📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल
राजस्थान बोर्ड कक्षा 7 गणित (गणित प्रकाश) — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
पाठगत प्रश्न
प्रश्न 1.
क्या आप पता कर सकते हैं कि किन 5 कार्डों के योग से योगफल 30 प्राप्त होगा ? क्या ऐसा करना संभव है?
हल:
नहीं, यह संभव नहीं है।
क्योंकि 5 विषम संख्याओं का योग हमेशा विषम होता है और 30 एक सम संख्या है।

प्रश्न 1.
पता लगाइए कि
हल:
माना संख्या कार्ड 1, 3, 5, 7, 11 और 15 हैं ।
(a) 4 विषम संख्याओं का योग
= 1 + 3 + 5 + 7 = 16 (सम)
इन्हें जोड़ों में व्यवस्थित किया जा सकता है ।
(b) 5 विषम संख्याओं का योग
= 1 + 3 + 5 + 7 + 11 = 27 (विषम)
इन्हें जोड़ों में व्यवस्थित नहीं किया जा सकता है
(c) 6 विषम संख्याओं का योग
= 1 + 3 + 5 + 7 + 11 + 15 = 42 (सम)
इन्हें जोड़ों में व्यवस्थित किया जा सकता है।
प्रश्न 2.
दो भाई – बहन मार्टिन और मारिया का जन्म ठीक एक वर्ष के अंतराल में हुआ। आज वे अपना जन्मदिन मना रहे हैं । मारिया कहती है कि उनकी आयु का योग 112 वर्ष है। क्या यह संभव है? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
हल:
नहीं, यह संभव नहीं है।
क्योंकि 112 एक सम संख्या है तथा मार्टिन और मारिया की आयु (वर्षों में) क्रमागत संख्याएँ हैं, अतः इनका योग 112 नहीं हो सकता ।
प्रश्न 1.
इन ग्रिड में छोटे वर्गों की संख्या की समानता ज्ञात कीजिए—
हल:
(a) 27 और 13 दोनों विषम संख्याएँ हैं, और विषम × विषम = विषम
अतः छोटे वर्गों की समता विषम है।
(b) 42 और 78 दोनों सम संख्याएँ हैं, और सम x सम = सम ‘अतः छोटे वर्गों की समता सम है ।
(c) 135 विषम है, 654 सम है, और विषम x सम = सम अतः छोटे वर्गों की समता सम है ।
प्रश्न 2.
ऐसे व्यंजक लिखिए जिनकी समानता सदैव विषम है।
हल:
4n + 3, 2n + 11, 2n – 1, 6n + 5 आदि ।
प्रश्न 3.
3n + 4 जैसे कुछ अन्य व्यंजक लिखिए जिनकी समानता या तो विषम हो सकती है या फिर सम हो सकती है।
हल:
3n, n + 7, 5n + 4
प्रश्न 4.
क्या ऐसे व्यंजक हैं जिनके उपयोग से हम सभी सम संख्याओं की सूची बना सकते हैं?
(संकेत- सभी सम संख्याओं का एक गुणनखंड 2 है । )
हल:
2n जहाँ n = 1, 2, 3, 4, ….
प्रश्न 5.
क्या ऐसे व्यंजक हैं जिनके उपयोग से हम सभी विषम संख्याओं की सूची बना सकते हैं?
हल:
2n – 1 जहाँ n = 1, 2, 3, 4, ….
प्रश्न 6.
100वीं विषम संख्या क्या है?
हल:
100वीं विषम संख्या = 2n – 1
= 2 × 100 – 1 = 199
प्रश्न 1.
पीले घेरों में लिखी संख्याएँ संगत पंक्तियों और स्तंभों का योग हैं ।
ऊपर बताए गए नियम के आधार पर नीचे दिए गए ग्रिड भरिए –
हल:


प्रश्न 1.
उन जादुई वर्गों में से किसी एक वर्ग का चयन कीजिए जिन्हें आपने क्रमागत संख्याओं का उपयोग करके बनाया है । यदि केन्द्र पर स्थित संख्या की अक्षर संख्या m है तो व्यक्त कीजिए कि अन्य संख्याएँ किस प्रकार m से संबंधित हैं, अर्थात् वे m से कितनी अधिक या कम हैं।
m | ||
(संकेत – स्मरण कीजिए कि हमने बीजीय व्यंजकों के अध्याय में किस प्रकार एक तिथि पत्र (कैलेंडर ) मास में 2 × 2 ग्रिड की व्याख्या की थी ।
हल:
केन्द्र m = 5 के साथ एक जादुई वर्ग पर विचार करें।
8 | 1 | 6 |
3 | 5 | 7 |
4 | 9 | 2 |
अब ‘m’ को केन्द्र में लेने और m से संबंधित अन्य संख्याओं को व्यक्त करने पर
m + 3 | m – 4 | m + 1 |
m – 2 | m | m + 2 |
m – 1 | m + 4 | m – 3 |
अब इस सामान्यीकृत रूप का उपयोग अन्य जादुई वर्ग प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है।
प्रश्न 1.
क्रमबद्ध विधि का उपयोग करते हुए सभी 6 ताल लयों को लिखिए । अर्थात् 6 को 1 और 2 के योग के रूप में सभी संभावित विधियों से लिखिए । क्या आपको 13 विधियाँ प्राप्त हुईं?
हल:
हाँ, कुल 13 तरीके हैं-
(9) 2 + 2 + 1 + 1
(10) 2 + 1 + 2 + 1
(11) 1 + 2 + 1 + 2
(12) 2 + 1 + 1 + 2
(13) 2 + 2 + 2
प्रश्न 1.
अनुक्रम में 55 के बाद अगली संख्या लिखें— 1, 2, 3, 5, 8, 13, 21, 34, 55, …
हल:
34 + 55 = 89
अतः अनुक्रम में आवश्यक संख्या 89 है। ?
प्रश्न 2.
इस अनुक्रम में अगली तीन संख्याएँ लिखिए- 1, 2, 3, 5, 8, 13, 21, 34, 55, 89, __,___, ___, ….
यदि आपको उपरोक्त अनुक्रम की एक और संख्या लिखनी हो तो क्या आप बता सकते हैं कि (पिछली दो संख्याओं को जोड़े बिना) यह संख्या सम होगी या विषम?
हल:
अनुक्रम में अगले 3 पद हैं-
55 + 89 = 144
89 + 144 = 233
144 + 233 = 377
अनुक्रम की एक और संख्या
= 233 +377
= विषम + विषम = सम
प्रश्न 3.
इस अनुक्रम में प्रत्येक संख्या की समानता क्या है ? समानताओं के अनुक्रम में क्या आप कोई पैटर्न देख पा रहे हैं ?
हल:
1 (विषम), 2 (सम), 3 (विषम), 5 (विषम), 8 (सम), 13 ( विषम), 21 (विषम), 34 (सम), 55 (विषम), 89 (विषम), 144 (सम), 233 (विषम), 377 (विषम)
विषम, विषम, सम अर्थात् दो विषम संख्याओं के बाद एक सम संख्या आती है।
अतः समता चक्र के अनुसार, अगली संख्या (377 के बाद) सम होगी।
प्रश्न 1.
आइए, दाईं ओर दिए गए एक और उदाहरण पर दृष्टि डालें । यहाँ K2 का अर्थ है कि यह संख्या एक 2- अंकीय संख्या है जिसमें इकाई का अंक 2 है
तथा दहाई का अंक K है । K2 को स्वयं से जोड़ने पर एक 3 अंकीय संख्या HMM प्राप्त होती है । अक्षर M को किस अंक के संगत होना चाहिए?
इस योग के दहाई और इकाई के स्थान में प्रत्येक पर समान अंक है।
हल:
H = 1, M = 4 और K = 7
प्रश्न 1.
पता लगाइए कि प्रत्येक अक्षर किस अंक को व्यक्त करता है।
हल:
अत: Y = 9; Z = 1; O = 0
अत: B = 7; D = 0; E = 1
अत: K = 6; P = 1; R = 2
अत: C = 9; F = 0





पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
पता लगाइए (पृष्ठ संख्या 128)
प्रश्न 1.
इस पुस्तक के अंत में दिए गए स्टिकर चित्रों के कटआउट को इस प्रकार व्यवस्थित कीजिए अथवा रेखा खंड खींचकर उसकी ऊँचाई के आधार पर ऐसी व्यवस्था बनाइए कि उनका अनुक्रम निम्नलिखित रूप में पढ़ा जाए-
हल:
(a) आवश्यक व्यवस्था FCBGADE है ।



कारण- यदि कोई व्यक्ति सबसे लंबा है तो उससे लंबा कोई नहीं है, इसलिए वह हमेशा ‘0’ कहेगा । अतः दिया गया कथन हमेशा सत्य है ।
कारण- प्रत्येक व्यक्ति को एक संख्या दी जाती है जो यह बताती है कि उससे आगे कितने लंबे लोग हैं । चूंकि दिए गए पहले व्यक्ति से आगे कोई नहीं है, इसलिए दिया गया कथन हमेशा सत्य है ।
कारण – ‘0’ बीच में खड़े व्यक्ति को प्रदान किया- जा सकता है बशर्ते कि उससे आगे कोई लंबा व्यक्ति न हो ।
(e) केवल कभी – कभी सत्य है 1
कारण— जो व्यक्ति सबसे बड़ी संख्या पुकारता है, उसके सामने कई लंबे लोग होते हैं, लेकिन वह सबसे छोटा नहीं भी हो सकता है।
उदाहरण – यदि सबसे छोटा व्यक्ति सामने खड़ा है, तो वह ‘0’ पुकारेगा। हालांकि, उसी समय, दूसरा सबसे छोटा व्यक्ति पीछे हो सकता है और सबसे बड़ी संख्या पुकार सकता है
(f) यदि एक समूह में 8 लोग हैं, तो सबसे छोटा व्यक्ति 7 लंबे लोगों को देखेगा। इसलिए अधिकतम संभव सबसे बड़ी संख्या 7 होगी ।
पता लगाइए (पृष्ठ संख्या 131)
प्रश्न 1.
विषम और सम संख्याओं के चित्रीय निरूपणों की अपनी समझ का उपयोग करते हुए निम्नलिखित में से प्रत्येक योग की समानता ज्ञात कीजिए-
हल:
(a) सम + सम = सम
विषम + विषम = सम
दोनों परिणामों को जोड़ने पर, हमें सम + सम = सम प्राप्त होता है ।
परिणाम की समता सम है ।
उदाहरण – 2 + 4 + 3 + 5 = 6 + 8 = 14 (सम)
सम + सम + सम = सम
दोनों परिणामों को जोड़ने पर, सम + सम = सम प्राप्त होता है ।
परिणाम की समता सम है ।
उदाहरण-3 + 5 + 2 + 4 + 6 = 8 + 12 = 20 (सम)
परिणाम की समता सम होती है।
उदाहरण – 2 + 4 + 6 + 8 + 10 =30 (सम)
ऐसे चारों परिणामों को जोड़ने पर, समं + सम + सम + सम = सम प्राप्त होता है ।
परिणाम की समता सम है।
उदाहरण-1 + 3 + 5 +7+ 9 + 11 + 13 + 15 = 64 (सम)
प्रश्न 2.
लता के पास उसके गुल्लक में ₹ 1 के सिक्के विषम संख्या में हैं, ₹5 के सिक्के विषम संख्या में हैं तथा ₹10 के सिक्के सम संख्या में हैं । उसे कुल धनराशि की गणना करने पर ₹ 205 प्राप्त हुए। क्या उसने गणना में कोई त्रुटि की ? यदि कोई त्रुटि नहीं हुई तो उसके पास प्रत्येक प्रकार के कितने सिक्के हो सकते हैं? यदि उससे कोई त्रुटि हुई तो स्पष्ट कीजिए कि ऐसा क्यों हुआ होगा?
हल:
लता के पास ₹1 के सिक्कों की संख्या विषम है, इसलिए उनका कुल योग विषम है।
उसके पास ₹5 के सिक्कों की संख्या भी विषम है, इसलिए उनका कुल योग भी विषम है।
₹10 के सिक्के सम संख्या में हैं, इसलिए उनका कुल योग सम है । अब, दो विषम राशियों को जोड़ने पर
विषम (₹ 1 ) + विषम (₹5) = सम
इस सम राशि में ₹10 के सिक्कों का योग (सम) जोड़ने पर सम + सम = सम
चूंकि 205 एक विषम संख्या है, इसलिए ₹ 1 और ₹5 के विषम सिक्कों और ₹10 के सम सिक्कों से ₹ 205 का योग संभव नहीं है। अतः लता से त्रुटि हुई है।
प्रश्न 3.
हम जानते हैं कि-
हल:
(d) सम – सम = ?
उदाहरण- 8 – 2 = 6 (सम)
10 – 6 = 4 (सम)
परिणाम की समता = सम
∴ सम – सम = सम
(e) विषम – विषम = ?
उदाहरण- 7 – 5 = 2 (सम)
15 – 11 = 4 (सम)
परिणाम की समता = सम
∴ विषम – विषम = सम
(f) सम विषम = ?
उदाहरण- 14 – 7 = 7 (विषम)
16 – 5 = 11 (विषम)
परिणाम की समता = विषम
∴ सम विपम = विषम
(g) विषम – सम = ?
17 – 12
उदाहरण- 11 – 8 = 3 ( विषम)
17 – 12 = 5 (विषम)
परिणाम की समता = विषम
∴ विषम सम = विषम
पता लगाइए (पृष्ठ संख्या 136)
प्रश्न 1.
1 से 9 तक की संख्याओं के उपयोग से कितने भिन्न-भिन्न जादुई वर्ग बनाए जा सकते हैं?
हल:
1 से 9 तक की संख्याओं का उपयोग करके ठीक एक ही अद्वितीय जादुई वर्ग बनाया जा सकता है
(घूर्णन और परावर्तन को छोड़कर)
8 | 1 | 6 |
3 | 5 | 7 |
4 | 9 | 2 |
यदि घूर्णन जैसे रूपांतरणों की अनुमति दी जाए, तो इस जादुई वर्ग के 8 रूप बन सकते हैं।
प्रश्न 2.
2 से 10 तक की संख्याओं के उपयोग से एक जादुई वर्ग की रचना कीजिए। ऐसा करने के लिए आप कौन-सी युक्ति अपनाएँगे? इसकी तुलना 1 से 9 तक की संख्याओं से बनाए गए जादुई वर्गों से कीजिए ।
हल:
यहाँ हम देख सकते हैं कि संख्याएँ 2-10, 1–9 की तरह ही लगातार संख्याएँ हैं, लेकिन +1 वृद्धि हुई है।
1-9 का उपयोग करके जादुई वर्ग :
8 | 1 | 6 |
3 | 5 | 7 |
4 | 9 | 2 |
अब यदि हम जादुई वर्ग 1-9 की प्रत्येक संख्या में 1 जोड़ते हैं, तो हमें संख्या 2-10 के साथ जादुई वर्ग मिलेगा ।
9 | 2 | 7 |
4 | 6 | 8 |
5 | 10 | 3 |
दोनों वर्ग संरचनात्मक रूप से समान हैं। जिस जादुई वर्ग में 1–9 तक संख्याएँ हैं, उसका जादुई योग 15 है और जिस जादुई वर्ग में 2-10 तक संख्याएँ हैं, उसका जादुई योग 18 है ।
प्रश्न 3.
एक जादुई वर्ग लीजिए तथा
हल:
जादुई वर्ग :
8 | 1 | 6 |
3 | 5 | 7 |
4 | 9 | 2 |
16 | 2 | 12 |
6 | 10 | 14 |
8 | 18 | 4 |
प्रत्येक को एक स्थिरांक से गुणा करने पर, जादुई योग उस स्थिरांक से गुणा हो जाता है ।
प्रश्न 4.
एक जादुई वर्ग पर अन्य कौन-कौन सी संक्रियाएँ की जा सकती हैं ताकि एक अन्य जादुई वर्ग प्राप्त हो जाए?
हल:
एक अन्य जादुई वर्ग प्राप्त करने के लिए जादुई वर्ग पर जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी संक्रियाएँ की जा सकती हैं।
प्रश्न 5.
किन्हीं भी 9 क्रमागत संख्याओं के संग्रह के उपयोग से (जैसे 2 – 10, 3 – 11, 9 – 17 इत्यादि) एक जादुई वर्ग की रचना करने की विधियों पर चर्चा कीजिए ।
हल:
2-10 संख्याओं वाले जादुई वर्ग के लिए, प्रश्न- 2 का हल देखें ।
3- 11 संख्याओं वाले जादुई वर्ग के लिए, 1–9 जादुई वर्ग की प्रत्येक संख्या में 2 जोड़ें।
10 | 3 | 8 |
5 | 7 | 9 |
6 | 11 | 4 |
9-17 संख्याओं वाले जादुई वर्ग के लिए, 1-9 जादुई वर्ग की प्रत्येक संख्या में 8 जोड़ें।
16 | 9 | 14 |
11 | 13 | 15 |
12 | 17 | 10 |
पता लगाइए (पृष्ठ संख्या 137)
प्रश्न 1.
इस व्यापकीकृत रूप के उपयोग से वह जादुई वर्ग ज्ञात कीजिए जब केन्द्रीय संख्या 25 है।
हल:
ऊपर चर्चा किए गए सामान्यीकृत रूप का उपयोग करके, केन्द्रीय संख्या = 25
निम्नलिखित जादुई वर्ग प्राप्त होता है-

प्रश्न 2.
किसी पंक्ति, स्तंभ या विकर्ण के तीन पदों को जोड़ने पर कौन – सा व्यंजक प्राप्त होता है?
हल:
पंक्ति योग (पहली पंक्ति) = 28 + 21 + 26 = 75
स्तंभ योग (पहला स्तंभ) = 28 + 23 + 24 = 75
विकर्ण योग (पहला स्तंभ) = 28 + 25 + 22 = 75
व्यंजक = 3 × m
जहाँ m जादुई वर्ग के केन्द्र में लिखा अक्षर संख्या है ।
प्रश्न 3.
निम्नलिखित स्थितियों के परिणाम लिखिए-
हल:
व्यापकीकृत रूप
m + 3 | m – 4 | m + 1 |
m – 2 | m | m + 2 |
m – 1 | m + 4 | m – 3 |
= 6 × 1 – 4 = 2 (सम)
6j – 4 में j = 2 रखने पर
= 6 × 2 – 4 = 8 (सम)
अतः इस व्यंजक से सम संख्याएँ प्राप्त होती हैं
लेकिन सभी सम संख्याएँ प्राप्त नहीं होतीं । इसलिए दिया गया कथन असत्य है।
2q – 1 में q = 1, 2, 3, …रखने पर हमें 1, 3, 5, 7, प्राप्त होता है ।
अतः दोनों व्यंजक 2p + 1 और 2q – 1 मिलकर सभी संख्याओं का वर्णन करते हैं।
इसलिए दिया गया कथन सत्य है।
2f + 3 = 2 × 1+ 3 = 5 (विषम)
2f + 3 में f = 2 रखने पर
2f + 3 = 2 × 2 + 3 = 7 (विषम)
अतः इस व्यंजक से विषम संख्याएँ प्राप्त होती हैं
इसलिए दिया गया कथन असत्य है।
प्रश्न 11.
निम्नलिखित क्रिप्टारिथम को हल कीजिए-
हल:
T = 1; A = 0; U = 9
Class 7 Maths Chapter 6 Hindi Medium संख्याओं का खेल
Class 7th Maths Chapter 6 Question Answer in Hindi
📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य (Key Concepts & Rules)
महत्वपूर्ण गणितीय नियम, सूत्र, परिभाषाएँ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।
1. संख्याओं का व्यापक रूप (Generalized Form):
• दो अंकों की संख्या ab = 10a + b (जहाँ a दहाई का अंक और b इकाई का अंक है)।
• तीन अंकों की संख्या abc = 100a + 10b + c।
• अंकों को उलटने पर संख्या ba = 10b + a।
• (ab + ba) सदैव 11 से विभाज्य होता है: (10a + b) + (10b + a) = 11(a + b)।
• (ab - ba) सदैव 9 से विभाज्य होता है: (10a + b) - (10b + a) = 9(a - b)।
2. विभाज्यता के नियम (Divisibility Rules):
• 2 से: इकाई का अंक सम (0, 2, 4, 6, 8) हो।
• 3 से: सभी अंकों का योग 3 से विभाज्य हो।
• 4 से: अंतिम दो अंकों से बनी संख्या 4 से विभाज्य हो।
• 5 से: इकाई का अंक 0 या 5 हो।
• 9 से: अंकों का योग 9 से विभाज्य हो।
• 10 से: इकाई का अंक 0 हो।
• 11 से: विषम स्थानों के अंकों के योग और सम स्थानों के अंकों के योग का अंतर 0 या 11 का गुणज हो।
3. जादुई वर्ग (Magic Square):
• एक ऐसा वर्ग ग्रिड जिसमें प्रत्येक पंक्ति, स्तंभ और विकर्ण की संख्याओं का योग समान (जादुई योग) होता है।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions)
बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
बहुविकल्पात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1.
nवीं सम संख्या निम्न द्वारा दी जाती है-
उत्तर:
(द) 2n
प्रश्न 2.
व्यंजक 3n + 2 की समता, जब n = 2 हो, तो-
उत्तर:
(अ) सम
प्रश्न 3.
17 × 20 आयामों वाली एक ग्रिड के लिए, छोटे वर्गों की संख्या की समता-
उत्तर:
(अ) सम
प्रश्न 4.
विरहांक- फिबोनाची अनुक्रम का 7वाँ पद है-
उत्तर:
(ब) 21
प्रश्न 5.
दो विषम संख्याओं का गुणनफल-
उत्तर:
(स) विषम
प्रश्न 6.
20वीं विषम संख्या क्या है ?
उत्तर:
(स) 39
प्रश्न 7.
नवग्रह यंत्र किसका एक उदाहरण है ?
उत्तर:
(अ) 3 × 3 जादुई वर्ग
प्रश्न 8.
उस जादुई वर्ग का जादुई योग क्या है, जिसकी केन्द्र संख्या 75 है ?
उत्तर:
(ब) 225
प्रश्न 9.
25 × 11 के ग्रिड में छोटे वर्गों की संख्या की समता-
उत्तर:
(अ) विषम
प्रश्न 10.
2 विषम संख्याओं और 3 सम संख्याओं का योग हमेशा होता है—
उत्तर:
(ब) हमेशा सम
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
प्रश्न 1.
दो सम संख्याओं का अन्तर हमेशा ____________ होता है।
उत्तर:
सम
प्रश्न 2.
एक सम और एक विषम संख्या का योग हमेशा ______________ होता है ।
उत्तर:
विषम
प्रश्न 3.
4n + 8 हमेशा एक ____________ संख्या देता है।
उत्तर:
सम
प्रश्न 4.
1 से 9 तक की संख्याओं का उपयोग करके बनाए गए 3 × 3 के जादुई वर्ग में, जादुई योग हमेशा ______________ होता है।
उत्तर:
15
प्रश्न 5.
यदि Z+ Z+ Z = VZ है, तो Z और V के मान क्रमशः ____________ और _____________ हैं ।
उत्तर:
5, 1
प्रश्न 6.
किन्हीं भी दो क्रमागत संख्याओं का योग हमेशा एक ____________ संख्या होती है।
उत्तर:
विषम
प्रश्न 7.
135 × 640 ग्रिड में छोटे वर्गों की समता ____________ है।
उत्तर:
सम
प्रश्न 8.
5 के गुणजों के लिए nवाँ पद ________________ द्वारा दिया जाता है ।
उत्तर:
5n
प्रश्न 9.
केन्द्रीय मान 5 वाले जादुई वर्ग का जादुई योग ___________________ है ।
उत्तर:
15
प्रश्न 10.
यदि x = 2n + 1 है, तो n = 5 के लिए x का मान _______________ है ।
उत्तर:
11
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
चार विषम संख्याओं के योग की समता क्या है?
हल:
दो विषम संख्याओं का योग सम होता है अर्थात् विषम + विषम = सम
चार विषम संख्याओं का योग
= विषम + विषम + विषम + विषम
= सम् + सम = सम
∴ दो सम संख्याओं का योग सम होता है । अत: समता सम है ।
प्रश्न 2.
दो लगातार संख्याओं को जोड़ने का परिणाम क्या होगा ?
हल:
दो लगातार संख्याओं को जोड़ने का परिणाम विषम होगा ।
प्रश्न 3.
विरहांक अनुक्रम का पहला अंक क्या है?
हल:
विरहांक अनुक्रम का पहला अंक 1 है ।
प्रश्न 4.
5 × 4 ग्रिड में छोटे वर्गों की समता क्या है?
हल:
5 × 4 ग्रिड में 5 (विषम) तथा 4 (सम) है। विषम × सम = सम
अत: 5 × 4 ग्रिड में छोटे वर्गों की समता सम है ।
प्रश्न 5.
कोई भी 4 क्रमागत संख्याएँ लिखिए और उनका योग ज्ञात कीजिए। क्या योग सम है या विषम ? साथ समता ज्ञात कीजिए ।
हल:
माना 4 क्रमागत संख्याएँ 11, 12, 13, 14 हैं ।
अतः दो सम संख्याएँ हैं तथा दो विषम संख्याएँ हैं ।
सम + सम = सम
विषम + विषम = सम
अतः 4 क्रमागत संख्याओं की समता सम है ।
योग = 11 + 12 + 13 + 14 = 50 (सम)
प्रश्न 6.
यदि हम 3 से 11 तक की संख्याओं के समुच्चय का उपयोग करके 3 × 3 का एक जादुई वर्ग बनाते हैं तो उस जादुई वर्ग का केन्द्र क्या होगा?
हल:
क्रमागत संख्याओं से बने 3 × 3 के जादुई वर्ग में, केन्द्र हमेशा समुच्चय की मध्य संख्या होती है। यहाँ 7, 3 से 11 तक के समुच्चय की मध्य संख्या है। अतः 7 जादुई वर्ग का केन्द्र है।
प्रश्न 7.
लखन के पास 25 अप्सरा पेंसिलें हैं और सौम्या के पास कुछ बिना गिनी हुई कैमलिन पेंसिलें हैं। यदि पेंसिलों की कुल संख्या कम होने का दावा किया जाता है, तो कैमलिन पेंसिलों की संख्या की समता क्या है ?
हल:
अप्सरा पेंसिलें + कैमलिन पेंसिलें = सम
25 + कैमलिन पेंसिलें = सम
अतः कैमलिन पेंसिलों की संख्या की समता विषम है।
∴ विषम + विषम = सम
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
एक ऐसा जादुई वर्ग बनाइए जिसका जादुई योग 51 हो ।
हल:
20 | 13 | 18 |
18 | 17 | 19 |
16 | 21 | 14 |
प्रश्न 2.
नीचे दिया गया ग्रिड भरें ।
हल:


प्रश्न 3.
1 से 200 तक की संख्याओं के योग की समता क्या है?
हल:
1 से 200 तक कुल 200 संख्याएँ हैं ।
समता : विषम, सम, विषम, सम,
यहाँ ठीक 100 सम संख्याएँ और 100 विषम संख्याएँ हैं । 100 विषम संख्याओं को जोड़ने पर प्राप्त योग सम होता है । 100 सम संख्याओं को जोड़ने पर प्राप्त योग सम होता है ।
कुल योग = सम+ सम = सम
प्रश्न 4.
सामान्यीकृत रूप का उपयोग करते हुए, एक जादुई वर्ग ज्ञात कीजिए यदि केन्द्र संख्या 10 है ।
हल:
हम जानते हैं कि जादुई वर्ग का सामान्यीकृत रूप
m+3 | m-4 | m+1 |
m-2 | m | m+2 |
m-1 | m+4 | m-3 |
जब को 10 से बदला जाता है
13 | 6 | 11 |
8 | 10 | 12 |
9 | 14 | 7 |
प्रश्न 5.
एक जादुई वर्ग बनाएँ जिसका जादुई योग 75 है।
हल:
संख्या 1-9 वाले जादुई वर्ग का जादुई योग 15 होता है।
8 | 1 | 6 |
3 | 5 | 7 |
4 | 9 | 2 |
75 जादुई योग वाला जादुई वर्ग प्राप्त करने के लिए, हमें 1-9 वाले जादुई वर्ग की प्रत्येक संख्या को 5 से गुणा करना होगा ।

प्रश्न 6.
पता लगाइए कि प्रत्येक अक्षर किस अंक को व्यक्त करता है ।
हल:
अंत: X = 6; Y = 5
अंत: A = 6; B = 1; X = 1; C = 2