RajBoardExam
सामाजिक विज्ञान (Social Science)हिंदी माध्यम2026-27

RBSE Class 10 SST Chapter 7 Solutions in Hindi — [भूगोल] वन एवं वन्य जीव संसाधन | पासबुक हल, नोट्स

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-10📖 RBSE/NCERT Solutions
भाग 1 — समाधान (भूगोल पाठ 2)

📖 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्नोत्तर

राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान (भूगोल) — सभी पाठगत प्रश्नों एवं पाठ्यपुस्तक अभ्यास के संपूर्ण सटीक उत्तर।

पाठगत प्रश्न

पृष्ठ 15

प्रश्न 1. भारत में वन्य जीव पशु-विहार और राष्ट्रीय उद्यानों के बारे में और जानकारी प्राप्त करें और उनकी स्थिति मानचित्र पर अंकित करें।

उत्तर— भारत में जैव-विविधता तथा पर्यावरण के संरक्षण हेतु अनेक वन्य जीव पशु विहार तथा राष्ट्रीय उद्यान बनाये गये हैं। वर्तमान में भारत में 500 से भी अधिक वन्य जीव अभयारण्य तथा 100 से भी अधिक राष्ट्रीय उद्यान हैं। इनमें अधिकतर पशु विहार तथा कुछ पक्षी विहार हैं।

कुछ प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान तथा वन्य जीव पशु-विहारों की मानचित्र पर स्थिति निम्न मानचित्र में स्पष्ट है-

[भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्य]

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान पाठ 7 वन एवं वन्य जीव संसाधन चित्र 1

संकेत:

  • [●] राष्ट्रीय उद्यान
  • [▲] वन्यजीव अभयारण्य

*मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।*

--- [ पृष्ठ संख्या: 157 ] ---

--- | ---

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न-

(i) इनमें से कौनसा संरक्षण तरीका समुदायों की सीधी भागीदारी नहीं करता? (प्रश्न बैंक)

(क) संयुक्त वन प्रबंधन

(ख) चिपको आन्दोलन

(ग) बीज बचाओ आन्दोलन

(घ) वन्य जीव पशु विहार (sanctuary) का परिसीमन

उत्तर— (i) (घ)

2. निम्नलिखित का मेल करें-

आरक्षित वन

सरकार, व्यक्तियों के निजी और समुदायों के अधीन अन्य वन और बंजर भूमि।

रक्षित वन

वन और वन्य जीव संसाधन संरक्षण की दृष्टि से सर्वाधिक मूल्यवान वन।

अवर्गीकृत वन

वन भूमि जो और अधिक क्षरण से बचाई जाती है।

उत्तर—

आरक्षित वन

वन और वन्य जीव संसाधन संरक्षण की दृष्टि से सर्वाधिक मूल्यवान वन।

रक्षित वन

वन भूमि जो और अधिक क्षरण से बचाई जाती है।

अवर्गीकृत वन

सरकार, व्यक्तियों के निजी और समुदायों के अधीन अन्य वन और बंजर भूमि।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिये।

प्रश्न (i) जैव विविधता क्या है? यह मानव जीवन के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— पृथ्वी पर विभिन्न प्रकार के प्राणिजात एवं वनस्पतिजात का पाया जाना जैव विविधता कहलाता है। जैव विविधता पारिस्थितिक संतुलन को बनाये रखती है तथा इससे हमें हमारी आवश्यकता की अनेक वस्तुएँ प्राप्त होती हैं जिससे पृथ्वी पर उसका जीवन संभव है।

प्रश्न (ii) विस्तारपूर्वक बताएँ कि मानव क्रियाएँ किस प्रकार प्राकृतिक वनस्पतिजात और प्राणिजात के ह्रास के कारक हैं? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— प्राकृतिक वनस्पतिजात तथा प्राणिजात के ह्रास का मुख्य कारक मानव क्रियाएँ हैं। मनुष्य द्वारा कृषि के क्षेत्र में विस्तार, स्थानान्तरी कृषि, बड़ी विकास परियोजनाएँ, वाणिज्य वानिकी, रेललाइन एवं खनन क्रियाओं में वृद्धि द्वारा वनों को बहुत नुकसान पहुँचाया गया है। इससे प्राकृतिक वनस्पतिजात तथा प्राणिजात का ह्रास हुआ है।

4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिये।

प्रश्न (i) भारत में विभिन्न समुदायों ने किस प्रकार वनों और वन्य जीव संरक्षण और रक्षण में योगदान किया है? विस्तारपूर्वक विवेचना करें। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— भारत में वनों और वन्य जीव संरक्षण और रक्षण में विभिन्न समुदायों के योगदान के तथ्य निम्न प्रकार हैं-

(i) सरिस्का बाघ रिजर्व में राजस्थान के गाँवों के लोग वन्य जीव रक्षण अधिनियम के तहत वहाँ से खनन कार्य बन्द करवाने के लिए संघर्षरत हैं।

(ii) राजस्थान के अलवर जिले में 5 गाँवों के लोगों ने 1200 हैक्टेयर भूमि 'भैरोंदेव डाकव सैंक्चुअरि' घोषित कर दी है। जिसके अपने ही नियम कानून हैं जो कि शिकार वर्जित करते हैं तथा बाहरी लोगों की घुसपैठ से इस क्षेत्र के वन्य जीवन की रक्षा करते हैं।

(iii) हिमालय क्षेत्र में प्रसिद्ध चिपको आन्दोलन अनेक क्षेत्रों में वन कटाई रोकने में ही कामयाब नहीं रहा अपितु यह भी दिखाया कि स्थानीय पौधों की जातियों का प्रयोग करके सामुदायिक वनीकरण अभियान को सफल बनाया जा सकता है।

(iv) टिहरी में किसानों का बीज बचाओ आन्दोलन और नवदानय ने दिखा दिया है कि रासायनिक उर्वरकों के बिना भी विविध फसल उत्पादन द्वारा आर्थिक रूप से व्यवहार्य कृषि उत्पादन संभव है।

(v) छोटा नागपुर क्षेत्र में मुंडा और संथाल जनजातियाँ महुआ और कदम्ब के पेड़ों की पूजा तथा उनका संरक्षण करती हैं।

(vi) राजस्थान में बिश्नोई समाज के लोग अपने आसपास के क्षेत्रों में निवास करने वाले हिरन, चिंकारा, नीलगाय, मोर आदि वन्य पशुओं की सुरक्षा करते हैं।

--- [ पृष्ठ संख्या: 158 ] ---

सामाजिक विज्ञान (भूगोल) कक्षा X | 151

प्रश्न (ii) वन और वन्य जीव संरक्षण में सहयोगी रीति-रिवाजों पर एक निबंध लिखिये। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— भारत में वन तथा वन्य जीव संरक्षण में सहयोगी अनेक रीति-रिवाज तथा प्रथाएँ प्रचलन में हैं। इनमें से प्रमुख रीति-रिवाज निम्नलिखित हैं-

(1) प्रकृति की पूजा करना— भारत में जनजातीय लोग प्राचीन काल से प्रकृति की पूजा करते आये हैं जिसका आधार प्रकृति के हर रूप की रक्षा करना है। इन्हीं विश्वासों ने विभिन्न वनों को मूल एवं कौमार्य रूप में बचाकर रखा है जिनको पवित्र पेड़ों के झुरमुट अथवा देवी-देवताओं के वन के नाम से जाना जाता है। वनों के इन भागों में न तो स्थानीय लोग घुसते हैं और न ही किसी और को छेड़छाड़ करने देते हैं।

(2) पेड़-पौधों की पूजा करना— भारत में कुछ समाज कुछ विशेष पेड़ों की पूजा करते हैं और आदिकाल से उनका संरक्षण करते आ रहे हैं। छोटा नागपुर क्षेत्र में मुण्डा और संथाल जनजातियाँ महुआ और कदम्ब के पेड़ों की पूजा करते हैं। उड़ीसा और बिहार में जनजाति के लोग विवाह के अवसर पर इमली और आम के पेड़ की पूजा करते हैं। देश के अधिकांश व्यक्ति पीपल और वट वृक्ष को पवित्र मानते हैं।

(3) देश में अनेक संस्कृतियों के लोग मिलना— भारतीय समाज में अनेक संस्कृतियाँ हैं और प्रत्येक संस्कृति में प्रकृति और इसकी कृतियों को संरक्षित करने के अपने पारंपरिक तरीके हैं। आमतौर पर झरनों, पहाड़ी चोटियों, पेड़ों और पशुओं को पवित्र मानकर उनका संरक्षण किया जाता है। अनेक अवसरों पर मन्दिरों के आस-पास बंदर और लंगूर पाए जाते हैं। उपासक लोग उन्हें खिलाते-पिलाते हैं। राजस्थान में बिश्नोई जाति के गाँवों के आस-पास वाले हिरण, चिंकारा, नीलगाय और मोरों के झुण्ड भ्रमण करते देखे जा सकते हैं।

---

भाग 2 — रिवीजन नोट्स (Notes & Summary)

📝 2. नोट्स: पाठ-सार, मुख्य बिंदु एवं शब्दावली

महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं, भौगोलिक परिभाषाएं, राजनीतिक सिद्धांत एवं संपूर्ण अध्याय का सारगर्भित सारांश।

---

पाठ-सार

वन-वन पारिस्थितिकी तंत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं क्योंकि ये प्राथमिक उत्पादक हैं जिन पर दूसरे सभी जीव निर्भर करते हैं।

भारत में वनस्पतिजात और प्राणिजात-भारत जैव विविधता के सन्दर्भ में विश्व के सबसे समृद्ध देशों में से एक है। यहाँ विश्व की सारी जैव उपजातियों की 8 प्रतिशत संख्या (लगभग 16 लाख) पाई जाती है।

भारत में वन तथा वन्य जीवन का संरक्षण-संरक्षण से पारिस्थितिकी विविधता बनी रहती है तथा व्यक्ति के जीवन साध्य संसाधन यथा जल, वायु और मृदा बने रहते हैं। यह विभिन्न जातियों में बेहतर जनन के लिए वनस्पति और पशुओं में जीन्स विविधता को भी संरक्षित करती है।

भारत में वनों एवं वन्य जीवन संरक्षण के अनेक प्रयास किए गए हैं। यथा-(1) भारत में भारतीय वन्य जीवन (रक्षण) अधिनियम 1972 में लागू किया गया जिसमें वन्य जीवों के आवास रक्षण के अनेक प्रावधान थे। (2) रक्षित जातियों की सूची प्रकाशित की गई तथा उनकी रक्षा के विविध प्रयास किए गए। (3) सरकार ने राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव पशु विहार स्थापित किए। (4) केन्द्रीय सरकार ने कई परियोजनाओं की भी घोषणा की जिनका उद्देश्य विशेष वन प्राणियों, जैसे-बाघ, एक सींग वाला गैंडा, कश्मीरी हिरण, मगरमच्छ, घड़ियाल, एशियाई शेर आदि को संरक्षण प्रदान करना था। (5) वन्यजीव अधिनियम, 1980 तथा 1986 में सैकड़ों तितलियों, भृंगों और एक ड्रैगन फ्लाई को संरक्षित जातियों में शामिल किया गया। (6) 1991 में पौधों की भी 6 जातियाँ इस सूची में रखी गई।

बाघ परियोजना-प्रोजेक्ट टाइगर विश्व की बेहतरीन वन्य जीव परियोजनाओं में से एक है। इसकी शुरुआत सन् 1973 में हुई।

वन और वन्य जीव संसाधनों के प्रकार और वितरण-भारत में अधिकतर वन और वन्य जीवन या तो प्रत्यक्ष रूप से सरकार के अधिकार क्षेत्र में है या वन विभाग अथवा अन्य विभागों के जरिये सरकार के प्रबंधन में है। ये तीन प्रकार के हैं, यथा-आरक्षित वन, रक्षित वन तथा अवर्गीकृत वन।

देश में मध्यप्रदेश में स्थायी वनों के अन्तर्गत सबसे अधिक क्षेत्र हैं जो कि प्रदेश के कुल वन क्षेत्र का 75 प्रतिशत है।

समुदाय और वन संरक्षण-वन देश में कुछ मानव प्रजातियों के आवास हैं। भारत के कुछ क्षेत्रों में तो स्थानीय समुदाय सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर अपने आवास स्थलों के संरक्षण में जुटे हैं क्योंकि इसी से ही दीर्घकाल में उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकती है।

कई क्षेत्रों में तो लोग स्वयं वन्य जीव आवासों की रक्षा कर रहे हैं और सरकार की ओर से हस्तक्षेप भी स्वीकार नहीं कर रहे हैं, जैसे-राजस्थान में 'भैरोदेव डाकव सेंचुरी', हिमालय में चिपको आंदोलन, टिहरी में 'बीज बचाओ आंदोलन' और 'नवदान्य' आदि।

--- [ पृष्ठ संख्या: 156 ] ---

सामाजिक विज्ञान (भूगोल) कक्षा X 149

संयुक्त वन प्रबंधन कार्यक्रम-देश में सन् 1988 में उड़ीसा राज्य ने संयुक्त वन प्रबंधन का प्रथम प्रस्ताव पास किया। वन विभाग के अन्तर्गत संयुक्त वन प्रबंधन क्षरित वनों के बचाव के लिए कार्य करता है और इसमें गाँव के स्तर पर संस्थाएँ बनाई जाती हैं जिसमें ग्रामीण और वन विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप में कार्य करते हैं।

---

भाग 3 — परीक्षा उपयोगी प्रश्न (Important Questions)

3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर एवं बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक, लघूत्तरात्मक एवं निबंधात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

● बहुविकल्पीय प्रश्न—

1. भारत के जिस राज्य में स्थायी वनों के अन्तर्गत सबसे अधिक क्षेत्र है, वह है- (प्रश्न बैंक)

(अ) अरुणाचल प्रदेश (ब) मध्यप्रदेश (स) पंजाब (द) गुजरात

2. चिपको आन्दोलन का सम्बन्ध किस क्षेत्र से है?

(अ) हिमालय क्षेत्र (ब) प्रायद्वीपीय क्षेत्र (स) मरुस्थलीय क्षेत्र (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं

3. सरिस्का बाघ रिजर्व स्थित है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

(अ) गुजरात (ब) मध्यप्रदेश (स) राजस्थान (द) असम

अथवा

सरिस्का वन्य जीव विहार किस राज्य में स्थित है? (प्रश्न बैंक)

(अ) हरियाणा (ब) बिहार (स) राजस्थान (द) दिल्ली

4. मानस बाघ रिजर्व भारत के जिस राज्य में है, उसका नाम है-

(अ) पश्चिमी बंगाल (ब) उड़ीसा (स) उत्तराखण्ड (द) राजस्थान

5. विश्व की बेहतरीन वन्य जीव परियोजनाओं में से एक है-

(अ) वन्यजीवन रक्षण (ब) प्रोजेक्ट टाइगर

(स) सरिस्का वन्य जीव संरक्षण (द) प्रोजेक्ट गोंडावण

6. वनों से हमें क्या प्राप्त होता है? (प्रश्न बैंक)

(अ) भोजन (ब) दवाइयाँ (स) लकड़ी (द) उपर्युक्त सभी

7. भारत में वन्य जीव अधिनियम किस वर्ष लागू हुआ? (प्रश्न बैंक)

(अ) 1998 ई. में (ब) 1948 ई. में (स) 1972 ई. में (द) 1975 ई. में

अथवा

भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम कब लागू किया गया? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

(अ) 1970 (ब) 1971 (स) 1972 (द) 1973

8. केरल में स्थित बाघ रिजर्व कौनसा है?

(अ) बक्सा टाइगर रिजर्व (ब) पेरियार बाघ रिजर्व (स) मानस बाघ रिजर्व (द) कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान

9. प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत कब हुई? (प्रश्न बैंक; माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)

--- [ पृष्ठ संख्या: 159 ] ---

(अ) 1974 में (ब) 1973 में (स) 1975 में (द) 1976 में

10. विश्व की लगभग कितनी प्रतिशत जैव-विविधता भारत में पाई जाती है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

अथवा

भारत में विश्व की सारी जैव उपजातियों की कितने प्रतिशत संख्या पाई जाती है?

(अ) 7% (ब) 8% (स) 9% (द) 10%

11. बाघ संरक्षण का 'कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान' भारत के जिस राज्य में स्थित है, वह है-

(अ) राजस्थान (ब) उत्तराखण्ड (स) मध्यप्रदेश (द) केरल

12. सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान स्थित है-

(अ) मध्यप्रदेश में (ब) केरल में (स) पश्चिम बंगाल में (द) असम में

13. वन विभाग के अनुसार भारत के कुल वन क्षेत्र का कितना हिस्सा रक्षित है?

(अ) एक तिहाई (ब) दो-तिहाई (स) तीन चौथाई (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं

14. भारत में कितने वन क्षेत्र आरक्षित वन घोषित किये गए हैं?

(अ) एक-तिहाई (ब) एक-चौथाई (स) आधे (द) आधे से अधिक

15. पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में और गुजरात में अधिकतर वन क्षेत्र किस प्रकार के वन हैं?

(अ) आरक्षित (ब) रक्षित (स) अवर्गीकृत (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं

16. राजस्थान के किस जिले में 5 गाँवों के लोगों ने 1200 हेक्टेयर वन भूमि 'भैरदेव डाकव सेंचुरी' घोषित कर दी है -

(अ) भरतपुर (ब) जयपुर (स) उदयपुर (द) अलवर

17. छोटा नागपुर क्षेत्र में मुंडा और संथाल जनजातियाँ निम्न में से किन पेड़ों की पूजा करते हैं?

(अ) महुआ और कदंब (ब) इमली और आम (स) पीपल और नीम (द) वटवृक्ष और आँवला

18. टिहरी में किसानों के बीज बचाओ आन्दोलन और नवदानय में यह दिखा दिया कि किसके प्रयोग के बिना भी आर्थिक रूप से व्यवहार्य कृषि उत्पादन सम्भव है?

(अ) रासायनिक उर्वरकों के (ब) विविध फसल उत्पादन से

(स) जैविक खाद के (द) गहन खेती के

19. 1988 में किस राज्य ने संयुक्त वन प्रबन्धन का पहला प्रस्ताव पास किया?

(अ) केरल (ब) मध्यप्रदेश (स) राजस्थान (द) उड़ीसा

20. इनमें से कौनसी टिप्पणी प्राकृतिक वनस्पति जात और प्राणी जात के ह्रास का सही कारण नहीं है-

(प्रश्न बैंक)

(अ) कृषि प्रसार (ब) पशुचारण और लकड़ी ईंधन प्राप्त करना

(स) वृहद स्तरीय विकास योजनाएँ (द) तीव्र औद्योगीकरण और शहरीकरण

21. 'चिपको आंदोलन' से जुड़े हुए पर्यावरणविद हैं- (प्रश्न बैंक)

(अ) सुन्दर लाल बहुगुणा (ब) राजेन्द्र सिंह

(स) अमृता देवी विश्नोई (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं

22. पौधों को पहली बार संरक्षित जातियों की सूची में कब शामिल किया गया? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

(अ) 1991 (ब) 1992 (स) 1993 (द) 1994

उत्तरमाला

1. (ब) 2. (अ) 3. (स) 4. (अ) 5. (ब) 6. (द) 7. (स)

8. (ब) 9. (ब) 10. (ब) 11. (ब) 12. (स) 13. (अ) 14. (द)

15. (स) 16. (द) 17. (अ) 18. (अ) 19. (द) 20. (ब) 21. (स) 22. (अ)

● रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. भारत में विश्व की सारी जैव उपजातियों की ............ संख्या पाई जाती है।

2. बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान ............ राज्य में स्थित है।

3. ............ में ओडिशा राज्य ने संयुक्त वन प्रबंधन का पहला प्रस्ताव पास किया।

--- [ पृष्ठ संख्या: 160 ] ---

सामाजिक विज्ञान (भूगोल) कक्षा X 153

4. पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में और गुजरात में अधिकतर वन क्षेत्र ............. वन हैं।

5. आरक्षित और रक्षित वन ऐसे ............. वन क्षेत्र हैं जिनका रखरखाव इमारती लकड़ी, अन्य वन पदार्थों और उनके बचाव के लिए किया जाता है।

6. ओडिशा और बिहार की जनजातियाँ शादी के दौरान ............. और ............. के पेड़ की पूजा करती है।

7. वे ही विकास क्रियाएँ मान्य होनी चाहिए जो जनमानस पर केन्द्रित हों, ............. हितैषी हों और आर्थिक रूप से प्रतिफलित हों।

8. आजकल संरक्षण परियोजनाएँ ............. पर केन्द्रित होती हैं, न कि इसके विभिन्न घटकों पर।

9. भारत में अधिकतर वन और वन्य जीवन या तो प्रत्यक्ष रूप से ............. के अधिकार क्षेत्र में हैं या वन विभाग अथवा अन्य विभागों के जरिए सरकार के प्रबंधन में हैं।

उत्तरमाला

1. 8 प्रतिशत 2. मध्यप्रदेश 3. 1988 4. अवर्गीकृत 5. स्थायी 6. इमली, आम 7. पर्यावरण 8. जैव विविधताओं 9. सरकार।

● अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. अपने क्षेत्र में चिपको आंदोलन को लागू कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उत्तर— चिपको आंदोलन को अपने क्षेत्र में निम्नवत् लागू कर सकते हैं- स्थानीय समुदाय को जागरूक करना, वन समितियों का गठन करना, वनारोपण अभियान चलाना, आदि।

प्रश्न 2. पारिस्थितिक तंत्र किसे कहते हैं?

उत्तर— मानव और दूसरे जीवधारी मिलकर एक जटिल तंत्र का निर्माण करते हैं, जिसे पारिस्थितिक तंत्र कहते हैं।

प्रश्न 3. वन पारिस्थितिकी तंत्र में किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं?

उत्तर— वन प्राथमिक उत्पादक हैं जिन पर दूसरे सभी जीव निर्भर करते हैं। इस रूप में वन पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 4. विश्व के दो-तिहाई बाघों को आवास उपलब्ध करवाने वाले देशों के नाम बताइये।

उत्तर— भारत और नेपाल।

प्रश्न 5. विश्व की बेहतरीन वन्य जीव परियोजनाओं में से एक परियोजना का नाम बताइये।

उत्तर— प्रोजेक्ट टाइगर।

प्रश्न 6. सरिस्का बाघ रिजर्व कहाँ है?

उत्तर— सरिस्का बाघ रिजर्व राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है।

प्रश्न 7. भारत के उस राज्य का नाम बताइये जिसने सर्वप्रथम वन प्रबन्धन का प्रस्ताव पास किया।

उत्तर— उड़ीसा।

प्रश्न 8. जैव विविधता की दृष्टि से भारत धनी देश है। स्पष्ट कीजिये।

उत्तर— भारत जैव विविधता की दृष्टि से धनी देश है क्योंकि यहाँ लगभग 16 लाख जैव उपजातियाँ पाई जाती हैं।

प्रश्न 9. हमें वनों और वन्य जीवन का संरक्षण करना आवश्यक क्यों होता है?

उत्तर— वन और वन्य जीवन के संरक्षण से पारिस्थितिकी विविधता बनी रहती है तथा हमारे जीवन साध्य संसाधन-जल, वायु और मृदा, बने रहते हैं।

प्रश्न 10. जैव विविधता क्या है? (प्रश्न बैंक; माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

उत्तर— पृथ्वी पर विभिन्न प्रकार के प्राणिजात एवं वनस्पति जात का पाया जाना जैव-विविधता कहलाता है।

प्रश्न 11. भारत में जैव विविधता को कम करने वाले दो कारक बताइये।

उत्तर— (i) वन्य जीवों के आवास का विनाश, जंगली जानवरों को मारना व आखेटन, (ii) पर्यावरणीय प्रदूषण।

प्रश्न 12. वनों की कटाई के दो अप्रत्यक्ष परिणाम बताइये।

अथवा

वनों की कटाई से होने वाली दो हानियाँ लिखिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— (i) वनों के विनाश से देश में सूखे की प्रवृत्ति में वृद्धि हो गई है।

(ii) वनों के विनाश से अनेक क्षेत्रों में बाढ़ की समस्या गंभीर हो गई है।

प्रश्न 13. भारतीय वन्य जीवन रक्षण अधिनियम किस वर्ष लागू किया गया? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

--- [ पृष्ठ संख्या: 161 ] ---

उत्तर—भारतीय वन्य जीवन रक्षण अधिनियम सन् 1972 में लागू किया गया।

प्रश्न 14. भारत में किन्हीं दो बाघ आरक्षित परियोजनाओं के नाम बताइये।

उत्तर—भारत में बाघ आरक्षित दो प्रमुख परियोजनाएँ हैं-(1) कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान, उत्तराखण्ड (2) सुन्दरबन राष्ट्रीय उद्यान, पश्चिमी बंगाल।

प्रश्न 15. सुन्दरबन राष्ट्रीय पार्क किस राज्य में स्थित है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

उत्तर—पश्चिम बंगाल में।

प्रश्न 16. भारत में दो बाघ आरक्षित क्षेत्रों के नाम बताइये जिनमें से एक उत्तरी-पूर्वी भारत तथा दूसरा दक्षिणी भारत से सम्बन्धित हो।

उत्तर—(1) उत्तरी-पूर्वी भारत-मानस बाघ आरक्षित क्षेत्र, असम

(2) दक्षिणी भारत-पेरियार बाघ आरक्षित क्षेत्र, केरल।

प्रश्न 17. चिपको आन्दोलन का महत्त्व बताइये।

उत्तर—हिमालय प्रदेश में वनों की कटाई रोकना तथा सामुदायिक वनीकरण करना आदि कार्य चिपको आन्दोलन के अन्तर्गत शामिल किए गये हैं।

प्रश्न 18. राजस्थान में बिश्नोई जाति के गाँवों के आस-पास दिखलाई देने वाले वन्य प्राणियों के नाम बताइये।

उत्तर—राजस्थान में बिश्नोई जाति के गाँवों के आस-पास काले हिरण, चिंकारा, नीलगाय और मोरों के झुण्ड आसानी से देखे जा सकते हैं।

प्रश्न 19. भारत के उन राज्यों के नाम बताइये जिनमें कुल वनों के अन्तर्गत आरक्षित वनों का एक बड़ा अनुपात पाया जाता है।

उत्तर—मध्यप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, आन्ध्रप्रदेश, उत्तराखण्ड, केरल, तमिलनाडु, पश्चिमी बंगाल और महाराष्ट्र।

प्रश्न 20. अवर्गीकृत वन से क्या अभिप्राय है? स्पष्ट कीजिये।

उत्तर—आरक्षित एवं रक्षित वनों के अलावा अन्य सभी प्रकार के वन और बंजर भूमि अवर्गीकृत वन कहलाते हैं।

प्रश्न 21. संयुक्त वन प्रबन्धन क्या है?

उत्तर—वन विभाग के अन्तर्गत संयुक्त वन प्रबन्धन क्षरित वनों के बचाव के लिए कार्य करता है।

प्रश्न 22. वनों से प्राप्त होने वाली दो वस्तुओं के नाम बताइये। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)

उत्तर—(1) गोंद (2) इमारती लकड़ी।

प्रश्न 23. भारत के किस राज्य में वनों का सर्वाधिक विस्तार है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर—क्षेत्रफल के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य में वनों का सर्वाधिक विस्तार है।

प्रश्न 24. भारत में विश्व की सारी जैव उपजातियों की कितनी संख्या पाई जाती है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर—भारत में विश्व की सारी जैव उपजातियों की 8 प्रतिशत संख्या (लगभग 16 लाख) पाई जाती है।

प्रश्न 25. वन्य जीवों के ह्रास के प्रमुख दो कारण लिखिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर—(i) व्यापार हेतु चोरी या शिकार करना, (ii) आवासीय स्थलों का सिकुड़ना।

प्रश्न 26. वन कितने प्रकार के होते हैं? नाम बताइये। (प्रश्न बैंक)

उत्तर—वनों के प्रकार हैं-(i) आरक्षित वन, (ii) रक्षित वन, (iii) अवर्गीकृत वन।

● लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. वन पारिस्थितिकी तंत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। स्पष्ट कीजिये।

उत्तर—मानव, दूसरे जीवधारी तथा पेड़-पौधे पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करते हैं। वायु, जल, अनाज के बिना व्यक्ति जीवित नहीं रह सकता तथा पौधे, पशु और सूक्ष्मजीवी इनका पुनः सृजन करते हैं। वन पारिस्थितिकी तंत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं क्योंकि ये प्राथमिक उत्पादक हैं जिन पर दूसरे सभी जीव निर्भर करते हैं।

प्रश्न 2. वनों और वन्य जीवन का संरक्षण करना हमारे लिए आवश्यक क्यों है?

उत्तर—वनों एवं वन्य जीवन का संरक्षण करना हमारे लिए आवश्यक है क्योंकि-

(i) संरक्षण से पारिस्थितिकी विविधता बनी रहती है।

(ii) इससे हमारे जीवन साध्य संसाधन-जल, वायु और मृदा, बने रहते हैं।

(iii) यह विभिन्न जातियों में बेहतर जनन के लिए वनस्पति और पशुओं की जीन्स विविधता को भी संरक्षित रखती है।

--- [ पृष्ठ संख्या: 162 ] ---

सामाजिक विज्ञान (भूगोल) कक्षा X 155

प्रश्न 3. संकटग्रस्त प्रजातियाँ किसे कहते हैं? इन प्रजातियों के कोई चार उदाहरण प्रस्तुत कीजिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— वह प्रजातियाँ जिनकी संख्या इतनी कम हो गई हो कि उनके लुप्त होने का खतरा उत्पन्न हो गया है, संकटग्रस्त प्रजाति कहलाती है। जैसे-बाघ, एक सींग वाला गैंडा, एशियाई शेर, काला हिरण आदि।

प्रश्न 4. वनों को संरक्षित रखने के लिए उपाय सुझाइये। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— वनों को संरक्षित रखने हेतु उपाय-

(i) वनों की अंधाधुंध कटाई पर रोक लगनी चाहिए।

(ii) स्थानीय समुदायों को हर जगह प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में शामिल करना चाहिए।

(iii) क्षरित वनों के बचाव हेतु ग्रामीण स्तर पर 'संयुक्त वन प्रबंधन' जैसी संस्थाओं का निर्माण किया जाना चाहिए।

प्रश्न 5. भारत में चिपको आन्दोलन तथा बीज बचाओ आन्दोलन का महत्त्व स्पष्ट कीजिये।

उत्तर— भारत के हिमालय क्षेत्र में चिपको आन्दोलन ने अनेक क्षेत्रों में वन कटाई रोकी एवं स्थानीय पौधों की जातियों को प्रयोग करके सामुदायिक वनीकरण अभियान को सफल बनाया। टिहरी में किसानों के बीज बचाओ आन्दोलन ने दिखा दिया है कि रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग के बिना भी विविध फसल उत्पादन द्वारा आर्थिक रूप से व्यवहार्य कृषि उत्पादन संभव है।

प्रश्न 6. संयुक्त वन प्रबंधन पर एक टिप्पणी लिखिये।

उत्तर— वन विभाग के अन्तर्गत 'संयुक्त वन प्रबंधन' क्षरित वनों के बचाव के लिए कार्य करता है और इसमें गाँव के स्तर पर संस्थाएँ बनाई जाती हैं जिसमें ग्रामीण और वन विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से कार्य करते हैं। इसके बदले में ये गैर-इमारती वन उत्पादों के हकदार होते हैं तथा सफल संरक्षण से प्राप्त इमारती लकड़ी में भी भागीदार होते हैं।

प्रश्न 7. भारत की प्रमुख बाघ संरक्षण परियोजनाओं एवं सम्बन्धित राज्यों के नाम लिखिए।

उत्तर— भारत की प्रमुख बाघ संरक्षण परियोजनाएँ एवं सम्बन्धित राज्य निम्न प्रकार हैं-

(1) कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान-उत्तराखण्ड

(2) सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान-पश्चिम बंगाल

(3) बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान-मध्य प्रदेश

(4) सरिस्का वन्य पशु विहार-राजस्थान

(5) मानस बाघ रिजर्व-असम

(6) पेरियार बाघ रिजर्व-केरल।

प्रश्न 8. भारत में बाघों की घटती संख्या के मुख्य कारण दीजिए।

उत्तर— भारत में बाघों की घटती संख्या के मुख्य कारण निम्न हैं-

(1) बाघों को मारकर उनको व्यापार के लिए चोरी करना।

(2) बाघों के आवासीय स्थलों का सिकुड़ना अर्थात् वन क्षेत्रों का घटना।

(3) बाघों के भोजन के लिए आवश्यक जंगली उपजातियों की संख्या में कमी होना।

(4) जनसंख्या में वृद्धि होना।

(5) बाघों की खाल तथा हड्डियों का व्यापार होना।

प्रश्न 9. स्थायी वन क्षेत्र क्या हैं? समझाइए।

उत्तर— स्थायी वन क्षेत्र वे हैं जिन्हें सरकार ने आरक्षित वन तथा रक्षित वन में बाँट रखा है। दूसरे शब्दों में, आरक्षित तथा रक्षित वन क्षेत्रों को स्थायी वन क्षेत्र कहा जाता है। ये ऐसे वन क्षेत्र होते हैं जिनका रखरखाव इमारती लकड़ी, अन्य वन पदार्थों तथा उनके बचाव के लिए किया जाता है।

● दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-

प्रश्न 1. 'समुदाय द्वारा वन संरक्षण' को संक्षिप्त में समझाइए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)

अथवा

समुदाय और वन संरक्षण पर अपने विचार लिखिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— भारत के कुछ क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर वन में अपने आवास स्थलों के संरक्षण में जुटे हैं क्योंकि इसी से ही दीर्घकाल में उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकती है। कुछ समाज कुछ विशेष पेड़ों की पूजा करते हैं और आदिकाल से उनका संरक्षण करते आ रहे हैं।

--- [ पृष्ठ संख्या: 163 ] ---

सरिस्का बाघ रिजर्व में खनन कार्य बंद करवाने के लिए राजस्थान के गाँवों के लोग संघर्षरत हैं। कई क्षेत्रों में स्थानीय लोग स्वयं वन्य जीव आवासों की रक्षा कर रहे हैं और सरकार का हस्तक्षेप भी नहीं स्वीकार कर रहे हैं। जैसे-राजस्थान के अलवर जिले में 5 गाँवों के लोगों ने 1200 हैक्टेयर वन भूमि को भैरवदेव डाकव सेंचुरी घोषित कर दिया है। यहाँ शिकार तथा बाहरी घुसपैठ वर्जित है।

प्रश्न 2. प्रशासनिक आधार पर भारत में वनों को कितने भागों में बांटा गया है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— प्रशासनिक आधार पर भारत में वनों को निम्नलिखित तीन भागों में बाँटा गया है-

(1) आरक्षित वन- देश में आधे से अधिक वन क्षेत्र आरक्षित वन घोषित किये गए हैं। वन एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण की दृष्टि से आरक्षित वनों को सर्वाधिक मूल्यवान माना जाता है।

(2) रक्षित वन- वन विभाग के अनुसार देश के कुल वन क्षेत्र का एक-तिहाई हिस्सा रक्षित है। इन वनों को और अधिक नष्ट होने से बचाने के लिए इनकी सुरक्षा की जाती है।

(3) अवर्गीकृत वन- अन्य सभी प्रकार के वन और बंजर भूमि जो सरकार, व्यक्तियों और समुदायों के स्वामित्व में होते हैं, अवर्गीकृत वन कहे जाते हैं।

प्रश्न 3. स्थायी वन क्षेत्र क्या हैं? भारत के राज्यों में वनों की स्थिति स्पष्ट कीजिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— स्थायी वन क्षेत्र- आरक्षित और रक्षित वन स्थायी वन क्षेत्र होते हैं। ये वे वन क्षेत्र होते हैं जिनका रखरखाव इमारती लकड़ी, अन्य वन पदार्थों और उनके बचाव के लिए किया जाता है। मध्य प्रदेश में स्थायी वनों के अन्तर्गत सर्वाधिक क्षेत्र है जो कि प्रदेश के कुल वन क्षेत्र का भी 75 प्रतिशत है।

जम्मू और कश्मीर, आंध्र प्रदेश, उत्तराखण्ड, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में कुल वनों में एक बड़ा अनुपात आरक्षित वनों का है।

बिहार, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उड़ीसा और राजस्थान में कुल वनों में रक्षित वनों का एक बड़ा अनुपात है।

पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में और गुजरात में अधिकतर वन क्षेत्र अवर्गीकृत वन हैं तथा स्थानीय समुदायों के प्रबंधन में हैं।

प्रश्न 4. मनुष्य किस प्रकार पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर है? संक्षेप में लिखिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— मानव और दूसरे जीवधारी मिलकर एक जटिल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करते हैं। मनुष्य पारिस्थितिकी तंत्र का मात्र एक हिस्सा है तथा स्वयं के अस्तित्व के लिए पारिस्थितिकी तंत्र में पाए जाने वाले विभिन्न तत्वों पर निर्भर करते हैं। उदाहरण के लिए, वायु जिसमें हम सांस लेते हैं, पानी जो हम पीते हैं, मृदा जिसमें अनाज पैदा करते हैं, जो जीवित रहने हेतु अतिआवश्यक होते हैं, उनका सृजन पारिस्थितिकी तंत्र में पाए जाने वाले पौधे, पशु तथा सूक्ष्मजीवियों द्वारा सम्भव हो पाता है। वन भी पारिस्थितिकी तंत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं क्योंकि ये प्राथमिक उत्पादक हैं, जिस पर सभी जीव निर्भर करते हैं।

प्रश्न 5. भारत में पर्यावरण के विनाश और पुनर्निर्माण की क्रियाशीलता से क्या सीख मिलती है?

उत्तर— भारत में पर्यावरण के विनाश और पुनर्निर्माण दोनों की गतिशीलता से यह सीख मिलती है कि हर जगह स्थानीय समुदायों को किसी न किसी तरह संसाधन प्रबंधन में शामिल करना चाहिए। परन्तु स्थानीय समुदायों को फैसले लेने की प्रक्रिया में प्रमुख भूमिका में आने में समय लगेगा। अतः स्थानीय समुदायों की भागीदारी हेतु उन विकास क्रियाओं को मान्यता मिलनी चाहिए जो जनमानस पर केन्द्रित हों तथा पर्यावरण हितैषी हों।

प्रश्न 6. भारत में संयुक्त वन प्रबन्धन कार्यक्रम पर एक टिप्पणी लिखिए।

उत्तर— भारत में संयुक्त वन प्रबन्धन कार्यक्रम- भारत में संयुक्त वन प्रबन्धन कार्यक्रम क्षरित वनों के प्रबन्ध और पुनर्निर्माण में स्थानीय समुदायों की भूमिका के महत्त्व को रेखांकित करता है। औपचारिक रूप से इन कार्यक्रमों का प्रारम्भ 1988 में हुआ जब ओडिशा राज्य ने संयुक्त वन प्रबन्धन का पहला प्रस्ताव पास किया।

वन विभाग के अन्तर्गत 'संयुक्त वन प्रबन्धन' क्षरित वनों को बचाने के लिए कार्य करता है और इसमें ग्राम के स्तर पर संस्थाएँ बनाई जाती हैं, जिसमें ग्रामीण और वन विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से कार्य करते हैं। इसके बदले ये समुदाय मध्य स्तरीय लाभ जैसे-गैर-इमारती वन उत्पादों के हकदारी होते हैं और सफल संरक्षण से प्राप्त इमारती लकड़ी के लाभ में भी भागीदार होते हैं।

● निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. भारत में वनों के प्रकार एवं उनके क्षेत्र बताइये। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— भारत में वनों के प्रकार- भारत में अधिकतर वन और वन्य जीवन या तो प्रत्यक्ष रूप से सरकार के

--- [ पृष्ठ संख्या: 164 ] ---

सामाजिक विज्ञान (भूगोल) कक्षा X 157

अधिकार क्षेत्र में है या वन विभाग अथवा अन्य विभागों के माध्यम से सरकार के प्रबन्धन में है। प्रशासनिक आधार पर भारत में वनों को निम्नलिखित तीन भागों में बाँटा गया है-

(1) आरक्षित वन- ये वे वन हैं जो इमारती लकड़ी या वन उत्पादों को प्राप्त करने के लिए पूर्णतः सुरक्षित कर लिए गए हैं। इन वनों में पशुओं को चराने या खेती करने की अनुमति नहीं दी जाती है।

भारत के कुल वन क्षेत्र के आधे से अधिक वन क्षेत्र आरक्षित वन घोषित किये गये हैं। आरक्षित वनों को सर्वाधिक मूल्यवान माना जाता है। मध्य प्रदेश में स्थायी वनों (आरक्षित और रक्षित) के अन्तर्गत सर्वाधिक क्षेत्र है जो कि प्रदेश के कुल वन क्षेत्र का 75 प्रतिशत है। इसके अलावा जम्मू और कश्मीर, आंध्र प्रदेश, उत्तराखण्ड, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में भी कुल वनों में एक बड़ा अनुपात आरक्षित वनों का है।

(2) रक्षित वन- वन विभाग के अनुसार देश के कुल वन क्षेत्र का लगभग एक-तिहाई हिस्सा रक्षित वनों का है। इन वनों को अधिक नष्ट होने से बचाने के लिए इनकी सुरक्षा की जाती है। इनका रख-रखाव इमारती लकड़ी और अन्य पदार्थों और उनके बचाव के लिए किया जाता है। इन वनों में पशुओं को चराने व खेती करने की अनुमति कुछ विशिष्ट प्रतिबन्धों के साथ प्रदान की जाती है। बिहार, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और राजस्थान में कुल वनों में रक्षित वनों का एक बड़ा अनुपात है।

(3) अवर्गीकृत वन- देश में अन्य सभी प्रकार के वन और बंजर भूमि जो कि सरकार, व्यक्तियों और समुदायों के स्वामित्व में होते हैं, अवर्गीकृत वन कहलाते हैं। पूर्वोत्तर के सभी राज्यों और गुजरात में अधिकतर वन क्षेत्र अवर्गीकृत वन हैं तथा स्थानीय समुदायों के प्रबंधन में हैं।

प्रश्न 2. प्रकृति की पूजा सदियों पुराना जनजातीय विश्वास है। विस्तारपूर्वक व्याख्या कीजिए।

उत्तर— प्रकृति की पूजा सदियों पुरानी आदिवासी मान्यता है, जिसका आधार प्रकृति के हर रूप की रक्षा करना है। इन्हीं मान्यताओं ने कई वनों को उनके मूल रूप में संरक्षित कर रखा है तथा उनमें किसी भी तरह का हस्तक्षेप प्रतिबन्धित है। कुछ समाजों ने अनादिकाल से उस पेड़ का संरक्षण किया है, जिसकी वे पूजा करते आए हैं। उदाहरण के लिए, छोटा नागपुर क्षेत्र के मुंडा और संथाल महुआ और कदंब के पेड़ों की पूजा करते हैं; ओडिशा और बिहार के आदिवासी शादियों के दौरान इमली और आम के पेड़ों की पूजा करते हैं।

कई लोग पीपल तथा बरगद के पेड़ को पवित्र मानते हैं। भारतीय समाज में कई संस्कृतियाँ शामिल हैं जिनमें से प्रत्येक के पास प्रकृति और उसकी रचनाओं के संरक्षण के अपने पारम्परिक तरीके हैं। आमतौर पर झरनों, पहाड़ी चोटियों, पेड़ों और पशुओं को पवित्र मानकर उनका संरक्षण किया जाता है। कई मंदिरों के पास बंदरों तथा लंगूरों के झुंड पाये जाते हैं। उपासक उन्हें भी मंदिर के भक्त समझकर उन्हें भी खाना खिलाते हैं। राजस्थान के बिश्नोई गाँवों के आसपास काले हिरण, चिंकारा, नीलगाय और मोर के झुंड को इस समुदाय के अभिन्न अंग के रूप में देखा जा सकता है तथा उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुँचाते हैं। बिश्नोई गाँव के लोग इन जानवरों का संरक्षण करते हैं।

प्रश्न 3. भारत के राष्ट्रीय वन्य जीवन सुरक्षा कार्यक्रम पर एक लेख लिखिए।

अथवा

भारत सरकार द्वारा संचालित वन एवं वन्य जीव संरक्षण कार्यक्रम के बारे में बताइये। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— राष्ट्रीय वन्य जीवन सुरक्षा कार्यक्रम

1960 और 1970 के दशकों के दौरान, पर्यावरण संरक्षकों ने राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यक्रम की पुरजोर माँग की। इस माँग को स्वीकार करते हुए भारत में वन और वन्य जीव संरक्षण हेतु सरकार ने निम्नलिखित कदम उठाये हैं-

(1) भारतीय वन्य जीवन (रक्षण) अधिनियम 1972- वन्य जीव संरक्षण हेतु सर्वप्रथम भारतीय वन्य जीवन (रक्षण) अधिनियम, 1972 में लागू किया गया जिसमें वन्य जीवों के आवास रक्षण के अनेक प्रावधान किये गये।

(2) रक्षित जातियों की सूची का प्रकाशन- सम्पूर्ण भारत में रक्षित जातियों की सूची भी प्रकाशित की गई है। इस कार्यक्रम के तहत शेष बची हुई संकटग्रस्त जातियों के बचाव, शिकार प्रतिबन्धन, वन्य जीव आवासों के कानूनी रक्षण तथा जंगली जीवों के व्यापार पर रोक लगाने आदि पर प्रबल जोर दिया गया है।

(3) राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव विहार- केन्द्रीय सरकार व अनेक राज्य सरकारों ने राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव विहार स्थापित किए।

(4) विशेष प्राणियों की सुरक्षा के लिए विशेष परियोजनाएँ- केन्द्रीय सरकार ने अनेक परियोजनाओं की भी घोषणा की, जिनका उद्देश्य गंभीर खतरे में पड़े कुछ विशेष वन प्राणियों को रक्षण प्रदान करना था। इन प्राणियों

--- [ पृष्ठ संख्या: 165 ] ---

में बाघ, एक सींग वाला गैंडा, कश्मीरी हिरण अथवा हंगुल, तीन प्रकार के मगरमच्छ यथा-स्वच्छ जल मगरमच्छ, लवणीय जल मगरमच्छ, घड़ियाल, एशियाई शेर और अन्य प्राणी शामिल हैं।

(5) शिकार और व्यापार पर सम्पूर्ण अथवा आंशिक प्रतिबंध-सरकार ने कुछ समय पहले भारतीय हाथी, काला हिरण, चिंकारा, भारतीय गोडावन और हिम तेंदुओं आदि के शिकार और व्यापार पर सम्पूर्ण अथवा आंशिक प्रतिबंध लगाकर कानूनी रक्षण दिया गया है।

(6) बाघ संरक्षण परियोजनाएँ-विश्व की बेहतरीन वन्य जीव परियोजनाओं में से एक बाघ परियोजना अथवा प्रोजेक्ट टाइगर है। देश में इसकी शुरुआत सन् 1973 में हुई। बाघ संरक्षण मात्र एक संकटग्रस्त जाति को बचाने का प्रयास नहीं है, अपितु इसका उद्देश्य बहुत बड़े आकार के जैवजाति को भी बचाना है। उत्तराखण्ड में कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान, पश्चिम बंगाल में सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान, मध्य प्रदेश में बाँधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, राजस्थान में सरिस्का वन्य जीव पशुविहार (sanctuary), असम में मानस बाघ रिजर्व (reserve) और केरल में पेरियार बाघ रिजर्व (reserve) भारत में बाघ संरक्षण परियोजनाओं के उदाहरण हैं।

(7) वन्य जीव अधिनियम 1980 तथा 1986-संरक्षण नियोजन में कीटों को भी महत्त्व मिल रहा है। वन्य जीव अधिनियम 1980 तथा 1986 में सैकड़ों तितलियाँ, पतंगों, भृंगों तथा एक डैगनफ्लाई को भी संरक्षित जातियों में शामिल किया गया। 1991 में पौधों की भी 6 जातियाँ पहली बार इस सूची में रखी गई।