📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल
राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 हिन्दी — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
कहानी से -
प्रश्न 1. बचपन में लेखक अपने मामा के गाँव चाव से क्यों जाता था और बदलू को 'बदलू मामा' न कहकर 'बदलू काका' क्यों कहता था?
उत्तर - बचपन में लेखक गर्मियों की छुट्टियों में अपने मामा के गाँव चाव से इसलिए जाता था कि गाँव में उसका बहुत मन लगता था तथा उसी गाँव में रहने वाले बदलू मनिहार से लाख की बनी रंग-बिरंगी मनमोहक गोलियाँ मिल जाती थीं, जो कि उसे बहुत प्रिय थीं। बदलू लेखक को आदर-सत्कार के साथ स्वादिष्ट आम और दूध की मलाई खिलाता था। साथ ही लाख की एक-दो गोलियाँ बनाकर देता था। लेखक बदलू को 'बदलू मामा' न कहकर 'बदलू काका' इसलिए कहता था, क्योंकि गाँव के सारे बच्चे उसे 'बदलू काका' कहकर ही पुकारते थे।
प्रश्न 2. वस्तु-विनिमय क्या है? विनिमय की प्रचलित पद्धति क्या है?
उत्तर - आवश्यकता के अनुसार एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति से वस्तु के लेन-देन की प्रक्रिया को वस्तु-विनिमय पद्धति कहा जाता है। यह वस्तु लेन-देन प्रणाली हमारे देश में प्राचीन समय में प्रचलित थी। वर्तमान में विनिमय की
प्रचलित पद्धति में बहुत अधिक बदलाव आ गया है। इस पद्धति को जारी रखने के लिए अनेक वस्तुओं का संग्रह करना जहाँ कठिन है, वहीं आवश्यकता के अनुरूप लेने वाले व्यक्ति को खोजना मुश्किल है। इसलिए वर्तमान में वस्तु-विनिमय पद्धति बनाए रखना संभव नहीं है। वर्तमान में विनिमय की प्रचलित पद्धति है, पैसा देकर वस्तु खरीदना।
प्रश्न 3. 'मशीनी युग ने कितने हाथ काट दिए हैं?' इस पंक्ति में लेखक ने किस व्यथा की ओर संकेत किया है?
उत्तर - आज मशीनों से प्रायः हर काम होने लगा है जिसके कारण कुटीर उद्योग-धन्धे बन्द होते जा रहे हैं। गाँव और शहरवासी जिन कुटीर उद्योग-धन्धों के संचालन के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते थे, वे सभी उद्योग-धन्धे अब मशीनों से संचालित होने लगे हैं। इसका परिणाम यह हुआ है कि कुटीर उद्योग-धन्धों का संचालन करने वाले हाथ बेकार हो गये हैं। काम-धन्धे बन्द हो जाने के कारण उनके सामने रोजी-रोटी के लाले पड़ गए हैं। कुछ काम कर सकने वाले हाथ अब निष्क्रिय होते जा रहे हैं। अर्थात् 'बेकार की वस्तु' बन कर रह गये हैं। लेखक ने इसी व्यथा की ओर संकेत किया है।
प्रश्न 4. बदलू के मन में ऐसी कौन-सी व्यथा थी जो लेखक से छिपी न रह सकी?
(1) व्यक्तिवाचक संज्ञा—बदलू, नीम, जनार्दन, रज्जो, लाख आदि।
(2) जातिवाचक संज्ञा—मामा, गाँव, आदमी, बच्चे, गोलियाँ, मकान, वृक्ष, चौखट, सलाख, चूड़ियाँ, मचिया, हुक्का, अनाज, घरवाली, मरद, पगड़ी, गाय, आम, स्कूल, दूध, लड़की, मशीन, लला, पेड़, जमींदार, शहर आदि।
(3) भाववाचक संज्ञा—पढ़ाई, मोच, रुचि, शांति, सुंदरता, प्रसन्नता, जिद, महत्त्व, व्यक्तित्व आदि।
प्रश्न 3. गाँव की बोली में कई शब्दों के उच्चारण बदल जाते हैं। कहानी में बदलू वक्त (समय) को बखत, उम्र (वय/आयु) को उमर कहता है। इस तरह के अन्य शब्दों को खोजिए जिनके रूप में परिवर्तन हुआ हो, अर्थ में नहीं।
| उत्तर- बदले रूप वाले शब्द | मूल शब्द |
|---|---|
| मरद | मर्द |
| बखत | वक्त |
| अंजुली | अंजलि |
| उमर | उम्र |
📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य
महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।
पाठ सार: 'लाख की चूड़ियाँ' कहानी मशीनीकरण के अंधाधुंध विकास से पैतृक हस्तशिल्प और ग्रामीण कारीगरों के उजड़ते जीवन की मर्मस्पर्शी गाथा है। बदलू मनिहार लाख की सुंदर चूड़ियाँ बनाता था, परन्तु काँच की चूड़ियों के बढ़ते प्रचलन ने उसका व्यवसाय छीन लिया। इसके बावजूद उसने अपने स्वाभिमान और कला से समझौता नहीं किया।
पाठ 1 : लाख की चूड़ियाँ
( कामतानाथ )
कठिन शब्दार्थ - चाव = रुचि, शौक। सहन = आँगन। सलाख = छड़। मचिया = बैठने के लिए छोटी-सी चारपाई। पैतृक = पुरखों का। पेशा = व्यवसाय। खपत = माल की बिक्री। कुढ़ना = खिजना। नाजुक = कोमल। खातिर = आदर। विरले = अनोखे, बहुत कम। खाट = चारपाई। भाँप लेना = अनुमान लगा लेना। व्यथा = पीड़ा। मुखातिब = देखकर बात करना। दृष्टि दौड़ाना = कुछ देखना। डलिया = बाँस की टोकरी। ठिठकना = रुकना। फबना = बहुत अच्छा लगना। फसली = मौसमी।
पाठ का सार - 'लाख की चूड़ियाँ' कहानी के लेखक कामतानाथ हैं। इस कहानी में मशीनों के बढ़ते प्रयोग के दुष्प्रभाव को दिखाया गया है। लेखक को उसके मामा के गाँव में बदलू सबसे अच्छा लगता था। वह लाख की चूड़ियाँ बनाता था जिन्हें गाँव व आस-पास के गाँवों की लगभग सभी औरतें खरीद कर पहनती थीं। मशीनों के बढ़ते प्रयोग के कारण जहाँ ग्रामीण औरतें अब काँच की चूड़ियाँ पहनने लगी थीं, वहीं बदलू का लाख की चूड़ियाँ बनाने का कुटीर उद्योग बन्द हो जाने से वह बेरोजगार हो गया था। इस कहानी में मशीनी युग का शिकार हुए व्यक्ति बदलू की पीड़ा का मार्मिक वर्णन किया गया है।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुविकल्पीय प्रश्न-
प्रश्न 1. ‘बदलू’ गाँव का था—
प्रश्न 2. ‘बदलू’ का पैतृक धन्धा बन्द हो गया था—
प्रश्न 3. ‘आदमी’ शब्द संज्ञा है—
प्रश्न 4. लेखक ‘बदलू’ को कहा करता था—
प्रश्न 5. ‘मन मोह लेना’ मुहावरे का अर्थ है—
प्रश्न 6. बदलू लेखक को अच्छा लगता था—
प्रश्न 7. बदलू के आँगन में किसका पेड़ लगा हुआ था?
प्रश्न 8. आज का युग क्या कहलाता है?
प्रश्न 9. बदलू के अनुसार सुंदरता किसमें होती है?
प्रश्न 10. बदलू कैसा कारीगर था?
प्रश्न 11. बदलू का पैतृक पेशा क्या था?
प्रश्न 12. बदलू कहाँ का रहने वाला था?
प्रश्न 13. बदलू ने जमींदार को चूड़ियों का जोड़ा क्यों नहीं दिया?
प्रश्न 14. वस्तु विनिमय क्या है?
प्रश्न 15. ‘हाथ कटने का’ इस कहानी में क्या अर्थ है?
प्रश्न 16. बदलू किसकी चूड़ियाँ बनाता था?
उत्तर-1. (क) 2. (क) 3. (ख) 4. (ग) 5. (क) 6. (ग) 7. (ग) 8. (घ) 9. (ग) 10. (ख) 11. (ख) 12. (ग) 13. (घ) 14. (ग) 15. (ग) 16. (ग)
रिक्त स्थानों की पूर्ति -
प्रश्न 17. रिक्त स्थानों की पूर्ति कोष्ठक में दिए गये सही शब्दों से कीजिए-
(i) वहाँ तो औरतें अपने...... का हाथ पकड़कर सड़कों पर घूमती भी हैं। (मरद/आदमी)
(ii) गाँव में मेरा....... का समय अधिकतर बदलू के पास बीतता। (सुबह/दोपहर)
(iii) गाँव-गाँव में ......... का प्रचार हो गया है। (काँच/प्लास्टिक)
(iv) उसका व्यक्तित्व काँच की चूड़ियों जैसा न था कि ........ से टूट जाए। (आसानी/वेदना)
उत्तर-(i) मरद (ii) दोपहर (iii) काँच (iv) आसानी।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न -
प्रश्न 18. लेखक को गाँव में सबसे अच्छा आदमी कौन लगता था?
उत्तर-लेखक को गाँव में सबसे अच्छा आदमी 'बदलू काका' लगता था।
प्रश्न 19. गाँव में किसका मकान कुछ ऊँचे पर बना हुआ था?
उत्तर-गाँव में बदलू का मकान कुछ ऊँचे पर बना हुआ था।
प्रश्न 20. बदलू चूड़ियाँ बनाने का काम किस पर बैठकर किया करता था?
उत्तर-बदलू चूड़ियाँ बनाने का काम मचिया पर बैठकर किया करता था।
प्रश्न 21. बदलू 'लला' किसे कहा करता था?
उत्तर-बदलू लेखक को 'लला' कहा करता था।
प्रश्न 22. बदलू चूड़ियाँ बेचने में कौन सा तरीका अपनाता था?
उत्तर-बदलू चूड़ियाँ बेचने में वस्तु-विनिमय का तरीका अपनाता था।
प्रश्न 23. बदलू का काम क्यों ठप्प हो गया था?
उत्तर-लाख की चूड़ियों के स्थान पर काँच की चूड़ियाँ पहनने के कारण बदलू का काम ठप्प हो गया था।
प्रश्न 24. बदलू ने अपनी गाय क्यों बेच दी थी?
उत्तर-धन्धा ठप्प हो जाने से बदलू अपनी गाय को कहाँ से खिलाता, कैसे पालता? इसलिए उसने गाय बेच दी थी।
प्रश्न 25. लेखक एक लम्बी अवधि तक अपने मामा के गाँव क्यों नहीं जा सका?
उत्तर-लेखक के पिता की बदली हो जाने से वह अपने मामा के गाँव न जा सका।
प्रश्न 26. लेखक को किस नाम से लोग जानते थे?
उत्तर-लेखक को जनार्दन नाम से लोग जानते थे।
प्रश्न 27. लेखक की निगाह रज्जो की कलाइयों पर क्यों ठठक गयी थी?
उत्तर-रज्जो ने अपनी गोरी-गोरी कलाइयों पर लाख की चूड़ियाँ पहन रखी थीं।
प्रश्न 28. बदलू किसके पहुँचते ही मचिया मँगाता था और क्यों?
उत्तर-बदलू लेखक के पहुँचते ही आदर-सम्मान की दृष्टि से मचिया मँगाता था।
प्रश्न 29. बदलू के अनुसार किस जोड़े का महत्त्व अधिक होता है?
उत्तर-बदलू के अनुसार सुहाग के जोड़े का महत्त्व अधिक होता है।
प्रश्न 30. लेखक को किसके यहाँ जाना अच्छा लगता था?
उत्तर-लेखक को अपने मामा के घर जाना अच्छा लगता था।
प्रश्न 31. लेखक ने मामा के गाँव में रहते हुए क्या देखा?
उत्तर-लेखक ने मामा के गाँव में रहते हुए देखा कि गाँव की लगभग सभी स्त्रियाँ अब काँच की चूड़ियाँ पहनने लगी हैं।
प्रश्न 32. बदलू के व्यथित होने का क्या कारण था?
उत्तर-बदलू के व्यथित होने का कारण मशीनीकरण द्वारा उसका काम बन्द हो जाना ही था।
लघूत्तरात्मक प्रश्न -
प्रश्न 33. बदलू का चूड़ियाँ बेचने का तरीका क्या था?
उत्तर-बदलू का चूड़ियाँ बेचने का तरीका वस्तु-विनिमय का था। इसलिए वह चूड़ियों को नकद न बेचकर अनाज के बदले में उन्हें बेचता था।
प्रश्न 34. लेखक के मन में गर्मी की छुट्टियों में अपने मामा के गाँव जाने का सबसे बड़ा चाव क्या था?
उत्तर-लेखक के मन में गर्मी की छुट्टियों में अपने मामा के गाँव जाने का सबसे बड़ा चाव यही था कि वहाँ बदलू उसे लाख की सुन्दर-सुन्दर रंग-बिरंगी गोलियाँ बनाकर देता था।
प्रश्न 35. बदलू को किस बात से चिढ़ थी? वह अपनी चिढ़ को कैसे उतारता था?
उत्तर-बदलू को काँच की चूड़ियों से चिढ़ थी। यदि उसे कोई भी स्त्री काँच की चूड़ियाँ पहने दिख जाती तो वह उसे दो-चार बातें सुनाकर अपनी चिढ़ उतार लेता था।
प्रश्न 36. बदलू का पैतृक धन्धा क्या था? उसका धन्धा बन्द क्यों हो गया था?
उत्तर-बदलू का पैतृक धन्धा लाख की चूड़ियाँ बनाने का था। मशीनीकरण के कारण उसका पैतृक धन्धा बन्द हो गया था जिसके कारण वह बेरोजगारी हो गया।
प्रश्न 37. ‘लाख की चूड़ियाँ’ कहानी की रचना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर—‘लाख की चूड़ियाँ’ कहानी की रचना का मुख्य उद्देश्य शहरीकरण व मशीनीकरण के कारण गाँवों के लघु कुटीर उद्योगों के उजड़ने का वर्णन करना है। इससे गाँवों में बढ़ रही बेरोजगारी और गरीबी को बताना है।
निबन्धात्मक प्रश्न—
प्रश्न 38. ‘लाख की चूड़ियाँ’ कहानी में मशीनी युग के बारे में क्या कहा गया है?
उत्तर—प्रस्तुत कहानी में कहा गया है कि मशीनी युग के कारण गाँवों के कुटीर-उद्योग-धंधे और पैतृक धंधे समाप्त हो गये हैं। खेती का काम भी मशीनों से होने लगा है। गाँवों में बेरोजगारी बढ़ रही है तथा आपसी प्रेम-भाव, नाते-रिश्ते आदि में कमी आ रही है, सांस्कृतिक ह्रास भी हो रहा है। इससे गाँवों से शहरों की ओर पलायन भी हो रहा है।
प्रश्न 39. बदलू की किस बात से लेखक को उसके स्वाभिमान पर गर्व हो आया?
उत्तर—जब लेखक ने बदलू की बेटी रज्जो की कलाईयों में लाख की चूड़ियाँ देखीं तो वह उन सुन्दर चूड़ियों को देखकर ठिठक गया। तभी बदलू ने उसे बताया कि यह मेरा बनाया अन्तिम जोड़ा है। जमींदार ने इसे अपनी बेटी की शादी के लिए बनवाया था लेकिन केवल दस आने पैसे में वह इसे खरीदना चाहता था। मैंने उसे देने से ही इन्कार कर दिया। यह सुनकर लेखक को बदलू के स्वाभिमान पर गर्व हो आया कि बदलू ने लाख की चूड़ियाँ न बिकने के दिनों में भी अपने उसूल न तोड़े और कम पैसों में सुहाग की चूड़ियों का जोड़ा नहीं दिया।
गद्यांश पर आधारित प्रश्न—
नीचे दिये गये गद्यांशों को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
( 1 )
मैं उसे ‘बदलू मामा’ न कहकर ‘बदलू काका’ कहा करता था, जैसा कि गाँव के सभी बच्चे उसे कहा करते थे। बदलू का मकान कुछ ऊँचे पर बना था। मकान के सामने बड़ा-सा सहन था जिसमें एक पुराना नीम का वृक्ष लगा था। उसी के नीचे बैठकर बदलू अपना काम किया करता था। बगल में भट्टी दहकती रहती जिसमें वह लाख पिघलाया करता। सामने एक लकड़ी की चौखट पड़ी रहती जिस पर लाख के मुलायम होने पर वह उसे सलाख के समान पतला करके चूड़ी का आकार देता।
प्रश्न (क) गाँव के सभी बच्चे बदलू को क्या कहकर पुकारते थे?
(ख) बदलू किसके नीचे बैठकर अपना काम करता था?
(ग) बदलू लाख की चूड़ियाँ कैसे बनाता था?
(घ) निम्नलिखित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द गद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए—
(i) कठोर (ii) मोटा।
उत्तर—(क) गाँव के सभी बच्चे बदलू को ‘बदलू काका’ कहकर पुकारते थे।
(ख) बदलू नीम के पुराने वृक्ष के नीचे बैठकर अपना काम करता था।
(ग) बदलू लाख को भट्टी पर पिघलाता, फिर लकड़ी की चौखट पर उसे पतला आकार देकर चूड़ियाँ बनाता था।
(घ) (i) मुलायम (ii) पतला।
( 2 )
बदलू यह कार्य सदा ही एक मचिये पर बैठकर किया करता था जो बहुत ही पुरानी थी। बगल में ही उसका हुक्का रखा रहता जिसे वह बीच-बीच में पीता रहता। गाँव में मेरा दोपहर का समय अधिकतर बदलू के पास बीतता। वह मुझे ‘लला’ कहा करता और मेरे पहुँचते ही मेरे लिए तुरंत एक मचिया माँगा देता। मैं घंटों बैठे-बैठे उसे इस प्रकार चूड़ियाँ बनाते देखता रहता। लगभग रोज ही वह चार-छह जोड़े चूड़ियाँ बनाता। पूरा जोड़ा बना लेने पर वह उसे बेलन पर चढ़ाकर कुछ क्षण चुपचाप देखता रहता मानो वह बेलन न होकर किसी नव-वधू की कलाई हो।
प्रश्न (क) बदलू किस पर बैठकर काम किया करता था?
(ख) बदलू किसके पहुँचते ही मचिया मँगवाता था और क्यों?
(ग) दोपहर के समय प्रायः कौन किसके पास रहता था?
(घ) निम्नलिखित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द गद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए—
(i) नयी (ii) उतारकर।
उत्तर—(क) बदलू एक मचिया पर बैठकर चूड़ियाँ बनाने का काम करता था।
(ख) बदलू लेखक के पहुँचते ही मचिया मँगवाता था, क्योंकि वह लेखक को आदर-सम्मान देना चाहता था।
(ग) दोपहर के समय गाँव में लेखक प्रायः बदलू के पास ही बैठा रहता था।
(घ) (i) पुरानी (ii) चढ़ाकर।
( 3 )
आस-पास के गाँवों के लोग भी उससे चूड़ियाँ ले जाते थे। परंतु वह कभी भी चूड़ियों को पैसों से बेचता न था। उसका अभी तक वस्तु-विनिमय का तरीका था और लोग अनाज के बदले उससे चूड़ियाँ ले जाते थे। बदलू स्वभाव से बहुत सीधा था। मैंने कभी भी उसे किसी से झगड़ते नहीं देखा। हाँ, शादी-विवाह के अवसरों पर वह
अवश्य जिद पकड़ जाता था। जीवन भर चाहे कोई उससे मुफ्त चूड़ियाँ ले जाए परंतु विवाह के अवसर पर वह सारी कसर निकाल लेता था। आखिर सुहाग के जोड़े का महत्त्व ही और होता है।
प्रश्न (क) बदलू किसके बदले अपनी चूड़ियाँ देता था?
(i) दूर-दराज (ii) खरीदता।
उत्तर– (क) बदलू अनाज के बदले अपनी चूड़ियाँ देता था।
( 4 )
मैं बहुधा हर गर्मी की छुट्टी में अपने मामा के यहाँ चला जाता और एक-आध महीने वहाँ रहकर स्कूल खुलने के समय तक वापस आ जाता। परंतु दो-तीन बार ही मैं अपने मामा के यहाँ गया होऊँगा तभी मेरे पिता की एक दूर के शहर में बदली हो गई और एक लंबी अवधि तक मैं अपने मामा के गाँव न जा सका। तब लगभग आठ-दस वर्षों के बाद जब मैं वहाँ गया तो इतना बड़ा हो चुका था कि लाख की गोलियों में मेरी रुचि नहीं रह गई थी। अतः गाँव में होते हुए भी कई दिनों तक मुझे बदलू का ध्यान न आया।
प्रश्न (क) लेखक को किसके यहाँ जाना अच्छा लगता था?
(i) बन्द होने (ii) छोटा।
उत्तर– (क) लेखक को बचपन में अपने मामा के गाँव जाना अच्छा लगता था।
( 5 )
आजकल काम नहीं करते काका? मैंने पूछा।
नहीं लला, काम तो कई सालों से बंद है। मेरी बनाई हुई चूड़ियाँ कोई पूछे तब तो। गाँव-गाँव में कांच का प्रचार हो गया है। वह कुछ देर चुप रहा, फिर बोला, मशीनी युग है न यह, लला! आजकल सब काम मशीन से होता है। खेत भी मशीन से जोते जाते हैं और फिर जो सुन्दरता काँच की चूड़ियों में होती है, लाख में कहाँ संभव है?
प्रश्न (क) गद्यांश में संवाद किन-किनके मध्य हो रहा है?
(i) चालू (ii) भद्दापन।
उत्तर– (क) गद्यांश में संवाद लेखक और बदलू के मध्य हो रहा है।