Rajasthan Board RBSE Class 12 Maths Chapter 8 

प्रश्न 1.
सिद्ध कीजिए f(x) = x² अन्तराल (0, ∞) में वर्धमान तथा अन्तराल (-∞, 0) में ह्रासमान है।
हल :
माना x1x2 ∈ [0, ∞] इस प्रकार है कि
x1 < x2
∴ x1 < x2 ⇒ x12 < x1x2 …(i)
(दोनों पक्षों में x1 को गुणा करने पर)
तथा x1 < x2 ⇒ x1x2 < x22 …(i)
(दोनों पक्षों में x2 का गुणा करने पर)
समी. (i) तथा (ii) से,
x1 < x2 ⇒ x12 < x22
⇒ f(x1) < f(x2)
∴ x1 < x2 ⇒ f(x1) < f(x2).
x1, x2 = [0, ∞]
अतः f(x) अन्तराल [0, ∞] में निरन्तर वर्धमान है।
पुनः माना x1, x2 ∈ (-∞, 0) में इस प्रकार है कि
x1 < x2
x1 < x2 ⇒ x12 > x1x2 ….(i)
[.. -3 -2
(-3) (-3) = 9
(-3) x (-2) = 6
∴ 9>6.
x1> x1x2]
पुनः x1 < x2 ⇒ x1x2 > x22 …(ii)
[पुनः – 3 < – 2
(-3) x (-2) = 6
(-2) x (-2) = 4
6 > 4
∴ x1x> x22]
समी. (1) तथा (2) से,
x1 < x2 ⇒ x1> x22
⇒f(x1) > f(x2)
∴ x1 < x2 ⇒ f(x1) > f(x2)
अत: फलन f(x) = x² अन्तराल (-∞, 0) में निरन्तर क्लासमान है।
इति सिद्धम्।

प्रश्न 2.
सिद्ध कीजिए कि f(x) = ax, 0 < a < 1, R में ह्रासमान
हल :
माना x1,x2 ∈ R में इस प्रकार है कि
x1 < x2
तब x1 < x2
ax1 > ax2
[∴ 0 < a < 1 तथा x < x2 ⇒ ax1 > ax2]
f(x1) > f(x2)
∴ x < x2
f(x1) > f(x2) ∀ x1 ,x2 ∈ R
अत: फलन f(x) = ax, 0 < a < 1, R में समान है।
इति सिद्धम्।

निर्देश : (प्रश्न 3 से 6 तक) सिद्ध कीजिए कि निम्न फलन सम्मुख दिये गए अन्तराल में वर्धमान है।

प्रश्न 3.
f(x) = log sin x, x ∈ (0, \frac { \pi }{ 2 } )
हल :
f(x) = log sin x
RBSE Solutions for Class 12 Maths Chapter 8 अवकलजों के अनुप्रयोग Ex 8.2
f’ (x) = cot x
अन्तराल (0, \frac { \pi }{ 2 } ) में cot x > 0 अर्थात्
f’ (x) > 0
अतः अन्तराल (0, \frac { \pi }{ 2 } ) में फलन निरन्तर वर्धमान है।
इति सिद्धम्।

प्रश्न 4.
f(x) = x100 + sin x + 1, x ∈ (0, \frac { \pi }{ 2 }

)
हल :
f(x) = x100 + sin x + 1
x के सापेक्ष अवकलन करने पर
f’ (x) = 100x99 + cos x
अन्तराल (0, \frac { \pi }{ 2 } ) में,
f’ (x) = 100x99 + cosx > 0
[∵ cos x > 0 तथा 100x99 > 0]
⇒ f’ (x) > 0
अत: अन्तराल (0, \frac { \pi }{ 2 } ) में फलन वर्धमान है।
इति सिद्धम्।

प्रश्न 5.
f(x) = (x – 1)ex + 1, x > 0.
हल :
f(x) = (x – 1)ex + 1, x > 0.
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
RBSE Solutions for Class 12 Maths Chapter 8 अवकलजों के अनुप्रयोग Ex 8.2
⇒ f’ (x) = (x – 1).ex + ex (1 – 0) + 0
⇒ f’ (x) = ex (x – 1 + 1)
⇒ f’ (x) = xex
x > 0 में,
⇒ f’ (x) = xe> 0 [∵ x > 0 तथा ex > 0]
⇒ f’ (x) > 0 [∵ (x – 2)² > 0]
अत: x > 0 पर फलन वर्धमान हैं।
इति सिद्धम्।

प्रश्न 6.
f(x) = x3 – 6x² + 12x – 1, x ∈ R.
हल :
f(x) = x3 – 6x2 + 12x – 1
x के सापेक्ष अवकलन करने पर
f’ (x) = 3x² – 12x + 12
f’ (x) = 3(x² – 4x + 4)
f’ (x) = 3(x – 2)²
f’ (x) = 3(x – 2)² ≥ 0
f’ (x)≥1
अत: फलन f(x), R में वर्धमान है।
इति सिद्धम्।

निर्देश : (प्रश्न 7 से 10 तक) सिद्ध कीजिए कि फलन, सम्मुख दिए गए अन्तराल में ह्रासमान है ।

प्रश्न 7.
f(x) = tan-1 x – x, x ∈ R.
हल :
f(x) = tan-1 x – x
x के सापेक्ष अवकलन करने पर
RBSE Solutions for Class 12 Maths Chapter 8 अवकलजों के अनुप्रयोग Ex 8.2
अत: फलन f(x), R में समान है।
इति सिद्धम्

प्रश्न 8.
f(x) = sin4 x + cos4 x, x ∈ (0, \frac { \pi }{ 2 } )
हल :
f(x) = sin4 x + cos4 x
x के सापेक्ष अवकलन करने पर
f’ (x) = 4 sin3 x cos x + 4 cos3 x(- sin x)
f’ (x) = 4 sin x.cos x (sin² x – cos² x)
f’ (x) = – 2.2 sin x cos x.(cos²x – sin²x)
f’ (x) = – 2.sin 2x.cos 2x
f’ (x) = – sin 4x
अन्तराल (0, \frac { \pi }{ 2 } ) में – sin 4x < 0 अर्थात्
f’ (x) < 0
अत: अन्तराल (0, \frac { \pi }{ 2 } ) में फलन समान है।
इति सिद्धम्।

प्रश्न 9.
f(x) = \frac { 3 }{ x }+5 , x ∈ R, x ≠ 0.
हल :
f(x) = \frac { 3 }{ x }+5
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
RBSE Solutions for Class 12 Maths Chapter 8 अवकलजों के अनुप्रयोग Ex 8.2
⇒ f’ (x) < 0
अतः फलन f(x), R, x ≠ 0 से समान है।
इति सिद्धम्।

प्रश्न 10.
f(x) = x² – 2x + 3, x < 1.
हल :
f(x) = x² – 2x + 3
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
f’ (x) = 2x – 2
f’ (x) = 2(x – 1)
f’ (x) = 2(x – 1) < 0 [जव x < 1]
f’ (x) < 0
अत: फलन f(x), दिए गए अन्तराल x < 1 में समान है।
इति सिद्धम्।

निर्देश : (प्रश्न 11 से 14 प्रश्न तक) अन्तराल ज्ञात कीजिए जिसमें फलन वर्धमान या ह्रासमान है।

प्रश्न 11.
f(x) = 2x³ – 3x² – 36x + 7
हल :
प्रश्नानुसार,
f(x) = 2x³ – 3x² – 36x + 7
⇒ f’ (x) = 6x² – 6x – 36
⇒ f’ (x) = 0
⇒ 6x² – 6x – 36 = 0
⇒ 6(x² – x – 6) = 0
⇒ 6(x – 3) (x + 2) = 0
x – 3 = 0 या x + 2 = 0
x = 3 या x = -2
बिन्दु x = – 2, x = 3 वास्तविक संख्या रेखा को तीन असंयुक्त
अन्तरालों (- ∞, – 2), (-2, 3) तथा (3, ∞) में विभक्त करते हैं।

(a) अन्तराल (- ∞, – 2) के लिए,
f'(x) = 6x² – 6x – 36 > 0
क्योंकि x = – 3 पर,
f'(x) = 6(-3)² – 6(-3) – 36
= 6 x 9 + 6 x 3 – 36
= 54 + 18 – 36
= 36 > 0
इसी प्रकार अन्य बिन्दुओं को लेकर भी f’ (x) > 0 दिखाया जा सकता है।
अत: अन्तराल (- ∞, – 2) में फलन निरन्तर वर्धमान है अर्थात्
x ∈ (-∞, -2) के लिए फलन निरन्तर वर्धमान हैं।

(b) (-2, 3) के लिए,
f'(x) = 6x² – 6x – 36 < 0
क्योंकि x = 1 पर,
f'(x) = 6(1)² – 6 x 1 – 36
= 6 – 6 – 36 = – 36 < 0
x = 0 पर, f’ (x) = 6(0)² – 6 x 0 – 36
= – 36 < 0
इसी प्रकार अन्य बिन्दुओं को लेकर दिखाया जा सकता है कि f’ (x) <0
अत: x ∈ (-2, 3) के लिए फलन निरन्तर समान है।

(c) (3, 2) के लिए
f'(x) = 6x² – 6x – 36 > 0
क्योंकि x = 4 पर,
f'(x) = 6 x (4)² – 6 x 4 – 36
= 96 – 24 – 36
= 96 – 60 = 36 > 0
x = 5 पर, f'(x) = 6(5)² – 6 x 5 – 36
= 6 x 25 – 30 – 36
= 150 – 30 – 36
= 84 > 0
इसी प्रकार अन्य बिन्दुओं पर भी दिखाया जा सकता है कि f’ (x) > 0
अत: x ∈ (3, ∞) के लिए फलन निरन्तर वर्धमान है।
इस प्रकार अन्तराल (- ∞, – 2) ∪ (3, ∞) में फलन f निरन्तर वर्धमान है {f’ (x) > 0}
अन्तराल (-2, 3) में फलन निरन्तर असमान है {f’ (x) < 0}.

प्रश्न 12.
f(x) = x4 – 2x².
हल :
प्रश्नानुसार,
f(x) = x4 – 2x².
f'(x) = 4x3 – 4x (∵ f(x) = 0)
4x3 – 4x = 0
4x(x² – 1) = 0
4x = 0 या x² – 1 = 0
x = 0 या x = ± 1
बिन्दु x = 0, x = 1, x = -1 वास्तविक संख्या रेखा को चार असंयुक्त अन्तराल (- ∞, – 1), (-1, ∞), (1, ∞) तथा (0, 1) में विभक्त करते हैं।

(a) अन्तराल (- ∞, – 1) के लिए,
f'(x) = 4x3 – 4x
x = – 2 पर, f'(x) = 4 x (-2)3 – 4(-2)
= – 32 + 8 = – 24 < 0
इसी प्रकार अन्य बिन्दुओं के लिए भी दिखाया जा सकता है।
{f’ (x) < 0}.

(b) अन्तराल (0, 1) के लिए,
f'(x) = 4x3 – 4x
x = 0.5 के लिए,
f'(x) = 4 x (0.5)3 – 4 x (0.5)
= 4 x 0.125 – 2.0
= 05 – 2. 0 = -15 < 0
इसी प्रकार अन्य बिन्दुओं के लिए भी दिखाया जा सकता है। {f’ (x) < 0}

(c) अन्तराल (-1, 0) के लिए,
f'(x) = 4x3 – 4x
x = -0.5 के लिए,
f'(x) = 4 x (-0.5)3 – 4 x (-0.5)
= -0.5 + 20 = 1.5 > 0
इसी प्रकार अन्य बिन्दुओं के लिए भी दिखाया जा सकता है। {f'(x) > 0}

(d) अन्तराल (1, ∞) के लिए,
f'(x) = 4x3 – 4x
x = 2 के लिए, f'(x) = 4 x (2)3 – 4 x 2
= 32 – 8 = 24 > 0
इसी प्रकार अन्य बिन्दुओं के लिए भी दिखाया जा सकता है। {f’ (x) > 0}
इस प्रकार अंतराल (-∞, – 1) ∪ (0, 1) के लिए फलन समान
अत: अन्तराल (-1,0) ∪ (1, ∞) के लिए फलन वर्धमान है।

प्रश्न 13.
f(x) = 2x3 – 9x2 + 12x + 5.
हल :
प्रश्नानुसार,
f(x) = 2x3 – 9x2 + 12x + 15
f'(x) = 6x² – 18x + 12
= 6(x² – 3x + 2)
वर्धमान मान के लिए,
f'(x) > 0
6(x² – 3x + 2)>0
x² – 3x + 2>0
[∵ 6 > 0 ∴ 6(x² – 3x + 2) > 0 ⇒ x² – 3x + 2 > 0]
(x – 1) (x – 2) > 0
x < 1 or x > 2
x ∈(- ∞,1) ∪ (2, ∞)
अत: फलन अन्तराल (-∞, 1) ∪ (2, ∞) में वर्धमान है।
पुनः ह्मसमान मान के लिए
f'(x)<0
⇒ 6(x² – 3x + 2)< 0
⇒ x² – 3x + 2<0
[∵ 6 > 0 ∴ 6(x² – 3x + 2)< 0 ⇒ x² – 3x + 2 < 0]
⇒  (x – 1) (x – 2)<0
⇒ 1 < x < 2
⇒ x ∈ (1,2)
अत: फलन अन्तराल (1, 2) में समान है।

प्रश्न 14.
f(x) = – 2x3 + 3x² + 12x + 5.
हन :
प्रश्नानुसार,
f(x) = – 2x3 + 3x² + 12x + 5
f'(x) = – 6x² + 6x + 12
= -6(x² – x – 2)
वर्धमान मान के लिए,
f'(x)>0
– 6(x² – x – 2) > 0
⇒ – 6(x – 2) (x + 1) > 0
[∵ – 6 < 0 तथा ab > 0, a < 0 ⇒ < 0]
⇒ x – 2 < 0
⇒ x < 2
⇒ x + 1 < 0
⇒ x < – 1 ⇒ x ∈ (-∞,-1)
अतः फलन अन्तराल (-∞,-1) में वर्धमान हैं।
पुनः ह्मसमान के लिए,
f'(x)<0
– 6(x – 2) (x + 1)<0
[∵ – 6 < 0 तथा ab < 0, a < 0 ⇒ b > 0]
⇒ x – 2 > 0
⇒ x > 2
तथा x + 1 > 0
⇒ x > -1
अत: फलत अन्तराल (-1, ∞) में समान है।

प्रश्न 15.
a का न्यूनतम मान ज्ञात कीजिए कि फलन f(x) = x² + ax + 5 अन्तराल [1, 2] में वर्धमान है।
हल :
f(x) = x² + ax + 5
⇒ f’ (x) = 2x + a
⇒ x ∈ [1, 2]
⇒ 1≤x≤2
⇒ 2≤2x≤4
⇒ 2 + a ≤ 2x + a ≤ 4
⇒ 2 + a ≥ 0
⇒ a ≥ – 2
अत: a का न्यूनतम मान – 2 है।
{चूँकि a = – 2 के लिए f'(x) = 3x² – 3 = 3(x² – 1) ≥ 0 इसलिए x ∈ [1, 2]}

प्रश्न 16.
सिद्ध कीजिए कि फलन f(x) = tan-1 (sin x + cos x), अन्तराल (0, \frac { \pi }{ 4 } ) में वर्धमान फलन है।
हल :
दिया गया फलन
f(x) = tan-1 (sin x + cos x)
RBSE Solutions for Class 12 Maths Chapter 8 अवकलजों के अनुप्रयोग Ex 8.2
तब 0 < x < \frac { \pi }{ 4 } , cosx > sinx तथा 2x > 0
∴ cos x – sin x > 0 तथा (2 + sin 2x) > 0
RBSE Solutions for Class 12 Maths Chapter 8 अवकलजों के अनुप्रयोग Ex 8.2
∴ f'(x) > 0 जहाँ 0 < x < \frac { \pi }{ 4 }
अर्थात् x ∈ (0, \frac { \pi }{ 4 } ) के लिए,
f'(x) > 0
अत: फरनन अंतराल (0, \frac { \pi }{ 4 } ) में निरन्तर वर्धमान है। इति सिद्धम्।