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RBSE Class 7 Hindi (Malhar) Chapter 3 Solutions in Hindi — फूल और काँटा

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-09📖 RBSE/NCERT Solutions

Class 7 Hindi Malhar Chapter 3 Question Answer फूल और काँटा

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फूल और काँटा Class 7 Question Answer

Class 7 Hindi फूल और काँटा Question Answer

Malhar Class 7 Chapter 3 Question Answer

पाठ से

मेरी समझ से

(क) कविता के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
प्रश्न 1.
कविता में काँटे के बारे में कौन-सा वाक्य सत्य है?
(अ) काँटा अपने आस-पास की सुगंध को नष्ट करता है।
(ब) काँटा तितलियों और भौंरों को आकर्षित करता है।
(स) काँटा उंगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है।
(द) काँटा पौधे को हानि पहुँचाता है।
उत्तर:
(स) काँटा उंगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है।

फूल और काँटा Diagram 1

प्रश्न 2.
कविता में फूल और काँटे में समानताओं और विभिन्नताओं का उल्लेख किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य इन्हें सही रूप में व्यक्त करता है?
(अ) फूल सुंदरता का प्रतीक है और काँटा कठोरता का
(ब) फूल और काँटे के बारे में लोगों के विचार समान होते हैं।
(स) फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं।
(द) फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं।
उत्तर:
(द) फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं।

फूल और काँटा Diagram 2

प्रश्न 3.
कविता के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष उपयुक्त है?
(अ) व्यक्ति का कुल ही उसके सम्मान का आधार होता है ।
(ब) व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं।
(स) कुल की प्रतिष्ठा हमेशा व्यक्ति के गुणों से बड़ी होती है।
(द) यदि व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है।
उत्तर:
(ब) व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं।

फूल और काँटा Diagram 3

प्रश्न 4.
कविता के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘बड़प्पन’ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है?
(अ) धन-दौलत और ताकत से व्यक्ति के बड़प्पन का पता चलता है।
(ब) कुल के बड़प्पन की प्रशंसा व्यक्ति की कमियों को ढक देती है।
(स) बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है।
(द) कुल का नाम व्यक्ति में बड़प्पन की पहचान का मुख्य आधार है।
उत्तर:
(स) बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है।

फूल और काँटा Diagram 4

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग या एक से अधिक उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर:
हमने ऊपर दिये गये उत्तर इसलिए चुने हैं, क्योंकि—
(1) ‘काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है।’ यह सत्य कथन है जो कविता में भी लिखा है कि ‘छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर बसन।’
(2) कविता के आधार पर फूल और काँटे को एकसमान देखभाल और पालन-पोषण मिलना तथा उनके स्वभाव और रंग-ढंग का अलग-अलग होना उनकी समानता और विभिन्नता को दर्शाता है।
(3) कविता के आधार पर फूल अपनी सुगंध, निराले रंगों तथा कोमलता के कारण सबके मन को प्रसन्न करता है और देवता के सिर पर चढ़ता है तथा काँटा अपनी कठोरता के कारण सबकी आँखों में खटकता है। यही कारण है कि को पहचान फूल से ही मिलती है। फूल और काँटे एक ही पौधे में उगते हैं, परन्तु उस पौधे
(4) एक ही पौधे पर उगने वाले फूल और काँटे में से फूल के गुण, स्वभाव और कर्म के कारण उसकी प्रशंसा होती है तथा काँटे के गुण, स्वभाव और कर्म के कारण उसकी आलोचना होती है, अर्थात् स्पष्ट है कि बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है।

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए—
(क) “मेह उन पर है बरसता एक सा,
एक सी उन पर हवायें हैं बही।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।”
अर्थ-वर्षा उन पर समान रूप से जल बरसाती है। हवा भी उन पर समान रूप से बहती है। तात्पर्य यह है कि सम्पूर्ण प्रकृति फूल और काँटे को समान रूप से पोषण देती है परन्तु हमें फूल और काँटे के रंग-ढंग अर्थात् रूप-स्वरूप सदा अलग-अलग दिखाई देते हैं।

फूल और काँटा Diagram 5

(ख) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे,
जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।”
अर्थ – एक कुल का होने के बाद भी यदि किसी में बड़प्पन की कमी हो तो कुल की श्रेष्ठता कैसे काम दे सकती है अर्थात् बड़प्पन की कमी होने पर कुल की श्रेष्ठता काम नहीं आती। जैसे—फूल के पौधे पर उगने वाले काँटे के लिए फूल की बड़ाई काम नहीं आती है।

मिलकर करें मिलान

इस कविता में ‘फूल’ और ‘काँटा’ के उदाहरण द्वारा लोगों के स्वभावों के अंतर और समानताओं की ओर संकेत किया गया है। दूसरे शब्दों में, ‘फूल’ और ‘काँटा’ प्रतीक के रूप में प्रयोग किए गए हैं। अपने साथियों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए कि फूल और काँटा किस-किस के प्रतीक हो सकते हैं। इन्हें उपयुक्त प्रतीकों से जोड़िए—

उत्तर:

फूल और काँटा Diagram 6

फूल और काँटा Diagram 7

सोच-विचार के लिए

कविता को एक बार पुनः ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए—
(क) कविता में ऐसी कौन-कौनसी समानताओं का उल्लेख किया गया है जो सभी पौधों पर समान रूप से लागू होती हैं?
उत्तर:
कविता में रात को चमकती चन्द्रमा की चाँदनी, बरसात का पानी आदि ऐसी समानताओं का उल्लेख किया गया है जो सभी पौधों पर समान रूप से लागू होती है।

(ख) आपको फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य रूप से कौन-सा अंतर दिखाई दिया?
उत्तर:
हमें फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य रूप से यह अंतर दिखाई दिया कि फूल कोमल, सुगंधित और रंगीन होते हैं और काँटे कठोर, निर्बंध एवं तीक्ष्ण होते हैं।

(ग) कविता में मुख्य रूप से कौन-सी बात कही गई है? उसे पहचानिए, समझिए और अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
कविता में मुख्य रूप से फूल और काँटे के माध्यम से एक समान सुविधा मिलने पर भी एक जैसा स्वभाव न होने की बात कही गयी है। यहाँ यह भी स्पष्ट किया गया है कि कुल का महत्त्व नहीं होता बल्कि व्यक्ति के कार्य- व्यवहार का महत्त्व होता है क्योंकि व्यक्ति के अच्छे कर्म से ही उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है। फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, परन्तु फूलों की कोमलता, सुगन्ध और निराले रंगों के कारण उस पौधे को फूलों का पौधा कहा जाता है न कि काँटों का पौधा।

(घ) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।” उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
यदि व्यक्ति में बड़प्पन नहीं होता तो उसके कुल की बड़ाई भी उसके काम नहीं आती अर्थात् कुल कितना ही बड़ा हो, परन्तु व्यक्ति के कर्म महान नहीं हैं तो वह व्यक्ति महान नहीं हो सकता। जैसे—रावण पुलस्त्य ऋषि के महान वंश में पैदा हुआ था, भगवान शिव का परमभक्त, अत्यन्त विद्वान व शक्तिशाली था, किन्तु अपने कुकर्मों के कारण उसे राक्षस माना जाता है।

(ङ) “है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर।” लोग कैसे स्वभाव के व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं और कैसे स्वभाव वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं?
उत्तर:
लोग मधुर और सरल स्वभाव वाले व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं तथा रूखे और कठोर व्यक्ति से दूर रहना पसंद करते हैं।

अनुमान और कल्पना से

अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए—

फूल और काँटा Diagram 8

(क) कल्पना कीजिए कि चाँदनी, हवा और मेघ केवल एक पौधे पर बरसते हैं। बाकी पौधे इन सबके बिना कैसे दिखेंगे और उनके जीवन पर इसका क्या प्रभाव होगा?
उत्तर:
वैसे ऐसा संभव ही नहीं है फिर भी अगर किसी तरह ऐसा हो भी जाये तो बाकी पौधे सूखे और मुरझाए दिखेंगे और उनका विकास रुक जायेगा, जिससे उनका जीवन ही समाप्त हो जायेगा।

(ख) यदि सभी पौधे एक जैसे होते तो दुनिया कैसी लगती?
उत्तर:
यदि सभी पौधे एक जैसे होते तो जैव विविधता नहीं होती और दुनिया नीरस लगती।

फूल और काँटा Diagram 9

(ग) यदि काँटे न होते और हर पौधा केवल फूलों से भरा होता तो क्या होता?
उत्तर:
विविधता प्रकृति का अनिवार्य अंग है। पौधे पर फूलों के साथ काँटे होना भी अनिवार्य है। यदि काँटे नहीं होंगे तो पौधे पर फूलों की सुरक्षा नहीं हो पाती और वे खिलने से पहले ही कली रूप में टूटकर बिखर जाते।

(घ) कल्पना कीजिए कि एक तितली काँटे से मित्रता करना चाहती है, उनके बीच कैसा संवाद होगा?
उत्तर:
तितली- काँटे भैया मैं आपसे मित्रता करना चाहती हूँ!

काँटा – अरे वाह! पर मेरी और तुम्हारी मित्रता कैसे हो सकती है? मैं ठहरा बदसूरत, रूखा, कठोर तथा नुकीला तथा तुम खूबसूरत, रंग-बिरंगी, एकदम नरम, कोमल व हवा जैसी हल्की हो।

तितली – मेरा मित्र फूल भी तो सुन्दर, सुगन्धित, रंग- बिरंगा और कोमल है। जब उससे तुम्हारी मित्रता हो सकती है तो मुझसे क्यों नहीं? वैसे भी मित्र का मित्र, मित्र ही होता है।

काँटा तो फिर ठीक है बहन ! आज से मेरी और तुम्हारी मित्रता शुरू होती है, पर तुम्हें मेरे नुकीलेपन से बचते हुए मेरे आस-पास सावधानी से आना-जाना होगा।

(ङ) कल्पना कीजिए कि आपको किसी काँटे, फूल या दोनों के गुणों के साथ जीवन जीने का अवसर मिलता है। आप किसके गुणों को अपनाना चाहेंगे? कारण सहित बताइए।
उत्तर:
सामान्यतः हमारे जीवन में काँटे और फूल दोनों के गुणों का समान रूप से प्रभाव रहता है। इसलिए मुझे किसी के गुणों को अपनाने का अवसर मिले तो मैं फूल और काँटे दोनों के गुण अपनाना चाहूँगा। फूल की तरह मैं सौम्यता, सुंदरता, विनम्रता और प्रेम का संदेश देना चाहूँगा ताकि मेरे आसपास प्रसन्नता फैले। वहीं, काँटे के गुण जैसे— दृढ़ता, आत्मरक्षा और अन्याय का विरोध करने की क्षमता भी अपनाना चाहूँगा। जीवन में केवल कोमलता से काम नहीं चलता, कभी-कभी साहस और कठोरता की भी जरूरत होती है। इसलिए दोनों के गुण मिलाकर ही एक संतुलित, सशक्त और संवेदनशील जीवन जिया जा सकता है।

शब्द से जुड़े शब्द

नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बड़प्पन’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए—

उत्तर:

फूल और काँटा Diagram 10

फूल और काँटा Diagram 11

बड़प्पन

‘बड़प्पन’ शब्द ‘बड़ा’ और ‘पन’ से मिलकर बना है। इसका अर्थ होता है बड़ाई—श्रेष्ठ या बड़ा होने का भाव, महत्त्व, गौरव। इसका उपयोग मुख्य रूप से व्यक्तित्व, गुण और चरित्र की ऊँचाई या महानता बताने के लिए किया जाता है, जैसे—उनकी सादगी और बड़प्पन ने सबका मन जीत लिया।
• नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं जो किसी भाव को व्यक्त करते हैं। इनमें से जो शब्द ‘बड़प्पन’ के भाव व्यक्त करते हैं, उन पर एक गोला बनाइए, जो बड़प्पन का भाव व्यक्त नहीं करते हैं, उनके नीचे रेखा खींचिए।

उत्तर:
बड़प्पन का भाव व्यक्त करने वाले शब्द –
सहनशीलता, दया, विश्वास, उदारता, विनम्रता, त्याग, संतोष, समर्पण, आदर, सम्मान, निष्ठा, परोपकार, सद्भावना।

फूल और काँटा Diagram 12

बड़प्पन का भाव व्यक्त नहीं करने वाले शब्द— अहंकार, घमंड, ईर्ष्या, द्वेष, प्रतिशोध, क्रूरता, स्वार्थ, अपमान, अविश्वास, झूठ, अधीरता, लालच, झगड़ालूपन।

कविता की रचना


“फूल लेकर तितलियों को गोद में,
भौंर को अपना अनूठा रस पिला।
निज सुगंधोंऔनिराले रंग से,
है सदा देता कली का जी खिला।”
इस पंक्ति में रेखांकित शब्द पर ध्यान दीजिए। क्या आपने इस शब्द को पहले कहीं पढ़ा है? यह शब्द है— ‘और’। कविता में ‘र’ वर्ण नहीं लिखा गया है। कई बार बोलते हुए हम शब्द की अंतिम ध्वनि उच्चारित नहीं करते हैं । कवि भी कविता की लय के अनुसार ऐसा प्रयोग करते हैं। इस कविता में ऐसी अनेक विशेषताएँ छिपी हैं, जैसे-‘प्यार में डूबी तितलियों’ के स्थान पर ‘प्यार – डूबी तितलियों’ का प्रयोग किया गया है। हर दूसरी पंक्ति का अंतिम शब्द मिलती-जुलती ध्वनि वाला यानी ‘तुकांत’ है आदि।
(क) अपने समूह के साथ मिलकर इन विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

फूल और काँटा Diagram 13

(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। आप कविता की पंक्तियों में एक से अधिक विशेषताएँ भी ढूँढ़ सकते हैं।

उत्तर:

फूल और काँटा Diagram 14

फूल और काँटा Diagram 15

कविता का सौन्दर्य

(क) आगे कविता की कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें कुछ शब्द हटा दिए गए हैं और साथ में मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द भी दिए गए हैं। इनमें से प्रत्येक शब्द से वह पंक्ति पूरी करके देखिए जो शब्द उस पंक्ति में जँच रहे हैं, उन पर घेरा बनाइए।
1.

उत्तर:
रात, चाँद।

फूल और काँटा Diagram 16

2.

उत्तर:
मेह, हवायें।

फूल और काँटा Diagram 17

(ख) अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि कौन-सा शब्द रिक्त स्थानों में सबसे अधिक साथियों को जँच रहा है और क्यों?
उत्तर:
कविता की इन पंक्तियों में सबसे अधिक वही शब्द जँच रहे हैं जिनका प्रयोग कवि द्वारा किया गया है। वैसे अन्य शब्दों से भी रिक्त स्थानों की पूर्ति की जा सकती है, जैसे— दूसरी काव्य पंक्ति में मेह के साथ बयारें क्योंकि सामान्य रूप से तत्सम शब्द के साथ तत्सम शब्द, देशज शब्द तथा विदेशी शब्द के साथ विदेशी शब्द का तद्भव शब्द के साथ तद्भव शब्द, देशज शब्द के साथ प्रयोग अच्छा लगता है।

विशेषण


“भौंर का है बेध देता श्याम तन।”
‘श्याम तन’ का अर्थ है— काला शरीर। यहाँ ‘श्याम’ शब्द भँवरे के ‘शरीर’ की विशेषता बता रहा है, अर्थात् ‘श्याम’ ‘विशेषण’ है। ‘तन’ एक संज्ञा शब्द है जिसकी विशेषता बताई जा रही है अर्थात् ‘तन’ ‘विशेष्य’ शब्द है।
(क) नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए—

उत्तर:

फूल और काँटा Diagram 18

फूल और काँटा Diagram 19

फूल और काँटा Diagram 20

(ख) नीचे दिए गए विशेष्यों के लिए अपने मन से विशेषण सोचकर लिखिए—
उत्तर:

फूल और काँटा Diagram 21

पाठ से आगे

आपकी बात

(क) यदि आपको फूल और काँटे में से किसी एक को चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे और क्यों?
उत्तर:
हम फूल चुनेंगे क्योंकि फूल अपनी सुगंध और व्यवहार से चारों ओर प्रसन्नता और आनंद फैला देता है। हम फूलों की तरह सबको खुशियाँ बाँटना चाहते हैं।

(ख) कविता में बताया गया है कि फूल अपनी सुगंध और व्यवहार से चारों ओर प्रसन्नता और आनंद फैला देता है। आप अपने मित्रों या परिवार के जीवन में प्रसन्नता और आनंद लाने के लिए क्या-क्या करते हैं और क्या- क्या कर सकते हैं?
उत्तर:
हम प्रयास करते हैं कि हम कोई ऐसा काम न करें जिससे हमारे मित्रों या परिवार को कोई तकलीफ हो। किसी से झगड़ा नहीं करते, कभी कोई जिद नहीं करते, हम अपना काम स्वयं करते हैं, किसी से कोई अपेक्षा नहीं रखते, सबसे स्नेह और प्रेम का व्यवहार करते हैं तथा अपने से बड़ों का सम्मान करते हुए उनके आदेशों का पालन करते हैं। इसके अलावा हम बुजुर्गों की सेवा करना, जरूरतमंदों की सहायता करना तथा हर किसी के साथ दयालुता से पेश आने जैसे हरसंभव प्रयास कर सकते हैं।

(ग) ‘फूल’ और ‘काँटे’ एक-दूसरे से बिल्कुल भिन्न हैं फिर भी साथ-साथ पाए जाते हैं। अपने आस-पास से ऐसे अन्य उदाहरण दीजिए।
(संकेत – वस्तुएँ, जैसे नमक और चीनी; स्वभाव, जैसे- शांत और क्रोधी स्वाद, जैसे— खट्टा-मीठा, रंग, जैसे- काला – सफेद, अनुभव, जैसे सुख-दुख आदि)
उत्तर:

  1. वस्तुएँ : दूध दही, गद्दा रजाई।
  2. स्वभाव : चंचल – गंभीर, आशावादी – निराशावादी।
  3. स्वाद नमकीन – फीका, कड़वा कसैला।
  4. रंग : लाल हरा, नीला पीला।
  5. अनुभव : खुशी गम, कोमल कठोर।

(घ) “छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर बसन।” आप अपने आस-पास की किसी समस्या का वर्णन कीजिए जिसे आप ‘काँटे’ के समान महसूस करते हैं। उस समस्या का समाधान भी सुझाइए।
उत्तर:
बेरोजगारी की समस्या युवाओं के जीवन में आज काँटे के समान है। आज का युवा पढ़-लिखकर रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। इस समस्या का समाधान स्वावलम्बन में है। आज प्रत्येक युवा को स्वावलम्बी बनना चाहिए। आज सरकार भी स्वरोजगार को बढ़ावा देते हुए युवाओं को वित्तीय सहायता दे रही है।

आज की पहेली

आगे कुछ ऐसे पेड़-पौधों के चित्र दिए गए हैं जिनमें फूल और काँटे साथ-साथ पाए जाते हैं। चित्रों को सही नामों के साथ रेखा खींचकर जोड़िए—

उत्तर:

फूल और काँटा Diagram 22

फूल और काँटा Diagram 23