📖 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्नोत्तर
राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) — सभी पाठगत प्रश्नों एवं पाठ्यपुस्तक अभ्यास के संपूर्ण सटीक उत्तर।
पाठगत प्रश्न
पृष्ठ 4
प्रश्न 1. हम यह कल्पना करने का प्रयास करें कि तालिका 1.1 में दी गई सूची के अनुसार लोगों के लिए विकास का क्या अर्थ हो सकता है? उनकी क्या आकांक्षाएँ हैं? आप देखेंगे कि कुछ स्तम्भ अधूरे भरे हुए हैं। इस तालिका को पूरा करने की कोशिश कीजिए। आप चाहें तो किन्हीं और श्रेणी के व्यक्तियों को जोड़ सकते हैं।
उत्तर—
[तालिका-1.1 विभिन्न श्रेणी के लोगों के विकास के लक्ष्य]

व्यक्ति की श्रेणी | विकास के लक्ष्य/आकांक्षाएँ |
भूमिहीन ग्रामीण मजदूर | काम करने के अधिक दिन और बेहतर मजदूरी; स्थानीय स्कूल उनके बच्चों को उत्तम शिक्षा प्रदान करने में सक्षम; कोई सामाजिक भेदभाव नहीं और गाँव में वे भी नेता बन सकते हैं। |
पंजाब के समृद्ध किसान | किसानों को उनकी उपज के लिए ज्यादा समर्थन मूल्यों और मेहनती और सस्ते मजदूरों द्वारा उच्च पारिवारिक आय सुनिश्चित करना ताकि वे अपने बच्चों को विदेशों में बसा सकें। |
किसान जो खेती के लिए केवल वर्षा पर निर्भर हैं | तालाब, बांध, नहरों आदि द्वारा सिंचाई सुविधा; उन्नत बीज की सुविधा; उर्वरकों एवं कीटनाशकों की उपलब्धता, फसलों का बीमा आदि। |
भूस्वामी परिवार की एक ग्रामीण महिला | शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधा, आधुनिकता की सुख-सुविधाओं की उपलब्धता; पर्याप्त श्रम की उपलब्धता; नारी स्वतन्त्रता; पर्याप्त आमदनी आदि। |
शहरी बेरोजगार युवक | रोजगार की उपलब्धता; अच्छा वेतन; प्रशिक्षण सुविधा; आसान ऋण सुविधा आदि। |
शहर के अमीर परिवार का एक लड़का | उन्नत शिक्षा सुविधा; आधुनिक सुख-सुविधाओं की उपलब्धता; मनोरंजन के साधनों का विकास; व्यवसाय सुविधा; परिवहन एवं पर्यटन का विकास आदि। |
शहर के अमीर परिवार की एक लड़की | उसे अपने भाई के जैसी आजादी मिलती है और वह अपने फैसले खुद कर सकती है। वह अपनी पढ़ाई विदेश में कर सकती है। |
नर्मदा घाटी का एक आदिवासी | सुरक्षित आवास; वनों का विकास ताकि वनोत्पाद से रोजगार की प्राप्ति हो सके; शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएँ; शुद्ध पेयजल; पर्याप्त मजदूरी आदि। |
मध्यमवर्गीय परिवारों के लोग | सस्ती शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आवास सुविधाएँ; नियमित नौकरी तथा स्वरोजगार; परिवहन के साधनों की उपलब्धता; अच्छी कानून व्यवस्था आदि। |
पृष्ठ 6 (आओ इन पर विचार करें)-
प्रश्न 1. अलग-अलग लोगों की विकास की धारणाएँ अलग क्यों हैं? नीचे दी गई व्याख्याओं में कौनसी अधिक महत्त्वपूर्ण है और क्यों?
(क) क्योंकि लोग भिन्न होते हैं।
(ख) क्योंकि लोगों के जीवन की परिस्थितियाँ भिन्न हैं।
उत्तर—अलग-अलग लोगों की विकास की धारणाएँ अलग-अलग होती हैं क्योंकि लोगों की जीवन की परिस्थितियाँ एक-दूसरे से भिन्न होती हैं तथा उनकी आवश्यकताएँ भी परिस्थितियों के अनुरूप भिन्न-भिन्न होती हैं। अतः इन आवश्यकताओं के आधार पर लोगों के विकास के लक्ष्य अथवा धारणाएँ भी भिन्न-भिन्न होती हैं। अतः उपर्युक्त दो कथनों अथवा व्याख्याओं में से व्याख्या (ख) अधिक महत्त्वपूर्ण है।
प्रश्न 2. क्या निम्न दो कथनों का एक अर्थ है? कारण सहित उत्तर दीजिए।
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(क) लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न होते हैं।
(ख) लोगों के विकास के लक्ष्यों में परस्पर विरोध होता है।
उत्तर— उपर्युक्त दोनों कथन (क) तथा (ख) का अर्थ भिन्न-भिन्न है, उपर्युक्त कथनों का अर्थ निम्न प्रकार है-
(क) विभिन्न लोगों के लक्ष्य भिन्न-भिन्न होते हैं क्योंकि लोगों की परिस्थितियाँ भिन्न होती हैं तथा उन परिस्थितियों के अनुरूप उनकी आवश्यकताएँ भिन्न-भिन्न होती हैं तथा भिन्न आवश्यकताओं के कारण लोगों के लक्ष्य भी भिन्न होते हैं।
(ख) लोगों के विकास के लक्ष्य अलग-अलग होते हैं तथा यह आवश्यक नहीं कि ये लक्ष्य हमेशा परस्पर विरोधी हों, किन्तु कभी-कभी लोगों की आवश्यकताओं की भिन्नता के कारण ये लक्ष्य परस्पर विरोधी हो जाते हैं। उदाहरण के लिए, अधिक बिजली पाने के लिए उद्योगपति अधिक से अधिक बाँध बनाना चाहते हों किन्तु वहाँ रह रहे आदिवासी लोगों के लिए यह एक विरोधी लक्ष्य होगा।
प्रश्न 3. कुछ ऐसे उदाहरण दीजिए जहाँ आय के अतिरिक्त अन्य कारक हमारे जीवन के महत्त्वपूर्ण पहलू हैं।
उत्तर— आय के अतिरिक्त भी कई अन्य महत्त्वपूर्ण पहलू हैं जो हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं, जैसे-
(i) लोग पक्षपात रहित अर्थात् समानता का व्यवहार चाहते हैं।
(ii) लोग नियमित काम व उचित मजदूरी चाहते हैं।
(iii) लोग विचारों, धर्म तथा आने-जाने की स्वतंत्रता चाहते हैं।
(iv) लोग अपने जान-माल की सुरक्षा चाहते हैं।
(v) महिलाएँ सुरक्षित एवं संरक्षित वातावरण चाहती हैं।
प्रश्न 4. ऊपर दिये गये खण्ड के कुछ महत्त्वपूर्ण विचारों को अपनी भाषा में समझाइये।
उत्तर— (i) सभी लोगों के विकास या प्रगति के बारे में एक जैसे विचार नहीं होते हैं।
(ii) अलग-अलग लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं। हो सकता है, एक के लिए जो विकास है वह दूसरे के लिए विकास न हो।
(iii) लोग अपने-अपने रोजगार में अधिक आय चाहते हैं।
(iv) आय के अतिरिक्त लोग समानता, स्वतंत्रता, सुरक्षा और दूसरों से आदर भी चाहते हैं।
(v) अतः विकास के लिए लोग मिल-जुले लक्ष्यों को देखते हैं।
पृष्ठ 7 (आओ इन पर विचार करें)-
प्रश्न 1. चित्र (पाठ्यपुस्तक के पेज 7) को देखिए। इस प्रकार के क्षेत्र के विकासात्मक लक्ष्य क्या होने चाहिए?
उत्तर— चित्र में एक बहुत बड़ी इमारत दिखाई दे रही है तथा उसके पास ही बहुत-सी झुग्गी-झोंपड़ियाँ दिखाई दे रही हैं। ऐसी स्थिति में विकासात्मक लक्ष्य यह होगा कि
(i) इन झुग्गी-झोंपड़ियों में निवास कर रहे लोगों के लिए पक्के आवास तथा सफाई की उचित व्यवस्था होनी चाहिए तथा सड़कों व गलियों की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
(ii) वहाँ के निवासियों को पर्याप्त स्वच्छ पानी, बिजली, चिकित्सा सुविधाएँ, शैक्षणिक सुविधाएँ आदि सभी प्रकार की सार्वजनिक सुविधाएँ प्राप्त होनी चाहिए।
(iii) वहाँ के लोगों को रोजगार के उचित अवसर प्रदान किए जाने चाहिए ताकि वे अपना पर्याप्त विकास कर सकें।
(iv) इस क्षेत्र में स्थानीय बाजार की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि वहाँ के लोगों को समस्त प्रकार की आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध हो सकें।
प्रश्न 2. इस अखबार की रिपोर्ट (पाठ्यपुस्तक में) देखिए और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(क) किन लोगों को लाभ हुआ और किन को नहीं?
(ख) इस देश के विकास के लक्ष्य क्या होने चाहिए?
उत्तर— (क) इस रिपोर्ट के अनुसार एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी तथा आइवरी कोस्ट की एक स्थानीय जहाज कम्पनी को फायदा हुआ क्योंकि बहुत कम लागत तथा कम समय में उन्होंने अपने अवशिष्ट पदार्थ को फिंकवा दिया। किन्तु इससे आइवरी कोस्ट के अबिदजान शहर के निवासियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि ये लोग बहुत-सी बीमारियों से ग्रस्त हो गये तथा अनेक लोग मारे गये।
--- [ पृष्ठ संख्या: 354 ] ---
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(ख) इस देश में विकास का लक्ष्य यह होना चाहिए कि (i) विभिन्न कम्पनियाँ तथा कारखाने आबादी वाले स्थानों से अधिक दूर होने चाहिए। (ii) उनके द्वारा निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों को इस प्रकार नष्ट किया जाना चाहिए ताकि पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुँचे। (iii) जनसामान्य के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।
प्रश्न 3. आपके गाँव या शहर या स्थानीय इलाके के विकास के लक्ष्य क्या होने चाहिए?
उत्तर— (i) हमारे गाँव या शहर या स्थानीय इलाके का सुनियोजित विकास होना चाहिए।
(ii) यहाँ स्वच्छ पेयजल, बिजली, चिकित्सा सुविधाएँ, शिक्षा सुविधाएँ, मनोरंजन की सुविधाएँ आदि सभी सार्वजनिक सुविधाएँ सुलभ होनी चाहिए।
(iii) साफ-सफाई, बारिश के पानी की निकासी तथा घरों के मल-जल, कचरा आदि निस्तारण की व्यवस्था होनी चाहिए।
(iv) दैनिक जीवन की अनिवार्य वस्तुओं की प्राप्ति हेतु स्थानीय बाजार होने चाहिए।
(v) झुग्गी-झोंपड़ियों की जगह लोगों को पक्के आवास की सुविधा होनी चाहिए।
(vi) लोगों को रोजगार उपलब्ध होना चाहिए।
(vii) पक्की सड़कें तथा परिवहन के साधन उपलब्ध होने चाहिए।
(viii) महिलाओं के लिए परिवार में समानता का व्यवहार तथा समाज में महिलाओं के लिए आदर एवं सुरक्षा व संरक्षण का वातावरण होना चाहिए।
पृष्ठ 9 (आओ इन पर विचार करें)—
प्रश्न 1. तीन उदाहरण दीजिए, जहाँ स्थितियों की तुलना के लिए औसत का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर— (i) आय की तुलना के लिए।
(ii) परीक्षा में प्राप्त अंकों की तुलना के लिए।
(iii) क्रिकेट खिलाड़ियों की उपलब्धि की तुलना के लिए।
प्रश्न 2. आप क्यों सोचते हैं कि औसत आय विकास को समझने का एक महत्त्वपूर्ण मापदण्ड है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर— विकास के स्तर को मापने हेतु आय एक महत्त्वपूर्ण मापदण्ड है, विभिन्न देशों की तुलना करने के लिए आय एक महत्त्वपूर्ण मापदण्ड है किन्तु कुल आय की अपेक्षा प्रति व्यक्ति आय अथवा औसत आय अधिक बेहतर मापदण्ड है क्योंकि विभिन्न देशों की जनसंख्या भिन्न-भिन्न होती है। कुल आय की तुलना से हमें यह ज्ञात नहीं होगा कि औसत व्यक्ति क्या कमा सकता है? क्या एक देश के लोग दूसरे देश के लोगों से बेहतर हैं। ऐसी स्थिति में औसत आय विकास को समझने का अधिक बेहतर मापदण्ड होगा।
प्रश्न 3. प्रति व्यक्ति आय के माप के अतिरिक्त, आय के कौनसे अन्य लक्षण हैं जो दो या दो से अधिक देशों की तुलना के लिए महत्त्व रखते हैं?
उत्तर— प्रति व्यक्ति आय के माप के अतिरिक्त कुल आय, आय का समान वितरण, शिशु मृत्यु दर, साक्षरता तथा नागरिक सुविधाओं सम्बन्धी मापों आदि के आधार पर भी दो या दो से अधिक देशों की तुलना की जा सकती है।
प्रश्न 4. मान लीजिए कि रिकार्ड ये दिखाते हैं कि किसी देश की आय समय के साथ बढ़ती जा रही है। क्या इससे हम इस निष्कर्ष पर पहुँच सकते हैं कि अर्थव्यवस्था के सभी भाग बेहतर हो गए हैं? अपना उत्तर उदाहरण सहित दीजिए।
उत्तर— किसी देश की आय में निरन्तर वृद्धि का तात्पर्य यह नहीं होता है कि अर्थव्यवस्था के सभी भाग अथवा क्षेत्र बेहतर हो रहे हैं। कुल आय का तात्पर्य देश के सभी क्षेत्रों की आय के योग से होता है। अतः यह हो सकता है कि किसी देश में किसी एक क्षेत्र की बहुत बेहतर वृद्धि से कुल आय में वृद्धि हो जाए जबकि अन्य क्षेत्रों का प्रदर्शन पहले से भी खराब हो। उदाहरण के लिए स्वतंत्रता के बाद भारत की राष्ट्रीय आय (कुल आय) निरन्तर बढ़ रही है, लेकिन देश की कुल आय में कृषि का योगदान निरन्तर घट रहा है।
पृष्ठ 12 (आओ इन पर विचार करें)—
प्रश्न 1. तालिका 1.3 और 1.4 (पाठ्यपुस्तक में) के आँकड़ों को देखिए। क्या हरियाणा केरल से साक्षरता दर आदि में उतना ही आगे है जितना कि प्रति व्यक्ति आय के विषय में?
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उत्तर—तालिका 1.3 से स्पष्ट होता है कि हरियाणा प्रति व्यक्ति आय में केरल से आगे है। 2018-19 के लिए हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय जहाँ 2,36,147 रुपये है, वहाँ केरल की प्रति व्यक्ति आय 2,04,105 रुपये है।
लेकिन तालिका 1.4 से स्पष्ट है कि हरियाणा साक्षरता दर आदि में केरल से पीछे है। वर्ष 2017-18 में केरल में साक्षरता दर जहाँ 96 प्रतिशत थी वहाँ यह हरियाणा में 80 प्रतिशत थी। इसी प्रकार वर्ष 2018 में केरल में शिशु मृत्यु दर 7 प्रति हजार थी जो कि हरियाणा में 30 प्रति हजार थी। इसी प्रकार वर्ष 2017-18 में 14 तथा 15 वर्ष की आयु के बच्चों का स्कूल में निवल उपस्थिति अनुपात भी हरियाणा में केरल की अपेक्षा कम था।
प्रश्न 2. ऐसे दूसरे उदाहरण सोचिए, जहाँ वस्तुएँ और सेवाएँ व्यक्तिगत स्तर की अपेक्षा सामूहिक स्तर पर उपलब्ध कराना अधिक सस्ता पड़ता है।
उत्तर— ऐसे अनेक उदाहरण हैं जहाँ वस्तुएँ तथा सेवाएँ व्यक्तिगत स्तर की अपेक्षा सामूहिक स्तर पर उपलब्ध करवाना अधिक सस्ता है, जैसे-
(i) सामूहिक रूप से बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था करना सस्ता पड़ता है।
(ii) सरकारी चिकित्सालय में सामूहिक रूप से मरीजों हेतु चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध करवाना सस्ता पड़ता है।
(iii) सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था करना।
(iv) सामूहिक यातायात प्रणाली को अपनाना।
प्रश्न 3. अच्छे स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं की उपलब्धता क्या केवल सरकार द्वारा इन सुविधाओं के लिए किए गए व्यय पर ही निर्भर करती है? अन्य कौनसे कारक प्रासंगिक हो सकते हैं?
उत्तर— अच्छे स्वास्थ्य तथा शिक्षा सुविधाओं की उपलब्धता केवल सरकार द्वारा इन सुविधाओं के लिए किए गए व्यय पर ही निर्भर नहीं करती है। इसके अतिरिक्त अन्य कारक भी महत्वपूर्ण हैं। यथा-
(i) शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर व्यय करने के लिए अभिभावकों की तत्परता
(ii) परिवार के मुखिया की आय
(iii) अभिभावकों की स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति जागरूकता
(iv) शिक्षा तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी क्षेत्र की सहभागिता।
(v) अपने स्वास्थ्य की जाँच कराने की और रोग के बारे में जानने की स्वयं की इच्छा।
प्रश्न 4. तमिलनाडु में ग्रामीण क्षेत्रों के 90 प्रतिशत लोग राशन की दुकानों का प्रयोग करते हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में केवल 35 प्रतिशत ग्रामीण निवासी इसका प्रयोग करते हैं। कहाँ के लोगों का जीवन बेहतर होगा और क्यों?
उत्तर— तमिलनाडु के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का जीवन अधिक बेहतर होगा क्योंकि उन्हें कम मूल्य पर वस्तुएँ प्राप्त होंगी जिस कारण वहाँ के लोग आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त मात्रा में उपभोग कर पाएँगे जिससे उनका जीवन-स्तर बेहतर होगा। जबकि इस सुविधा का उपयोग न करने वाले पश्चिम बंगाल के लोगों का उपभोग स्तर निम्न रहेगा। इससे उनका जीवन स्तर निम्न रहेगा।
पृष्ठ 12 (कार्यकलाप-2)
प्रश्न— तालिका 1.5 का ध्यान से अध्ययन कीजिए और निम्न अनुच्छेदों में रिक्त स्थानों को भरिए। हो सकता है इसके लिए आपको तालिका के आधार पर कुछ गणना करनी पड़े।
[तालिका 1.5 : उत्तर प्रदेश की ग्रामीण जनसंख्या की शैक्षिक उपलब्धि श्रेणी]

श्रेणी | पुरुष | महिला |
ग्रामीण जनसंख्या की साक्षरता दर | 76% | 54% |
10-14 वर्ष के ग्रामीण बच्चों में साक्षरता दर | 90% | 87% |
10-14 वर्ष की आयु के स्कूल जाने वाले ग्रामीण बच्चों का प्रतिशत | 85% | 82% |
उत्तर— (क) सभी आयु वर्गों की साक्षरता दर, जिसमें युवक और वृद्ध दोनों सम्मिलित हैं, ग्रामीण पुरुषों के लिए 76 प्रतिशत थी और ग्रामीण महिलाओं के लिए 54 प्रतिशत थी। यही नहीं कि बहुत से वयस्क स्कूल ही नहीं जा पाए बल्कि बहुत से बच्चे इस समय स्कूल में नहीं हैं।
(ख) इस तालिका से स्पष्ट है कि 18 प्रतिशत ग्रामीण लड़कियाँ और 15 प्रतिशत ग्रामीण लड़के स्कूल नहीं।
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सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 349
जा रहे हैं। इसलिए, 10 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों में से 13 प्रतिशत ग्रामीण लड़कियाँ और 10 प्रतिशत ग्रामीण लड़के निरक्षर हैं।
(ग) हमारी स्वतन्त्रता के 70 वर्षों के बाद भी, उत्तर प्रदेश में 10 से 14 वर्ष आयु के वर्ग में इस उच्च स्तर की निरक्षरता बहुत चिन्ताजनक है। बहुत से अन्य राज्यों में भी 14 वर्ष की आयु तक के सभी बच्चों को निःशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के संवैधानिक लक्ष्य के निकट भी नहीं पहुँच पाए हैं, जबकि इस लक्ष्य को 1960 तक पूरा करना था।
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पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1. सामान्यतः किसी देश का विकास किस आधार पर निर्धारित किया जा सकता है- (प्रश्न बैंक)
(क) प्रति व्यक्ति आय
(ख) औसत साक्षरता स्तर
(ग) लोगों की स्वास्थ्य स्थिति
(घ) उपरोक्त सभी।
उत्तर— (घ) उपरोक्त सभी।
प्रश्न 2. निम्नलिखित पड़ोसी देशों में से मानव विकास के लिहाज़ से किस देश की स्थिति भारत से बेहतर है? (प्रश्न बैंक)
(क) बांग्लादेश
(ख) श्रीलंका
(ग) नेपाल
(घ) पाकिस्तान।
उत्तर— (ख) श्रीलंका।
प्रश्न 3. मान लीजिए कि एक देश में चार परिवार हैं। इन परिवारों की प्रति व्यक्ति आय 5000 रुपये है। अगर तीन परिवारों की आय क्रमशः 4,000, 7,000 और 3,000 रुपये है तो चौथे परिवार की आय क्या है?
(क) 7,500 रुपये
(ख) 3,000 रुपये
(ग) 2,000 रुपये
(घ) 6,000 रुपये।
उत्तर— (घ) 6,000 रुपये।
प्रश्न 4. विश्व बैंक विभिन्न वर्गों का वर्गीकरण करने के लिए किस प्रमुख मापदण्ड का प्रयोग करता है? इस मापदण्ड की, अगर कोई सीमाएँ हैं, तो सीमाएँ क्या हैं?
उत्तर— विश्व बैंक विभिन्न वर्गों का वर्गीकरण करने के लिए अर्थात् विभिन्न देशों के वर्गीकरण हेतु प्रति व्यक्ति आय के मापदण्ड का प्रयोग करता है। विश्व बैंक ने प्रति व्यक्ति आय के आधार पर देशों को समृद्ध एवं निम्न आय वर्गों में बाँटा है। इस मापदण्ड की प्रमुख सीमाएँ ये हैं-
(i) प्रति व्यक्ति आय से यह पता नहीं चलता कि यह आय लोगों में किस तरह वितरित है अर्थात् यह आय के वितरण की उपेक्षा करता है। दो देशों की प्रति व्यक्ति आय समान होने पर भी एक देश दूसरे से अधिक समृद्ध हो सकता है।
(ii) प्रति व्यक्ति आय से देश के आर्थिक विकास का सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
(iii) प्रति व्यक्ति आय का अधिक होना जनकल्याण में वृद्धि का सूचक नहीं है।
प्रश्न 5. विकास मापने का यू.एन.डी.पी. का मापदण्ड किन पहलुओं में विश्व बैंक के मापदण्ड से अलग है?
उत्तर— विश्व बैंक देशों के विकास को मापने हेतु प्रति व्यक्ति आय के मापदण्ड का उपयोग करता है जबकि यू.एन.डी.पी. के मापदण्ड में प्रति व्यक्ति आय के अतिरिक्त शैक्षिक एवं स्वास्थ्य स्तर को भी आधार बनाया गया है। इस प्रकार यू.एन.डी.पी. का मापदण्ड विश्व बैंक के मापदण्ड से अधिक बेहतर है।
प्रश्न 6. हम औसत का प्रयोग क्यों करते हैं? इनके प्रयोग करने की क्या कोई सीमाएँ हैं? विकास से जुड़े अपने उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर— हम औसत का प्रयोग आय की तुलना करने के लिए करते हैं। एक देश के लोग दूसरे देश के लोगों से कितने बेहतर हैं? इसके लिए हम औसत आय की तुलना करते हैं जो कि कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देकर निकाली जाती है। विभिन्न देशों में जनसंख्या की भिन्नता के कारण कुल आय तुलना करने का उपयुक्त मापदण्ड नहीं होता है, औसत आय अधिक उपयुक्त मापदण्ड है।
औसत के प्रयोग करने की सीमाएँ- (i) औसत आय धनी और निर्धन के बीच अन्तर नहीं बताती। अर्थात् आय के वितरण का ज्ञान नहीं हो पाता। यह असमानता को छिपा देता है। (ii) इसे विकास का अच्छा माप नहीं माना जा सकता।
--- [ पृष्ठ संख्या: 357 ] ---
उदाहरण के लिए, यह हो सकता है कि किसी देश की औसत आय में वृद्धि हुई हो। लेकिन इसमें यह भी हो सकता है कि धन और आय के वितरण में असमानता अधिक बढ़ी हो।
प्रश्न 7. प्रति व्यक्ति आय कम होने पर भी केरल का मानव विकास क्रमांक हरियाणा से ऊँचा है। इसलिए प्रति व्यक्ति आय एक उपयोगी मापदण्ड बिल्कुल नहीं है और राज्यों की तुलना के लिए इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। क्या आप सहमत हैं? चर्चा कीजिए।
अथवा
"औसत आय अधिक होने पर भी हरियाणा का मानव विकास क्रमांक केरल से नीचे है। इसलिए मानव विकास के लिए प्रति व्यक्ति आय एक उपयोगी मापदण्ड बिल्कुल नहीं है।" इस कथन के पक्ष में कोई तीन तर्क दीजिए।
उत्तर— राज्यों की तुलना प्रति व्यक्ति आय के आधार पर की जाती है किन्तु-
(i) केवल प्रति व्यक्ति आय के आधार पर ही मानव विकास को ज्ञात नहीं किया जा सकता है।
(ii) शिक्षा का स्तर, स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर, निर्धनता, सामाजिक सुविधाएँ आदि भी मानव विकास के अन्य महत्त्वपूर्ण निर्धारक हैं। अतः हम केवल प्रति व्यक्ति आय के आधार पर राज्यों की तुलना करने में सहमत नहीं हैं। उदाहरण के लिए, भारत में हरियाणा राज्य की प्रति व्यक्ति आय, केरल राज्य की प्रति व्यक्ति आय से अधिक है परन्तु हम दोनों राज्यों की मानव विकास की तुलना अन्य आधारों पर करें तो पाएँगे कि केरल में मानव विकास का स्तर, हरियाणा की तुलना में ऊँचा है।
(iii) केरल में लिंगानुपात और साक्षरता दर हरियाणा की तुलना में बहुत बेहतर है, साथ ही केरल में स्वास्थ्य सुविधाएँ भी हरियाणा से अधिक हैं। 2018 के आंकड़ों के अनुसार केरल में शिशु मृत्यु दर प्रति हजार जहाँ 7 व्यक्ति हैं, वहाँ हरियाणा में 30 व्यक्ति हैं। अतः केवल प्रति व्यक्ति आय के आधार पर राज्यों के मानव विकास की तुलना करना उचित नहीं है।
प्रश्न 8. भारत के लोगों द्वारा ऊर्जा के किन स्रोतों का प्रयोग किया जाता है? ज्ञात कीजिए। अब से 50 वर्ष पश्चात् क्या सम्भावनाएँ हो सकती हैं?
उत्तर— भारत में ऊर्जा के दो प्रकार के स्रोतों का प्रयोग किया जाता है-
(1) परम्परागत स्रोत-(i) कोयला (ii) खनिज तेल (iii) प्राकृतिक गैस (iv) विद्युत।
(2) गैर परम्परागत स्रोत-(i) पवन ऊर्जा (ii) सौर ऊर्जा (iii) बायो ऊर्जा (iv) भूतापीय ऊर्जा (v) ज्वारीय ऊर्जा (vi) परमाणु ऊर्जा।
अगले 50 वर्षों में भारत में ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक सम्भावनाएँ हैं। भारत में ऊर्जा के परम्परागत स्रोतों की निरन्तर खोज की जा रही है तथा विदोहन किया जा रहा है, जिससे भविष्य में इनकी पूर्ति बढ़ने की सम्भावना है। पैट्रोलियम पदार्थों की माँग अत्यधिक बढ़ेगी और उसकी पूर्ति कर पाना संभव नहीं हो पायेगा। इनके मूल्यों में निरन्तर वृद्धि के कारण इनका आयात मँहगा होगा। इससे भुगतान असन्तुलन की स्थिति पैदा होगी। अतः गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोतों का प्रयोग व उत्पादन बढ़ाना होगा। इसमें मुख्य रूप से पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, बायो ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा एवं वैकल्पिक ईंधन के स्रोत आदि को सम्मिलित किया जाता है। इन गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता बढ़ेगी।
प्रश्न 9. धारणीयता का विषय विकास के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
अथवा
विकास की धारणीयता से आप क्या समझते हैं? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
उत्तर— विकास की धारणीयता का तात्पर्य विकास के स्तर को और ऊँचा उठाने तथा वर्तमान विकास के स्तर को भावी पीढ़ी हेतु बनाए रखने से है, ताकि वे भी बेहतर जीवन जी सकें। इस हेतु संसाधनों का सोच-समझकर उपयोग करना चाहिए। विकास की धारणीयता से पर्यावरण संरक्षण एवं पारिस्थितिकीय सन्तुलन को भी बल मिलता है।
प्रश्न 10. धरती के पास सब लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन एक भी व्यक्ति के लालच को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। यह कथन विकास की चर्चा में कैसे प्रासंगिक है? चर्चा कीजिए।
उत्तर— उपर्युक्त कथन विकास की चर्चा में काफी प्रासंगिक है। धरती पर अनेक प्रकार के प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं तथा वे धरती पर निवास करने वाले लोगों के लिए पर्याप्त हैं। किन्तु व्यक्तिगत लालच अथवा स्वार्थ के
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कारण लोग अपनी आवश्यकता से अधिक संसाधनों की माँग करते हैं। इससे संसाधनों का विवेकपूर्ण एवं मितव्ययी ढंग से उपयोग नहीं हो पाता, जिससे संसाधनों का दुरुपयोग होता है तथा इस स्वार्थ के कारण लोगों में असमानता उत्पन्न होती है, साथ ही प्राकृतिक संसाधन भी बढ़ती माँग के अनुरूप कम पड़ते चले जाते हैं। अतः यदि प्रत्येक व्यक्ति इसी प्रकार स्वार्थपूर्ण व्यवहार करेगा तो ये प्राकृतिक संसाधन सभी लोगों की आवश्यकता को पूरा नहीं कर पाएँगे।
प्रश्न 11. पर्यावरण में गिरावट के कुछ ऐसे उदाहरणों की सूची बनाइए जो आपने अपने आस-पास देखे हों।
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
अथवा
पर्यावरण में गिरावट के कारकों पर प्रकाश डालिये। (प्रश्न बैंक)
उत्तर— पर्यावरण में गिरावट के कुछ उदाहरण जो हमारे आस-पास प्रायः देखे जाते हैं, वे निम्न प्रकार हैं-
(1) हमारे आस-पास यातायात के साधनों में निरन्तर वृद्धि हो रही है जिससे वायु प्रदूषण तथा ध्वनि प्रदूषण निरन्तर बढ़ रहा है।
(2) कल-कारखानों तथा फैक्ट्रियों में वृद्धि हो रही है जिस कारण वायु व जल तथा ध्वनि प्रदूषण में निरन्तर वृद्धि हो रही है।
(3) जनसंख्या में निरन्तर वृद्धि से जल प्रदूषण बढ़ रहा है तथा बढ़ते हुए शहरीकरण के कारण पेड़-पौधों का एवं वनों का विनाश हो रहा है।
(4) वनों की कटाई एवं शिकार के कारण वन्य वनस्पति एवं वन्य जीव लुप्त हो रहे हैं जिस कारण पर्यावरण में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
(5) हमारे क्षेत्र के आस-पास खनिज निकालने की क्रियायें भूमि, जल तथा वायु को प्रदूषित कर रही हैं जिससे पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है।
प्रश्न 12. तालिका 1.6 में दी गई प्रत्येक मद के लिए ज्ञात कीजिए कि कौनसा देश सबसे ऊपर है और कौनसा सबसे नीचे।
उत्तर— पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 13 पर दी गई तालिका 1.6 के अनुसार-
(i) प्रति व्यक्ति आय की दृष्टि से श्रीलंका (12,707 अमेरिकी डॉलर) सबसे ऊपर है तथा नेपाल (3,457 अमेरिकी डॉलर) सबसे नीचे है।
(ii) जन्म के समय सम्भावित आयु की दृष्टि से श्रीलंका सबसे ऊपर (75.5) तथा पाकिस्तान सबसे नीचे (66.6) है।
(iii) विद्यालयी औसत आयु 25 वर्ष या उससे अधिक की दृष्टि से श्रीलंका सबसे ऊपर (10.6) तथा म्यांमार एवं नेपाल दोनों सबसे नीचे (5.0) हैं।
(iv) विश्व में मानव विकास सूचकांक (HDI) के क्रमांक की दृष्टि से श्रीलंका सबसे ऊपर (73) तथा पाकिस्तान सबसे नीचे (154) है।
प्रश्न 13. नीचे दी गई तालिका में भारत में वयस्कों (15-49 वर्ष आयु वाले) जिनका बी.एम.आई. सामान्य से कम है (बी.एम.आई. <18.5kg/m²) का अनुपात दिखाया गया है। यह वर्ष 2015-16 में देश के विभिन्न राज्यों के एक सर्वेक्षण पर आधारित है। तालिका का अध्ययन करके निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
[तालिका - भारत में वयस्कों का बी.एम.आई.]

राज्य | पुरुष (%) | महिला (%) |
केरल | 8.5 | 10 |
कर्नाटक | 17 | 21 |
मध्य प्रदेश | 28 | 28 |
सभी राज्य | 20 | 23 |
स्रोत : राष्ट्रीय परिवार सर्वेक्षण-4, 2015-16, http://rchiips.org.
(क) केरल और मध्य प्रदेश के लोगों के पोषण स्तरों की तुलना कीजिए।
(ख) क्या आप अन्दाज लगा सकते हैं कि देश में लगभग हर पाँच में से एक व्यक्ति अल्पपोषित क्यों है, यद्यपि यह तर्क दिया जाता है कि देश में पर्याप्त खाद्य है? अपने शब्दों में विवरण दीजिए।
उत्तर— (क) केरल तथा मध्य प्रदेश में से पोषण स्तरों की दृष्टि से मध्य प्रदेश पिछड़ा हुआ है। केरल में 8.5
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प्रतिशत पुरुष अल्पपोषित हैं जबकि मध्य प्रदेश में यह अनुपात 28 प्रतिशत है। इसी प्रकार महिलाओं में, केरल में 10 प्रतिशत महिलाएँ अल्पपोषित हैं जबकि मध्य प्रदेश में 28 प्रतिशत महिलाएँ अल्पपोषित हैं।
(ख) देश में लगभग हर पाँच में से एक व्यक्ति अल्पपोषित है जबकि हमारे देश में खाद्यान्न पर्याप्त मात्रा में है। इसका मुख्य कारण यह है कि देश में वितरण प्रणाली सही नहीं होने के कारण देश में सभी लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध नहीं हो पाते। दूसरे, देश में अधिकांश लोग इतने गरीब हैं कि वे पौष्टिक भोजन खरीदने में असमर्थ हैं।
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📝 2. नोट्स: पाठ-सार, मुख्य बिंदु एवं शब्दावली
महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं, भौगोलिक परिभाषाएं, राजनीतिक सिद्धांत एवं संपूर्ण अध्याय का सारगर्भित सारांश।
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पाठ-सार
विकास के अन्तर्गत हम जीवन से जुड़े विभिन्न लक्ष्यों तथा उन्हें प्राप्त करने के उपायों के सम्बन्ध में अध्ययन करते हैं, जैसे-जीवन को कैसे जिया जाए? देश कैसा होना चाहिए? किन अनिवार्य वस्तुओं की आवश्यकता है? जीवन को अधिक बेहतर कैसे बनाया जाए? लोग मिल-जुलकर कैसे रहें? अधिक समानता कैसे आ सकती है? इत्यादि।
विकास क्या वादा करता है-विभिन्न व्यक्ति, विभिन्न लक्ष्य- (i) अलग-अलग लोगों के लिए विकास के लक्ष्य भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। (ii) एक के लिए जो विकास है, वह दूसरे के लिए विकास न हो। यहाँ तक कि वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है।
आय और अन्य लक्ष्य- सामान्यतः सभी व्यक्ति अपनी आय को अधिकतम करना चाहते हैं, साथ ही लोग समानता के व्यवहार, स्वतन्त्रता, सुरक्षा तथा दूसरों से सम्मान पाने की इच्छा रखते हैं। ये सभी महत्त्वपूर्ण लक्ष्य हैं। क्योंकि हमारा बेहतर जीवन इन अभौतिक वस्तुओं पर भी निर्भर करता है।
जिस प्रकार बेहतर आय चाहने के साथ व्यक्ति अनेक अभौतिक लक्ष्यों को भी प्राप्त करना चाहता है, उसी प्रकार विकास के लिए, लोग मिले-जुले लक्ष्यों को देखते हैं। इसलिए लोगों के विकास के लक्ष्य केवल बेहतर आय के ही नहीं होते बल्कि जीवन में अन्य महत्त्वपूर्ण चीजों, जैसे सुरक्षित और संरक्षित वातावरण के बारे में भी होते हैं।
राष्ट्रीय विकास- राष्ट्रीय विकास के अन्तर्गत इन विषयों पर विचार किया जाता है कि क्या सभी विचारों को बराबर का महत्त्व दिया जा सकता है? यदि परस्पर विरोधी विचार हैं तो निर्णय कैसे किया जाएगा? सभी के लिए न्यायपूर्ण और सही राह क्या होगी? क्या कार्य करने का कोई बेहतर तरीका है? क्या इस विचार से बहुत से लोगों को लाभ होगा या कुछ को ही? राष्ट्रीय विकास का अभिप्राय इन सब प्रश्नों पर विचार करना है।
विभिन्न देशों या राज्यों की तुलना कैसे की जाए?- देशों की तुलना करने के लिए उनकी आय सबसे महत्त्वपूर्ण विशिष्टता मानी जाती है। किसी देश की आय उस देश के सभी निवासियों की आय है। इससे हमें देश की कुल आय ज्ञात हो जाती है।
लेकिन देशों के बीच तुलना करने के लिए कुल आय उपयुक्त माप नहीं है क्योंकि देशों की जनसंख्या अलग-अलग होती है। इससे यह ज्ञात नहीं होगा : क्या एक देश के लोग दूसरे देश के लोगों से बेहतर हैं। इसलिए प्रति व्यक्ति आय के आधार पर तुलना करना अधिक बेहतर माना जाता है। विश्व बैंक की रिपोर्ट में भी प्रति व्यक्ति आय के आधार पर ही देशों का वर्गीकरण किया गया है। भारत मध्य आय वर्ग के देशों में आता है क्योंकि उसकी प्रति व्यक्ति आय 2019 में केवल US $ 6700 प्रति वर्ष थी।
आय और अन्य मापदण्ड- विभिन्न देशों अथवा राज्यों की तुलना आय के अतिरिक्त अन्य कई मापदण्डों के आधार पर भी की जाती है, जैसे-सुरक्षा, समानता, आदर, स्वतन्त्रता इत्यादि। उदाहरण के लिए भारत के विभिन्न राज्यों की तुलना शिशु मृत्यु-दर, जन्म-दर, मृत्यु-दर, साक्षरता दर आदि के आधार पर की जा सकती है।
सार्वजनिक सुविधाएँ- हम स्वयं के साधन से स्वच्छ वातावरण, बिना मिलावट की वस्तुएँ, बीमारियों से बचाव आदि प्राप्त नहीं कर सकते हैं। अतः सरकार अथवा समाज कई वस्तुएँ लोगों को सामूहिक रूप से उपलब्ध करवाते हैं; जो लोगों के बेहतर जीवन के लिए आवश्यक हैं। ऐसी सुविधाओं को, सार्वजनिक सुविधाएँ कहते हैं।
विकास की धारणीयता- विकास की धारणीयता का तात्पर्य विकास के स्तर को और ऊँचा उठाना अथवा विकास के वर्तमान स्तर को भावी पीढ़ी हेतु बनाए रखने से है।
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सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 345
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⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर एवं बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक, लघूत्तरात्मक एवं निबंधात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
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● बहुविकल्पीय प्रश्न-
1. विभिन्न देशों अथवा राज्यों की तुलना प्रायः किस आधार पर बेहतर तरीके से मापी जा सकती है?
(अ) राष्ट्रीय आय (ब) प्रति व्यक्ति आय अथवा औसत आय
(स) लोगों को खाद्यान्न उपलब्धता (द) लोगों को ऊर्जा की उपलब्धता।
2. आर्थिक विकास के अन्तर्गत सम्मिलित लक्ष्य हैं-
(अ) नियमित रोजगार (ब) नियमित व बेहतर मजदूरी
(स) सुरक्षा एवं स्वतन्त्रता (द) उपर्युक्त सभी।
3. विश्व बैंक की विश्व विकास रिपोर्ट में देशों का वर्गीकरण किस आधार पर किया जाता है?
अथवा
विश्व बैंक के अनुसार विभिन्न देशों में विकास के आधार पर तुलना करने के लिए किस मापदण्ड का प्रयोग किया जाता है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
(अ) राष्ट्रीय आय (ब) प्रति व्यक्ति आय (स) घरेलू आय (द) निजी आय
4. विकास को मापने हेतु कुल आय के अतिरिक्त अन्य कौनसा मापदण्ड है?
(अ) साक्षरता दर (ब) स्वास्थ्य (स) प्रति व्यक्ति आय (द) उपर्युक्त सभी।
5. भारत में साक्षरता दर के आधार पर सबसे अच्छी स्थिति निम्न में से किस राज्य की है?
(अ) राजस्थान (ब) केरल (स) बिहार (द) पंजाब।
6. भारत किस आय वर्ग के देशों में आता है?
(अ) अति उच्च आय वर्ग (ब) उच्च आय वर्ग (स) मध्य आय वर्ग (द) निम्न आय वर्ग
7. आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 के अनुसार सर्वाधिक प्रति व्यक्ति आय है- (प्रश्न बैंक)
(अ) राजस्थान की (ब) हरियाणा की (स) बिहार की (द) उत्तर प्रदेश की
8. वर्ष 2020-21 के अनुसार निम्न में से कम शिशु मृत्यु दर वाला राज्य कौनसा है?
(अ) बिहार (ब) मध्य प्रदेश (स) हरियाणा (द) केरल
9. UNDP-2018 की मानव सूचकांक रिपोर्ट में भारत का स्थान है- (प्रश्न बैंक)
(अ) 135वाँ (ब) 140वाँ (स) 130वाँ (द) 110वाँ
10. निम्न में से गैर-नवीकरणीय संसाधन है-
(अ) कच्चा तेल (ब) भूमिगत जल (स) वन (द) उपर्युक्त सभी
11. विकास के किस मापदण्ड के आधार पर हरियाणा राज्य केरल राज्य से अधिक विकसित है-
(अ) प्रति व्यक्ति आय (ब) शिशु मृत्यु दर
(स) साक्षरता दर (द) निवल उपस्थिति अनुपात
12. 2018 में केरल की शिशु मृत्यु दर प्रति 1000 व्यक्ति रही थी-
(अ) 33 (ब) 7 (स) 38 (द) 20
13. मानव विकास रिपोर्ट 2020 के अनुसार 2019 में भारत में 'जन्म के समय संभावित आयु' थी-
(अ) 75.5 (ब) 68.8 (स) 66.7 (द) 72.8
14. निम्न में से कौनसा देश प्रति व्यक्ति आय और आयु संभावित दोनों में भारत से पीछे है?
(अ) बांग्लादेश (ब) श्रीलंका (स) पाकिस्तान (द) नेपाल
15. निम्न में जो नवीकरणीय साधन है, वह है-
(अ) कच्चा तेल (ब) लोहा (स) ताँबा (द) जल
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सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 353
16. 2017 में विश्व में कच्चे तेल का अतिरिक्त भण्डार था-
(अ) 50 हजार मिलियन बैरल (ब) 807.7 हजार मि. बैरल
(स) 75 हजार मिलियन बैरल (द) 1696.6 हजार मि. बैरल
17. यदि कच्चे तेल का प्रयोग वर्तमान दर पर चालू रहे तो कच्चे तेल के भण्डार कितने वर्ष चलेंगे?
(अ) 100 वर्ष (ब) 5 वर्ष (स) 50.2 वर्ष (द) 10.5 वर्ष
18. भारत अपने भूमिगत जल भंडारों के कितने भाग का अति-उपयोग कर रहा है?
(अ) आधे भाग का (ब) दो तिहाई भाग का
(स) एक तिहाई भाग का (द) तीन चौथाई भाग का
19. भारत में भूमिगत जल का अति उपयोग जिस क्षेत्र में पाया जाता है, वह है-
(अ) पंजाब और पश्चिमी उत्तरप्रदेश (ब) मध्य और दक्षिण भारत के चट्टानी पठारी क्षेत्र
(स) तेजी से विकसित होती शहरी बस्तियाँ (द) उपर्युक्त सभी
20. गैर नवीकरण साधन की विशेषता यह है कि वह-
(अ) वर्षों से प्रयोग के पश्चात् समाप्त हो जाता है। (ब) इसका धरती पर एक निश्चित भण्डार है।
(स) इसकी पुनः पूर्ति नहीं हो सकती। (द) उपर्युक्त सभी विशेषताएँ।
21. मध्य आय वर्ग वाला देश है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2021-22)
(अ) संयुक्त राज्य अमेरिका (ब) भारत (स) चीन (द) जापान
22. मानव विकास रिपोर्ट जारी करने वाली संस्था है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)
(अ) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (ब) विश्व बैंक
(स) रिजर्व बैंक (द) नीति आयोग
23. वे देश जिनकी 2019 में प्रति व्यक्ति आय US $ 2500 प्रति वर्ष या उससे कम है, उसे कहा जाता है-
(अ) उच्च आय वाला देश (ब) मध्यम आय वाला देश
(स) निम्न आय वाला देश (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं
24. औसत आय को कहा जाता है-
(अ) राष्ट्रीय आय (ब) सकल राष्ट्रीय उत्पाद
(स) प्रति व्यक्ति आय (द) सकल राष्ट्रीय आय
25. प्रति व्यक्ति आय है- (प्रश्न बैंक)
(अ) $\frac{\text{देश की कुल आय}}{\text{कुल जनसंख्या}}$ (ब) $\frac{\text{कुल जनसंख्या}}{\text{देश की कुल आय}}$
(स) $\frac{\text{सकल घरेलू उत्पाद}}{\text{कुल जनसंख्या}}$ (द) $\frac{\text{कुल जनसंख्या}}{\text{सकल घरेलू उत्पाद}}$
26. किसी 'सामान्य' शरीर द्रव्यमान सूचकांक (BMI) का मापदंड है- (प्रश्न बैंक)
(अ) - 4 से - 2 (ब) - 2 से 0 (स) - 2 से 2 (द) 2 से 4
27. प्रति व्यक्ति आय की गणना (वैश्विक स्तर) पर की जाती है- (प्रश्न बैंक)
(अ) रुपये में (ब) पाउण्ड में (स) स्टर्लिंग में (द) डॉलर में
उत्तरमाला
1. (ब) 2. (द) 3. (ब) 4. (द) 5. (ब) 6. (स) 7. (ब)
8. (द) 9. (स) 10. (अ) 11. (अ) 12. (ब) 13. (ब) 14. (स)
15. (द) 16. (द) 17. (स) 18. (स) 19. (द) 20. (द) 21. (ब)
22. (अ) 23. (स) 24. (स) 25. (अ) 26. (स) 27. (द)।
● रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. अलग-अलग लोगों के विकास के लक्ष्य ......... हो सकते हैं।
2. ......... के लिए लोग मिले-जुले लक्ष्यों को देखते हैं। (प्रश्न बैंक)
3. यदि महिलाएँ .......... कार्य करती हैं तो घर और समाज में उनका आदर बढ़ता है।
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4. औसत आय को ......... आय भी कहा जाता है। ( प्रश्न बैंक; माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23 )
5. ......... में गिरावट के परिणाम राष्ट्रीय और राज्य सीमाओं का ख्याल नहीं करते।
6. मानव विकास रिपोर्ट देशों की तुलना शैक्षिक स्तर, स्वास्थ्य स्थिति और ............. के आधार पर करती है। ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22 )
7. यूएनडीपी द्वारा प्रकाशित मानव विकास रिपोर्ट देशों की तुलना शैक्षिक स्तर; ............... और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर करती है। ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023 )
8. किसी देश की आय उस देश के सभी ............... की आय है। ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022 )
9. केरल में शिशु मृत्यु दर कम है क्योंकि यहाँ स्वास्थ्य और ........... की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
10. देशों के बीच तुलना करने के लिए कुल आय के स्थान पर ................. आय अधिक उपयुक्त माप है।
11. भूमिगत जल ................. साधन का उदाहरण है। ( प्रश्न बैंक )
उत्तरमाला
1. भिन्न 2. विकास 3. वेतनभोगी 4. प्रति व्यक्ति 5. पर्यावरण
6. प्रति व्यक्ति आय 7. स्वास्थ्य स्थिति 8. निवासियों 9. शिक्षा 10. प्रति व्यक्ति
11. नवीकरणीय
● अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. प्रति व्यक्ति आय का तात्पर्य लिखिये।
अथवा
औसत आय किस प्रकार ज्ञात की जाती है? ( प्रश्न बैंक )
उत्तर— राष्ट्रीय आय को कुल जनसंख्या से भाग देने पर प्राप्त आय को प्रति-व्यक्ति आय (औसत आय) कहते हैं।
निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात कर सकते हैं-
सूत्र- प्रति व्यक्ति आय = $\frac{\text{राष्ट्रीय आय}}{\text{जनसंख्या}}$
प्रश्न 2. मानव विकास सूचकांक के किन्हीं दो सूचकों के नाम लिखिए।
उत्तर— (1) स्वास्थ्य (2) शिक्षा।
प्रश्न 3. विकास का कोई एक लक्ष्य बताइए।
उत्तर— आय को बढ़ाना।
प्रश्न 4. भारत में राज्यों में तुलना करने के कोई दो आधार बताइए।
उत्तर— (1) प्रति व्यक्ति आय (2) साक्षरता दर।
प्रश्न 5. दो या अधिक देशों के विकास की तुलना का उपयुक्त माप क्या है?
अथवा
दो देशों में तुलना करने हेतु कुल आय तथा प्रति व्यक्ति आय में से कौनसा मापदण्ड अधिक उपयुक्त है?
उत्तर— प्रति व्यक्ति आय का मापदण्ड अधिक उपयुक्त है।
प्रश्न 6. राष्ट्रीय आय को परिभाषित कीजिए।
उत्तर— एक लेखा वर्ष में किसी देश में उत्पादित अन्तिम वस्तुओं और सेवाओं के बाजार मूल्य के जोड़ को राष्ट्रीय आय कहते हैं।
प्रश्न 7. सार्वजनिक सुविधाओं का कोई एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर— सरकार द्वारा संचालित विद्यालय।
प्रश्न 8. मानव विकास रिपोर्ट का प्रकाशन किसके द्वारा किया जाता है? ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23 )
अथवा
मानव विकास सूचकांक किस संस्था द्वारा जारी किया जाता है? ( प्रश्न बैंक )
उत्तर— यूएनडीपी द्वारा।
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सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 355
प्रश्न 9. आर्थिक विकास का क्या अभिप्राय है?
उत्तर— आर्थिक विकास का अभिप्राय लोगों के जीवन को पहले से बेहतर बनाना है।
प्रश्न 10. विकास के अन्तर्गत किसका अध्ययन किया जाता है?
उत्तर— विकास के अन्तर्गत जीवन से जुड़े विभिन्न लक्ष्यों तथा उन्हें प्राप्त करने के उपायों का अध्ययन किया जाता है।
प्रश्न 11. विकास के अन्तर्गत अध्ययन किए जाने वाले किन्हीं दो प्रश्नों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर— (1) व्यक्तियों को किन अनिवार्य वस्तुओं की आवश्यकता है?
(2) जीवन को अधिक बेहतर कैसे बनाया जाए?
प्रश्न 12. विकास के किन्हीं दो प्रमुख लक्ष्यों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर— (1) व्यक्तियों द्वारा अपनी आय को अधिकतम करना।
(2) नियमित एवं बेहतर रोजगार प्राप्त करना।
प्रश्न 13. किन दो उपायों से आर्थिक संवृद्धि को प्रस्तुत किया जा सकता है?
उत्तर— (i) सकल घरेलू उत्पादन में वृद्धि से।
(ii) प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि से।
प्रश्न 14. सामान्यतः विभिन्न देशों की तुलना किस आधार पर की जाती है?
उत्तर— सामान्यतः विभिन्न देशों की तुलना राष्ट्रीय आय व प्रति व्यक्ति आय के आधार पर की जाती है।
प्रश्न 15. धारणीय विकास से आप क्या समझते हैं? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)
अथवा
विकास की धारणीयता से क्या आशय है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— विकास की धारणीयता या धारणीय विकास से आशय विकास के स्तर को और ऊँचा उठाने तथा वर्तमान विकास स्तर को भावी पीढ़ी हेतु बनाए रखने से है।
प्रश्न 16. विश्व बैंक की विश्व विकास रिपोर्ट में देशों के वर्गीकरण हेतु किस मापदण्ड का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर— विश्व बैंक की विश्व विकास रिपोर्ट में देशों के वर्गीकरण हेतु प्रति व्यक्ति आय का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 17. शिशु मृत्यु-दर का क्या तात्पर्य है?
अथवा
शिशु मृत्यु दर से आप क्या समझते हैं? (प्रश्न बैंक; माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)
उत्तर— शिशु मृत्यु-दर किसी वर्ष में पैदा हुए 1000 जीवित बच्चों में से एक वर्ष की आयु से पहले मर जाने वाले बच्चों का अनुपात दिखाती है।
प्रश्न 18. साक्षरता दर से आप क्या समझते हैं? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— साक्षरता दर 7 वर्ष तथा उससे अधिक आयु के लोगों में साक्षर जनसंख्या का अनुपात दर्शाती है।
प्रश्न 19. मानव विकास के लिए साक्षरता क्यों अनिवार्य है?
उत्तर— साक्षरता से मानव क्षमताओं में वृद्धि होती है, जिससे मानव के व्यक्तित्व का विकास होता है।
प्रश्न 20. सरदार सरोवर बांध किस नदी पर बनाया गया है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— नर्मदा नदी।
प्रश्न 21. विश्व बैंक के मापदण्डों के अनुसार मध्यम आय वर्ग के देश का मानक क्या है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— विश्व बैंक के अनुसार वे देश जिनकी प्रति व्यक्ति आय US $ 6700 प्रतिवर्ष है, वे मध्यम आय वर्ग वाले देश हैं।
प्रश्न 22. किसी देश के नागरिकों द्वारा इच्छित कोई दो सामाजिक लक्ष्य बताइए।
उत्तर— (1) समानता का व्यवहार (2) स्वतन्त्रता।
प्रश्न 23. यूएनडीपी द्वारा प्रकाशित मानव विकास रिपोर्ट में देशों की तुलना किस आधार पर की जाती है?
उत्तर— यूएनडीपी द्वारा प्रकाशित मानव विकास रिपोर्ट में देशों की तुलना लोगों के शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर की जाती है।
प्रश्न 24. मानव विकास सूचकांक क्या है?
उत्तर— देशों की तुलना हेतु संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा तैयार एवं प्रकाशित किया जाने वाला जीवन सूचकांक मानव विकास सूचकांक है।
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प्रश्न 25. अतिरिक्त रोजगार के सृजन का कोई एक उपाय सुझाइए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
उत्तर— अतिरिक्त रोजगार सृजन हेतु लघु एवं कुटीर उद्योगों का विकास किया जाना चाहिए।
प्रश्न 26. केरल में शिशु मृत्यु दर कम होने के कारण बताइए।
उत्तर— केरल में स्वास्थ्य एवं शिक्षा की भौतिक सुविधाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने के कारण शिशु मृत्यु दर कम है।
प्रश्न 27. एक भूमिहीन ग्रामीण मजदूर के विकास के किन्हीं दो लक्ष्यों का उल्लेख कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)
उत्तर— दो लक्ष्य ये हैं— (1) नियमित रोजगार और बेहतर मजदूरी (2) शैक्षणिक विकास।
● लघूत्तरात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1. आपके अनुसार, सरकार हमें कौन-कौन सी सार्वजनिक सुविधाएँ उपलब्ध करवाती है? कोई दो सुविधाओं का वर्णन कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
उत्तर— सरकार हमें कई सार्वजनिक सुविधाएँ उपलब्ध करवाती है, जिनमें से दो प्रमुख सुविधाएँ हैं—
(1) शिक्षा— सरकार स्कूल, कॉलेज और अन्य स्तरों पर शिक्षा की सुविधा प्रदान करती है। साथ ही, मध्याह्न भोजन योजना व सर्व शिक्षा अभियान जैसे कार्यक्रम भी संचालित करती है।
(2) स्वास्थ्य सेवाएँ— सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा प्रदान करती है, जिसमें अस्पताल, स्वास्थ्य केन्द्र और डिस्पेंसरी शामिल हैं।
प्रश्न 2. विकास में शिक्षा के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर— शिक्षा के माध्यम से लोगों के ज्ञान को बढ़ाया जा सकता है तथा उन्हें अधिक कुशल बनाया जा सकता है जिससे व्यक्ति अधिक उत्पादक बन जाता है। अतः शिक्षा के माध्यम से लोग अधिक आय का अर्जन कर सकते हैं। इससे उनके जीवन-स्तर में तो सुधार होता ही है, साथ ही देश की राष्ट्रीय आय में भी वृद्धि होती है।
प्रश्न 3. विकास की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर— विकास की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—
(1) अलग-अलग लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न-भिन्न तथा विरोधाभासी भी हो सकते हैं।
(2) विकास के लिए लोग मिले-जुले लक्ष्यों को देखते हैं।
(3) विकास के महत्त्वपूर्ण अंग हैं— आय में वृद्धि, समानता का व्यवहार, स्वतंत्रता, सुरक्षा और दूसरों से आदर मिलने की इच्छा।
प्रश्न 4. मानव विकास सूचकांक का क्या महत्त्व है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— मानव विकास सूचकांक का महत्त्व निम्नलिखित है—
(i) यह देश के विकास के स्तर का संकेत देता है।
(ii) इसके माध्यम से जीवन प्रत्याशा, साक्षरता एवं वास्तविक प्रति व्यक्ति आय की जानकारी मिलती है।
(iii) यह बताता है कि विभिन्न देश मानव विकास की दिशा में कितने अग्रसर हुए हैं।
प्रश्न 5. विकास के अन्तर्गत सामान्यतः लोग किन लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहते हैं? (प्रश्न बैंक)
अथवा
आय के अतिरिक्त विकास के किन्हीं चार लक्ष्यों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर— विकास के अन्तर्गत सामान्यतः सभी व्यक्ति अपनी आय को अधिकतम करना चाहते हैं, साथ ही लोग समान व्यवहार, स्वतन्त्रता, सुरक्षा तथा दूसरों से सम्मान पाने की इच्छा रखते हैं। लोग जीवन हेतु आवश्यक भौतिक एवं अभौतिक वस्तुओं को पाना चाहते हैं।
प्रश्न 6. विभिन्न राज्यों या देशों की तुलना किस आधार पर की जाती है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— विभिन्न देशों तथा राज्यों की कुछ विशिष्टताओं के आधार पर तुलना की जाती है। देशों की तुलना के लिए उनकी आय सबसे महत्त्वपूर्ण विशिष्टता मानी जाती है तथा प्रति व्यक्ति आय के आधार पर तुलना अधिक बेहतर मानी जाती है।
प्रश्न 7. औसत आय किस प्रकार ज्ञात की जाती है तथा उन सूचकों को सूचीबद्ध कीजिए जिनके आधार पर मानव विकास सूचकांक बनाया जाता है?
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सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 357
उत्तर—औसत आय-किसी देश की कुल आय को उसकी कुल जनसंख्या से भाग देकर औसत आय निकाली जाती है।
मानव विकास सूचकांक के सूचकों की सूची-वे सूचक जिनके आधार पर मानव विकास सूचकांक बनाया जाता है, इस प्रकार हैं-(1) शैक्षिक स्तर (2) स्वास्थ्य की स्थिति (3) प्रति व्यक्ति आय (4) लिंग समानता आदि।
प्रश्न 8. आर्थिक विकास क्या है? प्रति व्यक्ति आय और राष्ट्रीय आय की परिभाषा लिखो। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)
उत्तर—आर्थिक विकास-आर्थिक विकास का अभिप्राय लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है।
प्रति व्यक्ति आय-राष्ट्रीय आय को कुल जनसंख्या से भाग देने पर प्राप्त आय को प्रति व्यक्ति आय कहते हैं।
राष्ट्रीय आय-एक लेखा वर्ष में किसी देश में उत्पादित अन्तिम वस्तुओं और सेवाओं के बाजार मूल्य के जोड़ को राष्ट्रीय आय कहते हैं।
प्रश्न 9. नवीकरणीय व गैर-नवीकरणीय साधनों में क्या अन्तर है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर—नवीकरणीय साधन वे होते हैं जो समाप्त नहीं होते हैं तथा उनका पुनः उपयोग किया जा सकता है; उदाहरण-वायु, जल, मिट्टी तथा सौर ऊर्जा, जबकि गैर-नवीकरणीय साधन वे होते हैं जो सीमित मात्रा में उपलब्ध होते हैं, जो कुछ ही वर्षों के प्रयोग के पश्चात् समाप्त हो जाते हैं। इन संसाधनों का धरती पर निश्चित भण्डार है तथा इनकी पुनः पूर्ति नहीं हो सकती। उदाहरण-कच्चा तेल, कोयला आदि।
प्रश्न 10. विश्व बैंक व संयुक्त राष्ट्र संघ की विकास अवधारणाओं में क्या अन्तर है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर—विश्व बैंक किसी भी देश के विकास को मापने के लिए प्रति व्यक्ति आय का उपयोग करता है जबकि संयुक्त राष्ट्र संघ किसी भी देश के विकास की तुलना लोगों के शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर करती है।
● दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-
प्रश्न 1. औसत आय (प्रति व्यक्ति आय) किस प्रकार ज्ञात की जाती है? 'मानव विकास सूचकांक' के तीन घटकों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर—औसत आय-किसी देश की कुल आय में उसकी कुल जनसंख्या का भाग देकर औसत आय ज्ञात की जाती है।
मानव विकास के सूचक-'मानव विकास सूचकांक' के तीन प्रमुख घटक निम्नलिखित हैं-
(i) प्रति व्यक्ति (औसत) आय-औसत आय का उपयोग जीवन स्तर को मापने के लिए किया जाता है। औसत आय की गणना सभी देशों के लिए डॉलर में की जाती है ताकि उसकी तुलना की जा सके।
(ii) जन्म के समय संभावित आयु-यह व्यक्ति के जन्म के समय औसत आयु की संभावना दर्शाती है।
(iii) शैक्षिक स्तर-शैक्षिक स्तर को प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा तथा प्रौढ़ शिक्षा के सकल नामांक और अनुपात को जोड़कर ज्ञात किया जाता है और उसके आधार पर तुलना की जाती है।
प्रश्न 2. शरीर द्रव्यमान सूचकांक (बी.एम.आई.) क्या है? इसे कैसे ज्ञात कर सकते हैं? (प्रश्न बैंक)
उत्तर—शरीर द्रव्यमान सूचकांक (बी.एम.आई.)- हम उचित प्रकार से पोषित हैं या नहीं, जानने के तरीके को वैज्ञानिक शरीर द्रव्यमान सूचकांक (बी.एम.आई.) कहते हैं।
गणना-इसकी गणना करना सरल है, कक्षा में प्रत्येक विद्यार्थी अपना भार और ऊँचाई ज्ञात करें। प्रत्येक बच्चे का भार किलोग्राम में लें। फिर दीवार पर एक पैमाना बनाकर, सिर को सीधा रखते हुए, ऊँचाई का सही माप करें। सेंटीमीटर से नापी गई ऊँचाई का सही माप करें। किलोग्राम में व्यक्त भार को, ऊँचाई के वर्ग से भाग दें। आपको जो अंक प्राप्त होगा, वही बी.एम.आई. (BMI) कहलाता है। आयु-अनुसार बी.एम.आई. तालिका के आधार पर विद्यार्थी का बी.एम.आई. सामान्य, सामान्य से कम या सामान्य से अधिक हो सकता है।
प्रश्न 3. वर्ष 2019 के लिए विश्व बैंक की विश्व विकास रिपोर्ट के मुख्य बिन्दु बतलाइये।
उत्तर—वर्ष 2019 के लिए विश्व बैंक की विश्व विकास रिपोर्ट के मुख्य बिन्दु निम्न प्रकार हैं-
(1) वे देश जिनकी 2019 में प्रति व्यक्ति आय 49,300 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष या उससे अधिक है, उसे समृद्ध देश कहा गया है।
(2) वे देश जिनकी प्रति व्यक्ति आय 2500 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष या उससे कम है, उन्हें निम्न आय वाला देश कहा गया है।
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(3) भारत मध्य आय वर्ग के देशों में आता है क्योंकि उसकी प्रति व्यक्ति आय 2019 में केवल 6700 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष थी।
(4) समृद्ध देशों, जिनमें मध्य पूर्व के देश और कुछ अन्य छोटे देश शामिल नहीं हैं, को आमतौर पर विकसित देश कहा जाता है।
प्रश्न 4. "औसत आय अधिक होने पर भी हरियाणा का मानव विकास क्रमांक केरल से नीचे है। इसलिए मानव विकास के लिए प्रति व्यक्ति आय एक उपयोगी मापदण्ड बिल्कुल नहीं है।" इस कथन के पक्ष में कोई तीन तर्क दीजिए।
उत्तर— "औसत आय अधिक होने पर भी हरियाणा का मानव विकास क्रमांक केरल से नीचे है। इसलिए मानव विकास के लिए प्रति व्यक्ति आय एक उपयोगी मापदण्ड बिल्कुल नहीं है।" इस कथन के पक्ष में निम्न तीन तर्क दिए गए हैं-
(1) आवश्यक नहीं है कि जेब में रखा रुपया वे सब वस्तुएँ और सेवाएँ खरीद सके, जिनकी आपको एक बेहतर जीवन के लिए आवश्यकता है। जैसे-प्रदूषण मुक्त वातावरण। किसी देश में प्रदूषण मुक्त वातावरण की स्थिति क्या है? यह प्रति व्यक्ति आय के मापदण्ड में नहीं आती है।
(2) नागरिक कितनी भौतिक वस्तुएँ और सेवाएँ प्रयोग कर सकते हैं, इसके लिए आय अपने आप में पर्याप्त सूचक नहीं है। उदाहरण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की प्रति व्यक्ति आय में उपेक्षा हो जाती है।
(3) सरकार या समाज द्वारा शिक्षा की किसी राज्य या देश में किस प्रकार की सुविधाएँ दी जा रही हैं, इसकी गणना प्रति व्यक्ति आय में नहीं आ पाती है, जबकि मानव विकास का यह एक महत्त्वपूर्ण सूचक है।
प्रश्न 5. आर्थिक विकास में स्वास्थ्य की भूमिका को स्पष्ट कीजिए। (प्रश्न बैंक)
उत्तर— आर्थिक विकास में स्वास्थ्य की भूमिका बहुत अहम होती है, जिसे निम्न प्रकार से स्पष्ट कर सकते हैं-
(i) स्वस्थ व्यक्ति हमेशा रोजगार में संलग्न रहता है, जिससे वह आर्थिक रूप से सम्पन्न रहता है।
(ii) स्वस्थ व्यक्ति अधिक उत्पादक और अनुकूलनीय होता है।
(iii) स्वस्थ व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता से कार्य को अधिक प्रभावी ढंग से सम्पन्न कर सकता है।
(iv) स्वस्थ व्यक्ति श्रम आपूर्ति और उत्पादकता बढ़ाने में योगदान देता है।
(v) स्वस्थ व्यक्ति अपने श्रम द्वारा देश की अर्थव्यवस्था के विकास में बेहतर योगदान दे सकता है।
● निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. आपकी दृष्टि में, विकास की धारणीयता के सन्दर्भ में हमारे लक्ष्य क्या होने चाहिए? समझाइए।
उत्तर— हमारी दृष्टि में, विकास की धारणीयता के सन्दर्भ में हमारे निम्न लक्ष्य होने चाहिए-
(1) विकास का ऐसा स्तर बना रहना जो वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ भावी पीढ़ी के लिए भी बना रहे।
(2) विकास के धारणीय स्तर एवं प्रकार में भावी पीढ़ी की उत्पादकता को हानि पहुँचाये बिना वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को सन्तुष्ट करने पर बल देना।
(3) पर्यावरण को भावी पीढ़ी के लिए संरक्षित रखना।
(4) गैर-नवीकरणीय साधनों का कुशल प्रयोग किया जाये क्योंकि ये साधन कुछ ही वर्षों के प्रयोग के पश्चात् समाप्त हो जाते हैं। इनका धरती पर एक निश्चित भंडार है और इनकी पुनः पूर्ति नहीं हो सकती। इनके कुशल प्रयोग द्वारा हम इन्हें भावी पीढ़ी के लिए भी संरक्षित रख सकते हैं एवं नवीकरणीय साधनों के अधिक प्रयोग पर बल देना चाहिए क्योंकि इन साधनों की पुनः पूर्ति प्रकृति करती है लेकिन इन साधनों का भी अति-उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
(5) समस्त प्राकृतिक साधनों का संरक्षण कर उन्हें भावी पीढ़ी के लिए बचाना।
प्रश्न 2. आर्थिक विकास का क्या अभिप्राय है? विकास के विभिन्न लक्ष्यों को स्पष्ट कीजिए।
अथवा
आर्थिक विकास के कोई तीन लक्ष्य समझाइए।
उत्तर— आर्थिक विकास-आर्थिक विकास का तात्पर्य लोगों के जीवन को पहले से बेहतर बनाना है। विकास के अन्तर्गत हम जीवन से जुड़े विभिन्न लक्ष्यों तथा उन्हें प्राप्त करने के उपायों के सम्बन्ध में अध्ययन करते हैं।
विकास के लक्ष्य
विकास के प्रमुख लक्ष्य निम्न प्रकार हैं-
(1) आय में वृद्धि-विकास का सबसे प्रमुख लक्ष्य आय में वृद्धि करना है। इसमें राष्ट्रीय आय तथा प्रति व्यक्ति आय दोनों में वृद्धि के लक्ष्य को शामिल किया जाता है।
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सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 359
(2) नियमित रोजगार एवं बेहतर मजदूरी-विकास का अन्य महत्त्वपूर्ण लक्ष्य यह है कि लोगों को नियमित रोजगार तथा बेहतर मजदूरी के अवसर उपलब्ध हों, ताकि वे अपने जीवन की सभी अनिवार्य आवश्यकताएँ पूरी कर सकें।
(3) समानता एवं सुरक्षा-विकास के अन्तर्गत सभी लोगों के साथ समानता का व्यवहार हो। इसके अतिरिक्त विकास में देश अथवा राज्य में निवास करने वाले सभी लोग स्वतंत्रता, सुरक्षा और दूसरों से आदर मिलने की इच्छा भी रखते हैं।
(4) शैक्षणिक विकास-विकास के अन्तर्गत देश में शैक्षणिक सुविधाओं का विकास करना महत्त्वपूर्ण लक्ष्य है। शिक्षा के विकास द्वारा मानवीय संसाधनों को अधिक कुशल एवं उत्पादक बनाया जा सकता है।
(5) स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार-देश में स्वास्थ्य सुविधाओं का पर्याप्त विकास एवं विस्तार करना विकास का प्रमुख लक्ष्य है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से देश में उत्पादन एवं आय पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा।
(6) सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार-किसी भी देश के विकास का अन्य महत्त्वपूर्ण लक्ष्य देश में सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार करना है, जिससे लोगों की सामूहिक आवश्यकताओं को पूरा किया सके।
प्रश्न 3. विभिन्न देशों अथवा राज्यों के विकास की तुलना किस आधार पर की जानी चाहिए? अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
उत्तर— विभिन्न देशों अथवा राज्यों की तुलना उनकी कुछ प्रमुख विशिष्टताओं के आधार पर की जानी चाहिए। जिस प्रकार दो व्यक्तियों की तुलना उनकी कुछ विशिष्टताओं के आधार पर की जाती है। विभिन्न देशों तथा राज्यों की तुलना करने का सबसे महत्त्वपूर्ण आधार राष्ट्रीय अथवा राज्य आय है तथा उनमें और अधिक बेहतर तुलना हेतु प्रति व्यक्ति आय को तुलना का आधार बनाया जाता है। जिस प्रकार विश्व बैंक ने विश्व विकास रिपोर्ट में देशों का वर्गीकरण उनकी प्रति व्यक्ति आय के आधार पर किया है।
केवल राष्ट्रीय अथवा राज्य आय एवं प्रति व्यक्ति आय के आधार पर तुलना सम्भव नहीं है। अतः विभिन्न देशों अथवा राज्यों की तुलना हेतु अन्य भी कई आधार लेने चाहिए। विभिन्न देशों अथवा राज्यों के विकास की तुलना करने हेतु अन्य महत्त्वपूर्ण आधार निम्न प्रकार हैं-
(1) प्रति व्यक्ति आय (2) रोजगार एवं बेहतर मजदूरी (3) उपज एवं उत्पादन का उचित मूल्य (4) आर्थिक एवं सामाजिक समानता (5) सुरक्षा (6) शैक्षणिक स्तर (7) स्वास्थ्य स्थिति (8) सार्वजनिक सेवाएँ (9) जीवन प्रत्याशा इत्यादि।
इन सभी आधारों पर देशों अथवा राज्यों की बेहतर तुलना की जा सकती है। इन सभी आधारों पर देशों अथवा राज्यों की सही स्थिति का ज्ञान हो जाता है। इस आधार पर यूएनडीपी द्वारा प्रकाशित मानव विकास रिपोर्ट में देशों की तुलना लोगों के शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर की जाती है।
प्रश्न 4. आपकी दृष्टि में शिक्षा के स्तर के आधार पर दो राज्यों के मध्य विकास की तुलना का श्रेष्ठ मापदण्ड क्या है? समझाइए।
उत्तर— हमारी दृष्टि में अकेले शिक्षा के स्तर के आधार पर दो राज्यों के मध्य विकास की तुलना करना श्रेष्ठ मापदण्ड नहीं है। 'मानव विकास सूचकांक' (HDI) में स्वास्थ्य एवं शिक्षा सूचकों का प्रति व्यक्ति आय के साथ व्यापक प्रयोग किया जाता है। शिक्षा का स्तर तुलना के लिए एक महत्त्वपूर्ण मापदण्ड है लेकिन अकेला शिक्षा के स्तर का घटक विकास को मापने का अपर्याप्त मापदण्ड है। इसमें अन्य मानकों की उपेक्षा हो जाती है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा प्रकाशित मानव विकास रिपोर्ट में देशों की तुलना लोगों के शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति तथा प्रति व्यक्ति आय के आधार पर की जाती है।
यह तीन सामाजिक सूचकों का एक मिश्रित सूचकांक है-
(1) लम्बा और स्वस्थ जीवन।
(2) ज्ञान प्राप्त करना।
(3) उत्कृष्ट जीवन स्तर।
इनकी गणना इस प्रकार की जाती है-
(1) दीर्घायु-इसे जन्म के समय जीवन प्रत्याशा द्वारा मापा जाता है।
(2) शैक्षणिक योग्यताओं की प्राप्ति-इसे वयस्क शिक्षा तथा प्राथमिक, माध्यमिक व क्षेत्रीय विद्यालयों में उपस्थिति अनुपातों के मिश्रण के रूप में माना जाता है।
(3) जीवन स्तर-इसे डॉलर की क्रय शक्ति पर आधारित वास्तविक प्रति व्यक्ति आय द्वारा मापा जाता है।
मानव विकास सूचक इन तीनों आयाम सूचकों का साधारण औसत है।
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प्रश्न 5. सार्वजनिक सुविधाओं से क्या अभिप्राय है? सार्वजनिक सुविधाओं का क्या महत्त्व है?
अथवा
सार्वजनिक सुविधाओं से आप क्या समझते हैं? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— सार्वजनिक सुविधाएँ—हम अपने साधनों से सभी वस्तुएँ एवं सेवाएँ प्राप्त नहीं कर पाते हैं जो बेहतर जीवन के लिए आवश्यक हैं, जैसे-स्वच्छ वातावरण, बिना मिलावट की वस्तुएँ, अच्छा स्वास्थ्य आदि। अतः सरकार कई वस्तुएँ लोगों को सामूहिक रूप से उपलब्ध करवाती है जो लोगों के बेहतर जीवन के लिए आवश्यक हैं, इन्हें सार्वजनिक सुविधाएँ कहते हैं।
सार्वजनिक सुविधाओं का महत्त्व—
(1) सार्वजनिक सुविधाओं के तहत लोगों की अनिवार्य आवश्यकताओं को पूरा किया जाता है।
(2) सार्वजनिक सुविधाओं से लोगों के जीवन को अधिक बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
(3) लोग जो वस्तुएँ स्वयं प्राप्त नहीं कर सकते वे सार्वजनिक सुविधाओं के तहत उन्हें उपलब्ध करवाई जाती हैं।
(4) सार्वजनिक सुविधाओं से देश के विकास में मदद मिलती है।
(5) सार्वजनिक सुविधाओं से लोगों का शैक्षणिक एवं शारीरिक विकास होता है।
(6) सार्वजनिक सुविधाओं से लोगों में कुपोषण की समस्या दूर करने में मदद मिलती है।
(7) सार्वजनिक सुविधाओं से निर्धन लोगों को मौलिक सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जाती हैं।
प्रश्न 6. भारत को एक विकसित देश बनाने हेतु हमें क्या कदम उठाने होंगे?
अथवा
एक विकसित देश बनाने हेतु हमें क्या प्रयास करने पड़ेंगे? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— भारत को विकसित देश बनाने हेतु हमें निम्न कदम/प्रयास करने होंगे-
(1) सरकार को देश की कुल आय एवं कुल प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि के प्रयास करने होंगे इसके लिए हमें औद्योगिक एवं कृषि क्षेत्र के विकास पर बल देना होगा।
(2) देश में मानव संसाधनों के विकास हेतु हमें शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना होगा ताकि मानव संसाधनों को अधिक उत्पादक बनाया जा सके।
(3) देश में बेरोजगारी एवं निर्धनता की समस्या है जिसे हमें दूर करने हेतु तीव्र प्रयास करने होंगे।
(4) देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाना होगा ताकि लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके तथा देश में कुपोषण की समस्या को भी दूर किया जा सके।
(5) भारत में विकास हेतु हमें आधारभूत सुविधाओं जैसे परिवहन, संचार, बैंकिंग, सड़कों, शिक्षा आदि का विस्तार करना होगा।
(6) देश को विकसित करने हेतु हमें भ्रष्टाचार, कालाबाजारी, मुनाफाखोरी आदि पर नियंत्रण लगाना होगा।
(7) देश के विकास हेतु हमें सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार करना होगा।
प्रश्न 7. निम्नांकित को स्पष्ट कीजिए— (प्रश्न बैंक)
(i) विकास या धारणीय विकास
(ii) भारत में ऊर्जा स्रोत व उनकी संभावनाएँ।
उत्तर—(i) विकास या धारणीय विकास— विकास एक ऐसी प्रक्रिया है जो वृद्धि पैदा करती है तथा प्रगति के साथ सकारात्मक बदलाव लाती है। लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं अर्थात् जो पहलू एक के लिए सकारात्मक होती है, विकास का वही पहलू दूसरों के लिए नकारात्मक भी हो सकता है। धारणीय विकास ऐसा विकास है जो कि भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं की पूर्ति की क्षमता से समझौता किए बिना वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं की पूर्ति करे।
(ii) भारत में ऊर्जा स्रोत व उनकी संभावनाएँ— जैसा कि हम जानते हैं कि ऊर्जा संसाधन दो प्रकार के हैं-नवीकरणीय तथा गैर-नवीकरणीय। भारत में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत की संभावनाएँ भरपूर हैं। भारत की भौगोलिक स्थिति सौर-ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायो गैस आदि के लिए अनुकूल है परन्तु गैर-नवीकरणीय संसाधन की मात्रा सीमित है तथा इनकी पुनः पूर्ति भी असम्भव है। भारत में ऐसे ऊर्जा स्रोतों के निश्चित भण्डार ही हैं। अतः इन संसाधनों का उपयोग युक्तिसंगत होना चाहिए।
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सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X | 361