📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल
राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 गणित — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
पाठगत प्रश्न
पृष्ठ 2
प्रश्न 1. प्राकृत संख्याओं के लिए सभी चार संक्रियाओं के अन्तर्गत संवृत गुण की जाँच कीजिए।
उत्तर—(1) योग संक्रिया—प्राकृत संख्याएँ योग संक्रिया के अन्तर्गत संवृत हैं अर्थात् और दो प्राकृत संख्याएँ हैं, तो भी प्राकृत संख्या होगी।
उदाहरण द्वारा जाँच—
| प्राकृत संख्या | प्राकृत संख्या | योग | प्राकृत संख्या है अथवा नहीं |
|---|---|---|---|
| 3 | 2 | हाँ | |
| 9 | 7 | हाँ | |
| 11 | 13 | हाँ | |
| 25 | 28 | हाँ |
(2) व्यवकलन संक्रिया-प्राकृत संख्याएँ व्यवकलन संक्रिया के अन्तर्गत संवृत नहीं हैं। यदि और दो प्राकृत संख्याएँ हैं, तो होने पर एक प्राकृत संख्या होगी किन्तु अथवा होने पर प्राप्त संख्या प्राकृत संख्या नहीं होगी।
उदाहरण द्वारा जाँच-
| प्राकृत संख्या | प्राकृत संख्या | व्यवकलन | प्राकृत संख्या है अथवा नहीं |
|---|---|---|---|
| 3 | 2 | हाँ | |
| 9 | 7 | हाँ | |
| 11 | 11 | नहीं | |
| 25 | 28 | नहीं |
(3) गुणन संक्रिया-प्राकृत संख्याएँ गुणन संक्रिया के अन्तर्गत संवृत हैं अर्थात् और दो प्राकृत संख्याएँ हैं, तो उनका गुणनफल भी प्राकृत संख्या होगी।
उदाहरण द्वारा जाँच-
| प्राकृत संख्या | प्राकृत संख्या | गुणनफल | प्राकृत संख्या है अथवा नहीं |
|---|---|---|---|
| 3 | 2 | हाँ | |
| 9 | 7 | हाँ | |
| 11 | 13 | हाँ | |
| 28 | 1 | हाँ |
(4) भाग संक्रिया-प्राकृत संख्याएँ भाग संक्रिया के अन्तर्गत संवृत नहीं हैं।
उदाहरण द्वारा जाँच-
| प्राकृत संख्या | प्राकृत संख्या | भागफल | प्राकृत संख्या है अथवा नहीं |
|---|---|---|---|
| 3 | 3 | हाँ | |
| 9 | 3 | हाँ | |
| 11 | 3 | नहीं | |
| 3 | 12 | नहीं |
पृष्ठ 5 | प्रयास कीजिए
प्रश्न-निम्नलिखित सारणी में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
| संख्याएँ | अन्तर्गत संवृत हैं | |||
|---|---|---|---|---|
| योग के | व्यवकलन के | गुणन के | भाग के | |
| परिमेय संख्याएँ | हाँ | हाँ | ...... | नहीं |
| पूर्णांक | ...... | हाँ | ...... | नहीं |
| पूर्ण संख्याएँ | ...... | ...... | हाँ | ...... |
| प्राकृत संख्याएँ | ...... | नहीं | ...... | ...... |
हल-
| संख्याएँ | अन्तर्गत संवृत हैं | |||
|---|---|---|---|---|
| योग के | व्यवकलन के | गुणन के | भाग के | |
| परिमेय संख्याएँ | हाँ | हाँ | हाँ | नहीं |
| पूर्णांक | हाँ | हाँ | हाँ | नहीं |
| पूर्ण संख्याएँ | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
| प्राकृत संख्याएँ | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
क्रम विनिमेयता
प्रश्न 1. निम्नलिखित सारणी के रिक्त स्थानों को भरते हुए विभिन्न संक्रियाओं के अन्तर्गत पूर्ण संख्याओं की क्रम विनिमेयता का स्मरण कीजिए-
| संक्रिया | संख्याएँ | टिप्पणी |
|---|---|---|
| योग | किन्हीं दो पूर्ण संख्याओं तथा के लिए |
योग क्रम विनिमेय है |
| व्यवकलन (घटाना) | .................... | व्यवकलन क्रम विनिमेय नहीं है। |
| गुणन | .................... | गुणन क्रम विनिमेय है। |
| भाग | .................... | भाग क्रम विनिमेय नहीं है। |
556
जाँच कीजिए कि क्या प्राकृत संख्याओं के लिए भी ये संक्रियाएँ क्रम विनिमय हैं।
हल -
| संक्रिया | संख्याएँ | टिप्पणी |
|---|---|---|
| योग | किन्हीं दो पूर्ण संख्याओं तथा के लिए |
योग क्रम विनिमय है। |
| व्यवकलन (घटाना) | लेकिन संभव नहीं है। , लेकिन संभव नहीं है। दो पूर्ण संख्याओं और के लिए यदि , तो एक पूर्ण संख्या है, लेकिन संभव नहीं है। यदि , तो एक पूर्ण संख्या है, लेकिन संभव नहीं है। |
व्यवकलन क्रम विनिमय नहीं है। |
| गुणन | , किन्हीं दो पूर्ण संख्याओं और के लिए |
गुणन क्रम विनिमय है। |
| भाग | , लेकिन संभव नहीं है। , लेकिन संभव नहीं है। दो पूर्ण संख्याओं और के लिए , आवश्यक नहीं कि एक पूर्ण संख्या हो और (जब तक ) |
भाग क्रम विनिमय नहीं है। |
प्राकृत संख्याओं के लिए क्रम विनिमयता की जाँच-
(1) योग में- यदि और कोई दो प्राकृत संख्याएँ हैं, तो (योग में क्रम विनिमयता है।)
जाँच- इस गुण की जाँच के लिए कुछ प्राकृत संख्याओं के युग्म लेकर उन्हें भिन्न-भिन्न क्रम में जोड़ने पर-
| एक प्राकृत संख्या | अन्य प्राकृत संख्या | क्या ? (क्रम विनिमयता) | ||
|---|---|---|---|---|
| 6 | 8 | हाँ | ||
| 11 | 23 | हाँ | ||
| 63 | 4 | हाँ | ||
| 10 | 15 | हाँ |
(2) व्यवकलन में- प्राकृत संख्याओं के व्यवकलन में क्रम विनिमयता नहीं होती है अर्थात् यदि और दो प्राकृत संख्याएँ हैं, तो सामान्यतः ।
हम जानते हैं कि , लेकिन संभव नहीं है। इसी प्रकार , लेकिन संभव नहीं है।
(3) गुणन में- यदि और कोई दो प्राकृत संख्याएँ हैं, तो (गुणन में क्रम विनिमयता है।)
जाँच- इस गुणन की जाँच के लिए प्राकृत संख्याओं के कुछ युग्म लेकर उन्हें भिन्न-भिन्न क्रम में नियमानुसार गुणन करेंगे-
| एक प्राकृत संख्या | अन्य प्राकृत संख्या | क्या ? (क्रम विनिमयता) | ||
|---|---|---|---|---|
| 6 | 7 | हाँ | ||
| 11 | 12 | हाँ | ||
| 25 | 1 | हाँ | ||
| 5 | 15 | हाँ |
हम देखते हैं कि दो प्राकृत संख्याओं को किसी भी क्रम में गुणा करने पर गुणनफल सदैव समान ही आता है।
(4) भाग में- यदि और दो प्राकृत संख्याएँ हैं, तो (भाग में क्रम विनिमयता नहीं है।)
जाँच- इस गुण की जाँच हम कुछ युग्म लेकर निम्नानुसार करेंगे-
| एक प्राकृत संख्या | अन्य प्राकृत संख्या | क्या ? | ||
|---|---|---|---|---|
| 8 | 2 | नहीं | ||
| 5 | 15 | नहीं |
प्रश्न 2. अग्रलिखित सारणी के रिक्त स्थानों को भरिए और पूर्णांकों के लिए विभिन्न संक्रियाओं की क्रम विनिमयता जाँचिए-
| संक्रिया | संख्याएँ | टिप्पणी |
|---|---|---|
| योग | ............. | योग क्रम विनिमेय है। |
| व्यवकलन | क्या ? | व्यवकलन क्रम विनिमेय नहीं है। |
| गुणन | ............. | गुणन क्रम विनिमेय है। |
| भाग | ............. | भाग क्रम विनिमेय नहीं है। |
हल -
| संक्रिया | संख्याएँ | टिप्पणी |
|---|---|---|
| योग | क्या ? और | योग क्रम विनिमेय है। |
| व्यवकलन | क्या ? और | व्यवकलन क्रम विनिमेय नहीं है। |
| गुणन | क्या ? और | गुणन क्रम विनिमेय है। |
| भाग | क्या ? और | भाग क्रम विनिमेय नहीं है। |
पृष्ठ 7 | प्रयास कीजिए
प्रश्न—निम्नलिखित सारिणी को पूरा कीजिए—
| संख्याएँ | योग के लिए | व्यवकलन के लिए | गुणन के लिए | भाग के लिए |
|---|---|---|---|---|
| परिमेय संख्याएँ | हाँ | ..... | ..... | ..... |
| पूर्णांक | ..... | नहीं | ..... | ..... |
| पूर्ण संख्याएँ | ..... | ..... | हाँ | ..... |
| प्राकृत संख्याएँ | ..... | ..... | ..... | नहीं |
हल—
| संख्याएँ | योग के लिए | व्यवकलन के लिए | गुणन के लिए | भाग के लिए |
|---|---|---|---|---|
| परिमेय संख्याएँ | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
| पूर्णांक | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
| पूर्ण संख्याएँ | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
| प्राकृत संख्याएँ | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
साहचर्यता (सहचारिता)
प्रश्न 1. निम्नलिखित सारिणी के माध्यम से पूर्ण संख्याओं के लिए चार संक्रियाओं की साहचर्यता को स्मरण कीजिए—
| संक्रिया | संख्याएँ | टिप्पणी |
|---|---|---|
| योग | ............. | योग साहचर्य है। |
| व्यवकलन | ............. | व्यवकलन साहचर्य नहीं है। |
| गुणन | क्या ? क्या ? किन्हीं तीन पूर्ण संख्याओं तथा के लिए | गुणन साहचर्य है। |
| भाग | ............. | भाग साहचर्य नहीं है। |
इस सारिणी को भरिए और अन्तिम स्तम्भ में दी गई टिप्पणियों को सत्यापित कीजिए। प्राकृत संख्याओं के लिए विभिन्न संक्रियाओं की साहचर्यता की स्वयं जाँच कीजिए।
हल—
| संक्रिया | संख्याएँ | टिप्पणी |
|---|---|---|
| योग | क्या ? और क्या ? | योग साहचर्य है। |
558
| और किन्हीं तीन पूर्ण संख्याओं और के लिए | ||
|---|---|---|
| व्यवकलन | क्या ? और क्या ? और किन्हीं तीन पूर्ण संख्याओं और के लिए सामान्यतः | व्यवकलन साहचर्य नहीं है। |
| गुणन | क्या ? और क्या ? और किन्हीं तीन संख्याओं और के लिए | गुणन साहचर्य है। |
| भाग | क्या ? | और किन्हीं तीन पूर्ण संख्याओं और के लिए सामान्यतः: |
प्राकृत संख्याओं के लिए विभिन्न संक्रियाओं की साहचर्यता की जाँच-
(1) योग- किन्हीं तीन प्राकृत संख्याओं और के लिए
जाँच-
| प्राकृत संख्याएँ | व्यंजक | व्यंजक | क्या ? |
|---|---|---|---|
| हाँ | |||
| हाँ | |||
| हाँ |
अतः प्राकृत संख्याओं का योग साहचर्य है।
(2) व्यवकलन- किन्हीं तीन प्राकृत संख्याओं और के लिए सामान्यतः:
जाँच-
| प्राकृत संख्याएँ | व्यंजक | व्यंजक | क्या ? |
|---|---|---|---|
| नहीं | |||
| नहीं |
अतः प्राकृत संख्याओं का व्यवकलन साहचर्य नहीं है।
(3) गुणन- किन्हीं तीन प्राकृत संख्याओं और के लिए
जाँच-
| प्राकृत संख्याएँ | व्यंजक | व्यंजक | क्या ? |
|---|---|---|---|
| हाँ | |||
| हाँ |
अतः प्राकृत संख्याओं का गुणन साहचर्य है।
(4) भाग-किन्हीं तीन प्राकृत संख्याओं के लिए सामान्यतः:
जाँच-
| प्राकृत संख्याएँ | व्यंजक | व्यंजक | क्या ? |
|---|---|---|---|
| नहीं | |||
| नहीं |
अतः प्राकृत संख्याओं का भाग साहचर्य नहीं है।
प्रश्न 2. पूर्णांकों के लिए चार संक्रियाओं की साहचर्यता निम्नलिखित सारणी से जाँचिए-
| संक्रिया | संख्याएँ | टिप्पणी |
|---|---|---|
| योग | क्या है? क्या है? किन्हीं तीन पूर्ण संख्याओं तथा के लिए | योग साहचर्य है। |
| व्यवकलन | क्या है? | व्यवकलन साहचर्य नहीं है। |
| गुणन | क्या है? क्या है? किन्हीं तीन पूर्ण संख्याओं के लिए | गुणन साहचर्य है। |
| भाग | क्या है? | भाग साहचर्य नहीं है। |
हल -
| संक्रिया | संख्याएँ | टिप्पणी |
|---|---|---|
| योग | क्या ? और क्या ? और किन्हीं तीन पूर्णांकों तथा के लिए | योग साहचर्य है। |
| व्यवकलन | क्या ? और | व्यवकलन साहचर्य नहीं है। |
| गुणन | क्या ? और क्या ? और | गुणन साहचर्य है। |
किन्हीं तीन पूर्णांकों तथा के लिए
| भाग | क्या ? | भाग साहचर्य नहीं है। |
|---|---|---|
| और | ||
पृष्ठ 10 | प्रयास कीजिए
प्रश्न-निम्नलिखित सारणी को पूरा कीजिए-
| संख्याएँ | साहचर्य | |||
|---|---|---|---|---|
| योग के लिए | व्यवकलन के लिए | गुणन के लिए | भाग के लिए | |
| परिमेय संख्याएँ | ...... | ...... | ...... | नहीं |
| पूर्णांक | ...... | ...... | हाँ | ...... |
| पूर्ण संख्याएँ | हाँ | ...... | ...... | ...... |
| प्राकृत संख्याएँ | ...... | नहीं | ...... | ...... |
हल-
| संख्याएँ | साहचर्य | |||
|---|---|---|---|---|
| योग के लिए | व्यवकलन के लिए | गुणन के लिए | भाग के लिए | |
| परिमेय संख्याएँ | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
| पूर्णांक | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
| पूर्ण संख्याएँ | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
| प्राकृत संख्याएँ | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए
पृष्ठ 12
प्रश्न- यदि कोई गुणधर्म परिमेय संख्याओं के लिए सत्य है तो क्या वह गुणधर्म, पूर्णांकों, पूर्ण संख्याओं के लिए भी सत्य होगा? कौन-से गुणधर्म इनके लिए सत्य होंगे और कौन-से सत्य नहीं होंगे?
हल- (1) निम्न गुण को छोड़कर परिमेय संख्याओं की क्रियाओं के गुण पूर्णांकों में भी होंगे-
एक परिमेय संख्या है यदि लेकिन जरूरी नहीं कि एक पूर्णांक हो यदि
(2) निम्न गुण को छोड़कर परिमेय संख्याओं के सभी गुण पूर्ण संख्याओं में भी होंगे-
(i) यदि और परिमेय संख्याएँ हैं तो भी परिमेय संख्या होगी। लेकिन यदि और पूर्ण संख्याएँ हैं तो पूर्ण संख्या हो भी सकती है और नहीं भी।
(ii) यदि और परिमेय संख्याएँ हैं तो () एक परिमेय संख्या होगी। लेकिन और पूर्ण संख्याएँ हों तो () जरूरी नहीं कि एक पूर्ण संख्या हो।
निम्नलिखित तालिका दर्शाती है कि परिमेय संख्याओं, पूर्णांकों तथा पूर्ण संख्याओं में कौन-सा गुण उभयनिष्ठ है/नहीं है-
| (i) | संवृत | |||
|---|---|---|---|---|
| संख्याएँ | योग के लिए | व्यवकलन के लिए | गुणन के लिए | भाग के लिए |
| परिमेय संख्याएँ | हाँ | हाँ | हाँ | नहीं |
| पूर्णांक | हाँ | हाँ | हाँ | नहीं |
| पूर्ण संख्याएँ | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
| (ii) | क्रम विनिमेयता | |||
|---|---|---|---|---|
| संख्याएँ | योग के लिए | व्यवकलन के लिए | गुणन के लिए | भाग के लिए |
| परिमेय संख्याएँ | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
| पूर्णांक | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
| पूर्ण संख्याएँ | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
| (iii) | साहचarita | |||
|---|---|---|---|---|
| संख्याएँ | योग के लिए | व्यवकलन के लिए | गुणन के लिए | भाग के लिए |
| परिमेय संख्याएँ | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
| पूर्णांक | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
| पूर्ण संख्याएँ | हाँ | नहीं | हाँ | नहीं |
पृष्ठ 13 | प्रयास कीजिए
प्रश्न- वितरकता के उपयोग से निम्नलिखित का मान ज्ञात कीजिए-
(i)
(ii)
हल-
(i)
(ii)
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्नावली 1.1
प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रत्येक में गुणन के अन्तर्गत उपयोग किए गए गुणधर्म (गुण) का नाम लिखिए-
(i)
(ii)
(iii)
हल-
(i) गुणात्मक तत्समक है।
(ii) गुणन की क्रमविनिमेयता।
(iii) गुणात्मक प्रतिलोम का होना।
प्रश्न 2. बताइए कौन-से गुणधर्म (गुण) की सहायता से आप को के रूप में अभिकलन करते हैं।
हल- सहचारिता नियम से को के रूप में अभिकलन करते हैं।
📝 2. नोट्स: मुख्य बिन्दु, परिभाषाएँ एवं महत्त्वपूर्ण सूत्र
अध्याय का त्वरित रिवीजन नोट्स, मुख्य संकल्पनाएँ एवं परीक्षा उपयोगी सूत्र।
पाठ सार
(1) प्राकृत संख्याएँ—गिनती की संख्याएँ प्राकृत संख्याएँ कहलाती हैं।
(2) पूर्ण संख्याएँ—सभी प्राकृत संख्याओं के साथ अर्थात् पूर्ण संख्याएँ कहलाती हैं।
(3) पूर्णांक—पूर्ण संख्याओं के साथ ऋणात्मक चिह्न वाली गिनती की संख्याएँ पूर्णांक कहलाती हैं।
(4) परिमेय संख्याएँ—ऐसी संख्या परिमेय संख्या कहलाती है जिसे के रूप में लिखा जा सकता हो, जहाँ और पूर्णांक हैं तथा है।
(5) परिमेय संख्याएँ योग, व्यवकलन (बाकी) तथा गुणन की संक्रियाओं के अन्तर्गत संवृत हैं।
(6) परिमेय संख्याओं के लिए योग की संक्रिया क्रम विनिमेय है अर्थात् तथा के लिए ।
(7) परिमेय संख्याओं के लिए गुणन क्रम विनिमेय है अर्थात् तथा के लिए ।
(8) परिमेय संख्याओं के लिए योग संक्रिया साहचर्य है अर्थात् तीन परिमेय संख्याओं तथा के लिए ।
(9) परिमेय संख्याओं के लिये व्यवकलन साहचर्य नहीं है अर्थात् किन्हीं तीन परिमेय संख्याओं तथा के लिये ।
(10) परिमेय संख्याओं के लिए गुणन संक्रिया साहचर्य है अर्थात् किन्हीं तीन परिमेय संख्याओं तथा के लिए ।
(11) परिमेय संख्याओं के लिये भाग साहचर्य नहीं है अर्थात् किन्हीं तीन परिमेय संख्याओं तथा के लिये ।
(12) परिमेय संख्याओं के लिए परिमेय संख्या शून्य एक योज्य तत्समक है अर्थात् किसी परिमेय संख्या में शून्य जोड़ने पर योग वही परिमेय संख्या होगी।
(13) परिमेय संख्याओं के लिए परिमेय संख्या गुणात्मक तत्समक है अर्थात् किसी परिमेय संख्या को से गुणा करने पर वही संख्या गुणनफल के रूप में प्राप्त होगी।
(14) परिमेय संख्याओं के योग एवं व्यवकलन पर गुणन की वितरकता सभी परिमेय संख्याओं और के लिए:
(15) दी हुई दो परिमेय संख्याओं के मध्य अपरिमित परिमेय संख्याएँ होती हैं। दो परिमेय संख्याओं के मध्य परिमेय संख्याएँ ज्ञात करने में माध्य की अवधारणा सहायक है।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Q&A)
परीक्षा उपयोगी वस्तुनिष्ठ (MCQ), अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक प्रश्नोत्तर।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुविकल्पीय प्रश्न-
परिमेय संख्याएँ संवृत हैं-
(अ) योग और गुणन के अन्तर्गत
(ब) योग और व्यवकलन के अन्तर्गत
(स) योग, व्यवकलन और गुणन के अन्तर्गत
(द) इनमें से कोई नहींनिम्न में से परिमेय संख्या साहचर्य नहीं है-
(अ) योग के लिए (ब) गुणन के लिए
(स) दोनों (अ) व (ब) के लिए (द) भाग के लिएके अन्तर्गत उपयोग किए गए गुणधर्म का नाम लिखिए-
(अ) गुणन क्रम विनिमेयता (ब) गुणात्मक प्रतिलोम
(स) गुणन सहचारिता (द) इनमें से कोई नहींनिम्न में से कौनसी परिमेय संख्या योज्य तत्समक है-
(अ) (ब) (स) (द)एक परिमेय संख्या को निम्न रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है-
(अ) (ब) (स) (द)साहचर्यता का गुणधर्म लागू होता है-
(अ) जोड़ व घटाव में (ब) जोड़ व गुणा में
(स) गुणा व भाग में (द) घटाव व भाग मेंजाना जाता है-
(अ) क्रम विनिमेयता (ब) साहचर्यता
(स) वितरकता (द) उपर्युक्त में से कोई नहीपरिमेय संख्याओं के लिये गुणात्मक तत्समक है-
(अ) (ब) (स) (द)में से क्या घटाएँ कि उत्तर प्राप्त हो-
(अ) (ब) (स) (द)व का गुणा करने पर उत्तर प्राप्त होता है-
(अ) (ब) (स) (द)का मान होगा-
(अ) (ब) (स) (द)
उत्तरमाला
| प्रश्न | उत्तर | प्रश्न | उत्तर | प्रश्न | उत्तर | प्रश्न | उत्तर | प्रश्न | उत्तर | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1. | (स) | 2. | (द) | 3. | (अ) | 4. | (अ) | 5. | (स) | 6. | (ब) |
| 7. | (स) | 8. | (द) | 9. | (अ) | 10. | (द) | 11. | (स) |
562
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
- परिमेय संख्याएँ व्यवकलन के अन्तर्गत ............ हैं। (संवृत/संवृत नहीं)
- परिमेय संख्याओं के लिए परिमेय संख्या ............ योज्य तत्समक है। (शून्य/एक)
- (1/3)
- दी हुई दो परिमेय संख्याओं के मध्य ............ परिमेय संख्याएँ होती हैं। (अपरिमित/परिमित)
- दो परिमेय संख्याओं और के लिये भी एक ............ संख्या है। (परिमेय/अपरिमेय)
- से बड़ी परिमेय संख्या ............ है। ()
उत्तर- 1. संवृत 2. शून्य 3. 1 4. अपरिमित 5. परिमेय 6. 0
निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य उपयुक्त चयन पर () का चिन्ह लगाये-
- दो परिमेय संख्याओं और के बीच परिमेय संख्या होगी। (सत्य/असत्य)
- परिमेय संख्यायें के रूप में होती है जहाँ पर (सत्य/असत्य)
- पूर्णांक योग, व्यवकलन एवं गुणन के अंतर्गत संवृत है। (सत्य/असत्य)
- व्यवकलन परिमेय संख्याओं के लिये क्रम विनिमय होता है। (सत्य/असत्य)
- दी हुई दो परिमेय संख्याओं के मध्य परिमित परिमेय संख्यायें होती है। (सत्य/असत्य)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. परिमेय संख्या किसे कहते हैं?
उत्तर- ऐसी संख्या जिसे के रूप में लिखा जा सकता हो, जहाँ और पूर्णांक हैं तथा है, परिमेय संख्या कहलाती है।
प्रश्न 2. परिमेय संख्याओं के लिए गुणात्मक तत्समक क्या है?
उत्तर- 1
प्रश्न 3. का मान लिखिये।
उत्तर- उत्तर
प्रश्न 4. का मान लिखिये।
उत्तर- उत्तर
प्रश्न 5. का मान लिखिये।
उत्तर- उत्तर
प्रश्न 6. का मान लिखिये।
उत्तर- उत्तर
प्रश्न 7. का मान लिखिये।
उत्तर- उत्तर
प्रश्न 8. पूर्णांक भाग के अंतर्गत संवृत है या नहीं?
उत्तर- संवृत नहीं है।
प्रश्न 9. का मान लिखिये।
उत्तर- उत्तर
प्रश्न 10. किन्हीं तीन पूर्ण संख्याओं के लिये गुणन साहचर्य नियम लिखें।
उत्तर- किन्हीं तीन पूर्ण संख्याओं तथा के लिये
प्रश्न 11. परिमेय संख्याओं के लिये योग साहचर्य नियम लिखें।
उत्तर- किन्हीं तीन परिमेय संख्याओं तथा के लिये
प्रश्न 12. परिमेय संख्याओं के लिये कौनसी संख्या गुणात्मक तत्समक होती है?
उत्तर- 1
प्रश्न 13. योग एवं व्यवकलन पर गुणन की वितरकता नियम लिखें।
उत्तर- सभी परिमेय संख्याओं और के लिये:
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. मान ज्ञात कीजिये-
उत्तर-
(क्रम विनिमेयता और साहचर्यता के उपयोग से)
(7 और 21 का ल.स.प. 21 है, 11 और 22 का ल.स.प. 22 है।)
उत्तर
प्रश्न 2. मान ज्ञात कीजिये-
उत्तर-
उत्तर
द्वितीय विधि
हम इसे निम्नलिखित प्रकार से भी हल कर सकते हैं-
उत्तर
प्रश्न 3. मान ज्ञात कीजिये-
उत्तर-
(क्रम विनियता से)
(वितरकता से)
उत्तर
प्रश्न 4. क्या किन्हीं दो परिमेय संख्याओं का योग भी परिमेय संख्या होता है?
उत्तर- हाँ, दो परिमेय संख्याओं का योग भी परिमेय संख्या होता है। जैसे- और दो परिमेय संख्यायें हैं। इनका योग करने पर
अतः भी एक परिमेय संख्या है।