RBSE Class 12 Hindi विभिन्न क्षेत्रों में पत्रकारिता पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
व्यापारिक पृष्ठ के विभिन्न अंग क्या-क्या हैं ?
उत्तर:
व्यापारिक पृष्ठ के प्रमुख अंगों में बाजार भाव (अनाज मण्डी, तेल तिलहन, गुड़, खाण्डसारी, सर्राफा, शेयर बाजार, रुई बाजार, धातु, पटसन, चाय, किराना-बाजार आदि), कंपनी समाचार, आर्थिक समीक्षा आदि सम्मिलित होते हैं। इन स्थायी स्तंभों के अतिरिक्त आयात-निर्यात, वित्तीय नीतियों तथा कंपनियों की वार्षिक नीतियों का विश्लेषण भी व्यापारिक पृष्ठ का अंग होता है।

प्रश्न 2.
वाणिज्य पत्रकारिता का क्या महत्त्व है ?
उत्तर:
वाणिज्य पत्रकारिता न केवल व्यापारी वर्ग के लिए बल्कि जनसामान्य के लिए भी लाभदायक होती है। व्यापारी मंडियों के बाजार-भाव, सर्राफा के उतार-चढ़ाव, शेयर बाजार का रुझान इस प्रकार के समाचारों से ही जानते हैं। इसी प्रकार जन सामान्य भी समाचार पत्र के इस भाग से अपने लिए उपयोगी जानकारी को हासिल करते हैं; यथा-किसान मण्डियों के भाव को जानकर अपनी जिन्स (खाद्यान आदि) को बाज़ार ले जाता है। सर्राफा के भाव एक ओर स्वर्ण-व्यवसाय करने वाले दुकानदार को स्वर्ण खरीदने व बेचने में सहायता करते हैं तो दूसरी ओर जन सामान्य खरीददारी के उपयुक्त अवसरों का चयन इसी के अनुसार करता है। आर्थिक नीतियों की समीक्षा व्यापारियों को भविष्य की योजना बनाने में सहायता करती है। सारांशत: वाणिज्य पत्रकारिता नियोजन, निवेश व खरीददारी की प्रक्रिया में व्यापारी वर्ग व जन सामान्य दोनों के लिए ही लाभप्रद है।

प्रश्न 3.
अपराध समाचार किसे कहते हैं ?
उत्तर:
कानून का उल्लंघन करना या कानून विरुद्ध कार्य करना अपराध की श्रेणी में आता है। समाज में प्रतिदिन इस प्रकार की घटनाएँ घटित होती रहती हैं। इन घटनाओं से संबंधित समाचार को अपराध समाचार कहते हैं। चोरी की घटनाएँ, कत्ल, मारपीट की घटनाएँ, धोखाधड़ी, बलात्कार, राजकार्य में अवरोध, गबन, भ्रष्टाचार आदि अनेक प्रकार की ऐसी घटनाएँ कानून का उल्लंघन करने वाली घटनाएँ हैं। ऐसी ही घटनाओं से संबंधित समाचार अपराध समाचार कहलाते हैं।

प्रश्न 4.
अदालती समाचार किसे कहते हैं ?
उत्तर:
सामान्यत: किसी व्यक्ति के द्वारा कानून का उल्लंघन किए जाने पर उस पर अदालत द्वारा तदनुरूप कार्यवाही की जाती है। इस कार्यवाही से संबंधित समाचार अदालती समाचार कहलाते हैं। किसी अपराधी को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने और उसे अदालत में प्रस्तुत करने के बाद दिए गए फैसले के समाचारों को अदालती समाचारों की श्रेणी में रखा जाता है। अत: मोटे तौर पर अदालत में होने वाली कार्यवाही; यथा-वकीलों की बहस, न्यायाधीश द्वारा दिया गया निर्णय के समाचार को अदालती समाचार कहते हैं।

प्रश्न 5.
खेल समाचारों से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
आजकल अनेक स्तरों पर खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं। ये प्रतियोगिताएँ स्थानीय स्तर से लेकर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक की हो सकती हैं। अनेक प्रकार के खेल इन प्रतियोगिताओं में खेले जाते हैं। कुछ इनडोर तो कुछ आउटडोर, कुछ एकल तो कुछ सामूहिक कुश्ती, क्रिकेट, बैडमिंटन, रेसलिंग, हॉकी, फुटबॉल आदि अनेक प्रकार के खेल प्रतिदिन संस्थागत स्तर पर व व्यावसायिक स्तर पर खेले जाते हैं। विभिन्न स्तरों पर खेले जाने वाले ये खेल, खेल-प्रेमियों के लिए उत्सुकता के विषय होते हैं। इन खेलों से संबंधित समाचारों को खेल समाचार कहते हैं।

प्रश्न 6.
विज्ञान पत्रकारिता क्या है ?
उत्तर:
वर्तमान युग विज्ञान का युग है। हमारे जीवन का लगभग प्रत्येक क्षेत्र विज्ञान से प्रभावित है। विज्ञान के आविष्कारों ने हमारे जीवन की जटिलताओं को कम करते हुए जीवन को बेहद आसान बना दिया है। वैज्ञानिक क्षेत्र के किसी कार्यक्रम, उपलब्धि या खोज की तह तक की जानकारी प्राप्त करना तथा उसकी पृष्ठभूमि के बारे में बताना और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी देना विज्ञान पत्रकारिता कहलाती है। इस प्रकार की पत्रकारिता में उपग्रह प्रक्षेपण के समाचारों से लेकर नई दवाओं के शोध, मौसमी बीमारियों और उनकी रोकथाम के लिए किए गए प्रयास, चिकित्सा के क्षेत्र में नई खोज, फलों और सब्जियों के अधिक उत्पादन के लिए किए गए रासायनिक प्रयोग, कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नए अनुसंधान, भूस्खलन, बाढ़ और जंगलों में पेड़ों की कटाई के परिवेश पर प्रभावादि से संबंधित समाचारों को समाहित किया जा सकता है।

प्रश्न 7.
विज्ञान पत्रकारिता करते समय किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ?
उत्तर:
विज्ञान पत्रकारिता करते समय इससे संबंधित विषय-सामग्री की प्रकृति को जानना अत्यावश्यक है। विज्ञान समाचार के लिए उपलब्ध सामग्री प्राय: जटिल स्तर की होती है। अतः सामान्य पाठक को इसको समझना मुश्किल होता है। अत: विज्ञान पत्रकारिता करते समय सामग्री को इस रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए कि साधारण व्यक्ति भी इसको समझ पाये। तकनीकी शब्दावली के प्रयोग से बचना चाहिए व सामान्य भाषा का प्रयोग कर विषयवस्तु को जनसामान्य के लिए समझने योग्य बनाया जाना चाहिए।

प्रश्न 8.
फिल्म पत्रकारिता किसे कहते हैं ?
उत्तर:
फिल्म निर्माण से लेकर इसके प्रदर्शनोपरांत समाज पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित पत्रकारिता को फिल्म पत्रकारिता कहते हैं। फिल्म केवल मनोरंजन का साधन ही नहीं बल्कि समाज की कुरीतियों को दूर करने व आदर्श समाज के निर्माण का संदेश देने का एक प्रभावी एवं शक्तिशाली माध्यम है। फिल्म उद्योग से जुड़े व्यक्ति, यथा-निर्माता, निर्देशक, अभिनेता, अभिनेत्रियाँ आदि के जीवन व कृतित्व से संबंधित समाचार फिल्म-पत्रकारिता की श्रेणी में आते हैं।

प्रश्न 9.
वाणिज्यिक पत्रकारिता में किन विषयों का समायोजन होता है ?
उत्तर:
वाणिज्यिक पत्रकारिता में उत्पाद की आवक, खरीद, बिक्री, आयात-निर्यात, पैदावार आदि, कीमतों की वृद्धि एवं कमी का विश्लेषण, पैदावार या उत्पादन की वृद्धि और कमी से कीमतों पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण, उत्पाद के उत्पादक से क्रेता तक पहुँचने की प्रक्रिया का विश्लेषण तथा इस प्रक्रिया के कीमतों पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण आदि विषयों का समायोजन होता है। इसके अतिरिक्त आर्थिक समीक्षा, वित्तीय नीतियों की समीक्षा, वार्षिक प्रगति का विश्लेषण भी वाणिज्यिक पत्रकारिता के विषयान्तर्गत आता है।

प्रश्न 10.
वाणिज्यिक समाचारों के लेखन में किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ?
उत्तर:
वाणिज्यिक समाचारों के लेखन में लेखक को अर्थशास्त्र का ज्ञान होना आवश्यक है। उसे बाजार भाव आदि के बारे में लिखते समय वास्तविक तथ्यों को ध्यान में रखना चाहिए। आर्थिक नीतियों एवं वार्षिक नीतियों की समीक्षा में शब्दावली व शैली का प्रयोग पाठक की रुचि एवं अभियोग्यता के अनुसार किया जाना चाहिए।

प्रश्न 11.
वाणिज्यिक समाचारों के लेखन में किन योग्यताओं की आवश्यकता होती है ?
उत्तर:
वाणिज्यिक समाचारों के लेखन में पत्रकार में निम्नलिखित योग्यताएँ होनी चाहिए –

  1. अर्थशास्त्र के सामान्य सिद्धांतों का ज्ञान।
  2. किसी भी उत्पाद की आवक से लेकर वितरण तक की प्रक्रिया का ज्ञान तथा माँग व आपूर्ति के आधार पर कीमतों के उतार-चढ़ाव का ज्ञाने।
  3. पेट्रोल की कीमतों में कमी व बढ़ोत्तरी के पीछे वैश्विक बाजार के प्रभाव का ज्ञान।
  4. विदेशी मुद्रा की दरों का ज्ञान।
  5. कीमतों के बढ़ने में दलालों की भूमिका का ज्ञान।

प्रश्न 12.
अपराध समाचारों के लेखन में किन बातों को ध्यान में रखना आवश्यक है?
उत्तर:
अपराध समाचारों के लेखन में प्रामाणिकता का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। किसी व्यक्ति को प्रमाण के अभाव में अपराधी लिखना अपने आप में एक अपराध है। लेखक को मानहानि के मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है। पत्रकार को पुलिस, अदालत और कानूनी प्रक्रिया का ज्ञान रखते हुए समाचार को तैयार करना चाहिए। तथ्यों की प्रामाणिकता को जाने बिना किसी प्रकार के लेखन से बचना चाहिए।

RBSE Class 12 Hindi विभिन्न क्षेत्रों में पत्रकारिता अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
पत्रकारिता के विविध क्षेत्र कौन-कौन-से हैं ?
उत्तर:
प्रत्येक क्षेत्र में वैशिष्ट्य के युग में पत्रकारिता के अनेक क्षेत्रों का विकास हुआ है। इनमें से प्रमुख क्षेत्र हैं -विज्ञान की खोजों एवं उनके प्रभावों के बारे में जानकारी देने के लिए विज्ञान पत्रकारिता, मनोरंजन के सशक्त माध्यम सिनेमा जगत की हस्तियों से परिचय करवाने हेतु फिल्म पत्रकारिता, व्यापार एवं वाणिज्य के बारे में जानकारी देने के लिए वाणिज्यिक पत्रकारिता, समाज में हो रहे अपराधों पर नजर रखने के लिए अपराध पत्रकारिता, स्थानीय स्तर से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक खेले जाने वाले खेलों की जानकारी हेतु खेल पत्रकारिता और अदालती कार्यवाही को जनसामान्य तक पहुँचाने के लिए अदालती पत्रकारिता ।

प्रश्न 2.
फिल्म पत्रकारिता के इतिहास पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
फिल्म पत्रकारिता का इतिहास अधिक पुराना नहीं है। हिंदी की प्रथम फिल्मी पत्रिका ‘रंगभूमि’ का प्रकाशन 1932 ई. में हुआ। 1932 में ही ‘नव चित्रपट’ का प्रकाशन हुआ। स्वाधीनता से पूर्व शिक्षित एवं बुद्धिजीवी वर्ग फिल्मों और फिल्म वालों को हेय दृष्टि से देखता था। सिनेमा द्वारा प्रसारित की जाने वाली सामग्री पर कई प्रकार के बंधन होने के कारण राष्ट्रीय विचारधारा के विकास में सिनेमा का कोई योगदान नहीं था। हिंदी दैनिकों में स्वाधीनता से पूर्व फिल्मी चर्चा नगण्य थी। ‘नवभारत टाइम्स’ ने आरंभ में साप्ताहिक फिल्मी स्तंभ देना शुरू किया। स्वाधीनता के पश्चात् लगभग सभी दैनिकों ने नियमित रूप से साप्ताहिक फिल्मी स्तंभ प्रकाशित करने प्रारंभ कर दिए। वर्तमान में अनेक समाचार-पत्र नियमित रूप से फिल्मी स्तंभ प्रकाशित कर रहे हैं। पंजाब केसरी सदृश कुछ समाचार-पत्र तो फिल्मी विषेशांकों का प्रकाशन करते हैं। समाचार-पत्रों के अतिरिक्त फिल्मफेयर, स्टार एंड स्टाइल, स्टारडस्ट, फिल्म वल्र्ड जैसी पत्रिकाएँ भी नियमित रूप से प्रकाशित की जा रही हैं।

प्रश्न 3.
एक जागरूक फिल्म पत्रकार के गुणों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
एक जागरूक फिल्म पत्रकार को फिल्मों के इतिहास के साथ-साथ साहित्य, कला, संगीत, चित्रकारी, जनजीवन, नाटक आदि की अच्छी जानकारी होनी चाहिए। इन सब बातों की जानकारी के अभाव में वह न तो सही मूल्यांकन कर पाएगा और न अपने पाठकों को उचित दिशा-निर्देश दे पाएगा। फिल्म-निर्माण किस प्रकार होता है, इसकी जानकारी भी जागरूक फिल्म पत्रकार के लिए आवश्यक है। उसे कथा तथा पटकथा के अंतर के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। इनडोर तथा आउटडोर शूटिंग के अंतर का उसे ज्ञान होना भी आवश्यक है।

प्रश्न 4.
वाणिज्यिक पत्रकारिता का इतिहास लिखिए।
उत्तर:
वाणिज्यिक पत्रकारिता का इतिहास औद्योगिकीकरण के साथ जुड़ा है। पश्चिम के देशों में औद्योगिक क्रांति के पश्चात् समाचार पत्रों में उद्योग, वाणिज्य और व्यवसाय से जुड़े समाचारों को प्रमुखता दी जाने लगी है। भारत में आर्थिक पत्रकारिता का शुभारंभ ब्रिटिश मैनेजिंग एजेंसियों की प्रेरणा से हुआ। सन् 1886 में कोलकाता में ‘कैपिटल’ नामक पत्रिका देश की पहली आर्थिक संदर्भो की पत्रिका निकली। लगभग 50 वर्ष पश्चात् मुंबई से ‘कॉर्स’ साप्ताहिक वाणिज्यिक पत्रिका प्रकाशित हुई । सन् 1910 में इसी वाणिज्यिक पत्रिका का प्रकाशन कोलकाता में भी प्रारंभ हुआ। दिल्ली से 1943 में ‘ईस्टर्न इकानामिक्स’ तथा ‘फाइनेंसियल एक्सप्रेस’ नामक वाणिज्यिक पत्रिकाओं का प्रकाशन प्रारंभ हुआ। सन् 1949 में गुजराती में व्यापार’ नामक वाणिज्यिक पत्रिका का प्रकाशन प्रारंभ हुआ।

प्रश्न 5.
खेल पत्रकारिता के लिए रिपोर्टर को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
उत्तर:
खेलों की रिपोर्टिग बड़े धैर्य और अनुभव का काम है। इसके लिए रिपोर्टर के पास व्यापक अनुभव होना चाहिए। उसे खेलों के संबंध में पर्याप्त ज्ञान; जैसे-खेलों के प्रचलित नियम व उनमें दिन-प्रतिदिन हो रहे परिवर्तनों की जानकारी होनी चाहिए। उसे खेलों के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संगठनों व इन संगठनों के निर्णयों की जानकारी होनी चाहिए। रिपोर्टिग पक्षपातरहित होनी चाहिए ताकि आदर्श खेल भावना का प्रचार-प्रसार हो।

प्रश्न 6.
खेल पत्रकारों के प्रकारों का परिचय देते हुए एक खेल पत्रकार में अपेक्षित गुणों की जानकारी दीजिए।
उत्तर:
खेल पत्रकार कई प्रकार के होते हैं। पूर्णकालिक पत्रकार किसी पत्र-पत्रिका के नियमित वेतन भोगी कार्मिक होते हैं। दूसरे प्रकार के पत्रकार स्वतंत्र पत्रकार होते हैं जो स्थाई रूप से किसी पत्र या पत्रिका समूह के साथ जुड़े हुए नहीं होते। वे अपने आलेख भिन्न-भिन्न समाचार पत्र-पत्रिकाओं में भेजते रहते हैं तथा बदले में पारिश्रमिक प्राप्त करते हैं। किसी मुद्दे विशेष पर टिप्पणी करने वाले पत्रकार विशेषज्ञ पत्रकारों की श्रेणी में आते हैं। एक खेल पत्रकार में निम्नलिखित गुणों की अपेक्षा की जाती है

  1. सूक्ष्म व खोजपूर्ण नज़र।
  2. खेल नियमों की संपूर्ण जानकारी।
  3. भाषा का समुचित ज्ञान।
  4. खेलों के संबंध में तकनीकी शब्दावली का ज्ञान
  5. वास्तविकता को प्रकट करने का साहस।
  6. तकनीकी शब्दावली को जनसामान्य के लिए ग्राह्य भाषा में प्रस्तुत करने की योग्यता
  7. पाठकों की रुचि के अनुरूप निष्पक्ष प्रस्तुतीकरण का कौशल।
  8. तेज गति से लिखने की आदत