📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल
राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
पाठगत प्रश्न
प्रश्न 1. हम खुरपी, दरांती, बेलचा, हल इत्यादि औजारों का उपयोग कहाँ और कैसे करते हैं?
उत्तर : हम खुरपी, दरांती, बेलचा, हल इत्यादि औजारों का उपयोग खेतों में कृषि कार्य में करते हैं।
* खुरपी- इसकी सहायता से हम क्यारी बनाने के लिए मिट्टी खोदते हैं तथा खरपतवार को भी हटाते हैं।
* दरांती- इसकी सहायता से हम फसल काटते हैं।
* बेलचा- इसका प्रयोग मिट्टी, अनाज आदि को उठाकर टोकरों में भरने के लिए किया जाता है।
* हल- जुताई, भूमि में खाद/उर्वरक मिलाने तथा मिट्टी खुरचने के लिए हल का उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 2. हम अपने देश के इतने अधिक लोगों को भोजन किस प्रकार उपलब्ध करा सकते हैं?
उत्तर : हम अपने देश के इतने अधिक लोगों को भोजन इसके बड़े स्तर पर एवं नियमित उत्पादन, उचित प्रबन्धन तथा वितरण द्वारा उपलब्ध करा सकते हैं।
प्रश्न 3. धान को शीत ऋतु में क्यों नहीं उगाया जा सकता?
उत्तर : धान को बहुत अधिक पानी की आवश्यकता होती है। इसलिए इसे शीत ऋतु में नहीं उगाया जा सकता। इसे वर्षा ऋतु में उगाते हैं।
प्रश्न 4. बीजों को पानी में डालकर रखने पर कुछ मिनट पश्चात् कुछ बीज पानी के ऊपर क्यों तैरने लगते हैं?
उत्तर : कुछ बीज क्षतिग्रस्त होते हैं जिससे वे खोखले हो जाते हैं। इस कारण वे हल्के होते हैं और पानी पर तैरने लगते हैं।
प्रश्न 5. पौधशाला (नर्सरी) में पौधे छोटे-छोटे थैलों में क्यों रखे जाते हैं?
उत्तर : धान जैसे कुछ पौधों के बीजों को पहले पौधशाला में उगाया जाता है। पौध तैयार हो जाने पर उन्हें हाथों द्वारा...
खेत में रोपित किया जाता है। कुछ वनीय पौधे एवं पुष्पी पौधे भी पौधशाला में उगाए जाते हैं।
प्रश्न 6. कुछ पौधे अन्य पौधों की तुलना में ज्यादा अच्छी तरह से क्यों उगते हैं?
उत्तर- जिन पौधों को पानी, खनिज पदार्थ, खाद तथा उर्वरक पर्याप्त मात्रा में मिलते हैं वे उन पौधों की अपेक्षा, जिन्हें ये पदार्थ उचित मात्रा में न मिले हों, ज्यादा अच्छी तरह से उगते हैं।
प्रश्न 7. खेत में फसल के साथ कुछ अन्य पौधे भी उग रहे हैं। क्या ये अन्य पौधे विशेष उद्देश्य के लिए उगाये गए हैं?
उत्तर- नहीं, ये अन्य पौधे किसी विशेष उद्देश्य के लिए नहीं उगाये गये हैं। ये अवांछित पौधे होते हैं जो फसल के साथ प्राकृतिक रूप से उग जाते हैं। इन्हें खरपतवार कहते हैं।
प्रश्न 8. क्या खरपतवारनाशी का प्रभाव इसको छिड़कने वाले व्यक्ति पर भी पड़ता है?
उत्तर- हाँ, खरपतवारनाशी का प्रभाव इसको छिड़कने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है क्योंकि ये विषैले रसायन होते हैं। अतः छिड़काव करते समय उन्हें अपना मुँह एवं नाक कपड़े से ढक लेना चाहिए।
प्रश्न 9. अनाज रखे लोहे के ड्रम में नीम की सूखी पत्तियाँ क्यों रखते हैं?
उत्तर- अनाज रखे लोहे के ड्रम में नीम की सूखी पत्तियाँ अनाज को कीटों से सुरक्षित रखने के लिए रखी जाती हैं।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1. उचित शब्द छाँटकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
तैरने, जल, फसल, पोषक, तैयारी
उत्तर- (क) फसल (ख) तैयारी (ग) तैरने (घ) जल, पोषक तत्त्व।
प्रश्न 2. 'कॉलम A' में दिए गए शब्दों का मिलान 'कॉलम B' से कीजिए-
कॉलम A | कॉलम B |
(i) खरीफ फसल | (a) मवेशियों का चारा |
(ii) रबी फसल | (b) यूरिया एवं सुपर फास्फेट |
(iii) रासायनिक उर्वरक | (c) पशु अपशिष्ट, गोबर, मूत्र एवं पादप अवशेष |
(iv) कार्बनिक खाद | (d) गेहूँ, चना, मटर |
(e) धान एवं मक्का |
उत्तर- (i) e, (ii) d, (iii) b, (iv) c
प्रश्न 3. निम्न के दो-दो उदाहरण दीजिए-
(क) खरीफ फसल (ख) रबी फसल।
उत्तर- (क) खरीफ फसल-(1) धान (2) मक्का।
उत्तर-
(i) परम्परागत औजार द्वारा- यह कीप के आकार का होता है। बीजों को कीप के अन्दर डालने पर यह दो या तीन नुकीले सिरे वाले पाइपों से गुजरते हैं। ये सिरे मिट्टी को भेदकर बीज को स्थापित कर देते हैं।
(ii) सीड ड्रिल द्वारा- सीड ड्रिल नामक बीज बोने के यंत्र से भी बुआई की जाती है। इसके द्वारा बीजों में समान दूरी तथा गहराई बनी रहती है। बीजों की गुणवत्ता तथा बीज बोने का तरीका दोनों ही फसल उपजाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रश्न 5. स्पष्ट कीजिए कि उर्वरक खाद से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर - उर्वरक व खाद में अन्तर -
उर्वरक | खाद |
1. उर्वरक मानव निर्मित रासायनिक पदार्थ हैं। | 1. खाद एक कार्बनिक (जैविक) पदार्थ है जो गोबर, मानव अपशिष्ट एवं पौधों के अवशेष के विघटन से प्राप्त होता है। |
2. उर्वरक का उत्पादन फैक्ट्रियों में होता है। | 2. खाद खेतों में बनाई जा सकती है। |
3. उर्वरक से मिट्टी को ह्यूमस प्राप्त नहीं होता। | 3. खाद से मिट्टी को प्रचुर मात्रा में ह्यूमस प्राप्त होता है। |
4. उर्वरक में पादप पोषक, जैसे कि नाइट्रोजन, फास्फोरस तथा पोटैशियम प्रचुरता में होते हैं। | 4. खाद में पादप पोषक तुलनात्मक रूप से कम होते हैं। |
प्रश्न 6. सिंचाई किसे कहते हैं? जल संरक्षित करने वाली सिंचाई की दो विधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर - सिंचाई - उचित समय एवं विभिन्न अंतराल पर खेत में जल देना सिंचाई कहलाता है।
जल संरक्षित करने वाली सिंचाई की विधियाँ -
(1) छिड़काव तंत्र (Sprinkler System) - इस विधि का उपयोग असमतल भूमि के लिए किया जाता है जहाँ पर जल कम मात्रा में उपलब्ध है। पाइपों के ऊपरी सिरों पर घूमने वाले नोजल लगे होते हैं। ये पाइप निश्चित दूरी पर मुख्य पाइप से जुड़े होते हैं। पम्प की सहायता से जल मुख्य पाइप में भेजा जाता है तो वह घूमते हुए नोजल से बाहर निकलता है। इसका छिड़काव पौधों पर इस प्रकार होता है जैसे वर्षा हो रही हो। छिड़काव बलुई मिट्टी के लिए अत्यन्त उपयोगी है।
(2) ड्रिप तंत्र (Drip System) - इस विधि में जल बूँद-बूँद करके पौधों की जड़ों में गिरता है। फलदार पौधों, बगीचों एवं वृक्षों को पानी देने का यह सर्वोत्तम तरीका है। इसमें पौधे को बूँद-बूँद करके जल प्राप्त होता है। इस विधि में जल बिल्कुल व्यर्थ नहीं होता।
प्रश्न 7. यदि गेहूँ को खरीफ ऋतु में उगाया जाए तो क्या होगा? चर्चा कीजिए।
उत्तर - यदि गेहूँ को खरीफ ऋतु में उगाया जाए तो वे नहीं उगेंगे क्योंकि उन्हें उगने के लिए अधिक जल की आवश्यकता नहीं होती। वर्षा ऋतु में जल की प्रचुरता में बीज नष्ट हो जायेंगे।
प्रश्न 8. खेत में लगातार फसल उगाने से मिट्टी पर क्या प्रभाव पड़ता है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर - खेत में लगातार फसलों के उगाने से मिट्टी में कुछ पोषक तत्वों की कमी आ जाती है। इससे मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है। इस क्षति को पूरा करने के लिए किसान खेत में खाद डालता है। अपर्याप्त खाद से पौधे कमजोर हो जाते हैं।
प्रश्न 9. खरपतवार क्या हैं? हम उनका नियंत्रण कैसे कर सकते हैं?
उत्तर - खरपतवार वे अवांछनीय पौधे (या जंगली पौधे) हैं जो खेत में बोई गई फसल के साथ अपने आप उग जाते हैं।
खरपतवार पर नियंत्रण - इसके लिए खेत की निराई करते हैं। इस क्रिया में ऐसे पौधों को खेत से हटा देते हैं। खरपतवार हटाने के लिए निम्न विधियाँ काम में लेते हैं -
(1) पटेले (या हैरो) द्वारा खरपतवार को हटाना - जब फसल की बुआई से पहले हल चलाकर खेत को जोता जाता है तो उसमें लगे हुए अधिकतर खरपतवार
हल चलाते समय जड़ सहित उखड़ जाते हैं और निकाल दिए जाते हैं। अब यदि खेत में पटेला (या हैरो) नामक कंघी जैसा उपकरण घुमा दिया जाए तो ये उखड़े हुए खरपतवार पटेले की छड़ों के साथ फँसकर खेत से बाहर निकल जाते हैं।
(2) रसायनों के उपयोग से—खरपतवार को नष्ट करने के लिए जैसे रसायनों का छिड़काव कर दिया जाता है। इससे खरपतवार पौधे मर जाते हैं किन्तु फसल को कोई हानि नहीं होती। खरपतवारनाशी को जल में आवश्यकतानुसार मिलाकर स्प्रेयर (फुहारा) की सहायता से खेत में छिड़काव करते हैं।
प्रश्न 10. निम्न बॉक्स को सही क्रम में इस प्रकार लगाइए कि गन्ने की फसल उगाने का रेखाचित्र तैयार हो जाए-
फसल को चीनी मिल में भेजना | सिंचाई | कटाई | बुआई |
1 | 2 | 3 | 4 |
मिट्टी तैयार करना | खेत की जुताई करना | खाद देना | |
5 | 6 | 7 |
उत्तर—
┌─────────────────┐ ┌─────────────────┐ ┌─────────────┐ │ मिट्टी तैयार करना │ ───> │ खेत की जुताई │ ───> │ बुआई │ ──┐ │ │ │ करना │ │ │ │ └─────────────────┘ └─────────────────┘ └─────────────┘ │ │ ┌─────────────────┐ ┌─────────────┐ ┌─────────────┐ │ │ फसल को चीनी │ <─── │ कटाई │ <─── │ सिंचाई │ <─────┼─── ┌─────────────┐ │ मिल में भेजना │ │ │ │ │ └─── │ खाद देना │ └─────────────────┘ └─────────────┘ └─────────────┘ └─────────────┘
प्रश्न 11. नीचे दिए गए संकेतों की सहायता से पहेली को पूरा कीजिए-
ऊपर से नीचे की ओर
1. सिंचाई का एक पारंपरिक तरीका।
2. बड़े पैमाने पर पालतू पशुओं की उचित देखभाल करना।
3. फसल जिन्हें वर्षा ऋतु में बोया जाता है।
6. फसल पक जाने के बाद काटना।
बाईं से दाईं ओर
1. शीत ऋतु में उगाई जाने वाली फसलें।
4. एक ही किस्म के पौधे जो बड़े पैमाने पर उगाए जाते हैं।
5. रासायनिक पदार्थ जो पौधों को पोषक प्रदान करते हैं।
7. खरपतवार हटाने की प्रक्रिया।
उत्तर—
📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य
महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।
पाठ-सार
(1) सजीव भोजन से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग विभिन्न जैविक प्रक्रमों में करते हैं। हमें भोजन पौधों अथवा जन्तुओं से प्राप्त होता है।
(2) एक विशाल जनसंख्या को भोजन प्रदान करने के लिए विशिष्ट कृषि पद्धतियों को अपनाया जाता है।
(3) किसी स्थान पर उगाए जाने वाले एक ही प्रकार के पौधों को फसल कहते हैं। भारत में यह मुख्यतः रबी तथा खरीफ़ दो प्रकार की होती है।
(4) फसल उगाने के लिए किसान को निम्नलिखित कार्यकलाप करने पड़ते हैं-(i) मिट्टी तैयार करना (ii) बुआई (iii) खाद एवं उर्वरक देना (iv) सिंचाई (v) खरपतवार से सुरक्षा (vi) कटाई (vii) भण्डारण।
(5) फसल के लिए मिट्टी को तैयार करने के लिए कृषि औजारों का उपयोग करते हैं।
(6) बीजों की अच्छी किस्म का चयन करके उन्हें उचित गहराई तथा उनके बीच उचित दूरी रखकर बोया जाता है। यह कार्य सीड-ड्रिल से करते हैं।
(7) मिट्टी के पोषक स्तर को बनाये रखने के लिए खाद एवं उर्वरक का उपयोग किया जाता है।
(8) फसलों की नयी किस्मों के आने से रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में बहुत वृद्धि हुई है।
(9) समय-समय पर खेत में सिंचाई करते रहने से उत्पादन में वृद्धि होती है। इसके लिए छिड़काव तंत्र व ड्रिप तंत्र का उपयोग करना चाहिए।
(10) खरपतवार (weeds) हटाने को निराई (weeding) कहते हैं। पकी हुई फसल की हाथों या मशीन से कटाई करनी चाहिए।
(11) दानों को भूसे से अलग करना थ्रेसिंग कहलाता है।
(12) बीजों को पीड़कों एवं सूक्ष्मजीवों से संरक्षित करने के लिए उचित भण्डारण आवश्यक है।
(13) पशुओं को पालकर उनसे खाद्य पदार्थ प्राप्त करना पशुपालन कहलाता है।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुचयनात्मक प्रश्न-
1. मिट्टी में पोषक स्तर को बनाए रखने के लिए मिलाया जाता है-
उत्तर :
2. फलीदार पौधों की फसल से भूमि में जिस तत्त्व की मात्रा बढ़ जाती है, वह है-
उत्तर :
3. सिंचाई के लिए निम्न में से पारंपरिक तरीका नहीं है-
उत्तर :
4. हार्वेस्टर यंत्र का उपयोग किया जाता है-
उत्तर :
5. विभिन्न अंतराल पर खेत में जल देना कहलाता है-
उत्तर :
6. कल्टीवेटर का उपयोग किया जाता है—

चित्र: वर्ग पहेली (Crossword Grid)

चित्र: हल की गई वर्ग पहेली (Solved Crossword Grid)
458 —
(द) कटाई में
(ब) मटर
(द) चना
8. खरपतवार हटाने को कहते हैं—
(ब) निराई
(द) थ्रेशिंग
9. दानों को भूसे से अलग करना कहलाता है—
(ब) कटाई
(द) थ्रेशिंग
10. जुताई में प्रयुक्त कृषि औजार नहीं है—
(ब) कॉम्बाइन
(द) कल्टीवेटर
11. अनाज का भण्डारण किया जाता है—
(ब) धातु के बड़े पात्रों में
(द) उपर्युक्त सभी में
12. कटाई पर्व है—
(ब) नबान्या
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर-तालिका-1.
(ब) 2.
(ब) 3.
(स) 4.
(अ) 5.
(अ) 6.
(अ) 7.
(स) 8.
(ब) 9.
(द) 10.
(ब) 11.
(द) 12.
(द)।
रिक्त स्थानों की पूर्ति-
1. केंचुएँ तथा सूक्ष्मजीव मिट्टी को पलटकर पोला करते हैं तथा ............... बनाते हैं।
2. मिट्टी को उलटने-पलटने एवं पोला करने की प्रक्रिया ............... कहलाती है।
3. ............... फसल को खनिज पदार्थ प्रदान करती है।
4. खरपतवार हटाने को ............... कहते हैं।
5. खेत में फसल के साथ उगने वाले अवांछित पौधों को ............... कहते हैं।
6. फलीदार पौधों की जड़ों में ............... पाये जाते हैं।
7. हल में लोहे की मजबूत तिकोनी पत्ती होती है जिसे ............... कहते हैं।
8. आजकल बुआई के लिए ट्रैक्टर द्वारा संचालित ............... का उपयोग होता है।
उत्तर- 1. ह्यूमस 2. जुताई 3. मिट्टी 4. निराई 5. खरपतवार 6. राइजोबियम 7. फाल 8. सीड-ड्रिल।
सत्य/असत्य-
निम्नलिखित कथनों पर सत्य (T) अथवा असत्य (F) अंकित कीजिए-
(1) शीत ऋतु में उगाई जाने वाली फसलें खरीफ फसलें कहलाती हैं।
(2) अच्छी उपज के लिए बुआई से पहले मिट्टी को भुरभुरा करना आवश्यक है।
(3) उर्वरक से मिट्टी का गठन सुधर जाता है।
(4) खरपतवार हटाने को कटाई कहते हैं।
(5) दाने को भूसे से अलग करना थ्रेशिंग कहलाता है।
(6) उर्वरक एक कार्बनिक लवण है।
उत्तर-(1) F (2) T (3) F (4) F (5) T (6) F
'कॉलम-A' में दिए गए शब्दों का मिलान 'कॉलम-B' से कीजिए-
प्रश्न 1. | कॉलम-A | कॉलम-B |
(i) | कल्टीवेटर | (a) कटाई |
(ii) | सीड ड्रिल | (b) सिंचाई |
(iii) | रहट | (c) बुआई |
(iv) | हार्वेस्टर | (d) जुताई |
प्रश्न 2. | कॉलम-A | कॉलम-B |
(i) | थ्रेशिंग | (a) मिट्टी को पोला करना |
(ii) | निराई | (b) खरपतवार हटाना |
(iii) | सिंचाई | (c) खेत में जल देना |
(iv) | जुताई | (d) बीजों को भूसे से अलग करना |
प्रश्न 3. | कॉलम-A | कॉलम-B |
(i) | नाइट्रोजन | (a) पोषक तत्व |
(ii) | यूरिया | (b) खाद |
(iii) | वर्मी कम्पोस्ट | (c) खरपतवारनाशी |
(iv) | 2, 4-D | (d) उर्वरक |
उत्तर-
(i) | (ii) | (iii) | (iv) | |
1. | (d) | (c) | (b) | (a) |
2. | (d) | (b) | (c) | (a) |
3. | (a) | (d) | (b) | (c) |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. एन.पी.के. (NPK) से क्या आशय है?
उत्तर- एन.पी.के. एक मिश्रित उर्वरक है जिसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस तथा पोटेशियम तीनों पोषक तत्व होते हैं।
प्रश्न 2. मिट्टी में पोषकों की प्रतिपूर्ति की एक विधि का नाम लिखिए।
उत्तर- फसल चक्रण।
प्रश्न 3. फलीदार (लैग्यूमिनस) पौधों की जड़ों की ग्रन्थियों में पाये जाने वाले बैक्टीरिया का नाम लिखिए।
उत्तर- राइजोबियम बैक्टीरिया।
प्रश्न 4. सिंचाई में उपयोगी पारंपरिक विधियों के नाम लिखिए।
उत्तर- (1) मोट (घिरनी) (2) चेन पम्प (3) ढेकली (4) रहट (उत्तोलक तंत्र)।
प्रश्न 5. मछली से प्राप्त कॉड लीवर तेल से हमें क्या प्राप्त होता है?
उत्तर- विटामिन 'D'।
प्रश्न 6. खरपतवारनाशी के छिड़काव का उचित समय क्या है?
उत्तर- खरपतवार पौधों में पुष्पन एवं बीज बनने के पहले ही खरपतवारनाशी का छिड़काव कर देना चाहिए।
प्रश्न 7. विनोइंग से क्या आशय है?
उत्तर- अनाज के दानों को भूसे से अलग करने के लिए फटकने की विधि को विनोइंग कहते हैं।
प्रश्न 8. बीजों का बड़े पैमाने पर भण्डारण कहाँ करते हैं?
उत्तर- साइलो और भण्डारगृहों में।
प्रश्न 9. होली के त्योहार पर काटी जाने वाली दो फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर- होली के पर्व पर गेहूँ व चने की फसल काटी जाती है।
प्रश्न 10. कटाई ऋतु के साथ आने वाले किन्हीं दो पर्वों (त्योहारों) के नाम लिखिए।
उत्तर- (1) दीपावली (2) होली।
प्रश्न 11. मिट्टी में पोषक स्तर को बनाए रखने के लिए क्या मिलाया जाता है?
उत्तर- खाद एवं उर्वरक।
प्रश्न 12. 'कृषि पद्धतियों' से क्या तात्पर्य है?
उत्तर- फसल उगाने के लिए किसान को अनेक क्रियाकलाप एवं कार्य सामयिक अवधि में करने पड़ते हैं जिन्हें 'कृषि पद्धतियाँ' कहते हैं।
प्रश्न 13. केंचुआ किसानों का मित्र क्यों कहलाता है?
उत्तर- केंचुएँ मिट्टी को पलटकर पोला करते हैं तथा ह्यूमस बनाते हैं इसलिए किसानों के मित्र कहलाते हैं।
प्रश्न 14. जुते हुए खेत को समतल करने का कार्य किसकी सहायता से किया जाता है?
उत्तर- यह कार्य 'पाटल' द्वारा किया जाता है।
प्रश्न 15. प्रमुख कृषि पद्धतियों के नाम बताइए।
उत्तर- (i) मिट्टी तैयार करना (ii) बुआई (iii) खाद एवं उर्वरक देना (iv) सिंचाई (v) खरपतवार से सुरक्षा (vi) कटाई (vii) भण्डारण।
प्रश्न 16. 'वर्मी कम्पोस्टिंग' किसे कहते हैं?
उत्तर- केंचुए द्वारा खाद तैयार करना वर्मी कम्पोस्टिंग कहलाता है।
प्रश्न 17. किन्हीं चार उर्वरकों के नाम बताइए।
उत्तर- (i) यूरिया (ii) अमोनियम सल्फेट (iii) सुपर फॉस्फेट (iv) पोटाश।
प्रश्न 18. राइजोबियम बैक्टीरिया क्या कार्य करते हैं?
उत्तर- राइजोबियम बैक्टीरिया वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करते हैं।
प्रश्न 19. सजीव भोजन से प्राप्त ऊर्जा का क्या करते हैं?
उत्तर- सजीव भोजन से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग विभिन्न जैविक प्रक्रमों जैसे-पाचन, श्वसन एवं उत्सर्जन के संपादन में करते हैं।
प्रश्न 20. गर्मी में सिंचाई की बारम्बारता अपेक्षाकृत अधिक क्यों होती है?
उत्तर- ऐसा मिट्टी एवं पत्तियों से जल वाष्पन की दर अधिक होने से होता है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-(I-Type)
प्रश्न 1. सिंचाई की दो पारम्परिक व आधुनिक विधियों के नाम लिखिए।
उत्तर- सिंचाई की दो पारम्परिक विधियाँ-(1) मोट (घिरनी) (2) ढेकली।
सिंचाई की दो आधुनिक विधियाँ-(1) छिड़काव तंत्र (2) ड्रिप तंत्र।
प्रश्न 2. भारत के विभिन्न भागों में विविध प्रकार की फसलें क्यों उगाई जाती हैं?
उत्तर- भारत एक विशाल देश है। यहाँ ताप, आर्द्रता और वर्षा जैसी जलवायवीय परिस्थितियाँ, एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में भिन्न हैं। अतः देश के विभिन्न भागों में विविध प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं।
प्रश्न 3. 'सीड-ड्रिल' किस कार्य में प्रयुक्त किया जाता है? इसका लाभ बताइए।
उत्तर- सीड-ड्रिल का उपयोग बुआई में किया जाता है। इसके द्वारा बीजों में समान दूरी एवं गहराई बनी रहती है। यह सुनिश्चित करता है कि बुआई के बाद बीज मिट्टी द्वारा ढक जाए। इससे बीजों को पक्षियों द्वारा खाए जाने से रोका जा सकता है। सीड-ड्रिल द्वारा बुआई करने से समय एवं श्रम दोनों की ही बचत होती है।
प्रश्न 4. उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता में आई कमी को दूर करने के तीन उपाय बताइए।
उत्तर- (i) उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद का उपयोग करना चाहिए।
(ii) दो फसलों के बीच में खेत को कुछ समय के लिए बिना कुछ उगाए छोड़ देना चाहिए।
(iii) फसल चक्रण का उपयोग करना चाहिए।
प्रश्न 5. 'खरपतवारनाशी' क्या होते हैं? इनके उपयोग से क्या लाभ है?
उत्तर- खरपतवार नियंत्रण के लिए जिन रसायनों का उपयोग किया जाता है उन्हें खरपतवारनाशी कहते हैं, जैसे- । खेतों में इनका छिड़काव करने पर
460 —
खरपतवार पौधे मर जाते हैं परन्तु फसल को कोई हानि नहीं होती है।
प्रश्न 6. पशुपालन किसे कहते हैं?
उत्तर— घरों में अथवा फार्म पर पालने वाले पालतू पशुओं को उचित भोजन, आवास एवं देखभाल की आवश्यकता होती है। जब यह बड़े पैमाने पर किया जाता है तो इसे पशुपालन कहते हैं।
प्रश्न 7. अधिक उर्वरकों के उपयोग से क्या-क्या हानियाँ हैं?
उत्तर— उर्वरकों के अधिक उपयोग से हानियाँ-
(1) इससे मिट्टी की उर्वरता में कमी आ जाती है।
(2) यह जल प्रदूषण भी करते हैं।
(3) मिट्टी में इससे ह्यूमस भी प्राप्त नहीं होती है।
प्रश्न 8. यदि लैग्यूमिनस पौधों की जड़ों की ग्रंथिकाओं से 'राइजोबियम' हटा दिए जायें तो क्या होगा?
उत्तर— राइजोबियम बैक्टीरिया ग्रंथिकाओं में वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करते हैं। यदि इन्हें हटा दिया जाये तो लैग्यूमिनस पौधों में नाइट्रोजन पोषक तत्व की कमी हो जाएगी और पौधों का विकास अवरुद्ध हो जाएगा।
प्रश्न 9. 'कॉम्बाइन मशीन' क्या है? इसका क्या कार्य है?
उत्तर— कॉम्बाइन मशीन हार्वेस्टर और थ्रेसर का संयुक्त रूप है। यह हार्वेस्टर की तरह फसल की कटाई करती है तथा थ्रेसर की तरह बीजों/दानों को भूसे से अलग भी करती है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-(II-Type)
प्रश्न 1. फसलों को कितने वर्गों में बाँटा गया है? समझाइए।
उत्तर— फसलों को सामान्यतया दो वर्गों में बाँटा गया है-
(1) खरीफ फसल— यह फसल वर्षा ऋतु में बोयी जाती है, जो सामान्यतया जून से सितम्बर तक की अवधि होती है। इसमें धान, मक्का, सोयाबीन, मूँगफली, कपास आदि की फसलें आती हैं।
(2) रबी फसल— यह फसल शीत ऋतु में तैयार होती है। गेहूँ, चना, मटर, सरसों तथा अलसी आदि रबी की फसल के उदाहरण हैं।
प्रश्न 2. मिट्टी क्या है? यह पौधों के लिए क्यों आवश्यक है?
उत्तर— पृथ्वी की ऊपरी परत जिसमें पौधे उगाए जाते हैं, मिट्टी कहते हैं। कृषि में मिट्टी के निम्नलिखित कार्य हैं-
(1) मिट्टी पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती है।
(2) मिट्टी उगते हुए पौधों को जल प्रदान करती है।
(3) मिट्टी पौधों की जड़ों को वातन द्वारा ऑक्सीजन भी उपलब्ध करवाती है।
(4) मिट्टी पौधों की जड़ों को मजबूती से पकड़कर रखती है जिनके सहारे फसलों के पौधे खड़े रह पाते हैं।
प्रश्न 3. फसल के बीजों का चयन किस प्रकार किया जाता है?
उत्तर— बोने से पहले अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों का चयन करना चाहिए। अच्छी गुणवत्ता वाले बीज, अच्छी किस्म के साफ एवं स्वस्थ बीज होते हैं। अच्छे बीज से फसल की मात्रा में वृद्धि होती है तथा फसल गुणात्मक दृष्टि से भी अच्छी होती है। अच्छे बीजों को पानी में डालने पर वे पानी में बैठ जाते हैं। पानी पर तैरने वाले बीज खोखले तथा क्षतिग्रस्त होते हैं।
प्रश्न 4. उर्वरक क्या हैं? ये कितने प्रकार के होते हैं? इनसे क्या लाभ हैं?
उत्तर— उर्वरक- ये रासायनिक पदार्थ हैं जो विशेष पोषकों से समृद्ध होते हैं। इनका उत्पादन फैक्ट्रियों में किया जाता है। उर्वरक सामान्यतया निम्न प्रकार के होते हैं- (1) यूरिया (2) अमोनियम सल्फेट (3) सुपर फॉस्फेट (4) पोटाश (5) NPK (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम)।
लाभ- उर्वरक के उपयोग से हमें गेहूँ, धान तथा मक्का जैसी फसलों की अच्छी उपज प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
प्रश्न 5. खाद क्या है? इसके क्या लाभ हैं?
अथवा
जैविक खाद को उर्वरक की तुलना में अच्छा क्यों माना जाता है? कोई तीन कारण बताइए।
उत्तर— खाद- यह एक प्राकृतिक पदार्थ है जो गोबर, मानव अपशिष्ट एवं पौधों के अवशेषों के विघटन से प्राप्त होता है। जैविक खाद को उर्वरक की तुलना में अच्छा माना जाता है। खाद के उपयोग से हमें निम्न लाभ मिलते हैं-
(1) इससे मिट्टी की जल धारण क्षमता में वृद्धि होती है।
(2) इससे मिट्टी भुरभुरी एवं सरन्ध्र हो जाती है जिसके कारण गैस विनिमय सरलता से होता है।
(3) इससे मित्र जीवाणुओं की संख्या में वृद्धि हो जाती है।
(4) यह मिट्टी के गठन को सुधारने में सहायक है।
प्रश्न 6. फसल चक्रण क्या है? समझाइए।
उत्तर— फसल चक्रण- इस क्रिया में एक फसल के बाद दूसरी किस्म की फसल को एकान्तर क्रम में उगाकर तैयार करते हैं। जैसे एक फसल में किसान फलीदार फसल उगाकर दूसरी बार गेहूँ की फसल तैयार करे। इससे मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी नहीं होती है। इस प्रकार की फसल से भूमि में पोषकों की प्रतिपूर्ति हो जाती है।
प्रश्न 7. पौधों को जल क्यों आवश्यक है? समझाइए।
उत्तर— पौधों के लिए जल का महत्त्व- पौधों के लिए
जल का बहुत महत्त्व है। पौधों में लगभग जल होता है। पौधों में जल का महत्त्व निम्न प्रकार स्पष्ट है-
(1) पौधे के फूल, फल एवं बीज की वृद्धि एवं परिवर्धन में जल अतिआवश्यक है।
(2) जल पौधों को जड़ों द्वारा प्राप्त होता है। जल के साथ खनिजों व उर्वरकों का भी अवशोषण होता है।
(3) बीजों का अंकुरण शुष्क अवस्था में असम्भव है, जल के माध्यम से ही अंकुरण सम्भव है।
(4) पौधों में पोषकों का स्थानान्तरण जल के द्वारा ही होता है।
(5) जल ही फसल की पाले एवं गर्म हवा से रक्षा करता है।
अतः अच्छी फसल के लिए हमें नियमित रूप से सिंचाई करते रहना चाहिए।
प्रश्न 8. असमतल भूमि में सिंचाई की सबसे कारगर विधि कौनसी है? इस विधि का वर्णन कीजिए।
उत्तर- असमतल भूमि में सिंचाई की सबसे कारगर विधि छिड़काव तंत्र है।
छिड़काव तंत्र (Sprinkler System)- इस विधि का उपयोग असमतल भूमि के लिए किया जाता है जहाँ पर जल कम मात्रा में उपलब्ध है। इस विधि में ऊर्ध्व (perpendicular) पाइपों के ऊपरी सिरों पर घूमने वाले नोजल लगे होते हैं। ये पाइप निश्चित दूरी पर मुख्य पाइप से जुड़े होते हैं। जब पम्प की सहायता से जल मुख्य पाइप में भेजा जाता है तो वह घूमते हुए नोजल से बाहर निकलता है। इसका छिड़काव पौधों पर इस प्रकार होता है जैसे वर्षा हो रही हो।
प्रश्न 9. फसल की कटाई से क्या आशय है? इसके लिए किन-किन उपकरणों का उपयोग किया जाता है?
उत्तर- जब खेतों में खड़ी फसल पककर तैयार हो जाती है तो इसे काटना 'कटाई' कहलाता है। कटाई की प्रक्रिया में या तो पौधों को खींचकर उखाड़ लेते हैं अथवा उसे धरातल के निकट से काट लेते हैं।
फसलों की कटाई के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के नाम हैं-हंसिया या दराँती (Sickle) तथा हार्वेस्टर। हमारे देश में आज भी फसलों की कटाई अधिकतर हंसिये तथा दराँती द्वारा की जाती है। फसलों की कटाई के लिए हार्वेस्टर नामक फसल काटने के यन्त्र का उपयोग भी धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है।
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. कृषि उत्पादों का भण्डारण कैसे किया जाता है?
अथवा
बीजों का भण्डारण किस प्रकार किया जाता है? समझाइये।
उत्तर- फसल का भण्डारण- फसल के दानों को अधिक समय तक रखने के लिए उन्हें नमी, कीट, चूहों तथा सूक्ष्मजीवों से सुरक्षित रखना आवश्यक है। भण्डारण से पहले दानों (बीजों) को धूप में सुखाना आवश्यक है, इससे नमी कम हो जाने से बीजों की कीटपीड़क, जीवाणु एवं कवकों से सुरक्षा हो जाती है।
किसान अपनी फसल उत्पाद का भण्डारण जूट के बोरों, धातु के बड़े पात्र (bins) में करते हैं। परन्तु बीजों का बड़े पैमाने पर भण्डारण साइलों (silos) और भण्डारगृहों (granaries) में किया जाता है, जिससे उनको पीड़कों जैसे कि चूहों एवं कीटों से सुरक्षित रखा जा सके। नीम की सूखी पत्तियाँ घरों में अनाज के भण्डारण में उपयोग की जाती हैं। बड़े भण्डारगृहों में अनाज को पीड़कों एवं सूक्ष्मजीवों से सुरक्षित रखने के लिए रासायनिक उपचार भी किया जाता है।
प्रश्न 2. कृषि कार्य में उपयोगी निम्न औजारों का वर्णन कीजिए-
(1) हल (2) कुदाली (3) कल्टीवेटर।
उत्तर-
(1) हल (Plough)- कृषि कार्य के लिए हल महत्त्वपूर्ण औजार है। इससे खेत में जुताई, खाद/उर्वरक मिलाना, खरपतवार निकालने एवं मिट्टी खुरचने आदि कार्य सम्पन्न होते हैं। यह लकड़ी का बना होता है जिसे बैलों की जोड़ी अथवा घोड़े, ऊँट की सहायता से खींचा जाता है। इसमें लोहे की तिकोनी पत्ती होती है, जिसे फाल कहते हैं। हल का मुख्य भाग लम्बी लकड़ी का बना होता है, जिसे हल-शैफ्ट कहते हैं। इसके एक सिरे पर हैंडल होता है तथा दूसरा सिरा जोत के डंडे से जुड़ा होता है, जिसे बैलों की गर्दन के ऊपर रखा जाता है।
(2) कुदाली (Hoe)- इसका उपयोग खरपतवार निकालने एवं मिट्टी को पोला करने में होता है। इसमें लकड़ी अथवा लोहे की छड़ होती है जिसके सिरे पर लोहे की चौड़ी और मुड़ी प्लेट लगी होती है, जो ब्लेड की तरह कार्य करती है। इसका दूसरा सिरा पशुओं द्वारा खींचा जाता है।
(3) कल्टीवेटर (Cultivator)- कल्टीवेटर जुताई का आधुनिक औजार है। आजकल जुताई ट्रैक्टर द्वारा संचालित कल्टीवेटर द्वारा की जाती है। इससे समय एवं शक्ति दोनों की बचत होती है।
प्रश्न 3. आप अपने घर में गेहूँ का भण्डारण करना चाहते हैं। इसके लिए आप क्या-क्या तैयारियाँ करेंगे? लिखिए।
उत्तर- यदि हमें गेहूँ के दानों को घर में अधिक समय तक सुरक्षित रखना है तो उन्हें नमी, कीट, चूहों एवं सूक्ष्मजीवों से सुरक्षित रखना होगा। इसके लिए हम अग्र तैयारियाँ करेंगे-
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(i) भण्डारण से पहले दानों को धूप में सुखायेंगे जिससे उनकी नमी में कमी आ जाए। इससे उनकी कीटपीड़कों, जीवाणु एवं कवक से सुरक्षा हो जाती है।
(ii) इन्हें भण्डारित करने के लिए लोहे या अन्य धातु के ड्रम का उपयोग करेंगे।
(iii) अनाज रखने वाले ड्रम में नीम की सूखी पत्तियाँ रखेंगे जिससे अनाज को पीड़कों एवं सूक्ष्मजीवियों से सुरक्षित रखा जा सके।
प्रश्न 4. जहाँ सिंचाई जल की कमी हो वहाँ आप सिंचाई की कौन-सी विधि का उपयोग करेंगे? सिंचाई विधि का चित्र बनाइए।
उत्तर—जहाँ सिंचाई जल की कमी हो वहाँ हम 'ड्रिप तंत्र' विधि का उपयोग करेंगे।
चित्र : ड्रिप तंत्र