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RBSE Class 8 Hindi Chapter 9 Solutions & Notes in Hindi

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-09📖 RBSE/NCERT Solutions
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भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल

राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 हिन्दी — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।

पाठ 9 - जहाँ पहिया है

भाग 1: समाधान (पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर)

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

जंजीरें-

प्रश्न 1. "............. उन जंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकड़े हुए हैं, कोई न कोई तरीका लोग निकाल ही लेते हैं.............।"

आपके विचार से लेखक 'जंजीरों' द्वारा किन समस्याओं की ओर इशारा कर रहा है?

उत्तर- लेखक ने उन समस्याओं की ओर इशारा किया है जिनमें महिलाएँ पुरुषों द्वारा थोपे गये दायरे के अन्तर्गत रोजमर्रा की घिसी-पिटी जिन्दगी जीने को विवश रहती हैं। वे अपना स्वतन्त्र निर्णय नहीं ले पातीं। उदाहरण के लिए, तमिलनाडु के जिला पुदुकोट्टई में महिलाएँ रूढ़िवादिता, पिछड़ेपन के कारण बन्धनपूर्ण जीवन बिता रही थीं। इन्हीं बन्धनों को लेखक ने जंजीरें माना है।

प्रश्न 2. क्या आप लेखक की इस बात से सहमत हैं? अपने उत्तर का कारण भी बताइए।

उत्तर- "उन जंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकड़े हुए हैं, कोई न कोई तरीका लोग निकाल लेते हैं।" लेखक के इस कथन से हम पूरी तरह सहमत हैं। इसका कारण यह है कि तमिलनाडु का पुदुकोट्टई जो अत्यन्त पिछड़ा जिला है, वहाँ की महिलाएँ रूढ़िवादिता व पुरुष-प्रधान समाज की जंजीरों से जकड़ी हुई थीं, लेकिन साइकिल चलाने से उनके जीवन में इतना परिवर्तन आया कि उनका जीवन ही बदल गया। उनमें आत्म-सम्مان की भावना जाग्रत हुई जिससे वे अपने जीवन से जुड़े सभी कार्य आत्मनिर्भर होकर आसानी से करने लगीं। साइकिल चलाना उनकी आजादी का प्रतीक बन गया।

पहिया-

प्रश्न 1. 'साइकिल आन्दोलन' से पुदुकोट्टई की महिलाओं के जीवन में कौन-कौन से बदलाव आए हैं?

उत्तर- 'साइकिल आन्दोलन' से पुदुकोट्टई की महिलाओं में ये बदलाव आये हैं-

(1) वहाँ की स्त्रियों में आत्म-सम्मान की भावना जाग्रत हुई।

(2) वे रूढ़िवादिता व पुरुषों द्वारा थोपे गए रोजमर्रा के घिसे-पिটে दायरे से बाहर निकल सकें।

(3) साइकिल चलाना सीखने से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मौका मिला। अब उन्हें कहीं भी जाने हेतु किसी के सहारे की आवश्यकता नहीं रही।

(ग) 1800 (घ) 1000
(क) फातिमा (ख) मनोरमनी
(ग) जमीला बीवी (घ) अवकन्नी

प्रश्न 14. इनमें से महिलाओं का कौन-सा वर्ग साइकिल का प्रशंसक नहीं था?

(क) अध्यापिकाएँ (ख) महिला खेतिहर-मजदूर
(ग) पत्थर खदान की मजदूर
(घ) रूढ़िवाद का विरोध न करने वाली

प्रश्न 15. आपके विचार से लेखक 'जंजीरों' द्वारा किन समस्याओं की ओर इशारा कर रहा है?

(क) सामाजिक मान्यताएँ (ख) गलत सामाजिक मान्यताएँ
(ग) बाँधने वाली साંકल (घ) प्रतिबन्ध

उत्तर-1. (ख) 2. (क) 3. (ख) 4. (ख) 5. (ग) 6. (घ) 7. (ग) 8. (क) 9. (घ) 10. (ख) 11. (ख) 12. (क) 13. (ख) 14. (घ) 15. (ख)।

रिक्त स्थानों की पूर्ति-

प्रश्न 16. रिक्त स्थानों की पूर्ति कोष्ठक में दिए गये सही शब्दों से कीजिए—

(i) साइकिल चलाना एक सामाजिक ............... है। (परम्परा/आन्दोलन)

(ii) साइकिल ............... से महिलाओं के अन्दर आत्मसम्मान की भावना पैदा हुई। (शिक्षण/प्रशिक्षण)

(iii) साइकिल प्रशिक्षण शिविर देखना एक असाधारण ............... है। (अनुभव/दृश्य)

(iv) यहाँ जो साइकिल चलाना जानते हैं, उनकी गतिशीलता ............... जाती है। (बढ़/घट)

उत्तर-(i) आन्दोलन (ii) प्रशिक्षण (iii) अनुभव (iv) बढ़।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 17. जमीला बीवी ने क्या चलाना शुरू किया था?

उत्तर- जमीला बीबी ने साइकिल चलाना शुरू किया था।

प्रश्न 18. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कब मनाया गया?

उत्तर- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च, 1992 को मनाया गया।

प्रश्न 19. गाँव की महिलाओं की साइकिल की तुलना किससे की गई है?

उत्तर- गाँव की महिलाओं की साइकिल की तुलना हवाई जहाज से की गई है।

प्रश्न 20. साइकिल सीखने वाली महिलाएँ रविवार को कहाँ एकत्र हुईं थीं?

उत्तर- साइकिल सीखने वाली महिलाएँ रविवार को किलाकुरूचि गाँव में एकत्र हुईं थीं।

प्रश्न 21. फातिमा ने साइकिल चलाने के सम्बन्ध में क्या कहा?

उत्तर- साइकिल चलाने से आत्मविश्वास बढ़ता है।

प्रश्न 22. साइकिल आन्दोलन के सम्बन्ध में एक अगुआ के क्या विचार थे?

उत्तर- कि अब महिलाएँ पुरुषों पर निर्भर नहीं रहीं।

प्रश्न 23. 'पुडुकोट्टई' भारत के किस राज्य में है?

उत्तर- पुडुकोट्टई भारत के तमिलनाडु राज्य में है।

प्रश्न 24. पुडुकोट्टई जिले में साइकिल चलाना किनके लिए आम बात है?

उत्तर- पुडुकोट्टई जिले में हजारों नवसाक्षर ग्रामीण महिलाओं के लिए साइकिल चलाना आम बात है।

प्रश्न 25. प्रदर्शन एवं प्रतियोगिता जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में कितनी महिलाओं ने भाग लिया?

उत्तर- सत्तर हजार से भी अधिक महिलाओं ने सार्वजनिक प्रतियोगिता में भाग लिया।

प्रश्न 26. जिले में किस कार्य हेतु प्रशिक्षण शिविर चल रहे थे?

उत्तर- साइकिल सीखने-सिखाने हेतु प्रशिक्षण शिविर चल रहे थे।

प्रश्न 27. साइकिल आन्दोलन में कहाँ की महिलाओं ने भाग लिया?

उत्तर- साइकिल आन्दोलन में पुडुकोट्टई (तमिलनाडु) की महिलाओं ने भाग लिया।

लघूत्तरात्मक प्रश्न–

प्रश्न 28. साइकिल चलाना सीखते ही कैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और क्यों?

उत्तर- महिलाओं के साइकिल चलाना सीखते ही 'प्रदर्शन और प्रतियोगिता' जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिससे दूसरी महिलाओं में भी वैसी इच्छा जागृत हो।

प्रश्न 29. साइकिल चलाना किसका प्रतीक बन गया?

उत्तर- साइकिल चलाना महिलाओं की व्यक्तिगत आजादी का प्रतीक बन गया। इससे उन्हें पूर्ण स्वतन्त्रता मिल गयी। वे कहीं भी किसी भी समय बन्धनमुक्त होकर आ-जा सकती हैं।

प्रश्न 30. ग्रामीण महिलाओं ने साइकिल चलाना क्यों चुना?

उत्तर- ग्रामीण महिलाओं ने अपनी स्वाधीनता और गतिशीलता की अभिव्यक्ति के रूप में साइकिल चलाना चुना ताकि अपनी जिन्दगी के परम्परागत दरें को बदल सके।

प्रश्न 31. साइकिल को विनम्र सवारी क्यों कहा गया है?

उत्तर- पुडुकोट्टई की ग्रामीण महिलाओं को साइकिल चलाने पर प्राप्त अनुभव आजादी एवं आत्मसम्मान की भावना से भर देता था। महिलाएँ साइकिल किराये पर लेकर चलाती थीं। साइकिल के प्रति ऐसा लगावक नजरिया लेखक ने पहले कभी महसूस नहीं किया था। इसलिए लेखक ने साइकिल को विनम्र सवारी कहा।

प्रश्न 32. लेखक को अपनी कौन-सी सोच मूर्खतापूर्ण लगी?

उत्तर- लेखक ने सोचा था कि महिलाएँ साइकिल चलाना सीखकर कुछ पैसे ही तो कमाती होंगी लेकिन जब उसने उनकी आजादी सम्बन्धी बात सुनी तब उसे अपनी सोच मूर्खतापूर्ण लगी।

प्रश्न 33. साइकिल चलाने के कोई दो लाभ लिखिए।

उत्तर- (1) साइकिल चलाने से आत्मनिर्भरता आती है।

(2) इससे शरीर स्वस्थ रहता है तथा समय की बचत भी होती है।

निबन्धात्मक प्रश्न–

प्रश्न 34. महिलाओं द्वारा साइकिल चलाने को सामाजिक स्वीकृति कैसे मिली?

उत्तर- शुरू-शुरू में जब ग्रामीण महिलाओं ने साइकिल चलाना शुरू किया तो लोगों ने उन पर गंदी-गंदी टिप्पणियाँ कसें, क्योंकि पुडुकोट्टई की पृष्ठभूमि रूढ़िवादि विचारधाराओं व पिछड़ेपन के भाव से पूरित थी। फिर भी यहाँ की महिलाएँ साइकिल चलाने हेतु दृढ़ रहीं। उन्होंने किसी के कुछ भी कहने की परवाह नहीं की। इसीलिए धीरे-धीरे साइकिल चलाने को सामाजिक स्वीकृति मिली।

गद्यांश पर आधारित प्रश्न–

निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर लिखिए–

(1)

भारत के सर्वाधिक गरीब जिलों में से एक है पुडुकोट्टई। पिछले दिनों यहाँ की ग्रामीण महिलाओं ने अपनी

"साइकिल चलाने से मेरी कौनसी कमाई होती है। मैं तो पैसे ही गँवाती हूँ। मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं साइकिल खरीद सकूँ। लेकिन हर शाम मैं किराए पर साइकिल लेती हूँ ताकि मैं आजादी और खुशहाली का अनुभव कर सकूँ।" पुडुकोट्टई पहुँचने से पहले मैंने इस विनम्र सवारी के बारे में कभी इस तरह सोचा ही नहीं था।

प्रश्न-(क) साइकिल प्रशिक्षण से महिलाओं की मानसिकता में क्या परिवर्तन आया?

(ख) फातिमा साइकिल चलाकर क्या अनुभव करती थी?

(ग) लेखक ने कभी भी क्या नहीं सोचा था?

(घ) निम्नलिखित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द गद्यांश में से ढूँढकर लिखिए-

(i) कठोर (ii) बदहाली।

उत्तर—(क) साइकिल प्रशिक्षण से पुडुकोट्टई की महिलाओं की मानसिकता में आत्मसम्मान की भावना उत्पन्न हुई, उनका आर्थिक स्तर सुधरा।

(ख) फातिमा किराए पर साइकिल लेकर चलाती थी, उससे वह आजादी और खुशहाली का अनुभव करती थी।

(ग) लेखक ने कभी भी यह नहीं सोचा था कि साइकिल जैसी साधारण सवारी भी ग्रामीण महिलाओं के जीवन में इतना बड़ा बदलाव ला सकती है, उनके लिए आजादी का प्रतीक बन सकती है।

(घ) (i) विनम्र (ii) खुशहाली।