राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 गणित — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
पाठगत प्रश्न
पृष्ठ 79 | प्रयास कीजिए
प्रश्न- निम्नलिखित संख्याओं में से प्रत्येक के घन के इकाई का अंक ज्ञात कीजिए- (i) 3331 (ii) 8888 (iii) 149 (iv) 1005 (v) 1024 (vi) 77 (vii) 5022 (viii) 53
हल-
(i) 3331→1, 13=1×1×1=1 ∴3331 के घन का इकाई घन 1 है।
(ii) 8888→8, 83=8×8×8=512→2 ∴8888 के घन का इकाई अंक 2 है।
(iii) 149→9, 93=9×9×9=729→9 ∴149 के घन का इकाई अंक 9 है।
(iv) 1005→5, 53=5×5×5=125→5 ∴1005 के घन इकाई अंक 5 है।
(v) 1024→4, 43=4×4×4=64→4 ∴1024 के घन का इकाई अंक 4 है।
(vi) 77→7, 73=7×7×7=343→3 ∴77 के घन का इकाई अंक 3 है।
(vii) 5022→2, 23=2×2×2=8→8 ∴5022 के घन का इकाई अंक 8 है।
(viii) 53→3, 33=3×3×3=27→7 ∴53 के घन का इकाई अंक 7 है।
पृष्ठ 79
प्रश्न 1. निम्न प्रतिरूप का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित संख्याओं को विषम संख्याओं के योग के रूप में व्यक्त कीजिए- (a) 63 (b) 83 (c) 73
हल- प्रतिरूप
1=13 3+5=8=23 7+9+11=27=33 13+15+17+19=64=43 21+23+25+27+29=125=53 उपरोक्त प्रतिरूप के प्रयोग से
(a) 63=31+33+35+37+39+41=216
(b) 83=57+59+61+63+65+67+69+71=512
(c) 73=43+45+47+49+51+53+55=343
प्रश्न 2. निम्नलिखित प्रतिरूप को देखिए- 23−13=1+2×1×3 33−23=1+3×2×3 43−33=1+4×3×3 उपरोक्त प्रतिरूप का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए- (i) 73−63 (ii) 123−113 (iii) 203−193 (iv) 513−503
हल- दिए गए प्रतिरूप का प्रयोग करके
(i) 73−63=1+7×6×3=1+126=127
(ii) 123−113=1+12×11×3=1+396=397
(iii) 203−193=1+20×19×3=1+1140=1141
(iv) 513−503=1+51×50×3=1+7650=7651
पृष्ठ 80 | प्रयास कीजिए
प्रश्न- निम्नलिखित में से कौनसी संख्याएँ पूर्ण घन हैं? (i) 400 (ii) 3375 (iii) 8000 (iv) 15625 (v) 9000 (vi) 6859 (vii) 2025 (viii) 10648
हल-
(i) 400 का अभाज्य गुणनखंड करने पर: 400=2×2×2×2×5×5 समान गुणनखंडों को त्रिक बनाने पर 2×5×5 शेष बचते हैं। ∴400 एक पूर्ण घन नहीं है। उत्तर
2
400
2
200
2
100
2
50
5
25
5
5
1
(ii) 3375 का अभाज्य गुणनखंड करने पर: 3375=3×3×3×5×5×5 स्पष्ट है कि 3375 के समान गुणनखंडों के त्रिक बनाने के बाद कोई गुणनखंड नहीं बचता। ∴3375 पूर्ण घन है। उत्तर
3
3375
3
1125
3
375
5
125
5
25
5
5
1
(iii) 8000 का अभाज्य गुणनखंड करने पर: 8000=2×2×2×2×2×2×5×5×5 स्पष्ट है कि 8000 के अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक बनाने के बाद कोई गुणनखंड शेष नहीं बचता है। ∴8000 एक पूर्ण घन है। उत्तर
2
8000
2
4000
2
2000
2
1000
2
500
2
250
5
125
5
25
5
5
1
(iv) 15625 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 15625=5×5×5×5×5×5 स्पष्ट है कि 15625 के अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक बनाने के बाद कोई भी गुणनखंड शेष नहीं बचता है। ∴15625 एक पूर्ण घन है। उत्तर
5
15625
5
3125
5
625
5
125
5
25
5
5
1
(v) 9000 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 9000=2×2×2×3×3×5×5×5 अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक बनाने पर 3×3 शेष बचते हैं। ∴9000 एक पूर्ण घन नहीं है। उत्तर
2
9000
2
4500
2
2250
3
1125
3
375
5
125
5
25
5
5
1
(vi) 6859 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 6859=19×19×19 स्पष्ट है कि 6859 के अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक बनाने के बाद कोई गुणनखंड शेष नहीं बचता है। ∴6859 एक पूर्ण घन है। उत्तर
19
6859
19
361
19
19
1
(vii) 2025 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 2025=3×3×3×3×5×5 अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक बनाने पर 3×5×5 शेष बचते हैं। ∴2025 एक पूर्ण घन नहीं है। उत्तर
3
2025
3
675
3
225
3
75
5
25
5
5
1
(viii) 10648 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 10648=2×2×2×11×11×11 स्पष्ट है कि गुणनखंडों के त्रिक बनाने के बाद कोई गुणनखंड शेष नहीं बचता है। ∴10648 एक पूर्ण घन है। उत्तर
2
10648
2
5324
2
2662
11
1331
11
121
11
11
1
सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए
पृष्ठ 81
प्रश्न-जाँच कीजिए कि निम्नलिखित में से कौनसी संख्याएँ पूर्ण घन हैं- (i) 2700 (ii) 16000 (iii) 64000 (iv) 900 (v) 125000 (vi) 36000 (vii) 21600 (viii) 10000 (ix) 27000000 (x) 1000
इन पूर्ण घनों में आप क्या प्रतिरूप देखते हैं?
हल-(i) 2700 का अभाज्य गुणनखंड करने पर
2700=2×2×3×3×3×5×5 अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक बनाने पर चार गुणनखंड अर्थात् 2×2×5×5 शेष बचते हैं। ∴2700 एक पूर्ण घन नहीं है। उत्तर
2
2700
2
1350
3
675
3
225
3
75
5
25
5
5
1
(ii) 16000 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 16000=16×1000
=2×2×2×2×10×10×10 =2×2×2×2×2×5×2×5×2×5
=2×2×2×2×2×2×2×5×5×5 अब यदि हम अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक बनाने का प्रयास करते हैं, तो एक गुणनखंड अर्थात् 2 शेष बचता है। ∴16000 एक पूर्ण घन नहीं है। उत्तर
(iii) 64000 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 64000=64×1000
=2×2×2×2×2×2×2×5×2×5×2×5 =2×2×2×2×2×2×2×2×2×5×5×5 स्पष्ट है कि 64000 के अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक बनाने पर कोई भी गुणनखंड शेष नहीं बचता है। ∴64000 एक पूर्ण घन है। उत्तर
(iv) 900 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 900=9×100=3×3×10×10
=3×3×2×5×2×5=2×2×3×3×5×5 अब यदि हम अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक बनाने का प्रयास करते हैं, तो त्रिक नहीं बनता है। ∴900 एक पूर्ण घन नहीं है। उत्तर
(v) 125000 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 125000=125×1000
=5×5×5×2×5×2×5×2×5 =2×2×2×5×5×5×5×5×5 स्पष्ट है कि 125000 के अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक बनाने पर कोई गुणनखंड शेष नहीं बचता है। ∴125000 एक पूर्ण घन है। उत्तर
(vi) 36000 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 36000=36×1000=6×6×10×10×10
=2×3×2×3×2×5×2×5×2×5 =2×2×2×2×2×3×3×5×5×5 अब यदि हम अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक बनाने का प्रयास करते हैं, तो चार गुणनखंड अर्थात् 2×2×3×3 शेष बचते हैं।
∴36000 पूर्ण घन नहीं है। उत्तर
(vii) 21600 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 21600=216×100=6×6×6×10×10
=2×3×2×3×2×3×2×5×2×5 =2×2×2×2×2×3×3×3×5×5 अब यदि हम अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक बनाने का प्रयास करते हैं, तो चार गुणनखंड अर्थात् 2×2×5×5 शेष बचते हैं। ∴21600 एक पूर्ण घन नहीं है। उत्तर
(viii) 10000 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 10000=10×10×10×10
=2×5×2×5×2×5×2×5 =2×2×2×2×5×5×5×5 अब यदि हम अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक बनाने का प्रयास करते हैं, तो दो गुणनखंड अर्थात् 2×5 शेष बचते हैं। ∴10000 एक पूर्ण घन नहीं है। उत्तर
(ix) 27000000 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 27000000=27×10×10×10×10×10×10
=3×3×3×2×5×2×5×2×5×2×5×2×5×2×5 =2×2×2×2×2×2×3×3×3×5×5×5×5×5×5 स्पष्ट है 27000000 के अभाज्य गुणनखंड के पूर्ण त्रिक बन जाते हैं। ∴27000000 एक पूर्ण घन है। उत्तर
(x) 1000 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 1000=10×10×10=2×5×2×5×2×5
=2×2×2×5×5×5 स्पष्ट है कि 1000 के अभाज्य गुणनखंडों के पूर्ण त्रिक बन जाते हैं। ∴1000 एक पूर्ण घन है। उत्तर
उक्त में से पूर्ण घनों यथा 64000,125000,27000000 तथा 1000 में हमें यह प्रतिरूप देखने को मिलता है कि इनके अन्त में तीन अथवा छ: शून्य हैं। अतः 64,125,27 तथा 1 भी पूर्ण घन संख्याएँ हैं।
सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए पृष्ठ 83
प्रश्न- बताइए कि सत्य है या असत्य-किसी पूर्णांक m के लिए m2<m3 होता है। क्यों?
हल-m=2,3,4,5, आदि लेने पर हम देखते हैं।
जब m=2: m2=22=2×2=4 और m3=23=2×2×2=8 स्पष्ट है, 4<8 अर्थात् m2<m3 जब m=3: m2=32=3×3=9 और m3=33=3×3×3=27 स्पष्ट है, 9<27, अर्थात् m2<m3 जब m=4: m2=42=4×4=16 और m3=43=4×4×4=64 स्पष्ट है, 16<64, अर्थात् m2<m3 जब m=5: m2=52=5×5=25 और m3=53=5×5×5=125 स्पष्ट है, 25<125, अर्थात् m2<m3 लेकिन जब m=1, m2=12=1×1=1 और m3=13=1×1×1=1 तो m2<m3 अतः, हम कह सकते हैं कि धन पूर्णांक (प्राकृत संख्या) के लिए m>1,m2<m3 सत्य है। अब, माना m=−1,−2,−3 आदि जब m=−1: m2=(−1)2=−1×−1=1 और m3=(−1)3=−1×−1×−1=−1 स्पष्ट है, 1>−1, अर्थात् m2>m3 जब m=−2: m2=(−2)2=−2×−2=4 और m3=(−2)3=−2×−2×−2=−8 स्पष्ट है, 4>−8, अर्थात् m2>m3 जब m=−3: m2=(−3)2=−3×−3=9 और m3=(−3)3=−3×−3×−3=−27 स्पष्ट है, 9>−27, अर्थात् m2>m3 लेकिन जब m=0, तो m2=0 और m3=0 ∴m2=m3 अतः हम कह सकते हैं कि किसी ऋण पूर्णांक m के लिए m2<m3 असत्य है।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्नावली 6.1 प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौनसी संख्याएँ पूर्ण घन नहीं हैं? (i) 216 (ii) 128 (iii) 1000 (iv) 100 (v) 46656
हल-(i)216 का अभाज्य गुणनखंड करने पर
216=2×2×2×3×3×3 स्पष्ट है 216 के अभाज्य गुणनखंड के त्रिक बन जाते हैं। कोई भी गुणनखंड शेष नहीं बचता है। ∴216 एक पूर्ण घन है। उत्तर
2
216
2
108
2
54
3
27
3
9
3
3
1
616
(ii) 128 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 128=2×2×2×2×2×2×2 अब यदि हम अभाज्य गुणनखंडों का त्रिक बनाने का प्रयास करते हैं तो हमारे पास केवल एक गुणनखंड अर्थात् 2 शेष बचता है। ∴128 एक पूर्ण घन नहीं है। उत्तर
(iii) 1000 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 1000=10×10×10=2×5×2×5×2×5
=2×2×2×5×5×5 स्पष्ट है 1000 के अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक बनाने पर कोई भी गुणनखंड शेष नहीं बचता है। ∴1000 एक पूर्ण घन है। उत्तर
(iv) 100 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 100=10×10=2×5×2×5=2×2×5×5 स्पष्ट है 100 के अभाज्य गुणनखंडों के त्रिक नहीं बन रहे हैं। ∴100 एक पूर्ण घन नहीं है। उत्तर
(v) 46656 के अभाज्य गुणनखंड करने पर 46656=2×2×2×2×2×2×3×3×3×3×3×3 स्पष्ट है 46656 के अभाज्य गुणनखंडों के पूर्ण त्रिक बन जाते हैं। कोई गुणनखंड शेष नहीं रहता है। ∴46656 एक पूर्ण घन है। उत्तर
प्रश्न 2. वह सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जिससे निम्नलिखित संख्याओं को गुणा करने पर पूर्ण घन प्राप्त हो जाए- (i) 243 (ii) 256 (iii) 72 (iv) 675 (v) 100
हल-(i)243 को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में लिखने पर-
243=3×3×3×3×3 स्पष्ट है इसका पूर्ण घन बनाने के लिए इसे 3 से गुणा करेंगे। उत्तर
(ii) 256 को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में लिखने पर- 256=2×2×2×2×2×2×2×2 स्पष्ट है कि इसका पूर्ण घन बनाने के लिए इसे 2 से गुणा करेंगे। उत्तर
(iii) 72 को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में लिखने पर- 72=2×2×2×3×3 स्पष्ट है इसका पूर्ण घन बनाने के लिए इसे 3 से गुणा करेंगे। उत्तर
(iv) 675 को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफलों के रूप में लिखने पर- 675=3×3×3×5×5 स्पष्ट है पूर्ण घन बनाने के लिए इसे 5 से गुणा करेंगे। उत्तर
(v) 100 को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में लिखने पर- 100=2×2×5×5 स्पष्ट है इसका पूर्ण घन बनाने के लिए इसे 2×5 अर्थात् 10 गुणा करेंगे। उत्तर
प्रश्न 3. वह सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जिससे निम्नलिखित संख्याओं को भाग देने पर भागफल एक पूर्ण घन प्राप्त हो जाए- (i) 81 (ii) 128 (iii) 135 (iv) 192 (v) 704
हल-(i)81 को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में लिखने पर-
81=3×3×3×3 स्पष्ट है कि इसका पूर्ण घन बनाने के लिए इसे 3 से भाग देंगे। उत्तर
(ii) 128 को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में लिखने पर- 128=2×2×2×2×2×2×2 स्पष्ट है कि इसका पूर्ण घन बनाने के लिए इसे 2 से भाग देंगे। उत्तर
(iii) 135 को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफलों के रूप में लिखेंगे। 135=3×3×3×5 स्पष्ट है कि इसे पूर्ण घन बनाने के लिए इसे 5 से भाग करेंगे। उत्तर
(iv) 192 को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफलों के रूप में लिखें। 192=2×2×2×2×2×2×3 स्पष्ट है कि इसका पूर्ण घन बनाने के लिए इसे 3 से भाग करेंगे। उत्तर
2
192
2
96
2
48
2
24
2
12
2
6
3
3
1
(v) 704 को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफलों के रूप में लिखें। 704=2×2×2×2×2×2×11 स्पष्ट है कि इसका पूर्ण घन बनाने के लिए इसे 11 से भाग करेंगे। उत्तर
2
704
2
352
2
176
2
88
2
44
2
22
11
11
1
प्रश्न 4. परीक्षित प्लास्टिसिन का एक घनाभ बनाता है, जिसकी भुजाएँ 5cm, 2cm और 5cm हैं। एक घन बनाने के लिए ऐसे कितने घनाभों की आवश्यकता होगी?
हल- घनाभ का आयतन =5×2×5=2×5×5
इसका घन बनाने के लिए हमें 2×2×5 अर्थात् 20 घनाभों की आवश्यकता होगी। उत्तर
प्रश्नावली 6.2
प्रश्न 1. अभाज्य गुणनखंडन विधि द्वारा निम्नलिखित में से प्रत्येक संख्या का घनमूल ज्ञात कीजिए- (i) 64 (ii) 512 (iii) 10648 (iv) 27000 (v) 15625 (vi) 13824 (vii) 110592 (viii) 46656 (ix) 175616 (x) 91125
हल-(i)64 का अभाज्य गुणनखंड करने पर
64=2×2×2×2×2×2=23×23 ∴364=(2×2)=4उत्तर
2
64
2
32
2
16
2
8
2
4
2
2
1
(ii)512 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 512=2×2×2×2×2×2×2×2×2=23×23×23 ∴3512=(2×2×2)=8उत्तर
2
512
2
256
2
128
2
64
2
32
2
16
2
8
2
4
2
2
1
(iii)10648 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 10648=2×2×2×11×11×11=23×113 ∴310648=(2×11)=22उत्तर
2
10648
2
5324
2
2662
11
1331
11
121
11
11
1
(iv)27000 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 27000=1000×27=10×10×10×3×3×3=23×53×33 ∴327000=2×5×3=30उत्तर
2
27000
2
13500
2
6750
5
3375
5
675
5
135
3
27
3
9
3
3
1
(v)15625 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 15625=5×5×5×5×5×5=53×53 ∴315625=5×5=25उत्तर
5
15625
5
3125
5
625
5
125
5
25
5
5
1
(vi)13824 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 13824=2×2×2×2×2×2×2×2×2×3×3×3=23×23×23×33 ∴313824=(2×2×2×3)=24उत्तर
2
13824
2
6912
2
3456
2
1728
2
864
2
432
2
216
2
108
2
54
3
27
3
9
3
3
1
(vii)110592 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 110592=2×2×2×2×2×2×2×2×2×2×2×2×3×3×3=23×23×23×23×33 ∴3110592=(2×2×2×2×3)=48उत्तर
2
110592
2
55296
2
27648
2
13824
2
6912
2
3456
2
1728
2
864
2
432
2
216
2
108
2
54
3
27
3
9
3
3
1
618
(viii) 46656 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 46656=2×2×2×2×2×2×3×3×3×3×3×3
=23×23×33×33 ∴346656=(2×2×3×3)=36 उत्तर
2
46656
2
23328
2
11664
2
5832
2
2916
2
1458
3
729
3
243
3
81
3
27
3
9
3
3
1
(ix) 175616 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 175616=2×2×2×2×2×2×2×2×2×7×7×7
=23×23×23×73 ∴3175616=(2×2×2×7)=56 उत्तर
2
175616
2
87808
2
43904
2
21952
2
10976
2
5488
2
2744
2
1372
2
686
7
343
7
49
7
7
1
(x) 91125 का अभाज्य गुणनखंड करने पर 91125=3×3×3×3×3×3×5×5×5
=33×33×53 ∴391125=(3×3×5)=45 उत्तर
3
91125
3
30375
3
10125
3
3375
3
1125
3
375
5
125
5
25
5
5
1
प्रश्न 2. बताइए सत्य है या असत्य- (i) किसी भी विषम संख्या का घन सम होता है। (ii) एक पूर्ण घन दो शून्यों पर समाप्त नहीं होता है। (iii) यदि किसी संख्या का वर्ग 5 पर समाप्त होता है, तो उसका घन 25 पर समाप्त होता है। (iv) ऐसा कोई पूर्ण घन नहीं है जो 8 पर समाप्त होता है। (v) दो अंकों की संख्या का घन तीन अंकों वाली संख्या हो सकती है। (vi) दो अंकों की संख्या के घन में सात या अधिक अंक हो सकते हैं। (vii) एक अंक वाली संख्या का घन एक अंक वाली संख्या हो सकती है।
हल—(i) असत्य (ii) सत्य (iii) असत्य (iv) असत्य (v) असत्य (vi) असत्य (vii) सत्य
बहुविकल्पीय प्रश्न-
सबसे छोटी हार्डी-रामानुजन संख्या है- (अ) 729 (ब) 1729 (स) 13832 (द) 4104
1 से 1000 तक की संख्याओं में पूर्ण घन संख्याएँ कितनी हैं? (अ) 10 (ब) 18 (स) 25 (द) 52
योग 103 प्राप्त करने के लिए कितनी क्रमागत विषम संख्याओं की आवश्यकता होगी? (अ) 5 (ब) 8 (स) 10 (द) 100
ऐसी सबसे छोटी प्राकृत संख्या कौनसी है जिससे 392 को गुणा करने पर गुणनफल एक पूर्ण घन प्राप्त हो जाए- (अ) 2 (ब) 3 (स) 5 (द) 7
संख्या 9 की घन संख्या होगी- (अ) 27 (ब) 81 (स) 343 (द) 729
15625 के घनमूल में इकाई का अंक होगा- (अ) 3 (ब) 4 (स) 5 (द) 6
729 का घनमूल होगा- (अ) 6 (ब) 7 (स) 8 (द) 9
निम्न में से कौनसी पूर्ण घन संख्या नहीं है?- (अ) 1331 (ब) 1000 (स) 243 (द) 216
242 के घन में इकाई का अंक होगा- (अ) 2 (ब) 4 (स) 6 (द) 8
1728 के घनमूल में इकाई का अंक होगा- (अ) 9 (ब) 3 (स) 2 (द) 1
1331 के घनमूल में इकाई का अंक होगा- (अ) 4 (ब) 3 (स) 2 (द) 1
उत्तरमाला
1. (ब)
2. (अ)
3. (स)
4. (द)
5. (अ)
6. (द)
7. (द)
8. (स)
9. (द)
10. (स)
11. (द)
12. (स)
13. (द)
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
सम संख्याओं के घन ............. होते हैं। (सम/विषम)
संख्या 18 के घन के इकाई का अंक ............. होगा। (6/2)
............. ज्ञात करने की संक्रिया घन ज्ञात करने की संक्रिया की प्रतिलोम संक्रिया है। (वर्गमूल/घनमूल)
संकेत ............. घनमूल को व्यक्त करता है। ( / 3)
857375 का घनमूल ............. होगा। (85/95)
संख्या 125, संख्या ............. की पूर्ण घन संख्या है। (5/15)
उत्तर- 1. सम 2. 2 3. घनमूल 4. 3 5. 95 6. 5
निम्नलिखित कथनों को पढ़कर सत्य/असत्य में से उपयुक्त पर (✓) अंकित कीजिये-
1729 सबसे बड़ी हार्डी-रामानुजन संख्या है। (सत्य/असत्य ✓)
संख्यायें 1,8,27 पूर्णघन संख्यायें हैं। (सत्य ✓ / असत्य)
103 प्राप्त करने के लिये 10 क्रमागत विषम संख्याओं की आवश्यकता होती है। (सत्य ✓ / असत्य)
3512=8 होता है। (सत्य ✓ / असत्य)
किसी ऋण पूर्णांक m के लिये, m2<m3 होता है। (सत्य/असत्य ✓)
एक संख्या के स्वयं से ही तीन बार गुणा करने पर प्राप्त संख्या घन संख्या कहलाती है। (सत्य ✓ / असत्य)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. हार्डी-रामानुजन संख्याओं से आपका क्या आशय है?
उत्तर- वे संख्याएँ जिन्हें दो घनों के योग के रूप में दो भिन्न प्रकारों से व्यक्त किया जा सकता है, हार्डी-रामानुजन संख्याएँ कहलाती हैं, जैसे- 1729,4104,13832 आदि।
प्रश्न 2. घन संख्या किसे कहते हैं?
उत्तर- एक संख्या को स्वयं से ही तीन बार गुणा करने पर प्राप्त संख्या घन संख्या कहलाती है।
प्रश्न 3.93 को विषम संख्याओं के योग के रूप में स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-73+75+77+79+81+83+85+87+89=729=93
प्रश्न 4.8000 का घनमूल अभाज्य गुणनखण्ड द्वारा ज्ञात कीजिए।
उत्तर-8000 के अभाज्य गुणनखण्ड =2×2×2×2×2×2×5×5×5 अतः 38000=2×2×5=20उत्तर
प्रश्न 5. वह सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जिससे 1188 को भाग देने पर वह पूर्ण घन संख्या बन जाए।
उत्तर-1188 के अभाज्य गुणनखण्ड =2×2×3×3×3×11 इनके त्रिक बनाने पर 2×2×11 शेष रह जाते हैं अतः हमें 1188 को पूर्ण घन बनाने के लिए इसमें 2×2×11=44 का भाग देना होगा।
प्रश्न 6. वह सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिये, जिससे संख्या 200 को गुणा करने पर पूर्ण घन प्राप्त हो जाये।
उत्तर- संख्या 200 के अभाज्य गुणनखण्ड करने पर 200=2×2×2×5×5 स्पष्ट है इसका पूर्ण घन बनाने के लिये 5 का गुणा करना पड़ेगा।
यहाँ 3 का एक त्रिक बनाने के बाद 3×3 शेष रहता है। अतः 243 एक पूर्ण घन नहीं है।
प्रश्न 10. अभाज्य गुणनखण्ड विधि द्वारा 13824 का घनमूल ज्ञात कीजिये।
हल-13824=2×2×2×2×2×2×2×2×2×3×3×3
13824=23×23×23×33 अतः 313824=2×2×2×3=24उत्तर
प्रश्न 11. क्या 10000 एक पूर्ण घन संख्या है?
हल- अभाज्य गुणनखण्ड करने पर 10000=10×10×10×10
यहाँ पृष्ठ की सामग्री का डिजिटल प्रतिलेखन है:
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यहाँ 10 का एक त्रिक बनाने के बाद 10 शेष रहता है। अतः 10000 एक पूर्ण घन नहीं है।
प्रश्न 12.347 के घन में इकाई का अंक लिखिये।
हल—7×7×7=343
अर्थात् 347 के घन में इकाई का अंक 3 होगा।
लघूत्तरात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1. क्या 392 एक पूर्ण घन है? यदि नहीं, तो ऐसी सबसे छोटी प्राकृत संख्या ज्ञात कीजिये जिससे 392 को गुणा करने पर गुणनफल एक पूर्ण घन प्राप्त हो जाये?
उत्तर—392=2×2×2×7×7 अभाज्य गुणनखंड 7 तीन के समूह में नहीं आ रहा है। अतः 392 एक पूर्ण घन नहीं है। इसे पूर्ण घन बनाने के लिये एक और 7 की आवश्यकता है। इस स्थिति में 392×7=2×2×2×7×7×7 2744=2×2×2×7×7×7 यहाँ पर 2744 जो एक पूर्ण घन है।
प्रश्न 2. क्या 53240 एक पूर्ण घन है? यदि नहीं, तो 53240 को किस सबसे छोटी प्राकृत संख्या से भाग दिया जाए कि भागफल एक पूर्ण घन प्राप्त हो?
उत्तर—53240=2×2×2×11×11×11×5 यहाँ अभाज्य गुणनखंड में 5 तीन के समूह में नहीं आ रहा है। अतः 53240 एक पूर्ण घन नहीं है। उपरोक्त गुणनखंड में 5 केवल एक बार आया है। यदि हम दी हुई संख्या को 5 से भाग दें, तो भागफल के अभाज्य गुणनखंड में 5 नहीं आएगा। इस प्रकार, 53240÷5=2×2×2×11×11×11 अतः वह सबसे छोटी प्राकृत संख्या 5 है जिससे 53240 को भाग देने पर भागफल एक पूर्ण घन प्राप्त होगा। उस स्थिति में, पूर्ण घन 10648 होगा।
प्रश्न 3. क्या 1188 एक पूर्ण घन है? यदि नहीं, तो किस सबसे छोटी प्राकृत संख्या से 1188 को भाग दिया जाए कि भागफल एक पूर्ण घन प्राप्त हो जाए?
उत्तर—1188=2×2×3×3×3×11 अभाज्य गुणनखंड 2 और 11 तीन-तीन के समूहों में नहीं आ रहे हैं। अतः 1188 एक पूर्ण घन नहीं है। 1188 के उपरोक्त गुणनखंड में, अभाज्य 2 केवल दो बार आ रहा है और अभाज्य 11 एक बार। अतः यदि हम 1188 को 2×2×11=44 से भाग दें, तो भागफल के अभाज्य गुणनखंड में 2 और 11 नहीं आएंगे। अतः वह सबसे छोटी प्राकृत संख्या 44 है, जिससे 1188 को भाग देने पर भागफल एक पूर्ण घन प्राप्त होगा। साथ ही, परिणामी पूर्ण घन =1188÷44=27(=33)
भाग 2 — पाठ सार (Notes)
📝 2. नोट्स: मुख्य बिन्दु, परिभाषाएँ एवं महत्त्वपूर्ण सूत्र
अध्याय का त्वरित रिवीजन नोट्स, मुख्य संकल्पनाएँ एवं परीक्षा उपयोगी सूत्र।
पाठ सार (1) जब एक संख्या को स्वयं उसी से तीन बार गुणा किया जाता है, तो प्राप्त संख्या घन संख्या कहलाती है।
(2) एक सम प्राकृत संख्या का घन भी सम ही होता है। (3) एक विषम प्राकृत संख्या का घन भी विषम ही होता है। (4) घनमूल, घन की प्रतिलोम (विपरीत) संक्रिया है। (5) संकेत 3⋅ घनमूल को व्यक्त करता है। (6) यदि किसी संख्या के अभाज्य गुणनखंड में प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड तीन बार आता है, तो वह संख्या एक पूर्ण घन होती है।
भाग 3 — अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Q&A)
परीक्षा उपयोगी वस्तुनिष्ठ (MCQ), अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक प्रश्नोत्तर।