RBSE Class 6 Maths Chapter 1 Solutions in Hindi गणित में पैटर्न
PracticingRBSE Class 6 Maths Solutionsand Class 6th Maths Chapter 1 Hindi Medium गणित में पैटर्न Question Answer helps develop logical thinking and accuracy.
Class 6 Maths Chapter 1 Question Answer in Hindi Medium गणित में पैटर्न
गणित में पैटर्न कक्षा 6 Question Answer
Class 6 Maths Chapter 1 in Hindi गणित में पैटर्न
आइए, पता लगाएँ (पृष्ठ 2)
प्रश्न 1.
क्या आप अन्य उदाहरणों के विषय में सोच सकते हैं, जहाँ गणित दैनिक जीवन में हमारी सहायता करता है?
उत्तर:
गणित दैनिक जीवन में हमारी बहुत सहायता करता है जिनमें से कुछ उदाहरण निम्न हैं-.
- खरीदारी में: जब हम दुकान पर सामान खरीदते हैं तो हमें गणना करनी पड़ती है कि कितने पैसे देने हैं और कितने पैसे लेने हैं?
- समय प्रबन्धन में: घड़ी पढ़ने और समय का हिसाब रखने के लिए गणित का उपयोग किया जाता है।
- माप और आकार: किसी भी वस्तु की लम्बाई, चौड़ाई और ऊँचाई मापने के लिए गणित का उपयोग होता है।
- खेलों में: खेलते समय स्कोर रखने, दूरी मापने और रिकार्ड रखने के लिए गणित आवश्यक है।
- पैसों का हिसाब: हम अपनी जेब खर्च को सही तरीके से समझने और बचत करने के लिए गणित का उपयोग करते हैं।
प्रश्न 2.
गणित ने किस प्रकार मानव को आगे बढ़ाने के · लिए प्रेरित करने में सहायता की है ? (आप उन उदाहरणों के विषय में विचार कर सकते हैं जिनमें वैज्ञानिक प्रयोग करना; अपनी अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र को चलाना; पुलों, घरों या अन्य जटिल भवनों को निर्मित करना; टी.वी., मोबाइल फोन, कम्प्यूटरों, साइकिलों, रेलगाड़ियों, कारों, वायुयानों, कैलेंडरों, घड़ियों इत्यादि को बनाना सम्मिलित हैं।)
उत्तर:
गणित ने मानव को आगे बढ़ाने के लिए और प्रेरित करने में कई महत्त्वपूर्ण तरीकों से सहायता की है जिनमें से कुछ निम्न हैं-
- समस्या सुलझाने की क्षमता का विकास
- विज्ञान और तकनीक का विकास
- आविष्कार और नवाचार
- वित्तीय प्रबन्धन
- आधुनिक समाज के निर्माण में योगदान
- शिक्षा और बौद्धिक विकास
आइए, पता लगाएँ (पृष्ठ 3)
प्रश्न 1.
क्या आप सारणी 1 में दिए प्रत्येक अनुक्रम में पैटर्न की पहचान कर सकते हैं?
सारणी 1 – संख्या अनुक्रमों के उदाहरण
(a) 1, 1, 1, 1, 1, 1, 1, ………………… (सभी ‘1’)(b) 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, ………………… (गणन संख्याएँ)(c) 1, 3, 5, 7, 9, 11, 13, ………………… (विषम संख्याएँ)(d) 2, 4, 6, 8, 10, 12, 14, ………………… (सम संख्याएँ)(e) 1, 3, 6, 10, 15, 21, 28, ………………… (त्रिभुजाकार संख्याएँ)(f) 1, 4, 9, 16, 25, 36, 49, ………………… (वर्ग संख्याएँ)(g) 1, 8, 27, 64, 125, 216, ………………… (घन संख्याएँ)(h) 1, 2, 3, 5, 8, 13, 21, ………………… (विरहांक संख्याएँ)(i) 1, 2, 4, 8, 16, 32, 64, ………………… (2 की घातें)(j) 1, 3, 9, 27, 81, 243, 729, ………………… (3 की घातें ) |
उत्तर:
(a) संख्या ‘1’ की पुनरावृत्ति
(b) 1 से प्रारम्भ होने वाली गणन संख्याएँ (गिनती) : 1, 1 + 1, 1 + 1 + 1, ………………….
(c) 1 से प्रारम्भ विषम संख्याएँ : 1, 1 + 2 = 3, 3 + 2 = 5, 5 + 2 = 7, ………………….
(d) 2 से प्रारम्भ सम संख्याएँ 2, 2 + 2 = 4, 4 + 2 = 6, 6 + 2 = 8, 8 + 2 = 10, ………………….
(e) त्रिभुजाकार संख्याएँ :
1 = 1
1 + 2 = 3
3 + 3 = 6
6 + 4 = 10
……………………
……………………
(f) वर्ग संख्याएँ : गणन संख्याओं का वर्ग
1 = 1 × 1
4 = 2 × 2
9 = 3 × 3
16 = 4 × 4
25 = 5 × 5
……………………
……………………
(g) घन संख्याएँ :
13= 1 × 1 × 1 = 1
23= 2 × 2 × 2 = 8
33= 3 × 3 × 3 = 27
43= 4 × 4 × 4 = 64
………………………………………………
………………………………………………
(h) विरहांक संख्याएँ (पिछली दो संख्याओं का योग) :
1, 2, 1 + 2 = 3, 2 + 3 = 5, 3 + 5 = 8, 5 + 8 = 13, ………………………..
(i) 2 की घातें :
20= 1, 21= 2
22= 2 × 2 = 4
23= 2 × 2 × 2 = 8
24= 2 × 2 × 2 × 2 = 16
……………………………………………………………….
(j) 3 की घातें :
30= 1, 31= 3
32= 3 × 3 = 9
33= 3 × 3 × 3 = 27
34= 3 × 3 × 3 × 3 = 81
35= 3 × 3 × 3 × 3 × 3 = 243
36= 3 × 3 × 3 × 3 × 3 × 3 = 729
………………………………………………………………………………
प्रश्न 2.
सारणी 1 में दिए प्रत्येक अनुक्रम को उसकी अगली तीन संख्याओं सहित अपनी नोटबुक पर पुनः लिखिए। प्रत्येक अनुक्रम के बाद, उस अनुक्रम में संख्याओं को बनाने वाले नियम को अपने शब्दों में लिखिए ।
उत्तर:


आइए, पता लगाएँ (पृष्ठ 5)
प्रश्न 1.
सारणी 2 (पाठ्यपुस्तक का पृष्ठ 4 देखें) में दिए संख्या अनुक्रमों को चित्रात्मक रूप से दर्शाने के लिए अपनी नोटबुक में प्रतिलिपि बनाकर प्रत्येक अनुक्रम के लिए अगला चित्र बनाइए।
उत्तर:

प्रश्न 2.
1, 3, 6, 10, 15, ………………………. त्रिभुजाकार संख्याएँ क्यों कहलाती हैं? 1, 4, 9, 16, 25, ……………………. वर्ग संख्याएँ या वर्ग क्यों कहलाती हैं? 1, 8, 27, 64, 125, ………………………… घन संख्याएँ या घन क्यों कहलाती हैं?
उत्तर:
1, 3, 6, 10, 15, …………………………. को त्रिभुजाकार संख्याएँ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इन संख्याओं को बिन्दु रूप में व्यवस्थित कर एक त्रिभुज बनाया जा सकता है।
1, 4, 9, 16, 25, ………………….. को वर्ग संख्याएँ या वर्ग इसलिए कहा जाता है क्योंकि इन संख्याओं जितने बिन्दुओं को एक वर्ग के रूप में व्यवस्थित किया जा सकता है।
1, 8, 27, 64, ……………….. संख्याओं को घन संख्याएँ इसलिए कहा जाता है क्योंकि प्रत्येक संख्या जितने इकाई घनों को मिलाकर एक घन बनाया जा सकता है।



प्रश्न 3.
आपने ध्यान दिया होगा कि 36 एक त्रिभुजाकार संख्या और वर्गाकार संख्या दोनों है। अर्थात् 36 बिन्दुओं को त्रिभुज और वर्ग दोनों में पूरी तरह व्यवस्थित किया जा सकता है। इसे स्पष्ट करते हुए अपनी नोटबुक में चित्र बनाइए।
इससे ज्ञात होता है कि एक ही संख्या को अलग-अलग तरीकों से दर्शाया जा सकता है और सन्दर्भ के आधार पर अलग-अलग भूमिकाएँ निभाई जा सकती हैं। कुछ अन्य संख्याओं को अलग-अलग तरीकों से चित्रात्मक रूप से दर्शाने का प्रयास कीजिए।
उत्तर:
इस प्रकार की अन्य संख्याएँ हैं: 1, 36, 1225, 41616, 1413721, 48024900, 1631432881, 55420693056, 1882672131025, 63955431761796

प्रश्न 4.
आप संख्याओं के निम्नलिखित अनुक्रम को क्या कहेंगे?
इन्हें षड्भुजाकार (hexagonal) संख्याएँ कहते हैं । इन्हें अपनी नोटबुक में बनाइए । अनुक्रम में अगली संख्या क्या होगी?
उत्तर:
पहली षड्भुजाकार संख्या = 1
दूसरी षड्भुजाकार संख्या = 1 + 6 = 7
तीसरी षड्भुजाकार संख्या = 7 + 6 × 2 = 7 + 12 = 19
चौथी षड्भुजाकार संख्या = 19 + 6 × 3 = 19 + 18 = 37
पाँचवीं षड्भुजाकार संख्या = 37 + 6 × 4 = 37 + 24 = 61
अतः अनुक्रम में आगामी षड्भुजाकार संख्या 61 है।

प्रश्न 5.
क्या आप ‘2 की घात’ के अनुक्रम का चित्रीय निरूपण कर सकते हैं? ‘3 की घात’ का?
उत्तर:
यहाँ ‘2 की घात’ के चित्रात्मक प्रस्तुतीकरण का एक सम्भावित तरीका निम्न है-
‘3 की घात’ के चित्रात्मक प्रस्तुतीकरण का सम्भावित तरीका—
(33= 27 संकेन्द्रीय वृत्त बनेंगे।)


आइए, पता लगाएँ (पृष्ठ 8)
प्रश्न 1.
गणन संख्याओं को ऊपर और नीचे जोड़ने पर अर्थात् 1, 1 + 2 + 1, 1 + 2 + 3 + 2 + 1, …………………, से वर्ग संख्याएँ क्यों प्राप्त होती हैं, क्या आप इसके लिए एक चित्रीय स्पष्टीकरण दे सकते हैं?
हल:
यह पैटर्न वर्ग संख्याएँ देता है क्योंकि हम प्रत्येक योग में पदों की व्यवस्था को देख सकते हैं-
1 = 1 = (1)2
1 + 2 + 1 = 4 = (2)2
1 + 2 + 3 + 2 + 1 = 9 = (3)2
1 + 2 + 3 + 4 + 3 + 2 + 1 = 16 = (4)2
1 + 2 + 3 + 4 + 5 + 4 + 3 + 2 + 1 = 25 = (5)2
1 + 2 + 3 + 4 + 5 + 6 + 5 + 4 + 3 + 2 + 1 = (6)2
स्पष्ट है कि प्रत्येक पद सममित है जो उस क्रम में सबसे बड़ी संख्या (1 से, फिर वापस 1 तक) के आसपास केन्द्रित है।


प्रश्न 2.
इस तस्वीर के बड़े संस्करण की कल्पना करके या आवश्यकतानुसार उसका आंशिक चित्र बनाकर, क्या आप ज्ञात कर सकते हैं कि 1 + 2 + 3 + …. + 99 +100 + 99 + …. + 3 + 2 + 1 का मान क्या होगा?
हल:
1 + 2 + 3 + … + 99 + 100 + 99 + …. + 3 + 2 + 1
= 100 × 100
= 10000
प्रश्न 3.
जब आप सभी ‘1’ वाले अनुक्रम को ऊपर की ओर जोड़ना प्रारम्भ करते हैं, तब आपको कौनसा अनुक्रम प्राप्त होता है? जब आप सभी ‘1’ वाले अनुक्रम को ऊपर और नीचे जोड़ते हैं, तब कौनसा अनुक्रम प्राप्त होता है?
हल:
1 के अनुक्रम को जोड़ते समय ऊपर की ओर जोड़ने या नीचे की ओर जोड़ने पर जोड़ सदैव समान प्राप्त होता है। जैसे—
ऊपर की ओर जोड़ने पर: 1 + 1 + 1 + 1 + 1 = 5
नीचे की ओर जोड़ने पर: 1 + 1 + 1 + 1 + 1 = 5
प्रश्न 4.
जब आप गणन संख्याओं को ऊपर की ओर जोड़ना प्रारम्भ करते हैं, तब आपको कौनसा अनुक्रम प्राप्त होता है? क्या आप एक छोटे से चित्र के माध्यम से स्पष्टीकरण दे सकते हैं?
हल:
गणन संख्याओं को ऊपर की ओर जोड़ने पर :
1 = 1
1 + 2 = 3
1 + 2 + 3 = 6
1 + 2 + 3 + 4 = 10
……………………………
प्राप्त अभीष्ट अनुक्रम
1, 3, 6, 10, …………………….
चित्र से स्पष्टीकरण-

प्रश्न 5.
जब आप क्रमागत त्रिभुजाकार संख्याओं के को जोड़ते हैं तब क्या होता है ? उदाहरण के लिए, 1 + 3, 3 + 6, 6 + 10, 10 + 15, ………… को लीजिए। आपको कौनसा अनुक्रम मिलता है? क्यों? क्या आप इसे एक चित्र द्वारा स्पष्ट कर सकते हैं?
हल:
क्रमागत त्रिभुजाकार संख्याएँ हैं :
1, 3, 6, 10, 15, 21, 28, …………………….
प्रश्नानुसार इन संख्याओं के युग्मों को जोड़ने पर,
1 + 3 = 4 = 2 × 2
3 + 6 = 9 = 3 × 3
6 + 10 = 16 = 4 × 4
इस प्रकार हमें पूर्ण वर्ग संख्याएँ प्राप्त होती हैं। प्राप्त अनुक्रम
4, 9, 16, 25, 36, …………………….
इसका चित्र द्वारा स्पष्टीकरण-

प्रश्न 6.
जब आप 1 से प्रारम्भ करते हुए 2 की घातों को जोड़ना प्रारम्भ करते हैं तब क्या होता है? उदाहरण के लिए, 1, 1 + 2, 1 + 2 + 4, 1 + 2 + 4 + 8, ……… जए। अब इनमें से प्रत्येक संख्या में 1 जोड़ दीजिए— आप कौनसी संख्याएँ प्राप्त करते हैं? ऐसा क्यों होता है?
हल:
1 से प्रारम्भ करते हुए 2 की घातों को जोड़ना—
अत: अभीष्ट अनुक्रम 1, 3, 7, 15, 31, …………………..
अब प्रश्नानुसार इनमें से प्रत्येक संख्या में जोड़ने पर
1 + 2 + 4 + 8 + 1 = 16 = 2 × 2 × 2 × 2 = 24इस प्रकार हमें 2, 4, 8, 16, ……….. अनुक्रम प्राप्त होता है जिसमें 2 की बढ़ती हुई घातें प्राप्त होती हैं। यह पैटर्न इसलिए होता है क्योंकि यह ज्यामितीय श्रृंखला का एक गुण है जहाँ प्रत्येक बार दोगुनी होने वाली श्रृंखला के पहले पदों का योग 2 की अगली घात से सिर्फ एक कम होता है।
अर्थात् 1 + 2 + 4 + 8 + …………… 2n= 2n + 1– 1
जब हम एक निश्चित स्थान तक के योग में 1 जोड़ते हैं तो हमें उस स्थान तक से 2 की अगली घात प्राप्त होती है।


प्रश्न 7.
जब आप त्रिभुजाकार संख्याओं को 6 से गुणा करते हैं और 1 जोड़ते हैं तो क्या होता है? आपको कौनसा अनुक्रम मिलता है? क्या आप इसे चित्र के माध्यम से समझा सकते हैं?
हल:
त्रिभुजाकार संख्याएँ हैं—
1, 3, 6, 10, 15, 21, …………………….
प्रश्नानुसार, इन संख्याओं को 6 से गुणा कर 1 जोड़ते हैं :
1 × 6 + 1 = 7
3 × 6 + 1 = 19 (12 अंक की बढ़ोतरी अर्थात् 6 × 2)
6 × 6 + 1 = 37 (18 अंक की बढ़ोतरी अर्थात् 6 × 3)
10 × 6 + 1 = 61 (24 अंक की बढ़ोतरी अर्थात् 6 × 4 )
15 × 6 + 1 = 91 (30 अंक की बढ़ोतरी अर्थात् 6 × 5)
अभीष्ट अनुक्रम: 7, 19, 37, 61, 91, …………………….
चित्र—

प्रश्न 8.
जब आप षड्भुजाकार संख्याओं को जोड़ना प्रारम्भ करते हैं तब क्या होता है? उदाहरण के लिए, 1, 1 + 7, 1 + 7 + 19, 1 + 7 + 19 + 37, ….. लीजिए । आप कौनसा अनुक्रम प्राप्त करते हैं? क्या आप इसे एक घन के चित्र का उपयोग करते हुए स्पष्ट कर सकते हैं?
हल:
षड्भुजाकार संख्याएँ हैं–
1, 7, 19, 37, 61, …………………
प्रश्नानुसार जोड़ने पर
1 = 1 = 1 × 1 × 1 = 13
1 + 7 = 8 = 2 × 2 × 2 = 23
1 + 7 + 19 = 27 = 3 × 3 × 3 = 33
1 + 7 + 19 + 37 = 64 = 4 × 4 × 4 = 43
1 + 7 + 19 + 37 + 61 = 125 = 5 × 5 × 5 = 53
चित्र–


प्रश्न 9.
सारणी 1 में दिए गए अनुक्रमों में और दो भिन्न अनुक्रमों के उनके बीच स्वयं अपनी ओर से अन्य पैटर्न या सम्बन्ध खोजिए | क्या एक चित्र या किसी अन्य माध्यम से आप यह स्पष्ट कर सकते हैं कि ऐसा क्यों होता है?
हल:

आइए, पता लगाएँ – 1 (पृष्ठ 11)
प्रश्न 1.
क्या आप सारणी 3 (पाठ्यपुस्तक का पृष्ठ 10 देखें) के प्रत्येक अनुक्रम में पैटर्न की पहचान कर सकते हैं?
हल:
(a) त्रिभुज = तीन भुजाएँ
चतुर्भुज = चार भुजाएँ
पंचभुज = पाँच भुजाएँ
षड्भुज = छ: भुजाएँ
सप्तभुज = सात भुजाएँ
अष्टभुज = आठ भुजाएँ
नवभुज = नौ भुजाएँ
दशभुज = दस भुजाएँ
अतः यहाँ अनुक्रम है : 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, …………………. अर्थात् 3 से प्रारम्भ गणन संख्याएँ ।
(b) K2= 1 = 1
K3= 3 = 1 + 2
K4= 6 = 1 + 2 + 3
K5= 10 = 1 + 2 + 3 + 4
K6= 15 = 1 + 2 + 3 + 4 + 5
अतः यहाँ अनुक्रम है 1, 3, 6, 10, 15, ………………….
अर्थात् त्रिभुजाकार संख्याएँ प्राप्त हुईं।
(c) यहाँ वर्गों की संख्या = 1, 4, 9, 16, 25, ………………
1 = 1 × 1
4 = 2 × 2
9 = 3 × 3
16 = 4 × 4
25 = 5 × 5
अतः यह वर्ग संख्याएँ प्रदर्शित करने वाले चित्र हैं।
(d) प्रत्येक चित्र में त्रिभुजों की संख्या :
1 = 1 × 1
4 = 2 × 2
9 = 3 × 3
16 = 4 × 4
25 = 5 × 5
अतः यहाँ अनुक्रम है: 1, 4, 9, 16, 25, …………………
अतः यह भी वर्ग संख्याओं को त्रिभुजों में व्यक्त करने का तरीका है।
(e) यहाँ अनुक्रम है: 3, 12, 48, 192, 768, …………………….
यह प्रत्येक पूर्व संख्या को 4 से गुणा करने पर प्राप्त होता है :
प्रत्येक संख्या चित्र में उपस्थित भुजाओं की संख्या है।

प्रश्न 2.
सारणी 3 (पाठ्यपुस्तक का पृष्ठ 10 देखें) के प्रत्येक अनुक्रम को अपनी नोटबुक में पुनः बनाने का प्रयास कीजिए। क्या आप प्रत्येक अनुक्रम में अगले आकार को खींच सकते हैं? क्यों और क्यों नहीं? प्रत्येक अनुक्रम के बाद, अपने शब्दों में उस नियम या पैटर्न की व्याख्या कीजिए, जिसके अनुसार उस अनुक्रम में आकार बन रहे हैं।
हल:
(a) समबहुभुज जिसमें 11 भुजाएँ हैं।
सम एकदशभुज (11 भुजाओं वाला समबहुभुज )
(b) K7
(c) ढेरित वर्ग
(d) ढेरित त्रिभुज
कुल त्रिभुजों की संख्या = 1 + 3 + 5 + 7 + 9 + 11 = 36




(e) कोच हिमकण 768 × 4 = 3072, इतनी अधिक भुजाओं वाला हिमकण बनाना सम्भव नहीं है।
प्रत्येक अनुक्रम की व्याख्या प्रश्न (1) में की जा चुकी है जिसके अनुसार उस अनुक्रम में आकार बन रहे हैं। आइए, पता लगाएँ-2
आइए, पता लगाएँ – 2 (पृष्ठ 11)
प्रश्न 1.
सम बहुभुजों के प्रत्येक आकार अनुक्रम में भुजाओं की संख्या ज्ञात कीजिए। आपको कौनसा संख्या अनुक्रम प्राप्त होता है? सम बहुभुजों के प्रत्येक आकार अनुक्रम में आकृतियों के कोनों के विषय में आप क्या कहेंगे? क्या आपको वही संख्या अनुक्रम प्राप्त होता है? क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि ऐसा क्यों होता है?
हल:
समबहुभुज | भुजाओं की संख्या | कोनों की संख्या |
समबाहु त्रिभुज | 3 | 3 |
वर्ग समचतुर्भुज | 4 | 4 |
समपंचभुज | 5 | 5 |
समषड्भुज | 6 | 6 |
समसप्तभुज | 7 | 7 |
समअष्टभुज | 8 | 8 |
समनवभुज | 9 | 9 |
समदशभुज | 10 | 10 |
दोनों ही स्थितियों में हमें समान संख्या अनुक्रम ही प्राप्त होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि समबहुभुज में भुजाओं की संख्या तथा उसके शीर्षों की संख्या समान होती है।
प्रश्न 2.
सम्पूर्ण आलेखों के प्रत्येक आकार अनुक्रम में रेखाओं की संख्याओं की गणना कीजिए। इससे आपको कौनसा संख्या अनुक्रम प्राप्त होता है? क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि ऐसा क्यों होता है?
हल:
आलेख | K2 | K3 | K4 | K5 | K6 |
रेखाओं की संख्या | 1 | 3 | 6 | 10 | 15 |
प्राप्त संख्या अनुक्रम: 1, 3, 6, 10, 15, ………………………
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ये त्रिभुजाकार संख्याएँ हैं जो निम्न प्रकार प्राप्त होती हैं—

प्रश्न 3.
ढेरित (stacked) वर्गों के अनुक्रम के प्रत्येक आकार में कितने छोटे वर्ग हैं? इससे कौनसा संख्या अनुक्रम प्राप्त होता है? क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि ऐसा क्यों होता है?
हल:
छोटे वर्गों की संख्या (प्रत्येक भुजा पर) | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
छोटे वर्गों की कुल संख्या | 1 | 4 | 9 | 16 | 25 | 36 | 49 |
प्राप्त अनुक्रम: 1, 4, 9, 16, 25, 36, 49, …………………..
हमें वर्ग संख्याओं का अनुक्रम प्राप्त होता है क्योंकि प्रत्येक पद उस वर्ग के क्षेत्रफल को व्यक्त करता है जिसमें वर्ग की भुजा बढ़ते हुए क्रम में गणन संख्या है।
प्रश्न 4.
ढेरित त्रिभुजों के अनुक्रम के प्रत्येक आकार में कितने छोटे त्रिभुज हैं? इससे कौनसा संख्या अनुक्रम प्राप्त होता है ? क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि ऐसा क्यों होता है? ( संकेत — अनुक्रम के प्रत्येक आकार में, प्रत्येक पंक्ति में कितने त्रिभुज हैं? )
हल:
छोटे त्रिभुजों वाली पंक्तियों की संख्या | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
छोटे त्रिभुजों की संख्या | 1 | 4 | 9 | 16 | 25 | 36 | 49 |
प्राप्त अनुक्रम: 1, 4, 9, 16, 25, 36, 49, …………………….
यह वर्ग संख्याओं का अनुक्रम है।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि नीचे ढेरित त्रिभुजों की एक नई पंक्ति जोड़ने पर, वर्ग अनुक्रम में अगली संख्या उत्पन्न होगी। अनुक्रम में प्रत्येक आकार या एक क्षेत्र (त्रिकोणों की संख्या) होता है जो पंक्तियों की संख्या के वर्ग के अनुसार बढ़ता है।
प्रश्न 5.
कोच हिमकण (Koch snowflake) वाले अनुक्रम में, एक आकार से अगला आकार प्राप्त करने के लिए प्रत्येक रेखाखण्ड ‘_’ को एक ‘गति उभार (speed bump)’से प्रतिस्थापित करना पड़ता है। जैसे-जैसे इसे अधिक से अधिक बार किया जाता है, वैसे-वैसे परिवर्तन अत्यधिक छोटे-छोटे रेखाखण्डों के साथ छोटे तथा और अधिक छोटे होते जाते हैं। कोच हिमकण के प्रत्येक आकार में कुल कितने रेखाखण्ड हैं? इनके संगत संख्या अनुक्रम क्या हैं? (3, 12, 48, ……., अर्थात् 4 की घात का तीन गुना इसका उत्तर हैं, यह अनुक्रम सारणी में नहीं है।)
हल:

कोच हिमकण | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
रेखाखण्डों की संख्या | 3 | 12 | 48 | 192 | 768 |
प्राप्त अनुक्रम: 3, 12, 48, 192, 768, ……………………
प्रथम पद 3 है। तत्पश्चात् प्रत्येक पद पूर्वपद को 4 से गुणा करने पर प्राप्त होता है।
Class 6 Maths Chapter 1 Hindi Medium गणित में पैटर्न
Class 6th Maths Chapter 1 Question Answer in Hindi
बहुविकल्पात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1.
अनुक्रम 6, 18, 30, 42, 54 में अगली संख्या है—
(अ) 60
(ब) 72
(स) 66
(द) 84
उत्तर:
(स) 66
प्रश्न 2.
अनुक्रम 7, 10, 13, 16, 19 में अगली संख्या है—
(अ) 21
(ब) 20
(स) 22
(द) 23
उत्तर:
(स) 22
प्रश्न 3.
समदशभुज में भुजाओं की संख्या ह—
(अ) 5
(ब) 6
(स) 9
(द) 10
उत्तर:
(द) 10
प्रश्न 4.
समनवभुज में कोणों की संख्या है—
(अ) 5
(ब) 6
(स) 9
(द) 10
उत्तर:
(स) 9
प्रश्न 5.
विरहांक संख्याएँ हैं—
(अ) 1, 8, 27, 64, 125
(ब) 1, 2, 3, 5, 8, 13, 21
(स) 1, 2, 4, 8, 16, 32
(द) 1, 3, 9, 27, 81, 243
उत्तर:
(द) 1, 3, 9, 27, 81, 243
प्रश्न 6.
अनुक्रम 2, 3, 5, 7, 11, 13 का अगला अंक है—
(अ) 17
(ब) 15
(स) 16
(द) 14
उत्तर:
(अ) 17
प्रश्न 7.
कौनसा विकल्प इस पैटर्न को पूरा करेगा?
1, 5, 9, 13, ?
(अ) 14
(ब) 15
(स) 17
(द) 18
उत्तर:
(स) 17
प्रश्न 8.
अनुक्रम 2, 6, 12, 20 की अगली संख्या है—
(अ) 28
(ब) 24
(स) 30
(द) 32
उत्तर:
(स) 30
प्रश्न 9.
इस पैटर्न की अगली आकृति क्या है?
उत्तर:


प्रश्न 10.
अनुक्रम 100, 95, 90, 85, ? की अगली संख्या है—
(अ) 70
(ब) 80
(स) 75
(द) 78
उत्तर:
(ब) 80
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए—
1. गणित में वह शाखा जिसमें पूर्ण संख्याओं के पैटनों का अध्ययन किया जाता है, ………………………… कहलाती है।
उत्तर:
संख्या सिद्धान्त
2. समबहुभुज, सम्पूर्ण ग्राफ, ढेरित त्रिभुज आदि ……………………………. अनुक्रम के उदाहरण हैं।
उत्तर:
आकार
3. आकार अनुक्रम आश्चर्यजनक तरीकों से ………………………… अनुक्रमों से सम्बन्धित होते हैं।
उत्तर:
संख्या
4. 1, 3, 6, 10, 15, 21, 28 ………………………… संख्याएँ हैं।
उत्तर:
त्रिभुजाकार
5. संख्या ………………………… वर्ग संख्या तथा त्रिभुजाकार संख्या है।
उत्तर:
36
6. समपंचभुज में भुजाओं और कोणों की कुल संख्याओं का योग ……………………. है।
उत्तर:
10
सत्य / असत्य कथन बताइए—
1. गणन संख्याओं को ऊपर और नीचे जोड़ने पर अर्थात् 1, 1 + 2 + 1, 1 + 2 + 3 + 2 + 1, ………………., से वर्ग संख्याएँ प्राप्त होती हैं।
2. 1, 2, 3, 5, 8, 13, 21, ………………. त्रिभुजाकार संख्याएँ हैं।
3. फिबोनाची क्रम में प्रत्येक संख्या पिछली दो संख्याओं का योग होती है।
4. 1, 5, 12, 22, 35, 51, ……………………… वर्गाकार संख्याएँ हैं।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य
3. स्रत्य
4. असत्य।
सही मिलान कीजिए—
प्रश्न 1.
1. 1, 5, 12, 22, 35, 51, ……. | (अ) वर्गाकार संख्याएँ |
2. 1, 4, 9, 16, 25, 36, 49, …… | (ब) पैलिंड्रोमिक संख्याएँ |
3. 1, 6, 15, 28, 45, 66, ….. | (स) पेंटागोनल (पंचभुज) संख्याएँ |
4. 1, 11, 121, 1331, 14641, ….. | (द) षट्कोणीय संख्याएँ |
उत्तर:
1. (स) 2. (अ) 3. (द) 4. (ब)
1. 1, 5, 12, 22, 35, 51, ……. | (स) पेंटागोनल (पंचभुज) संख्याएँ |
2. 1, 4, 9, 16, 25, 36, 49, …… | (अ) वर्गाकार संख्याएँ |
3. 1, 6, 15, 28, 45, 66, ….. | (द) षट्कोणीय संख्याएँ |
4. 1, 11, 121, 1331, 14641, ….. | (ब) पैलिंड्रोमिक संख्याएँ |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1.
संख्याओं का संयोजन पैटर्न क्या है ?
हल:
यहाँ एक ही पैटर्न में जोड़ने और घटाने का मिश्रण होता है जैसे—
2, 5, 3, 6, 4, 7, 5, 8, ………………..
प्रश्न 2.
पैलिंड्रोमिक संख्याओं का पैटर्न क्या होता है?
हल:
पैलिंड्रोमिक संख्याएँ वही होती हैं जो उल्टा पढ़ने पर भी वही रहें। उदाहरण :
1, 11, 121, 1331, 14641, ………………..
प्रश्न 3.
केन्द्रित वर्गाकार संख्याओं का अनुक्रम बताइए ।
हल:
1, 5, 13, 25, ………………..
प्रश्न 4.
समर्पणात्मक संख्याओं का पैटर्न क्या होता है?
हल:
समर्पणात्मक संख्याओं के पैटर्न में प्रत्येक संख्या एक निर्धारित अन्तराल पर बढ़ती है। जैसे कि हर संख्या में 7 जोड़ें :
1, 8, 15, 22, 29, 36, ………………..
प्रश्न 5.
संख्या अनुक्रम 5, 25, 125, 625, ……………….. में अगली संख्या क्या होगी?
हल:
3125 (= 625 × 5)
प्रश्न 6.
अनुक्रम 3, 6, 12, 24, ……………….. में अगली संख्या क्या होगी?
हल:
48 ( हर संख्या को 2 से गुणा किया गया है)।
प्रश्न 7.
बिन्दु चित्रण क्या है?
हल:
जब किसी अनुक्रम में संख्याओं का एक समूह होता है, जिसे बिन्दुओं द्वारा दर्शाया जाता है, बिन्दु चित्रण कहलाता है।
प्रश्न 8.
केन्द्रित त्रिकोणीय अनुक्रम बताइए।
हल:
1, 4, 10, 19, ………………….
प्रश्न 9.
केन्द्रित अष्टभुज संख्याओं का अनुक्रम लिखिए।
हल:
1, 5, 13, 25, 41, 61, 85, 113, ………………….
प्रश्न 10.
0.5, 1, 1.5, 2.0, 2.5, …………………. अनुक्रम में अगली तीन संख्याएँ लिखिए।
हल:
3, 3.5, 4
लघूत्तरात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1.
संख्या अनुक्रमों का दृश्यांकन क्या होता है? समझाइए।
हल:
किसी संख्या अनुक्रम को दृश्य रूप में प्रस्तुत करना, ताकि उसे समझना आसान हो जाए, संख्या अनुक्रमों का दृश्यांकन कहलाता है। जैसे—
- डॉट या बिन्दु चित्रण
- लाइनों का चित्रण
- ग्रिड में व्यवस्थित करना
- ज्यामितीय आकार
- लाइन चार्ट
- सर्पिल पैटर्न
- रंग कोडिंग।
प्रश्न 2.
अनुक्रम 3, 6, 12, 24, 48, ……………….. में संख्या अनुक्रम सम्बन्ध बताइए।
हल:
3, 6, 12, 24, 48, ………………
सम्बन्ध: यह अनुक्रम उन संख्याओं का है जहाँ प्रत्येक संख्या को 2 से गुणा करके अगली संख्या प्राप्त होती है। इसे इस प्रकार समझा जा सकता है-
पहला पद: 3
दूसरा पद: 3 × 2 = 6
तीसरा पद: 6 × 2 = 12
चौथा पद: 12 × 2 = 24
पाँचवाँ पद: 24 × 2 = 48
प्रश्न 3.
अनुक्रम 64, 32, 16, 8, 4, …………….. में संख्या अनुक्रम सम्बन्ध बताइए।
हल:
यह अनुक्रम उन संख्याओं का है, जिसमें प्रत्येक संख्या को 2 से भाग दिया गया है। इसे इस तरह समझा जा सकता है—
पहला पद: 64
दूसरा पद: 64 ÷ 2 = 32
तीसरा पद: 32 ÷ 2 = 16
चौथा पद: 16 ÷ 2 = 8
पाँचवाँ पद: 8 ÷ 2 = 4
प्रश्न 4.
फाइबोनैचि अनुक्रम क्या होता है?
हल:
अनुक्रम 1, 1, 2, 3, 5, 8, 13, ………………… फाइबोनैचि अनुक्रम है जहाँ प्रत्येक संख्या (प्रथम दो पदों को छोड़कर) पिछली दो संख्याओं का योग है। इसे इस तरह समझा जा सकता है :
पहला पद: 1
दूसरा पद: 1
तीसरा पद: 1 + 1 = 2
चौथा पद: 1 + 2 = 3
पाँचवाँ पद: 2 + 3 = 5
छठा पद: 3 + 5 = 8
सातवाँ पद: 5 + 8 = 13
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
जब वृत्तों को षद्भुज आकार में जमाया गया हो तब प्रत्येक आकृति में छोटे वृत्तों की कुल संख्या कितनी होती है? यह कौनसा अनुक्रम बनता है? क्या आप समझा सकते हैं कि ऐसा क्यों है?
हल:
छोटे वृत्तों की परतों की संख्या | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
छोटे वृत्तों की कुल संख्या | 1 | 7 | 19 | 37 | 61 | 91 | 127 |
प्राप्त अनुक्रम: 1, 7, 19, 37, 61, 91, 127
यह केन्द्रित षट्भुज संख्याओं का अनुक्रम है। प्रत्येक परत में छोटे वृत्तों की संख्या बढ़ती जाती है जो षट्भुज आकार से जुड़ती है।
1 = 1
7 = 1 + 6 × 1 = 7
19 = 7 + 6 × 2 = 19
37 = 19 + 6 × 3 = 37
61 = 37 + 6 × 4 = 61

प्रश्न 2.
त्रिकोण के आकार में वृत्तों को जमाने पर प्रत्येक परत में कुल कितने छोटे वृत्त होते हैं? यह कौनसा संख्या अनुक्रम बनाता है?
हल:
छोटे वृत्तों की पंक्तियों की संख्या | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
छोटे वृत्तों की कुल संख्या | 1 | 3 | 6 | 10 | 15 | 21 | 28 |
हमें अनुक्रम मिलता है : 1, 3, 6, 10, 15, 21, 28, ………………….
यह त्रिकोणीय संख्याओं का अनुक्रम है। प्रत्येक नई पंक्ति जोड़ने पर अगली त्रिकोणीय संख्या मिलती है।
