📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल
राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 संस्कृत — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. उच्चारणं कुरुत—
सुप्रभातम्
महत्ताधायिनी
पर्वपरम्पराभिः
चतुर्विंशतिः
द्विसप्ततितमे
वंशवृक्षनिर्मितानाम्
सप्तभगिन्यः
प्राकृतिकसम्पद्भिः
वंशोद्योगोऽयम्
गुणगौरवदृष्ट्या
पुष्पस्तबकसदृशानि
अन्तर्राष्ट्रियख्यातिम्
उत्तरम्—[ नोट—उपर्युक्त शब्दों के उच्चारण का अभ्यास अध्यापक की सहायता से कीजिए।]
प्रश्न 2. प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखत—
( क ) अस्माकम् देशे कति राज्यानि सन्ति?
उत्तरम्—अष्टाविंशतिः।
( ख ) प्राचीनेतिहास कः स्वाधीनाः आसन्?
उत्तरम्—सप्तभगिन्यः।
( ग ) केषां समवायः 'सप्तभगिन्यः' इति कथ्यते?
उत्तरम्—सप्तराज्यानाम्।
( घ ) अस्माकं देशे कति केन्द्रशासितप्रदेशाः सन्ति?
उत्तरम्-सप्त।
( ङ ) सप्तभगिनी-प्रदेशे कः उद्योगः सर्वप्रमुखः?
उत्तरम्-वंशोद्योगाः।
प्रश्न 3. पूर्णवाक्येन उत्तराणि लिखत-
( क ) भगिनीसमके कानि राज्यानि सन्ति?
उत्तरम्-भगिनीसमके इमानि राज्यानि सन्ति-
1. अरुणाचलप्रदेशः, 2. असमः, 3. मणिपुरम्, 4. मिजोरमः, 5. मेघालयः, 6. नगालैण्डः, 7. त्रिपुरा चेति।
( ख ) इमानि राज्यानि सप्तभगिन्यः इति किमर्थं कथ्यते?
उत्तरम्-'सप्तभगिन्यः' इति प्रयोगोऽयं प्रतीकात्मको वर्तते। सामाजिक-सांस्कृतिक-परिदृश्यानां साम्याद् इमानि राज्यानि सप्तभगिन्यः इति कथ्यते।
( ग ) सप्तभगिनी-प्रदेशे के निवसन्ति?
उत्तरम्—सप्तभगिनी-प्रदेशे गारो-खासी-नगा-मिजो-प्रभृतयः बहवः जनजातीयाः निवसन्ति।
( घ ) एतत्प्रादेशिकाः कैः निष्णाताः सन्ति?
उत्तरम्–एतत्प्रादेशिकाः बहु भाषाभिः समन्विताः, पर्वपरम्पराभिः परिपूर्िताः, स्वलीलाकलाभिश्च निष्णाताः सन्ति।
( ङ ) वंशवृक्षवस्तूनाम् उपयोगः कुत्र क्रियते?
उत्तरम्—वंशवृक्षवस्तूनाम् उपयोगः प्रायः आवस्त्राभूषणेभ्यः गृहनिर्माण-पर्यन्तं क्रियते।
प्रश्न 4. रेखांकितपदमाधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरूत-
( क ) वयं स्वदेशस्य राज्यानां विषये ज्ञातुमिच्छामि।
( ख ) सप्तभगिन्यः प्राचीनेतिहासै प्रायः स्वाधीनाः एव दृष्टाः।
( ग ) प्रदेशेऽस्मिन् हस्तशिल्पानां बाहुल्यं वर्तते।
( घ ) एतानि राज्यानि तु भ्रमणार्थं स्वर्गसदूशानि।
उत्तरम्-प्रश्ननिर्माणम्-
प्रश्न 5. यथानिर्देशमुत्तरत-
( क ) 'महोदये! मे भगिनी कथयति'—अत्र 'मे' इति सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्तम्?
उत्तरम्-स्वरायै।
( ख ) सामाजिक-सांस्कृतिकपरिदृश्यानां साम्याद् इमानि उक्तोपाधिना प्रथितानि अस्मिन् वाक्ये प्रथितानि इति क्रियापदस्य कर्तृपदं किम्?
उत्तरम्-इमानि।
( ग ) एतेषां राज्यानां पुनः सङ्घटनम् विहितम्-अत्र 'सङ्घटनम्' इति कर्तृपदस्य क्रियापदं किम्?
उत्तरम्-विहितम्।
( घ ) अत्र वंशवृक्षाणां प्राचुर्यम् विद्यते—अस्मात् वाक्यात् 'अल्पता' इति पदस्य विपरीतार्यंकं पदं चित्वा लिखत।
उत्तरम्—प्राचुर्यम्।
( ङ ) 'क्षेत्रपरिमाणाैः इमानि लघूनि वर्तन्ते'-वाक्यात् 'सन्ति' इति क्रियापदस्य समानार्थकपदं चित्वा लिखत।
उत्तरम्-वर्तन्ते।
प्रश्न 6. ( अ ) पाठात् चित्वा तद्भवपदाानां कृते संस्कृतपदानां लिखत।
उत्तरम्—तद्भव-पदानां
संस्कृत-पदानां
यथा- सात
सप्त
बहिन
भगिनी
संगठन
समवायः
बाँस
वंश
आज
अद्य
खेत
क्षेत्र
( आ ) भिन्नप्रकृतिकं पदं चिनुत-
( क ) गच्छति, पठति, धावति, अहसत्, क्रीडति।
( ख ) छात्रः, सेवकः, शिक्षकः, लेखिका, क्रीडकः।
( ग ) पत्रम्, मित्रम्, पुष्पम्, आम्रः, फलम्।
( घ ) व्याघ्रः, भल्लूकः, गजः, कपोतः, शाखा, वृषभः, सिंहः।
( ङ ) पृथ्वी, वसुन्धरा, धरित्री, यानम्, वसुधा।
उत्तरम्-(क) अहसत्, (ख) लेखिका, (ग) आम्रः, (घ) कपोतः, (ङ) यानम्।
प्रश्न 7. विशेष्य-विशेषणानाम् उचितं मेलनम् कुरूत-
विशेष्य-पदानां
विशेषण-पदानां
अयम
संस्कृतिः
संस्कृतिविशिष्टायाम्
इतिहासै
महत्त्वाधायिनी
प्रदेशः
प्राचीने
समवायः
एकः
भारतभूमौ
उत्तरम्-विशेष्य-पदानाम्
विशेषण-पदानां
अयम्
प्रदेशः
संस्कृतिविशिष्टायाम्
भारतभूमौ
महत्त्वाधायिनी
संस्कृतिः
प्राचीने
इतिहासै
एकः
समवायः
योग्यता-विस्तारः-
* अड्डयं मत्रयं चैव न-त्रि-युक्तं तथा द्वयम्।
सप्तराज्यसमूहोऽयं भगिनीसमकं मतम्॥
संस्कृत—कक्षा-8
यह राज्यों के नामों को याद रखने का एक सरल तरीका है। इसका अर्थ है अ से आरम्भ होने वाले दो, म से आरम्भ होने वाले तीन, न से नागालैण्ड और त्रि से त्रिपुरा का बोध होता है। इसी प्रकार अठारह पुराणों के नाम याद रखने के लिये यह श्लोक प्रसिद्ध है—
मद्द्वयं भद्द्वयं चैव ब्रत्रयं वचतुष्टयम्।
अ-ना-प-लिंग-कूस्कानि पुराणानि प्रचक्षते॥
* 'सप्तभगिनी' इस उपनाम का सर्वप्रथम प्रयोग 1972 में श्री ज्योति प्रसाद सैकिया ने आकाशवाणी के साथ भेंटवार्ता के क्रम में किया था।
* इनके अन्तर्गत आने वाले राज्यों का उल्लेख प्राचीन ग्रन्थों में भी प्राप्त होता है यथा—महाभारत, रामायण, पुराण आदि।
* इन राज्यों की राजधानी क्रमशः इस प्रकार है—
अरुणाचल प्रदेश – ईटानगर
असम – दिसपुर
मणिपुर – इम्फाल
मिजोरम – ऐजोत
मेघालय – शिलाङ्ग
नगालैण्ड – कोहिमा
त्रिपुरा – अगरतल्ला
* बिहू, मणिपुरी, नानक्रम आदि इस प्रदेश के प्रमुख नृत्य हैं।
* नगा, मिजो, खासी, असमी, बांग्ला, पदम, बोडो, गारो, जयन्तिया आदि यहाँ की प्रमुख भाषाएँ हैं।
सप्तसंख्या पर कुछ अन्य प्रचलित नाम हैं—
सप्तसिन्धु– 'सप्तभगिनी' के समान सप्तसिन्धु भी हैं। ये सप्तसिन्धु हैं—सिन्धु, शुतुद्री (सतलज), इरावती (इरावदी), वितस्ता (झेलम), विपाशा (व्यास), असिक्नी (चिनाब) और सरस्वती।
सप्तपर्वत–महेन्द्र, मलय, हिमवान्, अर्बुद, विन्ध्य, सह्याद्रि, श्रीशैल।
सप्तर्षि–मरीचि, पुलस्त्य, अंगिरा, क्रतु, अत्रि, पुलह, वसिष्ठ।
📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य
महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।
पाठ के नाट्यांशों के कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी-अनुवाद-
1. अध्यापिका–सुप्रभातम् ........................................................................................ केन्द्रशासितप्रदेशाः अपि सन्ति।
कठिन-शब्दार्थ-ज्ञातुम् = जानने के लिए। शोभनम् = सुन्दर। चतुर्विंशति = चौबीस। पञ्चविंशति = पच्चीस। मे = मेरी। भगिनी = बहिन। अष्टाविंशतिः = अट्ठाईस। एतदतिरिक्तम् = इनके अतिरिक्त।
हिन्दी अनुवाद–
* अध्यापिका—सुबह की नमस्कार।
* छात्राएँ—सुप्रभात! सुप्रभात।
* अध्यापिका—ठीक है। आज क्या पढ़ना है?
* छात्राएँ—हम सब अपने देश के राज्यों के विषय में जानना चाहती हैं।
* अध्यापिका—सुन्दर (ठीक है)। बोलो। हमारे देश में कितने राज्य हैं?
* सायरा—महोदया! चौबीस।
* सिल्वी—नहीं, नहीं महोदया! पच्चीस राज्य हैं।
* अध्यापिका—अन्य कोई भी?
* स्वरा—(बीच में ही) महोदया! मेरी बहिन कहती है कि हमारे देश में अट्ठाईस राज्य हैं। इनके अतिरिक्त सात केन्द्र-शासित प्रदेश भी हैं।
2. अध्यापिका–सम्यग्जानाति ते ........................................................................ गुणगौरवदृष्ट्या बृहत्तराणि प्रतीयन्ते।
श्लोकस्य अन्वयः–अद्वयं तथा मत्रयं चैव न-त्रि-युक्तं द्वयम्। सप्त-राज्यसमूहः अयं भगिनीसप्तकं मतम्।
कठिन-शब्दार्थ-सम्यक् = अच्छी प्रकार से। जानीथ = जानती हो। समवायः = समूह। प्रथitः = प्रसिद्ध। प्रतीकात्मकः = सांकेतिक। साम्यात् = समानता के कारण। उक्तोपाधिना = (उक्त + उपाधिना) कही गयी उपाधि के कारण। भगिनीसप्तकम् = सात बहिन। लघूनि = छोटे। बृहत्तराणि = बड़े।
हिन्दी अनुवाद–
* अध्यापिका—तुम्हारी बहिन अच्छी प्रकार से जानती है। ठीक है, क्या तुम जानते हो कि इन राज्यों में सात राज्यों का एक समूह है जो 'सात बहिन' इस नाम से प्रसिद्ध है।
* सभी—(आश्चर्यपूर्वक आपस में देखते हुए) सात बहिनें? सात बहनें?
* निकोलस—ये राज्य 'सात बहनें' ऐसा क्यों कहे जाते हैं?
* अध्यापिका—यह प्रयोग सांकेतिक है। सम्भवतः सामाजिक और सांस्कृतिक परिदृश्यों की समानता के कारण ये उक्त उपाधि (सात बहनें) के नाम से प्रसिद्ध है।
* समीक्षा—मेरा कौतूहल शान्त नहीं हो रहा है, यह सुनाइये कि वे सात राज्य कौन से हैं?
* अध्यापिका—सुनिये।
अकार दो और मकार तीन तथा दो नकार व त्रिकार से युक्त। सात राज्यों का समूह 'सात बहनें' माना गया है।
इस प्रकार 'सप्त बहिनों' में ये राज्य हैं—अरुणाचलप्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, नागालैण्ड और त्रिपुरा। यद्यपि क्षेत्रफल से ये छोटे राज्य हैं, फिर भी गुण और गौरव की दृष्टि से बड़े प्रतीत होते हैं।
3. सर्वे–कथम्? कथम्? ........................................................................................ किमपि वैशिष्ट्यमस्ति एतेषाम्?
कठिन-शब्दार्थ-स्वीये = अपने। स्वाधीनः = स्वतन्त्र। दृष्टाः = देखे गये हैं। स्वायत्तकृताः = अपने अधीन किये गये। श्रुतमधुरशब्दः = सुनने में मधुर शब्द। प्रवर्तितः = प्रारम्भ किया गया।
हिन्दी अनुवाद–
* सभी—कैसे? कैसे?
संस्कृत—कक्षा-8
अध्यापिका—ये सात बहनें अपने प्राचीन इतिहास में प्रायः स्वतन्त्र ही दिखाई दी हैं। किसी भी शासक के द्वारा इन्हें अपने अधीन नहीं किया गया। अनेक प्रकार की संस्कृतियों से विशिष्ट भारत देश में इन बहनों की संस्कृति महत्त्वपूर्ण है।
तन्वी—यह शब्द सबसे पहले कब प्रयुक्त हुआ?
अध्यापिका—सुनने में मधुर यह शब्द सबसे पहले विगत शताब्दी के 72वें वर्ष (1972 ई.) में त्रिपुरा राज्य के उद्घाटन कार्यक्रम में किसी के द्वारा प्रवर्तित (प्रारम्भ) किया गया। इसी समय में इन राज्यों का फिर से संघटन किया गया।
स्वरा—इनकी अन्य भी कुछ विशेषताएँ हैं?
4. अध्यापिका—नूनम् अस्ति .............................................................. इमाः सप्तभगिन्यः सन्ति।
कठिन-शब्दार्थ—नूनम् = निश्चय ही (अव्यय)। सुमृद्धानि = बहुत समृद्ध। भारतवृक्षे = भारत रूपी वृक्ष पर। पुष्पस्तबकसदृशानि = पुष्प के गुच्छे के समान।
हिन्दी अनुवाद—
अध्यापिका—निश्चय ही हैं। ये राज्य पर्वत, वृक्ष, पुष्प आदि प्राकृतिक सम्पदाओं से बहुत समृद्ध हैं। भारत रूपी वृक्ष पर पुष्प के गुच्छे के समान ये विराजमान हैं।
राजजीव—हे श्रीमतीजी! घर में जिस प्रकार बहिन सबसे अधिक रमणीय और सुन्दर होती है उसी प्रकार भारत रूपी घर में भी ये सात बहनें सबसे अधिक रमणीय हैं।
5. अध्यापिका—मनस्यागता ते .............................................................. स्वलीला-कलाभिश्च निष्णाताः सन्ति।
कठिन-शब्दार्थ—मनस्यागता = (मनसि + आगता) मन को भा गई, मन में समा गई। सावधानमनसा = सावधान मन से। ऊर्जास्विनः = ऊर्जायुक्त। पर्वपरम्पराभिः = पर्वों की परम्परा से। परिपूरिताः = पूर्ण, भरे-पूरे। निष्णाताः = निपुण।
हिन्दी अनुवाद—
अध्यापिका—परम कल्याणयुक्त तुम्हारी यह भावना मन में समा गई है, किंतु सभी उसी प्रकार से नहीं जानते हैं। अच्छा, इनके विषय में कुछ विशेषताएँ भी कहने योग्य हैं। सावधान मन से सुनो—
यह प्रदेश जनजातिबहुल है। यहाँ गारो, खासी, नगा, मिजो आदि बहुत-सी जनजातियाँ रहती हैं। शरीर से ऊर्जायुक्त इस प्रदेश के लोग अनेक भाषाओं से युक्त, पर्वों की परम्परा से परिपूर्ण एवं अपनी क्रिया एवं कलाओं से निपुण हैं।
6. मालती—महोदयें ! तत्र .............................................................. भ्रमणार्थं स्वर्गसदृशानि इति।
कठिन-शब्दार्थ—वंशवृक्षाः = बाँस के वृक्ष। प्राचुर्यम् = अत्यधिकता। अवाप्तः = प्राप्त। बह्माकर्षकः = अत्यधिक आकर्षक। समीचीनः = बहुत अच्छा, उपयुक्त। साार्द्धम् = साथ।
हिन्दी अनुवाद—
मालती—महोदया ! वहाँ तो बाँस के वृक्ष भी प्राप्त होते हैं?
अध्यापिका—हाँ। इस प्रदेश में हस्तशिल्प की अधिकता है। वस्त्राभूषणों से लेकर गृह-निर्माण तक प्रायः बाँस के वृक्षों से निर्मित वस्तुओं का उपयोग किया जाता है। क्योंकि यहाँ बाँस के वृक्षों की अधिकता है। इस समय यह बाँस का उद्योग अन्तर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि को प्राप्त है।
अभिनव—यह बहिन-प्रदेश अत्यधिक आकर्षक प्रतीत होता है।
सलीम—क्या भ्रमण करने के लिए यह बहिन-प्रदेश उपयुक्त है?
सभी छात्र—(जोर से) महोदया ! आने वाले अवकाश में हम सब वहीं जाना चाहते हैं।
स्वरा—आप भी हमारे साथ चलें।
अध्यापिका—मुझे यह विचार अच्छा लगता है। ये राज्य तो भ्रमण के लिए स्वर्ग के समान हैं।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
बहुविकल्पात्मक-प्रश्नाः—
1. 'सप्तभगिन्यः' पाठानुसारम् अस्माकं देशे कति राज्यानि सन्ति?
2. प्राचीनेतिहासैः काः स्वाधीनाः आसन्?
3. भगिनीसमके कस्य राज्यस्य गणना न भवति?
4. केषां समवायः ‘सप्तभगिन्यः’ इति कथ्यते?
5. सप्तभगिनी-ప్రదేశे कः उद्योगः सर्वप्रमुखः?
6. 'सप्तभगिन्यः' इति प्रयोगोऽयं कीदृशः?
7. भारतगृहे सर्वाधिकाः रम्याः काः सन्ति?
8. भगिनीसप्तके राज्यानि का दृष्ट्या बृहत्तराणि प्रतीयन्ते?
9. 'मंत्रयम्' इति त्रिषु राज्येषु कस्य गणना नास्ति?
10. सप्तभगिनीनां का महत्त्वधायिनी वर्तते?
11. 'सप्तभगिन्यः' इति पाठस्य क्रमः अस्ति—
12. अस्माकं देशे कति केन्द्रशासितप्रदेशाः सन्ति?
13. भगिनीप्रदेशे केषां प्राचुर्यं विद्यते?
14. गृहे सर्वाधिका रम्या मनोरमा च का भवति?
15. 'कौतूहलं मे खलु शान्तं न गच्छतिः'–इत्यत्र अव्ययपदं किम्?
उत्तराणि– 1. (द) 2. (स) 3. (ब) 4. (अ) 5. (स) 6. (ब) 7. (अ) 8. (ब) 9. (अ) 10. (अ) 11. (द) 12. (स) 13. (ब) 14. (द) 15. (अ)।
अतिलघुत्तरउत्तमप्रश्नः –
प्रश्नः– एकपदेन उत्तरत –
(ङ) कः बह्माकर्षकः प्रतीयते?
उत्तराणि – (क) गुणगौरवदृष्ट्या (ख) महत्त्वभादायिनी (ग) पुष्पस्तबकसटृशानि (घ) भगिनी (ङ) सप्तभगिनीप्रदेशः।
लघुत्तरउत्तमप्रश्नः –
प्रश्न 1. अधोलिखित प्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखत –
( क ) कति भगिन्यः सन्ति?
उत्तरम् – सप्तभगिन्यः सन्ति।
( ख ) सप्तभगिन्यः कदा प्रायः स्वाधीनाः एव दृष्टाः?
उत्तरम् – सप्तभगिन्यः स्वीये प्राचीनतिहासे प्रायः स्वाधीनाः एव दृष्टाः।
( ग ) भगिनीसप्तके राज्यानि काभिः सुसमृद्धानि सन्ति?
उत्तरम् – भगिनीसप्तके राज्यानि पर्वत-वृक्ष-पुष्प-प्रभृतिभिः प्राकृतिकसम्पद्धिः सुसमृद्धानि सन्ति।
( घ ) भारतगृहे सर्वाधिकाः रम्याः काः सन्ति?
उत्तरम् – भारतगृहे सर्वाधिकाः रम्याः सप्तभगिन्यः सन्ति।
( ङ ) सप्तभगिनीप्रदेशे कासां बाहुल्यं वर्तते?
उत्तरम् – सप्तभगिनीप्रदेशे हस्तशिल्पानां बाहुल्यं वर्तते।
प्रश्न 2. रेखाङ्कितपदानि अधिकृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत –
(i) वयं स्वदेशस्य राज्यानां विषये ज्ञातुमिच्छामः।
(ii) अस्माकं देशे अष्टाविंशतिः राज्यानि सन्ति।
(iii) एतदतिरिक्त्य सप्त केन्द्रशासितप्रदेषाः सन्ति।
(iv) तव भगिनी सम्यग्जानाति।
(v) सप्तराज्यसमूहः भगिनीसप्तकं मतम्।
(vi) मे कौतूहलं शान्तिं न गच्छति।
(vii) क्षेत्रपरिमाणैः इमानि लघूनि वर्तन्ते।
(viii) सप्तभगिन्यः प्राचीनेतिहासे प्रायः स्वाधीनाः एव दृष्टाः।
(ix) एतासां भगिनीनां संस्कृतिः महत्त्वधाधिनी वर्तते।
(x) गृहे सर्वाधिका रम्या मनोरमा च भगिनी भवति।
उत्तरम् – प्रश्ननिर्माणम् –
(i) वयं स्वदेशस्य केषां विषये ज्ञातुमिच्छामः?
(ii) अस्माकं देशेः कति राज्यानि सन्ति?
(iii) एतदतिरिक्त्य कति केन्द्रशासितप्रदेषाः सन्ति?
(iv) तव का सम्यग्जानाति?
(v) सप्तराज्यसमूहः किम् मतम्?
(vi) मे किं शान्तिं न गच्छति?
(vii) कैः इमानि लघूनि वर्तन्ते?
(viii) सप्तभगिन्यः कदा प्रायः स्वाधीनाः एव दृष्टाः?
(ix) एतासां भगिनीनां संस्कृतिः कीदृशी वर्तते?
(x) गृहे सर्वाधिका रम्या मनोरमा च का भवति?
प्रश्न 3. अधोलिखितशब्दानाम् अर्थैः सह समुचितमेलनं कुरुत –
शब्दाः | अर्थी: | |
(i) बाढम् | – | समूहः |
(ii) प्रथितः | – | शोभनम् |
(iii) समवायः | – | मनोहरा |
(iv) स्वाधीनाः | – | प्रसिद्ध |
(v) साम्याद् | – | स्वसा |
(vi) साद्धम् | – | कृतम् |
(vii) विहितम् | – | अन्यतः |
(viii) अपरतः | – | सह |
(ix) भगिनी | – | समानतया |
(x) हद्या | – | स्वतन्त्राः |
उत्तरम् – शब्दाः – अर्थीः
(i) बाढम् – शोभनम्
(ii) प्रथितः – प्रसिद्धः
(iii) समवायः – समूहः
(iv) स्वाधीनाः – स्वतन्त्राः
(v) साम्याद् – समानतया
(vi) साद्धम् – सह
(vii) विहितम् – कृतम्
(viii) अपरतः – अन्यतः
(ix) भगिनी – स्वसा
(x) हद्या – मनोहरा।