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संस्कृत (Sanskrit)हिंदी माध्यम2026-27

RBSE Class 8 Sanskrit Chapter 13 Solutions & Notes in Hindi

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-09📖 RBSE/NCERT Solutions
भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल

राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 संस्कृत — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखत—

(क) इयं धरा कैः स्वर्णवद् भाति?
(ख) भारतस्वर्णभूमिः कुत्र राजते?
(ग) इयं केषां महाशक्तिभिः पूरिता?
(घ) इयं भूः कस्मिन् युतानाम् अस्ति?
(ङ) अत्र किं सदैव सुपूर्णमस्ति?
(क) शस्यैः।
(ख) क्षितौ।
(ग) अणूनाम्।
(घ) प्रबन्धेः।
(ङ) खाद्यान्नभाण्डम्।

प्रश्न 2. समानार्थकपदानि पाठात् चित्वा लिखत—

(क) पृथिव्याम् ................................ (क्षितौ/पर्वतेषु/त्रिलोक्याम्)
(ख) सुशोभते ................................ (लिखते/भाति/पिबति)
(ग) बुद्धिमताम् ................................ (पर्णाणाम्/उत्सवानाम्/विपश्चिच्ज्जनानाम्)
(घ) मयूराणाम् ................................ (शिखीनाम्/शुकानाम्/पिकानाम्)
(ङ) अनेकेषाम् ................................ (जनानाम्/वैज्ञानिकनानाम्/बहुनाम्)
(क) पृथिव्याम् = क्षितौ।
(ख) सुशोभते = भाति।
(ग) बुद्धिमताम् = विपश्चिच्ज्जनानाम्।
(घ) मयूराणाम् = शिखीनाम्।
(ङ) अनेकेषाम् = बहूनाम्।

प्रश्न 3. श्लोकांशमेलनं कृत्वा लिखत—

(क) त्रिशूलग्निनागैः, पृथिव्यस्त्रघोरैः
(ख) सदा पर्वणामुत्सवानां धरेयम्
(ग) वने दिग्गजानां तथा केसरीणाम्
(घ) सुपूर्णं सदैवअस्ति खाद्यान्नभाण्डम्
(ङ) इयं वीरभोग्या तथा कर्मसेव्या
(च) क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः
(छ) तटीनामयं वर्तते भूधराणाम्।
(ज) नदीनां जलं यत्र पीयूषतुल्यम्।
(झ) जगद्वन्द्वनिया च भूः देवगेया।
(क) त्रिशूलाग्निनागैः पृथिव्यस्त्रघोरैः अणूनां महाशक्तिभिः पूरयितुम्।
(ख) सदा पर्वणामुत्सवानां धरेयम् क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः।
(ग) वने दिग्गजानां तथा केसरीणाम् तटीनामयं वर्तते भूधराणाम्।
(घ) सुपूर्णं सदैवअस्ति खाद्यान्नभाण्डम् नदीनां जलं यत्र पीयूषतुल्यम्।
(ङ) इयं वीरभोग्या तथा कर्मसेव्या जगद्वन्द्वनीया च भूः देवगेया।

प्रश्न 4. चित्रं दृष्ट्वा (पाठात्) उपयुक्तपदानि गृहीत्वा वाक्यपूर्तिं कुरुत—

*(चित्र)*

उत्तरम्—

(क) अस्मिन् चित्रे एका नदी वहति।
(ख) नदी पर्वतात् निःसरति।
(ग) नद्याः जलं मधुरं भवति।
(घ) नदीजलेन शस्यसेचनं भवति।
(ङ) भारतः स्वर्णस्य भूमिः अस्ति।
(क) अस्मिन् चित्रे ........................ दृश्यन्ते।
(ख) एतेषाम् अस्त्राणां ........................ युद्धे भवति।
(ग) भारतः एतादृशानां ........................ प्रयोगेन विकसितदेशः मन्यते।
(घ) अत्र परमाणुशक्तिप्रयोगः अपि ........................।
(ङ) आधुनिकैः अस्त्रैः ........................ अस्मान् शत्रुభ్యः रक्षन्ति।
(च) ........................ सहायतया बहूनि कार्याणि भवन्ति।

उत्तरम्- (क) अस्मिन् चित्रे अस्त्राणि दृश्यन्ते।

(ख) एतेषाम् अस्त्राणां प्रयोगः युद्धे भवति।
(ग) भारतः एतादृशानां अस्त्राणां प्रयोगेन विकसितदेशः मन्यते।
(घ) अत्र परमाणुशक्तिप्रयोगः अपि भवति।
(ङ) आधुनिकैः अस्त्रैः सैनिकाः अस्मान् शत्रुభ్యः रक्षन्ति।
(च) उपग्रहाणां सहायतया बहूनि कार्याणि भवन्ति।
(ख) श्रावणमासस्य पूर्णिमायां रक्षा-बन्धनम् आयोज्यते।
(ग) अस्मिन् दिवसे भगिनी भ्रातुः हस्ते रक्षासूत्रं बध्नाति।
(घ) भ्राता भगिन्यै उपहारं ददाति।
(ङ) रक्षाबन्धनं भ्राता-भगिन्योः प्रेमणः पर्व वर्तते।
(च) प्राचीनकाले रक्षाबन्धनं शिक्षारम्भस्य दिवसः भवति स्म।

प्रश्न 7. अत्र चित्रं दृष्ट्वा संस्कृतभाषया पञ्चवाक्येषु प्रकृतेः वर्णनं कुरूत।

उत्तरम्- (क) अस्मिन् चित्रे एकस्य वनस्य दृश्यं वर्तते।

(ख) वनस्य प्राकृतिकशोभा रमणीया अस्ति।
(ग) वने बहवः वृक्षाः सन्ति।
(घ) वृक्षेष्षु खगाः कलरवं कुर्वन्ति।
(ङ) वने सिंहः, मृगः, मयूरः च स्वच्छन्दं विचरन्ति।
भाग 2 — नोट्स (Notes & Summary)

📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य

महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।

पाठ-परिचय—प्रस्तुत पाद्यांश डॉ. कृष्णचन्द्र त्रिपाठी द्वारा रचित है, जिसमें भारत के गौरव का गुणगान है। इसमें देश की खाद्यान्न सम्पन्नता, कलानुराग, प्राविधिक प्रवीणता, वन एवं सामरिक शक्ति की महनीयता को दर्शाया गया है।

है। प्राचीन परम्परा, संस्कृति, आधुनिक मिसाइल क्षमता एवं परमाणु शक्ति सम्पन्नता के गीत द्वारा कवि ने देश की सामर्थ्यशक्ति का वर्णन किया है। छात्र संस्कृत के इन श्लोकों का सस्वर गायन करें तथा देश के गौरव को महसूस करें, इसी उद्देश्य से इन्हें यहाँ संकलित किया गया है।

पाठ के पद्यांश के अन्वय, कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी भावार्थ-

1. सुपूर्णं सदैवअस्ति खाद्यान्नभाण्डं ................................................ क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः ॥

अन्वयः—यत्र सदैव खाद्यान्नभाण्डं सुपूर्णम् अस्ति, नदीनां जलं पीयूषतुल्यम् (अस्ति)। इयं धरा शस्यैः स्वर्णबद् भाति। क्षितौ इयं भारत-स्वर्णभूमिः राजते।

कठिन-शब्दार्थसुपूर्णम् = पूर्ण रूप से भरा हुआ। पीयूषतुल्यम् = अमृत के समान। धरेयम् = (धरा + इयम्) यह पृथ्वी। भाति = सुशोभित होती है। शस्यैः = फसलों से। क्षितौ = पृथ्वी पर। राजते = सुशोभित है।

हिन्दी भावार्थ—प्रस्तुत श्लोक में कवि भारत देश की महिमा का वर्णन करते हुए कहता है कि इस देश में हमेशा खाद्यान्न के भण्डार भरे हुए रहते हैं। यहाँ की नदियों का जल अमृत के समान है। धान आदि की फसलों से भारत की धरती स्वर्ण के समान सुशोभित होती है। इस पृथ्वी पर भारत यह स्वर्णभूमि सुशोभित है।

2. त्रिशूलग्निनागैः पृथिव्यस्त्रघोरैः ................................................ क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः ॥

अन्वयः—इयम् (धरा) त्रिशूलग्निनागैः पृथिव्यस्त्रघोरैः, अणूनां महाशक्तिभिः पूरिता (अस्ति)। इयं सदा राष्ट्ररक्षारतानां धरा (अस्ति)। भारतस्वर्णभूमिः क्षितौ राजते।

कठिन-शब्दार्थत्रिशूलग्निनागैः पृथिव्यस्त्रघोरैः = त्रिशूल, अग्नि, नाग, पृथ्वी तथा आकाश—पाँच मिसाइलों (अस्त्रों) के नाम। पूरिता = परिपूर्ण। राष्ट्ररक्षारतानाम् = राष्ट्र-रक्षा में लगे हुए लोगों की।

हिन्दी भावार्थ—प्रस्तुत श्लोक में भारत की सैन्य समृद्धि का वर्णन करते हुए कहा गया है कि भारत देश की भूमि त्रिशूल, अग्नि, नाग, पृथ्वी तथा आकाश नामक पाँच आणविक महाशक्ति वाले अस्त्रों से परिपूर्ण है। यह सदैव राष्ट्र-रक्षा में तत्पर वीरों की धरती है। भारत-स्वर्णभूमि इस पृथ्वी पर सुशोभित है।

3. इयं वीरभोग्या तथा कर्मसेव्या ................................................ क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः ॥

अन्वयः—इयं भूः वीरभोग्या तथा कर्मसेव्या जगद्वन्दनीया देवगेया च (अस्ति)। इयं सदा पर्वणां उत्सवानां (च) धरा। भारतस्वर्णभूमिः क्षितौ राजते।

कठिन-शब्दार्थभूः = पृथ्वी, भूमि। वीरभोग्या = वीरों द्वारा भोग करने योग्य। कर्मसेव्या = कर्मशील लोगों के द्वारा ಸೇವनीय। पर्वणामुत्सवानाम् = पर्व और उत्सवों की।

हिन्दी भावार्थ—प्रस्तुत श्लोक में भारत की महिमा का वर्णन करते हुए कहा गया है कि भारत की यह भूमि वीरों द्वारा भोगने योग्य है तथा यहाँ कर्मशील लोग ही निवास करते हैं। यह संसार में सभी के द्वारा वन्दनीय है। देवता भी इसकी प्रशंसा करते हैं। यह सदा पर्वों और उत्सवों की भूमि है। भारतस्वर्णभूमि इस पृथ्वी पर सुशोभित है।

4. इयं ज्ञानिनां चैव वैज्ञानिकानां ................................................ क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः ॥

अन्वयः—इयं (धरा) ज्ञानिनां, वैज्ञानिकानां चैव (अस्ति)। इयं (धरा) विपश्चिज्जनानां संस्कृतानां (चास्ति)। इयं धरा बहूनां मतानां जनानाम् (अस्ति)। भारतस्वर्णभूमि क्षितौ राजते।

कठिन-शब्दार्थविपश्चिज्जनानाम् = विद्वज्जनों की। संस्कृतानाम् = संस्कृतज्ञों की। बहूनाम् = बहुतों की।

हिन्दी भावार्थ—प्रस्तुत श्लोक में भारत देश की महिमा का वर्णन करते हुए कवि कहता है कि भारत देश की भूमि ज्ञानियों, वैज्ञानिकों, विद्वानों और संस्कृतज्ञों से युक्त है। इस भूमि पर अनेक मतों के लोग रहते हैं। भारत की यह स्वर्णभूमि पृथ्वी पर सुशोभित है।

5. इयं शिल्पियां यन्त्रविद्याधराणां ................................................ क्षितौ राजतै भारतस्वर्णभूमिः ॥

अन्वयः—इयं (धरा) शिल्पिनाम्, यन्त्रविद्याधराणां, भिषक्शास्त्रिणाम्, भूः प्रबन्धे युतानाम् (चास्ति)। इयं धरा नटानां नटीनां कवीनां (चास्ति)। भारतस्वर्णभूमिः क्षितौ राजते।

कठिन-शब्दार्थयन्त्रविद्याधराणाम् = यन्त्र विद्या को जानने वालों की। भिषक्शास्त्रिणाम् = वैद्य, चिकित्सकों की। प्रबन्धे युतानाम् = प्रबन्ध कार्यों में लगे हुए (इंजीनियरों) की। नटानाम् = अभिनेताओं की। नटीनाम् = अभिनेत्रियों की।

संस्कृत—कक्षा-8

हिन्दी भावार्थ—प्रस्तुत श्लोक में भारत देश की महिमा का वर्णन करते हुए कवि कहता है कि भारत देश महान् शिल्पकार, यन्त्र-विद्या के ज्ञाता, प्रबन्धक, अभिनेता, अभिनेत्रियाँ तथा कवियों से सुशोभित है। भारत-स्वर्णभूमि पृथ्वी पर सुशोभित है।

6. वने दिग्गजानां तथा केसरीणां ................................................ क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः ॥

अन्वयः—इयं धरा वने दिग्गजानां तथा केसरीणाम्, तटीनां भूधराणां (च) वर्तते। इयं धरा शिखीनां शुकानां पिकानां (च) वर्तते। भारतस्वर्णभूमिः क्षितौ राजते।

कठिन-शब्दार्थ—दिग्गजानाम् = हाथियों की। केसरीणाम् = सिंहों की। तटीनाम् = नदियों की। भूधराणाम् = पर्वतों की। शिखीनाम् = मोरों की। शुकानाम् = तोतों की। पिकानाम् = कोयलों की।

हिन्दी भावार्थ—प्रस्तुत श्लोक में कवि भारत देश की प्राकृतिक विशेषताओं का वर्णन करते हुए कहता है कि भारत-भूमि वनों में हाथियों, सिंहों, नदियों, पर्वतों, मयूरों, तोतों तथा कोयलों से सुशोभित है। भारत की स्वर्णभूमि इस पृथ्वी पर सुशोभित हो रही है।

भाग 3 — परीक्षा उपयोगी प्रश्न (Important Q&A)

3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पात्मकप्रश्नाः-

1. "क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः" प्रस्तुतपाठस्य लेखकः अस्ति-

(अ) अनुपम मिश्र
(ब) रमानाथ शास्त्री
(स) विष्णु शर्मा
(द) डॉ. कृष्णचन्द्र त्रिपाठी

2. भारतस्वर्णभूमिः कुत्र राजते?

(अ) क्षितौ
(ब) गगने
(स) स्वर्गलोके
(द) भारतदेशे

3. भारतभूमिः केषां महाशक्तिभिः पूरिता?

(अ) कणानाम्
(ब) सैनिकानाम्

उत्तरम्- (क) अस्मिन् चित्रे दीपावली-पर्व दृश्यते।

(ख) चित्रे माता, पिता, पुत्री, पुत्रश्च दृश्यन्ते।
(ग) दीपावलिः अस्माकं प्रमुखपर्व वर्तते।
(घ) दीपावल्यां जनाः स्व-स्व गृहेषु दीपान् प्रज्जयलन्ति।
(ङ) रात्रौ सर्वे प्रसन्नतापूर्वकं मिष्टान्नं स्फोटकान् च वितरन्ति।

( आ ) चित्रं दृष्ट्वा संस्कृते पञ्चवाक्यानि लिखत।

अथवा

चित्रं दृष्ट्वा मञ्जूषातः पदानि च प्रयुज्य षड्वाक्यानि रचयत।

( रक्षाबन्धनस्य, भगिनी, श्रावणमासस्य, शिक्षारम्भस्य, प्रेमणः, रक्षासूत्रम् )

संस्कृत—कक्षा-8

(स) शस्त्राणाम्
(द) अणूनाम्
(अ) कुबन्धे
(ब) प्रबन्धे
(स) शासने
(द) पालने

5. भारतभूमौ किं सदैव सुपूर्णमस्ति?

(अ) वस्त्रागारम्
(ब) शस्त्रागारम्
(स) खाद्यान्नभाण्डम्
(द) जलभण्डारम्

6. भारते कासां जलं पीयूषतुल्यम् अस्ति?

(अ) नदीनाम्
(ब) सरोवराणाम्
(स) समुद्राणाम्
(द) कूपानाम्

7. भारतस्य धरा कैः भोग्या?

(अ) दैत्यैः
(ब) सुरैः
(स) कृपणैः
(द) वीरैः

8. भारतभूः कैः गेया अस्ति?

(अ) दानवैः
(ब) देवैः
(स) खगैः
(द) बालकैः

9. भारतस्य धरा सदा केषाम् अस्ति?

(अ) राष्ट्ररक्षतानाम्
(ब) पर्वणाम्
(स) उत्सवानाम्
(द) एतेषां सर्वेषाम्

10. इयं धरा कति मतानां जनानाम् अस्ति?

(अ) बहूनाम्
(ब) अल्पनाम्
(स) त्रयाणाम्
(द) चतुर्णाम्

11. ज्ञानिनां वैज्ञानिकानां च धरा का?

(अ) चीनधरा
(ब) पाकिस्तानधरा
(स) रूसधरा
(द) भारतधरा

12. 'क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः' इति पाठस्य क्रमः कः?

(अ) त्रयोदशः
(ब) द्वादशः
(स) चतुर्दशः
(द) एकादशः

13. भारतभूमिः कैः स्वर्णवद् भाति?

(अ) वनैः
(ब) भवनैः
(स) शस्यैः
(द) शस्त्रैः

14. भारते नदीनां जलं केन तुल्यम् अस्ति?

(अ) विषेन
(ब) लवणेन
(स) दुग्धेन
(द) अमृतेन

15. 'मयुराणाम्' इति पदस्य पर्यायपदं किम्?

(अ) शुकानाम्
(ब) शिखिनाम्
(स) पिकानाम्
(द) कपोतानाम्

1.
(द) 2.
(अ) 3.
(द) 4.
(ब) 5.
(स)

6.
(अ) 7.
(द) 8.
(ब) 9.
(द) 10.
(अ)

11.
(द) 12.
(अ) 13.
(स) 14.
(द) 15.
(ब)।

अतिलघूत्तरत्मकप्रश्नाः—

प्रश्नः—एकपदेन उत्तरत—

(क) अत्र नदीनां जलं केन तुल्यमस्ति?
(ख) भारतभूमिः शस्यैः कथमिव भाति?
(ग) वीरभोग्या कर्मसेव्या च का अस्ति?
(घ) भारतभूमिः कैः गेया?
(ङ) धरेयं कीदृशानां जनानां वर्तते?
(क) | (ख)

(i) सुपूर्णं सदैवअस्ति | तथा कर्मसेव्या

(ii) नदीनां जलं यत्र | खाद्यान्नभाण्डम्

(iii) इयं वीरभोग्या | भारतस्वर्णभूमिः

(iv) क्षितौ राजते | पीयूषतुल्यम्

उत्तरम्—

(i) संपूर्णं सदैवअस्ति खाद्यान्नभाण्डम्।

(ii) नदीनां जलं यत्र पीयूषतुल्यम्।

(iii) इयं वीरभोग्या तथा कर्मसेव्या।

(iv) क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः।

प्रश्न 2. सुमेलनं कुरुत—

‘क’ स्तम्भः | ‘ख’ स्तम्भः

(i) सदा पर्वाणामुत्सवनां | विमुखं यान्ति नार्थिनः।

धरेयम्

(ii) वने दिग्गजानां तथा | आदावेव प्रतिक्रियाः।

केशरीणाम्

(iii) चिन्तनीया हि विपदाम्— तटिनामयं वर्तते भूधराणाम्।

(iv) धन्यः महीरुहाः येषां— क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः।

उत्तरम्—

(i) सदा पर्वाणामुत्सवनां धरेयम्—क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः।

(ii) वने दिग्गजानां तथा केशरीणाम्–तटिनामयं वर्तते भूधराणाम्।

(iii) चिन्तनीया हि विपदाम्–आदावेव प्रतिक्रियाः।

(iv) धन्यः महीरुहाः येषां–विमुखं यान्ति नार्थिनः।

प्रश्न 3. रेखाङ्कितपदानि अधिकृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत—

(i) भारते सदैव खाद्यान्नभाण्डं सुपूर्णम् अस्ति।

(ii) अत्र नदीनां जलं पीयूषतुल्यम् अस्ति।

(iii) इयं धरा शस्यैः स्वर्णवद् भाति।

(iv) भारतस्वर्णभूमिः क्षितौ राजते।

(v) इयं धरा अणूनां महाशक्तिभिः पूरिता।

(vi) भारतभूः वीरभोग्या अस्ति।

(vii) इयं धरा ज्ञानिनां वैज्ञानिकानां चास्ति।

(viii) इयं धरा बहूनां मतानां जनानाम् अस्ति।

उत्तरम्–प्रश्न-निर्माणम्—

(i) भारते सदैव किम् सुपूर्णम् अस्ति?

(ii) अत्र कासां जलं पीयूषतुल्यम् अस्ति?

(iii) इयं धरा कैः स्वर्णवद् भाति?

(iv) भारतस्वर्णभूमिः कुत्र राजते?

(v) इयं धरा केषां महाशक्तिभिः पूरिता?

(vi) का वीरभोग्या अस्ति?

(vii) इयं धरा ज्ञानानां केषां चास्ति?

(viii) इयं धरा केषां जनानाम् अस्ति?

प्रश्न 4. अधोलिखितशब्दानां अर्थैः सह उचितमेलनं कुरुत-

शब्दाः

अर्थाः

(i) पीयूषम्

मयूराणाम्

(ii) दिग्जनानाम्

भूमिम्

(iii) क्षितौ

नदीनाम्

(iv) केशरीणाम्

पृथिव्याम्

(v) राजते

हस्तीनाम्

(vi) टटीनाम्

चिकित्सकः

(vii) भूः

पर्वतानाम्

(viii) भूधराणाम्

अमृतम्

(ix) भिषक्

सिंहानाम्

(x) शिखीनाम्

सुशोभते

उत्तरम्-शब्दाः

अर्थीः

(i) पीयूषम्

अमृतम्

(ii) दिग्जनानाम्

हस्तीनाम्

(iii) क्षितौ

पृथिव्याम्

(iv) केशरीणाम्

सिंहानाम्

(v) राजते

सुशोभते

(vi) टटीनाम्

नदीनाम्

(vii) भूः

भूमिः

(viii) भूधराणाम्

पर्वतानाम्

(ix) भिषक्

चिकित्सकः

(x) शिखीनाम्

मयूराणाम्।