📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल
राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
पाठगत प्रश्न
प्रश्न 1. क्या हर अवस्था में वायु विद्युत की हीन चालक होती है?
उत्तर- नहीं, हर अवस्था में वायु विद्युत की हीन चालक नहीं होती है। तड़ित के समय यह विद्युत की चालक बन जाती है।
प्रश्न 2. क्या हीन चालकों की श्रेणी में रखे अन्य पदार्थ भी विशेष परिस्थितियों में अपने में से विद्युत को प्रवाहित होने देते हैं?
उत्तर- हाँ, विशेष परिस्थितियों में हीन चालकों की श्रेणी में रखे अन्य पदार्थ भी विशेष परिस्थितियों में अपने में से विद्युत को प्रवाहित होने देते हैं।
प्रश्न 3. विद्युतलेपन (electroplating) के क्रियाकलाप को करने के पश्चात इलेक्ट्रोडों को आपस में बदलकर क्रियाकलाप को दोहराने पर क्या प्रेक्षण प्राप्त होंगे?
उत्तर- विद्युतलेपन की प्रक्रिया में हम जानते हैं कि कॉपर ऋण ध्रुव पर एकत्रित होता है अतः जिस धातु पर परत चढ़ाते हैं वह ऋण ध्रुव पर ही संयोजित की जाती है। इलेक्ट्रोडों को आपस में बदलकर क्रियाकलाप को दोहराने पर विद्युतलेपन की क्रिया प्रभावित होगी तथा जिस धातु पर विद्युतलेपन करना है वह संपादित नहीं होगी।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
530 —
उत्तर-(a) अम्लों, क्षारकों, लवणों,
(b) रासायनिक
(c) - ve (ऋण),
(d) विद्युत लेपन।
प्रश्न 2. जब किसी संपरीक्षित्र (tester) के स्वतंत्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो चुम्बकीय सुई विक्षेपित होती है। क्या आप ऐसा होने के कारण की व्याख्या कर सकते हैं?
उत्तर- संपरीक्षित्र के स्वतंत्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो विलयन में विद्युतधारा प्रवाहित होती है। विलयन में विद्युतधारा के प्रवाहित होने के कारण चुम्बकीय सुई विक्षेपित होती है।
प्रश्न 3. ऐसे तीन द्रवों के नाम लिखिए जिनका परीक्षण चित्र में दर्शाए अनुसार करने पर चुम्बकीय सुई विक्षेपित हो सके।
चित्र
उत्तर- (i) नींबू का रस (ii) नमक का विलयन (iii) कॉपर सल्फेट का विलयन।
प्रश्न 4. चित्र में दर्शाई गई व्यवस्था में बल्ब नहीं जलता। क्या आप संभावित कारणों की सूची बना सकते हैं? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
चित्र
उत्तर- चित्र में दर्शाई गई व्यवस्था में बल्ब नहीं जलता। इसका संभावित कारण हो सकता है कि बीकर में विद्युत अपघट्य न हो। ग्लूकोस विलयन, ऐल्कोहॉल अथवा आसुत जल होने पर बल्ब नहीं जलेगा। यह भी हो सकता है कि विद्युतधारा दुर्बल हो। इसलिए LED का उपयोग किया जा सकता है जो दुर्बल विद्युतधारा प्रवाहित होने पर भी दीप्त होता है।
प्रश्न 5. दो द्रवों A तथा B में विद्युत चालन की जाँच करने के लिए एक संपरीक्षित्र का प्रयोग किया गया। यह देखा गया कि संपरीक्षित्र का बल्ब द्रव A के लिए चमकीला दीप्त हुआ जबकि द्रव B के लिए अत्यन्त धीमा दीप्त हुआ। आप निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि-
(i) द्रव A, द्रव B से अच्छा चालक है।
(ii) द्रव B, द्रव A से अच्छा चालक है।
(iii) दोनों द्रवों की चालकता समान है।
(iv) द्रवों की चालकता के गुणों की तुलना इस प्रकार नहीं की जा सकती।
उत्तर- (i) द्रव A, द्रव B से अच्छा चालक है।
प्रश्न 6. क्या शुद्ध जल विद्युत का चालन करता है? यदि नहीं, तो इसे चालक बनाने के लिए हम क्या कर सकते हैं?
उत्तर- शुद्ध जल विद्युत का चालन नहीं करता है। इसको चालक बनाने के लिए इसमें कुछ बूँदें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की मिला देनी चाहिए।
प्रश्न 7. आग लगने के समय फायरमैन पानी के हौज (पाइपों) का उपयोग करने से पहले उस क्षेत्र की मुख्य विद्युत आपूर्ति को बन्द कर देते हैं। व्याख्या कीजिए कि वे ऐसा क्यों करते हैं।
उत्तर- पानी विद्युत का सुचालक होता है। विद्युत के झटके से बचने के लिए फायरमैन पानी के हौज (पाइपों) का उपयोग करने से पहले मुख्य विद्युत आपूर्ति को बन्द कर देते हैं।
प्रश्न 8. तटीय क्षेत्र में रहने वाला एक बालक अपने संपरीक्षित्र से पीने के पानी तथा समुद्र के पानी का परीक्षण करता है। वह देखता है कि समुद्र के पानी के लिए चुम्बकीय सुई अधिक विक्षेप दिखाती है। क्या आप इसके कारण की व्याख्या कर सकते हैं?
उत्तर- समुद्र के पानी में लवण घुले होते हैं। अतः समुद्र का पानी विद्युत का सुचालक हो जाता है अर्थात् उसमें से विद्युत गुजर सकती है। इसके विपरीत पीने का पानी दुर्बल सुचालक है। इसमें से विद्युत धारा कठिनाई से गुजरती है, अतः समुद्र के पानी के लिए चुम्बकीय सुई अधिक विक्षेप दिखाती है।
प्रश्न 9. क्या तेज वर्षा के समय किसी लाइनमैन के लिए बाहरी मुख्य लाइन के विद्युत तारों की मरम्मत करना सुरक्षित होता है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर- नहीं। तेज वर्षा के समय किसी लाइनमैन के लिए बाहरी मुख्य लाइन के विद्युत तारों की मरम्मत करना सुरक्षित नहीं होता है क्योंकि जल विद्युत का चालक है। लाइनमैन को विद्युत का झटका लग सकता है।
प्रश्न 10. पहेली ने सुना था कि वर्षा का जल उतना ही शुद्ध है जितना कि आसुत जल। इसलिए उसने एक

चित्र: Circuit with battery, tester, and beaker containing liquid

चित्र: Circuit with battery, bulb, and beaker containing liquid
स्वच्छ काँच के बर्तन में कुछ वर्षा का जल एकत्रित करके संपरीक्षित्र से उसका परीक्षण किया। उसे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि चुम्बकीय सुई विक्षेप दर्शाती है। इसका कारण क्या हो सकता है?
उत्तर— यह सत्य है कि वर्षा का जल उतना ही शुद्ध है जितना कि आसुत जल। परन्तु वर्षा का जल, वायुमण्डल में उपस्थित बहुत-सी अशुद्धियाँ जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड आदि घोल लेता है जो कि वर्षा के जल को चालक बना देती है। इसलिए संपरीक्षित्र से परीक्षण करने पर चुम्बकीय सुई विक्षेप दिखाती है।
प्रश्न 11. अपने आस-पास उपलब्ध विद्युतलेपित वस्तुओं की सूची बनाइए।
उत्तर— विद्युतलेपित वस्तुओं की सूची निम्नलिखित है-
(1) स्नानघर की टोंटी, गैस बर्नर तथा साइकिल के रिम आदि पर क्रोमियम का लेपन किया जाता है।
(2) आभूषण बनाने वाली सस्ती धातुओं पर चाँदी तथा सोने का विद्युतलेपन करते हैं।
(3) लोहे के ऊपर टिन का विद्युतलेपन करते हैं।
(4) बाल्टी/लोहे की बाल्टी पर जिंक की परत निक्षेपित कर दी जाती है।
(5) रसोई के बर्तन आदि।
प्रश्न 12. जो प्रक्रिया आपने पाठ्यपुस्तक के क्रियाकलाप 11.7 में देखी वह कॉपर के शोधन में उपयोग होती है। एक पतली शुद्ध कॉपर छड़ एवं एक अशुद्ध कॉपर की छड़ इलेक्ट्रोड के रूप में उपयोग की जाती है। कौन-सा इलेक्ट्रोड बैटरी के धन टर्मिनल से संयोजित किया जाए? कारण भी लिखिए।
उत्तर— अशुद्ध कॉपर की छड़ जो कि एनोड का कार्य करती है, को बैटरी के धन टर्मिनल से संयोजित किया जाना चाहिए। कॉपर सल्फेट में विद्युत प्रवाहित करने पर धनायन कैथोड की ओर गति करते हैं और शुद्ध धातु कैथोड पर जमा हो जाती है, अशुद्धियाँ एनोड तल के नीचे बैठ जाती हैं।
📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य
महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।
पाठ-सार-
(1) कुछ द्रव विद्युत के सुचालक (good conductors) हैं तथा कुछ हीन चालक (poor conductors) हैं।
(2) विद्युत चालन करने वाले अधिकांश द्रव अम्लों, क्षारकों तथा लवणों के विलयन होते हैं।
(3) किसी चालक द्रव में विद्युत धारा प्रवाहित होने पर रासायनिक अभिक्रियाएँ होती हैं। इसे विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव कहते हैं।
(4) विद्युत धारा द्वारा किसी पदार्थ पर वांछित धातु की परत निक्षेपित करने की क्रिया को विद्युत लेपन कहते हैं। लोहे को जंग लगने से बचाने के लिए लोहे पर जिंक की परत निक्षेपित कर देते हैं जो विद्युत लेपन द्वारा ही होता है।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुचयनात्मक प्रश्न-
1. निम्न में से विद्युत का कुचालक है-
(ब) आसुत जल
(द) समुद्री जल
2. प्रकाश उत्सर्जक डायोड (LED) के साथ जुड़े लम्बे तार को जोड़ा जाता बैटरी के
3. जल में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर हाइड्रोजन गैस इकट्ठी होती है-
4. जल के विद्युत अपघटन पर धन टर्मिनल पर एकत्रित होने वाली गैस है-
5. साइकिल हैन्डिल पर लेपन होता है-
(ब) सिल्वर का
(द) लोहे का
6. विद्युत का सुचालक है-
(ब) प्लास्टिक
(द) उपरोक्त सभी
7. LED के साथ जो तारें जुड़ी होती हैं, उन्हें क्या कहते हैं?
(ब) लीड्स
(द) स्पीकर
8. विद्युत चालन करने वाले अधिकांश द्रव किसके विलयन होते हैं?
(ब) क्षारकों के
(द) उपरोक्त सभी
9. वह इलेक्ट्रोड जो समान मात्रा में कॉपर विलयन में घुल जाता है, किसका बना होता है?
(ब) चाँदी का
(द) पीतल का
10. संक्षारण तथा जंग लगने से बचाने के लिए लोहे पर किसकी परत चढ़ाई जाती है?
(ब) स्टील
(द) सिल्वर
11. निम्न में से कौन हीन विद्युत धारा के प्रवाहित होने पर भी दीप्त होता है?
(ब) LED
(द) PBC
12. वायु विद्युत की-
(ब) कुचालक है
उत्तर-तालिका- 1. (ब) 2. (अ) 3. (ब) 4. (अ) 5. (स) 6. (स) 7. (ब) 8. (द) 9. (स) 10. (अ) 11. (ब) 12. (स)।
532 —
रिक्त स्थानों की पूर्ति-
1. पदार्थों को ............... तथा ............... के रूप में वर्गीकृत करने की अपेक्षा अच्छे चालकों तथा हीन चालकों के रूप में वर्गीकृत करने को अधिक मान्यता दी जाती है।
2. टिन ............... से कम क्रियाशील होता है।
3. विद्युत धारा के ............... कारण बल्ब का तंतु दीप्त हो जाता है।
4. आसुत जल ............... से युक्त होने के कारण हीन चालक होता है।
5. क्रोमियम ............... दिखाई देता है।
6. LED के साथ ............... तार जुड़े होते हैं।
7. नमक का घोल विद्युत का ............... है।
उत्तर- 1. चालकों, विद्युतरोधियों 2. लोहे 3. ऊष्मीय प्रभाव 4. लवणों 5. चमकदार 6. दो 7. सुचालक।
सत्य/असत्य-
निम्नलिखित कथनों में सही के लिए 'T' तथा गलत के लिए 'F' अंकित कीजिए-
(1) नमक का घोल विद्युत का अच्छा चालक है।
(2) आसुत जल विद्युत का हीन चालक होता है।
(3) विद्युतलेपन एक अनुपयोगी उपक्रम है।
(4) लोहे में संक्षारित होने तथा जंग लगने की प्रवृत्ति होती है।
उत्तर- (1) T (2) T (3) F (4) T
'कॉलम-A' में दिए गए शब्दों का मिलान 'कॉलम-B' से कीजिए-
कॉलम-A | कॉलम-B |
(i) सुचालक | (a) रबड़ |
(ii) हीन चालक | (b) टिन |
(iii) कुचालक | (c) वायु |
(iv) विद्युत लेपन | (d) ताँबा |
उत्तर- (i) (d), (ii) (c), (iii) (a), (iv) (b)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. इलेक्ट्रोड्स क्या होते हैं?
उत्तर- चालक छड़, प्लेटें आदि जिनमें से धारा विद्युत अपघट्य में प्रवेश करती है या बाहर निकलती है, इलेक्ट्रोड्स कहलाती हैं।
प्रश्न 2. वैद्युत अपघट्यों के विलयन में विद्युत की चालकता कैसे होती है?
उत्तर- वैद्युत अपघट्य अपने विलयनों में आयन देते हैं। धनायनों का कैथोड की ओर तथा ऋणायनों का एनोड की ओर गतिमान होने से विद्युत चालन होता है।
प्रश्न 3. हमें वैद्युत साधित्रों का उपयोग कभी भी गीले हाथों से अथवा गीले फर्श पर खड़े होकर क्यों नहीं करना चाहिए?
उत्तर- जल में थोड़ी मात्रा में प्राकृतिक रूप से विद्यमान खनिज लवण जल को चालक बना देते हैं। इसीलिए हमें वैद्युत साधित्रों का उपयोग कभी भी गीले हाथों से अथवा गीले फर्श पर खड़े होकर नहीं करना चाहिए।
प्रश्न 4. सिल्वर विद्युतलेपन में कौन से विद्युत अपघट्य का उपयोग होता है?
उत्तर- सिल्वर नाइट्रेट विलयन का उपयोग होता है।
प्रश्न 5. कॉपर लेपन में स्वतंत्र कॉपर (ताँबा) बैटरी के किस टर्मिनल पर एकत्रित होता है?
उत्तर- कॉपर लेपन में स्वतंत्र कॉपर ऋण टर्मिनल से संयोजित इलेक्ट्रोड पर एकत्रित होता है।
प्रश्न 6. विद्युतधारा का रासायनिक प्रभाव क्या है?
उत्तर- वह प्रक्रिया जिसके द्वारा कुछ द्रव विद्युत का संवहन करते हैं तथा आयनों में विभक्त हो जाते हैं, विद्युतधारा का रासायनिक प्रभाव है।
प्रश्न 7. ऐसे द्रवों के नाम बताइए जिनसे विद्युत का संवहन नहीं होता।
उत्तर- आसुत जल, तेल।
प्रश्न 8. ऐसे द्रव का नाम बताइए जो विद्युत का सुचालक है परन्तु विद्युतधारा प्रवाहित करने पर विद्युत अपघटित नहीं होता।
उत्तर- मर्करी।
प्रश्न 9. किन्हीं चार द्रवों के नाम लिखिए जो विद्युत के चालक हैं।
उत्तर- (1) नींबू का रस (2) सिरका (3) चूने का पानी (4) सोडियम हाइड्रोक्साइड का विलयन।
प्रश्न 10. संपरीक्षित्र की जाँच करते समय इसके तारों के स्वतंत्र सिरों को लम्बे समय तक स्पर्श क्यों नहीं कराना चाहिए?
उत्तर- क्योंकि ऐसा करने पर बैटरी के सेल अत्यंत शीघ्रता से समाप्त हो जाते हैं।
प्रश्न 11. यह किसने दर्शाया कि जल में विद्युत धारा प्रवाहित होने पर इलेक्ट्रोडों पर गैस के बुलबुले बनते हैं?
उत्तर- विलियम निकलसन।
प्रश्न 12. जल में विद्युत धारा प्रवाहित होने पर इलेक्ट्रोडों पर कौनसी गैस उत्पन्न होती है?
उत्तर- ऑक्सीजन के बुलबुले बैटरी के धन टर्मिनल से जुड़े इलेक्ट्रोड पर तथा हाइड्रोजन के बुलबुले दूसरे इलेक्ट्रोड पर बनते हैं।
प्रश्न 13. विद्युत सुचालक पदार्थ का नाम बताइए।
उत्तर- लोहा।
प्रश्न 14. विद्युत के एक कुचालक पदार्थ का नाम लिखिये।
उत्तर- प्लास्टिक।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-(I-Type)
प्रश्न 1. LED का पूरा नाम लिखिए। इसका एक उपयोग भी लिखिए।
उत्तर- LED का पूरा नाम 'प्रकाश उत्सर्जक डायोड' है।
उपयोग- दुर्बल विद्युत धारा प्रवाहित होने पर LED का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह उसमें भी दीप्त होता है।
प्रश्न 2. विद्युतलेपन विधि किसे कहते हैं? इसके दो उपयोग लिखिए।
उत्तर- विद्युतलेपन विधि- विद्युत धारा द्वारा किसी पदार्थ पर वांछित धातु की परत निक्षेपित करने की विधि को विद्युतलेपन विधि कहते हैं।
उपयोग- (1) मूल धातु को संक्षारण से बचाने के लिए।
(2) किसी धातु को आकर्षक तथा महंगा प्रतीत कराने के लिए।
प्रश्न 3. यदि विद्युत परिपथ में संपरीक्षित्र कार्य नहीं कर रहा है, तो इसके क्या संभावित कारण हो सकते हैं?
उत्तर- संभावित कारण-
(i) तारों का संयोजन शिथिल हो।
(ii) बल्ब फ्यूज हो गया हो।
(iii) सेल बेकार हो गए हों।
प्रश्न 4. कई बार बल्ब से विद्युत धारा प्रवाहित होने पर भी वह दीप्त क्यों नहीं होता है?
उत्तर- जब बल्ब से विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो विद्युतधारा के ऊष्मीय प्रभाव के कारण बल्ब का तंतु उच्च ताप तक गर्म होकर दीप्त हो जाता है। तथापि यदि परिपथ में विद्युत धारा दुर्बल है तो तंतु पर्याप्त गर्म न हो पाने के कारण दीप्त नहीं हो पाता है।
प्रश्न 5. पदार्थों को विद्युत चालकों तथा विद्युतरोधियों के रूप में वर्गीकृत करना उचित क्यों नहीं है?
उत्तर- विशेष परिस्थितियों में अधिकांश पदार्थ विद्युतधारा का चालन कर सकते हैं। इसीलिए पदार्थों को चालकों तथा विद्युतरोधियों के रूप में वर्गीकृत करने की अपेक्षा अच्छे चालकों (सुचालक) तथा हीन चालकों के रूप में वर्गीकृत करना अधिक उचित है।
प्रश्न 6. जल से विद्युत धारा के प्रवाहित होने के परिपथ को रेखाचित्र द्वारा दर्शाइए।
चित्र : जल से विद्युत धारा प्रवाहित करना
प्रश्न 7. दर्शाइए कि आसुत जल (distilled water) को कैसे विद्युत का चालक बनाया जा सकता है।
उत्तर- एक स्वच्छ तथा सूखे प्लास्टिक के बीकर में थोड़ा आसुत जल भरते हैं। संपरीक्षित्र से परीक्षण करने पर ज्ञात होता है कि आसुत जल विद्युत चालन नहीं करता है। अब एक चुटकी साधारण नमक लेकर इसे आसुत जल में घोलते हैं। फिर परीक्षण करते हैं। हम देखते हैं कि अब यह विद्युत का चालन करता है।
प्रश्न 8. विद्युतधारा के रासायनिक प्रभाव बताइए।
उत्तर- (1) किसी चालक विलयन से विद्युतधारा प्रवाहित होने पर रासायनिक अभिक्रियाएँ होती हैं।
(2) रासायनिक प्रभाव के फलस्वरूप इलेक्ट्रोडों पर गैस के बुलबुले बन सकते हैं।
(3) इलेक्ट्रोडों पर धातु का निक्षेपण हो सकता है। विलयनों के रंग में परिवर्तन हो सकते हैं।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-(II-Type)
प्रश्न 1. विद्युत के सुचालक तथा विद्युत के हीनचालक या कुचालक से क्या समझते हो?
उत्तर- वह पदार्थ जो अपने से होकर विद्युतधारा को प्रवाहित होने देते हैं, वे विद्युत के सुचालक होते हैं। इसके विपरीत वह पदार्थ जो अपने से होकर आसानी से प्रवाहित नहीं होने देते, वे विद्युत के हीन चालक होते हैं।
कॉपर तथा ऐलुमिनियम विद्युत का चालन करते हैं जबकि रबड़, प्लास्टिक तथा लकड़ी विद्युत का चालन नहीं करते।
प्रश्न 2. किसी एक संपरीक्षित्र (tester) का चित्र बनाइए।

चित्र: जल से विद्युत धारा प्रवाहित करने का परिपथ
534 ——————————————————————————————————————
उत्तर-
चित्र-एक संपरीक्षित्र
प्रश्न 3. नींबू के रस में विद्युत चालन का परीक्षण कैसे करेंगे?
उत्तर- एक प्लास्टिक के बीकर में नींबू का थोड़ा-सा रस लेते हैं। संपरीक्षित्र को इसके समीप लाकर उसके सिरों को नींबू के रस में डुबोते हैं। ध्यान रखते हैं कि दोनों सिरे परस्पर से अधिक दूरी पर न हों, लेकिन इसी के साथ-साथ वे एक-दूसरे को स्पर्श भी न करें। यदि बल्ब दीप्त होता है तो यह बताता है कि नींबू का रस विद्युत का चालन करता है।
चित्र-नींबू के रस में विद्युत चालन का परीक्षण
प्रश्न 4. दुर्बल विद्युतधारा में भी प्रदीप्त होने वाली युक्ति का नाम लिखें। इसे परिपथ में कैसे जोड़ा जाता है? विद्युत परिपथ का रेखाचित्र बनाइए।
उत्तर- प्रकाश उत्सर्जक डायोड (LED) दुर्बल विद्युत धारा प्रवाहित होने पर भी दीप्त होता है।
LED को परिपथ में जोड़ना- LED के साथ दो तार जुड़े होते हैं। इन तारों को लीड्स कहते हैं। एक तार दूसरे की अपेक्षा थोड़ा लम्बा होता है। LED को किसी परिपथ में जोड़ते समय इसके लम्बे तार को सदैव बैटरी के धन टर्मिनल से तथा छोटे तार को बैटरी के ऋण टर्मिनल से जोड़ते हैं।
चित्र-LED का विद्युत परिपथ
प्रश्न 5. विद्युतधारा के चुम्बकीय प्रभाव का उपयोग करके कोई संपरीक्षित्र कैसे बना सकते हैं?
उत्तर- माचिस की खाली डिबिया से ट्रे निकालते हैं। ट्रे पर चित्र में दर्शाए अनुसार एक विद्युत तार के कुछ फेरे लपेटते हैं। ट्रे के भीतर एक छोटी चुम्बकीय सुई रखते हैं। अब तार के एक स्वतंत्र सिरे को बैटरी में एक टर्मिनल से जोड़ते हैं। तार के दूसरे सिरे को स्वतंत्र छोड़ देते हैं। तार का एक दूसरा टुकड़ा लेकर बैटरी के दूसरे टर्मिनल से जोड़ते हैं। दोनों तारों के स्वतंत्र सिरों को क्षणमात्र के लिए एक-दूसरे से स्पर्श कराते हैं। चुम्बकीय सुई में विक्षेप दिखाई पड़ता है। इस प्रकार तार के दो स्वतंत्र सिरों वाला संपरीक्षित्र तैयार है।
चित्र-चुम्बकीय प्रभाव का उपयोग करके बना संपरीक्षित्र
प्रश्न 6. आलू की चालकता का परीक्षण कैसे करेंगे?
उत्तर- एक आलू को दो बराबर भागों में काटते हैं तथा संपरीक्षित्र के ताँबे के तारों को इसमें निर्विष्ट करा देते हैं। धन टर्मिनल से संयोजित तार के चारों ओर नीला धब्बा बनता है। यह दर्शाता है कि आलू विद्युत का सुचालक है।
चित्र-आलू की चालकता का परीक्षण करना
प्रश्न 7. कॉपर अपघटन धारामापी का एनोड कॉपर का ही बना होता है। समझाइए क्यों?
उत्तर- कॉपर अपघटन धारामापी में धारा प्रवाहित करने पर इसमें विद्युत अपघट्य के रूप में प्रयुक्त कॉपर सल्फेट विलयन कॉपर तथा सल्फेट में वियोजित हो जाता है। स्वतंत्र कॉपर (ताँबा) बैटरी के ऋण टर्मिनल से संयोजित इलेक्ट्रोड की

चित्र: सुचालक और हीन चालक का परीक्षण

चित्र: नींबू के रस में विद्युत चालन का परीक्षण परिपथ

चित्र: LED का विद्युत परिपथ

चित्र: चुम्बकीय प्रभाव का उपयोग करके बना संपरीक्षित्र

चित्र: आलू की चालकता का परीक्षण करना
ओर आकर्षित होता है तथा उस पर निक्षेपित हो जाता है किन्तु विलयन में इससे कॉपर की मात्रा कम होती जाती है। इसे पूरा करने के लिए इसमें एनोड ताँबे की प्लेट का बनाते हैं जिससे समान मात्रा में कॉपर विलयन में घुलता जाता है। इस प्रकार विलयन में जो कॉपर कम हुआ, वह विलयन में पुनः स्थापित हो जाता है। यही कारण है कि कॉपर अपघटनी धारामापी का एनोड कॉपर का ही बनाते हैं।
प्रश्न 8. चित्र की सहायता से धात्विक वस्तु के ऊपर कॉपर का निक्षेपित होना दर्शाइए।
अथवा
विद्युतलेपन दर्शाता सरल परिपथ का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर- इसके लिए किसी स्वच्छ तथा सूखे बीकर में आसुत जल लेकर इसमें दो चम्मच कॉपर सल्फेट घोलते हैं। इसे अधिक चालक बनाने के लिए कुछ बूँदें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की डाल देते हैं। दो ताँबे की प्लेटों को साफ करके इस विलयन में डुबोते हैं तथा इन प्लेटों को बैटरी के टर्मिनल से संयोजित कर देते हैं। परिपथ में लगभग मिनट तक विद्युतधारा प्रवाहित करते हैं। इससे कॉपर ऋण ध्रुव पर एकत्रित होता जाता है। धारा प्रवाह बन्द करके प्लेटों के अवलोकन से यह विदित होगा कि ऋण ध्रुव पर संयोजित प्लेट पर ताँबे की परत चढ़ जाती है। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि विद्युत लेपन की प्रक्रिया में धात्विक वस्तु के ऊपर कॉपर निक्षेपित होता है।
तो तथा आयन्स के मध्य आकर्षण बल बहुत कम हो जाता है तथा आयन्स गति के लिए स्वतंत्र हो जाते हैं। ये आयन्स विद्युत का चालन करते हैं।
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. विद्युतलेपन को एक उदाहरण द्वारा समझाइए।
अथवा
विद्युतलेपन क्या है? यह क्यों किया जाता है? चित्र की सहायता से इसके करने की विधि की व्याख्या कीजिए।
अथवा
चाँदी के आभूषणों पर सोने का लेप चढ़ाने हेतु उपयोग में ली जाने वाली विधि का नाम लिखें। इस विधि का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर- विद्युतलेपन (electroplating)- विद्युतधारा द्वारा किसी पदार्थ पर किसी वांछित धातु की परत निक्षेपित करने की प्रक्रिया को विद्युतलेपन कहते हैं।
चाँदी के आभूषणों पर विद्युतलेपन विधि द्वारा ही सोने का लेप चढ़ाया जाता है।
विद्युतलेपन निम्न कारणों से किया जाता है-
(1) मूल धातु को संक्षारण से बचाने के लिए।
(2) आकर्षक दिखाने के लिए।
(3) खरोंचों से बचाने के लिए।
विद्युतलेपन की विधि- जिस पर लेपन करना है उसे बैटरी के ऋण ध्रुव पर और जिसका लेपन करना है उसे बैटरी के धन ध्रुव पर संयोजित करते हैं और विद्युत अपघट्य लेपन वाले धातु के लवण के विलयन में डुबोते हैं।
जब धारा प्रवाहित की जाती है तो एक पतली परत (धन ध्रुव) वाले धातु की ऋण ध्रुव पर रखी वस्तु पर जमा हो जाती है।
प्रश्न 2. विद्युत लेपन एक महत्त्वपूर्ण प्रक्रम है। क्यों? समझाइए।
प्रश्न 9. गलित सोडियम क्लोराइड विद्युत का चालन क्यों करता है?
उत्तर- ठोस अवस्था में सोडियम क्लोराइड भी आयनिक रूप होता है। परन्तु ये आयन्स ( तथा ) एक-दूसरे से बहुत निकट होते हैं तथा एक-दूसरे से बन्धित होते हैं। जब गलित अवस्था में होता है।

चित्र: विद्युतलेपन दर्शाता सरल परिपथ

चित्र: विद्युतलेपन करना
536 —
उत्तर—हम जानते हैं कि विद्युत लेपन प्रक्रम में धातु की वस्तुओं पर किसी दूसरी धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है। इसमें चढ़ाई गई धातु की परत में कुछ ऐसे वांछित गुण होते हैं जो उस वस्तु की धातु में नहीं होते, जिस पर निक्षेपण किया जाता है, जैसे-कार के कुछ भागों में, स्नानगृह की टोंटी, साइकिल का हैंडल, पहिए की रिम आदि पर क्रोमियम का लेपन किया जाता है। क्रोमियम चमकदार होता है तथा यह संक्षारण को रोकता है। क्रोमियम एक महंगी धातु है, अतः पूरी वस्तु क्रोमियम की बनाना आर्थिक दृष्टि से व्यावहारिक नहीं होता। अतः वस्तु को किसी सस्ती धातु से निर्मित करके उस पर क्रोमियम की परत निक्षेपित कर देते हैं।
आभूषण बनाने वाले सस्ती धातुओं पर चाँदी तथा सोने का विद्युत लेपन करते हैं। ये दिखने में चाँदी-सोने जैसे लगते हैं किन्तु ये सस्ते होते हैं। खाद्य पदार्थों के भण्डारण में प्रयुक्त टिन डिब्बों में लोहे के ऊपर टिन का विद्युतलेपन करते हैं। टिन लोहे से कम क्रियाशील होता है तथा इससे खाद्य पदार्थ लोहे के सम्पर्क में नहीं आते तथा खराब होने से बच जाते हैं।
पुलों तथा स्वचालित वाहनों को प्रबल बनाने के लिए लोहा उपयोग में लाते हैं। यद्यपि लोहे में संक्षारित होने तथा जंग लगने की प्रवृत्ति होती है अतः इसे संक्षारण तथा जंग लगने से बचाने के लिए लोहे पर जिंक की परत निक्षेपित कर दी जाती है। इस प्रकार विद्युतलेपन की प्रक्रिया का व्यापक उपयोग है।