📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल
राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 संस्कृत — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
पाठ ११ - सावित्री बाई फुले
भाग 1: पाठ्यपुस्तकस्य प्रश्नोत्तराणि (अभ्यासः)
हिन्दी अनुवाद— (उपरि निर्मित) (पाठ्यपुस्तक में दिये गये) चित्र को देखो। यह चित्र किसी पाठशाला का है। यह सामान्य पाठशाला नहीं है। यह महाराष्ट्र की प्रथम कन्या पाठशाला है। एक शिक्षिका घर से पुस्तकें लेकर चलती है। मार्ग में कोई उसके ऊपर धूल और कोई पत्थर के टुकड़ों को फेंकता है। किन्तु वह अपने दृढ़ निश्चय से विचलित नहीं होती है। अपने विद्यालय में बालिकाओं के साथ हँसी-मजाक से बात करती हुई वह अध्यापन कार्य में संलग्न रहती है। उसका स्वयं का अध्ययन भी साथ ही चलता है। यह महिला कौन है? क्या तुम इस महिला को जानते हो? यही महाराष्ट्र की सावित्री बाई फुले नामक प्रथम महिला शिक्षिका है।
पठितावबोधनम्—
निर्देशः— उपर्युक्तं गद्यांशं पठित्वा प्रदत्तप्रश्नानां उत्तराणि यथानिर्देशं लिखत—
प्रश्नाः— (क) गद्यांशस्य उपयुक्तं शीर्षकं किम्?
(ख) शिक्षिका गृहात् कानि आदाय चलति? ( एकपदेन उत्तरत )
(ग) शिक्षिका कस्मात् न विचलति? ( एकपदेन उत्तरत )
(घ) महाराष्ट्रस्य प्रथमा महिला शिक्षिका का आसीत्? ( पूर्णवाक्येन उत्तरत )
(ङ) 'जानीथ' इति क्रियापदस्य गद्यांशे कर्तृपदं किम्स्ति?
(च) 'सा अध्यापपने संलग्न भवति'–अत्र 'सा' सर्वनामસ્થાने संज्ञापदं किम्?
उत्तराणि— (क) सावित्री बाई फुले।
उत्तराणि–
3. १८४८ तमे खिस्ताब्दे पुणेनगरे ................................................................ अपरः विद्यालयः प्रारब्धः।
कठिन-शब्दार्थ– आरभत = आरम्भ किया। अस्पृश्यत्वात् = छुुआछूत के कारण। अपरः = दूसरा, अन्य। प्रारब्धः = प्रारम्भ किया।
हिन्दी अनुवाद– सन् 1848 ई. में पुणे (पूना) नगर में सावित्री ने ज्योतिबा महोदय के साथ कन्याओं के लिए प्रदेश का प्रथम विद्यालय आरम्भ किया। उस समय वह केवल सत्रह वर्ष की आयु की थी। सन् 1851 में छुुआछूत के कारण तिरस्कृत समुदाय की बालिकाओं के लिए अलग से उसके द्वारा दूसरा विद्यालय आरम्भ किया गया।
पठितावबोधनम्–
प्रश्नाः–
उत्तराणि–
4. सामाजिककुरीतीनां सावित्री मुखरं ................................................................ सर्वदा सर्वथा समर्थितः।
कठिन-शब्दार्थ– निराकरणाय = दूर करने के लिए। नापितैः = नाइयों से। रूढौ = रूढ़ि में, रिवाज में। निकुषा = निकट, समीप। शीर्ण वस्त्रवृताः = फटे-पुराने वस्त्र पहने हुई। जलोधरणम् = जल निकालना। अवारयन् = मना कर दिया। सोढुम = सहन करने में। तडागम् = तालाब को।
हिन्दी अनुवाद– सामाजिक कुरीतियों का सावित्री ने मुखर विरोध किया। विधवाओं के शिर-मुण्डन की प्रथा को दूर करने के लिए वह नाइयों से मिली। फलस्वरूप कुछ नाइयों ने इस रूढ़ि में साथ देना छोड़ दिया। एक बार सावित्री ने मार्ग में देखा कि कुएँ के निकट फटे-पुराने वस्त्र पहने हुई तथाकथित निम्न जाति की कुछ स्त्रियाँ जल पीने के लिए याचना कर रही थीं।
संस्कृत—कक्षा-8
उच्च वर्ग के लोग उपहास करते हुए कुएँ से जल निकालने के लिए मना कर रहे थे। सावित्री इस अपमान को सहन करने में समर्थ नहीं हुई। वह उन स्त्रियों को अपने घर ले गई और तालाब दिखलाकर बोली कि इच्छानुसार जल ले जाओ। यह तालाब सार्वजनिक है। इससे जल ग्रहण करने में जाति का बन्धन नहीं है। उसके द्वारा मनुष्यों की समानता और स्वतन्त्रता के पक्ष का हमेशा सभी प्रकार से समर्थन किया गया।
पठितावबोधनम्–
प्रश्नाः–
उत्तराणि–
5. 'महिला सेवामण्डल' ........................................................................ जीवनचरितम् अवश्यम् अध्येतव्यम्।
कठिन-शब्दार्थ– अवदानम् = योगदान। उत्पीड़ितानाम् = सताए गए का। दुर्भिक्षकाले = अकाल के समय। अश्रान्तम् = बिना थके हुए। अविरतम् = लगातार। महारोगप्रसारकाले = महामारी फैलने के समय में। गहनावबोधाय = गहराई से समझने के लिए।
हिन्दी अनुवाद– 'महिला सेवामण्डल', 'शिशुहत्या प्रतिबन्धक गृह' इत्यादि संस्थाओं की स्थापना में फुले दम्पती का योगदान महत्वपूर्ण है। सत्यशोधक मण्डल की गतिविधियों में भी सावित्री अत्यधिक सक्रिय थी। इस मण्डल का उद्देश्य था-सताए गए समुदायों को अपने अधिकारों के प्रति जगाना।
सावित्री ने अनेकों संस्थाओं का प्रशासनिक कौशल से सञ्चालन किया। अकाल के समय और प्लेग के समय उसने पीड़ित लोगों की बिना थके हुए और लगातार सेवा की। सहायता-सामग्री की व्यवस्था के सभी प्रकार से प्रयास किये। महामारी फैलने के समय सेवा करते हुए स्वयं वह असाध्य रोग से पीड़ित होकर सन् 1897 ई. में मृत्यु को प्राप्त हो गई।
साहित्य रचना में भी सावित्री बढ़-चढ़कर है। उसके दो काव्य-संकलन हैं—'काव्यफुले' और 'सुबोध-रत्नाकर'। भारत देश में महिला-उत्थान को गहराई से समझने के लिए सावित्री महोदया के जीवन-चरित्र का भी अवश्य अध्ययन करना चाहिए।
पठितावबोधनम्–
1. प्रश्नाः–
उत्तराणि–
--- पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर ---
प्रश्न 1. एकपदेन उत्तरत-
प्रश्न 2. पूर्णवाक्येन उत्तरत-
अथवा
सावित्रीबाईफुलेमहोदयायाः मातुः नाम किमासीत्?
उत्तरम्- सावित्रीफुले महोदयायाः मातुः नाम लक्ष्मीबाई पितुश्च नाम खंडोजी आसीत्।
उत्तरम्- जलं पातुं निवार्यमानाः नारीः सा निजगृहं नीतवती। तडागं दर्शयित्वा च सा अकथयत् यत् “यथेष्टं जलं नयत/ सार्वजनिकोऽयं तडागः। अस्मात् जलग्रहणे नास्ति जातिबन्धनम्।"
उत्तरम्- सत्यशोधकमण्डलस्य उद्देश्यम् उत्पीडितानां समुदायानां स्वाधिकारान् प्रति जागरणम् आसीत्।
उत्तरम्-प्रश्ननिर्माणम्-
उत्तरम्- चित्रम्।
उत्तरम्- छात्रेभ्यः/अस्मभ्यम्।
उत्तरम्- चत्वारि विशेषणपदानि सन्ति-शीर्णवस्त्रावृताः, तथाकथिताः, निम्नजातीयाः, काश्चित्।
प्रश्न 5. अधोलिखितानां पदानि आधृत्य वाक्यानि रचयत।
उत्तरम्-(क) स्वकीयम्-सः स्वकीयं गृहं दर्शयति।
संस्कृत—कक्षा-8
प्रश्न 6. (अ) अधोलिखितार्ति पदानि आधृत्य वाक्यानि (लङ्लकारः)
रचयत।
उत्तरम्—(क) उपरि — वृक्षस्य उपरि कपोताः सन्ति।
( मार्गे, अविरतम्, अध्यापने, अवदानम्, यथेष्टम्, मनसि )
उत्तरम्—(क) शिक्षणे — अध्यापने
प्रश्न 7. (आ) उदाहरणमनुसृत्य निर्देशानुसारं लकारपरिवर्तनं कुरुत—
यथा—सा शिक्षिका सा शिक्षिका आसीत्।
अस्ति। (लङ्लकारः)
उत्तरम्—
अस्ति। (लङ्लकारः) आसीत्।
(विधिलिङ्) पठेम।
(ब) मीराबाई
(द) रमाबाई
2. सावित्रीं क्रूपात् जलोधरणं के अवारयन्?
(ब) ग्राम्यपुरुषाः
(द) उच्चवर्गीयाः
3. का स्वदृढनिश्चयात् न विचलति?
(ब) सावित्रीः माता
(द) सावित्रीः पुत्री
4. विधवानां शिरोमुण्डनस्य निराकरणाय सावित्री कैः मिलिता?
(ब) स्वशिक्षकेः
(द) कृषकैः
5. सावित्री कासां कृते प्रदेशस्य प्रथमं विद्यालयम् आरभत?
(ब) बालकानां कृते
(द) प्रौढ़ानां कृते
6. कया अपि सावित्री महीयते?
(ब) भक्त्या
(द) भाषणकलया
7. भारतदेशे कस्य गहनअवबोधनाय सावित्रीतः जीवनचरितम् अध्येतव्यम्?
(ब) महिलोत्थानस्य
(द) कृषिकर्मणः
8. सावित्री अनेकाः संस्थाः केन सञ्चालितवती?
(ब) धनार्जनकौशलेन
(द) प्रशासनकौशलेन
9. सावित्री कदा निधनं गता?
(ब) 1897 तमे वर्षे
(द) 1825 तमे वर्षे
10. सावित्रीतः कति काव्यसङ्कलनमस्ति?
(ब) एकम्
(द) द्वयम्
11. दुर्भिक्षकाले प्लेगकाले च सावित्री केषां सेवाम् अकरोत्?
(ब) धनिकानाम्
(द) बालिकानाम्
12. 'सावित्री बाई फुले' कस्य प्रथमा महिला शिक्षिका आसीत्?
(ब) महाराष्ट्रस्य
(द) उत्तरप्रदेशस्य
13. सावित्र्याः जन्म कदा अभवत्?
14. सावित्री कन्यानां कृते प्रदेशस्य प्रथमं विद्यालयम् कुत्र आरभत?
(ब) प्रयागन्गरे
(द) भोपालन्गरे
15. सावित्र्याः पितुः नाम किम् आसीत्?
(ब) खंदोजी
(द) महोजी
16. ज्योतिबा फुले महोदयः कस्य प्रबलः समर्थकः आसीत्?
(ब) प्रौढ़शिक्षायाः
(द) स्त्रीशिक्षायाः
17. 'साहित्यरचनया अपि सावित्री महीयते'-अत्र अव्ययपदं किम्?
(ब) साहित्य
(द) महीयते
1.
(अ) 2.
(द) 3.
(अ) 4.
(स) 5.
(अ)
6.
(स) 7.
(ब) 8.
(द) 9.
(ब) 10.
(द)
11.
(अ) 12.
(ब) 13.
(द) 14.
(स) 15.
(ब)
16.
(द) 17.
(अ)।
प्रश्न : अधोलिखितवाक्येषु कोष्ठाकात् उचितपदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत -
(i) महिलाः तडागात् ........................ नयन्ति।
(जलं, दुग्धम्, घृतम्)
(ii) सामाजिककुरीतीनां ........................ मुखरं विरोधम् अकरोत्।
(मीरा, सावित्री, राधा)
(iii) ........................ यूयमिमां महिलां जानीथ?
(एव, खलु, अपि)
(iv) तया ........................ विद्यालयः प्रारब्धः।
(अपरः, अपरम्, अपरा)
(v) नापिताः अस्यां रूढौ सहभागिताम् ........................।
(अत्यजयत्, अत्यजन्, अत्यज)
(vi) काश्चित् ........................ जलं पातुं याचन्ते स्म।
(नार्यः, नारी, नारीम्)
(vii) सा ........................ स्त्रियः निजगृहं नीतवती।
(ते, ताः, तान्)
(viii) सावित्री महाराष्ट्रस्य ........................ महिला शिक्षिका आसीत्। (प्रथमा, प्रथमः, प्रथमम्)
उत्तराणि - (i) जलं, (ii) सावित्री, (iii) अपि, (iv) अपरः, (v) अत्यजन्, (vi) नार्यः, (vii) ताः, (viii) प्रथमा।
अतिलघूत्तरात्मकप्रश्नाः -
प्रश्नः - एकपदेन प्रश्नान् उत्तरत -