📖 1. समाधान: पाठगत एवं अभ्यास के संपूर्ण प्रश्नोत्तर
राजस्थान बोर्ड कक्षा 7 विज्ञान (Curiosity / जिज्ञासा) — पाठगत एवं अभ्यास के सभी प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर।
आइए, और अधिक सीखें
प्रश्न 1.
किस धातु का उपयोग खाद्य पदार्थों के संवेष्टन (पैकेजिंग ) के लिए सामान्यतः किया जाता है क्योंकि यह धातु सस्ती होती है और इसकी पतली चादरों को सरलता से किसी भी आकार में मोड़ा जा सकता है?
(i) एल्युमिनियम
(ii) ताँबा
(iii) लोहा
(iv) सोना
उत्तर:
(i) एल्युमिनियम
प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन सी धातु जल के संपर्क में आने पर आग पकड़ लेती है?
(i) ताँबा
(ii) एल्युमिनियम
(iii) जिंक
(iv) सोडियम
उत्तर:
(iv) सोडियम
प्रश्न 3.
कारण सहित बताएँ कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं अथवा असत्य।
(i) एल्युमिनियम और ताँबा, पात्रों और मूर्तियों को बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली अधातुओं के उदाहरण हैं।
उत्तर:
यह कथन असत्य है। एल्युमिनियम और ताँबा धातुएँ हैं, न कि अधातु। ये दोनों धातुओं की श्रेणी में आते हैं और इनमें आघातवर्धनीयता, तन्यता व चालकता के गुण होते हैं।
(ii) धातुएँ ऑक्सीजन के साथ मिलकर ऑक्साइड बनाती हैं जिनका विलयन नीले लिटमस पत्र को लाल में परिवर्तित कर देता है।
उत्तर:
यह कथन असत्य है। धातुओं के ऑक्साइड अधिकांशतः क्षारीय प्रकृति के होते हैं जिनका विलयन नीले लिटमस पत्र का रंग नहीं बदलता, बल्कि लाल लिटमस पत्र का रंग नीला कर देता है।
(iii) ऑक्सीजन श्वसन के लिए एक आवश्यक अधातु है।
उत्तर:
यह कथन सत्य है। ऑक्सीजन एक अधातु है तथा जीवों के श्वसन एवं जीवन के लिए अनिवार्य है।
(iv) ताँबे के पात्रों का उपयोग जल उबालने के लिए किया जाता है क्योंकि वे विद्युत के सुचालक होते हैं।
उत्तर:
यह कथन असत्य है ताँबा ऊष्मा का सुचालक होता है, इसलिए उसे जल उबालने के पात्र बनाने में काम में लिया जाता है। यहाँ विद्युत चालकता कारण नहीं है, बल्कि ऊष्मा चालकता महत्त्वपूर्ण है।
प्रश्न 4.
आभूषण बनाने के लिए केवल कुछ ही धातुएँ उपयुक्त क्यों हैं?
उत्तर:
केवल कुछ धातुएँ (सोना, चाँदी, प्लेटिनम आदि ) आभूषण बनाने के लिए उपयुक्त हैं क्योंकि वे अत्यधिक आघातवर्धनीय एवं तन्य होती हैं। उन्हें मनचाहे आकार ढाला जा सकता है, उनकी चमक सुंदर होती है, वे संक्षारण- प्रतिरोधी भी होती हैं (अर्थात् जंग नहीं लगती ) । इन्हीं गुणों के कारण अन्य धातुओं की तुलना लिए इनका चयन होता है।
प्रश्न 5.
स्तंभ I में दी गई धातुओं और अधातुओं के उपयोगों को स्तंभ II में दी गई धातुओं और अधातुओं के अव्यवस्थित नामों से सुमेलित कीजिए।
स्तंभ 1 | स्तंभ II |
(क) विद्युतीय तारों में उपयोग। | (i) ज न क्सी ऑ |
(ख) प्रबल आघातवर्धनीय और तन्य | (ii) री न क्लो |
(ग) जीव इसके बिना जीवित नहीं रह सकते हैं। | (iii) बा ताँ |
(घ) जना इ ट्रो न मिलाया जाता है तब पौधे स्वस्थ | (iv) ज ना इ ट्रो न |
(ङ) जल शुद्धिकरण में इसका उपयोग किया जाता है। | (v) ना सो |
उत्तर:
स्तंभ 1 | स्तंभ II |
(क) विद्युतीय तारों में उपयोग। | (iii) बा ताँ |
(ख) प्रबल आघातवर्धनीय और तन्य | (v) ना सो |
(ग) जीव इसके बिना जीवित नहीं रह सकते हैं। | (i) ज न क्सी ऑ |
(घ) जना इ ट्रो न मिलाया जाता है तब पौधे स्वस्थ | (iv) ज ना इ ट्रो न |
(ङ) जल शुद्धिकरण में इसका उपयोग किया जाता है। | (ii) री न क्लो |
प्रश्न 6.
क्या होता है जब मैग्नीशियम और सल्फर, ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करते हैं? निर्मित उत्पादों की प्रकृति में क्या प्रमुख अंतर होता है?
उत्तर:
मैग्नीशियम (धातु) ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है। इसका विलयन क्षारीय प्रकृति का होता है।
सल्फर ( अधातु) ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर सल्फर डाइऑक्साइड बनाता है। इसका विलयन अम्लीय प्रकृति का होता है।
अतः धातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय और अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं।
प्रश्न 7.
निम्नलिखित आरेख को पूरा कीजिए।
उत्तर:


प्रश्न 8.
आपको निम्नलिखित सामग्रियाँ दी गई हैं। उनमें से जल उबालने हेतु पात्र बनाने के लिए आप किस सामग्री का चयन सबसे उपयुक्त समझते हैं और क्यों? चर्चा कीजिए।
लोहा, ताँबा, सल्फर, कोयला, प्लास्टिक, लकड़ी, गत्ता
उत्तर:
जल उबालने हेतु लोहा या ताँबा का चयन उपयुक्त है क्योंकि ये धातुएँ ऊष्मा के अच्छे सुचालक हैं और पर्याप्त कठोर भी हैं। अन्य सामग्रियाँ जैसे: सल्फर, कोयला,, प्लास्टिक, लकड़ी, गत्ता कुचालक व कमजोर हैं तथा गर्मी से खराब हो सकती हैं।
प्रश्न 9.
आपको लोहे की तीन कीलें दी गई हैं जिनमें से प्रत्येक क्रमशः तेल, जल और सिरके में डूबी हुई हैं। कौन-सी लोहे की कील में जंग नहीं लगेगा और क्यों?
उत्तर:
जो कील तेल में डूबी है, उसमें जंग नहीं लगेगा। इसका कारण है: तेल की परत वायु को सतह तक पहुँचने नहीं देती, जिससे कील जल व वायु दोनों के संपर्क में नहीं आती; अतः जंग नहीं लगती।
प्रश्न 10.
धातुओं और अधातुओं के दैनिक जीवन में उपयोग को उनके विभिन्न गुणों के आधार पर कैसे निर्धारित किया जाता है?
उत्तर:
धातु के गुण-आघातवर्धनीयता : धातु आघातवर्धनीय होते हैं तथा उन्हें पीटकर मनचाहा आकार दिया जा सकता है। जैसे एल्युमिनियम पत्रक तथा ताँबा, सोना, चाँदी, एल्युमिनियम बर्तन बनाने में उपयोग।
तन्यता : तन्यता के कारण उनसे पतले तार बनाये जाते हैं। जिनका उपयोग – सोना चाँदी के आभूषण में तथा ताँबा, एल्युमिनियम का बिजली के तार बनाने में।
चालकता : धातु ऊष्मा व विद्युत के सुचालक होते हैं जिससे इनका उपयोग बर्तन बनाने में तथा बिजली उपकरणों में किया जाता है।
ध्वानिकता : ध्वानिकता के कारण धातु का उपयोग मंदिर की घंटियों में तथा संगीत वाद्ययंत्रों के तार में किया जाता है।
अधातुओं के गुण तथा दैनिक जीवन में उपयोग: चालकता : विद्युत के तथा ऊष्मा के कुचालक होने के कारण इनका उपयोग खाना बनाने के बर्तनों के हत्थे के रूप में तथा विद्युत उपकरणों के हत्थों में तथा प्लास्टिक व रबर का उपयोग तारों में आवरण के लिए किया जाता है।
भंगुर : अधातु भंगुर होते हैं इसलिए इनका उपयोग दवाइयों में तथा उर्वरकों में किया जाता है। फॉस्फोरस का उपयोग माचिस में तथा ग्रेफाइट का पेंसिल में।
गैसीय : ऑक्सीजन एक जीवनदायी अधातु के रूप में तथा नाइट्रोजन पादप वृद्धि में उपयोग किये जाते हैं।
अन्य : कार्बन एक जीव निर्माण इकाई के रूप में, क्लोरीन जल शोधक के रूप में तथा आयोडीन विलयन रोगाणुरोधक के रूप में।
प्रश्न 11.
लोहे को जंग लगने से बचाने के उपायों में से एक है कि उस पर जिंक धातु की एक पतली परत चढ़ाना। चूंकि सल्फर जल के साथ अभिक्रिया नहीं करता है तो क्या इसका उपयोग इस उद्देश्य के लिए किया जा सकता है? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
उत्तर:
सल्फर जल या वायु के संपर्क में लोहे को सुरक्षित करने के लिए उपयुक्त नहीं है, क्योंकि सल्फर स्वयं संक्षारण- रोधी परत नहीं बनाता और कठोर तथा तन्य भी नहीं है। इसके विपरीत जिंक धातु दृढ़ और संक्षारण-रोधी होती है, इसीलिए गैल्वेनाइजेशन के लिए इसका चयन करते हैं।
प्रश्न 12.
एक लोहार उपकरण बनाने से पूर्व लोहे को गरम करता है। इस प्रक्रिया में गरम करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
लोहे को गरम करने से उसकी तन्यता व आघातवर्धनीयता और बढ़ जाती है, जिससे उसे मनचाहा आकार देकर (पीटकर, मोड़कर) उपकरण बनाना आसान हो जाता है। अन्यथा लोहे के ठंडे टुकड़े को आकार देना कठिन होता है।
Class 7 Science Chapter 4 Question Answer in Hindi (Intext)
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प्रश्न 1.
क्या सभी धातुएँ कठोर और ठोस होती हैं?
उत्तर:
नहीं, सभी धातुएँ कठोर नहीं होतीं, कुछ धातु जैसे सोडियम तथा पोटैशियम इतनी नरम होती हैं कि चाकू से भी काटी जा सकती हैं। पारा एक धातु है परंतु कमरे के तापमान पर भी द्रव अवस्था में रहता है।
प्रश्न 2.
हथौड़े से पीटने पर कौनसी वस्तुएँ सपाट हो जाती हैं?
उत्तर:
जो वस्तुएँ आघातवर्धनीय हैं वे हथौड़े से पीटने पर सपाट हो जाती हैं। जैसे धातुएँ – एल्युमिनियम का टुकड़ा, ताँबे का टुकड़ा, लोहे की कील तथा सोना व चाँदी।
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प्रश्न 3.
आप धातु के तारों का उपयोग कहाँ देखते हैं?
उत्तर:
हमने विद्युत परिपथ व्यवस्था में ताँबे व एल्युमिनियम के तार देखे हैं। आभूषण जैसे चूड़ियाँ, गले का हार, झुमके इत्यादि तथा विभिन्न संगीत वाद्ययंत्रों के तार जैसे- वीणा, सितार, वायलिन एवं गिटार आदि में।
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प्रश्न 4.
जब धातु की चम्मच, धातु की प्लेट या धातु का सिक्का धरातल पर गिरता है तो कैसी ध्वनि उत्पन्न होती है? यह ध्वनि कोयले अथवा लकड़ी के टुकड़े के धरातल पर गिरने से उत्पन्न होने वाली ध्वनि से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर:
धातु की चम्मच प्लेट या सिक्का धरातल पर गिरकर झनकार या निनाद उत्पन्न करते हैं, जिसे ध्वानिकता का गुण कहते हैं जबकि कोयला व लकड़ी का टुकड़ा हल्की ध्वनि उत्पन्न करते हैं क्योंकि उनमें ध्वानिकता नहीं होती।
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प्रश्न 5.
क्या आप कुछ धातुओं के नाम बता सकते हैं जिनका उपयोग खाना बनाने के पात्रों को बनाने में किया जाता है? क्या आप जानते हैं कि इन धातुओं का उपयोग इसके लिए क्यों किया जाता है ?
उत्तर:
खाना बनाने के पात्रों को बनाने के लिए लोहा, स्टील, पीतल, ताँबा, एल्युमिनियम आदि धातुओं का उपयोग किया जाता है। क्योंकि ये धातु ऊष्मा के सुचालक हैं जिससे खाना अच्छे से व जल्दी पक जाता है।
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प्रश्न 6.
क्या आपने विद्युतकर्मी को पेचकस उपयोग करते देखा है? उसका हत्था किस सामग्री से बना होता है? आपने यह भी देखा होगा कि विद्युतकर्मी काम करते समय रबड़ के जूते पहनते हैं। इसका क्या कारण हो सकता है?
उत्तर:
विद्युतकर्मी के पेचकस का हत्था प्लास्टिक का बना होता है तथा विद्युतकर्मी रबड़ के जूते व दस्ताने पहनते हैं क्योंकि प्लास्टिक तथा रबड़ विद्युत के कुचालक होते हैं। जिससे विद्युतकर्मी को विद्युत आघात नहीं लगता।
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प्रश्न 7.
प्रायः आपने देखा होगा कि लोहे की वस्तुओं को कुछ दिनों के लिए खुले में छोड़ देने से उन पर भूरे रंग का निक्षेप विकसित हो जाता है। किन परिस्थितियों में ऐसा होता है?
→ जब ये केवल वायु के संपर्क में आती हैं।
→ जब ये केवल जल के संपर्क में आती हैं।
→ जब ये वायु और जल दोनों के संपर्क में आती हैं।
उत्तर:
जब ये वायु और जल दोनों के संपर्क में आती हैं।
📝 2. नोट्स: मुख्य बिंदु, वैज्ञानिक संकल्पनाएँ एवं परिभाषाएँ (Key Concepts & Summary)
अध्याय के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक नियम, सूत्र, परिभाषाएँ एवं संपूर्ण पाठ का सार।
1. धातुओं के भौतिक गुणधर्म:
• आघातवर्धनीयता (Malleability): पीटकर पतली चादर में बदलना (सोना और चाँदी सर्वाधिक आघातवर्धनीय)।
• तन्यता (Ductility): खींचकर पतले तार बनाए जा सकना (सोना सर्वाधिक तन्य धातु)।
• ऊष्मा व विद्युत की सुचालक (Good Conductors): ताँबा, एल्युमिनियम, चाँदी (चाँदी सर्वोत्तम चालक)।
• धात्विक चमक (Lustre), कठोरता (Hardness), और ध्वानिक (Sonorous) गुण।
• अपवाद: पारा (Mercury) कमरे के ताप पर द्रव धातु है; सोडियम व पोटेशियम अत्यंत नर्म हैं जिन्हें चाकू से काटा जा सकता है।
2. अधातुओं के भौतिक गुणधर्म:
• भंगुर (Brittle) होती हैं, चमकहीन, ऊष्मा व विद्युत की कुचालक (अपवाद: ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक है)।
• अपवाद: ब्रोमीन कमरे के ताप पर एकमात्र द्रव अधातु है; आयोडीन एक चमकदार अधातु है।
3. रासायनिक गुणधर्म एवं विस्थापन अभिक्रियाएँ:
• धातु + ऑक्सीजन → धातु ऑक्साइड (क्षारीय प्रकृति)।
• अधातु + ऑक्सीजन → अधातु ऑक्साइड (अम्लीय प्रकृति)।
• विस्थापन अभिक्रिया: अधिक अभिक्रियाशील धातु कम अभिक्रियाशील धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित कर देती है (उदा. Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu)।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions)
बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर।
बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1. कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाने वाली धातु है-
उत्तर:
(ब) पारा (मर्करी)
प्रश्न 2. धातुओं को पीटकर पतली चादर बनाने का गुण कहलाता है-
उत्तर:
(ब) आघातवर्धनीयता
प्रश्न 3. कौन-सी अधातु विद्युत की सुचालक होती है?
उत्तर:
(स) ग्रेफाइट
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
प्रश्न 1. अधातुएँ प्रायः ऊष्मा एवं विद्युत की ____________ होती हैं।
उत्तर:
कुचालक (मंद चालक)
प्रश्न 2. कॉपर सल्फेट के नीले विलयन में लोहे की कील डालने पर विलयन का रंग ____________ हो जाता है।
उत्तर:
हरा (FeSO₄ बनने के कारण)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. विस्थापन अभिक्रिया किसे कहते हैं?
उत्तर:
ऐसी रासायनिक अभिक्रिया जिसमें अधिक क्रियाशील धातु कम क्रियाशील धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित कर देती है।