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विज्ञान (Science)हिंदी माध्यम2026-27

RBSE Class 8 Science Chapter 10 Solutions & Notes in Hindi

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-09📖 RBSE/NCERT Solutions
भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल

राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।

पाठगत प्रश्न

प्रश्न 1. जब हम बोलते हैं तो क्या हमारे शरीर का कोई भाग कंपित होता है?

उत्तर- हाँ, जब हम बोलते हैं तो हमारे गले में स्थित वाकतंतु कंपित होते हैं।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1. सही उत्तर चुनिए-

ध्वनि संचरित हो सकती है-

(क) केवल वायु या गैसों में
(ख) केवल ठोसों में
(ग) केवल द्रवों में
(घ) ठोसों, द्रवों तथा गैसों में

उत्तर- (घ) ठोसों, द्रवों तथा गैसों में।

प्रश्न 2. अग्रलिखित में से किस वाक ध्वनि की आवृत्ति न्यूनतम होने की संभावना है?

(क) छोटी लड़की की
(ख) छोटे लड़के की
(ग) पुरुष की
(घ) महिला की

उत्तर- (ग) पुरुष की।

प्रश्न 3. निम्नलिखित कथनों में सही कथन के सामने 'T' तथा गलत कथन के सामने 'F' लिखिए-

(क) ध्वनि निर्वात में संचरित नहीं हो सकती।
(ख) किसी कंपित वस्तु के प्रति सेकण्ड होने वाले दोलनों की संख्या को इसका आवर्तकाल कहते हैं।
(ग) यदि कंपन का आयाम अधिक है तो ध्वनि मन्द होती है।
(घ) मानव कानों के लिए श्रव्यता का परास से है।
(ङ) कंपन की आवृत्ति जितनी कम होगी, तारत्व उतना ही अधिक होगा।
(च) अवांछित या अप्रिय ध्वनि को संगीत कहते हैं।
(छ) ध्वनि प्रदूषण आंशिक श्रवण अशक्तता उत्पन्न कर सकता है।

उत्तर- (क) T, (ख) F, (ग) F, (घ) T, (ङ) F, (च) F, (छ) T

524 —

प्रश्न 4. उचित शब्दों द्वारा रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

(क) किसी वस्तु द्वारा एक दोलन को पूरा करने में लिए गए समय को ............ कहते हैं।
(ख) प्रबलता कम्पन के ............ से निर्धारित की जाती है।
(ग) आवृत्ति का मात्रक ............ है।
(घ) अवांछित ध्वनि को ............ कहते हैं।
(ङ) ध्वनि की तीक्ष्णता कम्पनों की ............ से निर्धारित होती है।
(क) ढोलक, (ख) सितार, (ग) बाँसुरी।

उत्तर-

वाद्ययंत्र

कम्पित भाग

(क) ढोलक

तानित झिल्ली

(ख) सितार

तानित तार

(ग) बाँसुरी

वायु-स्तम्भ

प्रश्न 8. शोर तथा संगीत में क्या अन्तर है? क्या कभी संगीत शोर बन सकता है?

उत्तर- हाँ, संगीत शोर तब बनता है जब संगीत अत्यन्त प्रबल हो जाए।

शोर (Noise)

संगीत (Music)

1. यह अप्रिय या अवांछित ध्वनि है।

1. यह प्रिय ध्वनि है।

2. यह कष्टप्रद है।

2. यह सुखद है।

3. यह स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का कारण बन सकता है।

3. स्वास्थ्य समस्याओं से कोई सम्बन्ध नहीं होता।

प्रश्न 9. अपने वातावरण में ध्वनि प्रदूषण के स्रोतों की सूची बनाइए।

उत्तर- ध्वनि प्रदूषण के स्रोत हैं-

(1) वाहनों की ध्वनियाँ, (2) लाउडस्पीकर, (3) मशीनें, (4) पटाखे, (5) रेडियो तथा टेलीविजन, (6) रसोईघर के कुछ उपकरण, (7) कूलर, (8) वातानुकूलक, (9) वाशिंग मशीन, (10) वैक्यूम क्लीनर, (11) टेलीफोन, (12) टाइपराइटर, (13) फेरीवाले, (14) जुलूस, (15) त्यौहार, (16) विवाहों जैसे सामाजिक कार्यक्रम, (17) धार्मिक कार्यक्रम, (18) वायुयानों का हवाई अड्डों से उड़ान भरना आदि।

प्रश्न 10. वर्णन कीजिए कि ध्वनि प्रदूषण मानव के लिए किस प्रकार से हानिकारक है?

उत्तर- ध्वनि प्रदूषण मानव के लिए निम्न प्रकार से हानिकारक है-

(1) ध्वनि-प्रदूषण से अनिद्रा उत्पन्न हो सकती है।

(2) उच्च रक्तचाप उत्पन्न हो सकता है।

(3) सुनने की क्षमता अस्थायी अथवा स्थायी रूप से कम हो जाती है।

(4) चिंता जैसा विकार उत्पन्न हो सकता है।

प्रश्न 11. आपके माता-पिता एक मकान खरीदना चाहते हैं। उन्हें एक मकान सड़क के किनारे पर तथा दूसरा सड़क से तीन गली छोड़कर देने का प्रस्ताव किया गया है। आप अपने माता-पिता को कौन-सा मकान खरीदने का सुझाव देंगे? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।

उत्तर- हम माता-पिता को सड़क से तीन गली दूर वाला मकान खरीदने का सुझाव देंगे। इसके कारण निम्नलिखित हैं-

(1) सड़क पर गुजरते वाहनों का अत्यधिक शोर होता है।

(2) वाहनों से निकला धुआँ वायु-प्रदूषण उत्पन्न करता है।

(3) ट्रैफिक बाधा के समय हॉर्न से शोर प्रदूषण होता है।

प्रश्न 12. मानव वाकयंत्र का चित्र बनाइए तथा इसके कार्य की अपने शब्दों में व्याख्या कीजिए।

उत्तर- वाकयंत्र के आर-पार दो वाकतंतु इस प्रकार तानित होते हैं कि उनके बीच में वायु के निकलने के लिए एक संकीर्ण झिरी बनी होती है। जब फेफड़े वायु को बलपूर्वक झिरी से बाहर निकालते हैं तो वाकतंतु कंपित होते हैं जिससे ध्वनि उत्पन्न होती है। जब वाकतंतु तने हुए और पतले होते हैं तब वाक्ध्वनि...

का प्रकार या उसकी गुणता उस वाक्ध्वनि से भिन्न होती है जब वाकतंतु ढीले और मोटे होते हैं।

प्रश्न 13. आकाश में तड़ित तथा मेघगर्जन की घटना एक समय पर तथा हमसे समान दूरी पर घटित होती है। हमें तड़ित पहले दिखाई देती है तथा मेघगर्जन बाद में सुनाई देता है। क्या आप इसकी व्याख्या कर सकते हैं?

उत्तर- ऐसा उनके वेग में अन्तर के कारण है। प्रकाश का वेग ध्वनि के वेग की अपेक्षा बहुत ज्यादा होता है। अतः प्रकाश हम तक ध्वनि की अपेक्षा पहले पहुँचता है। अतः आकाश में तड़ित तथा मेघगर्जन की घटना एक समय पर तथा समान दूरी पर घटित होने पर भी तड़ित पहले दिखाई देती है तथा मेघ गर्जन बाद में सुनाई देता है।

भाग 2 — नोट्स (Notes & Summary)

📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य

महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।

पाठ-सार-

(1) ध्वनि कंपन (vibration) करती हुई वस्तु द्वारा उत्पन्न होती है। मानव में ध्वनि वाकयंत्र अथवा कंठ (Larynx) द्वारा उत्पन्न होती है।

(2) ध्वनि किसी माध्यम (गैस, द्रव या ठोस) में संचरित होती है। यह निर्वात (vacuum) में संचरित नहीं हो सकती।

(3) कर्ण पटह ध्वनि के कंपनों को अनुभव करते हैं। यह इन संकेतों को मस्तिष्क तक भेज देते हैं। यह क्रिया श्रवण कहलाती है।

(4) किसी वस्तु का बार-बार इधर-उधर गति करना कंपन कहलाता है। इस गति को दोलन गति कहते हैं। प्रति सेकण्ड होने वाली दोलनों की संख्या को दोलन की आवृत्ति कहते हैं। इसे हर्ट्ज में व्यक्त करते हैं।

(5) कंपन का आयाम जितना अधिक होता है, ध्वनि उतनी प्रबल होती है तथा कंपन की आवृत्ति अधिक होने पर तारत्व अधिक होता है और ध्वनि अधिक तीक्ष्ण होती है।

(6) अप्रिय ध्वनियाँ 'शोर' कहलाती है।

(7) अत्यधिक या अवांछित ध्वनियाँ ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करती हैं। ध्वनि प्रदूषण मानवों के लिए स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है।

(8) ध्वनि प्रदूषण को न्यूनतम करने के प्रयास करने चाहिए।

(9) सड़क के किनारे तथा अन्य स्थानों पर पेड़ लगाने से ध्वनि प्रदूषण को कम किया जा सकता है।

भाग 3 — परीक्षा उपयोगी प्रश्न (Important Q&A)

3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।

--- अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न ---

बहुचयनात्मक प्रश्न-

1. माध्य स्थिति के इधर-उधर या आगे-पीछे होने वाली गति को कहते हैं-

(अ) आयाम
(ब) आवृत्ति

(स) कम्पन
(द) तरंग

2. मानव में ध्वनि उत्पन्न होती है-

(अ) जीभ से
(ब) आहारनाल से
(स) कंठ से
(द) हाथों से

3. पुरुषों के वाकतंतुओं की लम्बाई लगभग होती है-

(अ)
(ब)
(स)
(द)

4. निम्न में ध्वनि संचरण का साधन नहीं है-

अथवा

निम्न में से ध्वनि का संचरण नहीं होता है-

(अ) ठोस में
(ब) गैस में
(स) द्रव में
(द) निर्वात में

5. व्यस्त यातायात में ध्वनि प्रबलता होती है-

(अ)
(ब)
(स)
(द)

6. ध्वनि प्रदूषण से संबंधित स्वास्थ्य समस्या है-

(अ) अनिद्रा
(ब) अति तनाव
(स) चिंता
(द) उपरोक्त सभी

7. ध्वनि की प्रबलता किस कारक पर निर्भर करती है?

(अ) आयाम
(ब) तारत्व
(स) आवृत्ति
(द) इनमें से कोई नहीं

8. कर्णपटह कंपनों को कहाँ भेजता है?

(अ) बाह्य कर्ण
(ब) आंतर कर्ण
(स) मस्तिष्क
(द) इनमें से कोई नहीं

9. आवृत्ति को किस से मापा जाता है?

(अ) सेकंड से
(ब) हर्ट्ज से
(स) आयाम से
(द) दोलन से

10. ध्वनि की प्रबलता को किस मात्रक में व्यक्त करते हैं?

(अ) प्रति सेकंड में
(ब) हर्ट्ज में
(स) डेसिबल में
(द) दोलन में

11. पराश्रव्य ध्वनि की आवृत्ति कितनी है?

(अ) से अधिक
(ब) से कम
(स)
(द) से कम

12. कंपन की आवृत्ति अधिक हो तो ध्वनि कैसी होगी?

(अ) कम
(ब) मंद
(स) तीखी
(द) गम्भीर

उत्तर-तालिका- 1. (स) 2. (स) 3. (द) 4. (द) 5. (स) 6. (द) 7. (अ) 8. (ब) 9. (ब) 10. (स) 11. (अ) 12. (स)।

रिक्त स्थानों की पूर्ति-

1. ध्वनि .................... करती हुई वस्तु द्वारा उत्पन्न होती है।

2. कंपन की आवृत्ति अधिक होने पर ....................अधिक होता है।

3. प्रति सेकंड होने वाले ....................की संख्या दोलन की आवृत्ति कहलाती है।

4. कंपन का आयाम जितना अधिक होता है, ध्वनि उतनी ही ....................होती है।

5. वायु की अनुपस्थिति को ....................कहते हैं।

6. मानव में ध्वनि ....................द्वारा उत्पन्न होती है।

7. कान के बाहरी भाग की आकृति ....................जैसी होती है।

8. हारमोनियम द्वारा उत्पन्न ध्वनि ....................ध्वनि कहलाती है।

उत्तर- 1. कंपन 2. तारत्व 3. दोलनों/कंपनों 4. प्रबल 5. निर्वात 6. वाक्यंत्र (कंठ) 7. कीप (फनल) 8. सुस्वर।

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 10 चित्र 1

चित्र: मानवों में वाक्यंत्र

526 —

सत्य/असत्य-

निम्नलिखित कथनों में सही के लिए 'T' तथा गलत के लिए 'F' लिखिए-

(1) ध्वनि निर्वात में संचरित नहीं हो सकती।

(2) पक्षी मंद तारत्व की ध्वनि उत्पन्न करता है जबकि शेर की दहाड़ का तारत्व उच्च होता है।

(3) आवृत्ति को हर्ट्ज में मापा जाता है।

(4) पेड़ लगाने से ध्वनि प्रदूषण को कम नहीं किया जा सकता है।

(5) मानव वाक् तंतुओं के कंपन द्वारा ध्वनि उत्पन्न करते हैं।

उत्तर- (1) T (2) F (3) T (4) F (5) T

'कॉलम-A' में दिए गए शब्दों का मिलान 'कॉलम-B' से कीजिए-

कॉलम-A

कॉलम-B

(i) सामान्य श्वास

(a)

(ii) वार्तालाप

(b)

(iii) औसत फैक्टरी

(c)

(iv) जेट प्लेन

(d)

कॉलम-A

कॉलम-B

(i) उच्च आयाम

(a) मंद ध्वनि

(ii) उच्च आवृत्ति

(b) प्रबल ध्वनि

(iii) निम्न आयाम

(c) तीखी ध्वनि

(iv) निम्न आवृत्ति

(d) दुर्बल ध्वनि

उत्तर-

1. (i)-(a), (ii)-(c), (iii)-(b), (iv)-(d)

2. (i)-(b), (ii)-(c), (iii)-(d), (iv)-(a)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. ध्वनि किस प्रकार उत्पन्न होती है?

उत्तर- वस्तुओं की कंपनिक गति के कारण ध्वनि उत्पन्न होती है।

प्रश्न 2. आवृत्ति का मात्रक क्या है?

उत्तर- आवृत्ति का मात्रक हर्ट्ज है।

प्रश्न 3. आवर्तकाल तथा आवृत्ति में क्या सम्बन्ध है?

उत्तर-

प्रश्न 4. से कम तथा से अधिक आवृत्ति की तरंगों का नाम बताइए।

उत्तर- (1) से कम अवश्रव्य तरंगें (2) से अधिक पराश्रव्य तरंगें।

प्रश्न 5. उन दो जानवरों के नाम बताइए जो से उच्च आवृत्ति की तरंगों के प्रति संवेदनशील हैं।

उत्तर- कुत्ता तथा चमगादड़।

प्रश्न 6. किसी तरंग के आयाम से आप क्या समझते हैं?

उत्तर- तरंग संचरण के कारण माध्यम के कणों का अपनी माध्य स्थिति के एक ओर अधिकतम विस्थापन तरंग का आयाम कहलाता है।

प्रश्न 7. तरंग की आवृत्ति की परिभाषा कीजिए।

उत्तर- स्रोत के द्वारा सेकण्ड में किए गए कम्पनों की संख्या को स्रोत से उत्पन्न तरंग की आवृत्ति कहते हैं।

प्रश्न 8. ध्वनि की प्रबलता क्या है?

उत्तर- प्रबलता ध्वनि का वह गुण है जिसके आधार पर कोई ध्वनि तेज (जोरों की) अथवा धीमी सुनाई पड़ती है।

प्रश्न 9. ध्वनि के तारत्व से क्या आशय है?

उत्तर- तारत्व ध्वनि का वह गुण है जिसके कारण ध्वनि बारीक अथवा मोटी सुनाई देती है।

प्रश्न 10. तारत्व का निर्धारण कैसे होता है?

उत्तर- आवृत्ति ध्वनि की तीक्ष्णता या तारत्व को निर्धारित करती है। यदि कंपन की आवृत्ति अधिक है तो ध्वनि तीखी होती है। कम आवृत्ति की ध्वनि मोटी होती है।

प्रश्न 11. किसी एक ध्वनि प्रदूषक का नाम लिखिए।

उत्तर- लाउडस्पीकर।

प्रश्न 12. 'कंपन' किसे कहते हैं?

उत्तर- किसी वस्तु की अपनी माध्य स्थिति के इधर-उधर या आगे-पीछे होने वाली गति को 'कंपन' कहते हैं।

प्रश्न 13. अधिकांश स्थितियों में हम कंपनों को क्यों नहीं देख पाते हैं?

उत्तर- अधिकांश स्थितियों में कंपनों का आयाम अत्यंत कम होता है इसलिए हम उन्हें नहीं देख पाते हैं।

प्रश्न 14. किसी ध्वनि के दो महत्त्वपूर्ण गुण बताइए।

उत्तर- (i) आयाम तथा (ii) आवृत्ति किसी ध्वनि के दो महत्त्वपूर्ण गुण हैं।

प्रश्न 15. किस प्रबलता से अधिक की ध्वनि शरीर के लिए कष्टदायक होती है?

उत्तर- से अधिक प्रबल ध्वनि शरीर के लिए कष्टदायक होती है।

प्रश्न 16. 'सुस्वर ध्वनि' से क्या तात्पर्य है?

उत्तर- सुस्वर ध्वनि वह है जो कानों को सुखद लगती है।

प्रश्न 17. 'शोर' किसे कहते हैं?

उत्तर- अप्रिय ध्वनियों को शोर कहते हैं।

प्रश्न 18. चिकित्सा के क्षेत्र में किस प्रकार की ध्वनि का महत्त्व है?

उत्तर- चिकित्सा के क्षेत्र में अनेक ऐसे उपकरण अनुसंधान एवं निदान हेतु प्रयुक्त किये जाते हैं जो पराश्रव्य ध्वनि पर आधारित होते हैं।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-(I-Type)

प्रश्न 1. आपके विद्यालय की घंटी, ध्वनि कैसे उत्पन्न करती है?

उत्तर-जब घंटी पर हथौड़े से आघात किया जाता है तो घंटी कम्पित हो उठती है। घंटी के कम्पित होने से ध्वनि उत्पन्न होती है। ये कम्पन हम घंटी को छूकर महसूस कर सकते हैं। अधिकांशतः ध्वनि का आयाम कम होने से हम कम्पन देख नहीं पाते।

प्रश्न 2. किसी माध्यम में ध्वनि द्वारा उत्पन्न विक्षोभ आपके कानों तक कैसे पहुँचता है?

उत्तर-जब ध्वनि के कारण किसी माध्यम में कोई विक्षोभ उत्पन्न होता है तो यह विक्षोभ माध्यम के कणों में गति उत्पन्न कर देता है। ये कण अपने समीपवर्ती माध्यम के अन्य कणों में उसी प्रकार की गति उत्पन्न कर देते हैं। यह क्रिया इसी प्रकार माध्यम के अन्य कणों में फैलती जाती है और विक्षोभ हमारे कानों तक पहुँच जाता है।

प्रश्न 3. दोलन गति तथा आवृत्ति को समझाइए।

उत्तर-दोलन गति (Oscillatory motion)-हम जानते हैं कि किसी वस्तु का बार-बार इधर-उधर गति करना कम्पन कहलाता है। इस गति को दोलन गति कहते हैं।

आवृत्ति (Frequency)-प्रति सेकण्ड होने वाली दोलनों की संख्या को दोलन की आवृत्ति कहते हैं। आवृत्ति का मापन हर्ट्ज में किया जाता है।

प्रश्न 4. शोर व संगीत में दो-दो अंतर लिखिए।

उत्तर-(i) अप्रिय ध्वनियाँ शोर कहलाती हैं जबकि प्रिय ध्वनि को संगीत कहते हैं।

(ii) शोर कष्टप्रद होता है जबकि संगीत सुखद होता है।

प्रश्न 5. निम्नलिखित वाद्ययंत्रों के जिस भाग से ध्वनि उत्पन्न होती है, उस भाग का नाम लिखिये।

(अ) ढोलक
(ब) सितार
(स) बाँसुरी
(द) मंजीरा।

उत्तर-(अ) ढोलक - तानित झिल्ली

(ब) सितार - तानित तार
(स) बाँसुरी - वायु स्तम्भ
(द) मंजीरा - धातु प्लेट

प्रश्न 6. जब किसी वाद्ययंत्र को बजाया जाता है तो हमें किसकी ध्वनि सुनाई देती है? समझाइए।

उत्तर-जब हम किसी वाद्ययंत्र जैसे सितार के तार को कर्षित करते हैं तो हमें केवल तार की ही ध्वनि सुनाई नहीं देती है बल्कि वास्तव में सम्पूर्ण यंत्र कंपन करता है और इस पूरे यंत्र के कंपन से उत्पन्न ध्वनि को हम सुनते हैं।

प्रश्न 7. पुरुषों, महिलाओं तथा बच्चों की वाक् ध्वनियाँ भिन्न-भिन्न क्यों होती हैं?

उत्तर-पुरुषों के वाक् तंतुओं की लंबाई लगभग होती है। महिलाओं में इनकी लंबाई लगभग होती है। बच्चों के वाक्-तंतु बहुत छोटे होते हैं। यही कारण है कि पुरुषों, महिलाओं तथा बच्चों की वाक् ध्वनियाँ भिन्न-भिन्न होती हैं।

प्रश्न 8. ध्वनि कंपन गति के कारण उत्पन्न होती है तो कंपन करता हुआ झूला या पेन्डुलम ध्वनि उत्पन्न क्यों नहीं करता है?

उत्तर-हम से आवृत्ति की ध्वनि सुन सकते हैं। यह आवृत्ति परास 'श्रव्य आवृत्ति परास' कहलाती है। कंपन करते झूले या पेन्डुलम की आवृत्ति इस परास में नहीं होती है। अतः ये ध्वनि तरंगें उत्पन्न नहीं करते हैं।

प्रश्न 9. एक स्वरित्र की आवृत्ति है। यह स्वरित्र सेकण्ड में कितने दोलन करेगा तथा इसका आवर्त काल क्या होगा?

उत्तर- आवृत्ति

इसलिए, सेकण्ड में दोलनों की संख्या

आवर्तकाल सेकण्ड

प्रश्न 10. एक स्वरित्र का दोलनकाल सेकण्ड है। स्वरित्र की आवृत्ति ज्ञात कीजिए।

उत्तर-स्वरित्र की आवृत्ति

सेकण्ड

लघूत्तरात्मक प्रश्न-(II-Type)

प्रश्न 1. एक प्रयोग द्वारा सिद्ध कीजिए कि ध्वनि वायु की अपेक्षा द्रवों में अधिक तेजी से संचरित होती है।

उत्तर-ध्वनि द्रवों में गैसों की अपेक्षा तीव्र गति से संचरित होती है। इसको हम निम्न प्रयोग से सिद्ध कर सकते हैं-

प्रयोग-एक लम्बा गुब्बारा लेकर उसे पानी से भरते हैं। इसे कान के पास रखकर इसके दूसरे सिरे पर अंगुली से खरोंचते हैं। इससे एक ध्वनि उत्पन्न होती है। अब यही क्रिया वायु से भरे गुब्बारे के साथ करते हैं। दोनों ध्वनियों की तुलना से सुनिश्चित होता है कि ध्वनि द्रवों में अधिक तेजी से चलती है।

प्रश्न 2. ध्वनि प्रबलता से क्या आशय है? समझाइए।

उत्तर-ध्वनि प्रबलता (Loudness of sound)-ध्वनि की प्रबलता ध्वनि उत्पन्न करने वाले कंपनों के आयाम के वर्ग के समानुपातिक होती है। जैसे-यदि आयाम दुगुना हो जाए तो प्रबलता के गुणक में बढ़ जाती है। प्रबलता को डेसिबल मात्रक में व्यक्त करते हैं। से अधिक प्रबल शोर शरीर के लिए कष्टदायक होता है। जब किसी वस्तु का आयाम अधिक होता है तो इसके द्वारा उत्पन्न ध्वनि प्रबल होती है। जब आयाम छोटा होता है तो उत्पन्न ध्वनि मंद होती है।

प्रश्न 3. आवृत्ति ध्वनि को किस प्रकार प्रभावित करती है? लिखिए।

उत्तर— आवृत्ति प्रति सेकण्ड होने वाले कम्पनों की संख्या है। आवृत्ति ध्वनि की तीक्ष्णता या तारत्व को निर्धारित करती है। यदि कम्पन की आवृत्ति अधिक है तो हम कहते हैं कि ध्वनि तीखी है। यदि कम्पन की आवृत्ति कम है तो हम कहते हैं कि ध्वनि का तारत्व कम है। जैसे-ढोल मंद आवृत्ति से कंपित होता है, अतः यह कम तारत्व की ध्वनि उत्पन्न करता है। जबकि सीटी की आवृत्ति अधिक होती है, अतः वह अधिक तारत्व की ध्वनि उत्पन्न करती है। इसी प्रकार पक्षी उच्च तारत्व की ध्वनि उत्पन्न करता है जबकि शेर की दहाड़ का तारत्व मंद होता है। यद्यपि शेर की दहाड़ अत्यधिक प्रबल है जबकि पक्षी की ध्वनि दुर्बल होती है। सामान्यतः एक महिला की आवाज किसी पुरुष की अपेक्षा अधिक आवृत्ति की तथा अधिक तीखी होती है।

प्रश्न 4. मच्छरों द्वारा उत्पन्न ध्वनि शेर की दहाड़ से भिन्न क्यों होती है?

उत्तर— ध्वनि की प्रबलता इसके आयाम पर निर्भर करती है। मच्छरों में ध्वनि पंखों की फरफराहट से उत्पन्न होती है, जबकि शेर की दहाड़ गले में उपस्थित वाक्-तंतुओं से उत्पन्न होती है। मच्छरों में ध्वनि का आयाम कम होता है। इसलिए दोनों ध्वनियों का तारत्व तथा गुणता भिन्न होते हैं जिससे दोनों ध्वनियाँ भिन्न और पहचानने योग्य होती हैं।

प्रश्न 5. निम्नलिखित की व्याख्या करो-

(क) अवश्रव्य तरंगें, (ख) श्रव्य तरंगें एवं (ग) पराश्रव्य तरंगें।

उत्तर—

(क) अवश्रव्य तरंगें— जिन तरंगों की आवृत्ति से कम होती है, उन्हें अवश्रव्य तरंगें कहते हैं।

(ख) श्रव्य तरंगें— जिन तरंगों से उत्पन्न ध्वनि को मनुष्य द्वारा सुना जा सकता है, श्रव्य तरंगें कहलाती हैं। इनकी आवृत्ति से तक होती है।

(ग) पराश्रव्य तरंगें— इन तरंगों की आवृत्ति से अधिक होती है। मनुष्य द्वारा पराश्रव्य तरंगें नहीं सुनी जा सकतीं। कुत्ता एवं चमगादड़ पराश्रव्य तरंगें सुन सकते हैं।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. एक प्रयोग द्वारा दर्शाइये कि ध्वनि संचरण के लिए एक माध्यम की आवश्यकता होती है।

उत्तर— ध्वनि संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है- धातु अथवा काँच का एक गिलास लेते हैं। सुनिश्चित करते हैं कि यह सूखा हो। इसमें एक 'सेल फोन' रखते हैं। अपने किसी मित्र से इस 'सेल फोन' पर किसी दूसरे 'सेल फोन' से टेलीफोन करने के लिए कहते हैं। घण्टी की ध्वनि ध्यानपूर्वक सुनते हैं। अब गिलास के किनारों को अपने हाथों से सटा कर पकड़ते हैं। अब अपने मुँह को हाथों के बीच की खाली जगह पर सटाकर रखते हैं। अपने मित्र को फिर से टेलीफोन करने के लिए संकेत देते हैं। गिलास में से वायु को मुँह द्वारा खींचते हुए घण्टी की आवाज को सुनते हैं। हम देखते हैं कि गिलास में से वायु बाहर खींचने पर घण्टी की ध्वनि धीमी हो जाती है। वास्तव में, यदि हम गिलास में से सारी वायु बाहर खींच पाते तो ध्वनि पूरी तरह सुनाई देना बन्द हो जाती है। इसका कारण यह है कि ध्वनि को संचरण (एक जगह से दूसरी जगह जाने) के लिए कोई माध्यम चाहिए। जब किसी बर्तन में से वायु पूरी तरह निकाल दी जाती है तो यह कहा जाता है कि बर्तन में निर्वात है। ध्वनि निर्वात में संचरित नहीं हो सकती।

प्रश्न 2. मानव कान (कर्ण) का चित्र बनाइए तथा ध्वनि के सुनने की प्रक्रिया को समझाइए।

उत्तर— मानव कान (कर्ण) का चित्र-

मानव कान (कर्ण) द्वारा सुनने की क्रिया— हमारे कान के बाहरी भाग की आकृति कीप (फनल) जैसी होती है। जब ध्वनि इसमें प्रवेश करती है तो यह एक नलिका से गुजरती है जिसके सिरे पर पतली झिल्ली दृढ़ता से तानित होती है, यह कर्ण पटह कहलाता है। जब ध्वनि के कम्पन कर्ण पटह को कम्पित करते हैं तो कर्ण पटह कम्पनों को आंतर कर्ण तक भेज देता है। वहाँ से संकेतों को मस्तिष्क तक भेज दिया जाता है। इस प्रकार हम ध्वनि सुनते हैं।

प्रश्न 3. शोर/ध्वनि प्रदूषण क्या है? इससे क्या हानि है? शोर/ध्वनि प्रदूषण को सीमित रखने के उपाय लिखिए।

अथवा

शोर/ध्वनि प्रदूषण किसे कहते हैं? इससे होने वाली हानियों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर— शोर/ध्वनि प्रदूषण- वातावरण में अत्यधिक या अवांछित ध्वनियों को शोर/ध्वनि प्रदूषण कहते हैं।

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 10 चित्र 2

चित्र: मानव कान का आंतरिक संरचना चित्र

शोर/ध्वनि प्रदूषण से हानि- शोर/ध्वनि प्रदूषण से अनेक स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं। अनिद्रा, अति तनाव (उच्च रक्तचाप), चिन्ता तथा अन्य बहुत से स्वास्थ्य सम्बन्धी विकार शोर/ध्वनि प्रदूषण से उत्पन्न हो सकते हैं। लगातार प्रबल ध्वनि के प्रभाव में रहने वाले व्यक्ति की सुनने की क्षमता अस्थायी या स्थायी रूप से कम हो जाती है।

शोर/ध्वनि प्रदूषण कम करने के उपाय-

(1) रेडियो, टेलीविजन, टेपरिकार्डर आदि की ध्वनि प्रबलता कम रखनी चाहिए।

(2) सड़कों तथा घरों के आस-पास पेड़ लगाने चाहिए।

(3) घरेलू उपकरणों में श्वामक युक्तियाँ (silencer) लगाई जानी चाहिए।

(4) शोर/ध्वनि प्रदूषण से होने वाले प्रभावों से अवगत कराया जा सकता है।

(5) स्वचालित वाहनों के हॉर्न का उपयोग कम से कम करना चाहिए।

प्रश्न 4. आवासीय क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है?

उत्तर- ध्वनि उत्पन्न करने वाले क्रियाकलापों को आवासीय क्षेत्रों से दूर संचालित करना चाहिए। ध्वनि उत्पन्न करने वाले उद्योगों को आवासीय क्षेत्रों से दूर स्थापित करना चाहिए। स्वचालित वाहनों के हॉर्न का उपयोग कम से कम करना चाहिए। टेलीविजन तथा संगीत निकायों की ध्वनि प्रबलता कम रखनी चाहिए। ध्वनि प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों को कम करने के लिए सड़कों तथा भवनों के आस-पास पेड़ लगाने चाहिए, जिससे कि ध्वनि आवासों तक न पहुँच पाए।