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच पूरी समझ के साथ सत्ता को विकेन्द्रित कर देना लोकतंत्र के काम-काज के लिए जरूरी है। बेल्जियम और श्रीलंका की दोनों घटनाएँ बताती हैं कि विभिन्न लोकतांत्रिक शासन पद्धतियाँ सत्ता के बँटवारे की माँग से किस तरह निपटती हैं।
श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद—सन् 1948 में श्रीलंका स्वतंत्र राष्ट्र बना। श्रीलंका में जातीय समुदाय हैं- सिंहली, श्रीलंकाई तमिल, भारतवंशी तमिल तथा मुसलमान। इनमें सिंहली बहुसंख्यक हैं और अन्य समुदाय अल्पसंख्यक। स्वतंत्रता के बाद सिंहली समुदाय के नेताओं ने अपनी बहुसंख्या के बल पर शासन पर प्रभुत्व जमाना चाहा। फलतः सरकार ने बहुसंख्यक परस्ती के कई कदम उठाए। इसका परिणाम यह हुआ कि यहाँ श्रीलंका के तमिलों ने 1980 में उत्तर-पूर्वी श्रीलंका में स्वतंत्र तमिल ईलम सरकार बनाने की माँग की और श्रीलंका के इन दो समुदायों के बीच पारस्परिक अविश्वास ने बड़े टकराव का रूप ले लिया जो गृहयुद्ध में परिणत हुआ। 2009 में जाकर इस गृहयुद्ध का अन्त हुआ।
बेल्जियम की समझदारी—बेल्जियम के नेताओं ने श्रीलंका से अलग रास्ता अपनाया। उन्हें लगा कि विभिन्न समुदाय और क्षेत्रों की भावनाओं का आदर करने पर ही देश की एकता सम्भव है। फलतः बहुसंख्यक समुदाय और अल्पसंख्यक समुदाय दोनों सत्ता में साझेदारी पर सहमत हुए।
लोकतंत्र में सत्ता की साझेदारी क्यों जरूरी—सत्ता की साझेदारी के पक्ष में दो तर्क दिये जा सकते हैं- (1) सत्ता का बँटवारा ठीक है क्योंकि सत्ता की साझेदारी से विभिन्न सामाजिक समूह के बीच टकराव का अंदेशा कम हो जाता है। (2) सत्ता का बँटवारा लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के लिए ठीक है। (3) इसके पक्ष में एक अन्य तर्क यह भी दिया जा सकता है कि सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र की आत्मा है। वैध लोकतांत्रिक सरकार वही है जिसमें अपनी भागीदारी के माध्यम से सभी समूह शासन व्यवस्था से जुड़ते हैं।
सत्ता की साझेदारी के रूप—आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में सत्ता की साझेदारी के अनेक रूप हो सकते हैं-
(1) सत्ता का क्षैतिज वितरण—इसमें शासन के विभिन्न अंगों-विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच एक ही स्तर पर सत्ता का बँटवारा रहता है। इसमें कोई भी एक अंग सत्ता का असीमित उपयोग नहीं कर सकता। हर अंग दूसरे पर अंकुश रखता है। इससे विभिन्न संस्थाओं के बीच सत्ता का संतुलन बना रहता है।
(2) सत्ता का ऊर्ध्वाधर वितरण—सरकार के बीच भी विभिन्न स्तरों पर सत्ता का बँटवारा हो सकता है। केन्द्र सरकार और राज्य (प्रान्त की) सरकार के बीच इसी तरह का सत्ता का बँटवारा होता है। राज्य सरकारों से नीचे के स्तर की सरकारों के लिए भी ऐसी ही व्यवस्था हो सकती है। नगरपालिकाएँ और पंचायतें ऐसी ही इकाइयाँ हैं।
(3) सामाजिक समूहों के बीच सत्ता का बँटवारा—सत्ता का बँटवारा विभिन्न सामाजिक समूहों, जैसे- भाषायी और धार्मिक समूहों, के बीच भी हो सकता है। बेल्जियम में 'सामुदायिक सरकार' इसका अच्छा उदाहरण है। सामाजिक रूप से कमजोर समुदाय और महिलाओं को विधायिका और प्रशासन में हिस्सेदारी के लिए आरक्षण की व्यवस्था भी इसका उदाहरण है। अल्पसंख्यक समुदायों को भी इसी तरीके से सत्ता में उचित हिस्सेदारी दी जाती है।
(4) राजनीतिक दलों, दबाव तथा हित समूहों के बीच सत्ता की भागीदारी—सत्ता के बँटवारे का एक रूप हम विभिन्न राजनीतिक दलों, दबाव तथा हित समूहों के बीच देख सकते हैं। लोकतंत्र में चुनाव के माध्यम से सत्ता अलग-अलग विचारधारा और सामाजिक समूहों वाले राजनीतिक दलों के हाथ आती-जाती रहती है। इसके अतिरिक्त विभिन्न हित व दबाव समूह भी शासन को प्रभावित और नियंत्रित करने का प्रयास करते रहते हैं।
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सामाजिक विज्ञान (राजनीति विज्ञान) कक्षा X 259
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⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर एवं बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक, लघूत्तरात्मक एवं निबंधात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
● बहुविकल्पीय प्रश्न-
1. श्रीलंका को स्वतंत्रता प्राप्त हुई-
अथवा
श्रीलंका स्वतंत्र राष्ट्र कब बना? (प्रश्न बैंक; माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25, 2021-22)
(अ) 1944 (ब) 1945 (स) 1946 (द) 1950
2. बेल्जियम में डच भाषी क्षेत्र है-
(अ) ब्रूसेल्स (ब) वेलोन (स) फ्लेमिश (द) उपर्युक्त सभी
3. श्रीलंका में सिंहली भाषा को एकमात्र राजभाषा घोषित किया गया- (प्रश्न बैंक)
(अ) 1953 (ब) 1956 (स) 1960 (द) 1970
4. भारत में सम्पूर्ण देश की सरकार को कहते हैं-
(अ) केन्द्र सरकार (ब) राज्य सरकार (स) प्रान्तीय सरकार (द) स्थानीय सरकार
5. यूरोपीय संघ का मुख्यालय स्थित है- (प्रश्न बैंक)
(अ) पेरिस (ब) ब्रूसेल्स (स) लंदन (द) जेनेवा
6. शासन के विभिन्न अंगों के बीच सत्ता का बँटवारा कहलाता है-
(अ) सत्ता का क्षैतिज वितरण (ब) सत्ता का ऊर्ध्वाधर वितरण
(स) सत्ता का विभिन्न समूहों के बीच वितरण (द) इनमें से कोई नहीं
7. किस देश में सत्ता का बँटवारा सामाजिक समूहों में होने पर 'सामुदायिक सरकार' दिखाई देती है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)
(अ) श्रीलंका (ब) भारत (स) बेल्जियम (द) ब्रिटेन
8. बेल्जियम में केन्द्रीय और राज्य सरकार के अलावा तीसरे स्तर की कौनसी सरकार और होती है?
(अ) पंचायती सरकार (ब) सामुदायिक सरकार (स) अल्पमत सरकार (द) डमी सरकार
9. श्रीलंका में गृहयुद्ध का अन्त कब हुआ?
(अ) 1998 में (ब) 2002 में (स) 2009 में (द) 2014 में
10. बेल्जियम की राजधानी ब्रूसेल्स के अधिकतर लोग कौनसी भाषा बोलते हैं?
(अ) डच (ब) फ्रेंच (स) जर्मन (द) इतालवी
11. निम्न में से किस देश के साथ बेल्जियम की सीमाएँ नहीं लगती हैं?
(अ) ब्रिटेन (ब) फ्रांस (स) नीदरलैंड्स (द) जर्मनी
12. बेल्जियम की आबादी है-
(अ) 10 करोड़ से अधिक (ब) 5 करोड़ से अधिक
(स) 1 करोड़ से अधिक (द) 20 करोड़ से अधिक
13. बेल्जियम के अधिकांश लोग जिस भाषा को बोलते हैं, वह है-
(अ) जर्मन (ब) डच (स) फ्रेंच (द) अंग्रेजी
14. बेल्जियम के जो लोग तुलनात्मक रूप से ज्यादा और समृद्ध हैं, वे हैं-
(अ) जर्मन भाषा-भाषी (ब) अंग्रेजी भाषा-भाषी
(स) फ्रेंच भाषा-भाषी (द) डच भाषा-भाषी
15. श्रीलंका की कुल आबादी है-
(अ) लगभग एक करोड़ (ब) लगभग 5 करोड़
(स) लगभग 10 करोड़ (द) लगभग 2 करोड़
16. श्रीलंका में जिस धर्म या सामाजिक समूह के लोग सर्वाधिक हैं, वे हैं-
अथवा
श्रीलंका में किस सामाजिक समूह की आबादी अधिक है? (प्रश्न बैंक)
(अ) श्रीलंकाई तमिल (ब) मुसलमान (स) भारतवंशी तमिल (द) सिंहली
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17. श्रीलंका में सिंहली समुदाय की प्रभुता कायम करने के लिए अपनी बहुसंख्यक परस्ती को दर्शाने वाला कदम है-
(अ) सिंहली को एकमात्र राजभाषा घोषित करना
(ब) विश्वविद्यालयों में सिंहलियों को प्राथमिकता देने की नीति
(स) सरकारी नौकरियों में सिंहलियों को प्राथमिकता देने की नीति
(द) उपर्युक्त सभी
18. लोकतांत्रिक देशों में देश की एकता तभी संभव है, जब-
(अ) बहुसंख्यक समुदाय अल्पसंख्यकों पर प्रभुत्व कायम करता है।
(ब) बहुसंख्यक समुदाय अल्पसंख्यकों को सत्ता में हिस्सेदार न बनाए।
(स) सभी समुदायों व क्षेत्रों की भावनाओं का आदर किया जाये।
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं
19. सत्ता का बँटवारा विभिन्न सामाजिक समूहों, मसलन भाषायी और धार्मिक समूहों के बीच भी हो सकता है। इसका एक अच्छा उदाहरण है-
(अ) भारत की लोकतांत्रिक सरकार (ब) श्रीलंका की लोकतांत्रिक सरकार
(स) बेल्जियम की सामुदायिक सरकार (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं
20. बेल्जियम की राजधानी का नाम है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)
(अ) कोलम्बो (ब) बैंकॉक (स) नेमुर (द) ब्रूसेल्स
21. बेल्जियम कौन से महाद्वीप का देश है? (प्रश्न बैंक)
(अ) एशिया (ब) यूरोप (स) अफ्रीका (द) आस्ट्रेलिया
22. किस देश में दो समुदायों के बीच पारस्परिक अविश्वास ने गृह युद्ध का रूप ले लिया?
(अ) श्रीलंका में (ब) ब्रिटेन में (स) बेल्जियम में (द) भारत में
23. क्षैतिज सत्ता की साझेदारी के द्वारा आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ नियंत्रण व संतुलन बनाए रखती हैं। इस कथन के आधार पर निम्न में से सही विकल्प का चयन कीजिए-
(अ) केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय निकाय (ब) विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका
(स) विभिन्न सामाजिक समूहों के मध्य (द) विभिन्न दबाव समूहों के मध्य
24. बेल्जियम ने 1970 से 1993 के बीच कुल कितने संविधान संशोधन किए?
(अ) चार (ब) पाँच (स) दो (द) आठ
25. 1950-60 के दशकों के बीच ब्रूसेल्स में दो समुदायों के बीच प्रखर समस्या थी-
(अ) धार्मिक विविधता (ब) भाषाई विविधता (स) क्षेत्रीय विविधता (द) आर्थिक विविधता
26. सिंहली किस देश की राजभाषा है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
(अ) बेल्जियम (ब) श्रीलंका (स) नीदरलैण्ड (द) नेपाल
27. श्रीलंका में तमिल ईलम का प्रभाव किस क्षेत्र में सर्वाधिक है? (प्रश्न बैंक)
(अ) उ. पू. श्रीलंका (ब) द. पू. श्रीलंका (स) द.प. श्रीलंका (द) द. श्रीलंका
28. निम्न में से किस देश की सीमा बेल्जियम से लगती है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
(अ) फ्रान्स (ब) ब्रिटेन (स) स्पेन (द) इटली
29. श्रीलंका में सामाजिक समूह सिंहलियों का कुल आबादी में कितना प्रतिशत है? (प्रश्न बैंक)
(अ) 54% (ब) 64% (स) 74% (द) 84%
30. लेबनान की राजधानी है- (प्रश्न बैंक)
(अ) बगदाद (ब) बेरुत (स) जर्मनी (द) फ्रांस
31. रूस में कुछ नये कानून बने- (प्रश्न बैंक)
(अ) 2001 (ब) 2002 (स) 2003 (द) 2005
32. श्रीलंका की आबादी में ईसाई लोगों का हिस्सा है- (प्रश्न बैंक)
(अ) 2% (ब) 5% (स) 7% (द) 9%
33. श्रीलंका में तमिलों की जनसंख्या कुल आबादी का प्रतिशत है- (प्रश्न बैंक)
(अ) 9% (ब) 18% (स) 27% (द) 36%
--- [ पृष्ठ संख्या: 272 ] ---
सामाजिक विज्ञान (राजनीति विज्ञान) कक्षा X 265
34. बेल्जियम की कुल आबादी का कितना प्रतिशत फ्लेमिश इलाके में रहता है? (प्रश्न बैंक)
(अ) 50% (ब) 59% (स) 70% (द) 64%
उत्तरमाला
1. (स) 2. (स) 3. (ब) 4. (अ) 5. (ब) 6. (अ) 7. (स)
8. (ब) 9. (स) 10. (ब) 11. (अ) 12. (स) 13. (ब) 14. (स)
15. (द) 16. (द) 17. (द) 18. (स) 19. (स) 20. (द) 21. (ब)
22. (अ) 23. (ब) 24. (अ) 25. (ब) 26. (ब) 27. (अ) 28. (अ)
29. (स) 30. (ब) 31. (द) 32. (स) 33. (ब) 34. (ब)।
● रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. सत्ता की ............ दरअसल लोकतंत्र की आत्मा है।
2. उच्चतर और निम्नतर स्तर की सरकारों के बीच सत्ता के बँटवारे को सत्ता का ............ कहा जाता है।
3. पार्टियों में सत्ता के लिए आपस में ............ रहती है। (प्रश्न बैंक)
4. लोकतंत्र में व्यापारी, उद्योगपति, किसान और औद्योगिक मजदूर जैसे कई संगठित ............ भी सक्रिय रहते हैं।
5. सन् ................ में श्रीलंका स्वतंत्र राष्ट्र बना। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)
6. बेल्जियम की राजधानी ................ है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)
7. श्रीलंका एक ................ देश है। (प्रश्न बैंक)
8. शासन के विभिन्न अंगों के बीच सत्ता के बँटवारे को सत्ता का ................ वितरण कहते हैं।
9. 1956 के कानून के तहत तमिल को दरकिनार करके ................ को एकमात्र राजभाषा घोषित कर दिया गया।
10. 1980 के दशक तक उत्तर-पूर्वी श्रीलंका में स्वतंत्र ................ बनाने की माँग को लेकर अनेक राजनीतिक संगठन बने।
11. श्रीलंका में ................ को राजकीय धर्म के रूप में अंगीकार किया गया है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)
12. श्रीलंका में सिंहली भाषी अधिकांश लोग ................ (धर्म) हैं। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
13. अल्पसंख्यक फ्रेंच भाषी लोग तुलनात्मक रूप से ज्यादा समृद्ध और ................ रहे हैं। (प्रश्न बैंक)
14. ब्रूसेल्स में अलग सरकार है और इसमें दोनों समुदायों का ................ प्रतिनिधित्व है। (प्रश्न बैंक)
15. प्रथम विश्वयुद्ध सन् ................ में प्रारम्भ हुआ। (प्रश्न बैंक)
उत्तरमाला
1. साझेदारी 2. ऊर्ध्वाधर वितरण 3. प्रतिस्पर्धा 4. हित समूह 5. 1948
6. ब्रूसेल्स 7. द्वीपीय 8. क्षैतिज 9. सिंहली 10. तमिल ईलम
11. बौद्ध धर्म 12. बौद्ध 13. ताकतवर 14. समान 15. 1914।
● अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. सरकार के कितने अंग होते हैं? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— सरकार के तीन अंग होते हैं-विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका।
प्रश्न 2. शासन के तीन प्रमुख घटक कौनसे हैं? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— शासन के तीन प्रमुख घटक-केन्द्र सरकार, राज्य सरकार तथा सामुदायिक सरकार हैं।
प्रश्न 3. बेल्जियम के वेलोनिया क्षेत्र में कितने प्रतिशत लोग रहते हैं? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— बेल्जियम के वेलोनिया क्षेत्र में 40 प्रतिशत लोग रहते हैं।
प्रश्न 4. श्रीलंका में सिंहली को राजभाषा कब घोषित किया गया? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— 1956 में।
प्रश्न 5. विक्रम की पीठ पर कौन बैठा था? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— विक्रम की पीठ पर बेताल बैठा था।
प्रश्न 6. साझी संस्कृति पर आधारित सामाजिक विभाजन किसे कहते हैं?
उत्तर— साझी संस्कृति पर आधारित सामाजिक विभाजन को एथनिक सामाजिक विभाजन कहते हैं।
प्रश्न 7. श्रीलंका में किस समुदाय का बहुसंख्यकवाद स्थापित है?
उत्तर— सिंहली समुदाय का।
--- [ पृष्ठ संख्या: 273 ] ---
प्रश्न 8. श्रीलंका में किन दो समुदायों के बीच संघर्ष जारी है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— सिंहली और तमिल समुदायों के बीच।
प्रश्न 9. श्रीलंका की तमिल समस्या के कोई दो कारण बताइए।
उत्तर— (i) सरकारी नौकरियों में सिंहलियों को प्राथमिकता देना।
(ii) सिंहली को एकमात्र राजभाषा घोषित करना।
प्रश्न 10. सत्ता की साझेदारी का नैतिक तर्क क्या है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— सत्ता की साझेदारी का नैतिक तर्क है कि यह लोकतंत्र की आत्मा है।
प्रश्न 11. शासन के विभिन्न अंगों के बीच सत्ता के बँटवारे को क्या कहते हैं?
उत्तर— शासन के विभिन्न अंगों के बीच सत्ता के वितरण को 'सत्ता का क्षैतिज वितरण' कहते हैं।
प्रश्न 12. बेल्जियम में वर्तमान में कौनसी शासन प्रणाली है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— संघात्मक शासन प्रणाली।
प्रश्न 13. बेल्जियम कहाँ स्थित है?
अथवा
उन देशों के नाम लिखिये जिनकी सीमाएँ बेल्जियम से मिलती हैं। (कोई एक) (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)
उत्तर— बेल्जियम यूरोप का एक छोटा-सा देश है। इसकी सीमाएँ फ्रांस, नीदरलैंड, जर्मनी और लक्जमबर्ग से लगती हैं।
प्रश्न 14. बेल्जियम में तुलनात्मक रूप से कौनसे लोग ज्यादा समृद्ध और ताकतवर रहे हैं?
उत्तर— बेल्जियम में अल्पसंख्यक फ्रेंच लोग तुलनात्मक रूप से ज्यादा समृद्ध और ताकतवर रहे हैं।
प्रश्न 15. बेल्जियम ने 1970 से 1993 के बीच कुल कितने संविधान संशोधन किये? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
अथवा
बेल्जियम के नेताओं ने 1970 और 1993 के बीच अपने संविधान में कितने संशोधन किए? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— बेल्जियम ने 1970 से 1993 के बीच अपने संविधान में कुल चार संशोधन किये।
प्रश्न 16. श्रीलंका स्वतंत्र राष्ट्र कब बना? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)
अथवा
श्रीलंका कब स्वतंत्र हुआ? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— श्रीलंका सन् 1948 में एक स्वतंत्र राष्ट्र बना।
प्रश्न 17. श्रीलंका कहाँ पर स्थित है?
उत्तर— श्रीलंका एक द्वीपीय देश है, जो तमिलनाडु के दक्षिणी तट से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
प्रश्न 18. श्रीलंका में कितने जातीय समूह के लोग रहते हैं?
उत्तर— श्रीलंका में सिंहली, श्रीलंकाई मूल के तमिल, भारतवंशी तमिल, ईसाई तथा मुसलमान जातीय समुदाय रहते हैं।
प्रश्न 19. भारत का पड़ोसी द्वीपीय देश कौनसा है?
उत्तर— श्रीलंका।
प्रश्न 20. यूरोपीय संघ का मुख्यालय कहाँ है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
उत्तर— बेल्जियम के ब्रुसेल्स में।
प्रश्न 21. बेल्जियम को समाज की जातीय बुनावट की दृष्टि से कितने क्षेत्रों में बाँटा जा सकता है?
उत्तर— चार क्षेत्रों में-(1) राजधानी क्षेत्र-ब्रूसेल्स (2) फ्रेंच भाषी क्षेत्र-वेलोनिया, (3) डच भाषी क्षेत्र-फ्लेमिश तथा (4) जर्मन भाषी क्षेत्र।
प्रश्न 22. गृह युद्ध से आप क्या समझते हैं? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— किसी मुल्क में सरकार विरोधी समूहों की हिंसक लड़ाई ऐसा रूप ले ले कि वह युद्ध-सा लगे तो उसे गृह-युद्ध कहते हैं।
प्रश्न 23. सत्ता की साझेदारी का क्या अर्थ है?
उत्तर— सत्ता की साझेदारी अलग-अलग समूहों की सत्ता के बँटवारे की प्रक्रिया है ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
--- [ पृष्ठ संख्या: 274 ] ---
सामाजिक विज्ञान (राजनीति विज्ञान) कक्षा X 267
प्रश्न 24. सामुदायिक सरकार से क्या आशय है?
उत्तर— सामुदायिक सरकार कई भाषायी समुदाय के लोगों द्वारा चुनी गई सरकार है जो बिना किसी समूह को अधिक या कम महत्त्व दिये, कार्य करती है।
प्रश्न 25. सत्ता का नैतिक तर्क किस बात पर बल देता है?
उत्तर— सत्ता का नैतिक तर्क सत्ता के बँटवारे के अन्तर्भूत महत्त्व पर बल देता है।
प्रश्न 26. सत्ता की साझेदारी का युक्तिपरक तर्क क्या है?
उत्तर— सत्ता के लिए विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच टकराव को टालने के लिए, उन्हें सत्ता में हिस्सा दे देना चाहिए।
प्रश्न 27. सत्ता की साझेदारी का नैतिक तर्क क्या है?
उत्तर— अपनी लोकतांत्रिक भागीदारी के माध्यम से सभी समूह शासन व्यवस्था से जुड़ें।
प्रश्न 28. सरकार के विभिन्न अंगों के नाम लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
उत्तर— सरकार के तीन अलग-अलग अंग होते हैं। ये हैं-(1) विधायिका (2) कार्यपालिका और (3) न्यायपालिका।
प्रश्न 29. उन दो एशियाई देशों के नाम बताइये जिनमें दो भाषायी और जातीय समूहों में संघर्ष था।
उत्तर— (1) श्रीलंका (2) नेपाल।
प्रश्न 30. लोकतंत्र का बुनियादी सिद्धान्त क्या है?
उत्तर— लोकतंत्र का बुनियादी सिद्धान्त यह है कि जनता ही सारी राजनैतिक शक्ति का स्रोत है।
प्रश्न 31. सत्ता के क्षैतिज वितरण से क्या आशय है?
उत्तर— एक ही स्तर की सरकार के तीनों अंगों-विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच सत्ता का बँटवारा।
प्रश्न 32. नियंत्रण और संतुलन की व्यवस्था से क्या आशय है?
अथवा
नियंत्रण व संतुलन की व्यवस्था क्या है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— सरकार के तीनों अंगों के बीच सत्ता का बँटवारा होते हुए भी वे एक-दूसरे पर अंकुश रखने की शक्ति रखते हैं।
प्रश्न 33. सत्ता के ऊर्ध्वाधर वितरण से क्या आशय है?
अथवा
सत्ता के लिए किस प्रकार के बंटवारे को ऊर्ध्वाधर वितरण कहा जाता है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— जब सरकार के बीच विभिन्न स्तरों पर सत्ता का बँटवारा होता है, तो इसे सत्ता का ऊर्ध्वाधर वितरण कहते हैं।
प्रश्न 34. बहुसंख्यकवाद कायम करने के लिए श्रीलंका सरकार द्वारा उठाये गये एक कदम का उल्लेख कीजिए।
अथवा
श्रीलंका में 1956 में किस भाषा को राजभाषा घोषित किया गया? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)
उत्तर— श्रीलंका सरकार ने 1956 ई. में एक कानून बनाया जिसके तहत सिंहली को एकमात्र राजभाषा घोषित कर दिया गया।
प्रश्न 35. खलील के माता-पिता कौन-कौन से धर्म के थे? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— खलील की माता सुन्नी मुसलमान तथा पिता ऑर्थोडॉक्स ईसाई धर्म के थे।
● लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. जातीय समूह से क्या आशय है?
उत्तर— किसी भी जातीय समूह के सभी सदस्य मानते हैं कि उनकी उत्पत्ति समान पूर्वजों से हुई है और इसी कारण उनकी शारीरिक बनावट और संस्कृति एक जैसी है अर्थात् किसी जाति की शारीरिक बनावट एवं सांस्कृतिक आदर्श समान होते हैं, वह जातीय समूह कहलाता है।
प्रश्न 2. बहुसंख्यकवाद से क्या तात्पर्य है? उस देश का नाम बताइए जहाँ बहुसंख्यकवाद है।
अथवा
बहुसंख्यकवाद से आप क्या समझते हैं? (प्रश्न बैंक)
--- [ पृष्ठ संख्या: 275 ] ---
उत्तर—बहुसंख्यकवाद का आशय बहुसंख्यक समुदाय को देश में मनचाहे ढंग से शासन करने का अधिकार देने से है। इसमें बहुसंख्यक अल्पसंख्यकों की इच्छाओं और आवश्यकताओं की अवहेलना करते हैं। श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद की स्थिति देखने को मिलती है जहाँ सिंहलियों का वर्चस्व है।
प्रश्न 3. वैध सरकार किसे माना जाता है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— वह सरकार जिसमें सत्ता का बँटवारा लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के अनुरूप हो (अर्थात् सत्ता का बँटवारा उन लोगों के बीच हो जो शासन-व्यवस्था के अन्तर्गत हैं) तथा जिसमें सभी समूह अपनी भागीदारी के माध्यम से शासन-व्यवस्था से जुड़ते हैं, वैध सरकार कहलाती है।
प्रश्न 4. नाइजीरिया के विभिन्न प्रांतों के वित्त मंत्रियों ने एकजुट होकर क्या मांग रखी? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— नाइजीरिया के विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों ने एक साथ मिलकर यह माँग की कि संघीय सरकार अपनी आय के स्रोत को घोषित करे। वे यह भी जानना चाहते थे कि विभिन्न राज्यों के बीच किस आधार पर राजस्व बँटवारा होता है।
प्रश्न 5. संघ सरकार से आप क्या समझते हैं? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— सरकार के बीच विभिन्न स्तरों पर सत्ता का बँटवारा हो सकता है, जैसे-पूरे देश के लिए एक सरकार तथा प्रांतीय या क्षेत्रीय स्तर पर अलग-अलग सरकार। पूरे देश के लिए बनने वाली सामान्य सरकार को संघ सरकार कहते हैं।
प्रश्न 6. सत्ता की साझेदारी किन-किन स्तरों पर हो सकती है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— सत्ता सरकार के विभिन्न अंगों, जैसे-विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच साझा की जाती है। इस प्रकार के वितरण को हम सत्ता का क्षैतिज वितरण कहते हैं क्योंकि यह सरकार के विभिन्न अंगों को एक ही स्तर पर अलग-अलग शक्तियों का प्रयोग करने की अनुमति देता है। यह विभाजन सुनिश्चित करता है कि कोई भी अंग असीमित शक्ति का प्रयोग नहीं कर सकता। प्रत्येक अंग एक-दूसरे पर नियंत्रण रखता है। परिणामस्वरूप विभिन्न संस्थाओं के बीच शक्ति का संतुलन बनता है।
प्रश्न 7. श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद पर एक टिप्पणी लिखिए।
अथवा
बहुसंख्यकवाद को बनाए रखने के लिए श्रीलंका की सरकार द्वारा कौन-कौन से कदम उठाये गये हैं? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
उत्तर— श्रीलंका के बहुसंख्यक सिंहली समुदाय ने सरकार में प्रभुत्व कायम करने की दृष्टि से 1956 में एक कानून पारित किया जिसके अनुसार-
(i) सिंहली भाषा को राजभाषा घोषित कर दिया।
(ii) सिंहली लोगों को सरकारी नौकरियों तथा कई और क्षेत्रों में प्राथमिकता देकर कई प्रकार की सुविधायें दीं।
(iii) बौद्ध धर्म को संरक्षण तथा बढ़ावा देने की बात कही गई।
(iv) विश्वविद्यालयों और सरकारी नौकरियों में सिंहलियों को प्राथमिकता देने की नीति अपनाई गई।
यही श्रीलंका का बहुसंख्यकवाद है जिसमें अन्य अल्पसंख्यकों की उपेक्षा की गई है।
प्रश्न 8. लोकतंत्र में सत्ता की साझेदारी क्यों आवश्यक है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23, 2023-24)
अथवा
सत्ता की साझेदारी क्यों जरूरी है? दो कारण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
अथवा
प्रजातंत्र में सत्ता की साझेदारी क्यों आवश्यक है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— लोकतंत्र/प्रजातंत्र में सत्ता की साझेदारी की आवश्यकता-
(1) लोकतंत्र में राजनैतिक हिंसा और राजनैतिक अस्थिरता से बचने तथा राजनैतिक व्यवस्था के स्थायित्व हेतु सत्ता की साझेदारी आवश्यक है।
(2) लोकतंत्र में सभी समूह सत्ता की साझेदारी के माध्यम से शासन व्यवस्था से जुड़े रहते हैं जिससे कार्यकुशलता बनी रहती है।
प्रश्न 9. सत्ता की साझेदारी में 'नियंत्रण व संतुलन' की व्यवस्था को संक्षेप में स्पष्ट कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)
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सामाजिक विज्ञान (राजनीति विज्ञान) कक्षा X 269
उत्तर—प्रत्येक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के तीन अंग होते हैं-(1) विधायिका (2) कार्यपालिका और (3) न्यायपालिका। सत्ता की साझेदारी में इन तीनों अंगों के कार्यों का इस प्रकार विभाजन होता है कि किसी एक अंग के पास असीमित शक्तियाँ एकत्रित न हों तथा प्रत्येक अंग दूसरे अंगों पर नियंत्रण रखता है। इससे शक्ति संतुलन बना रहता है। यही नियंत्रण व संतुलन की व्यवस्था है।
प्रश्न 10. "श्रीलंका में सरकार की नीतियों के कारण सिंहली व तमिल समुदाय में सम्बन्ध खराब हुए।" ऐसी कोई दो नीतियाँ संक्षेप में स्पष्ट कीजिये। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
उत्तर—(1) भाषा नीति-1956 में श्रीलंका की सरकार ने सिंहली भाषा को राष्ट्रीय भाषा के रूप में लागू किया, जिससे तमिल भाषा को कम महत्त्व मिला। इससे तमिल समुदाय में असंतोष फैल गया।
(2) शिक्षा और रोजगार नीति-सरकार ने शिक्षा और रोजगार में सिंहली समुदाय को प्राथमिकता देने की नीति अपनाई, जिससे तमिल समुदाय को लगता था कि उन्हें अपने अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
● दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-
प्रश्न 1. श्रीलंका में हुए जातीय संघर्ष की विवेचना कीजिये।
अथवा
श्रीलंका में हुए जातीय संघर्ष पर अपने विचार प्रस्तुत कीजिये। (प्रश्न बैंक)
उत्तर—श्रीलंका में सिंहली समुदाय व सरकार की बहुसंख्यकवादी नीतियों के विरोध में तमिलों ने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई और तमिल को राजभाषा बनाने, क्षेत्रीय स्वायत्तता हासिल करने तथा शिक्षा और रोजगार में समान अवसरों की माँग को लेकर संघर्ष किया। लेकिन उत्तर-पूर्वी श्रीलंका में उनकी स्वतंत्र तमिल ईलम (सरकार) बनाने की माँग को लगातार नकारा गया। श्रीलंका में इन दोनों समुदायों के बीच पारस्परिक अविश्वास ने टकराव का रूप ले लिया जो गृहयुद्ध में परिणत हो गया। इसमें हजारों लोग मारे गये। अनेक परिवार अपने देश से भागकर शरणार्थी बन गये और लोगों की रोजी-रोटी चौपट हो गई। इस प्रकार श्रीलंका के जातीय संघर्ष ने वहाँ के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन में काफी परेशानियाँ पैदा कर दीं। 2009 में इस गृहयुद्ध का अन्त हुआ।
प्रश्न 2. सत्ता की साझेदारी का क्या अर्थ है? यह क्यों आवश्यक है?
उत्तर—सत्ता की साझेदारी-सत्ता की साझेदारी अलग-अलग समूहों में सत्ता के बँटवारे की प्रक्रिया है ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके।
सत्ता की साझेदारी की आवश्यकता-
(i) टकराव रोकने के लिए-सत्ता की साझेदारी से विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच टकराव का अंदेशा कम हो जाता है। इसलिए राजनैतिक हिंसा और राजनैतिक अस्थिरता से बचने तथा राजनैतिक व्यवस्था के स्थायित्व हेतु सत्ता की साझेदारी आवश्यक है।
(ii) लोकतंत्र की आत्मा-सत्ता की साझेदारी प्रजातंत्र का आधार है। यह इसके विकास हेतु आवश्यक है क्योंकि आधुनिक लोकतन्त्र में शक्ति जनता के हाथों में निहित होती है जो इसका प्रयोग निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा करती है। इस प्रकार सभी समूह सत्ता में भागीदारी के माध्यम से शासन व्यवस्था से जुड़े रहते हैं जिससे कार्यकुशलता बनी रहती है।
प्रश्न 3. सरकार के विभिन्न अंगों के बीच शक्ति विभाजन (सत्ता की साझेदारी) पर एक टिप्पणी लिखिये।
उत्तर—सरकार के विभिन्न अंगों के बीच सत्ता की साझेदारी-प्रत्येक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के तीन अंग होते हैं-(1) विधायिका, (2) कार्यपालिका और (3) न्यायपालिका। विधायिका का कार्य कानूनों का निर्माण करना है, कार्यपालिका उन कानूनों को लागू करती है और न्यायपालिका उनकी व्याख्या करती है तथा उन व्यक्तियों को दण्ड देती है जो कानून का उल्लंघन करते हैं।
सरकार के तीनों अंगों के कार्यों का इस प्रकार विभाजन इस बात को निश्चित करता है कि किसी एक अंग के पास असीमित शक्तियाँ एकत्रित नहीं होंगी तथा प्रत्येक अंग दूसरे अंगों पर नियंत्रण रखता है। इससे शक्ति संतुलन बना रहता है तथा शासन सुचारु रूप से चलता रहता है।
प्रश्न 4. श्रीलंका में तमिलों की क्या माँगें थीं? इसके लिए तमिलों ने किस प्रकार संघर्ष किया? (प्रश्न बैंक)
उत्तर—श्रीलंका सरकार के समक्ष तमिलों की प्रमुख माँगें थीं-
(1) तमिल को भी राजभाषा का दर्जा दिया जाए,
(2) शिक्षा तथा सरकारी नौकरियों में तमिलों को समान अवसर दिये जाएँ, तथा
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(3) तमिलों के आबादी वाले क्षेत्रों को स्वायत्तता प्रदान की जाये।
श्रीलंका सरकार ने तमिलों की माँगों को ठुकरा दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि तमिलों के उग्रवादी संगठन और सरकारी सेनाओं में रुक-रुक कर युद्ध चलता रहा जिसमें हजारों लोग मारे गये तथा बहुमूल्य सम्पत्ति नष्ट हुई। अनेक परिवार अपने मुल्क से भागकर शरणार्थी बन गए। 2009 में इस गृहयुद्ध का अन्त हुआ।
प्रश्न 5. बेल्जियम अपनी जातीय समस्याओं को किस प्रकार हल कर सका? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर— बेल्जियम ने अपनी जातीय समस्याओं को निम्नलिखित प्रयासों से हल किया-
(1) संविधान में इस बात का स्पष्ट प्रावधान किया गया कि केन्द्रीय सरकार में डच और फ्रेंच-भाषी मंत्रियों की संख्या समान रहेगी। इस प्रकार किसी एक समुदाय के लोग एकतरफा फैसला नहीं कर सकते।
(2) केन्द्र सरकार की अनेक शक्तियाँ राज्य सरकारों को सुपुर्द की गई अर्थात् शक्ति का विकेन्द्रीकरण किया गया।
(3) ब्रुसेल्स में अलग सरकार है और इसमें दोनों समुदायों का समान प्रतिनिधित्व है।
(4) तीसरे स्तर की सामुदायिक सरकार का चुनाव एक ही भाषा बोलने वाले लोग करते हैं। डच, फ्रेंच और जर्मन बोलने वाले समुदायों के लोग, वे चाहे कहीं भी रहते हों, इस सामुदायिक सरकार को चुनते हैं।
प्रश्न 6. सत्ता के क्षैतिज वितरण और ऊर्ध्वाधर वितरण में क्या अन्तर है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— सत्ता के क्षैतिज तथा ऊर्ध्वाधर वितरण में प्रमुख अन्तर निम्नलिखित हैं-
(1) क्षैतिज वितरण में सरकार के एक ही स्तर पर सत्ता का वितरण होता है जबकि ऊर्ध्वाधर वितरण में सत्ता का वितरण विभिन्न स्तरों में होता है।
(2) क्षैतिज वितरण में एक ही स्तर पर सरकार के अंगों के बीच सत्ता का बँटवारा होता है जबकि ऊर्ध्वाधर वितरण में सरकार की शक्तियों का विभाजन विभिन्न स्तरों के बीच होता है।
(3) क्षैतिज वितरण में एक ही स्तर की सरकार होती है जबकि ऊर्ध्वाधर वितरण में उच्चतर और निम्नतर स्तर की सरकारें होती हैं।
प्रश्न 7. विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच सत्ता के बँटवारे के कोई दो उदाहरण दीजिये।
उत्तर— सत्ता का बँटवारा विभिन्न सामाजिक समूहों-भाषायी और धार्मिक समूहों-के बीच हो सकता है। उदाहरण के लिए-
(1) बेल्जियम में सामुदायिक सरकार-इसमें केन्द्रीय सरकार में दोनों प्रमुख भाषायी समुदायों को सत्ता में बराबर की भागीदारी दी गई और विशेष कानून निर्माण के लिए दोनों भाषायी समुदायों के सांसदों के बहुमत को अनिवार्य किया गया।
(2) भारत में आरक्षण की व्यवस्था-भारत आदि कुछ देशों के संविधान व कानून में इस बात का प्रावधान किया गया है कि सामाजिक रूप से कमजोर समुदाय और महिलाओं को विधायिका और प्रशासन में हिस्सेदारी दी जाये। भारत में यह आरक्षण की व्यवस्था इस प्रकार किया गया है ताकि ये समुदाय स्वयं को शासन से अलग न समझने लगें।
प्रश्न 8. सत्ता के ऊर्ध्वाधर वितरण से क्या अभिप्राय है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— सरकार के बीच विभिन्न स्तरों पर सत्ता का बँटवारा हो सकता है। जैसे-पूरे देश के लिए एक सामान्य सरकार हो और प्रांत या क्षेत्रीय स्तर पर अलग-अलग सरकार रहे। इस प्रकार, पूरे देश हेतु बनी सरकार को केन्द्र या संघ सरकार कहते हैं, जबकि प्रांतीय या क्षेत्रीय स्तर की सरकारों को भारत में राज्य सरकार कहते हैं। केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच सत्ता के बँटवारे का उल्लेख हमारे संविधान में किया गया है। राज्य सरकारों से नीचे के स्तर की सरकारों के लिए भी शक्तियों का बँटवारा किया गया है। नगरपालिका और पंचायतें ऐसी ही निम्नस्तरीय इकाइयाँ हैं। उच्चतर और निम्नतर स्तर की सरकारों के बीच सत्ता के ऐसे बँटवारे को ऊर्ध्वाधर वितरण कहा जाता है।
प्रश्न 9. बेल्जियम की जातीय बनावट को स्पष्ट कीजिए। (प्रश्न बैंक)
उत्तर— बेल्जियम के समाज की जातीय बनावट बहुत जटिल है। देश की कुल आबादी का 59 फीसदी हिस्सा फ्लेमिश इलाके में रहता है और डच बोलता है। 40 फीसदी लोग वेलोनिया क्षेत्र में रहते हैं और फ्रेंच बोलते हैं। शेष 1 फीसदी लोग जर्मन बोलते हैं। बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स के 80 फीसदी लोग फ्रेंच बोलते हैं और 20 फीसदी लोग डच भाषा बोलते हैं।
● निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. 'सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र की आत्मा है।' श्रीलंका और बेल्जियम का उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए। (प्रश्न बैंक)
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सामाजिक विज्ञान (राजनीति विज्ञान) कक्षा X 271
उत्तर—एक अच्छा लोकतांत्रिक शासन वह है जिसमें समाज के विभिन्न समूहों के ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को राजनीतिक सत्ता में भागीदार बनाया जाये। इसे बेल्जियम और श्रीलंका के जनतांत्रिक स्वरूपों के द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है-
(1) बेल्जियम में जातीय समूहों के बीच सत्ता की साझेदारी—बेल्जियम में विभिन्न भाषायी समुदायों (59% डच भाषा-भाषी, 40% फ्रेंच भाषा-भाषी तथा 1% जर्मन भाषा-भाषी समुदायों) के बीच सत्ता की साझेदारी की व्यवस्था के तहत निम्नलिखित संवैधानिक प्रावधान किये गए हैं-
(i) केन्द्र सरकार में डच और फ्रेंच-भाषी मंत्रियों की संख्या समान रहेगी। कुछ विशेष कानून तभी बन सकते हैं जब दोनों भाषायी समूह के सांसदों का बहुमत उसके पक्ष में हो। इस प्रकार किसी समुदाय के लोग एकतरफा फैसला नहीं कर सकते।
(ii) संविधान द्वारा केन्द्र सरकार की अनेक शक्तियाँ देश के दो इलाकों की क्षेत्रीय सरकारों के सुपुर्द कर दी गई हैं।
(iii) राजधानी क्षेत्र ब्रुसेल्स में दोनों समुदायों का समान प्रतिनिधित्व है। यह व्यवस्था बेहद सफल रही है। इससे मुल्क में गृहयुद्ध की आशंकाओं पर विराम लग गया है वरना गृहयुद्ध की स्थिति में बेल्जियम भाषा के आधार पर दो टुकड़ों में बँट गया होता।
(2) श्रीलंका की जनतंत्रीय व्यवस्था—श्रीलंका में सिंहली, तमिल तथा मुसलमान जातियाँ पाई जाती हैं। 1956 में कानून के द्वारा तमिल को हटाकर सिंहली को श्रीलंका की राजभाषा घोषित कर दिया गया। यहाँ विश्वविद्यालयों और सरकारी नौकरियों में अन्य समुदायों की उपेक्षा करते हुए सिंहलियों को प्राथमिकता दी गई है।
श्रीलंका में सत्ता की साझेदारी में बहुसंख्यक सिंहली समुदाय अल्पसंख्यक समुदायों पर प्रभुत्व कायम करने के लिए उन्हें सत्ता में हिस्सेदार नहीं बनाता है। इसका परिणाम वहाँ सिंहलियों और तमिलों में टकराव हुआ जो गृहयुद्ध में परिणत हुआ।
प्रश्न 2. सत्ता का क्षैतिज वितरण किसे कहेंगे? इसकी क्या विशेषताएँ हैं? भारत का उदाहरण देकर समझाइये।
उत्तर—सत्ता का क्षैतिज वितरण—शासन के विभिन्न अंगों, जैसे विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच सत्ता का बँटवारा रहता है। इसे हम सत्ता का क्षैतिज वितरण कहेंगे।
विशेषताएँ—सत्ता के क्षैतिज वितरण की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
(1) इसमें सरकार के विभिन्न अंग एक ही स्तर पर रहकर अपनी-अपनी शक्ति का उपयोग करते हैं।
(2) ऐसे बँटवारे से यह सुनिश्चित हो जाता है कि कोई भी अंग सत्ता का असीमित उपयोग नहीं कर सकता।
(3) हर अंग दूसरे पर अंकुश रखता है। इससे विभिन्न संस्थाओं के बीच सत्ता का संतुलन बनता है।
भारत में सत्ता का क्षैतिज वितरण—हमारे देश में कार्यपालिका सत्ता का उपयोग करती है लेकिन यह संसद के अधीन कार्य करती है। न्यायपालिका की नियुक्ति कार्यपालिका करती है पर न्यायपालिका ही कार्यपालिका पर और विधायिका द्वारा बनाए कानूनों पर अंकुश रखती है। इस व्यवस्था को 'नियंत्रण और संतुलन की व्यवस्था' भी कहते हैं।
प्रश्न 3. दबाव समूह, राजनीतिक दल तथा अन्य संगठित हित समूह सत्ता में किस प्रकार भागीदारी करते हैं?
उत्तर—दबाव समूह, राजनीतिक दल तथा अन्य संगठित हित समूह भी अनेक तरह से सत्ता में भागीदारी करते हैं। इसे हम निम्न प्रकार समझ सकते हैं-
(1) विभिन्न प्रकार के दबाव-समूह और आंदोलनों द्वारा शासन को प्रभावित और नियंत्रित करने का प्रयास किया जाता है। विभिन्न तरीकों से वे अपनी बात मनवाते हैं।
(2) लोकतंत्र में लोगों के सामने सत्ता के दावेदारों के बीच चुनाव का विकल्प होता है। समकालीन लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में यह विकल्प विभिन्न राजनीतिक दलों के रूप में उपलब्ध होता है। राजनीतिक दल सत्ता के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं। राजनीतिक दलों की यह आपसी प्रतिद्वंद्विता ही इस बात को सुनिश्चित कर देती है कि सत्ता एक व्यक्ति या समूह के हाथ में न रहे। एक बड़ी समयावधि में देखें तो पाएँगे कि सत्ता बारी-बारी से अलग-अलग विचारधारा और सामाजिक समूहों वाली पार्टियों के हाथ आती-जाती रहती है। कई बार सत्ता की यह भागीदारी एकदम प्रत्यक्ष दिखती है क्योंकि दो या अधिक पार्टियाँ मिलकर चुनाव लड़ती हैं या सरकार का गठन करती हैं।
(3) इसी प्रकार लोकतंत्र में हम व्यापारी, उद्योगपति, किसान और औद्योगिक मजदूर जैसे कई संगठित हित-समूहों को भी सक्रिय देखते हैं। सरकार की विभिन्न समितियों में सीधी भागीदारी करके या नीतियों पर अपने सदस्य-वर्ग के लाभ के लिए दबाव बनाकर ये समूह भी सत्ता में भागीदारी करते हैं।
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प्रश्न 4. बहुसंख्यकवाद क्या है? श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद किस प्रकार फैला? इससे क्या समस्याएँ उत्पन्न हुईं? इसका क्या परिणाम हुआ?
उत्तर— बहुसंख्यकवाद-बहुसंख्यकवाद वह स्थिति है जिसमें एक देश का बहुसंख्यक समुदाय अपने मनचाहे ढंग से देश का शासन कर सकता है और इसके लिए वह अल्पसंख्यक समुदाय की जरूरत या इच्छाओं की अवहेलना कर सकता है।
श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद का उद्भव— सन् 1948 में श्रीलंका के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के साथ ही वहाँ बहुसंख्यकवाद का उद्भव होना शुरू हो गया। सिंहली समुदाय के नेताओं ने अपनी बहुसंख्या के बल पर शासन पर प्रभुत्व जमाना चाहा। इस वजह से लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार ने सिंहली समुदाय की प्रभुता कायम करने के लिए अपनी बहुसंख्यक-परस्ती के तहत निम्न प्रमुख कदम उठाए-
(1) 1956 में एक कानून बनाया गया जिसके तहत तमिल भाषा की उपेक्षा करते हुए सिंहली भाषा को एकमात्र राजभाषा घोषित कर दिया गया।
(2) विश्वविद्यालयों और सरकारी नौकरियों में सिंहलियों को प्राथमिकता देने की नीति भी चलाई गई।
(3) नए संविधान में यह प्रावधान भी किया गया कि सरकार बौद्ध मत को संरक्षण और बढ़ावा देगी।
श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद से उत्पन्न समस्याएँ— (1) श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद के चलते इन सरकारी फैसलों ने श्रीलंकाई तमिलों की नाराजगी और शासन को लेकर उनमें बेगानापन बढ़ाया।
(2) उन्हें लगा कि बौद्ध धर्मावलंबी सिंहलियों के नेतृत्व वाली सारी राजनीतिक पार्टियाँ उनकी भाषा और संस्कृति को लेकर असंवेदनशील हैं।
(3) उन्हें लगा कि संविधान और सरकार की नीतियाँ उन्हें समान राजनीतिक अधिकारों से वंचित कर रही हैं।
(4) नौकरियों और फायदे के अन्य कामों में उनके साथ भेदभाव हो रहा है और उनके हितों की अनदेखी की जा रही है।
परिणाम— (1) श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद के कारण तमिल और सिंहली समुदायों के संबंध बिगड़ते चले गए।
(2) श्रीलंकाई तमिलों ने अपनी राजनीतिक पार्टियाँ बनाई और तमिल को राजभाषा बनाने, क्षेत्रीय स्वायत्तता हासिल करने तथा शिक्षा और रोजगार में समान अवसरों की माँग को लेकर संघर्ष किया। लेकिन तमिलों के आबादी वाले क्षेत्र की स्वायत्तता की उनकी माँगों को लगातार नकारा गया।
(3) 1980 के दशक तक उत्तर-पूर्वी श्रीलंका में स्वतंत्र तमिल ईलम (सरकार) बनाने की माँग को लेकर अनेक राजनीतिक संगठन बने।
(4) श्रीलंका में दो समुदायों के बीच का यह टकराव गृहयुद्ध में परिणत हुआ। परिणामस्वरूप दोनों पक्ष के हजारों लोग मारे गये।
(5) अनेक परिवार अपने मुल्क से भागकर शरणार्थी बन गए।
(6) लाखों लोगों की रोजी-रोटी चौपट हो गई।
(7) गृहयुद्ध से श्रीलंका के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन में काफी परेशानियाँ पैदा हुई हैं। 2009 में इस गृहयुद्ध का अंत हुआ।