RajBoardExam
सामाजिक विज्ञान (Social Science)हिंदी माध्यम2026-27

RBSE Class 10 SST Chapter 22 Solutions in Hindi — [अर्थशास्त्र] उपभोक्ता अधिकार | पासबुक हल, नोट्स

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-10📖 RBSE/NCERT Solutions
भाग 1 — समाधान (अर्थशास्त्र पाठ 5)

📖 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्नोत्तर

राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) — सभी पाठगत प्रश्नों एवं पाठ्यपुस्तक अभ्यास के संपूर्ण सटीक उत्तर।

पाठगत प्रश्न

पृष्ठ 77 (आओ इन पर विचार करें)-

प्रश्न 1. वे कौनसे विभिन्न तरीके हैं, जिनके द्वारा बाजार में लोगों का शोषण हो सकता है?

उत्तर— बाजार में उत्पादकों एवं व्यापारियों द्वारा अनेक तरीकों से शोषण किया जाता है जो निम्न प्रकार हैं-

(1) व्यापारियों तथा दुकानदारों द्वारा प्रायः कम तोलकर उपभोक्ताओं का शोषण किया जाता है।

(2) कई बार दुकानदार या व्यापारी उपभोक्ताओं से वस्तुओं एवं सेवाओं की अधिक कीमत ले लेते हैं।

(3) व्यापारी तथा दुकानदार द्वारा उपभोक्ताओं को मिलावटी वस्तु दे दी जाती है।

(4) कई बार कंपनियों द्वारा गलत या उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले विज्ञापन दिए जाते हैं तथा जिनके माध्यम से उपभोक्ताओं का शोषण होता है।

--- [ पृष्ठ संख्या: 439 ] ---

(5) कई बार कम्पनियाँ कीमत में कई गुप्त अथवा छुपी हुई मदों को जोड़कर भी उपभोक्ताओं का शोषण करती हैं।

(6) कई बार व्यापारी वस्तुओं की जमाखोरी द्वारा कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर बढ़े हुए मूल्य पर उन्हें उपभोक्ताओं को बेचकर उनका शोषण करते हैं।

(7) कई बार विक्रेता विक्रय के उपरान्त सन्तोषजनक सेवाएँ न देकर भी उपभोक्ताओं का शोषण करते हैं।

(8) विक्रेता द्वारा उपभोक्ताओं को नकली वस्तुएँ देकर भी शोषण किया जाता है।

प्रश्न 3. आपकी राय में उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए सरकार की क्या भूमिका होनी चाहिए?

उत्तर— (1) उपभोक्ताओं की सुरक्षा हेतु सरकार को उपभोक्ता सम्बन्धी कानूनों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना चाहिए तथा उपभोक्ता कानूनों का कड़ाई से पालन करवाने का प्रयास करना चाहिए।

(2) सरकार उत्पादकों के लिए यह अनिवार्य करे कि प्रत्येक उत्पाद पर कीमत, निर्माण तिथि, प्रयोग की अन्तिम तिथि, गारन्टी/वारन्टी अवधि, उत्पाद के गुण, उत्पादक का नाम, पता तथा टेलीफोन नम्बर भी हो।

पृष्ठ 78 (आओ इन पर विचार करें)—

प्रश्न 1. उपभोक्ता दलों द्वारा कौन-कौनसे उपाय अपनाए जा सकते हैं?

उत्तर— उपभोक्ता दलों द्वारा उपभोक्ताओं को जागरूक करने हेतु अनेक उपाय किए जा सकते हैं। यथा-

(i) उपभोक्ता दलों द्वारा उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों से अवगत कराना चाहिए।

(ii) उनके द्वारा उपभोक्ताओं को उपभोक्ता सम्बन्धित कानूनों की जानकारी दी जानी चाहिए।

(iii) उपभोक्ताओं को उपभोक्ता अदालतों तथा शिकायत करने की प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जानी चाहिए।

(iv) समय-समय पर उपभोक्ताओं को जागरूक बनाने हेतु अपने-अपने क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।

प्रश्न 2. नियम एवं कानून होने के बावजूद उनका अनुपालन नहीं होता है। क्यों? विचार-विमर्श करें।

उत्तर— नियम एवं कानून होने के बावजूद उनका अनुपालन नहीं हो पाता, इसका सबसे मुख्य कारण यह है कि उपभोक्ता जागरूक नहीं है तथा बहुत से उपभोक्ता तो अपने अधिकारों से ही अवगत नहीं हैं। इसके अतिरिक्त उपभोक्ता निवारण प्रक्रिया जटिल, खर्चीली तथा समय-साध्य साबित हो रही है। कई बार उपभोक्ताओं को वकीलों का सहारा लेना पड़ता है। परिणामतः कई उपभोक्ता कानूनी कार्यवाही में नहीं पड़ना चाहते तथा सब जानकारी होने के पश्चात् भी ऐसे उपभोक्ता शिकायत नहीं करते हैं। अधिकारियों के असहयोग एवं भ्रष्टाचार के कारण भी नियम एवं कानून की अनुपालना नहीं हो पाती है। इसके अलावा अधिकांश खरीददारियों के समय रसीद नहीं दी जाती है, ऐसी स्थिति में प्रमाण जुटाना आसान नहीं होता है।

पृष्ठ 79 (आओ इन पर विचार करें)—

प्रश्न 1. निम्नलिखित उत्पादों/सेवाओं (आप सूची में नया नाम जोड़ सकते हैं) पर चर्चा करें कि इनमें उत्पादकों द्वारा किन सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए-

(क) एल. पी. जी. सिलिंडर (ख) सिनेमा थिएटर (ग) सर्कस (घ) दवाइयाँ (च) खाद्य तेल (छ) विवाह पंडाल (ज) एक बहुमंजिली इमारत।

उत्तर— (क) एल. पी. जी. सिलिंडर-कम्पनी में सिलिंडर भरते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए तथा आधुनिक उपकरणों को काम में लेना चाहिए। सिलिंडर पर सभी आवश्यक सूचनाएँ लिखी होनी चाहिए। सिलिंडर की पूरी जाँच होनी चाहिए कि कहीं गैस निकल तो नहीं रही है। वजन पूरा होना चाहिए तथा कम्पनी की सील लगी होनी चाहिए।

(ख) सिनेमा थिएटर-सिनेमा थिएटरों की समय-समय पर लाइसेन्स एवं अन्य जाँच होनी चाहिए। थिएटर में पार्किंग की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। आग लगने पर बचाव हेतु सभी आवश्यक उपकरण होने चाहिए। आपातकालीन निकास द्वार भी होना चाहिए। सिनेमा थिएटर में सुरक्षा के पूरे इन्तजाम होने चाहिए तथा प्रवेश के समय सभी दर्शकों की पूरी जाँच होनी चाहिए। शौचालय की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। थिएटर के कैन्टीन में सफाई होनी चाहिए तथा खाद्य-पदार्थों की गुणवत्ता की पूरी जाँच की जानी चाहिए तथा कीमतें भी सही निर्धारित की जानी चाहिए।

(ग) सर्कस-सर्कस लगाते समय स्थान का ध्यान से निर्धारण किया जाना चाहिए तथा वहाँ पर्याप्त जगह होनी चाहिए। लोगों द्वारा पार्किंग के लिए बड़ा स्थान होना चाहिए। सुरक्षा का पूरा इन्तजाम होना चाहिए, प्रवेश के समय

--- [ पृष्ठ संख्या: 440 ] ---

सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 433

सभी दर्शकों की सही तरीके से जाँच की जानी चाहिए। जंगली जानवरों को रखने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, उनके खान-पान की उचित व्यवस्था होनी चाहिए तथा जानवरों हेतु प्रशिक्षित लोग होने चाहिए। आग लगने पर बचाव के पूरे इन्तजाम होने चाहिए।

(घ) दवाइयाँ- उत्पादकों द्वारा दवाई बनाते समय स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सम्बन्धी सभी नियमों को ध्यान में रखना चाहिए। सही मात्रा में एवं शुद्ध रसायनों का उपयोग किया जाना चाहिए। किसी भी प्रतिबन्धित दवाई का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। दवाइयों पर उनकी कीमत, फार्मूला, उत्पादन तिथि, समाप्ति तिथि, कम्पनी का नाम एवं पता सही लिखा होना चाहिए।

(च) खाद्य तेल- खाद्य तेल का उत्पादन करते समय उत्पादकों को ध्यान रखना चाहिए कि सभी सामग्री शुद्ध होनी चाहिए तथा खाद्य तेल की सही पैकिंग होनी चाहिए। डिब्बे पर उत्पादन तिथि, कीमत, समाप्ति तिथि आदि की पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। खाद्य तेल में किसी प्रकार की मिलावट नहीं होनी चाहिए। उत्पादक द्वारा उपयुक्त ट्रेडमार्क लिया जाना चाहिए।

(छ) विवाह पंडाल- विवाह पंडाल हेतु पर्याप्त जगह होनी चाहिए तथा वहाँ पानी-बिजली की उपयुक्त व्यवस्था होनी चाहिए। विवाह पंडाल में आगन्तुकों के वाहनों की पार्किंग हेतु भी पर्याप्त जगह अवश्य होनी चाहिए। पंडाल में आग बुझाने की उपयुक्त व्यवस्था होनी चाहिए।

(ज) एक बहुमंजिली इमारत- बहुमंजिली इमारत का निर्माण पारित मानचित्र के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। इमारत में पानी, बिजली, सुरक्षा, अग्निशमन गैस आदि की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। इमारत में पार्किंग की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए तथा लिफ्ट की व्यवस्था भी होनी चाहिए।

पृष्ठ 81 (आओ इन पर विचार करें)-

प्रश्न 1. "जब हम वस्तुएँ खरीदते हैं तो पाते हैं कि कभी-कभी पैकेट पर छपे मूल्य से अधिक या कम मूल्य लिया जाता है।" इसके संभावित कारणों पर बात करें। क्या उपभोक्ता समूह इस मामले में कुछ कर सकते हैं? चर्चा करें।

उत्तर— यह सत्य है कि विक्रेता कई बार छपे मूल्य से कम या ज्यादा कीमत पर अपनी वस्तुएँ बेचता है। कम मूल्य पर वस्तु बेचने के कई कारण हो सकते हैं। कई बार विक्रेता ग्राहकों को आकर्षित करने हेतु अपने लाभ में कुछ कमी करके कम कीमत ले लेते हैं किन्तु कई बार विक्रेता बहुत कम कीमत पर वस्तुएँ बेचता है, ऐसी स्थिति में नकली माल का भय रहता है। इसके अतिरिक्त कई बार विक्रेता उपभोक्ता की अज्ञानता, अशिक्षा या लापरवाही का फायदा उठाकर ऊँची कीमत पर अपना माल बेचता है।

यदि उपभोक्ता समूह विक्रेता द्वारा ली गई कीमत से सन्तुष्ट नहीं हैं तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत उन्हें कई अधिकार प्राप्त हैं। वे उपभोक्ता विक्रेता के खिलाफ उपभोक्ता मंच अथवा अदालत में अपील कर सकते हैं।

प्रश्न 3. लोग नागरिकों की समस्याओं, जैसे- खराब सड़कों या दूषित पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में शिकायतें करते हैं, लेकिन कोई नहीं सुनता। अब RTI कानून आपको प्रश्न पूछने का अधिकार देता है। क्या आप इससे सहमत हैं? विचार कीजिए।

उत्तर— यह सत्य है कि RTI कानून हमें प्रश्न पूछने का अधिकार देता है। हम हमारे हित से सम्बन्धित सभी प्रश्न सरकार अथवा सरकारी विभाग अथवा निजी कम्पनी से पूछ सकते हैं तथा सम्बन्धित विभाग द्वारा उन प्रश्नों के उत्तर अथवा चाही गई सूचना देना अनिवार्य है तथा निर्धारित समय में चाही गई सूचना देना आवश्यक है अन्यथा उपभोक्ता उनके खिलाफ शिकायत कर सकता है।

पृष्ठ 84 (आओ इन पर विचार करें)-

प्रश्न 1. निम्नलिखित को सही क्रम में रखें-

(क) अरिता जिला उपभोक्ता अदालत में एक मुकदमा दायर करती है।

(ख) वह शिकायत के लिए पेशेवर व्यक्ति से मिलती है।

(ग) वह महसूस करती है कि दुकानदार ने उसे दोषयुक्त सामग्री दी है।

(घ) वह आयोग की कार्यवाहियों में भाग लेना शुरू कर देती है।

(ङ) वह शाखा कार्यालय जाती है और डीलर के विरुद्ध शिकायत दर्ज करती है, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

--- [ पृष्ठ संख्या: 441 ] ---

( च ) आयोग के समक्ष पहले उसे बिल और वारंटी प्रस्तुत करने को कहा गया।

( छ ) वह एक खुदरा विक्रेता से दीवाल घड़ी खरीदती है।

( ज ) कुछ ही महीनों के भीतर, न्यायालय ने खुदरा विक्रेता को आदेश दिया कि उसकी पुरानी दीवाल घड़ी की जगह बिना कोई अतिरिक्त मूल्य लिए उसे एक नयी घड़ी दी जाए।

उत्तर— (छ ) अरिता एक खुदरा विक्रेता से दीवाल घड़ी खरीदती है।

(ग) वह महसूस करती है कि दुकानदार ने उसे दोषयुक्त सामग्री दी है।

(ङ) वह शाखा कार्यालय जाती है और डीलर के विरुद्ध शिकायत दर्ज करती है, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

(ख) वह शिकायत के लिए पेशेवर व्यक्ति से मिलती है।

(क) अरिता जिला उपभोक्ता अदालत में एक मुकदमा दायर करती है।

(घ) वह आयोग की कार्यवाहियों में भाग लेना शुरू कर देती है।

(च) आयोग के समक्ष पहले उसे बिल और वारंटी प्रस्तुत करने को कहा गया।

(ज) कुछ ही महीनों के भीतर, न्यायालय ने खुदरा विक्रेता को आदेश दिया कि उसकी पुरानी दीवाल घड़ी की जगह बिना कोई अतिरिक्त मूल्य लिए उसे एक नयी घड़ी दी जाए।

पृष्ठ 86 (आओ इन पर विचार करें)—

प्रश्न 3. उपभोक्ता संरक्षण परिषद एवं उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में क्या अंतर है?

उत्तर— उपभोक्ता संरक्षण परिषद-उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की व्यवस्था के अनुसार केन्द्रीय, राज्य तथा जिला स्तर पर उपभोक्ता संरक्षण परिषद का गठन किया जाता है। केन्द्रीय स्तर पर केन्द्र के उपभोक्ता मामलों के मंत्री की, राज्य में राज्य के उपभोक्ता मामलों के मंत्री की तथा जिला स्तर पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में इनका गठन किया जाता है। इनमें सरकारी एवं गैर-सरकारी दोनों तरह के सदस्य होते हैं। ये परिषदें विभिन्न तरीकों से उपभोक्ता के हितों की रक्षा का कार्य करती हैं तथा उन्हें बढ़ावा देती हैं।

उपभोक्ता अदालत-उपभोक्ता विवादों के निपटारे हेतु उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत एक त्रिस्तरीय न्यायिक तंत्र स्थापित किया गया है। इन्हें जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता अदालत कहा जाता है।

प्रश्न 4. उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 एक उपभोक्ता को निम्नलिखित अधिकार प्रदान करता है—

(क) चयन का अधिकार

(ख) सूचना का अधिकार

(ग) निवारण का अधिकार

(घ) प्रतिनिधित्व का अधिकार

(च) सुरक्षा का अधिकार

(छ) उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार

निम्नलिखित मामलों को उनके सामने दिए गए खानों में अलग शीर्षक और चिह्न के साथ श्रेणीबद्ध करें—

(क) लता को एक नये खरीदे गए आयरन-प्रेस से विद्युत का झटका लगा। उसने तुरन्त दुकानदार से शिकायत की। ( )

(ख) जॉन विगत कुछ महीनों से एम.टी.एन.एल / बी.एस.एन.एल / टाटा इंडीकॉम द्वारा दी गई सेवाओं से असंतुष्ट है। उसने जिला स्तरीय उपभोक्ता फोरम में मुकदमा दर्ज किया। ( )

(ग) तुम्हारे मित्र ने एक दवा खरीदी, जो समाप्ति तारीख (एक्सपायरी डेट) पार कर चुकी है और तुम उसे शिकायत दर्ज करने की सलाह दे रहे हो। ( )

(घ) इकबाल कोई भी सामग्री खरीदने से पहले उसके आवरण पर दी गई जानकारियों की जाँच करता है। ( )

(च) आप अपने क्षेत्र के केबल ऑपरेटर द्वारा दी जाने वाली सेवाओं से असंतुष्ट हैं, लेकिन आपके पास कोई विकल्प नहीं है। ( )

(छ) आपने ये महसूस किया कि दुकानदार ने आपको खराब कैमरा दे दिया है। आप मुख्य कार्यालय में दृढ़ता से शिकायत करते हैं। ( )

--- [ पृष्ठ संख्या: 442 ] ---

सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 435

उत्तर— (क) सुरक्षा का अधिकार

(ख) निवारण का अधिकार

(ग) उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार

(घ) सूचना का अधिकार

(च) चयन का अधिकार।

(छ) प्रतिनिधित्व का अधिकार।

प्रश्न 5. यदि मानकीकरण वस्तुओं की गुणवत्ता को सुनिश्चित करता है, तो क्यों बाजार में बहुत सी वस्तुएँ बिना आई.एस.आई. अथवा एगमार्क प्रमाण के मौजूद हैं?

उत्तर— कुछ उत्पाद जो उपभोक्ता की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं या जिनका उपयोग बड़े पैमाने पर होता है, उनके उत्पादन के लिए आई.एस.आई. अथवा एगमार्क प्रमाण अनिवार्य होता है। सभी उत्पादकों के लिए इन मानदंडों का पालन करना जरूरी नहीं होता है। इसके अतिरिक्त कुछ लालची लोग जो नकली उत्पाद बनाकर कम कीमत पर माल बेचते हैं, वे भी इनका उपयोग नहीं करते हैं।

---

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

---

प्रश्न 1. बाजार में नियमों तथा विनियमों की आवश्यकता क्यों पड़ती है? कुछ उदाहरणों के द्वारा समझाएँ।

अथवा

"उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमों और उपनियमों की आवश्यकता है।" दो तर्क देकर इस कथन की पुष्टि कीजिए।

उत्तर— बाजार में उपभोक्ताओं, श्रमिकों आदि को संरक्षण प्रदान करने हेतु विभिन्न नियमों तथा विनियमों की आवश्यकता होती है क्योंकि-

(1) उपभोक्ता की कमजोर स्थिति— बाजार में अकेला उपभोक्ता प्राय: स्वयं को कमजोर स्थिति में पाता है। खरीदी गयी वस्तु या सेवा के बारे में जब भी कोई शिकायत होती है, तो विक्रेता सारा उत्तरदायित्व क्रेता पर डाल देता है। सामान्यतः उसकी प्रतिक्रिया होती है, "आपने जो खरीदा है, अगर वह पसंद नहीं है तो कहीं और जाइए।" मानो बिक्री हो जाने के बाद विक्रेता की कोई जिम्मेदारी नहीं रह जाती।

(2) उपभोक्ता का शोषण— बाजार में उपभोक्ता का शोषण कई रूपों में होता है। जैसे-उचित वजन से कम वजन तौलना, मिलावटी या दोषपूर्ण वस्तुएँ बेचना, अधिक कीमत वसूलना आदि। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता के हितों की सुरक्षा हेतु नियम-विनियमों की आवश्यकता होती है।

(3) अनुचित बाजार— जब उत्पादक थोड़े और शक्तिशाली होते हैं और उपभोक्ता कम मात्रा में खरीदारी करते हैं और बिखरे हुए होते हैं तो बाजार उचित तरीके से कार्य नहीं करता है। विशेष रूप से यह स्थिति तब होती है, जब इन वस्तुओं का उत्पादन बड़ी कंपनियाँ कर रही होती हैं। ऐसी कंपनियाँ विभिन्न प्रकार से चालाकीपूर्ण तरीके से बाजार को प्रभावित करती हैं।

(4) गलत सूचना— उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियाँ समय-समय पर मीडिया व अन्य स्रोतों से गलत सूचना देती हैं। जैसे-एक कंपनी ने यह दावा करते हुए कि माता के दूध से हमारा उत्पाद बेहतर है, सर्वाधिक वैज्ञानिक उत्पाद के रूप में शिशुओं के लिए दूध का पाउडर पूरे विश्व में कई वर्षों तक बेचा। जबकि उसका यह दावा झूठा निकला।

प्रश्न 2. भारत में उपभोक्ता आन्दोलन की शुरुआत किन कारणों से हुई? इसके विकास के बारे में पता लगाइए।

अथवा

भारत में उपभोक्ता आन्दोलन के कोई चार कारण लिखिये। (प्रश्न बैंक)

अथवा

उपभोक्ता आंदोलन के बारे में आप क्या जानते हैं?

--- [ पृष्ठ संख्या: 443 ] ---

उत्तर—भारत में उपभोक्ता आंदोलन के प्रारम्भ होने के कारण-

(1) भारत में उपभोक्ता आंदोलन की शुरुआत उपभोक्ताओं के असंतोष के कारण हुई क्योंकि विक्रेता कई प्रकार के अनुचित व्यावसायिक व्यवहार करते थे तथा उपभोक्ताओं का शोषण करते थे।

(2) बाजार में उपभोक्ताओं को शोषण से बचाने के लिए कोई कानूनी व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी।

(3) भारत में सामाजिक बल के रूप में उपभोक्ता आन्दोलन का जन्म, अनैतिक एवं अनुचित व्यावसायिक कार्यों से उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता के साथ हुआ।

(4) भारत में अत्यधिक खाद्य कमी, जमाखोरी, कालाबाजारी, खाद्य पदार्थों एवं खाद्य तेल में मिलावट की वजह से 1960 के दशक में व्यवस्थित रूप में उपभोक्ता आन्दोलन का उदय हुआ।

उपभोक्ता आंदोलन का विकास-(1) 1970 के दशक तक उपभोक्ता संस्थाएँ वृहद् स्तर पर उपभोक्ता अधिकार से सम्बन्धित आलेखों के लेखन और प्रदर्शनों का आयोजन का कार्य करने लगी थीं। उन्होंने सड़क यात्री परिवहन में अत्यधिक भीड़-भाड़ और राशन की दुकानों में होने वाले अनुचित कार्यों पर नजर रखने के लिए उपभोक्ता दल का निर्माण किया जिनकी संख्या में निरन्तर वृद्धि होती गई। यह आंदोलन वृहद् स्तर पर उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ और अनुचित व्यवसाय शैली को सुधारने के लिए व्यावसायिक कंपनियों और सरकार दोनों पर दबाव डालता रहा।

(2) उपभोक्ता आन्दोलन के फलस्वरूप सरकार ने 1986 में उपभोक्ताओं के संरक्षण हेतु सबसे महत्त्वपूर्ण 'उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम 1986' कानून बनाया जो COPRA के नाम से विख्यात है।

प्रश्न 3. दो उदाहरण देकर उपभोक्ता जागरूकता की जरूरत का वर्णन करें।

उत्तर— उदाहरण (1) आज भी अनेक दुकानदार तथा विक्रेता अपने उपभोक्ताओं को खराब, कम वजन की वस्तुएँ तथा अप्रमाणित वस्तुएँ बेच देते हैं जिससे उनके स्वास्थ्य एवं धन का नुकसान होता है।

उदाहरण (2) आज भी हम अखबार में कई नीम-हकीमों के विज्ञापन देखते हैं जो लोगों को भ्रमित करने हेतु कई लोगों के उदाहरण देते हुए कई असंभव दावे करते हैं जो वास्तव में चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से संभव नहीं हैं अथवा जिन पर शोध चल रहा है।

उपर्युक्त उदाहरणों की भाँति अनेक उदाहरण हैं जिनमें उत्पादक तथा विक्रेता उपभोक्ताओं का कई प्रकार से शोषण कर रहे हैं। इन सबका मुख्य कारण उपभोक्ताओं की अशिक्षा तथा अज्ञानता है। आज भी बहुत से उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों का ज्ञान नहीं है तथा सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों एवं उपभोक्ता से सम्बन्धित कानूनों की जानकारी नहीं है अतः वे शोषण का शिकार हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को जागरूक बनाना अत्यंत आवश्यक है।

प्रश्न 4. कुछ ऐसे कारकों की चर्चा करें, जिनसे उपभोक्ताओं का शोषण होता है।

अथवा

कुछ ऐसे कारकों की चर्चा कीजिए, जिनसे उपभोक्ताओं का शोषण होता है। किन्हीं तीन कारकों का उल्लेख करें।

अथवा

किन कारणों की वजह से उपभोक्ता का शोषण होता है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— उपभोक्ता के शोषण हेतु अनेक कारक जिम्मेदार हैं, जो निम्न प्रकार हैं-

(1) उपभोक्ता की अज्ञानता, अशिक्षा तथा लापरवाही उपभोक्ताओं के शोषण का सबसे महत्त्वपूर्ण कारक है। अधिकांश खरीददारियों के समय विक्रेता द्वारा रसीद नहीं दी जाती है। ऐसी स्थिति में प्रमाण जुटाना आसान नहीं होता।

(2) आज भी अधिकांश उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों एवं अधिनियमों की जानकारी नहीं है जिससे उनका शोषण होता है।

(3) उपभोक्ता संरक्षण से सम्बन्धित नियम एवं विनियमों का भी सही क्रियान्वयन नहीं किया जाता है तथा प्रायः इनकी प्रक्रिया भी लम्बी, जटिल तथा श्रम-साध्य होती है। कई बार उपभोक्ताओं को वकीलों का सहारा लेना पड़ता है। ये मुकदमे अदालती कार्यवाहियों में शामिल होने और आगे बढ़ने में काफी समय लेते हैं। अतः उपभोक्ता अपील करने में रुचि नहीं रखते।

--- [ पृष्ठ संख्या: 444 ] ---

सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 437

प्रश्न 5. उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 के निर्माण की जरूरत क्यों पड़ी?

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

उत्तर— भारत में उपभोक्ता आन्दोलन बढ़ गया तथा उपभोक्ता दलों की संख्या भी बढ़ती गई। यह आंदोलन वृहत् स्तर पर उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ और अनुचित व्यवसाय शैली को सुधारने के लिए व्यावसायिक कंपनियों और सरकार दोनों पर दबाव डालने में सफल हुआ। परिणामतः सरकार ने 1986 में 'उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986' का निर्माण किया। सरकार को इसके निर्माण की जरूरत पड़ने के कारण थे-

(i) उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण करना।

(ii) व्यापारियों द्वारा किये जा रहे उपभोक्ताओं के शोषण को रोकना।

(iii) उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों व कर्तव्यों की जानकारी देना।

प्रश्न 6. अपने क्षेत्र के बाजार में जाने पर उपभोक्ता के रूप में अपने कुछ कर्तव्यों का वर्णन करें।

अथवा

उपभोक्ता के रूप में अपने कर्तव्य लिखिये। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— उपभोक्ताओं को शोषण से बचने हेतु निम्न कर्तव्यों का पालन करना चाहिए-

(1) उपभोक्ताओं को प्रायः अधिकृत दुकान से ही सामान खरीदना चाहिए।

(2) वस्तु या सेवा क्रय करने से पूर्व विक्रेता से वस्तु या सेवा की पूरी जानकारी लेनी चाहिए तथा उससे सम्बन्धित सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।

(3) वस्तु अथवा सेवा की कीमत, उत्पादन तिथि, समाप्ति तिथि, कम्पनी, ट्रेडमार्क आदि की पूरी जानकारी लेनी चाहिए।

(4) विक्रेता से विज्ञापन सम्बन्धी सभी जानकारी ले लेनी चाहिए तथा विज्ञापन शर्तों को भी ध्यान से जान लेना चाहिए।

(5) वस्तु खरीदने पर वस्तु की अच्छी तरह जाँच कर लेनी चाहिए। हमें वस्तुओं को खरीदते समय आई.एस.आई., एगमार्क, एफ.पी.ओ., हॉलमार्क आदि मानक एवं प्रमाण की मोहर लगे उत्पादों को ही खरीदने की प्राथमिकता देनी चाहिए।

(6) वस्तु या सेवा की गारन्टी अथवा वारन्टी की पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए।

(7) वस्तु खरीदते समय यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि वस्तु का माप-तौल पूरा हो और इसके लिए प्रमाणित बाँट या माप ही प्रयोग में लाये गये हैं।

(8) विक्रेता से बिल अवश्य लेना चाहिए।

(9) उपभोक्ता को अपनी शिकायतों पर क्षतिपूर्ति के लिए उपभोक्ता संगठनों की मदद लेनी चाहिए।

प्रश्न 7. मान लीजिए, आप शहद की एक बोतल और बिस्किट का एक पैकेट खरीदते हैं। खरीदते समय आप कौन-सा लोगो या शब्द चिह्न देखेंगे और क्यों?

उत्तर— हमें गुणवत्ता सम्बन्धी चिह्न देखना चाहिए जो एगमार्क के रूप में होता है। यह चिह्न गुणवत्ता का प्रतीक होता है अर्थात् शुद्धता का प्रतीक होता है।

प्रश्न 8. भारत में उपभोक्ताओं को समर्थ बनाने के लिए सरकार द्वारा किन कानूनी मापदंडों को लागू करना चाहिए? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— भारत में उपभोक्ता संरक्षण हेतु सरकार ने कई अधिनियम बनाए हैं जिन्हें सही रूप से क्रियान्वयन किया जाना चाहिए। सरकार द्वारा उत्पादों एवं कारखानों सम्बन्धी भी कई कानून बनाए गए हैं जिनका पालन किया जाना चाहिए। इन सभी कानूनों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना चाहिए। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 कुछ विशिष्ट वस्तुओं को छोड़कर सभी वस्तुओं व सेवाओं पर लागू होता है। सरकार को इसे कड़ाई से लागू करना चाहिए तथा इसकी लम्बी तथा जटिल प्रक्रिया को सरल करने का प्रयास करना चाहिए।

प्रश्न 9. उपभोक्ताओं के कुछ अधिकारों को बताएँ और प्रत्येक अधिकार पर कुछ पंक्तियाँ लिखें।

अथवा

उपभोक्ता को प्राप्त किन्हीं पाँच अधिकारों का उल्लेख कीजिये। (प्रश्न बैंक)

--- [ पृष्ठ संख्या: 445 ] ---

उत्तर—उपभोक्ता के प्रमुख अधिकार निम्न प्रकार हैं-

1. सुरक्षा का अधिकार- कुछ वस्तुएँ गंभीर आघात पहुँचा सकती हैं। ये वस्तुएँ हैं- प्रेशर कुकर, गैस सिलिंडर, विद्युत की वस्तुएँ आदि। यदि इन वस्तुओं में कोई भी निर्माण की खराबी पाई जाती है तो उपभोक्ता के पास इन घातक खतरों के विरुद्ध संरक्षण के अधिकार प्राप्त हैं।

2. सूचना पाने का अधिकार- एक उपभोक्ता के पास उत्पाद की किस्म, मात्रा और कीमत संबंधी जानकारी प्राप्त करने का अधिकार होता है। यदि ये सूचनाएँ माल के उत्पादक द्वारा नहीं लिखी गई हैं तो उपभोक्ता इन सूचनाओं को प्राप्त करने का अधिकार रखता है।

3. चुनाव का अधिकार- उपभोक्ता के पास दूसरे उपलब्ध वैकल्पिक उत्पादों में से अपनी पसंद का उत्पाद चुनने का अधिकार होता है। यह अधिनियम उपभोक्ता को चुनाव करने का अधिकार प्रदान करता है।

4. क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकार- प्रत्येक उपभोक्ता को सुने जाने का अधिकार प्रदान किया जाना चाहिए। उसे यह विश्वास दिलाना चाहिए कि उत्पादों और सेवाओं से संबंधित उसकी शिकायतों तथा तकलीफ को सुना जाएगा तथा इस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उपभोक्ता को उत्पादक एवं विक्रेता के कारण हुई क्षति के सम्बन्ध में क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकार है।

5. प्रतिनिधित्व का अधिकार- उपभोक्ता के पास उत्पादकों द्वारा शोषित या ठगे जाने के मामले में अपने पक्ष में दावा स्वीकार कराने का अधिकार होता है। सरकार ने इस विशेष उद्देश्य के लिए अनेक उपभोक्ता अदालतें स्थापित की हैं।

6. उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार- उपभोक्ता को वस्तुओं, सेवाओं एवं उनके उपयोग की विधि आदि के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। यह अधिकार उपभोक्ताओं को जागरूक उपभोक्ता बने रहने के लिए ज्ञान तथा क्षमता प्रदान करता है।

प्रश्न 10. उपभोक्ता अपनी एकजुटता का प्रदर्शन कैसे कर सकते हैं?

(प्रश्न बैंक; माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

उत्तर— उपभोक्ता अपनी एकजुटता का प्रदर्शन कई प्रकार से कर सकते हैं। वे किसी उपभोक्ता संगठन या दल का निर्माण करके अपने अधिकारों के लिए लड़ सकते हैं तथा अन्य उपभोक्ताओं को भी जागरूक बना सकते हैं। उपभोक्ता किसी उत्पाद या कम्पनी के खिलाफ भी एकजुट होकर प्रदर्शन कर सकते हैं। उपभोक्ता पहले से चल रहे उपभोक्ता संगठनों से भी जुड़ सकते हैं।

प्रश्न 11. भारत में उपभोक्ता आन्दोलन की प्रगति की समीक्षा करें। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— भारत में 1960 के दशक में व्यवस्थित रूप से उपभोक्ता आन्दोलन का उदय हुआ तथा 1970 के दशक तक उपभोक्ता संस्थाएँ वृहद स्तर पर उपभोक्ताओं के अधिकार से सम्बन्धित आलेखों के लेखन और प्रदर्शनी का आयोजन का कार्य करने लगी थीं। इसके पश्चात् उपभोक्ता दलों की संख्या में निरन्तर वृद्धि होती गई तथा उपभोक्ता आन्दोलन के दबाव में ही सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण हेतु वर्ष 1986 में 'उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986' जारी किया। भारत में उपभोक्ता आन्दोलन ने संगठित समूहों की संख्या और उनकी कार्यविधियों के मामले में कुछ तरक्की की है। आज देश में 2000 से अधिक उपभोक्ता संगठन हैं किन्तु उनमें से मात्र 50-60 ही अपने कार्यों के लिए पूर्ण संगठित एवं मान्यता प्राप्त हैं।

भारत में उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम के तहत उपभोक्ता अदालतों का गठन किया गया किन्तु अभी भी लोगों को इसके सम्बन्ध में पूरी जानकारी नहीं है तथा इन अदालतों की कार्यप्रणाली भी अत्यन्त जटिल एवं लम्बी है, जिससे लोग अपील करने में रुचि नहीं लेते हैं। अक्सर यह कहा जाता है कि उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी से ही उपभोक्ता आन्दोलन प्रभावी हो सकता है। इसके लिए स्वैच्छिक प्रयास और सबकी साझेदारी से युक्त संघर्ष की जरूरत है।

प्रश्न 12. निम्नलिखित को सुमेलित करें-

(1) एक उत्पाद के घटकों का विवरण (क) सुरक्षा का अधिकार

(2) एगमार्क (ख) उपभोक्ता मामलों से संबंध

(3) स्कूटर में खराब इंजन के कारण हुई दुर्घटना (ग) अनाजों और खाद्य तेल का प्रमाण

(4) जिला उपभोक्ता आयोग विकसित करने वाली एजेंसी (घ) उपभोक्ता कल्याण संगठनों की अन्तर्राष्ट्रीय संस्था

--- [ पृष्ठ संख्या: 446 ] ---

सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 439

(5) फूड फोर्टिफिकेशन (ङ) सूचना का अधिकार

(6) उपभोक्ता इंटरनेशनल (च) वस्तुओं और सेवाओं के लिए मानक

(7) भारतीय मानक ब्यूरो (छ) खाद्य पदार्थ में मुख्य पोषक तत्त्वों का मिलाना

उत्तर-(1)-(ङ); (2)-(ग); (3)-(क); (4)-(ख); (5)-(छ); (6)-(घ); (7)-(च)।

प्रश्न 13. सही या गलत बताएँ।

(क) 'कोपरा' केवल सामानों पर लागू होता है।

(ख) भारत विश्व के उन देशों में से एक है, जिसके पास उपभोक्ताओं की समस्याओं के निवारण के लिए विशिष्ट प्राधिकरण हैं।

(ग) जब उपभोक्ता को ऐसा लगे कि उसका शोषण हुआ है, तो उसे जिला उपभोक्ता आयोग में निश्चित रूप से मुकदमा दायर चाहिए।

(घ) जब अधिक मूल्य का नुकसान हो, तभी उपभोक्ता आयोग में जाना लाभप्रद होता है।

(ङ) हॉलमार्क, आभूषणों की गुणवत्ता बनाए रखने वाला प्रमाण है।

(च) उपभोक्ता समस्याओं के निवारण की प्रक्रिया अत्यंत सरल और शीघ्र होती है।

(छ) उपभोक्ता को मुआवजा पाने का अधिकार है, जो क्षति की मात्रा पर निर्भर करती है।

उत्तर-(क) गलत (ख) सही (ग) सही (घ) गलत (ङ) सही (च) गलत (छ) सही।

--- अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न ---

भाग 2 — रिवीजन नोट्स (Notes & Summary)

📝 2. नोट्स: पाठ-सार, मुख्य बिंदु एवं शब्दावली

महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं, भौगोलिक परिभाषाएं, राजनीतिक सिद्धांत एवं संपूर्ण अध्याय का सारगर्भित सारांश।

[पाठ-सार]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 1

पाठ-सार

बाजार में उपभोक्ता-बाजार में हमारी भागीदारी उत्पादक एवं उपभोक्ता दोनों रूपों में होती है। उपभोक्ता वह होता है जो अन्तिम वस्तुओं एवं सेवाओं का उपभोग करता है। बाजार में उत्पादकों द्वारा उपभोक्ताओं का शोषण कई प्रकार से किया जाता है, जैसे-कम तोलना, अधिक मूल्य लेना, मिलावटी वस्तु देना, गलत विज्ञापन आदि। जब उत्पादक थोड़े और शक्तिशाली होते हैं तथा उपभोक्ता कम मात्रा में खरीदारी करते हैं और बिखरे हुए होते हैं, तो बाजार उचित तरीके से कार्य नहीं करता है। विशेष रूप से यह स्थिति तब होती है जब इन वस्तुओं का उत्पादन बड़ी कंपनियाँ कर रही हों। तो वे चालाकीपूर्ण ढंग से बाजार को प्रभावित करती हैं, उपभोक्ताओं को मीडिया प्रचार द्वारा गलत सूचना देकर आकर्षित करती हैं। अतः उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियम और विनियमों की आवश्यकता होती है।

उपभोक्ता आंदोलन-(i) उपभोक्ता आंदोलन का आरंभ उपभोक्ताओं के असंतोष के कारण हुआ, क्योंकि

--- [ पृष्ठ संख्या: 438 ] ---

सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 431

विक्रेता कई अनुचित व्यवहारों में शामिल होते थे। बाजार में उपभोक्ता को शोषण से बचाने के लिए कोई कानूनी व्यवस्था नहीं थी।

(ii) भारत में सामाजिक बल के रूप में उपभोक्ता आंदोलन का जन्म अनैतिक और अनुचित व्यवसाय कार्यों से उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और प्रोत्साहन करने की आवश्यकता के साथ हुआ।

भारत में 1960 के दशक में अत्यधिक खाद्य कमी, जमाखोरी, कालाबाजारी, खाद्य पदार्थों एवं खाद्य तेलों में मिलावट की वजह से व्यवस्थित रूप से उपभोक्ता आन्दोलन का उदय हुआ। 1970 के दशक में उपभोक्ता संस्थाएँ सक्रिय हुईं। उन्होंने अनुचित व्यावसायिक कार्यों पर नजर रखने के लिए उपभोक्ता दल बनाया। इन उपभोक्ता दलों की भारी संख्या में वृद्धि हुई, फलतः यह आंदोलन अनुचित व्यवसाय शैली को सुधारने के लिए व्यावसायिक कंपनियों और सरकार दोनों पर दबाव डालने में सफल रहा। परिणामतः उपभोक्ताओं के संरक्षण हेतु 1986 में 'उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम' नामक कानून बनाया गया जो COPRA के नाम से प्रसिद्ध है।

उपभोक्ता अधिकार-(1) सुरक्षा सबका अधिकार है-उपभोक्ताओं के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण सुरक्षा का अधिकार है। जब हम एक उपभोक्ता के रूप में बहुत-सी वस्तुएँ और सेवाओं का उपयोग करते हैं, तो हमें वस्तुओं के बाजारीकरण और सेवाओं की प्राप्ति के खिलाफ सुरक्षित रहने का अधिकार होता है, क्योंकि ये जीवन और सम्मति के लिए खतरनाक होते हैं। हमें उत्पाद खरीदते समय सुरक्षा सम्बन्धी पूरी जाँच करनी चाहिए।

(2) वस्तुओं और सेवाओं के बारे में जानकारी का अधिकार-उपभोक्ता का दूसरा महत्त्वपूर्ण अधिकार सूचना पाने का अधिकार है। उपभोक्ता जब वस्तुओं एवं सेवाओं को खरीदता है तो उसे उसके सम्बन्ध में पूरी जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। आज सरकार प्रदत्त विविध सेवाओं को उपयोगी बनाने के लिए सूचना पाने के अधिकार को बढ़ा दिया गया है। अक्टूबर, 2005 में इसी उद्देश्य से RTI (सूचना पाने का अधिकार) का कानून लागू किया है।

(3) चयन का अधिकार-उपभोक्ता को वस्तु अथवा सेवा के चुनाव का अधिकार होता है।

(4) क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकार-उपभोक्ताओं को अनुचित सौदेबाजी और शोषण के विरुद्ध क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकार है।

(5) उपभोक्ता के रूप में उपभोक्ता न्यायालय में प्रतिनिधित्व का अधिकार।

(6) उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार।

न्यायिक तन्त्र-'उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम' के अन्तर्गत उपभोक्ता विवादों के निपटारे के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तरों पर एक त्रिस्तरीय न्यायिक तंत्र स्थापित किया गया है। इस अधिनियम ने उपभोक्ता के रूप में उपभोक्ता न्यायालय में प्रतिनिधित्व का अधिकार देकर हमें समर्थ बनाया है। हमें एक जागरूक उपभोक्ता बनना होगा, सरकार द्वारा भी उपभोक्ता को जागरूक बनाने हेतु कई प्रयास किए जा रहे हैं।

उपभोक्ता आंदोलन को आगे बढ़ाने के संबंध में-24 दिसम्बर को भारत में 'राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस' के रूप में मनाया जाता रहा है। भारत में उपभोक्ता संरक्षण के सम्बन्ध में निरन्तर प्रयास हो रहे हैं तथा तरक्की हो रही है। भारत में अनेक उपभोक्ता संगठन कार्यरत हैं। उपभोक्ता संरक्षण हेतु उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उपभोक्ता के अधिकारों को मजबूती देने हेतु कोपरा 'उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम' में 2019 में संशोधन हुआ था। जिसमें अब इंटरनेट के माध्यम से खरीद भी शामिल है।

---

भाग 3 — परीक्षा उपयोगी प्रश्न (Important Questions)

3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर एवं बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक, लघूत्तरात्मक एवं निबंधात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।

● बहुविकल्पीय प्रश्न-

1. बाजार में उपभोक्ता के लिए नियमों और विनियमों की आवश्यकता होती है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

(अ) उपभोक्ता की सुरक्षा के लिए (ब) उपभोक्ता के शोषण के लिए

(स) उपभोक्ता के आकर्षण के लिए (द) उपभोक्ता के अनुचित व्यवहार के लिए

2. उपभोक्ता के अधिकारों में सम्मिलित है-

(अ) प्रतिनिधित्व का अधिकार (ब) क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकार

(स) चुनने का अधिकार (द) उपर्युक्त सभी

3. विक्रेता अथवा दुकानदारों द्वारा उपभोक्ताओं का शोषण किया जाता है-

(अ) अधिक कीमत लेकर (ब) मिलावटी वस्तुएँ देकर

(स) कम वजन देकर (द) उपर्युक्त सभी

4. उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम कब लागू हुआ? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

अथवा

भारत में उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू किया गया- (प्रश्न बैंक)

(अ) 1986 (ब) 1985 (स) 1999 (द) 1994

5. उपभोक्ता का कर्तव्य है-

(अ) अधिकतम खुदरा मूल्य की जाँच करना (ब) उत्पादन तिथि की जाँच करना

(स) वस्तु की गुणवत्ता की जाँच करना (द) उपर्युक्त सभी

6. कोपरा (COPRA) क्या है?

(अ) उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम (ब) उपभोक्ता आन्दोलन

(स) उपभोक्ता दल (द) उपर्युक्त सभी

7. 'कोपरा' के अन्तर्गत उपभोक्ता विवादों के निपटारे के लिए स्थापित किया गया है-

(अ) जिला मंच (ब) राज्य मंच (स) राष्ट्रीय मंच (द) उपर्युक्त सभी

8. उपभोक्ता शोषण का मूल कारण है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

(अ) अशिक्षा (ब) अमीरी (स) मजबूरी (द) उपर्युक्त सभी

--- [ पृष्ठ संख्या: 447 ] ---

(अ) अशिक्षा (ब) बेरोजगारी (स) गरीबी (द) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न 9. भारत में सूचना पाने का अधिकार कब लागू हुआ?

(अ) 2002 (ब) 2005 (स) 2014 (द) 2019

प्रश्न 10. अक्टूबर, 2005 में भारत सरकार ने एक कानून लागू किया, वह कानून है-

(अ) चुनने का अधिकार (ब) क्षतिपूर्ति निवारण कानून

(स) सूचना पाने का अधिकार (द) उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम

प्रश्न 11. एक करोड़ रुपये तक के दावों से सम्बन्धित मुकदमों पर विचार करता है-

(अ) राष्ट्रीय आयोग (ब) राज्य आयोग (स) जिला केन्द्र (द) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न 12. भारत में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस कब मनाया जाता है?

(अ) 5 अक्टूबर को (ब) 24 दिसम्बर को (स) 30 जनवरी को (द) 15 अप्रैल को

प्रश्न 13. निम्न में से कौनसा गुणवत्ता हेतु प्रमाणक है?

(अ) आई.एस.आई. (ब) एगमार्क (स) हॉलमार्क (द) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 14. उपभोक्ताओं की भागीदारी बाजार में तब होती है जब वे-

(अ) वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादक के रूप में आते हैं।

(ब) वस्तुओं-सेवाओं के व्यापार करने के रूप में आते हैं।

(स) वस्तुओं-सेवाओं को उपभोग हेतु खरीदते हैं। (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं।

प्रश्न 15. बाजार में निम्न में से कौनसा रूप शोषण का उदाहरण नहीं है-

(अ) दुकानदार उचित वजन से कम वजन तौलते हैं।

(ब) व्यापारी उन शुल्कों को जोड़ते हैं जिनका वर्णन पहले से लिया गया हो।

(स) मिलावटी वस्तुएँ बेची जाती हैं। (द) दोषपूर्ण वस्तुएँ बेची जाती हैं।

प्रश्न 16. भारत में किस दशक में व्यवस्थित रूप से उपभोक्ता आन्दोलन का उदय हुआ?

(अ) 1960 के दशक में (ब) 1950 के दशक में

(स) 1970 के दशक में (द) 1940 के दशक में

प्रश्न 17. आज उपभोक्ता इन्टरनेशनल कितनी संस्थाओं की एक संरक्षक संस्था बन गया है?

(अ) 115 (ब) 120 (स) 200 (द) 193

प्रश्न 18. उपभोक्ताओं को अनुचित सौदेबाजी और शोषण के विरुद्ध जो अधिकार प्राप्त हैं, उसे कहते हैं-

(अ) सूचना पाने का अधिकार (ब) चुनने का अधिकार

(स) क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकार (द) न्यायालय में प्रतिनिधित्व का अधिकार

प्रश्न 19. आज भारत में उपभोक्ता संगठन हैं-

(अ) 20-25 (ब) 100 (स) 2000 से अधिक (द) 1000

प्रश्न 20. आज भारत के उपभोक्ता संगठनों में से जो संगठन अपने कार्यों के लिए पूर्ण संगठित और मान्यता प्राप्त हैं, उनकी संख्या हैं-

(अ) 50-60 (ब) 700 से अधिक

(स) 100 से अधिक (द) 1000 से अधिक

प्रश्न 21. उपभोक्ता अदालत या उपभोक्ता संरक्षण परिषद का कार्य है-

(अ) उपभोक्ता को अदालत में मुकदमा दर्ज कराने में मार्गदर्शन करना

(ब) उपभोक्ता अदालतों में उपभोक्ता का प्रतिनिधित्व करना

(स) जनता में जागरूकता पैदा करना (द) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 22. जब नया गैस कनेक्शन लेने के लिए गैस डीलर उसके साथ एक चूल्हा भी देने के लिए आप पर दबाव डालता है, तो यह दबाव हमारे जिस उपभोक्ता अधिकार का उल्लंघन करता है, वह है-

(अ) सूचना पाने के अधिकारका (ब) चुनने के अधिकार का

--- [ पृष्ठ संख्या: 448 ] ---

सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 441

(स) क्षतिपूर्ति निवारण के अधिकार का (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं

23. बाजार में उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए नियम व विनियमों की आवश्यकता होती है, क्योंकि-

(अ) उपभोक्ता जागरूक होता है।

(ब) उत्पादक स्वयं को कमजोर स्थिति में पाता है।

(स) उपभोक्ता स्वयं को कमजोर स्थिति में पाता है।

(द) उपभोक्ता हिंसक हो जाते हैं।

24. एक करोड़ से लेकर 10 करोड़ तक के दावों से सम्बन्धित मुकदमों की शिकायतें प्रस्तुत की जा सकती हैं-

(अ) जिला स्तरीय न्यायालय में (ब) राज्य स्तरीय न्यायालय में

(स) राष्ट्रीय स्तर की अदालतों में (द) उपरोक्त सभी में

25. एगमार्क प्रामाणिक चिह्न है-

(अ) उत्पादित सामान का (ब) सोने-चाँदी का (स) खाद्य पदार्थ का (द) उत्पादित मशीन का

26. निम्न में से उपभोक्ता का अधिकार नहीं है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

(अ) सूचना पाने का अधिकार (ब) चयन का अधिकार

(स) सुरक्षा का अधिकार (द) कीमत में कमी का अधिकार

27. कौनसा उपभोक्ता त्रिस्तरीय तंत्र का स्तर नहीं है? (प्रश्न बैंक)

(अ) तहसील (ब) जिला (स) राज्य (द) राष्ट्रीय

28. वस्तुओं और सेवाओं के लिये मानक प्रदान करता है- (प्रश्न बैंक)

(अ) भारतीय मानक ब्यूरो (ब) एगमार्क

(स) उपभोक्ता इंटरनेशनल (द) फूड फोर्टिफिकेशन

29. असंगत को पृथक कीजिए- (प्रश्न बैंक)

(अ) राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 24 दिसम्बर (ब) सूचना प्राप्त करने का अधिकार अक्टूबर-2005

(स) न्यूनतम खुदरा मूल्य (द) हॉलमार्क, एगमार्क, मानक शब्द चिह्न

उत्तरमाला

1. (अ) 2. (द) 3. (द) 4. (अ) 5. (द) 6. (अ) 7. (द)

8. (अ) 9. (ब) 10. (स) 11. (स) 12. (ब) 13. (द) 14. (स)

15. (ब) 16. (अ) 17. (स) 18. (स) 19. (स) 20. (अ) 21. (द)

22. (ब) 23. (स) 24. (ब) 25. (स) 26. (द) 27. (अ) 28. (अ) 29. (स)।

● रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. ......... के दशक में व्यवस्थित रूप में उपभोक्ता आन्दोलन का उदय हुआ। (प्रश्न बैंक)

2. आज .......... 100 से भी अधिक देशों की 200 संस्थाओं की एक संरक्षक संस्था बन गया है।

3. उपभोक्ताओं को अनुचित सौदेबाजी और शोषण के विरुद्ध .......... का अधिकार है।

4. 'कोपरा' के अन्तर्गत उपभोक्ता विवादों के निपटारे हेतु एक ......... न्यायिक तंत्र स्थापित किया गया है।

5. उपभोक्ता आन्दोलन का प्रारम्भ उपभोक्ताओं के .......... के कारण हुआ। (प्रश्न बैंक)

6. 'कोपरा' का ............... में संशोधन हुआ था जिसमें अब इंटरनेट के माध्यम से खरीद भी शामिल है।

7. बाजार में हमारी भागीदारी उत्पादक और .................... दोनों रूपों में होती है। (प्रश्न बैंक)

8. ............. ई. में संयुक्त राष्ट्र ने उपभोक्ता सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र के दिशा-निर्देशों को अपनाया। (प्रश्न बैंक)

9. 24 दिसम्बर, 1986 को भारतीय संसद में .................... अधिनियम पारित किया गया। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

10. भारत में प्रतिवर्ष ........................ को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

--- [ पृष्ठ संख्या: 449 ] ---

उत्तरमाला

1. 1960 | 2. उपभोक्ता इंटरनेशनल | 3. क्षतिपूर्ति निवारण | 4. त्रिस्तरीय | 5. असंतोष

6. 2019 | 7. उपभोक्ता | 8. 1985 | 9. उपभोक्ता सुरक्षा | 10. 24 दिसम्बर

● अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 का दूसरा नाम क्या है?

उत्तर— उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 का दूसरा नाम COPRA है।

प्रश्न 2. अन्तिम वस्तुएँ कौनसी होती हैं?

उत्तर— उपभोक्ता के रूप में लोगों द्वारा जिन वस्तुओं का उपयोग किया जाता है, वे अन्तिम वस्तुएँ होती हैं।

प्रश्न 3. उपभोक्ता कौन होता है?

उत्तर— वह व्यक्ति जो किसी वस्तु या पदार्थ का बाजार से क्रय करता है और उसका उपभोग करता है, उपभोक्ता कहलाता है।

प्रश्न 4. 'कोपरा' का पूरा नाम बताइए।

उत्तर— उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम।

प्रश्न 5. सूचना का अधिकार से क्या तात्पर्य है?

उत्तर— सूचना का अधिकार वह कानून है जिसके तहत देश के नागरिकों को सरकारों के निर्णयों व कार्यकलापों की सूचना पाने का अधिकार है।

प्रश्न 6. विद्युत उपकरणों एवं खाद्य वस्तुओं पर अंकित चिह्न और प्रमाणकों के नाम लिखिए।

अथवा

आई.एस.आई. तथा एगमार्क क्या है?

अथवा

एगमार्क से आप क्या समझते हैं? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— आई.एस.आई. एवं एगमार्क वे शब्द चिह्न (लोगो) और प्रमाणक चिह्न हैं जो खरीदी जाने वाली वस्तुओं की विश्वसनीयता और गुणवत्ता को सुनिश्चित करते हैं।

प्रश्न 7. उपभोक्ता जो भी वस्तु या सेवा खरीदना चाहता है उसके सम्बन्ध में वह पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है। यह उपभोक्ता का कौनसा अधिकार है?

उत्तर— सूचना पाने का अधिकार।

प्रश्न 8. सूचना का अधिकार अधिनियम भारत में किस वर्ष लागू हुआ? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— वर्ष 2005 में।

प्रश्न 9. भारत में उपभोक्ता को जागरूक बनाने हेतु चलाए जा रहे एक कार्यक्रम का नाम बताइए।

उत्तर— 'जागो ग्राहक जागो'।

प्रश्न 10. उपभोक्ता के शोषण का कोई एक उदाहरण दीजिए।

उत्तर— उपभोक्ता को मिलावटी वस्तु देना।

प्रश्न 11. RTI का पूरा नाम लिखिए।

उत्तर— राइट टू इनफॉर्मेशन।

प्रश्न 12. उपभोक्ता के कोई दो अधिकारों का नाम बताइए।

उत्तर— (1) सूचना पाने का अधिकार (2) सुरक्षा का अधिकार।

प्रश्न 13. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम कब पारित किया गया? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

उत्तर— उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 में पारित किया गया।

प्रश्न 14. उपभोक्ता जागरूकता से आप क्या समझते हैं?

उत्तर— उपभोक्ता को उसके अधिकारों एवं कर्तव्यों से अवगत कराना ही उपभोक्ता जागरूकता है।

--- [ पृष्ठ संख्या: 450 ] ---

सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 443

प्रश्न 15. उपभोक्ता संरक्षण से आप क्या समझते हैं?

उत्तर— उपभोक्ता को उत्पादक, विक्रेता तथा दुकानदार के शोषण से बचाना ही उपभोक्ता संरक्षण है।

प्रश्न 16. ऐसे कोई दो तरीकों का उल्लेख कीजिए जिनसे प्राय: दुकानदार उपभोक्ता का शोषण करते हैं।

उत्तर— (1) दुकानदारों द्वारा उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूल करना।

(2) उपभोक्ताओं को कम वजन देना तथा घटिया वस्तु देना।

प्रश्न 17. यदि व्यापारी द्वारा उपभोक्ता को कोई क्षति पहुँचाई गई है, तो किस उपभोक्ता अधिकार के अन्तर्गत वह नुकसान की भरपाई के लिए उपभोक्ता न्यायालय जा सकता है?

उत्तर— सुरक्षा के अधिकार के अन्तर्गत।

प्रश्न 18. मान लीजिए आपको बिजली का सामान (उपकरण) खरीदना है, तो उस सामान पर गुणवत्ता के लिए आप कौनसा लोगो या शब्द चिह्न देखोगे?

उत्तर— आईएसआई (ISI) चिह्न देखेंगे।

प्रश्न 19. आप पानी की पैक बोतल खरीदते समय उसकी गुणवत्ता के प्रति आश्वस्त होने के लिए कौनसा शब्द-चिह्न (लोगो) देखेंगे?

उत्तर— एगमार्क चिह्न।

प्रश्न 20. सोने के आभूषण खरीदते समय आप आभूषणों पर कौनसा शब्द चिह्न (लोगो) देखेंगे?

उत्तर— हॉलमार्क।

प्रश्न 21. किसी वस्तु की निर्माण एवं समाप्ति की तिथि जानना किस अधिकार के अन्तर्गत आता है?

उत्तर— किसी वस्तु की निर्माण एवं समाप्ति की तिथि जानना सूचना पाने के अधिकार के तहत आता है।

प्रश्न 22. कोई दुकानदार किस अधिकार के तहत आपको कोई वस्तु जबरदस्ती नहीं बेच सकता है?

उत्तर— कोई दुकानदार हमें चुनने के अधिकार के तहत कोई वस्तु जबरदस्ती नहीं बेच सकता है।

प्रश्न 23. किस अधिकार के तहत हम उपभोक्ता अदालत में अपनी हानि हेतु दावा कर सकते हैं?

उत्तर— क्षतिपूर्ति निवारण के अधिकार से हम उपभोक्ता अदालत में दावा करते हैं।

प्रश्न 24. राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस कब मनाया जाता है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 24 दिसम्बर को मनाया जाता है।

प्रश्न 25. 'चयन के अधिकार का प्रयोग' आप कैसे कर सकते हैं? एक उदाहरण दीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उत्तर— चयन के अधिकार का प्रयोग करने का अर्थ है अपने धन को कैसे खर्च करना है और किस उत्पाद या सेवा का चयन करना है, यह तय करना। उदाहरण-मोबाइल फोन खरीदते समय ब्राण्ड का चयन करना।

प्रश्न 26. 'COPRA' से आप क्या समझते हैं? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— 1986 में भारत सरकार ने 'उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम' कानून बनाया, जो 'COPRA' के नाम से जाना गया।

प्रश्न 27. 'MRP' का पूरा नाम लिखिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— अधिकतम खुदरा मूल्य।

प्रश्न 28. 'हॉलमार्क' से आप क्या समझते हैं? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— आभूषणों की गुणवत्ता बनाए रखने वाले प्रमाण को 'हॉलमार्क' कहते हैं।

प्रश्न 29. 'क्लास एक्शन सूट' से आप क्या समझते हैं? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— आजकल उपभोक्ता व्यक्तिगत रूप से अथवा समूह के रूप में, शारीरिक रूप से अथवा इंटरनेट के द्वारा शिकायत दर्ज करवाना और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामले का संचालन करवाना 'क्लास एक्शन सूट' कहलाता है।

प्रश्न 30. उपभोक्ता विवादों के निपटारे हेतु त्रिस्तरीय न्यायिक तंत्र व्यवस्था के स्तर लिखिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— त्रिस्तरीय न्यायिक तंत्र व्यवस्था है-जिला आयोग, राज्य आयोग तथा राष्ट्रीय आयोग।

प्रश्न 31. 'उपभोक्ता इंटरनेशनल' से आप क्या समझते हैं? (प्रश्न बैंक)

--- [ पृष्ठ संख्या: 451 ] ---

उत्तर—संयुक्त राष्ट्र ने 1985 में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता सुरक्षा हेतु 'उपभोक्ता की वकालत करने वाले समूह' का निर्माण किया जिसे 'उपभोक्ता इंटरनेशनल' के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 32. 'RTI' से आप क्या समझते हैं? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— सूचना पाने का अधिकार (RTI) से अर्थ है—उपभोक्ता के पास किसी भी उत्पाद की किस्म, मात्रा और कीमत सम्बन्धी जानकारी प्राप्त करने का अधिकार होता है।

प्रश्न 33. 'लोगो' से आप क्या समझते हैं? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु शब्दचिह्न अथवा प्रमाणक चिह्न को 'लोगो' कहते हैं।

● लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. उपभोक्ता किसे कहते हैं? उपभोक्ता के दो कर्तव्य लिखिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— विभिन्न वस्तुओं अथवा सेवाओं का उपभोग करने वाला उपभोक्ता कहलाता है। उपभोक्ता के कर्तव्य हैं-(i) किसी भी वस्तु को खरीदते समय उसकी रसीद लेना, (ii) वस्तु की खरीददारी करते समय उसकी गुणवत्ता को जाँचंना।

प्रश्न 2. उपभोक्ता को प्राप्त कोई दो अधिकारों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर— (1) सूचना पाने का अधिकार—उपभोक्ता को उत्पाद की किस्म, मात्रा, कीमत, उत्पादन तिथि आदि की जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है।

(2) क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकार—प्रत्येक उपभोक्ता को सुने जाने का अधिकार प्राप्त है ताकि वह उत्पादकों से क्षतिपूर्ति प्राप्त कर सके।

प्रश्न 3. उपभोक्ता को उत्पादकों एवं विक्रेताओं के शोषण से बचाने हेतु कोई दो उपाय बताइए।

उत्तर— (1) उपभोक्ता को उसके अधिकारों के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करनी चाहिए ताकि वह अपने संरक्षण में इनका उपयोग कर सके।

(2) उपभोक्ता को संरक्षण सम्बन्धी सभी अधिनियमों एवं प्रक्रिया के सम्बन्ध में जानकारी देनी चाहिए।

प्रश्न 4. एक उपभोक्ता को बाजार से वस्तु खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? कोई दो बातों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर— (1) वस्तु अथवा सेवा की कीमत, उत्पादन तिथि, समाप्ति तिथि, कम्पनी का नाम-पता, ट्रेडमार्क आदि के सम्बन्ध में पूरी जानकारी लेनी चाहिए।

(2) उपभोक्ता को वस्तु खरीदते समय विक्रेता से उसका बिल अवश्य लेना चाहिए।

प्रश्न 5. प्रतिनिधित्व के अधिकार को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर— एक उपभोक्ता के पास उत्पादकों एवं विक्रेताओं द्वारा शोषित अथवा ठगे जाने के मामले में अपने पक्ष में न्यायालय में दावा प्रस्तुत करने का अधिकार होता है। सरकार ने इस विशेष उद्देश्य के लिए अनेक उपभोक्ता अदालतें स्थापित की हैं।

प्रश्न 6. सुरक्षा के अधिकार को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर— विभिन्न विद्युत उपकरणों तथा अन्य वस्तुओं में कोई भी निर्माण सम्बन्धी या अन्य खराबी पाई जाती है तो उपभोक्ता के पास इन घातक खतरों के विरुद्ध संरक्षण का अधिकार प्राप्त है, यही सुरक्षा का अधिकार है।

प्रश्न 7. उपभोक्ता संरक्षण परिषद् के दो कार्य बताइए।

उत्तर— (1) उपभोक्ता संरक्षण परिषद् उपभोक्ताओं के संरक्षण का कार्य करती हैं।

(2) ये उपभोक्ताओं का मार्गदर्शन करती हैं कि कैसे उपभोक्ता अदालत में मुकदमा दर्ज कराएँ।

(3) बहुत से अवसरों पर ये उपभोक्ता अदालत में व्यक्ति विशेष (उपभोक्ता) का प्रतिनिधित्व भी करती हैं।

प्रश्न 8. क्षतिपूर्ति निवारण के अधिकार से आप क्या समझते हैं? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— उपभोक्ताओं को अनुचित सौदेबाजी और शोषण के विरुद्ध क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकार है। यदि एक उपभोक्ता को कोई क्षति पहुँचाई जाती है, तो क्षति की मात्रा के आधार पर उसे क्षतिपूर्ति पाने का अधिकार है। इसके लिए वह उपयुक्त उपभोक्ता केन्द्र के सम्मुख अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है।

--- [ पृष्ठ संख्या: 452 ] ---

सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 445

प्रश्न 9. उपभोक्ता के 'चुनने के अधिकार' को स्पष्ट कीजिए।

अथवा

उपभोक्ता के संदर्भ में चुनने का अधिकार क्या है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— किसी भी उपभोक्ता को जो कि किसी सेवा को प्राप्त करता है, चाहे वह किसी भी आयु एवं लिंग का हो तथा किसी भी प्रकार की सेवा प्राप्त करता हो, उसको सेवा प्राप्त करते हुए हमेशा चयन का अधिकार होता है।

प्रश्न 10. भारत में उपभोक्ता आन्दोलन को प्रभावी बनाने के किन्हीं दो कारकों का वर्णन कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

उत्तर— (1) भारत में उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी से ही उपभोक्ता आन्दोलन प्रभावी हो सकता है।

(2) उपभोक्ता आन्दोलन को प्रभावी बनाने के लिए स्वैच्छिक प्रयास और सबकी साझेदारी से युक्त संघर्ष की जरूरत है।

प्रश्न 11. उपभोक्ता जागरूकता के कोई दो उपाय लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

उत्तर— (i) उपभोक्ता को जागरूक बनाने हेतु अखबारों एवं टी.वी. पर विज्ञापन देकर उन्हें अधिकारों से अवगत कराना चाहिए।

(ii) उपभोक्ता को उपभोक्ता संगठनों के माध्यम से जागरूक बनाने के प्रयास करने चाहिए।

प्रश्न 12. 'जागरूक उपभोक्ता' बनने हेतु हमें क्या सावधानियाँ रखनी चाहिये? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— 'जागरूक उपभोक्ता' बनने हेतु हमें निम्न सावधानी रखनी चाहिए-

(i) एक उपभोक्ता के अधिकारों का ज्ञान होना चाहिए।

(ii) कोई भी उत्पाद लेते समय सावधानीपूर्वक उस उत्पाद की कीमत, उत्पादन तिथि, समाप्त तिथि, ट्रेडमार्क को जाँचना चाहिए।

(iii) विक्रेता से उत्पाद का बिल अवश्य लेना चाहिए।

प्रश्न 13. उपभोक्ता संरक्षण हेतु सरकार के प्रयासों को स्पष्ट कीजिये। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— उपभोक्ता संरक्षण हेतु भारत सरकार ने 1986 में उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम नामक कानून बनाया जो COPRA के नाम से जाना जाता है। इसके अन्तर्गत उपभोक्ताओं को सूचना पाने का अधिकार, चुनने का अधिकार, क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकार, प्रतिनिधित्व का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार जैसे अधिकारों द्वारा उपभोक्ताओं को संरक्षित किया।

● दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-

प्रश्न 1. उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम के तहत स्थापित त्रिस्तरीय न्यायिक तन्त्र को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर— उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम के तहत उपभोक्ता विवादों के निपटारे के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तरों पर एक त्रिस्तरीय न्यायिक तन्त्र स्थापित किया गया है। जिला स्तर का न्यायालय एक करोड़ रुपये तक के दावों से सम्बन्धित मुकदमों पर विचार करता है, राज्य स्तरीय अदालत 1 करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक के मुकदमे देखती है तथा राष्ट्रीय स्तर की अदालत 10 करोड़ रुपये से ऊपर के मुकदमे देखती है। यदि कोई मुकदमा जिला स्तर से खारिज कर दिया जाता है तो उसकी अपील राज्य स्तर तथा उसके पश्चात् राष्ट्रीय स्तर पर अपील की जा सकती है।

प्रश्न 2. 'लोगो' किसी उपभोक्ता हेतु किस प्रकार महत्वपूर्ण हैं? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— 'लोगो' किसी भी उत्पाद की अच्छी गुणवत्ता को सुनिश्चित करते हैं। ये 'लोगो' ऐसे संगठनों द्वारा प्रदान किये जाते हैं जो अनुवीक्षण तथा प्रमाण-पत्रों को जारी करते हैं। ये संगठन उत्पादकों को उनके द्वारा श्रेष्ठ गुणवत्ता पालन करने की स्थिति में शब्दचिह्न अर्थात् लोगो के प्रयोग की अनुमति देते हैं। किसी भी उत्पाद पर लोगो लगे होने का अर्थ है कि उन उत्पादों को गुणवत्ता के सभी मानदण्ड पर जाँचकर ही उपभोक्ता के प्रयोग हेतु बाजार में उपलब्ध कराया गया है।

प्रश्न 3. बाजार में उपभोक्ता शोषण के कोई तीन प्रकार समझाइये।

अथवा

बाजार में उपभोक्ता का शोषण मुख्यतः तीन प्रकार से होता है। इस कथन का समर्थन कीजिए।

--- [ पृष्ठ संख्या: 453 ] ---

उत्तर—बाजार में उपभोक्ता शोषण के प्रकार-

(1) वस्तुओं और सेवाओं की अपर्याप्त पूर्ति होने पर उत्पादक व विक्रेता जमाखोरी, चोरबाजारी, भ्रष्टाचार व अधिक लाभ कमाने के लालच में अधिक कीमत लेकर उपभोक्ताओं का शोषण करने लगते हैं।

(2) विक्रेताओं द्वारा उपभोक्ता को घटिया वस्तु तथा मिलावटी वस्तु देकर उसका शोषण किया जाता है। अपूर्ण प्रतियोगिता में विक्रेता वस्तुओं का अधिक मूल्य लेकर भी शोषण करते हैं।

(3) उपभोक्ताओं को उत्पादों की किस्म, भिन्नता व मूल्यों के बारे में पर्याप्त सूचनाएँ उपलब्ध नहीं होतीं। अतः वे आसानी से उत्पादकों/विक्रेताओं के शोषण का शिकार हो जाते हैं।

प्रश्न 4. उपभोक्ताओं को जागरूक बनाने के कोई चार सुझाव दीजिए।

उत्तर— (1) उपभोक्ताओं को जागरूक बनाने हेतु अखबारों एवं टी.वी. पर विज्ञापन देकर उन्हें उनके अधिकारों से अवगत कराना चाहिए।

(2) उपभोक्ताओं को उपभोक्ता संगठनों के माध्यम से जागरूक बनाने के प्रयास करने चाहिए।

(3) उपभोक्ताओं को उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 तथा अन्य अधिनियमों की जानकारी प्रदान की जानी चाहिए।

(4) उपभोक्ताओं को विज्ञापनों के माध्यम से उपभोक्ता अदालतों एवं शिकायत करने की प्रक्रिया से अवगत करवाना चाहिए।

प्रश्न 5. सूचना पाने का अधिकार क्या है? इसके कोई दो लाभ समझाइए।

उत्तर— उपभोक्ता का सूचना पाने का अधिकार सबसे महत्त्वपूर्ण अधिकार है। सूचना पाने के अधिकार के तहत उपभोक्ता जिन वस्तुओं एवं सेवाओं को खरीदता है उसके बारे में उसे सभी जानकारियाँ पाने का अधिकार है। वर्ष 2005 के अक्टूबर में भारत सरकार ने एक कानून लागू किया, जो सूचना पाने का अधिकार (RTI) के नाम से जाना जाता है।

सूचना पाने के अधिकार के लाभ-

(1) इससे उपभोक्ता वस्तु या सेवा के बारे में सभी जानकारी प्राप्त कर सकता है तथा कोई खराबी होने पर शिकायत कर सकता है व मुआवजे पाने या वस्तु बदलने की माँग कर सकता है।

(2) सूचना पाने के अधिकार का उपभोक्ता संरक्षण में महत्त्वपूर्ण योगदान है, इससे उपभोक्ता को शोषण से बचाने में मदद मिलती है।

प्रश्न 6. भारत में उपभोक्ता शिकायतों की निवारण प्रक्रिया किस प्रकार जटिल, खर्चीली और समयसाध्य साबित हो रही है? कोई तीन कारण स्पष्ट कीजिए।

उत्तर— भारत में उपभोक्ता शिकायतों की निवारण-प्रक्रिया जटिल, खर्चीली और समयसाध्य साबित हो रही है। इसके प्रमुख तीन कारण निम्नलिखित हैं-

(1) कई बार उपभोक्ताओं को वकीलों का सहारा लेना पड़ता है। ये मुकदमें अदालती कार्यवाहियों में शामिल होने और आगे बढ़ने में काफी समय लेते हैं। इस प्रकार यह प्रक्रिया अधिक खर्चीली तथा समयसाध्य बन गई है।

(2) अधिकांश खरीददारियों के समय रसीद नहीं दी जाती है। ऐसी स्थिति में प्रमाण जुटाना आसान नहीं होता है।

(3) बाजार में अधिकांश खरीददारियाँ छोटे फुटकर दुकानों से होती हैं, जहाँ रसीदें नहीं दी जाती हैं।

इन कारणों से उपभोक्ता शिकायतों की निवारण प्रक्रिया जटिल, खर्चीली और समयसाध्य साबित हो रही है।

प्रश्न 7. भारत में उपभोक्ता न्यायिक तंत्र व इसकी सीमा राशि में दर्शाइये। ( प्रश्न बैंक )

उत्तर— भारत में उपभोक्ता विवादों का निवारण करने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तरों पर एक त्रिस्तरीय न्यायिक तंत्र स्थापित किया गया है। इन आयोगों की अधिकार क्षेत्र सीमाएँ निम्न प्रकार हैं-

(i) जिला स्तर का प्राधिकरण, जिसे उपभोक्ता आयोग विवाद निवारण केन्द्र भी कहते हैं, 1 करोड़ रुपये तक के दावों से सम्बन्धित मुकदमों पर विचार करता है।

(ii) राज्यस्तरीय प्राधिकरण, जिसे राज्य आयोग कहते हैं, 1 करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये तक के दावों से सम्बन्धित मुकदमों को देखता है।

(iii) राष्ट्रीय स्तर की प्राधिकरण, राष्ट्रीय आयोग, 10 करोड़ रुपये से ऊपर की दावेदारी से सम्बन्धित मुकदमों को देखता है।

--- [ पृष्ठ संख्या: 454 ] ---

सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) कक्षा X 447

● निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. बाजार में उपभोक्ताओं के शोषण हेतु जिम्मेदार कारकों को स्पष्ट करते हुए बताइए कि उन्हें इस शोषण से कैसे बचाया जा सकता है?

उत्तर—

उपभोक्ता के शोषण हेतु जिम्मेदार कारक

(1) उपभोक्ताओं की अज्ञानता, अशिक्षा, अल्प जानकारी तथा लापरवाही उपभोक्ताओं के शोषण का सबसे महत्त्वपूर्ण कारक है।

(2) अधिकांश उपभोक्ताओं को आज भी अनेक अधिकारों एवं अधिनियमों की जानकारी नहीं है जिस कारण उनका शोषण होता है।

(3) उपभोक्ता अपने अधिकारों से अवगत नहीं हैं जिस कारण उनका शोषण होता है।

(4) उपभोक्ता संरक्षण से सम्बन्धित नियम एवं विनियमों का भी सही क्रियान्वयन नहीं किया जाता है तथा प्राय: इनकी प्रक्रिया लम्बी होती है अतः उपभोक्ता अपील करने में रुचि नहीं रखते हैं।

(5) निर्धन एवं ग्रामीण उपभोक्ता अदालती कार्यवाही से घबराते हैं। अतः वे अपील नहीं करते हैं।

(6) अधिकांश खरीददारियों के समय रसीद नहीं दी जाती है। ऐसी स्थिति में प्रमाण जुटाना आसान नहीं होता।

(7) बाजार में अधिकांश खरीददारियाँ छोटे फुटकर दुकानों से होती हैं जिनमें प्राय: रसीदें नहीं दी जाती हैं।

उपभोक्ताओं को शोषण से बचाने हेतु उपाय

(1) उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देनी चाहिए।

(2) उपभोक्ता संगठनों द्वारा लोगों को अधिक जागरूक बनाया जाना चाहिए।

(3) उपभोक्ताओं को उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम तथा अन्य अधिनियमों की जानकारी दी जानी चाहिए।

(4) उपभोक्ता को विज्ञापनों के माध्यम से उपभोक्ता अदालतों एवं शिकायत करने की प्रक्रिया से अवगत करवाना चाहिए।

(5) उपभोक्ता अधिनियमों का सही क्रियान्वयन किया जाना चाहिए।

--- [ पृष्ठ संख्या: 455 ] ---

मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न

प्रश्न 1. भारत के मानचित्र में निम्न स्थानों को अंकित कीजिए-

(1) पं. बंगाल (2) पंजाब (3) हैदराबाद (4) चेन्नई (मद्रास) (5) दिल्ली (6) श्रीनगर (7) चण्डीगढ़ (8) जयपुर (9) लखनऊ (10) भोपाल (11) गांधीनगर (12) मुम्बई (13) गोवा (14) बैंगलोर (15) तिरुवनन्तपुरम् (16) पटना (17) कोलकाता (18) भुवनेश्वर (19) गंगटोक (20) इम्फाल (21) आइजोल (22) अगरतल्ला (23) पोर्टब्लेयर (24) दादरा नागर हवेली (25) दिसपुर (26) शिलांग (27) कोहिमा (28) इटानगर (29) दीव (30) दमन (31) पणजी (32) रांची (33) लेह।

उत्तर—

[भारत राजनैतिक मानचित्र]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 2

संकेत

  • अंतर्राष्ट्रीय सीमा
  • राज्य सीमा

मानचित्र संख्या 1. भारत राजनैतिक

(मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।)

--- [ पृष्ठ संख्या: 456 ] ---

सामाजिक विज्ञान (मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न) कक्षा X 449

प्रश्न 2. दिये गये भारत के रेखा मानचित्र में निम्न स्थानों को अंकित कीजिए-

(1) अमृतसर (2) चंपारण (3) सूरत (4) इलाहाबाद (5) पूना (6) झांसी (7) पांडिचेरी (8) नासिक (9) पोरबन्दर (10) साबरमती (11) आगरा (12) दांडी (13) शोलापुर।

उत्तर—

[भारत का राजनीतिक मानचित्र जिसमें ऐतिहासिक स्थल अंकित हैं]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 3

मानचित्र संख्या 2. भारत राजनैतिक

--- [ पृष्ठ संख्या: 457 ] ---

450

प्रश्न 3. भारत के मानचित्र में निम्न नदियों एवं बाँधों को दर्शाइये-

I. नदियाँ-(i) गंगा नदी (ii) यमुना नदी (iii) व्यास नदी (iv) चम्बल नदी (v) नर्मदा नदी (vi) गोदावरी नदी (vii) तापी नदी (viii) कावेरी नदी (ix) शारदा नदी (x) घाघरा नदी (xi) ब्रह्मपुत्र नदी।

II. बाँध-(i) भाखड़ा नांगल (ii) कोटा बैराज (iii) टिहरी (iv) राणा प्रताप सागर (v) गांधी सागर (vi) नागार्जुन सागर (vii) हीराकुंड।

अथवा

भारत के मानचित्र में निम्न को अंकित कीजिए- (प्रश्न बैंक)

(i) हीराकुंड परियोजना (ii) पेरियार बाँध (iii) सरदार सरोवर बाँध (iv) भाखड़ा नांगल बाँध (v) दामोदर घाटी परियोजना।

उत्तर—

[भारत : मुख्य नदियाँ एवं बाँध]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 4

*(मानचित्र में विभिन्न नदियों और बाँधों की स्थिति दर्शाई गई है)*

मानचित्र संख्या 3. भारत : मुख्य नदियाँ एवं बाँध

--- [ पृष्ठ संख्या: 458 ] ---

सामाजिक विज्ञान (मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न) कक्षा X | 451

( प्रश्न बैंक )

प्रश्न 4. मानचित्र में चावल उत्पादक राज्यों को अंकित करो-

(i) पश्चिम बंगाल (ii) पंजाब (iii) हरियाणा (iv) उत्तर प्रदेश (v) आंध्र प्रदेश

उत्तर—

[भारत का मानचित्र - चावल उत्पादक राज्य]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 5

मानचित्र संख्या 4

मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।

--- [ पृष्ठ संख्या: 459 ] ---

452

प्रश्न 5. भारत के मानचित्र में चावल वितरण को दर्शाइये।

अथवा

दिए गए भारत के रेखा मानचित्र में चावल उत्पादक प्रमुख क्षेत्रों को अंकित कीजिए।

उत्तर—

[भारत : चावल का वितरण]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 6

संकेत

  • [ ] प्रमुख क्षेत्र (ग्रे रंग)
  • [//] गौण क्षेत्र (तिरछी रेखाएं)

मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।

मानचित्र संख्या 5. भारत : चावल का वितरण

--- [ पृष्ठ संख्या: 460 ] ---

सामाजिक विज्ञान (मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न) कक्षा X 453

प्रश्न 6. भारत के मानचित्र में गेहूँ का वितरण दर्शाइये।

उत्तर—

[भारत में गेहूँ का वितरण मानचित्र]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 7

संकेत

  • [//]: प्रमुख क्षेत्र
  • [ ]: गौण क्षेत्र

मानचित्र संख्या 6. भारत : गेहूँ का वितरण

प्रश्न 7. भारत के मानचित्र में महत्वपूर्ण खनिजों का वितरण दर्शाइये-

(1) उड़ीसा-झारखण्ड लौह अयस्क पेटी (2) लौह अयस्क खानें (3) लौह अयस्क निर्यातक पत्तन (4) मैंगनीज (5) बॉक्साइट (6) अभ्रक (7) दुर्ग-बस्तर-चन्द्रपुर लौह अयस्क पेटी (8) बेलारी-चित्रदुर्ग, चिकमगलूर-तुमकुर लौह अयस्क पेटी (9) महाराष्ट्र-गोवा लौह अयस्क पेटी।

अथवा

भारत के मानचित्र में अंकित करो- (प्रश्न बैंक)

(i) बेलारी (ii) कुद्रेमुख (iii) दुर्ग (iv) मयूरभंज (v) बेलाडिला

अथवा

दिये गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित लौह अयस्क खानों को अंकित कीजिए- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

(अ) कुद्रेमुख (ब) रत्नागिरी (स) चित्रदुर्ग (द) गोवा

अथवा

दिये गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित लौह अयस्क खानों को अंकित कीजिए- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

(अ) बेलारी (ब) चिकमगलूर (स) बेलाडिला (द) मयूरभंज

--- [ पृष्ठ संख्या: 461 ] ---

अथवा

दिए गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित को अंकित कीजिए-

( माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23 )

(अ) ब्यावर (ब) अमरकंटक (स) सुंदरगढ़ (द) तुमकुरु

अथवा

भारत के मानचित्र में निम्नलिखित को अंकित कीजिए- ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22 )

(अ) गया (ब) मार्मागाओ (स) नेल्लोर (द) अजमेर

अथवा

दिये गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित को अंकित कीजिए- ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022 )

(अ) अजमेर (ब) गया (स) दुर्ग (द) नेल्लोर

उत्तर-

[भारत: महत्त्वपूर्ण खनिजों का वितरण]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 8

संकेत

  • लौह अयस्क क्षेत्र/पेटियाँ
  • लौह अयस्क खानें
  • लौह अयस्क निर्यातक पत्तन
  • मैंगनीज
  • बॉक्साइट
  • अभ्रक

मानचित्र संख्या 7. भारत : महत्त्वपूर्ण खनिजों का वितरण

--- [ पृष्ठ संख्या: 462 ] ---

सामाजिक विज्ञान (मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न) कक्षा X 455

प्रश्न 8. भारत के मानचित्र में सूती, ऊनी तथा रेशम वस्त्र उद्योगों का वितरण दर्शाइये।

अथवा

दिये गये भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित ऊनी वस्त्र उद्योग केन्द्र (अ, ब) एवं समुद्री पत्तन (स, द) को अंकित कीजिए- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025; प्रश्न बैंक)

(अ) लुधियाना (ब) जामनगर (स) मार्मागाओ (द) कोच्चि

अथवा

दिये गये भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित ऊनी वस्त्र उद्योग केन्द्र (अ, ब) एवं समुद्री पत्तन (स, द) को अंकित कीजिए- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025; प्रश्न बैंक)

(अ) अमृतसर (ब) अहमदाबाद (स) तूतीकोरिन (द) हल्दिया

अथवा

दिए गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्न को अंकित कीजिए-

(i) सूती वस्त्र उद्योग-पोरबन्दर (ii) ऊनी वस्त्र उद्योग-बीकानेर।

उत्तर-

[भारत : सूती, ऊनी तथा रेशम वस्त्र उद्योगों का वितरण]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 9

संकेत

  • ● सूती वस्त्र
  • ■ ऊनी वस्त्र
  • ★ रेशम वस्त्र

मानचित्र संख्या 8. भारत : सूती, ऊनी तथा रेशम वस्त्र उद्योगों का वितरण

--- [ पृष्ठ संख्या: 463 ] ---

456

प्रश्न 9. भारत के मानचित्र में प्रमुख लोहा और इस्पात संयंत्रों को दर्शाइये।

अथवा

भारत के रेखा मानचित्र पर निम्न को अंकित करो-

(i) अहमदाबाद (ii) भिलाई (iii) कानपुर (iv) दुर्गापुर (v) सेलम।

( प्रश्न बैंक )

अथवा

भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित को अंकित कीजिए-

(1) बोकारो (2) जमशेदपुर (3) भिलाई (4) दुर्गापुर (5) राउरकेला (6) विशाखापट्टनम (7) बर्नपुर (8) भद्रावती-लोहा और इस्पात संयंत्र (9) सेलम (10) विजयनगर (11) कानपुर।

उत्तर-

[भारत : लोहा एवं इस्पात संयंत्र]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 10

मानचित्र संख्या 9. भारत : लोहा एवं इस्पात संयंत्र

(मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।)

--- [ पृष्ठ संख्या: 464 ] ---

सामाजिक विज्ञान (मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न) कक्षा X | 457

प्रश्न 10. भारत के मानचित्र में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स को दर्शाइये।

उत्तर—

[भारत : प्रमुख सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 11

मानचित्र संख्या 10. भारत : प्रमुख सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स

(मानचित्र में दर्शाए गए प्रमुख स्थान: श्रीनगर, मोहाली, नोएडा, जयपुर, गांधीनगर, इंदौर, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, बंगलौर, मैसूर, तिरुवनंतपुरम, चेन्नई, विशाखापट्टनम, भुवनेश्वर, कोलकाता, गुवाहाटी)

*नोट: मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।*

--- [ पृष्ठ संख्या: 465 ] ---

458

प्रश्न 11. भारत के मानचित्र में मुख्य पत्तन और अन्तर्राष्ट्रीय हवाई पत्तन को दर्शाइये।

अथवा

निम्नलिखित लौह अयस्क निर्यातक पत्तनों को भारत के रेखा मानचित्र में अंकित कीजिए-

(अ) मार्मागाओ (ब) मंगलूरू (स) पारादीप (द) विशाखापट्टनम

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

अथवा

भारत के रेखा मानचित्र पर निम्न को दर्शाइए-

(प्रश्न बैंक)

(i) हल्दिया (ii) कोच्चि (iii) कांडला (iv) पारादीप (v) कोलकाता।

अथवा

दिये गये भारत के मानचित्र में निम्न को दर्शाइए-

(1) जवाहर लाल नेहरू समुद्री पत्तन (2) मुंबई बन्दरगाह (3) इन्दिरा गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई पत्तन (4) विशाखापट्टनम समुद्री पत्तन (5) पारादीप बन्दरगाह।

उत्तर—

[भारत: मुख्य पत्तन और अन्तर्राष्ट्रीय हवाई पत्तन]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 12

संकेत

  • $\triangle$ समुद्री पत्तन
  • ● हवाई पत्तन

मानचित्र संख्या 11. भारत : मुख्य पत्तन और अन्तर्राष्ट्रीय हवाई पत्तन

--- [ पृष्ठ संख्या: 466 ] ---

सामाजिक विज्ञान (मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न) कक्षा X 459

प्रश्न 12. भारत के राजनीतिक रेखा मानचित्र में प्रमुख आणविक एवं तापीय ऊर्जा संयंत्रों को दर्शाइए।

अथवा

दिये गये भारत के रेखा-मानचित्र में निम्नलिखित तापीय ऊर्जा संयंत्रों को अंकित कीजिए :

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

(अ) गाँधी नगर (ब) रामागुंडम (स) अमरकंटक (द) नामरूप

अथवा

दिये गये भारत के रेखा-मानचित्र में निम्नलिखित तापीय ऊर्जा संयंत्रों को अंकित कीजिए :

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

(अ) नासिक (ब) विजयवाड़ा (स) बरौनी (द) बोंगई गाँव

भारत के राजनीतिक रेखा मानचित्र में कोई चार आणविक ऊर्जा संयंत्रों को दर्शाइए।

अथवा

दिए गए भारत के मानचित्र में निम्नलिखित को अंकित कीजिए- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)

(अ) रावतभाटा (ब) नासिक (स) नेवेली (द) तलचर

अथवा

दिये गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित आणविक ऊर्जा संयंत्रों को अंकित कीजिए-

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24; माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)

(अ) नरोरा (ब) रावतभाटा (स) कलपक्कम (द) तारापुर

उत्तर—

[भारत ऊर्जा संयंत्र]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 13

संकेत:

▲ आणविक

● तापीय

मानचित्र संख्या 12. भारत : ऊर्जा संयंत्र

--- [ पृष्ठ संख्या: 467 ] ---

460

प्रश्न 13. दिए गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित मृदा क्षेत्रों को अंकित कीजिए—

(1) पर्वत और वन मृदा क्षेत्र (2) जलोढ़ मृदा क्षेत्र (3) लाल और पीली मृदा का क्षेत्र (4) काली मृदा का क्षेत्र (5) लेटराइट मृदा का क्षेत्र (6) शुष्क अथवा मरुस्थलीय मृदा का क्षेत्र।

उत्तर—

[भारत का मानचित्र - मृदा के मुख्य प्रकार]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 14

संकेत / Legend Details:

  • **शीर्षक:** भारत : मृदा के मुख्य प्रकार
  • **स्थान / जल निकाय:**
  • नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्री लंका
  • अरब सागर, बंगाल की खाड़ी, हिन्द महासागर
  • लक्षद्वीप, अण्डमान एवं निकोबार द्वीप समूह
  • **मृदा के संकेत:**
  • पर्वत और वन
  • जलोढ़
  • लाल और पीली
  • काली
  • लेटराइट
  • शुष्क
  • *नोट:* मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।

मानचित्र संख्या 13. भारत : मृदा के प्रमुख प्रकार

--- [ पृष्ठ संख्या: 468 ] ---

सामाजिक विज्ञान (मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न) कक्षा X | 461

प्रश्न 14. दिए गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्न को अंकित कीजिए-

(1) प्रमुख कोयला क्षेत्र (2) प्रमुख कोयला खानें (3) प्रमुख तेल क्षेत्र (4) मुख्य सुरक्षित प्राकृतिक गैस (5) एच वी जे प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (6) मुम्बई हाई (7) गोंडवाना कोयला क्षेत्र, (8) वडोदरा

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

अथवा

प्रश्न का उत्तर दिए गए मानचित्र में दीजिए- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

(अ) मुम्बई हाई (ब) अंकलेश्वर (स) डिगबोई (द) बसीन

अथवा

दिए गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित कोयला खानों को अंकित कीजिए-

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

(अ) सिंगरौली (ब) रानीगंज (स) सिंगरेनी (द) नेवेली

अथवा

भारत के मानचित्र में अंकित करो- (प्रश्न बैंक)

(i) रानीगंज (ii) झरिया (iii) बोकारो (iv) तलचर (v) नेवेली

उत्तर—

[भारत: परंपरागत ऊर्जा स्रोत]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 15

संकेत

  • कोयला क्षेत्र
  • कोयला खानें
  • तेल क्षेत्र
  • मुख्य सुरक्षित प्राकृतिक गैस
  • एच.वी.जे. प्राकृतिक गैस पाइपलाइन

मानचित्र संख्या 14. भारत : परम्परागत ऊर्जा स्रोत

--- [ पृष्ठ संख्या: 469 ] ---

462

प्रश्न 15. दिए गए विश्व के मानचित्र में निम्न को अंकित कीजिए-

(1) स्पेन (2) इटली (3) संयुक्त राज्य अमेरिका (4) आस्ट्रेलिया (5) ब्राजील।

उत्तर—

[संसार राजनैतिक मानचित्र]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 22 उपभोक्ता अधिकार चित्र 16

मानचित्र संख्या 15. संसार राजनैतिक

(मानचित्र में अंकित स्थान: स्पेन, इटली, संयुक्त राज्य अमेरिका, आस्ट्रेलिया, ब्राजील)

मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।

और अध्याय देखें / Explore More Chapters