📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल
राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
पाठगत प्रश्न
प्रश्न 1. तड़ित तथा हमारे वस्त्रों में उत्पन्न चिंगारी वास्तव में एक ही परिघटना है। वैज्ञानिकों को इस समानता को ज्ञात करने में 2000 वर्ष क्यों लगे?
उत्तर— क्योंकि यह एक वैज्ञानिक खोज है और वैज्ञानिक खोजें बहुत से लोगों के लम्बे समय तक किये गये कठिन परिश्रम का परिणाम होती हैं।
प्रश्न 2. पृथ्वी के अन्दर भू-कम्प के क्या कारण हो सकते हैं?
अथवा
भूकम्प आने के कारण लिखिए।
उत्तर— भूकम्प आने के कारण-
(1) अधिकांश भूकम्प पृथ्वी की प्लेटों की गतियों के कारण आते हैं।
(2) ज्वालामुखी के फटने से भी भूकम्प आते हैं।
(3) किसी उल्का पिण्ड के पृथ्वी से टकराने से भी भूकम्प आ सकता है।
(4) भूमिगत नाभिकीय विस्फोट भी भूकम्प को जन्म दे सकता है।
प्रश्न 3. क्या वैज्ञानिक आने वाले भूकम्प के समय तथा स्थान की भविष्यवाणी कर सकते हैं?
उत्तर— नहीं, अभी तक यह सम्भव नहीं हो सका है कि
वैज्ञानिक आने वाले भूकंप के समय तथा स्थान की भविष्यवाणी कर सकें।
--- पाठ्यपुस्तक के प्रश्न ---
प्रश्न 1 तथा 2 में सही विकल्प का चयन कीजिए।
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से किसे घर्षण द्वारा आसानी से आवेशित नहीं किया जा सकता?
उत्तर- (ख) ताँबे की छड़।
प्रश्न 2. जब काँच की छड़ को रेशम के कपड़े से रगड़ते हैं तो छड़-
उत्तर- (ख) धनावेशित हो जाती है तथा कपड़ा ऋणावेशित हो जाता है।
प्रश्न 3. निम्नलिखित कथनों के सामने सही के सामने 'T' तथा गलत के सामने 'F' लिखिए-
उत्तर- (क) F, (ख) T, (ग) F, (घ) F।
प्रश्न 4. सर्दियों में स्वेटर उतारते समय चट-चट की ध्वनि सुनाई देती है। व्याख्या कीजिए।
उत्तर- स्वेटर उतारते समय घर्षण के कारण स्वेटर आवेशित हो जाता है। इन आवेशों के एक-दूसरे के सम्पर्क में आने के कारण हुए आकर्षण/प्रतिकर्षण के कारण चट-चट की ध्वनि सुनाई देती है।
प्रश्न 5. जब हम किसी आवेशित वस्तु को हाथ से छूते हैं तो वह अपना आवेश खो देती है, व्याख्या कीजिए।
उत्तर- मानव शरीर विद्युत का चालक है। जब हम किसी आवेशित वस्तु को हाथ से छूते हैं तो आवेश शरीर से होकर पृथ्वी में चला जाता है और वस्तु अपना आवेश खो देती है।
प्रश्न 6. उस पैमाने का नाम लिखिए जिस पर भूकंपों की विनाशी ऊर्जा मापी जाती है। इस पैमाने पर किसी भूकंप की माप 3 है। क्या इसे भूकंपलेखी (सीस्मोग्राफी) से रिकॉर्ड किया जा सकेगा? क्या इससे अधिक हानि होगी?
उत्तर- उस पैमाने का नाम रिक्टर पैमाना है जिस पर भूकंपों की विनाशी ऊर्जा मापी जाती है।
रिक्टर पैमाने पर 3 का माप सीस्मोग्राफी द्वारा रिकॉर्ड किया जा सकता है परन्तु यह भूकंप बहुत दुर्बल होता है और इससे अधिक हानि नहीं होगी।
प्रश्न 7. तड़ित से अपनी सुरक्षा के तीन उपाय सुझाइए।
उत्तर- (1) तड़ित की गरज सुनते ही किसी मकान अथवा भवन में चले जाना चाहिए।
(2) यदि हम किसी कार अथवा बस द्वारा यात्रा कर रहे हैं तो वाहन की खिड़कियाँ व दरवाजे बन्द कर लेने चाहिए।
(3) यदि हम किसी खुले क्षेत्र में हैं, जहाँ कोई शरणस्थल नहीं है तो सभी वृक्षों से काफी दूर खड़े रहें। जमीन पर न लेटें, बल्कि जमीन पर सिमटकर नीचे बैठें। अपने हाथों को घुटनों पर तथा सिर को हाथों के बीच रखें। इस स्थिति में हम आघात के लिए लघुतम लक्ष्य बन जाएंगे।
प्रश्न 8. आवेशित गुब्बारा दूसरे आवेशित गुब्बारे को प्रतिकर्षित करता है, जबकि अनावेशित गुब्बारा आवेशित गुब्बारे द्वारा आकर्षित किया जाता है। व्याख्या कीजिए।
उत्तर- सजातीय (एक ही प्रकार के) आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं जबकि विजातीय (भिन्न प्रकार के) आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं। इसलिए दो आवेशित गुब्बारे, सजातीय होने के कारण प्रतिकर्षित करते हैं। एक आवेशित और एक अनावेशित गुब्बारा विजातीय होने के कारण आकर्षित होते हैं।
प्रश्न 9. चित्र की सहायता से किसी ऐसे उपकरण का वर्णन कीजिए जिसका उपयोग किसी आवेशित वस्तु की पहचान में होता है।
उत्तर- किसी आवेशित वस्तु की पहचान विद्युतदर्शी नामक उपकरण से होती है।
विद्युतदर्शी- विद्युतदर्शी में प्रायः धातु की एक छड़ होती है जिसके एक सिरे पर धातु का एक गोला या डिस्क (चक्रिका) जुड़ी होती है।
धातु की छड़ के दूसरे सिरे पर धातु की दो पन्नी अथवा पत्र जुड़े होते हैं। ये पत्र काँच में एक जार में बंद होते हैं। यदि कोई अनावेशित वस्तु विद्युतदर्शी की धातु की छड़ के सम्पर्क में लाई जाती है तो इसके पत्रों में कोई अपसरण नहीं होता है। दूसरी ओर, यदि इसके सम्पर्क में कोई आवेशित वस्तु लाई जाती है तो इसके पत्र अपसारित हो जाते हैं। आवेशित वस्तु को हटा लेने पर भी पत्र अपसारित रहते हैं।
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चित्र-सरल विद्युतदर्शी
प्रश्न 10. भारत के उन तीन राज्यों (प्रदेशों) की सूची बनाइए जहाँ भूकम्पों के झटके अधिक सम्भावित हैं।
उत्तर- राज्यों (प्रदेशों) के नाम जहाँ भूकम्प के झटके अधिक सम्भावित हैं-(1) कश्मीर (2) गुजरात (कच्छ का रन) (3) राजस्थान।
प्रश्न 11. मान लीजिए आप घर से बाहर हैं तथा भूकम्प के झटके लगते हैं। आप अपने बचाव के लिए क्या सावधानियाँ बरतेंगे?
उत्तर- घर के बाहर भूकम्प के झटकों से बचाव-
(1) भवनों, वृक्षों तथा ऊपर जाती विद्युत लाइनों से दूर किसी खुले स्थान पर जायेंगे और धरती पर लेट जायेंगे।
(2) यदि हम किसी कार अथवा बस में हैं तो बाहर नहीं निकलेंगे।
(3) कार या बस को खुले स्थान की ओर ले जायेंगे।
(4) भू-स्पंदन के समाप्त होने से पहले बाहर नहीं निकलेंगे।
प्रश्न 12. मौसम विभाग यह भविष्यवाणी करता है कि किसी निश्चित दिन तड़ित झंझा की सम्भावना है और मान लीजिए उस दिन आपको बाहर जाना है। क्या आप छतरी लेकर जाएंगे? व्याख्या कीजिए।
उत्तर- तड़ित टेलीफोन के तारों, विद्युत तारों, धातु के पाइपों एवं काले रंग की वस्तुओं पर आघात कर सकती है। तड़ित झंझा के समय हमें इन्हें छूना नहीं चाहिए। अतः तड़ित झंझा के समय छतरी लेकर नहीं चाहिए क्योंकि छतरी सामान्यतया काले कपड़े की बनी होती है तथा इसमें लोहे की ताड़ी व छड़ होती हैं जो विद्युत की सुचालक हैं।
📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य
महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।
पाठ-सार-
(1) कुछ वस्तुओं को अन्य वस्तुओं से रगड़कर आवेशित किया जा सकता है।
(2) आवेश (charge) दो प्रकार के होते हैं-धनावेश (Positive charge) तथा ऋणावेश (Negative charge)। सजातीय आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित तथा विजातीय आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
(3) रगड़ द्वारा उत्पन्न विद्युत आवेशों को स्थिर आवेश कहते हैं तथा आवेश गति को विद्युतधारा कहते हैं। विद्युत आवेश की जाँच विद्युतदर्शी द्वारा करते हैं।
(4) किसी आवेशित वस्तु के आवेश को पृथ्वी में स्थानान्तरित करने को भू-सम्पर्कण कहते हैं।
(5) बादलों तथा पृथ्वी अथवा विभिन्न बादलों के बीच विद्युत विसर्जन के कारण तड़ित (lightning) उत्पन्न होती है। तड़ित चालक भवनों को तड़ित के प्रभाव से बचा सकते हैं।
(6) पृथ्वी के अचानक काँपने अथवा थरथराने को भूकम्प कहते हैं। पृथ्वी की प्लेटों की सीमाओं पर भूकम्प आने की प्रवृत्ति होती है। ये क्षेत्र भ्रंश क्षेत्र (fault zone) कहलाते हैं।
(7) किसी भूकम्प की विनाशी ऊर्जा की माप रिक्टर पैमाने पर की जाती है। रिक्टर पैमाने पर 7 से अधिक माप वाले भूकम्प जीवन तथा सम्पत्ति की अपार क्षति कर सकते हैं।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुचयनात्मक प्रश्न-
1. काँच की आवेशित छड़ तथा प्लास्टिक की आवेशित स्ट्रॉ एक-दूसरे को-
2. 26 जनवरी, 2001 को भारत के जिस क्षेत्र में बड़ा भूकम्प आया था, वह क्षेत्र था-
(ब) केन्द्रीय हिमालय
3. भूकम्पों का मान रिक्टर पैमाने पर 7 तक होता है, तो वे-
4. भारत के अति भूकम्प-आशंकित क्षेत्र हैं-
5. तड़ित चालक का उपयोग करते हैं-
6. भूकम्प आने का कारण है-
7. पृथ्वी के मध्य भाग को कहते हैं-
(ब) प्रावार
(द) आन्तरिक क्रोड
8. भूकंप आने की संभावना कहाँ पर अधिक होती है?
9. आकाशीय विद्युत विसर्जन को क्या कहा जाता है?
(ब) तड़ित
(द) भूकम्प
10. किसी आवेशित वस्तु से आवेश को पृथ्वी में भेजने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
(ब) भूकम्प
(द) भूसम्पर्कण

चित्र: सरल विद्युतदर्शी
11. भूकम्पी तरंगों को किस यंत्र द्वारा अभिलेखित किया जाता है?
(ब) रिक्टर पैमाना
(द) तड़ित चालक
12. विद्यालयों, भवनों आदि के ऊपर त्रिशूल आकार की धातु की पट्टी लगाई जाती है।
(ब) मजबूती के लिए
उत्तर-तालिका- 1.
(अ) 2.
(स) 3.
(स) 4.
(द) 5.
(ब) 6.
(स) 7.
(द) 8.
(स) 9.
(ब) 10.
(द) 11.
(अ) 12.
(स)।
रिक्त स्थानों की पूर्ति-
1. जब .................... गति करते हैं तो विद्युत धारा बनती है।
2. भूपर्पटी के भीतर गहराई में विक्षोभ के कारण .................... आते हैं।
3. सजातीय आवेश एक-दूसरे को .................... करते हैं।
4. आवेश .................... प्रकार के होते हैं।
5. तड़ित चालक भवनों को .................... के प्रभाव से बचा सकता है।
6. किसी भूकम्प की विनाशी ऊर्जा की माप .................... पर की जाती है।
7. रगड़ द्वारा उत्पन्न विद्युत आवेशों को .................... कहते हैं।
8. कुछ वस्तुओं को अन्य वस्तुओं से .................... आवेशित किया जा सकता है।
उत्तर- 1. आवेश 2. भूकम्प 3. प्रतिकर्षित 4. दो 5. तड़ित 6. रिक्टर पैमाने 7. स्थिर आवेश 8. रगड़कर।
सत्य/असत्य-
अग्रलिखित कथनों में सही के लिए 'T' तथा गलत के लिए 'F' अंकित कीजिए-
(1) विजातीय आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
(2) कुछ वस्तुओं को अन्य वस्तुओं से रगड़कर आवेशित किया जा सकता है।
(3) रगड़ने पर उत्पन्न विद्युत आवेश गतिशील होते हैं।
(4) तड़ित झंझा के परिमाण को रिक्टर पैमाने पर व्यक्त किया जाता है।
(5) यदि आप घर के बाहर हैं तथा भूकम्प आ गया तो आप घर के अंदर आओगे।
उत्तर-(1) T (2) T (3) F (4) F (5) F
'कॉलम-A' में दिए गए शब्दों का मिलान 'कॉलम-B' से कीजिए-
प्रश्न 1.
कॉलम-A | कॉलम-B |
(i) विद्युतदर्शी | (a) जल तापक |
(ii) तड़ित चालक | (b) भूकम्पी तरंगों को रिकार्ड करने का उपकरण |
(iii) भूकम्प लेखी | (c) भवनों को तड़ित के प्रभाव से बचाने की युक्ति |
(iv) गाइजर | (d) आवेशित वस्तु की पहचान हेतु युक्ति |
प्रश्न 2.
कॉलम-A | कॉलम-B |
(i) भूकम्प की अधिक संभावना वाला क्षेत्र | (a) भ्रंश क्षेत्र |
(ii) भूकम्प के परिमाण मापने का पैमाना | (b) डेसीबल |
(iii) ध्वनि की प्रबलता का मात्रक | (c) हर्ट्ज़ |
(iv) आवृत्ति को मापने का मात्रक | (d) रिक्टर पैमाना |
उत्तर-
1. (i)-(d), (ii)-(c), (iii)-(b), (iv)-(a)
2. (i)-(a), (ii)-(d), (iii)-(b), (iv)-(c)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. काँच की छड़ को रेशम से रगड़ने पर काँच की छड़ पर किस प्रकार का आवेश उत्पन्न होता है? यह विद्युत आवेश क्या कहलाता है?
उत्तर- काँच की छड़ को रेशम के कपड़े से रगड़ने पर काँच की छड़ पर धन आवेश आ जाता है तथा यह आवेश स्थैतिक आवेश कहलाता है।
प्रश्न 2. एक धन आवेशित वस्तु को एक धन आवेशित वस्तु के पास लाने पर उनके बीच किस प्रकार का बल कार्य करता है?
उत्तर- प्रतिकर्षण बल।
प्रश्न 3. विद्युतचालक किन्हें कहते हैं?
उत्तर- वे पदार्थ जिनमें से होकर विद्युत सुगमतापूर्वक एक भाग से दूसरे भाग तक चली जाती है, ऐसे पदार्थों को विद्युत चालक कहते हैं।
प्रश्न 4. आवेशन की प्रक्रिया से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- वस्तुओं को आपस में रगड़ने अथवा एक-दूसरे के निकट या सम्पर्क में लाने पर उनमें दूसरी वस्तुओं को अपनी ओर आकर्षित करने का जो गुण उत्पन्न हो जाता है, उसे वस्तुओं का आवेशन कहते हैं।
प्रश्न 5. जब ऊनी कपड़े से रगड़े दो गुब्बारे एक-दूसरे के पास लाए जाते हैं तो क्या होता है?
उत्तर- वे एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं।
प्रश्न 6. भूकम्प मापने वाले स्केल का नाम बताइए।
उत्तर- भूकम्प मापने वाले स्केल का नाम रिक्टर स्केल है।
प्रश्न 7. तड़ित क्या है?
उत्तर- तड़ित एक विशाल स्तर की विद्युत चिंगारी है।
प्रश्न 8. भू-संपर्कण से क्या अभिप्राय है?
उत्तर- किसी आवेशित वस्तु के आवेश को पृथ्वी में स्थानान्तरित करने को भू-संपर्कण कहते हैं।
प्रश्न 9. भ्रंश क्षेत्र किन्हें कहते हैं?
उत्तर- पृथ्वी की प्लेटों की सीमाओं पर भूकम्प आने की सम्भावना अधिक होती है। इन क्षेत्रों को भ्रंश क्षेत्र कहते हैं।
प्रश्न 10. भूकम्प का क्या कारण है?
उत्तर- भूपर्पटी के भीतर गहराई में विक्षोभ के कारण भूकम्प आते हैं।
प्रश्न 11. सर्वप्रथम किसने दर्शाया कि तड़ित तथा वस्त्रों में उत्पन्न चिंगारी वास्तव में एक ही परिघटना है।
उत्तर- अमेरिकी वैज्ञानिक बेंजामिन फ्रैंकलिन ने।
प्रश्न 12. जब आवेश गति करते हैं तो क्या होता है?
उत्तर- जब आवेश गति करते हैं तो विद्युत धारा बनती है।
प्रश्न 13. विद्युतदर्शी किसे कहते हैं?
उत्तर- कोई वस्तु आवेशित है या नहीं इसकी पहचान करने वाली युक्ति विद्युतदर्शी कहलाती है।
प्रश्न 14. 'विद्युत धारा' किसे कहते हैं?
उत्तर- आवेशों के प्रवाह को विद्युत धारा कहते हैं।
प्रश्न 15. 'विद्युत विसर्जन' कहते हैं?
उत्तर- जब ऋणात्मक तथा धनात्मक आवेश मिलते हैं तो प्रकाश की चमकीली धारियाँ तथा ध्वनि उत्पन्न होती है। इस प्रक्रिया को विद्युत विसर्जन कहते हैं।
प्रश्न 16. यदि आप किसी कार या बस द्वारा यात्रा कर रहे हो तो तड़ित से सुरक्षा हेतु आप क्या करेंगे?
उत्तर- जब हम किसी कार या बस द्वारा यात्रा कर रहे हों तो तड़ित से सुरक्षा हेतु वाहन की खिड़कियाँ व दरवाजे बंद कर देंगे।
प्रश्न 17. हिन्द महासागर में विशाल सुनामी कब आई थी?
उत्तर- 26 दिसम्बर 2004 को।
प्रश्न 18. पृथ्वी की किस परत से भूस्पन्द आते हैं।
उत्तर- भूपर्पटी में।
प्रश्न 19. भूकम्पी तरंगे क्या होती है?
उत्तर- भूस्पन्द पृथ्वी की सतह पर तरंगे उत्पन्न करते हैं। इन तरंगों को भूकम्पी तरंगे कहते हैं।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-(I-Type)
प्रश्न 1. घर के भीतर तड़ित से बचने के उपाय बताइए।
अथवा
घर के अन्दर तड़ित से बचने हेतु किये जाने वाले उपायों में से किन्हीं तीन का उल्लेख कीजिए।
उत्तर- (1) तड़ित झंझा के समय टेलीफोन के तारों, विद्युत तारों तथा धातु के पाइपों को छूना नहीं चाहिए।
(2) बहते जल के सम्पर्क से बचने के लिए तड़ित झंझा के समय स्नान से बचना चाहिए।
(3) कम्प्यूटर, टी.वी. आदि जैसे विद्युत उपकरणों के प्लगों को साकेट से निकाल देना चाहिए।
प्रश्न 2. दो बादलों के चित्र बनाकर उनमें आवेशों को दर्शाइए।
उत्तर-
चित्र : आवेश के संचयन से तड़ित का होना
प्रश्न 3. यदि आप किसी ऐसे खुले क्षेत्र में हैं, जहाँ कोई शरण स्थल नहीं है तो तड़ित से सुरक्षा हेतु क्या करेंगे?
उत्तर- यदि हम किसी ऐसे खुले क्षेत्र में हैं जहाँ कोई शरण स्थल नहीं हैं तो सभी वृक्षों से काफी दूरी पर खड़े रहेंगे। जमीन पर सिमटकर नीचे बैठ जायेंगे। अपने हाथों को घुटनों पर तथा सिर को हाथों के बीच रखेंगे जिससे हम आघात के लिए लघुतम लक्ष्य बन जाएँगे।
प्रश्न 4. 'तड़ित चालक' की व्यवस्था को चित्र द्वारा दर्शाइए।
उत्तर-
चित्र : तड़ित चालक

चित्र: बादलों के बीच विद्युत विसर्जन का चित्रण

चित्र: तड़ित चालक की व्यवस्था का चित्रण
प्रश्न 5. भारत के अति भूकम्प आशंकित क्षेत्रों के नाम बताइए।
उत्तर- भारत के अति भूकम्प आशंकित क्षेत्र कश्मीर, पश्चिमी तथा केन्द्रीय हिमालय, समस्त उत्तर-पूर्व, कच्छ का रन, राजस्थान तथा सिंध-गंगा के मैदान हैं। दक्षिण भारत के कुछ भाग भी खतरे के क्षेत्र में आते हैं।
प्रश्न 6. भूकम्प का चित्र बनाइए।
उत्तर-
चित्र : भूकम्प का चित्र
प्रश्न 7. "रिक्टर पैमाना रेखिक नहीं है।" इस कथन को समझाइए।
उत्तर- विज्ञान में अन्य बहुत से पैमानों की भाँति रिक्टर पैमाना रेखिक नहीं है। इसका अर्थ यह है कि इस पैमाने पर 6 परिमाण के भूकम्प की क्षतिनाशी ऊर्जा 4 परिमाण के भूकम्प की विनाशी ऊर्जा से डेढ़ गुनी अधिक नहीं है। वास्तव में परिमाण में 2 की वृद्धि का अर्थ 1000 गुनी अधिक विनाशी ऊर्जा है।
प्रश्न 8. किसी भूकम्प की तीव्रता का मापदंड क्या होता है? समझाइए।
उत्तर- किसी भूकम्प की तीव्रता का माप रिक्टर पैमाने पर किया जाता है। जिन भूकम्पों का मान रिक्टर पैमाने पर 3 तक होता है, वे बहुत हल्के भूकम्प होते हैं तथा कोई क्षति नहीं पहुँचाते। कभी-कभी तो ऐसे भूकम्पों का पता ही नहीं चलता। परन्तु रिक्टर पैमाने पर 7 या इससे अधिक मान वाले भूकम्प बहुत भीषण होते हैं।
प्रश्न 9. भूकम्प के झटके लगते समय यदि आप घर के अंदर हों, तो अपने बचाव के लिए आप क्या-क्या सावधानियाँ रखेंगे?
अथवा
यदि आप घर में हैं तो भूकम्प के झटके लगने की स्थिति में अपने बचाव के लिए क्या उपाय करेंगे?
उत्तर- (1) किसी मेज के नीचे आश्रय लेंगे तथा झटकों के रुकने तक वहीं रहेंगे।
(2) ऐसी ऊँची तथा भारी वस्तुओं से दूर रहेंगे जो हम पर गिर सकती हैं।
(3) यदि हम बिस्तर पर हैं तो उठेंगे नहीं, तथा अपने सिर का तकिए से बचाव करेंगे।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-(II-Type)
प्रश्न 1. जब कंघी को सूखे बालों में घुमाया जाता है तो यह कागज के छोटे टुकड़ों को जो कि कुचालक होते हैं, क्यों आकर्षित करने लगती है? यदि बाल गीले हों तो क्या होगा?
उत्तर- घर्षण के कारण कंघी विद्युत आवेशित हो जाती है तथा कागज के छोटे टुकड़ों को आवेशित करती है क्योंकि कंघी से कागज के परमाणु ध्रुवित हो जाते हैं जिसके परिणामस्वरूप परिणामी आकर्षण बल होता है। जब बाल गीले होते हैं तो कंघी तथा बालों के मध्य घर्षण कम होता है तथा कंघी आवेशित नहीं होती। इस कारण यह कागज के छोटे टुकड़ों को आकर्षित नहीं करती है।
प्रश्न 2. विद्युत विसर्जन (Electrical discharge) की प्रक्रिया को समझाइए।
अथवा
तड़ित झंझा (Thunderstorm) किस प्रकार उत्पन्न होती है?
उत्तर- गरज वाले तूफानों के बनते समय वायु की धाराएँ ऊपर की ओर जाती हैं जबकि जल की बूँदें नीचे की ओर जाती हैं। इन प्रबल गतियों के कारण आवेशों का पृथकन होता है। एक प्रक्रिया द्वारा, बादलों के ऊपरी किनारे के निकट धनावेश एकत्र हो जाते हैं तथा ऋणावेश बादलों के निचले किनारे पर संचित हो जाते हैं। धरती के निकट भी धनावेश का संचय होता है। जब संचित आवेशों का परिमाण अत्यधिक हो जाता है तो वायु जो विद्युत की हीन चालक है, आवेशों के प्रवाह को नहीं रोक पाती। ऋणात्मक तथा धनात्मक आवेश मिलते हैं और प्रकाश की चमकीली धारियाँ तथा ध्वनि उत्पन्न होती है। इसे हम तड़ित के रूप में देखते हैं। इस प्रक्रिया को विद्युत विसर्जन कहते हैं।
विद्युत विसर्जन की प्रक्रिया दो अथवा अधिक बादलों के बीच, अथवा बादलों तथा पृथ्वी के बीच हो सकती है।
प्रश्न 3. तड़ित चालक क्या है? यह भवनों को तड़ित के प्रभाव से कैसे बचाता है?
उत्तर- तड़ित चालक (Lightning Conductor)- तड़ित चालक एक ऐसी युक्ति है जिसका उपयोग भवनों को तड़ित के प्रभाव से बचाने के लिए किया जाता है।

चित्र: भूकम्प का चित्र (फोकस, अधिकेन्द्र, भूकम्पी तरंगें दर्शाते हुए)
किसी भवन के निर्माण के समय उसकी दीवारों में, उस भवन की ऊँचाई से अधिक लम्बाई की धातु की एक छड़ स्थापित कर दी जाती है। इस छड़ का एक सिरा वायु में खुला रखा जाता है तथा दूसरे सिरे को जमीन में काफी गहराई तक दबा देते हैं। धातु की छड़ विद्युत आवेश के जमीन तक पहुँचने के लिए एक सरल पथ प्रदान करती है जिससे भवन को कोई क्षति नहीं होती।
प्रश्न 4. पृथ्वी की संरचना का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर-
चित्र-पृथ्वी की संरचना
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. भूकम्प कैसे आते हैं? विस्तार से लिखिए।
उत्तर- मुख्य रूप से भूकम्प पृथ्वी की प्लेटों की गतियों के कारण उत्पन्न होते हैं। पृथ्वी की ऊपरी परत जिसे भूपर्पटी कहते हैं, यह कई टुकड़ों में विभाजित है। प्रत्येक टुकड़े को प्लेट कहते हैं। ये प्लेट निरन्तर गति करती रहती हैं। जब ये एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं अथवा टकराती हैं तो एक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे चली जाती है। इसके कारण भूपर्पटी में विक्षोभ उत्पन्न होता है। यही विक्षोभ पृथ्वी की सतह पर भूकम्प के रूप में दिखाई देता है। जहाँ प्लेटों की सीमाएँ दुर्बल क्षेत्र होती हैं, वहाँ भूकम्प आने की सम्भावना अधिक होती है। इन दुर्बल क्षेत्रों को भूकम्पी क्षेत्र अथवा भ्रंश क्षेत्र भी कहते हैं। इसके अतिरिक्त ज्वालामुखी के फटने, किसी उल्का पिण्ड के पृथ्वी से टकराने अथवा किसी नाभिकीय विस्फोट के कारण भी भूकम्प आ सकते हैं।
प्रश्न 2. भूकम्प से बचाव के लिए क्या-क्या प्रयास करने चाहिए?
अथवा
भूकम्प से बचने के लिए आप क्या सावधानियाँ बरतेंगे?
उत्तर- भूकम्प से बचाव के लिए हमें अग्र उपाय करने चाहिए-
(1) भवनों का डिजाइन ऐसा हो कि वे बड़े भूकम्पों के झटकों को सह सकें। उचित यह है कि भवनों के ढाँचे सरल हों ताकि वे 'भूकम्प निरापद' हों।
(2) अत्यधिक भूकम्पी क्षेत्रों में भवन निर्माण में भारी पदार्थों की अपेक्षा मिट्टी अथवा इमारती लकड़ी का उपयोग अधिक अच्छा रहता है। यदि ढाँचा गिरे तो अधिक क्षति नहीं हो।
(3) अलमारियों आदि को दीवारों के साथ जड़ दें जिससे वे आसानी से नहीं गिरें।
(4) दीवार घड़ी, फोटो फ्रेम, जल तापक (गीजर) आदि को दीवार में लटकाते समय सावधानी रखें जिससे भूकम्प आने के समय ये लोगों के ऊपर न गिरें।
(5) कुछ भवनों में भूकम्प के कारण आग लग जाती है। अतः यह आवश्यक है कि सभी भवनों विशेषकर ऊँची इमारतों में अग्निशमन के सभी उपकरण कार्यकारी स्थिति में होने चाहिए।
(6) किसी योग्य आर्किटेक्ट तथा संरचना इंजीनियर से सलाह लेनी चाहिए।
प्रश्न 3. भूकम्पलेखी उपकरण का नामांकित चित्र बनाकर वर्णन कीजिए।
उत्तर- भूस्पन्द पृथ्वी की सतह पर तरंगें उत्पन्न करते हैं। इन तरंगों को भूकम्पी तरंगें कहते हैं। इन तरंगों को भूकम्प लेखी नामक उपकरण द्वारा रिकॉर्ड किया जाता है। यह उपकरण मात्र एक कम्पायमान छड़ अथवा लोलक होता है जो भूस्पन्द आने पर दोलन (कम्पन) करने लगता है। इसके कम्पायमान तंत्र के साथ एक पेन जुड़ा रहता है। यह पेन इसके नीचे गति करने वाले कागज की पट्टी पर भूकम्पी तरंगों को रिकॉर्ड करता है। इन तरंगों का अध्ययन करके वैज्ञानिक भूकम्प का सम्पूर्ण मानचित्र बना सकता है।
चित्र-भूकम्पलेखी का आरेख

चित्र: पृथ्वी की आंतरिक संरचना का काट-दृश्य जिसमें भूपर्पटी, प्रावार, बाह्य क्रोड और आन्तरिक क्रोड दर्शाए गए हैं

चित्र: भूकम्पलेखी (Seismograph) का आरेख जिसमें लोलक, पेन, चुम्बक, डोरी और चार्ट पेपर दर्शाया गया है