📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल
राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 हिन्दी — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
शीर्षक और नायक-
• लेखक ने इस कहानी का शीर्षक कहानी के दो पात्रों के आधार पर रखा है। लेखक ने बाज और साँप को ही क्यों चुना? आपस में चर्चा कीजिए।
उत्तर- लेखक ने इस कहानी का शीर्षक दो पात्रों के आधार पर 'बाज़ और साँप' रखा है। इस कहानी में लेखक ने बाज़ और साँप को इसलिए चुना, क्योंकि दोनों के स्वभाव में बहुत बड़ा अन्तर है। बाज़ साहसी और शिकारी पक्षी है। आकाश असीम है और बाज़ उस असीम का प्रतीक है जो स्वतंत्र भाव से आकाश की ऊँचाइयों को छूना चाहता है और अपने साहस व वीरता के बल पर आकाश में उड़ते हुए पक्षियों का भी शिकार करना चाहता है। यदि इस शिकार में उसके प्राण भी चले जाएँ तो वह अपने प्राणों की परवाह नहीं करता है। दूसरी ओर, साँप अपने सीलन भरे बिल में ही अपने कायर और परतंत्र स्वभाव के आधार पर रहना चाहता है। वह बिल से बाहर निकलना पसन्द नहीं करता है।
कहानी से-
प्रश्न 1. घायल होने के बाद भी बाज़ ने यह क्यों कहा, "मुझे कोई शिकायत नहीं है।" विचार प्रकट कीजिए।
उत्तर- बाज़ को अपने जीवन में विस्तार और वीरता से ही आनन्द की प्राप्ति हुई थी। इसीलिए जब वह घायल अवस्था में साँप के बिल के पास गिरा तब उसने यही कहा कि भले ही मेरी मृत्यु पास हो, परन्तु मुझे अपने जीवन से कोई शिकायत नहीं है। मैंने जिन्दगी को जी-भर जिया है। दूर-दूर तक उड़ानें भरी हैं, आकाश की असीम ऊँचाइयों को छुआ है। अब मुझे जीवन से कोई शिकायत नहीं है।
प्रश्न 2. बाज़ जिन्दगी भर आकाश में ही उड़ता रहा फिर घायल होने के बाद भी वह उड़ना क्यों चाहता था?
उत्तर- बाज़ जिन्दगी भर आकाश में ही उड़ता रहा, फिर घायल होने के बाद वह इसलिए उड़ना चाहता था, क्योंकि वह साहसी था और वह जिन्दगी से हार नहीं मान रहा था।
प्रश्न 3. साँप उड़ने की इच्छा को मूर्खतापूर्ण मानता था। फिर उसने उड़ने की कोशिश क्यों की?
उत्तर- साँप ने जब घायल बाज़ में उड़ने की असीम चाह देखी तो उसके मन में भी आया कि वह भी देखे कि आसमान में ऐसा क्या है, जिसके वियोग में बाज़ इतना छटपटा रहा है। इसलिए उसने भी उड़ने की कोशिश की।
प्रश्न 4. बाज़ के लिए लहरों ने गीत क्यों गाया था?
उत्तर- बाज़ के लिए लहरों ने उसकी वीरता और साहस को देखकर गीत गाया था।
प्रश्न 5. घायल बाज़ को देखकर साँप खुश क्यों हुआ होगा?
उत्तर- घायल बाज़ को देखकर साँप खुश इसलिए हुआ होगा कि वह इस स्थिति में उसे कोई नुकसान नहीं पहुँचा सकता था।
कहानी से आगे-
प्रश्न 1. कहानी में से वे पंक्तियाँ चुनकर लिखिए जिनसे स्वतन्त्रता की प्रेरणा मिलती हो।
उत्तर- (1) हमारा गीत उन साहसी लोगों के लिए है जो अपने प्राणों को हथेली पर रखे हुए घूमते हैं।
(2) चतुर वही है जो प्राणों की बाज़ी लगाकर जिन्दगी के हर खतरे का बहादुरी से सामना करे।
(3) ओ निडर बाज़! शत्रुओं से लड़ते हुए तुमने अपना कीमती रक्त बहाया है, पर वह समय दूर नहीं है, जब तुम्हारे खून की एक बूँद जिन्दगी के अँधेरे में प्रकाश फैलायेगी और साहसी, बहादुर दिलोंमें स्वतन्त्रता और प्रकाश के लिए प्रेम पैदा करेगी।
(4) तुमने अपना जीवन बलिदान कर दिया है किन्तु फिर bhi तुम अमर हो। जब कभी साहस और वीरता के गीत गाये जायेंगे, तुम्हारा नाम बड़े गर्व और श्रद्धा से लिया जायेगा।
(5) हमारा गीत जिन्दगी के उन दीवानों के लिए है जो मरकर भी मृत्यु से नहीं डरते।
प्रश्न 2. लहरों का गीत सुनने के बाद साँप ने क्या सोचा होगा? क्या उसने फिर से उड़ने की कोशिश की होगी? अपनी कल्पना से आगे की कहानी पूरी कीजिए।
उत्तर- लहरों का गीत सुनने के बाद साँप ने सोचा होगा कि मुझे भी बाज़ की तरह आकाश में उड़ने की कोशिश करनी चाहिए। इस भावना से पूरित होकर उसने आकाश में उड़ने की कोशिश की, परन्तु पंख न होने के कारण वह उछलकर चट्टान से टकरा गया।
कहानी की पूर्ति- चट्टान से टकरा जाने के बाद साँप के मन में फिर एक बार उड़ने की भावना जागी और उसने पुनः उड़ने का प्रयास किया। अब की बार वह चट्टान से न टकराकर सागर की धारा में जा गिरा। उसे गिरता देखकर सागर से उड़ने वाली लहरों ने अपने सफेद फेनयुक्त आँचल में ढँक लिया और वे लहरें उसे लेकर उस अनन्त सागर की ओर बढ़ चलीं, जहाँ साहसी और निडर बाज़ ले जाया गया था।
प्रश्न 3. क्या पक्षियों को उड़ते समय सचमुच आनन्द का अनुभव होता होगा या स्वाभाविक कार्य में आनन्द का अनुभव होता ही नहीं? विचार प्रकट कीजिए।
उत्तर- पक्षियों को परमात्मा ने पंख इसलिए दिए कि वे आकाश में उड़कर अपनी स्वतन्त्रता का अनुभव करें। इस आधार पर यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि पक्षियों को उड़ते समय आनन्द होता है। प्रायः सभी उड़ने में समर्थ पक्षी अपनी उड़ने की स्वाभाविक क्रिया को आनन्दपूर्वक ही पूरा करते हैं। जैसे चिड़िया घोंसला बनाते
समय तिनका-तिनका एकत्र कर बार-बार उड़कर घोंसला बनाने में भी आनन्द का अनुभव करती है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि भले ही पक्षी लम्बी उड़ान भरने में अधिक आनन्दित होते हों, लेकिन दैनिक जीवन की स्वाभाविक क्रियाएँ भी उन्हें आनन्द प्रदान करती हैं।
प्रश्न 4. मानव ने भी हमेशा पक्षियों की तरह उड़ने की इच्छा की है। आज मनुष्य उड़ने की इच्छा किन-किन साधनों से पूरी करता है?
उत्तर—मानव ने भी हमेशा पक्षियों की तरह उड़ने की इच्छा की है। अपनी इस इच्छा को पूरी करने के लिए उसने कई साधनों का आविष्कार कर डाला। आज मनुष्य गुब्बारा, ग्लाइडर, वायुयान, हेलीकॉप्टर, रॉकेट आदि साधनों से आकाश में उड़ने की अपनी इच्छा पूरी करता है।
अनुमान और कल्पना—
प्रश्न 1. यदि इस कहानी के पात्र बाज और साँप न होकर कोई और होते, तब कहानी कैसी होती? अपनी कल्पना से लिखिए।
उत्तर—यदि इस कहानी के पात्र बाज और साँप न होकर बन्दर और कछुआ होते, तो बन्दर कछुए को पानी में तैरते देखकर स्वयं भी तैरने का प्रयास करता। कछुआ भी बन्दर से मित्रता करता और पानी से बाहर आकर बन्दर की तरह छलाँग लगाकर दौड़ने का प्रयास करता। ऐसा करते समय वह घायल हो जाता। तब बन्दर उसकी सहायता करता और उसे पानी में छोड़ देता। कछुआ उसकी प्रशंसा के गीत गाता।
भाषा की बात—
प्रश्न 1. कहानी में से अपनी पसन्द के पाँच मुहावरे चुनकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर— ( 1 ) आँखें चमक उठना—रास्ता भूल जाने पर जब साक्षी ने श्रवण की आवाज सुनी तो उसकी आँखें चमक उठीं।
( 2 ) अन्तिम साँसें गिनना—जंगल में भीषण गर्मी के कारण कई जानवर अन्तिम साँसें गिन रहे थे।
( 3 ) सिर धुनना—आलसी सुप्रिया अपनी इच्छा के अनुरूप अपना परीक्षा-परिणाम न देखकर सिर धुनने लगी।
( 4 ) डींग हाँकना—डींग हाँकने से कुछ भी नहीं होता है, डॉक्टर बनने के लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता होती है।
( 5 ) प्राणों की बाजी लगा देना—कारगिल युद्ध में भारतीय वीरों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर दुश्मन-सेना को भागने के लिए मजबूर कर दिया था।
प्रश्न 2. 'आरामदेह' शब्द में 'देह' प्रत्यय है। यहाँ 'देह' 'देने वाला' के अर्थ में प्रयुक्त है। देने वाला के अर्थ में 'द', 'प्रद', 'दाता', 'दाई' आदि का प्रयोग भी होता है। जैसे-सुखद, सुखदाता, सुखदाई, सुखप्रद। उपर्युक्त समानार्थी प्रत्यययों को लेकर दो-दो शब्द बनाइए।
उत्तर—द—दुःखद, जलद, अंबुद, नीरद।
दाता—करदाता, अन्नदाता, जीवनदाता।
दाई—लाभदाई, जीवनदाई, कष्टदाई।
प्रद—लाभप्रद, हानिप्रद, हास्यप्रद।
📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य
महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।
पाठ सार: 'बाज़ और साँप' निर्मल वर्मा की एक प्रतीकात्मक एवं प्रेरणादायक कहानी है। इसमें बाज़ स्वतंत्रता, असीम आकाश में उड़ने के अदम्य साहस और संघर्ष का प्रतीक है, जबकि साँप संकीर्णता और कायरतापूर्ण निष्क्रिय जीवन का प्रतीक है।
( निर्मल वर्मा )
कठिन-शब्दार्थ- लथपथ = सना हुआ। असीम = सीमाहीन। दुर्गन्ध = बदबू। सिर धुनाना = पछताना। शून्यता = खालीपन। डींगें हाँकना = शेखीियाँ मारना। सीलन = नमी। दिल काँपना = डर लगना। पंखों से नाप आना = उड़कर देख आना। आँखों से ओझल होना = दिखाई न पड़ना। प्राणों की बाजी लगा देना = मौत से न डरना।
पाठ का सार— इस कहानी में लेखक ने वीरता और कायरता के भावों को दर्शाने के लिए बाज़ और साँप को प्रतीक रूप में प्रस्तुत किया है तथा दो प्राणियों के जीने का ढंग बताया है।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुविकल्पीय प्रश्न—
प्रश्न 1. कहानी में साँप प्रतीक है—
प्रश्न 2. साँप कोने में सिकुड़ गया था—
प्रश्न 3. बाज की वीरता का आगे बढ़कर स्वागत किया था—
प्रश्न 4. साँप प्राणी था—
प्रश्न 5. 'आश्चर्य का ठिकाना न रहना' मुहावरे का अर्थ है—
प्रश्न 6. अचानक साँप की गुफा में क्या आकर गिरता है?
प्रश्न 7. आकाश की असीम ऊँचाइयों को नापने की बात किसने की?
प्रश्न 8. साँप किसके डर से सिकुड़कर कोने में छिप गया?
प्रश्न 9. बाज क्या गिन रहा था?
प्रश्न 10. बाज ने किसके लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया?
278 संजीब आल इन वन
प्रश्न 11. घायल होने के बाद भी बाज़ ने यह क्यों कहा "मुझे कोई शिकायत नहीं है।"
प्रश्न 12. साँप किस बात को उचित नहीं मानता था?
प्रश्न 13. चतुर प्राणी किसे बताया गया है?
प्रश्न 14. जीवन का गीत उन दीवानों के लिए है (वाक्य पूरा कीजिए)-
प्रश्न 15. बाज़ में नई आशा के संचार का कारण क्या था?
उत्तर-1. (ख) 2. (ग) 3. (ख) 4. (घ) 5. (क) 6. (ग) 7. (ख) 8. (क) 9. (क) 10. (घ) 11. (घ) 12. (ख) 13. (ख) 14. (ग) 15. (ग)।
रिक्त स्थानों की पूर्ति–
प्रश्न 16. रिक्त स्थानों की पूर्ति कोष्ठक में दिये गये सही शब्दों से कीजिए–
(i) उसकी छाती पर कितने ही जख्मों के ....... थे।
(निशान/चिह्न)
(ii) फिर मन ही मन खुश होता हुआ बोला—"क्यों भाई इतनी जल्दी ............ की तैयारी कर ली।" (मरने/जाने)
(iii) उसके ........ पंखों में इतनी शक्ति नहीं थी कि उसके शरीर का बोझ संभाल सके। (घायल/टूटे)
(iv) ओ निडर बाज़! शत्रुओं से लड़ते हुए तुमने अपना ........ रक्त बहाया है। (बहुत/कीमती)
उत्तर–(i) निशान (ii) मरने (iii) टूटे (iv) कीमती।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न–
प्रश्न 17. साँप कोने में क्यों सिकुड़ गया था?
उत्तर–साँप बाज़ से डरकर कोने में सिकुड़ गया था।
प्रश्न 18. साँप ने आरामदेह और सुरक्षित जगह किसे बताया?
उत्तर–साँप ने आरामदेह और सुरक्षित जगह गुफा को बताया।
प्रश्न 19. साँप किसकी मूर्खता पर मन ही मन हँस रहा था?
उत्तर–साँप बाज़ की मूर्खता पर मन ही मन हँस रहा था।
प्रश्न 20. लहरों के गीत गाने का कारण क्या था?
उत्तर–लहरों के गीत गाने का कारण बाज़ की वीरता और साहस था।
प्रश्न 21. कहानी में बाज़ किसका प्रतीक है?
उत्तर–कहानी में बाज़ वीरता व स्वतन्त्रता का प्रतीक है।
प्रश्न 22. लहरें बाज़ को सागर की ओर क्यों ले गयीं?
उत्तर–लहरें बाज़ की वीरता से प्रसन्न होकर उसे असीम सागर की ओर ले गयीं।
प्रश्न 23. साँप ने उड़ने के प्रयास में क्या किया?
उत्तर–साँप ने शरीर को सिकोडकर व आगे रेंगकर स्वयं को आकाश की शून्यता में छोड़ दिया।
प्रश्न 24. बाज़ ने गुफा के अन्दर क्या देखा?
उत्तर–बाज़ ने गुफा के अन्दर चट्टानों के बीच से टपकता पानी, सीलन और अंधेरा देखा।
प्रश्न 25. कहानी में साँप किसका प्रतीक है?
उत्तर–कहानी में साँप कायरता और पराधीनता का प्रतीक है।
प्रश्न 26. पर्वत की अंधेरी गुफा में कौन रहता था?
उत्तर–पर्वत की अंधेरी गुफा में साँप रहता था।
प्रश्न 27. जिस जगह नदी और समुद्र का मिलाप होता था, वहाँ कैसा दृश्य होता था?
उत्तर–वहाँ लहरें दूध के झाग सी सफेद दिखाई देती थीं।
प्रश्न 28. साँप के लिए सबसे बड़ा सुख क्या था?
उत्तर–सबसे अलग, सबसे दूर अपनी गुफा का स्वामी बनकर रहना सबसे बड़ा सुख था।
प्रश्न 29. साँप ने क्या भाँप लिया था?
उत्तर–यही कि बाज़ अपने जीवन की अन्तिम साँसें गिन रहा है।
प्रश्न 30. ‘बाज़ और साँप’ कहानी के लेखक का नाम बताइये।
उत्तर–‘बाज़ और साँप’ कहानी के लेखक का नाम निर्मल वर्मा है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न–
प्रश्न 31. बाज़ का स्वतन्त्रता हेतु प्राण देना क्या सन्देश देता है?
उत्तर–बाज़ का स्वतन्त्रता हेतु प्राण देना यह सन्देश देता है कि प्राणों की बाजी लगाकर जिन्दगी के हर खतरे का बहादुरी से मुकाबला करना चाहिए।
प्रश्न 32. साँप मन ही मन खुश क्यों होता था?
उत्तर–साँप का गुफा में रहते हुए किसी से कोई सम्बन्ध नहीं था और न उसका किसी से कोई लेना-देना था। वह
(7)
ओ निडर बाज! शत्रुओं से लड़ते हुए तुमने अपना कीमती रक्त बहाया है। पर वह समय दूर नहीं है, जब तुम्हारे खून की एक-एक बूँद जिन्दगी के अँधेरे में प्रकाश फैलायेगी और साहसी, बहादुर दिलों में स्वतन्त्रता और प्रकाश के लिए प्रेम पैदा करेगी।
तुमने अपना जीवन बलिदान कर दिया किन्तु फिर भी तुम अमर हो। जब कभी साहस और वीरता के गीत गाये जायेंगे, तुम्हारा नाम बड़े गर्व और श्रद्धा से लिया जायेगा।
प्रश्न–(क) बाज ने अपना जीवन किस तरह बिताया?
(i) डरपोक (ii) मूल्यहीन।
उत्तर–(क) बाज ने अपना जीवन शत्रुओं का सामना करते हुए, बड़ी वीरता, साहस और स्वतन्त्रता से बिताया।
परिवेशीय सजगता, सड़क सुरक्षा एवं स्वच्छता सम्बन्धी प्रश्न
(i) परिवेशीय सजगता सम्बन्धी प्रश्न
प्रश्न 1. परिवेश को कौन-से लोग हानि पहुँचाते हैं?
उत्तर– (1) वे लोग जो शराबी या नशेबाज होते हैं तथा हो-हल्ला करते हैं, (2) कुछ लोग जो घर का कूड़ा-कचरा खुले में फेंक देते हैं, (3) सड़क के किनारे या नाली में पेशाब करते हैं, (4) कुछ गन्दे बच्चे नालियों में शौच कर जाते हैं, (5) कुछ लोग पेयजल के स्थानों पर व्यर्थ पानी बहाते हैं, ऐसे लोग परिवेश को हानि पहुँचाते हैं।
प्रश्न 2. परिवेश के प्रति सजग रहने के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर– सजगता के लिए पुलिस कंट्रोल रूम, आपदा प्रबंधन विभाग का मोबाइल नम्बर याद रखना चाहिए। मुहल्ले या कॉलोनी के सभ्य लोगों से संपर्क बनाये रखना चाहिए। साथ ही युवक मंगल-दल या नागरिकों का ऐसा कोई संगठन बनाना चाहिए, जो जरूरत पड़ने पर सहयोग कर सके।
प्रश्न 3. परिवेशीय सजगता से क्या आशय है? लिखिए।
उत्तर– परिवेशीय सजगता से आशय अपने आस-पास का क्षेत्र है। अपने आस-पास के आबादी क्षेत्र में क्या घट रहा है, कौन सा गलत काम हो रहा है या होने वाला है और पर्यावरण के साथ-साथ ही सामाजिक जीवन को कौन हानि पहुँचा रहा है, इन सभी बातों को लेकर सावधान रहना ही परिवेशीय सजगता है।
प्रश्न 4. कोई तेज म्यूजिक-सिस्टम द्वारा या शोर-शराबा करने से परिवेश में ध्वनि-प्रदूषण फैला रहा है, तो आप उसे किस प्रकार शान्त करेंगे?
उत्तर– हम म्यूजिक-सिस्टम चलाने वाले को तथा शोर-शराबा करने वाले को शान्त करने की कोशिश करेंगे। यदि वे नहीं मानेंगे तो उनकी शिकायत पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग को करेंगे। इस तरह उन्हें शान्त करने की कोशिश करेंगे।
प्रश्न 5. पड़ोस में जल का दुरुपयोग हो रहा हो, तो आप उसे रोकने के लिए क्या करेंगे?
उत्तर– जल का दुरुपयोग करने वालों को समझायेंगे कि जल ही जीवन है। पानी व्यर्थ में नहीं फैलाना चाहिए, इससे कीचड़ होता है व कीड़े पनपते हैं। पानी के बिना जीवन संकट में पड़ जायेगा और दैनिक कार्य भी नहीं हो पायेंगे। इसलिए जल का संरक्षण करना चाहिए।
प्रश्न 6. आस-पड़ोस के लोग गन्दगी फैलाएं, कूड़ा बिखेर दें, तब आप क्या करेंगे? लिखिए।
उत्तर– ऐसे लोगों को पहले तो स्वच्छता अभियान का महत्त्व बताते हुए समझायेंगे कि निश्चित स्थान पर रखे कचरा-पात्र में ही अपने घरों के कूड़े-कचरे को डालें। यदि वे नहीं मानेंगे, तो नगरपालिका या ग्राम पंचायत में उनकी शिकायत करेंगे। इस प्रकार उन्हें हर तरह से सुधारने का प्रयास करेंगे।
प्रश्न 7. आपके पड़ोस में कोई वृद्ध बेसहारा व्यक्ति बीमार है। आप उसकी सहायता किस प्रकार करेंगे?
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उत्तर—पड़ोस के वृद्ध बेसहारा व्यक्ति के बीमार होने पर उसे किसी अस्पताल में डॉक्टर के पास ले जायेंगे और उसके इलाज में पूरा सहयोग करेंगे। उसके परिजनों एवं रिश्तेदारों को सूचित करेंगे तथा इलाज कराने में पूरा सहयोग करेंगे।
प्रश्न 8. परिवेशीय सजगता क्यों आवश्यक है?
उत्तर—परिवेश यदि शान्त, सुन्दर और सुखद-मंगलमय है, तो जीवन भी स्वस्थ एवं खुशहाल रहता है। परिवेश अशान्त एवं कष्टकारी रहे, तो उसमें रहना कठिन हो जाता है। परिवेशगत प्रदूषण हर तरह से हानिकारक होता है। इस दृष्टि से परिवेशगत सजगता परमावश्यक है।
प्रश्न 9. परिवेशीय सजगता का निर्वाह किन कार्यों से हो सकता है?
उत्तर—परिवेश में गन्दगी फैलने से रोका जाये, पानी का दुरुपयोग न हो, बिजली की चोरी न हो, पेड़-पौधों को हानि न पहुँचाई जाये। नाबालिग लड़की-लड़के का विवाह न हो, बालश्रम का शोषण न हो, हवा-पानी का प्रदूषण न हो। इस तरह के कार्यों से परिवेशगत सजगता का निर्वाह हो सकता है।
प्रश्न 10. हरे पेड़ काटने से जीवों पर क्या प्रभाव पड़ता है? हरे पेड़ों को काटने से रोकने हेतु अपने सुझाव लिखिए।
उत्तर—हरे पेड़ काटने से जीव शीतल छाया से दूर हो जाते हैं, श्वास लेने के लिए शुद्ध वायु का अभाव हो जाता है। परिणामस्वरूप अनेक रोग जन्म ले लेते हैं। इसलिए हरे-भरे वृक्षों को उपर्युक्त समस्याओं से बचने के लिए नहीं काटना चाहिए और अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए, क्योंकि पेड़ रहेंगे तो हमारा जीवन सुखी रहेगा।
प्रश्न 11. आप अपने विद्यालय को स्वच्छ और आकर्षक बनाने के लिए क्या-क्या कर सकते हैं? लिखिए।
उत्तर—हम अपने विद्यालय को स्वच्छ और आकर्षक बनाने के लिए निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं—
(i) विद्यालय की सफाई, शौचालय, पेशाब घरों की सफाई पर विशेष ध्यान रखेंगे। (ii) पानी की टंकी की सफाई तथा टूटियों की सुरक्षा का ध्यान रखेंगे। (iii) प्रत्येक कक्षा-कक्ष तथा विद्यालय के प्रत्येक कक्षा एवं बरामदे में महापुरुषों के चित्र लगाकर उसे आकर्षक बनायेंगे। (iv) कक्षा-कक्षों की बाहरी दीवारों पर शिक्षाप्रद तथा देशभक्तिपूर्ण सूक्ति वाक्यों को लिखवायेंगे।
प्रश्न 12. आपके पड़ोस में बाल-विवाह हो रहा है। आप उसे रोकने के लिए उन्हें किस प्रकार समझायेंगे?
उत्तर—अपने पड़ोसी को समझायेंगे कि बाल विवाह एक सामाजिक बुरााई और कानूनी अपराध है। बाल्यावस्था में विवाह हो जाने से दोनों की शिक्षा पूरी नहीं हो पाती है। छोटी अवस्था में विवाह हो जाने से न तो स्वस्थ बच्चा पैदा होता है, साथ ही छोटी उम्र में माँ बनने पर अनेक महिलाओं की मृत्यु भी हो जाती है।
प्रश्न 13. आपके पड़ोस में बारात आई है। दहेज के लेन-देन के कारण झगड़ा हो रहा है। आप उसे रोकने के लिए उन्हें किस प्रकार समझायेंगे?
उत्तर—हम दोनों पक्षों को सबसे पहले समझायेंगे कि दहेज लेना-देना कानूनी अपराध है। आप दोनों आपस में सम्बन्धही होने जा रहे हैं। सम्बन्धी तो आत्मीय भाव से एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। यदि वे मेरे कहने से नहीं मानेंगे तो मैं तुरन्त पुलिस को सूचित कर उनका झगड़ा सुलझाने का प्रयत्न करूँगा।
प्रश्न 14. आपके पड़ोस में मृत्यु भोज होने जा रहा है। आप उसे रोकने के लिए उन्हें किस प्रकार समझायेंगे?
उत्तर—हम पड़ोसियों को समझायेंगे कि मृत्यु भोज करना एक सामाजिक कुरीति और कोरा अंधविश्वास है, इसलिए ऐसी सामाजिक बुरााई को हमें आज के मँहगाई के जमाने में छोड़ देना चाहिए। मृत्यु भोज की जगह यदि सामर्थ्य है तो हमें उसके उपलक्ष्य में गरीबों और वृद्धों के लिए चलने वाली संस्थाओं में दान दे देना चाहिए।
प्रश्न 15. आपके पड़ोस में वृक्ष-कटााई हो रही है। आप उसे रोकने के लिए उन्हें किस प्रकार समझायेंगे?
उत्तर—लोगों को समझायेंगे कि हमें वृक्ष नहीं काटने चाहिए। पेड़ हमें ऑक्सीजन देते हैं जो हमारी प्राण वायु है। इसके साथ ही पेड़ वर्षा में सहायक होते हैं। पेड़ों से दवाइयाँ, हरियाली, छाया और लकड़ियाँ प्राप्त होती हैं जो हमारे जीवन के लिए उपयोगी होती हैं। इसलिए पेड़ काटने के बजाय हमें पेड़ लगाने चाहिए।
प्रश्न 16. आपके पड़ोस में बिजली की चोरी हो रही है। आप उसे रोकने के लिए उन्हें किस प्रकार समझायेंगे?
उत्तर—बिजली की चोरी करने वाले व्यक्ति को हम समझायेंगे कि अवैध रूप से बिजली की चोरी करना दण्डनीय अपराध है। ऐसा अनुचित करने से कभी भी तुम्हें करेंट लग सकता है। इससे तुम्हारी जान को भी खतरा हो सकता है। अच्छा यह रहेगा कि तुम विधिवत कनेक्शन करवाकर बिजली का उपयोग करना शुरू कर दो।
प्रश्न 17. स्वच्छता की शुरुआत आप कहाँ से और कैसे करेंगे?
उत्तर—स्वच्छता या साफ-सफाई की शुरुआत हम अपने घर से करेंगे। व्यक्ति जहाँ रहता है, बैठता है, खाता-पीता, सोता है, सबसे पहले उस स्थान को स्वच्छ रखना अति आवश्यक है। घर की साफ-सफाई करके कूड़ा-करकट, डस्टबिन में डालना चाहिए। हर दिन सरकार द्वारा चलाई गई नगर निगम की गाड़ी घर के सामने आती है उसमें घर का इकट्ठा कचरा फेंकना चाहिए।
प्रश्न 18. स्वच्छता बनाये रखने के क्या लाभ या हानि हैं?
उत्तर—स्वच्छता का सीधा सम्पर्क स्वास्थ्य से जुड़ा है। अगर हम अपने घर-बाहर, आस-पास की जगहों को साफ और शुद्ध रखेंगे तो हम और हमारा परिवार पूर्ण रूप से स्वस्थ रहेगा। स्वस्थ शरीर, स्वस्थ दिमाग का संचालन करता है। इसलिए व्यक्ति का विकास स्वस्थ दिमाग से संचालित होता है। इसी तरह प्रत्येक कड़ी जुड़ते हुए पहले घर, फिर समाज तथा उसके बाद देश की प्रगति व उन्नति सम्भव है।
प्रश्न 19. आपके मोहल्ले में लोग इधर-उधर कचरा फेंक देते हैं, उन्हें कैसे समझाएँगे?
उत्तर—हम लोगों को समझाएँगे कि इस तरह कहीं भी कचरा फेंकने से न केवल सड़क, मोहल्ला गंदा नजर आता है बल्कि बीमारियाँ भी फैलती हैं। सरकार द्वारा चलाये गए स्वच्छता अभियान के तहत घर-घर आने वाली कचरा-गाड़ी में ही कचरा फेंकना चाहिए, ताकि फेंका हुआ कचरा इधर-उधर न फैले और घर-मोहल्ला तथा आस-पास की जगह साफ-सुथरी रहे। व्यक्ति स्वस्थ रहें।
प्रश्न 20. आपके पड़ोस में कुछ लोग कन्या शिक्षा का विरोध कर रहे हैं, उन्हें आप किस प्रकार समझाएँगे?
उत्तर—हम कन्या शिक्षा का विरोध करने वाले व्यक्तियों को समझाएँगे कि शिक्षा सभी के लिए समान है। एक घर चलाने के लिए लड़का और लड़की का समान उत्तरदायित्व है तो फिर समान शिक्षा का उत्तरदायित्व या अधिकार क्यों नहीं है? पढ़ी-लिखी लड़की अपने परिवार-समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाती है। अपने बच्चों के भविष्य का सुनिर्माण करने में सहायक होती है। स्त्री परिवार की धुरी होती है इस भाँति समझाएँगे।
(ii) सड़क सुरक्षा सम्बन्धी प्रश्न
प्रश्न 1. सड़क सुरक्षा सप्ताह कब मनाया जाता है?
उत्तर—सड़क एवं राजमार्ग परिवहन मंत्रालय द्वारा 'सड़क सुरक्षा सप्ताह' (Road Safety Week) प्रतिवर्ष 11 जनवरी से 17 जनवरी तक मनाया जाता है। यह कार्यक्रम पूरे सप्ताह तक चलता है। जिसके माध्यम से नागरिकों को सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जाता है।
प्रश्न 2. सड़क सुरक्षा नियम से आप क्या समझते हैं?
उत्तर—सड़क यातायात सुरक्षा नियम एक प्रकार की विधि या उपाय है। जिससे सड़क दुर्घटना में लोगों को चोट लगने और उससे मौत होने वाली घटनाओं को कम करने का प्रयास किया जाता है। इसमें सड़क का उपयोग करने वाले सभी लोग जिनमें पैदल चलने वाले, साईकिल चालक, गाड़ी चालक या सार्वजनिक तथा निजी वाहनों का प्रयोग करने वाले सभी शामिल हैं।
प्रश्न 3. पैदल यात्री के लिए सड़क के कोई प्रमुख चार नियम बताइये।
उत्तर—पैदल यात्री के लिए सड़क के प्रमुख नियम निम्न हैं—
(1) दौड़कर या जल्दबाजी में सड़क पार न करें।
(2) खड़ी गाड़ियों के सामने से या बीच में से सड़क पार न करें।
(3) सड़क पार करते समय अंधा मोड़ या ऐसा मोड़ जहाँ से आने वाला वाहन चालक आपको देख न सके, ऐसे मोड़ से सड़क पार न करें।
(4) रेलिंग से कूदकर सड़क पार न करें।
प्रश्न 4. सड़क पर चलते समय आपके द्वारा अपनाई जाने वाली चार सावधानियाँ बताइए।
उत्तर—
(1) सड़क पर चलते समय हमेशा बायीं ओर चलना चाहिए।
(2) सड़क पर लगे यातायात चिह्नों के निर्देशानुसार चलना चाहिए।
(3) सड़क पार करने में पूरी सावधानी रखनी चाहिए तथा (4) जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करना चाहिए।
प्रश्न 5. सड़क पार करते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर—
(1) सड़क पार करते समय सदा जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करना चाहिए। (2) पहले दाएँ तथा फिर बाएँ देखकर सड़क पार करनी चाहिए। (3) चौराहों पर लाल-हरी बत्ती का पूरा ध्यान रखकर ही सड़क पार करनी चाहिए।
प्रश्न 6. जेब्रा क्रॉसिंग किसे कहते हैं? यह क्यों बनाया जाता है?
उत्तर—सड़क पर बनी सफेद और काली-पीली धारी वाली पट्टी को जेब्रा क्रॉसिंग कहते हैं। इसे चौराहों या तिराहों के आसपास इसलिए बनाया जाता है ताकि पैदल यात्री इससे सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकें।
प्रश्न 7. 'बस लेन' से क्या तात्पर्य है? यह क्यों बनाया जाता है?
उत्तर—'बस लेन' का आशय सड़क का वह भाग है जिस पर केवल बसों का आवागमन निर्धारित रहता है। 'बस लेन' भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सार्वजनिक परिवहन की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए बनाया जाता है। इस लेन पर अन्य भारी वाहन चलाने की अनुमति नहीं रहती है।
प्रश्न 8. सड़क सुरक्षा की दृष्टि से वाहन चालक के चार कर्त्तव्य बताइए।
उत्तर—सड़क सुरक्षा की दृष्टि से वाहन चालक के चार कर्त्तव्य हैं—
(1) शराब पीकर या नशे में गाड़ी नहीं चलानी चाहिए।
(2) गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बातें नहीं करनी चाहिए।
(3) यातायात के चिह्नों का पूरा पालन करना चाहिए तथा
(4) वाहन की गति सीमा पर नियंत्रण रखना चाहिए।
284 संजीब आल इन वन
प्रश्न 9. सड़क दुर्घटनाएँ वाहन चालकों की किन गलतियों से होती हैं? प्रमुख पाँच गलतियाँ बताइए।
उत्तर-सड़क दुर्घटनाएँ प्रायः इन गलतियों से होती हैं - (1) निर्धारित गति से अधिक तेज वाहन चलाना, (2) यातायात संकेतों का उल्लंघन करना, (3) नशीले पदार्थों का सेवन कर वाहन चलाना, (4) गलत ओवरटेकिंग करना तथा (5) थकान होने पर भी वाहन चलाना।
प्रश्न 10. चौराहे को पार करते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
उत्तर-चौराहे को पार करते समय सदा जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करना चाहिए। जेब्रा क्रॉसिंग की हरी बत्ती हो तभी उसे पार करना चाहिए। दायें एवं बाये का पूरा ध्यान रखकर ही कदम बढ़ाने चाहिए। अधिक भीड़ वाले स्थानों पर पूरी सावधानी रखनी चाहिए।
प्रश्न 11. कार आदि छोटे वाहनों को चलाते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
उत्तर-(1) कार आदि छोटे वाहनों को निर्धारित गति में ही चलाना चाहिए। (2) सदा अपनी ही लेन में चलाना चाहिए, ओवरटेक नहीं करना चाहिए। (3) लेन बदलते समय इंडिकेटर का प्रयोग करना चाहिए। (4) लाल बत्ती का उल्लंघन कदापि नहीं करना चाहिए। (5) वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग नहीं करना चाहिए।
प्रश्न 12. सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित किन उपकरणों की सभी को जानकारी होनी चाहिए?
उत्तर-लोगों को सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित उपकरणों, जैसे—हेलमेट, सीट बेल्ट, गाड़ी की स्पीड नापने की मशीन, श्वास द्वारा शराब की मात्रा जाँचने की मशीन, रेड स्पीड कैमरा, रिफ्लेक्टर तथा इंटरसेप्टर के विषय में जानकारी होनी चाहिए।
प्रश्न 13. यातायात के नियमों का पालन करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर-यातायात नियमों का पालन करके सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। यातायात के नियमों के पालन के अभाव में किसी की भी जान जा सकती है जिसका खामियाजा परिवार के लोगों को भुगतना पड़ सकता है। इसके साथ ही यातायात के नियमों का पालन करने से ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पायी जा सकती है।
प्रश्न 14. सड़क दुर्घटना के प्रमुख कारण क्या हैं? लिखिए।
उत्तर-सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण निम्न प्रकार हैं - (i) गाड़ी चलाते समय सतर्क न रहना, रेडियो सुनना, मोबाइल फोन पर बात करना या अपने साथियों से बातें करना।
(ii) गाड़ी में सामने और दाएँ-बाएँ लगे शीशों का उपयोग न करना।
(iii) बिना लाइसेंस प्राप्त किये गाड़ी चलाना।
(iv) गाड़ी को तेज गति से चलाना।
(v) लापरवाही से गाड़ी चलाना।
प्रश्न 15. आप रास्ते से जा रहे हैं तभी किसी व्यक्ति की दुर्घटना हो जाती है, आप उस दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को क्या प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध करायेंगे?
उत्तर-प्राथमिक चिकित्सा निम्न प्रकार हैं -
(1) दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तत्काल दुर्घटना स्थल से दूर करना चाहिए। (2) जहाँ तक हो सके घायल के शरीर पर कसे कपड़े कुछ ढीले कर देंगे। (3) यदि रक्तस्राव हो रहा हो तो सबसे पहले उसे रोकने का प्रबन्ध करेंगे। (4) यदि हड्डी टूटी हो तो उस स्थान पर गद्दी लगाकर खपच्ची बाँधेंगे। (5) एम्बुलेंस को सूचित करेंगे।
प्रश्न 16. स्कूल बस/वैन से घर लौटते समय सुरक्षा के लिए कौन-कौन सी सावधानियाँ रखनी चाहिए?
उत्तर-(1) छोटे बच्चों को पहले चढ़ने का मौका देना चाहिए। (2) रास्ते में बच्चों को बस/वैन से सिर या हाथ बाहर नहीं निकालना चाहिए। (3) हमेशा विद्यार्थी को बस/वैन की पूरी तरह से रुकने पर ही उतरना चाहिए। (4) छोटे बच्चों को बस/वैन सहायक द्वारा चढ़ने-उतरने में सहायता करनी चाहिए।
प्रश्न 17. सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित आपके क्या कर्त्तव्य हो सकते हैं, कोई चार कर्त्तव्य लिखिए।
उत्तर-सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित हमारे चार कर्त्तव्य निम्न प्रकार हैं-
(1) सड़क पर दुर्घटना होने पर दुर्घटना में घायलों की सहायता करना। (2) लोगों को गलत जगह पर गाड़ी पार्क करना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बातें करना आदि के दुष्परिणामों से अवगत कराना। (3) सड़क पर क्रोध का प्रदर्शन तथा लोगों के साथ दुर्व्यवहार न करना। (4) जब तक गाड़ी चलाने का लाइसेंस न मिले, गाड़ी न चलाना।
प्रश्न 18. गाड़ी चलाते समय सीट की पेटी बाँधना अनिवार्य क्यों है तथा गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन पर बातें क्यों नहीं करनी चाहिए?
उत्तर-सीट की पेटी बाँधने से गाड़ी चालक और सामने बैठने वाला व्यक्ति दोनों सुरक्षित रहते हैं। अतः सीट की पेटी बाँधना अनिवार्य है। गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन पर बातें करने से चालक का ध्यान बँट जाता है। दुर्घटना हो सकती है। अतः वाहन चलाते समय मोबाइल पर बातें नहीं करनी चाहिए।
प्रश्न 19. सड़क पर फैले धूम-कोहरे से दृश्यता कम हो जाती है। इस स्थिति में वाहन चालक को कौन-कौनसी सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
उत्तर—(1) धूम-कोहरे में हमेशा धीमी गति से ही वाहन चलाना चाहिए। (2) धूम-कोहरे के समय वाहन की हैडलाइट को ऑन करके लो बीम मोड पर रखनी चाहिए। इसके साथ ही फॉग लैम्प और पार्किंग लाइट को ऑन रखना चाहिए। (3) धूम-कोहरे में वाहनों के बीच न्यूनतम सुरक्षित दूरी बनाए रखना चाहिए।
प्रश्न 20. सड़क सुरक्षा के कोई चार प्रमुख चिह्न बनाकर उनके अर्थ लिखिये।
उत्तर—सड़क सुरक्षा के चार चिह्न व उनके अर्थ-

ओवरटेक निषेध

पैदल पारपथ
(जेब्रा क्रॉसिंग)
(iii) स्वच्छता सम्बन्धी प्रश्न
प्रश्न 1. 'स्वच्छ भारत अभियान' की टैग लाइन या स्लोगन क्या है?
उत्तर—'स्वच्छता ही सेवा है, गन्दगी जानलेवा है। हर नागरिक का हो ये सपना, स्वच्छ हो सम्पूर्ण भारत अपना।'
प्रश्न 2. 'स्वच्छ भारत अभियान' का लोगो क्या है?
उत्तर—'स्वच्छ भारत अभियान' के लोगो में महात्मा गाँधी के चश्मे के दोनों शीशों पर स्वच्छ भारत लिखा हुआ है। इन शीशों को जोड़ने वाले हिस्से पर राष्ट्रीय तिरंगे को दर्शाया गया है। यह लोगो इस बात की ओर संकेत करता है कि पूरा देश गाँधी के स्वच्छ भारत सपने को साकार करने को एकजुट है।
प्रश्न 3. आपके ग्राम में 'स्वच्छ भारत मिशन' का क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर—हमारे ग्राम में 'स्वच्छ भारत मिशन' का यह प्रभाव पड़ा कि सब घरों में शौचालय बन गये हैं। सड़कों एवं नालियों की सफाई पर सबका ध्यान रहता है। गाँव के
पेयजल के स्रोत स्वच्छ रखे जा रहे हैं और सभी लोग स्वच्छता का महत्व समझने लगे हैं। अब नब्बे प्रतिशत गाँव खुला-शौच मुक्त हो गये हैं।
प्रश्न 4. स्वच्छता बनाये रखने के लिए हमें क्या करना चाहिए?
उत्तर—स्वच्छता बनाये रखने के लिए हमें घर से लेकर सार्वजनिक स्थानों तक सर्वत्र स्वच्छ रखना चाहिए। कूड़ा-कचरा नहीं फैलाना चाहिए तथा लोगों को खुले में मल-मूत्र त्याग करने से रोकना चाहिए। आपसी सहयोग से वातावरण को स्वच्छ रखने का प्रयास करना चाहिए तथा स्वच्छता का महत्त्व समझना चाहिए।
प्रश्न 5. अपने विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने के लिए कोई चार उपाय लिखिए।
उत्तर—(1) विद्यालय परिसर में पेयजल को स्वच्छ बनाये रखना चाहिए। (2) विद्यालय में बने शौचालय व मूत्रालय की नियमित सफाई होनी चाहिए। (3) विद्यालय परिसर में कहीं पर भी थूकना, गन्दगी बिखेरना आदि पर पूरी रोक लगानी चाहिए तथा (4) सारे परिसर की स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।
प्रश्न 6. स्वच्छता रखने से क्या लाभ है? संक्षेप में लिखिए।
उत्तर—घरों के आस-पास, सड़कों, नालियों, पोखरों या जल स्रोतों आदि में स्वच्छता रखने से सारा वातावरण स्वच्छ रहता है। इससे रोगाणु नहीं पनपते हैं, अनेक संक्रामक रोग नहीं फैलते हैं, जल और वायु में शुद्धता रहती है। इससे सभी के स्वास्थ्य का स्तर उत्तम बन जाता है।
प्रश्न 7. मानव के लिए स्वच्छता क्यों आवश्यक है? बताइए।
उत्तर—स्वच्छ वातावरण में ही स्वस्थ शरीर एवं स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। स्वच्छता रखने से न तो बीमारियाँ बढ़ती हैं, न पेयजल और खाद्य पदार्थ दूषित होते हैं और न पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे मानव-जीवन सुखमय बनता है। अतः मानव के लिए स्वच्छता सब तरह से आवश्यक है।
प्रश्न 8. खुला शौच-मुक्त से क्या आशय है?
उत्तर—गाँवों, ढाणियों तथा कच्ची बस्तियों में लोग मल-मूत्र का त्याग खुले में करते हैं। इससे वहाँ पर गन्दगी रहती है तथा पेयजल, वायु एवं भूमि भी दूषित रहती है। खुला शौच-मुक्त का आशय लोगों को खुले में मल-मूत्र त्यागने से रोकना और इसके लिए शौचालय के उपयोग पर जोर देना है।
प्रश्न 9. 'स्वच्छ भारत अभियान' किस दृष्टि से प्रारम्भ किया गया है?
उत्तर—हमारे देश में स्वच्छता के प्रति पूरी जागरूकता नहीं है। इस कारण देश के अनेक क्षेत्रों में गन्दगी का फैलाव
दिखाई देता है। मल-मूत्र का त्याग भी खुले में किया जाता है। इस बुरी प्रवृत्ति से पर्यावरण दूषित होता है। अतः सारे भारत में स्वच्छता रहे, खुला शौच पर रोक लगे, इस आशय से 'स्वच्छ भारत अभियान' प्रारम्भ किया गया है।
प्रश्न 10. अस्वच्छता किस प्रकार देश के लिए नुकसान का कारण बनती है?
उत्तर-अस्वच्छता निम्न प्रकार से देश के लिए नुकसान का कारण बनती है-
(1) यदि किसी देश का नागरिक स्वच्छता के अभाव में अस्वस्थ हो जाता है। उसके स्वास्थ्य लाभ के लिए सरकार को उस पर धन खर्च करना पड़ता है। वह धन देश के विकास-कार्यॊं की जगह उस पर खर्च हो जाता है।
(2) अस्वच्छता के कारण अस्वस्थ हुआ व्यक्ति जब अपने कार्य को करने में सक्षम नहीं होता तो इससे देश के विकास को हानि पहुँचती है।
प्रश्न 11. 'स्वच्छ भारत मिशन' के क्या उद्देश्य हैं?
उत्तर-'स्वच्छ भारत मिशन' के मुख्य रूप से निम्नलिखित उद्देश्य हैं-
(1) भारत में खुले में शौच की प्रवृत्ति की पूर्ण समाप्ति।
(2) अस्वास्थ्यकर शौचालयों को नहाने वाले शौचालयों में परिवर्तित करना।
(3) हाथों से मल-सफाई व्यवस्था को जड़ से समाप्त करना।
(4) ठोस कचरे का पुनः प्रयोग और पुनः चक्रण का प्रबन्धन करना।
प्रश्न 12. स्वच्छता के लिए विद्यार्थी के रूप में आप क्या प्रयास करेंगे?
उत्तर-(1) हम अपने आस-पास के लोगों को प्रेरित करेंगे कि वे गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके ढक्कनदार कचरा पात्र में ही रखें और कचरा ले जाने वाले वाहन के आने पर उसमें डालें।
(2) रसोई के खाद्य अपशिष्ट को सीधे गाय, भैंस या दूसरे जानवरों के खाने वाले पात्र में डालें, इधर-उधर न डालें।
प्रश्न 13. सामान्यतः कचरा पात्र (डस्ट-बिन) कितने रंगों के होते हैं? उनमें कौनसा कचरा डालना चाहिए?
उत्तर-सामान्यतः कचरा पात्र तीन रंगों के होते हैं-
(1) हरा डस्टबिन (2) नीला डस्टबिन (3) लाल डस्टबिन।
(1) हरा डस्टबिन-पत्ते, सूखे फल-सब्जी, बचा हुआ खाना जैसे सामान डाल सकते हैं।
(2) नीला डस्टबिन-प्लास्टिक बैग, जूस की बोतल, टूटा हुआ प्लास्टिक का सामान आदि डाल सकते हैं।
(3) लाल डस्टबिन-टॉर्च के सेल, पुरानी दवा, इस्तेमाल की गई सुई आदि डाल सकते हैं।
प्रश्न 14. स्वच्छता नहीं रखने से बीमारियाँ कैसे फैलती हैं? कोई दो कारण बताइये।
उत्तर-(1) खुले में शौच करने से मल पर मक्खियाँ बैठती हैं। वही मक्खियाँ जब भोजन पर बैठती हैं तो वे अपने साथ मल से लाए कीटाणुओं से भोजन को दूषित कर देती हैं। ऐसे भोजन के सेवन से कीटाणु शरीर में कर जाते हैं।
(2) पानी के स्रोत के निकट शौच जाने से पानी प्रदूषित हो जाता है और ऐसे पानी के सेवन से कीटाणु शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
प्रश्न 15. स्वच्छता अभियान से कौनसे लाभ होंगे?
उत्तर-राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान से सबसे बड़ा लाभ स्वास्थ्य के क्षेत्र में रहेगा। आम जनों को बीमारियों से मुक्ति मिलेगी, दवाओं पर व्यय व्यय नहीं करना पड़ेगा। प्रदूषण का स्तर एकदम घट जायेगा और जल-मल के उचित निस्तारण से पेयजल भी शुद्ध बना रहेगा।
प्रश्न 16. स्वच्छता के लिए विद्यार्थियों को क्या-क्या प्रयास करने चाहिए? लिखिए।
उत्तर-(1) विद्यार्थी स्वयं के शरीर की सफाई रखें, इसके लिए नित्य स्नान करें, साफ कपड़े पहनें।
(2) शौच के उपरान्त हाथों को साबुन से धोएँ।
(3) अपने नाखूनों को काटें जिससे उनमें गन्दगी न रहे।
(4) हमेशा खाना खाने से पहले हाथ धो लेना चाहिए।
(5) बाजार की खुली चीजें खरीद कर कभी भी नहीं खानी चाहिए।
(6) कच्ची सब्जी व फलों को हमेशा अच्छी तरह धोकर ही खाना चाहिए।
प्रश्न 17. "सड़क को स्वच्छ रखना हमारा कर्त्तव्य है।" कैसे? लिखिए।
उत्तर-सड़क को स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है। सड़क पर मोटर-गाड़ी, मनुष्यों का पैदल चलना, घोड़ा-गाड़ी, बैलगाड़ी का चलना सभी होता है। सड़क के किनारे लोग सामान बेचते हैं। व्यक्ति का किसी न किसी काम से सड़क पर जाना ही होता है इसलिए स्वास्थ्य की दृष्टि से सभी के लिए सड़क की साफ-सफाई व्यक्ति का मूल कर्त्तव्य है। सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों में सड़क की साफ-सफाई रोज होती है।
प्रश्न 18. 'स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत' पर चार पंक्तियाँ लिखिए।
उत्तर-'स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत' एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है। इसके अन्तर्गत शौचालयों का निर्माण, गलियों व सड़कों की सफाई की जाती है। घर-घर कचरा संग्रहण हेतु प्रयास किये जाते हैं। गली, मोहल्ला, गाँव, नगर, चौपाल को स्वच्छ रखना तथा देश को बीमारियों से मुक्त एवं स्वस्थ रखना ही इसका प्रमुख उद्देश्य है।
हिन्दी—कक्षा-8