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RBSE Class 6 Science Chapter 4 Solutions in Hindi — चुंबकों को जानें

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-09📖 RBSE/NCERT Solutions

RBSE Class 6 Science Chapter 4 Question Answer in Hindi चुंबकों को जानें

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Class 6th Science Chapter 4 Question Answer in Hindi Medium

Science Class 6 Chapter 4 Question Answer in Hindi

पृष्ठ 60

प्रश्न 1.
क्या चुंबक केवल कुछ विशेष पदार्थों से बनी वस्तुओं पर ही चिपकते हैं?
उत्तर:
हाँ, चुंबक केवल लोहा, निकेल और कोबाल्ट से बनी वस्तुओं पर ही चिपकते हैं।

पृष्ठ 62

प्रश्न 2.
क्या चुंबक के सभी भाग चुंबकीय पदार्थों को समान रूप से आकर्षित करते हैं?
उत्तर:
नहीं, चुंबक के ध्रुव अन्य भागों की तुलना में चुंबकीय पदार्थों को अधिक आकर्षित करते हैं।

पृष्ठ 63

प्रश्न 3.
क्या हम एक ध्रुव वाला चुंबक प्राप्त कर सकते हैं?
उत्तर:
एक ध्रुव वाला चुंबक प्राप्त करना संभव नहीं है।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(क) दो चुंबकों के विपरीत ध्रुव एक-दूसरे को ……….. करते हैं, जबकि समान ध्रुव एक-दूसरे को . करते हैं।
(ख) वे पदार्थ जो चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं, उन्हें ……….. कहते हैं।
(ग) चुंबकीय दिक्सूचक की सुई ……….. दिशा में ही ठहरती है।
(घ) चुंबक में सर्वदा ……….. ध्रुव होते हैं।
उत्तर:
(क) आकर्षित, प्रतिकर्षित
(ख) चुंबकीय पदार्थ
(ग) उत्तर – दक्षिण
(घ) दो।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित कथन सत्य (✓) हैं या असत्य (✗)-
(क) किसी चुंबक को टुकड़ों में तोड़कर एक ध्रुव प्राप्त किया जा सकता है। []
उत्तर:
असत्य

(ख) चुंबक के समान ध्रुव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं। []
उत्तर:
सत्य

(ग) जब किसी छड़ चुंबक को लोहरेतन के पास लाया जाता है, तो अधिकांश लोहरेतन उसके बीच में चिपक जाता है। []
उत्तर:
असत्य

(घ) स्वतंत्र रूप से लटका हुआ छड़ चुंबक हमेशा उत्तर- दक्षिण दिशा की ओर इंगित करता है। []
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 3.
स्तंभ I में विभिन्न स्थितियाँ दर्शाई गई हैं, जिनमें एक चुंबक का कोई एक ध्रुव दूसरे चुंबक के किसी ध्रुव के निकट स्थित होता है। स्तंभ II में विभिन्न स्थितियों के लिए उनके बीच होने वाली अंतः क्रिया दर्शाई गई है। रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
उत्तर:
स्तंभ I स्तंभ II
N-N – प्रतिकर्षण
N-S – आकर्षण
S-N – आकर्षण
S-S – प्रतिकर्षण

प्रश्न 4.
अथर्व ने एक प्रयोग किया जिसमें उसने एक छड़ चुंबक लिया और उसे स्टील की पिनों के ढेर पर घुमाया (चित्र 4. 15)।
आपके अनुसार तालिका में दिए गए अवलोकनों के समुच्चय में से कौन-सा विकल्प संभवतः उसका वास्तविक अवलोकन है?

तालिका- चुंबक द्वारा उसके विभिन्न स्थानों पर आकर्षित पिनों की संख्या

उत्तर:
विकल्प (i) उसका वास्तविक अवलोकन है।

प्रश्न 5.
रेशमा ने बाजार से तीन एकसमान धातु की छड़ें खरीदीं। इनमें से दो छड़ें चुंबक थी और एक लौहे का टुकड़ा था। बिना किसी अन्य सामग्री का उपयोग किए, वह कैसे पहचानेगी कि तीनों में से कौन-सी दो छड़ें चुंबक हो सकती हैं?
उत्तर:
चुंबक हमेशा स्वतंत्र रूप से लटकाने पर उत्तर- दक्षिण दिशा में ठहरते हैं। इसलिए रेशमा को तीनों छड़ों को अलग-अलग धागे से बाँध कर स्वतंत्र रूप से लटकाना चाहिए। जो छड़ चुंबक होगी वह हमेशा उत्तर-दक्षिण दिशा में ही ठहरेगी। इससे रेशमा पता लगा सकती है कि कौनसी दो छड़े चुंबक हैं।

प्रश्न 6.
आपको एक चुंबक दिया गया है जिस पर ध्रुवों की पहचान अंकित नहीं है। आप एक अन्य चुंबक जिस पर ध्रुव अंकित हैं, की सहायता से दिए गए चुंबक के ध्रुवों का पता कैसे लगा सकते हैं?
उत्तर:
जब दो चुंबकों को एक-दूसरे के समीप लाया जाता है, तो समान ध्रुव एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, जबकि विपरीत ध्रुव एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं। चुंबकों के इस गुण का उपयोग कर हम चुंबक के ध्रुवों का पता लगा सकते हैं। जिस चुंबक पर ध्रुव अंकित नहीं है उसके ध्रुवों के समीप दूसरी चुंबक जिस पर ध्रुव अंकित है, को लाते हैं और देखते हैं कि कौनसा ध्रुव अंकित ध्रुव की ओर आकर्षित होता है और कौनसा ध्रुव प्रतिकर्षित होता है। इसके आधार पर हम चुंबक के ध्रुवों का निर्धारण कर सकते हैं।

प्रश्न 7.
एक छड़ चुम्बक पर उसके ध्रुवों को दर्शाने के लिए कोई चिह्न अंकित नहीं है। आप किसी अन्य चुंबक का उपयोग किए बिना यह कैसे पता लगाएँगें कि उसका उत्तरी ध्रुव किस छोर पर स्थित है?
उत्तर:
स्वतंत्र रूप से लटके चुंबक का हमेशा उत्तर-दक्षिण दिशा में रुकने के गुण का उपयोग हम छड़ चुंबक पर उसके ध्रुवों का पता लगाने के लिए कर सकते हैं। हम छड़ चुंबक के मध्य भाग में एक धागा बांध कर उसे स्वतंत्रतापूर्वक लटका देते हैं। छड़ चुंबक का जो सिरा हमेशा उत्तर दिशा में आकर ठहरेगा, वहीं उसका उत्तरी ध्रुव होगा।

प्रश्न 8.
यदि पृथ्वी स्वयं एक चुंबक है तो क्या आप चुंबकीय दिक्सूचक से दिशा देखकर पृथ्वी के चुंबकीय ध्रुवों का अनुमान लगा सकते हैं?
उत्तर:
हमारी पृथ्वी एक विशाल चुंबक की तरह व्यवहार करती है। जब हम चुंबकीय दिक्सूचक से दिशा ज्ञात करते हैं तो इसकी सूई उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरती है। दो चुंबक के सिरे को एक-दूसरे के समीप लाने पर समान ध्रुव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं जबकि विपरीत ध्रुव एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं। इस कारण चुंबकीय दिक्सूचक की सुई का उत्तरी ध्रुव पृथ्वी के दक्षिणी चुंबकीय ध्रुव की ओर जबकि दिक्सूचक की सुई का दक्षिणी ध्रुव पृथ्वी के उत्तरी चुंबकीय ध्रुव को इंगित करता है।

प्रश्न 9.
एक मिस्त्री पेंचकस की सहायता से एक यंत्र की मरम्मत कर रहा था लेकिन स्टील के पेंच बार-बार नीचे गिर रहे थे। इस अध्याय में आपने जो सीखा है, उसके आधार पर मिस्त्री की समस्या को हल करने का उपाय सुझाइए।
उत्तर:
स्टील चुंबकीय पदार्थ है। इसलिए स्टील से बने पेंच चुंबक की ओर आकर्षित हो सकते हैं। अतः मिस्त्री को ऐसे पेंचकस का उपयोग करना चाहिए जिसका पेंच कसने वाला सिरा चुंबकीय गुण रखता हो। इससे पेंच कसते समय पेंच, पेंचकस से चिपके रहेंगे।

प्रश्न 10.
दो वलय चुंबक, ‘क’ और ‘ख’, चित्र में दर्शाए अनुसार व्यवस्थित हैं। यह देखा गया है कि चुंबक ‘क’ नीचे की ओर नहीं जाता है। इसका संभावित कारण क्या हो सकता है? किसी भी चुंबक को बिना धकेले चुंबक ‘क’ को चुंबक ‘ख’ के संपर्क में लाने का उपाय सुझाइए।

उत्तर:
चुंबक ‘क’ नीचे की ओर नहीं जाता है इसका संभावित कारण यह है कि चुंबक ‘क’ व ‘ख’ दोनों के समान ध्रुव एक ही दिशा की ओर व्यवस्थित हो सकते हैं। समान ध्रुवों में प्रतिकर्षण के कारण चुंबक ‘क’ नीचे नहीं आ रहा है। यदि हम दोनों में से किसी एक वलय चुंबक को अपने ही स्थान पर घुमा दें तो इससे विपरीत ध्रुव एक- दूसरे के समीप आ जायेंगे और विपरीत ध्रुवों में आकर्षण के कारण चुबक ‘क’ चुंबक ‘ख’ के संपर्क में आ जाएगा।

प्रश्न 11.
तीन छड़ चुंबकों को चित्र में दर्शाए अनुसार एक मेज पर व्यवस्थित किया गया है। एक सिरे (5) की ध्रुवता आपको दी गई है। अब आप बताइए कि चुंबकों के सिरों 1, 2, 3, 4 और 6 पर ध्रुवता N या S में से क्या-क्या है?

उत्तर:
चुंबक के सिरे 1 की ध्रुवता = N
सिरे 2 की ध्रुवता = S
सिरे 3 की ध्रुवता = N
सिरे 4 की ध्रुवता = S
सिरे 6 की ध्रुवता = S

RBSE Class 6 Science Chapter 4 Important Questions in Hindi

बहुचयनात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
चुम्बक में कितने ध्रुव होते हैं?
(अ) दो
(ब) तीन
(स) चार
(द) चाँदी
उत्तर:
(अ) दो

प्रश्न 2.
निम्न में से अचुम्बकीय पदार्थ है—
(अ) लोहा
(ब) निकेल
(स) कोबाल्ट
(द) पाँच
उत्तर:
(द) पाँच

प्रश्न 3.
चुम्बक किन दिशाओं को बताता है—
(अ) उत्तर-पूर्व
(ब) दक्षिण-पश्चिम
(स) उत्तर-दक्षिण
(द) पूर्व-पश्चिम
उत्तर:
(स) उत्तर-दक्षिण

प्रश्न 4.
वे पदार्थ जो चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होते क्या कहलाते हैं?
(अ) चुंबकीय
(ब) अचुंबकीय
(स) प्रतिकर्षी
(द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ब) अचुंबकीय

प्रश्न 5.
किससे कृत्रिम चुंबक बनाये जा सकते हैं?
(अ) लोहा
(ब) काँच
(स) प्लास्टिक
(द) रबड़
उत्तर:
(अ) लोहा

प्रश्न 6.
कंपास पदार्थ के किस गुण पर आधारित होते हैं?
(अ) प्रकाश
(ब) वायु
(स) विद्युत
(द) चुंबकीय
उत्तर:
(द) चुंबकीय

प्रश्न 7.
नाविक दिशा जानने के लिए किस यंत्र का उपयोग करते हैं?
(अ) दूरदर्शी
(ब) अमीटर
(स) बैरोमीटर
(द) कंपास
उत्तर:
(द) कंपास

प्रश्न 8.
चुंबकीय पदार्थ है-
(अ) लोहा
(ब) निकेल
(स) कोबाल्ट
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 9.
दो चुंबकों के समान ध्रुवों के मध्य होने वाली क्रिया है-
(अ) आकर्षण
(ब) प्रतिकर्षण
(स) कोई क्रिया नहीं होती
(द) कभी आकर्षण व कभी प्रतिकर्षण
उत्तर:
(ब) प्रतिकर्षण

प्रश्न 10.
एक विशाल चुंबक का उदाहरण है-
(अ) हिमालय
(ब) अफ्रीका महाद्वीप
(स) पृथ्वी
(द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(स) पृथ्वी

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

1. प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले चुंबक को ___________ के नाम से जाना जाता है।
उत्तर:
चुंबक पत्थर

2. दो चुंबकों के ___________ ध्रुव एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
उत्तर:
असमान

3. अचुंबकीय पदार्थ वे पदार्थ होते हैं जो ___________ की ओर आकर्षित नहीं होते हैं।
उत्तर:
चुंबक

4. छड़ चुंबकों को सुरक्षित रखने के लिए उनके जोड़ों के ___________ ध्रुवों को पास-पास रखा जाना चाहिए।
उत्तर:
असमान

5. ___________ के टुकड़ों से भी चुंबक बनाए जा सकते हैं।
उत्तर:
लोहे

6. चुंबकों में उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों को ___________ और ___________ से चिन्हित किया जाता है।
उत्तर:
N, S

निम्न में से सत्य / असत्य कथन छांटिए

1. बेलनाकार चुम्बक केवल एक ध्रुव होता है। (सत्य / असत्य)
उत्तर:
असत्य

2. चुंबक के समान ध्रुव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं। (सत्य / असत्य)
उत्तर:
सत्य

3. लोहे का बुरादा छड़ चुम्बक के समीप लाने पर इसके मध्य में अधिक चिपकता है। (सत्य / असत्य)
उत्तर:
असत्य

4. रबड़ एक चुम्बकीय पदार्थ है। (सत्य / असत्य)
उत्तर:
असत्य

कॉलम – 1 में दिए गए शब्दों का मिलान कॉलम- 2 से कीजिए

प्रश्न 1.

कॉलम 1

कॉलम 2

(1) चुंबक पत्थर

(A) कोबाल्ट

(2) चुम्बकीय पदार्थ

(B) प्लास्टिक

(3) कंपास

(C) प्राकृतिक चुंबक

(4) अचुंबकीय पदार्थ

(D) दिशा सूचक

उत्तर:

कॉलम 1

कॉलम 2

(1) चुंबक पत्थर

(C) प्राकृतिक चुंबक

(2) चुम्बकीय पदार्थ

(A) कोबाल्ट

(3) कंपास

(D) दिशा सूचक

(4) अचुंबकीय पदार्थ

(B) प्लास्टिक

प्रश्न 2.

कॉलम 1

कॉलम 2

(1) तारे

(A) विशाल चुंबक

(2) सूर्य

(B) उत्तर-दक्षिण

(3) पृथ्वी

(C) पूर्व-पश्चिम

(4) चुंबक

(D) रात्रि – दिशा सूचक

उत्तर:

कॉलम 1

कॉलम 2

(1) तारे

(D) रात्रि – दिशा सूचक

(2) सूर्य

(C) पूर्व-पश्चिम

(3) पृथ्वी

(A) विशाल चुंबक

(4) चुंबक

(B) उत्तर-दक्षिण

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
चुंबकीय दिक्सूचक की खोज से पूर्व नाविक रात में दिशा जानने के लिए क्या करते थे?
उत्तर:
नाविक चुंबकीय दिक्सूचक की खोज से पूर्व रात में रास्ता जानने के लिए तारों की स्थिति का उपयोग करते थे।

प्रश्न 2.
‘चुंबक पत्थर’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
चुंबक पत्थर पुराने समय में नाविकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले चुंबक थे।

प्रश्न 3.
कृत्रिम चुंबक किसे कहते हैं?
उत्तर:
लोहे के टुकड़ों से बने चुंबक कृत्रिम चुंबक कहलाते हैं।

प्रश्न 4.
चुंबक के कितने ध्रुव होते हैं? नाम बताइए।
उत्तर:
चुंबक में दो ध्रुव पाए जाते हैं— उत्तरी ध्रुव व दक्षिणी ध्रुव।

प्रश्न 5.
‘चुंबकीय धातुएँ’ क्या होती हैं? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
वे धातुएँ जो चुंबक की ओर आकर्षित होती हैं चुंबकीय धातुएँ कहलाती हैं। उदाहरण (i) लोहा (ii) निकेल (iii) कोबाल्ट।

प्रश्न 6.
एक दर्जी कमीज में बटन टाँक रहा था। उसके हाथ से सुई फिसलकर फर्श पर गिर गई। क्या आप सुई ढूँढने में दर्जी की सहायता कर सकते हो?
उत्तर:
हाँ, एक चुम्बक की सहायता से सुई ढूँढ सकते हैं। क्योंकि लोहे से बनी सुई चुंबक से चिपक जाएगी।

प्रश्न 7.
छड़ चुंबक के ध्रुव कहाँ स्थित होते हैं?
उत्तर:
छड़ चुंबक के दोनों सिरों (किनारों) पर इसके ध्रुव स्थित होते हैं।

प्रश्न 8.
चुंबक के कोई दो गुण लिखिए।
उत्तर:

  1. चुंबक लोहा, निकेल और कोबाल्ट से बनी वस्तुओं को आकर्षित करती है।
  2. स्वतंत्रतापूर्वक लटकाने पर यह उत्तर-दक्षिण दिशा को निर्देशित करती है।

प्रश्न 9.
कृत्रिम चुंबक किन आकृतियों के बनाए जाते हैं?
उत्तर:
कृत्रिम चुंबक विभिन्न आकृतियों के बनाए जा सकते हैं, जैसे छड़ चुंबक, नाल चुंबक, बेलनाकार तथा गोलान्त चुंबक आदि।

प्रश्न 10.
स्वतंत्र रूप से लटका हुआ चुंबक उत्तर – दक्षिण दिशा में ही क्यों ठहरता है?
उत्तर:
स्वतंत्र रूप से लटका हुआ चुंबक उत्तर – दक्षिण दिशा में ठहरता हैं क्योंकि हमारी पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुंबक की तरह व्यवहार करती है।

प्रश्न 11.
चुंबक के किस गुण का उपयोग दिशाएं जानने के लिए किया जाता है?
उत्तर:
स्वतंत्र रूप से लटके चुंबक का हमेशा उत्तर- दक्षिण दिशा में रुकने के गुण का उपयोग दिशाएँ जानने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 12.
‘मत्स्य यंत्र (मच्छ-यंत्र) ‘ क्या है?
उत्तर:
भारतीयों द्वारा समुद्र में नौसंचालन के लिए एक उपकरण उपयोग में लाया जाता था। इसमें मछली के आकार का एक चुंबकीकृत लोहे का टुकड़ा होता था, जिसे तेल के बर्तन में रखा जाता था। इसे मत्स्य यंत्र (मच्छ यंत्र) कहा जाता था।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
चुंबकीय और अचुम्बकीय पदार्थों में अन्तर बताइये।
उत्तर:

चुंबकीय पदार्थ

अचुंबकीय पदार्थ

(i) वे पदार्थ जो चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं चुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं।

(i) वे पदार्थ जो चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होते हैं, अचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं।

(ii) उदाहरण- लोहा, निकेल, कोबाल्ट

(ii) कागज, प्लास्टिक, रबड़

प्रश्न 2.
दो चुंबकों के बीच आकर्षण एवं प्रतिकर्षण किन स्थितियों में पाया जाता है? स्पष्ट करें।
उत्तर:
जब दो चुम्बकों के असमान ध्रुव आमने-सामने होते हैं तो वे एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं। इसके विपरीत जब दोनों चुंबकों के समान ध्रुव आमने-सामने होते हैं, तो वे एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते है । इस प्रकार असमान ध्रुव आकर्षण तथा समान ध्रुव प्रतिकर्षण को प्रदर्शित करते हैं।

प्रश्न 3.
वह कौन-सी दिशा है, जिसके अनुदिश चुंबक विराम अवस्था में ठहरता है? हम इसे कैसे पता कर सकते हैं?
उत्तर:
यदि हम सूर्य के उदित होने या अस्त होने की दिशा पर ध्यान देते हैं तो हमें अनुमान हो जाता है कि पूर्व या पश्चिम दिशा किधर है। इसलिए, हम उस रेखा की दिशा का पता लगा सकते हैं जिसके अनुदिश चुंबक ठहरता है। यह दिशा उत्तर-दक्षिण होगी।

प्रश्न 4.
क्या हम किसी चुंबक को तोड़कर एक ध्रुव वाला चुंबक प्राप्त कर सकते हैं? समझाइए।
उत्तर:
किसी चुंबक को कितने भी छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ दिया जाए; छोटे से छोटे टुकड़े में भी उत्तरी और दक्षिणी दोनों ध्रुव हमेशा विद्यमान रहते हैं। इसलिए एक ध्रुव वाला चुंबक प्राप्त करना संभव नहीं है।

प्रश्न 5.
चुंबक के उत्तरी ध्रुव व दक्षिणी ध्रुव को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
स्वतंत्र रूप से लटका हुआ चुंबक उत्तर – दक्षिण दिशा में ठहरता है। चुंबक का वह सिरा जो उत्तर की ओर इंगित करता है, उसे चुंबक का उत्तरोन्मुखी ध्रुव या उत्तरी ध्रुव कहते हैं। दूसरा सिरा जो दक्षिण की ओर इंगित करता है; उसे चुंबक का दक्षिणोन्मुखी ध्रुव या दक्षिणी ध्रुव कहते हैं।

प्रश्न 6.
चुंबकों में ध्रुवों के चिन्हिकरण को समझाइए।
उत्तर:
कुछ चुंबकों में उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों को N और S से चिन्हित किया जाता है। कुछ अन्य चुंबकों में उत्तरी ध्रुव सफेद बिन्दु से दर्शाया जाता है। कभी-कभी, चुंबक के उत्तरी ध्रुव लाल रंग से और दक्षिणी ध्रुव नीले रंग से भी दर्शाए जाते हैं।

प्रश्न 7.
क्या चुंबक अपने गुण खो सकता है? समझाइए।
उत्तर:
हाँ, चुंबक भी अपने गुण खो सकते हैं। चुंबक निम्न परिस्थितियों में अपने गुण खो देते हैं-

  1. चुंबक को गर्म करने पर
  2. चुंबक को ऊँचाई से गिराने पर
  3. चुंबक को हथौड़े से पीटने पर
  4. चुंबक को मोबाइल फोन या रिमोट के पास रखने पर तथा
  5. उचित रख-रखाव के अभाव में।

प्रश्न 8.
चुंबकीय दिक्सूचक (कंपास) का चित्र बनाइए।
उत्तर:

दीर्घउत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आपको एक लोहे की पत्ती दी गई है। आप इसे चुम्बक कैसे बनाएँगे?
उत्तर:
इसके लिए लोहे की पत्ती को सबसे पहले एक मेज पर रखते हैं। अब एक छड़ चुंबक लेते हैं और इसके एक ध्रुव को लोहे की पत्ती के एक सिरे पर रखते हैं। इसके बाद चुंबक को बिना ऊपर उठाये पत्ती के दूसरे सिरे तक रगड़ते हैं। इस क्रिया को 30-40 बार दोहराते हैं। इससे लोहे की पत्ती को चुंबक बनाया जा सकता है।

प्रश्न 2.
एक छड़ चुंबक से लोहरेतन के चिपकने की प्रक्रिया को चित्र बनाते हुए समझाइए।
उत्तर:

लोहरेतन चुंबक के सभी भागों पर समान रूप से नहीं चिपकता है। लोहरेतन सबसे अधिक चुंबक के सिरों पर चिपकता है जबकि शेष भागों पर बहुत कम चिपकता है।

प्रश्न 3.
चुंबकों के गुण बनाये रखने के लिए हमें क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए?
उत्तर:
चुंबक अपने गुण न खोये, इसके लिए हमें कुछ सावधानियाँ रखनी चाहिए जैसे-

  1. छड़ चुंबकों को सुरक्षित रखने के लिए इनके जोड़ों के असमान ध्रुवों को पास-पास रखना चाहिए।
  2. इन चुंबकों को लकड़ी के टुकड़े से पृथक् करके इनके सिरों पर नर्म लोहे के दो टुकड़े लगाने चाहिए।
  3. नाल – चुंबक का भण्डारण करने के लिए इसके ध्रुवों के सम्पर्क में लोहे का एक टुकड़ा रखना चाहिए।
  4. चुंबक को कैसेट, मोबाइल, टेलीविजन, म्यूजिक सिस्टम, कम्प्यूटर जैसे उपकरणों से दूर रखना चाहिए।

प्रश्न 4.
चुंबकीय दिक्सूचक की सुई भी एक चुंबक है। यदि कोई चुंबक इसके समीप लाया जाए तो वह क्या व्यवहार दिखाएगी? एक क्रियाकलाप द्वारा समझाइए।
उत्तर:
चुंबकीय दिक्सूचक की सूई का एक चुंबक के साथ व्यवहार निम्न क्रियाकलाप द्वारा समझा जा सकता है-

  1. एक चुंबकीय दिक्सूचक और एक छड़ चुम्बक लेते हैं।
  2. एक क्षैतिज सतह पर चुंबकीय दिक्सूचक रखते हैं। और इसकी सुई के विरामावस्था में आने की प्रतीक्षां करते हैं।
  3. अब धीरे-धीरे छड़ चुंबक का उत्तरी ध्रुव दिक्सूचक सुई के उत्तरी ध्रुव के पास लाते हैं। दिक्सूचक सुई का अवलोकन करते हैं।
  4. अब छड़ चुंबक के दक्षिणी ध्रुव के साथ उपरोक्त चरण दोहराते हैं। दिक्सूचक सुई का अवलोकन करते हैं। जब चुंबक का उत्तरी ध्रुव दिक्सूचक सुई के उत्तरी ध्रुव के पास लाया जाता है तो यह दूर चला जाता है। जब चुंबक का दक्षिणी ध्रुव दिक्सूचक सुई के उत्तरी ध्रुव के पास लाया जाता है तो यह पास आ जाता है।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
चुंबकीय दिक्सूचक (कंपास ) का निर्माण किस आधार पर किया गया? इसकी संरचना को समझाते हुए, इसको उपयोग करने की विधि बताइए।
उत्तर:
स्वतंत्र रूप से लटके चुंबक का हमेशा उत्तर – दक्षिण दिशा में रुकने के गुण का उपयोग दिशाएँ जानने के लिए किया जाता है। इसी आधार पर चुंबकीय दिक्सूचक का निर्माण किया गया है।

चुंबकीय दिक्सूचक की संरचना – चुंबकीय दिक्सूचक सामान्यतः एक छोटा वृत्ताकार बॉक्स होता है जिस पर काँच का आवरण होता है। सुई के आकार का एक चुंबक बॉक्स के तल पर खड़ी एक पिन पर लगा होता है। यह चुंबकीय सुई पिन पर इस तरह से संतुलित होती है कि यह इस बिन्दु के चारों ओर आसानी से गति कर सके अर्थात् स्वतंत्र रूप से घूम सकें। सुई का वह सिरा जो उत्तर दिशा में रहता है; सामान्यतः लाल रंग से रंगा जाता है। सुई के नीचे एक डायल होता है जिस पर दिशाएँ अंकित होती हैं।

चुंबकीय दिक्सूचक के उपयोग की विधि – चुंबकीय दिक्सूचक को उस स्थान पर रखा जाता है जहाँ हम दिशाएँ जानना चाहते हैं। कुछ समय पश्चात् इसकी सुई उत्तर-दक्षिण दिशा के अनुदिश रुक जाती है। इसके बाद दिक्सूचक बॉक्स को धीरे-धीरे तब तक घुमाया जाता है, जब तक डायल पर अंकित उत्तर और दक्षिण सुई के साथ संरेखित नहीं हो जाते। अब उस स्थान पर सभी दिशाएँ डायल पर दर्शाई दिशाओं के अनुसार होती है।

प्रश्न 2.
हम अपना चुंबकीय दिक्सूचक कैसे बना सकते हैं? एक क्रियाकलाप द्वारा समझाइए।
उत्तर:
हम अपना चुंबकीय दिक्सूचक निम्न प्रकार से बना सकते हैं-

  1. दिक्सूचक बनाने के लिए कुछ वस्तुएँ, जैसे- लोहे की सुई, छड़ चुंबक, कॉर्क का टुकड़ा, काँच का कटोरा तथा पानी लेते हैं।
  2. लोहे की सुई को मेज पर रखकर उसके एक सिरे पर छड़ चुंबक का कोई एक ध्रुव रख देते हैं। अब चुंबक को सुई पर उसकी लंबाई के अनुदिश तब तक खींचते है जब तक यह दूसरे सिरे पर ना पहुँच जाए। अब इसे ऊपर उठा लेते हैं।
  3. बिना चुंबक का ध्रुव बदले उसे सुई के उसी सिरे पर लाते हैं जहाँ से शुरुआत की थी। इस प्रक्रिया को 30-40 बार दोहराते हैं।
  4. सुई के पास थोड़ा सा लोहरेतन लाते हैं। अगर लोहरेतन सुई की ओर आकर्षित हो जाए तो इसका अर्थ है कि सुई अब चुंबक बन गई है।
  5. इस सुई को क्षैतिज रूप से कॉर्क में घुसाते हैं। पानी से भरे काँच के कटोरे में कॉर्क को इस तरह तैराते हैं कि सुई हमेशा पानी के स्तर से ऊपर रहे।
  6. जब सुई रुक जाती है तो चुंबकीय दिक्सूचक उपयोग करने के लिए तैयार है।

प्रश्न 3.
दो चुंबकों के मध्य अचुंबकीय पदार्थ आ जाने पर चुंबकों के चुंबकीय प्रभाव में क्या परिवर्तन आ जाता है? एक प्रयोग द्वारा समझाइए।
अथवा
एक क्रियाकलाप / प्रयोग द्वारा सिद्ध कीजिए कि चुंबकीय प्रभाव अचुंबकीय पदार्थों के भीतर से होकर उनके पार जा सकता है?
उत्तर:
दो चुंबकों के मध्य किसी अचुंबकीय पदार्थ के आने पर उनके चुंबकीय प्रभाव में परिवर्तन को निम्न प्रयोग द्वारा समझा जा सकता है-

  1. हम एक चुंबकीय दिक्सूचक और एक छड़ चुंबक लेते हैं।
  2. एक क्षैतिज सतह पर चुंबकीय दिक्सूचक रखकर उसकी सुई को विरामावस्था में आने देते हैं।
  3. अब छड़ चुंबक का दक्षिणी ध्रुव दिक्सूचक सुई के दक्षिणी ध्रुव के पास लाकर, दिक्सूचक सुई का अवलोकन करते हैं।
  4. हम देखते हैं कि दिक्सूचक सुई विक्षेपित हो जाती है।
  5. अब हम चुंबकीय दिक्सूचक तथा छड़ चुंबक को छोड़े बिना, उनके मध्य लकड़ी का एक टुकड़ा रख देते हैं। अब दिक्सूचक सुई का अवलोकन करते हैं।
  6. अब लकड़ी के टुकड़े के स्थान पर पतली प्लास्टिक शीट, पतली काँच की शीट, कार्डबोर्ड शीट रखकर उपरोक्त प्रक्रिया दोहराते हैं। जब चुंबक और दिक्सूचक सुई के मध्य किसी भी अचुंबकीय सामग्री की शीट रखते हैं तो हम दिक्सूचक सुई के विक्षेपण में कोई विशेष परिवर्तन नहीं देखते हैं। इसलिए हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि चुंबकीय प्रभाव अचुंबकीय पदार्थों के भीतर से होकर उनके पार जा सकता है।

RBSE Class 6 Science Chapter 1 Notes in Hindi

  1. प्राचीन समय से ही नाविक व यात्री दिशा जानने के लिए चुंबकीय दिक्सूचक ( कंपास ) नामक यंत्र का उपयोग करते आ रहे हैं।
  2. चुंबक प्राकृतिक रूप से पाये जाते हैं, साथ ही लोहे के टुकड़ों से भी चुंबक बनाए जा सकते हैं।
  3. चुंबक विभिन्न आकार के हो सकते हैं। जैसे— छड़ चुम्बक, U-आकार चुम्बक, वलय चुम्बक।
  4. सभी चुंबकों में दो ध्रुव होते हैं- उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी ध्रुव।
  5. चुंबकीय ध्रुव हमेशा उत्तरी ध्रुव व दक्षिणी ध्रुव के जोड़े में ही रहते हैं। एकल ध्रुव का अस्तित्व नहीं होता है।
  6. वे पदार्थ जो चुंबक की ओर आकर्षित होते हैं चुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं जबकि वे पदार्थ जो चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होते हैं अचुंबकीय पदार्थ कहलाते हैं।
  7. स्वतंत्र रूप से लटका हुआ चुंबक हमेशा उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरता है।
  8. चुंबकीय दिक्सूचक में सुई के आकार का एक चुंबक होता है जो उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरती है।
  9. जब दो चुंबकों को एक-दूसरे के समीप लाया जाता है, तो समान ध्रुव (उत्तर – उत्तर, दक्षिण-दक्षिण) एक- दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, जबकि विपरीत ध्रुव ( उत्तर-दक्षिण) एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं। 10. चुंबकीय प्रभाव अचुंबकीय पदार्थों के भीतर से होकर उनके पार जा सकता है।