RajBoardExam
संस्कृत (Sanskrit)हिंदी माध्यम2026-27

RBSE Class 8 Sanskrit Chapter 11 Solutions & Notes in Hindi

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-09📖 RBSE/NCERT Solutions
त्वरित नेविगेशन (Jump Directly to Section)
भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल

राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 संस्कृत — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।

पाठ ११ - सावित्री बाई फुले

भाग 1: पाठ्यपुस्तकस्य प्रश्नोत्तराणि (अभ्यासः)

हिन्दी अनुवाद— (उपरि निर्मित) (पाठ्यपुस्तक में दिये गये) चित्र को देखो। यह चित्र किसी पाठशाला का है। यह सामान्य पाठशाला नहीं है। यह महाराष्ट्र की प्रथम कन्या पाठशाला है। एक शिक्षिका घर से पुस्तकें लेकर चलती है। मार्ग में कोई उसके ऊपर धूल और कोई पत्थर के टुकड़ों को फेंकता है। किन्तु वह अपने दृढ़ निश्चय से विचलित नहीं होती है। अपने विद्यालय में बालिकाओं के साथ हँसी-मजाक से बात करती हुई वह अध्यापन कार्य में संलग्न रहती है। उसका स्वयं का अध्ययन भी साथ ही चलता है। यह महिला कौन है? क्या तुम इस महिला को जानते हो? यही महाराष्ट्र की सावित्री बाई फुले नामक प्रथम महिला शिक्षिका है।

पठितावबोधनम्—

निर्देशः— उपर्युक्तं गद्यांशं पठित्वा प्रदत्तप्रश्नानां उत्तराणि यथानिर्देशं लिखत—

प्रश्नाः— (क) गद्यांशस्य उपयुक्तं शीर्षकं किम्?

(ख) शिक्षिका गृहात् कानि आदाय चलति? ( एकपदेन उत्तरत )

(ग) शिक्षिका कस्मात् न विचलति? ( एकपदेन उत्तरत )

(घ) महाराष्ट्रस्य प्रथमा महिला शिक्षिका का आसीत्? ( पूर्णवाक्येन उत्तरत )

(ङ) 'जानीथ' इति क्रियापदस्य गद्यांशे कर्तृपदं किम्स्ति?

(च) 'सा अध्यापपने संलग्न भवति'–अत्र 'सा' सर्वनामસ્થાने संज्ञापदं किम्?

उत्तराणि— (क) सावित्री बाई फुले।

(ख) पुस्तकानि।
(ग) स्वदृढनिश्चयात्।
(घ) महाराष्ट्रस्य प्रथमा महिला शिक्षिका 'सावित्री बाई फुले' आसीत्।
(ङ) यूयम्।
(च) शिक्षिका।
(क) गद्यांशस्य उपयुक्तं शीर्षकं किम्?
(ख) सावित्र्याः मनसि स्थिता का उत्सं प्राप्तवती? ( एकपदेन उत्तरत )
(ग) सावित्री केन सह परिणीता? ( एकपदेन उत्तरत )
(घ) सावित्र्याः माता-पिता च कौ अभिहितौ? ( पूर्णवाक्येन उत्तरत )
(ङ) 'अजायत' इति क्रियापदस्य गद्यांशे कर्तुपदं किम्अस्ति?
(च) 'सोऽपि' इति पदस्य सन्धिच्छेदं किं भवति?

उत्तराणि–

(क) सावित्री बाई।
(ख) अध्ययनअभिलाषा।
(ग) ज्योतिबाफुलेमहोदयेन।
(घ) सावित्र्याः माता लक्ष्मीबाई पिता च खंडोजी इति अभिहितौ।
(ङ) सावित्री।
(च) सः + अपि।

3. १८४८ तमे खिस्ताब्दे पुणेनगरे ................................................................ अपरः विद्यालयः प्रारब्धः।

कठिन-शब्दार्थ– आरभत = आरम्भ किया। अस्पृश्यत्वात् = छुुआछूत के कारण। अपरः = दूसरा, अन्य। प्रारब्धः = प्रारम्भ किया।

हिन्दी अनुवाद– सन् 1848 ई. में पुणे (पूना) नगर में सावित्री ने ज्योतिबा महोदय के साथ कन्याओं के लिए प्रदेश का प्रथम विद्यालय आरम्भ किया। उस समय वह केवल सत्रह वर्ष की आयु की थी। सन् 1851 में छुुआछूत के कारण तिरस्कृत समुदाय की बालिकाओं के लिए अलग से उसके द्वारा दूसरा विद्यालय आरम्भ किया गया।

पठितावबोधनम्–

प्रश्नाः–

(क) गद्यांशं पठित्वा उचितं शीर्षकं लिखत।
(ख) पुणे नगरे कन्यानां कृते प्रदेशस्य प्रथमं विद्यालयं का आरभत? ( एकपदेन उत्तरत )
(ग) तदानीं सावित्री कति वर्षीया आसीत्? ( एकपदेन उत्तरत )
(घ) 1851 तमे खिस्ताब्दे सावित्र्या कीदृशः अपरः विद्यालयः प्रारब्धः? ( पूर्णवाक्येन उत्तरत )
(ङ) 'आरभत' इति क्रियापदस्य गद्यांशे कर्तुपदं किम्अस्ति?
(च) 'विद्यालयः' इति पदस्य गद्यांशे विशेषणपदं किं प्रयुक्तम्?

उत्तराणि–

(क) प्रथमः कन्याविद्यालयः।
(ख) सावित्री।
(ग) सप्तदशवर्षीया।
(घ) 1851 तमे खिस्ताब्दे सावित्र्या अस्पृश्यत्वात् तिरस्कृतस्य समुदायस्य बालिकानां कृते पृथक्तया अपरः विद्यालयः प्रारब्धः।
(ङ) सावित्री।
(च) अपरः।

4. सामाजिककुरीतीनां सावित्री मुखरं ................................................................ सर्वदा सर्वथा समर्थितः।

कठिन-शब्दार्थ– निराकरणाय = दूर करने के लिए। नापितैः = नाइयों से। रूढौ = रूढ़ि में, रिवाज में। निकुषा = निकट, समीप। शीर्ण वस्त्रवृताः = फटे-पुराने वस्त्र पहने हुई। जलोधरणम् = जल निकालना। अवारयन् = मना कर दिया। सोढुम = सहन करने में। तडागम् = तालाब को।

हिन्दी अनुवाद– सामाजिक कुरीतियों का सावित्री ने मुखर विरोध किया। विधवाओं के शिर-मुण्डन की प्रथा को दूर करने के लिए वह नाइयों से मिली। फलस्वरूप कुछ नाइयों ने इस रूढ़ि में साथ देना छोड़ दिया। एक बार सावित्री ने मार्ग में देखा कि कुएँ के निकट फटे-पुराने वस्त्र पहने हुई तथाकथित निम्न जाति की कुछ स्त्रियाँ जल पीने के लिए याचना कर रही थीं।

संस्कृत—कक्षा-8

उच्च वर्ग के लोग उपहास करते हुए कुएँ से जल निकालने के लिए मना कर रहे थे। सावित्री इस अपमान को सहन करने में समर्थ नहीं हुई। वह उन स्त्रियों को अपने घर ले गई और तालाब दिखलाकर बोली कि इच्छानुसार जल ले जाओ। यह तालाब सार्वजनिक है। इससे जल ग्रहण करने में जाति का बन्धन नहीं है। उसके द्वारा मनुष्यों की समानता और स्वतन्त्रता के पक्ष का हमेशा सभी प्रकार से समर्थन किया गया।

पठितावबोधनम्–

प्रश्नाः–

(क) गद्यांशस्य उपयुक्तं शीर्षकं किम्?
(ख) कासां सावित्री मुखरं विरोधम् अकरोत्? ( एकपदेन उत्तरत )
(ग) विधवानां शिरोमुण्डनस्य निराकरणाय सा कैः मिलिता? ( एकपदेन उत्तरत )
(घ) एकदा सावित्री मार्गे किं दृष्टम्? ( पूर्णवाक्येन उत्तरत )
(ङ) 'याचन्ते स्म' इति क्रियापदस्य गद्यांशे कर्तृपदं किं प्रयुक्तम्?
(च) 'पातुम्' इति पदे कः प्रत्ययः?

उत्तराणि–

(क) सावित्री बाई।
(ख) सामाजिककुरीतीनाम्।
(ग) नापितैः।
(घ) एकदा सावित्री मार्गे दृष्टं यत् कूपं निकषा शीर्णवस्त्रावृताः तथाकथिताः निम्नजातीयाः काश्चित् नार्यः जलं पातुं याचन्ते स्म।
(ङ) नार्यः।
(च) तुमुन्।

5. 'महिला सेवामण्डल' ........................................................................ जीवनचरितम् अवश्यम् अध्येतव्यम्।

कठिन-शब्दार्थ– अवदानम् = योगदान। उत्पीड़ितानाम् = सताए गए का। दुर्भिक्षकाले = अकाल के समय। अश्रान्तम् = बिना थके हुए। अविरतम् = लगातार। महारोगप्रसारकाले = महामारी फैलने के समय में। गहनावबोधाय = गहराई से समझने के लिए।

हिन्दी अनुवाद– 'महिला सेवामण्डल', 'शिशुहत्या प्रतिबन्धक गृह' इत्यादि संस्थाओं की स्थापना में फुले दम्पती का योगदान महत्वपूर्ण है। सत्यशोधक मण्डल की गतिविधियों में भी सावित्री अत्यधिक सक्रिय थी। इस मण्डल का उद्देश्य था-सताए गए समुदायों को अपने अधिकारों के प्रति जगाना।

सावित्री ने अनेकों संस्थाओं का प्रशासनिक कौशल से सञ्चालन किया। अकाल के समय और प्लेग के समय उसने पीड़ित लोगों की बिना थके हुए और लगातार सेवा की। सहायता-सामग्री की व्यवस्था के सभी प्रकार से प्रयास किये। महामारी फैलने के समय सेवा करते हुए स्वयं वह असाध्य रोग से पीड़ित होकर सन् 1897 ई. में मृत्यु को प्राप्त हो गई।

साहित्य रचना में भी सावित्री बढ़-चढ़कर है। उसके दो काव्य-संकलन हैं—'काव्यफुले' और 'सुबोध-रत्नाकर'। भारत देश में महिला-उत्थान को गहराई से समझने के लिए सावित्री महोदया के जीवन-चरित्र का भी अवश्य अध्ययन करना चाहिए।

पठितावबोधनम्–

1. प्रश्नाः–

(क) गद्यांशस्य उपयुक्तं शीर्षकं किम्?
(ख) कस्य गतिविधिषु अपि सावित्री अतीव सक्रिय आसीत्? ( एकपदेन उत्तरत )
(ग) सत्यशोधकमण्डलस्य उद्देश्यं केषां समुदायानां स्वाधिकारान् प्रति जागरणम् आसीत्? ( एकपदेन उत्तरत )
(घ) कासां संस्थानां स्थापनायां फुलेदम्पत्योः अवदानं महत्त्वपूर्यम्? ( पूर्णवाक्येन उत्तरत )
(ङ) 'योगदानम्' इत्यर्थे गद्यांशे किं पदं प्रयुक्तम्?
(च) 'स्वाधिकारान्' इति पदे का विभक्तिः?

उत्तराणि–

(क) सावित्रीः अवदानम्।
(ख) सत्यशोधकमण्डलस्य।
(ग) उत्पीड़ितानाम्।
(घ) 'महिला सेवामण्डल', 'शिशुहत्या प्रतिबन्धक गृह' इत्यादीनां संस्थानां स्थापनायां फुलेदम्पत्योः अवदानम् महत्त्वपूर्यम्।
(ङ) अवदानम्।
(च) द्वितीया।

--- पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर ---

प्रश्न 1. एकपदेन उत्तरत-

(क) कीदृशीनां कुरीतीनां सावित्री मुखरं विरोधम् अकरोत्?
(ख) के कूपात् जलोद्धरणम् अवारयन्?
(ग) का स्वदृढनिश्चयात् न विचलति?
(घ) विधवानां शिरोमुण्डनस्य निराकरणाय सा कैः मिलिता?
(ङ) सा कासां कृते प्रदेशस्य प्रथमं विद्यालयम् आरभत?
(ख) उच्चवर्गीयाः। (ग) सावित्रीबाईफुले।
(घ) नापितैः। (ङ) कन्यानां कृते।

प्रश्न 2. पूर्णवाक्येन उत्तरत-

(क) किं किं सहमाना सावित्रीबाई स्वदृढनिश्चयात् न विचलति?
(ख) सावित्रीबाईफुलेमहोदयायाः पित्रोः नाम किमासीत्?

अथवा

सावित्रीबाईफुलेमहोदयायाः मातुः नाम किमासीत्?

उत्तरम्- सावित्रीफुले महोदयायाः मातुः नाम लक्ष्मीबाई पितुश्च नाम खंडोजी आसीत्।

(ग) विवाहानंतरमपि सावित्रीयाः मनसि अध्ययनअभिलाषा कथम् उत्साहं प्राप्तवती?
(घ) जलं पातुं निवार्यमानाः नारीः सा कुत्र नीतवती किञ्चाकथयत्?

उत्तरम्- जलं पातुं निवार्यमानाः नारीः सा निजगृहं नीतवती। तडागं दर्शयित्वा च सा अकथयत् यत् “यथेष्टं जलं नयत/ सार्वजनिकोऽयं तडागः। अस्मात् जलग्रहणे नास्ति जातिबन्धनम्।"

(ङ) कासां संस्थानां स्थापनायां फुलेदम्पत्योः अवदानं महत्त्वपूर्णम्?
(च) सत्यशोधकमण्डलस्य उद्देश्यं किमासीत्?

उत्तरम्- सत्यशोधकमण्डलस्य उद्देश्यम् उत्पीडितानां समुदायानां स्वाधिकारान् प्रति जागरणम् आसीत्।

(छ) तस्याः द्वयोः काव्यसङ्कलनयोः नामनी के?
(क) सावित्रीबाई, कन्याभिः सविनोदम् आलपन्ती अध्यापने संलग्ना भवति स्म।
(ख) सा महाराष्ट्रस्य प्रथमा महिला शिक्षिका आसीत्।
(ग) सा स्वपतिना सह कन्यानां कृते प्रदेशस्य प्रथमं विद्यालयम् आरभत।
(घ) तया मनुष्याणां समानतायाः स्वतन्त्रतायाश्च पक्षः सर्वदा समर्थितः।
(ङ) साहित्यरचनया अपि सावित्री महीयते।

उत्तरम्-प्रश्ननिर्माणम्-

(क) सावित्रीबाई काभिः सविनोदम् आलपन्ती अध्यापने संलग्ना भवति स्म?
(ख) सा कस्य प्रथमा महिला शिक्षिका आसीत्?
(ग) सा स्वपतिना सह कासां कृते प्रदेशस्य प्रथमं विद्यालयम् आरभत?
(घ) तया केषां समानतायाः स्वतन्त्रतायाश्च पक्षः सर्वदा समर्थितः?
(ङ) साहित्यरचनया अपि का महीयते?
(क) इदं चित्रं पाठशालायाः वर्तते-अत्र 'वर्तते' इति क्रियापदस्य कर्तृपदं किम्?

उत्तरम्- चित्रम्।

(ख) तस्याः स्वकीयम् अध्ययनमपि सहैव प्रचलति- अस्मिन् वाक्ये विशेष्यपदं किम्?
(ग) अपि यूयमिमां महिलां जानीथ-अस्मिन् वाक्ये 'यूयम्' इति पदं केभ्यः प्रयुक्तम्?

उत्तरम्- छात्रेभ्यः/अस्मभ्यम्।

(घ) सा ताः स्त्रियः निजगृहं नीतवती-अस्मिन् वाक्ये 'सा' इति सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्तम्?
(ङ) शीर्णवस्त्रावृताः तथाकथिताः निम्नजातीयाः काश्चित् नारः जलं पातुं याचन्ते स्म-अत्र 'नार्यः' इति पदस्य विशेषणपदानि कति सन्ति, कानि च इति लिखत?

उत्तरम्- चत्वारि विशेषणपदानि सन्ति-शीर्णवस्त्रावृताः, तथाकथिताः, निम्नजातीयाः, काश्चित्।

प्रश्न 5. अधोलिखितानां पदानि आधृत्य वाक्यानि रचयत।

उत्तरम्-(क) स्वकीयम्-सः स्वकीयं गृहं दर्शयति।

(ख) सविनोदम्-रमेशः सविनोदं वार्ता करोति।
(ग) सक्रिया-रमा तदा गृहकार्ये सक्रिया आसीत्।

संस्कृत—कक्षा-8

(घ) प्रदेशस्य—अस्य प्रदेशस्य जनाः प्रसन्नाः सन्ति। (लृट्लकारः) — गमिष्यतः।
(ङ) मुखरम्—सावित्री तस्य मुखरं विरोधं कृतवती। (च) ते बालकाः विद्यालयात् — ते बालकाः विद्यालयात्
(च) सर्वथा—सा दीनानां सर्वथा सेवामकरोत्। गृहं गच्छन्ति। — गृहम् अगच्छन्।

प्रश्न 6. (अ) अधोलिखितार्ति पदानि आधृत्य वाक्यानि (लङ्लकारः)

रचयत।

उत्तरम्—(क) उपरि — वृक्षस्य उपरि कपोताः सन्ति।

(ख) आदानम् — सः नित्यम् धनस्य आदानं करोति।
(ग) परकीयम् — इदं धनं परकीयम् अस्ति।
(घ) विषमता — अधुना समाजे विषमता दृश्यते।
(ङ) व्यक्तिगतम् — इदं मम व्यक्तिगतं कार्यमस्ति।
(च) आरोहः — धावकः पर्वते आरोहति।
(आ) अधोलिखितपदानां समानार्थकपदानि पाठात् चित्वा लिखत—

( मार्गे, अविरतम्, अध्यापने, अवदानम्, यथेष्टम्, मनसि )

उत्तरम्—(क) शिक्षणे — अध्यापने

(ख) पथि — मार्गे
(ग) हृदये — मनसि
(घ) इच्छानुसारम् — यथेष्टम्
(ङ) योगदानम् — अवदानम्
(च) निरन्तरम् — अविरतम्।
(क) धूलिम् स्त्रीलिङ्गम् द्वितीया एकवचनम्
(ख) नाम्नि नपुंसकलिङ्गम् सप्तमी एकवचनम्
(ग) अपरः पुल्लिङ्गम् प्रथमा एकवचनम्
(घ) कन्यानाम् स्त्रीलिङ्गम् षष्ठी बहुवचनम्
(ङ) सहभागिताम् स्त्रीलिङ्गम् द्वितीया एकवचनम्
(च) नापितैः पुल्लिङ्गम् तृतीया बहुवचनम्

प्रश्न 7. (आ) उदाहरणमनुसृत्य निर्देशानुसारं लकारपरिवर्तनं कुरुत—

यथा—सा शिक्षिका सा शिक्षिका आसीत्।

अस्ति। (लङ्लकारः)

उत्तरम्—

(क) सा अध्यापने संलग्ना सा अध्यापने संलग्ना
(ख) सः त्रयोदशवर्षकल्पः सः त्रयोदशवर्षकल्पः

अस्ति। (लङ्लकारः) आसीत्।

(ग) महिलाः तडागात् जलं महिलाः तडागात् जलम्
(घ) वयं प्रतिदिनं पाठं पठामः। वयं प्रतिदिनं पाठम्

(विधिलिङ्) पठेम।

(ङ) यूयं किं विद्यालयं गच्छथ? यूयं किं विद्यालयम्
(अ) लक्ष्मीबाई
(ब) मीराबाई
(स) राधाबाई
(द) रमाबाई

2. सावित्रीं क्रूपात् जलोधरणं के अवारयन्?

(अ) कृषकाः
(ब) ग्राम्यपुरुषाः
(स) बालकाः
(द) उच्चवर्गीयाः

3. का स्वदृढनिश्चयात् न विचलति?

(अ) सावित्रीबाईफुले
(ब) सावित्रीः माता
(स) सावित्रीः भगिनी
(द) सावित्रीः पुत्री

4. विधवानां शिरोमुण्डनस्य निराकरणाय सावित्री कैः मिलिता?

(अ) सभ्यजनैः
(ब) स्वशिक्षकेः
(स) नापितैः
(द) कृषकैः

5. सावित्री कासां कृते प्रदेशस्य प्रथमं विद्यालयम् आरभत?

(अ) कन्यानां कृते
(ब) बालकानां कृते
(स) महिलाओं कृते
(द) प्रौढ़ानां कृते

6. कया अपि सावित्री महीयते?

(अ) कविताया
(ब) भक्त्या
(स) साहित्यरचनया
(द) भाषणकलया

7. भारतदेशे कस्य गहनअवबोधनाय सावित्रीतः जीवनचरितम् अध्येतव्यम्?

(अ) नगरनियोजनस्य
(ब) महिलोत्थानस्य
(स) समाजस्य
(द) कृषिकर्मणः

8. सावित्री अनेकाः संस्थाः केन सञ्चालितवती?

(अ) राजनैतिककौशलेन
(ब) धनार्जनकौशलेन
(स) वाक्कौशलेन
(द) प्रशासनकौशलेन

9. सावित्री कदा निधनं गता?

(अ) 1857 तमे वर्षे
(ब) 1897 तमे वर्षे
(स) 1890 तमे वर्षे
(द) 1825 तमे वर्षे

10. सावित्रीतः कति काव्यसङ्कलनमस्ति?

(अ) त्रयम्
(ब) एकम्
(स) पञ्च
(द) द्वयम्

11. दुर्भिक्षकाले प्लेगकाले च सावित्री केषां सेवाम् अकरोत्?

(अ) पीडितजनानाम्
(ब) धनिकानाम्
(स) निर्धनानाम्
(द) बालिकानाम्

12. 'सावित्री बाई फुले' कस्य प्रथमा महिला शिक्षिका आसीत्?

(अ) राजस्थानस्य
(ब) महाराष्ट्रस्य
(स) मध्यप्रदेशस्य
(द) उत्तरप्रदेशस्य

13. सावित्र्याः जन्म कदा अभवत्?

(अ) 03-01-1857 ई. वर्षे
(ब) 03-01-1937 तमे वर्षे
(स) 03-01-1868 तमे वर्षे
(द) 03-01-1831 तमे वर्षे

14. सावित्री कन्यानां कृते प्रदेशस्य प्रथमं विद्यालयम् कुत्र आरभत?

(अ) इलाहाबादन्गरे
(ब) प्रयागन्गरे
(स) पुणेन्गरे
(द) भोपालन्गरे

15. सावित्र्याः पितुः नाम किम् आसीत्?

(अ) रामोजी
(ब) खंदोजी
(स) शिवाजी
(द) महोजी

16. ज्योतिबा फुले महोदयः कस्य प्रबलः समर्थकः आसीत्?

(अ) बालविवाहस्य
(ब) प्रौढ़शिक्षायाः
(स) मुगलशासकस्य
(द) स्त्रीशिक्षायाः

17. 'साहित्यरचनया अपि सावित्री महीयते'-अत्र अव्ययपदं किम्?

(अ) अपि
(ब) साहित्य
(स) सावित्री
(द) महीयते

1.
(अ) 2.
(द) 3.
(अ) 4.
(स) 5.
(अ)

6.
(स) 7.
(ब) 8.
(द) 9.
(ब) 10.
(द)

11.
(अ) 12.
(ब) 13.
(द) 14.
(स) 15.
(ब)

16.
(द) 17.
(अ)।

प्रश्न : अधोलिखितवाक्येषु कोष्ठाकात् उचितपदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत -

(i) महिलाः तडागात् ........................ नयन्ति।

(जलं, दुग्धम्, घृतम्)

(ii) सामाजिककुरीतीनां ........................ मुखरं विरोधम् अकरोत्।

(मीरा, सावित्री, राधा)

(iii) ........................ यूयमिमां महिलां जानीथ?

(एव, खलु, अपि)

(iv) तया ........................ विद्यालयः प्रारब्धः।

(अपरः, अपरम्, अपरा)

(v) नापिताः अस्यां रूढौ सहभागिताम् ........................।

(अत्यजयत्, अत्यजन्, अत्यज)

(vi) काश्चित् ........................ जलं पातुं याचन्ते स्म।

(नार्यः, नारी, नारीम्)

(vii) सा ........................ स्त्रियः निजगृहं नीतवती।

(ते, ताः, तान्)

(viii) सावित्री महाराष्ट्रस्य ........................ महिला शिक्षिका आसीत्। (प्रथमा, प्रथमः, प्रथमम्)

उत्तराणि - (i) जलं, (ii) सावित्री, (iii) अपि, (iv) अपरः, (v) अत्यजन्, (vi) नार्यः, (vii) ताः, (viii) प्रथमा।

अतिलघूत्तरात्मकप्रश्नाः -

प्रश्नः - एकपदेन प्रश्नान् उत्तरत -

(क) सावित्री बाई फुले कस्य प्रदेशस्य प्रथमा महिला शिक्षिका आसीत्?
(ख) सावित्री बाई फुले केन सह परिणीता?
(ग) ज्योतिबा-फुले कस्याः प्रबलः समर्थकः आसीत्?
(घ) सार्वजनिकतडागात् जलग्रहणॆ किं नास्ति?
(ङ) सावित्री कस्या अपि महीयते?
(क) सावित्री अनेकाः संस्थाः प्रशासनकौशलेन सञ्चालितवती।
(ख) सावित्रीः मनसि अध्ययनअभिलाषा उत्साहं प्राप्तवती।
(ग) तस्याः माता लक्ष्मीबाई पिता च खण्डोजी आस्ताम्।
(घ) असाध्यरोगेण ग्रस्ता सा 1897 तमे वर्षे दिवङ्गता।
(ङ) महाराष्ट्रस्य नायगांव-नाम्नि स्थाने सावित्री अजायत।
(च) नववर्षदेशीया सा ज्योतिबा-फुले-महोदयेन परिणीता।
(छ) सामाजिककुरीतीनां सावित्री मुखरं विरोधम् अकरोत्।
(ज) सः स्त्रीशिक्षायाः प्रबलः समर्थकः आसीत्।
(ख) तस्याः माता लक्ष्मीबाई पिता च खण्डोजी आस्ताम्।
(ग) नववर्षदेशीया सा ज्योतिबा-फुले-महोदयेन परिणीता।
(घ) सः स्त्रीशिक्षायाः प्रबलः समर्थकः आसीत्।
(ङ) सावित्रीः मनसि अध्ययनअभिलाषा उत्साहं प्राप्तवती।
(च) सामाजिककुरीतीनां सावित्री मुखरं विरोधम् अकरोत्।
(छ) सावित्री अनेकाः संस्थाः प्रशासनकौशलेन सञ्चालितवती।
(ज) असाध्यरोगेण ग्रस्ता सा 1897 तमे वर्षे दिवङ्गता।