RBSE Class 6 Sanskrit Chapter 6 Question Answer सः एव महान् चित्रकारः
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Class 6 Sanskrit Chapter 6 Question Answer सः एव महान् चित्रकारः
कक्षा 6 संस्कृत पाठ 6 के प्रश्न उत्तर
Class 6 Sanskrit Deepakam Chapter 6 Question Answer
पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
पाठस्य आधारेण प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखन्तु।
(पाठ के आधार पर प्रश्नों के उत्तर एक पद में लिखिए।)
उत्तर:
(क) हरितवर्णम्।
(ख) हरितवर्णेन।
(ग) हरितः।
(घ) परमेश्वरः।
(ङ) शुकान्।

प्रश्न 2.
पाठस्य आधारेण प्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखन्तु।
(पाठ के आधार पर प्रश्नों के उत्तर पूर्ण वाक्य में लिखिए।)
उत्तर:
(क) आचार्यस्य प्रावारकस्य वर्णः श्वेतः अस्ति।
(ख) मञ्जुलस्य उद्याने विविधेषु वर्णेषु पाटलपुष्पाणि सन्ति।
(ग) इन्द्रधनुः बहुवर्णमयम् इति मञ्जुलस्य अभिप्रायः।
(घ) चित्रवर्णशुकानां पक्षा: नीलाः पीताः रक्ताः च भवन्ति।
(ङ) काकस्य पिकस्य च वर्णः कृष्णः।

प्रश्न 3.
उचितवर्णेन सह शब्द योजयन्तु। (उचित रंग के साथ शब्द को जोड़िये।)
उत्तर:
(i) फलं रक्तवर्णः अस्ति।
(ii) नीलवर्ण: खगः।
(iii) कृष्णवर्णः काकः।
(iv) हरितवर्ण: शुक:।
(v) पीतवर्णः धेनुः।
(vi) श्वेतवर्ण: बकः।
(vii) पाटलवर्ण: पाटलपुष्पम्।
(viii) नीललोहितः जम्बुफलम्।

प्रश्न 4.
राष्ट्रध्वजस्य समुचितैः वर्णैः अधः प्रदत्तेषु वाक्येषु रिक्तस्थानानि पूरयन्तु।
(राष्ट्रीय ध्वज के समुचित रंगों से नीचे प्रदत्त वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।)
उत्तर:
(क) उपरि केसरम् वर्णः अस्ति।
(ख) मध्ये श्वेतः वर्णः अस्ति।
(ग) अध: हरितः वर्णः अस्ति।
(घ) ध्वजस्य केन्द्रे नीलः वर्णः अस्ति।

प्रश्न 5.
प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखन्तु।
(प्रश्नों के उत्तर एक पद में लिखिए।)
उत्तर:
(क) कृष्णः।
(ख) नीलः।
(ग) पीतः।
(घ) श्वेतः।
(ङ) कृष्णः।
(च) नीलः।

प्रश्न 6.
[नोट दिये गये चित्रों में विद्यार्थी निर्दिष्ट रंग भरें॥]
उत्तर:

Class 6th Sanskrit Chapter 6 Question Answer
1. निम्नलिखित प्रश्नानाम् उत्तराणि विकल्पेभ्यः चित्वा लिखत-
(i) राष्ट्रपतिभवनस्य परिसरे विद्यमानस्य उद्यानस्य किम् नाम?
(अ) अशोक- उद्यानम्
(ब) इन्द्र- उद्यानम्
(स) देव-उद्यानम्
(द) अमृत-उद्यानम्
उत्तर:
(द) अमृत-उद्यानम्
(ii) पर्णानि कीदृशानि सन्ति?
(अ) कृष्णानि
(ब) हरितानि
(स) पीतानि
(द) रक्तानि
उत्तर:
(ब) हरितानि
(iii) शुकः केन वर्णेन शोभते?
(अ) हरितवर्णेन
(ब) कृष्णवर्णेन
(स) श्वेतवर्णेन
(द) पाटलवर्णेन
उत्तर:
(अ) हरितवर्णेन
(iv) का हरितवर्णम् एव पश्यति?
(अ) मेधा
(ब) राधा
(स) श्रद्धा
(द) मनीषा
उत्तर:
(स) श्रद्धा
(v) पिकस्य वर्ण: क:?
(अ) नीलः
(ब) कृष्ण:
(स) पीत:
(द) रक्तः
उत्तर:
(ब) कृष्ण:
(vi) छात्रा: कीदृशान् शुकान् द्रष्टुम् इच्छन्ति?
(अ) रक्तवर्णान्
(ब) हरितवर्णान्
(स) श्वेतवर्णान्
(द) चित्रवर्णान्
उत्तर:
(द) चित्रवर्णान्
(vii) कः श्वेतवर्ण: ?
(अ) हंस:
(ब) काक:
(स) पिक:
(द) शुकः
उत्तर:
(अ) हंस:
(viii) शिक्षकस्य प्रावारकं कीदृशम्?
(अ) कृष्णम्
(ब) पीतम्
(स) श्वेतम्
(द) रक्तम्
उत्तर:
(स) श्वेतम्
(ix) सर्व: अपि निसर्गः कीदृशः अस्ति?
(अ) एकवर्णमयः
(ब) बहुवर्णमयः
(स) वर्णरहितः
(द) पञ्चवर्णमयः
उत्तर:
(ब) बहुवर्णमयः
(x) वर्णयोजक: चित्रकार: क:?
(अ) नृपः
(ब) शिक्षक:
(स) लेखक :
(द) परमेश्वरः
उत्तर:
(द) परमेश्वरः
प्रश्न 2.
कोष्ठकात् उचितपदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-
(i) वयम् अत्र पुष्पाणि …….। (पश्यन्ति पश्यामः)
(ii) …….. उपरि शुकः अस्ति। (वृक्षस्य / पर्वतस्य)
(iii) …….. अपि वर्णः कृष्णः। (हंसस्य/पिकस्य)
(iv) शुकस्य चञ्चुः अपि ……..। (रक्तवर्णा / कृष्णवर्णा)
(v) …….. तु बहुवर्णमयं खलु। (शिवधनुः इन्द्रधनुः)
उत्तर:
(i) पश्याम:
(ii) वृक्षस्य
(iii) पिकस्य
(iv) रक्तवर्णा
(v) इन्द्रधनुः
प्रश्न 3.
एकपदेन उत्तरत-
(i) छात्रा : चित्रवर्णाः शुकाः प्रायः कुत्र पश्यन्ति?
(ii) पर्णस्य वर्ण: क:?
(iii) काकस्य वर्णः कः?
(iv) जपापुष्पस्य वर्ण: क:?
(v) कैः एव अस्माकं जीवनम् अपि मनोरमं भवति?
उत्तर:
(i) जन्तुशालायाम्।
(ii) हरितः।
(iii) कृष्णः।
(iv) रक्त:।
(v) वर्णैः।
प्रश्न 4.
पूर्णवाक्येन उत्तरत-
(i) अमृत उद्यानम् कुत्र अस्ति?
उत्तर:
अमृत-उद्यानम् राष्ट्रपतिभवनस्य परिसरे अस्ति।
(ii) अमृतोद्याने सामान्यतः कति ऋतुपुष्पाणि सन्ति?
उत्तर:
अमृतोद्याने सामान्यतः पञ्चसहस्त्राधिकानि ऋतुपुष्पाणि सन्ति।
(iii) चित्रवर्णाः शुकाः कीदृशाः भवन्ति?
उत्तर:
चित्रवर्णानां शुकानां पक्षा: नीलाः पीताः रक्ताः च भवन्ति।
(iv) इन्द्रधनुषि कति वर्णाः भवन्ति?
उत्तर:
इन्द्रधनुषि सप्त वर्णाः भवन्ति।
(v) क: एव महान् चित्रकार:?
उत्तर:
परमेश्वरः एव महान् चित्रकारः।
प्रश्न 5.
रेखाङ्कितपदम् आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
(i) वृक्षस्य उपरि शुकः अस्ति।
(ii) तव इष्टवर्ण: हरितः।
(iii) शुकस्य चञ्चुः रक्तवर्णा।
(iv) पाटलपुष्पाणि विविधवर्णयुक्तानि भवन्ति।
(v) वर्णयोजक : चित्रकार: परमेश्वरः।
उत्तर:
(i) कस्य उपरि शुकः अस्ति?
(ii) तव इष्टवर्णः कः?
(iii) कस्य चञ्चुः रक्तवर्णा?
(iv) कानि विविधवर्णयुक्तानि भवन्ति?
(v) वर्णयोजक : चित्रकार: क:?
प्रश्न 6.
क्रमानुसारं शब्दार्थमेलनं कुरुत-
(क) – (ख)
(i) पर्णानि – पक्षिणः
(ii) शुकः – वायसः
(iii) काकः – पत्राणि
(iv) पिक: – मराल:
(v) खगाः – कोकिलः
(vi) हंस: – कीर:
उत्तर:
(i) पर्णानि – पत्राणि।
(ii) शुकः – कीरः।
(iii) काक: – वायसः।
(iv) पिक: – कोकिलः।
(v) खगा: – पक्षिणः।
(vi) हंस: – मरालः।
Deepakam Class 6 Chapter 6 सः एव महान् चित्रकारः Summary
पाठ – परिचय – प्रस्तुत पाठ में उद्यान का चित्र दिया गया है। यह राष्ट्रपति भवन के परिसर में विद्यमान ‘अमृत-उद्यान’ का चित्र है। यहाँ सौ से अधिक प्रकार के गुलाब के फूल हैं और सामान्यतः पाँच हजार से अधिक विविध ऋतुओं के पुष्प हैं। रमणीय प्राकृतिक शोभा विविध वर्णों से सभी के मन को आकर्षित करती है। इस पाठ में शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं के वार्तालाप के माध्यम से प्रकृति में स्थित विभिन्न रंगों का एवं ईश्वर की अद्भुत् कला का परिचय देते हुए बतलाया गया है कि वास्तव में वही ईश्वर एक चित्रकार है जिसने असंख्य रंगों से प्रकृति को चित्रित किया है।
कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद
शिक्षक:- वयम् अत्र किं ……………………………….. एव पश्यसि खलु।
कठिन शब्दार्थ- अत्र = यहाँ। पश्यामः = देख रहे हैं। सर्वत्र = सभी जगह। विविधानि = विभिन्न प्रकार के। हरितानि = हरे रंग के। पर्णानि = पत्ते। खगाः = पक्षी। जन्तवः = प्राणी। सत्यम् = सही है। एवमेव = इसी प्रकार। यथा = जिस प्रकार। पर्णस्य = पत्ते का। हरितः = हरा रंग। उपरि = ऊपर। शुकः = तोता। शोभते = सुशोभित है। इष्टवर्णः = इष्ट रंग। चिन्तयामि = सोचता हूँ।
हिन्दी अनुवाद- शिक्षक हम सब यहाँ क्या-क्या देख रहे हैं?
श्रद्धा- सभी जगह विभिन्न प्रकार के फूल, हरे रंग के पत्ते, पक्षी और पशु हैं, ऐसा हम सब देख रहे हैं।
शिक्षक – सही है। इसी प्रकार उनके रंग भी विभिन्न प्रकार के हैं। जैसा कि श्रद्धा कहती है- ‘हरे रंग के पत्ते’ यहाँ पत्ते का रंग कौनसा है?
सभी छात्र- (सभी) हरा रंग।
श्रद्धा- यहाँ वृक्ष के ऊपर तोता है। वह भी हरे रंग से सुशोभित है।
शिक्षक – श्रद्धा! तुम्हारा प्रिय रंग हरा है, ऐसा मैं सोचता हूँ। इसीलिए हरा रंग ही देख रही हो।
मेधा आचार्य ! अत्र काकः ……………………………….. द्रष्टुम् इच्छामः।
कठिन शब्दार्थ – काकः = कौआ। अपि = भी। यस्य = जिसका। कृष्णः = काला। पिकस्य = कोयल का। आम् = हाँ। भवत्याः = आपका। पश्यतु = देखो। जपापुष्पम् = गुड़हल का फूल। वदतु = बोलो। रक्तवर्णः = लाल रंग। चञ्चुः = चोंच। पाटलपुष्पम् = गुलाब का फूल। चित्रवर्णाः = रंग-बिरंगे। जानन्ति = जानते हैं। कीदृशा: = किस प्रकार के। द्रष्टुम् = देखने के लिए।
हिन्दी अनुवाद – मेधा – आचार्य ! यहाँ कौआ भी है, जिसका रंग काला है। इसी प्रकार कोयल का रंग भी काला है।
शिक्षक – हाँ। आपके द्वारा पूर्णरूप से सही देखा गया है। छात्रों ! (आप सब) देखो, यहाँ फूल भी हैं। मनीष ! गुड़हल का फूल देखो। बताओ, इसका रंग क्या है?
मनीष आचार्य ! लाल रंग है। तोते की चोंच भी लाल रंग की है। गुलाब का फूल भी लाल रंग से युक्त है। शिक्षक- सुन्दर यहाँ रंग-बिरंगे तोते भी हैं, क्या यह जानते हो?
आदित्य- आचार्य ! वे किस प्रकार के होते हैं? हम सब देखना चाहते हैं।
शिक्षक:- तादृशान् शुकान् वयं ……………………………….. प्रावारकम् अपि श्वेतम्।
कठिन – शब्दार्थ – तादृशान् = उस प्रकार के। शुकान् = तोतों को। जन्तुशालायाम् = चिड़ियाघर में। तेषाम् = उनके। पक्षाः = पंख। नीलाः = नीले। पीताः = पीले। रक्ताः = लाल। मम = मेरे। उद्याने = बगीचे में। श्वेतवर्णानि = सफेद रंग के। नीललोहितवर्णानि = जामुनी रंग के। केसरवर्णानि = केसरिया रंग के। हंसः = हंस। बकः = बगुला। शशः = खरगोश। भवतः = आपका। प्रावारकम् = कोट।
हिन्दी अनुवाद – शिक्षक- उस प्रकार के (रंग-बिरंगे) तोतों को हम प्राय: चिड़ियाघर में देखते हैं। उनके पंख नीले, पीले और लाल रंग के होते हैं।
मञ्जुल- आचार्य! गुलाब के फूल भी विभिन्न रंगों से युक्त होते हैं। मेरे उद्यान में पीले रंग के, सफेद रंग के, जामुनी रंग के और केसरिया रंग के गुलाब के फूल हैं।
शिक्षक- उत्तम देखों, हंस सफेद रंग का है। तथा अन्य कौन सफेद रंग के हैं?
मेधा- आचार्य ! बगुला और खरगोश, तथा आपका कोट भी सफेद रंग का है।
शिक्षक:- आम्। सम्यक्। सर्वे ……………………………….. महान् चित्रकारः।
कठिन शब्दार्थ- सम्यक् = सही है। सर्वे = सभी। स्वस्य = अपना। अन्येषाम् = दूसरों के। अवलोकयन्तु = देखो। इन्द्रधनुः = इन्द्रधनुष। सप्त = सात। निसर्गः = संसार। बहुवर्णमयः = बहुत से रंगों वाला (रंगीन)। मनोरमम् = सुन्दर/रमणीय।
हिन्दी अनुवाद – शिक्षक हाँ ठीक है। सभी अपने और दूसरों के वस्त्रों के रंगों को देखिए।
मञ्जुल – आचार्य ! इन्द्रधनुष तो बहुत रंगीन है। उसमें सात रंग होते हैं।
शिक्षक – हाँ । सम्पूर्ण संसार ही बहुत रंगीन है। उसी से संसार सुन्दर है। रंगों से ही हमारा जीवन भी मनोरम (सुन्दर) होता है।
उसमें ‘रंगों को भरने वाला चित्रकार कौन है?’ क्या यह जानते हो?
सभी- (जोर से) परमेश्वर, परमेश्वर।
शिक्षक- हाँ। वही महान् चित्रकार है।