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विज्ञान (Science)हिंदी माध्यम2026-27

RBSE Class 8 Science Chapter 13 Solutions & Notes in Hindi

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-09📖 RBSE/NCERT Solutions
भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल

राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।

पाठगत प्रश्न

प्रश्न 1. यदि दर्पण पर प्रकाश अभिलम्ब के अनुदिश डाला जाये तो क्या होगा?

उत्तर- यदि दर्पण पर प्रकाश अभिलम्ब के अनुदिश डाला जाता है तो आपतन कोण तथा परावर्तन कोण का मान शून्य होगा।

प्रश्न 2. यदि परावर्तित किरणें किसी अन्य दर्पण पर आपतित हों, तो क्या वे फिर परावर्तित हो सकती हैं?

उत्तर- हाँ, वे पुनः परावर्तित हो सकती हैं। उदाहरण-एक दर्पण में दूसरे दर्पण की सहायता से प्रतिबिम्ब देखना।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1. मान लीजिए आप एक अँधेरे कमरे में हैं। क्या आप कमरे में वस्तुओं को देख सकते हैं? क्या आप कमरे के बाहर वस्तुओं को देख सकते हैं? व्याख्या कीजिए।

उत्तर- अँधेरे कमरे में वस्तुओं को नहीं देख सकते हैं। किसी वस्तु को हम तब ही देख पाते हैं जब उस वस्तु से आने वाला प्रकाश हमारे नेत्रों में प्रवेश करे। हाँ, हम कमरे के बाहर वस्तुओं को देख सकते हैं क्योंकि प्रकाश अब वस्तुओं द्वारा उत्सर्जित अथवा उनसे परावर्तित हो सकता है।

प्रश्न 2. नियमित तथा विसरित परावर्तन में अन्तर बताइए। क्या विसरित परावर्तन का अर्थ है कि परावर्तन के नियम विफल हो गए हैं?

उत्तर-

नियमित परावर्तन (Regular Reflection)

विसरित परावर्तन (Diffused Reflection)

1. यह परावर्तन समतल तथा चिकने पृष्ठ पर होता है।

1. यह परावर्तन विषम एवं अनियमित पृष्ठ पर होता है।

2. परावर्तित किरणें समान्तर होती हैं।

2. परावर्तित किरणें समान्तर नहीं होती हैं।

विसरित परावर्तन, परावर्तन के नियम का विफल होना नहीं है। यह विषम पृष्ठ पर अनियमितताओं के कारण होता है।

प्रश्न 3. निम्न में से प्रत्येक के स्थान के सामने लिखिए, यदि प्रकाश की एक समान्तर किरण-पुंज इनसे टकराए तो नियमित परावर्तन होगा या विसरित परावर्तन होगा। प्रत्येक स्थिति में अपने उत्तर का औचित्य बताइए-

(क) पॉलिशयुक्त लकड़ी की मेज
(ख) चॉक पाउडर
(ग) गत्ते का पृष्ठ
(घ) संगमरमर के फर्श पर फैला जल
(ङ) दर्पण
(च) कागज का टुकड़ा।

उत्तर-

(क) पॉलिशयुक्त लकड़ी की मेज-नियमित परावर्तन क्योंकि लकड़ी की मेज का पृष्ठ पॉलिश होने के कारण समतल है।
(ख) चॉक पाउडर-विसरित परावर्तन, क्योंकि चाक पाउडर रुक्ष पृष्ठ प्रदान करता है।
(ग) गत्ते का पृष्ठ-विसरित परावर्तन, विषम परावर्ती पृष्ठ पर अनियमितताओं के कारण होता है।

544 ——————————————————————————————————————

(घ) संगमरमर के फर्श पर फैला जल—नियमित परावर्तन, क्योंकि जल से समतल तल बन जाता है।
(ङ) दर्पण—नियमित परावर्तन, क्योंकि दर्पण का पृष्ठ समतल होता है।
(च) कागज का टुकड़ा—नियमित परावर्तन, यदि कागज समतल है एवं विसरित परावर्तन, यदि कागज रुक्ष है।

प्रश्न 4. परावर्तन के नियम बताइए।

उत्तर—परावर्तन के नियम-

(i) आपतन कोण सदैव परावर्तन कोण के बराबर होता है।

(ii) आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा परावर्तक पृष्ठ पर आपतन बिन्दु पर खींचा गया अभिलम्ब एक ही तल में होते हैं।

प्रश्न 5. यह दर्शाने के लिए कि आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब एक ही तल में होते हैं, एक क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए।

उत्तर—क्रियाकलाप- एक मेज पर कागज की एक सफेद शीट फैलाइए। इस पर एक सीधी रेखा खींचते हैं। इस रेखा के अनुदिश समतल दर्पण की एक पट्टी ऊर्ध्वाधर स्थिति में रखते हैं।

अब टार्च की सहायता से प्रकाश दर्पण पर इस प्रकार डालते हैं कि इससे निकलने वाला प्रकाश पुंज मेज के समान्तर हो। एक पेन्सिल से किसी भी आपतित किरण पर तीन बिन्दु तथा अंकित कर और इसके संगत परावर्तित किरण पर बिन्दु तथा अंकित करते हैं। टार्च बंद कर देते हैं। दर्पण हटा देते हैं। अब बिन्दुओं को मिलाकर दर्पण तक बढ़ाते हैं। रेखा पर पर मिलती है। इसी प्रकार रेखा पर पर मिलती हैं। आपतित किरण है जबकि परावर्तित किरण है। पर अभिलम्ब खींचते हैं। इससे सिद्ध होता है कि आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब सभी एक ही तल में हैं।

प्रश्न 6. नीचे दिए गए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

(a) एक समतल दर्पण के सामने दूर खड़ा एक व्यक्ति अपने प्रतिबिम्ब से ............... दूर दिखाई देता है।
(b) यदि किसी समतल दर्पण के सामने खड़े होकर आप अपने दाएँ हाथ से अपने ............... कान को छुएँ तो दर्पण में ऐसा लगेगा कि आपका दायाँ कान ............... हाथ से छुआ गया है।
(c) जब आप मंद प्रकाश में देखते हैं तो आपकी पुतली का साइज ............... हो जाता है।
(d) रात्रि पक्षियों के नेत्रों में शलाकाओं की संख्या की अपेक्षा शंकुओं की संख्या ............... होती है।

उत्तर—(a) 2, (b) बाएँ, बाएँ, (c) बड़ा, (d) कम।

प्रश्न 7 तथा 8 में सही विकल्प छाँटिए-

प्रश्न 7. आपतन कोण (angle of incidence) परावर्तन कोण (angle of reflection) के बराबर होता है-

(क) सदैव
(ख) कभी-कभी
(ग) विशेष दशाओं में
(घ) कभी नहीं

उत्तर—(क) सदैव।

प्रश्न 8. समतल दर्पण द्वारा बनाया गया प्रतिबिम्ब होता है-

(क) आभासी, दर्पण के पीछे तथा आवर्धित।
(ख) आभासी, दर्पण के पीछे तथा बिंब के साइज के बराबर।
(ग) वास्तविक, दर्पण के पृष्ठ पर तथा आवर्धित।
(घ) वास्तविक, दर्पण के पीछे तथा बिंब के साइज के बराबर।

उत्तर—(ख) आभासी, दर्पण के पीछे तथा बिंब के साइज के बराबर।

प्रश्न 9. कैलाइडोस्कोप (Kaleidoscope) की रचना का वर्णन कीजिए।

उत्तर—कैलाइडोस्कोप बनाने के लिए दर्पण की लगभग लम्बी, चौड़ी तीन आयताकार पट्टियाँ लेते हैं। इन्हें चित्र में दर्शाए अनुसार एक प्रिज्म की आकृति में जोड़ते हैं। इन्हें गत्ते या मोटे चार्ट पेपर की बनी एक बेलनाकार ट्यूब में दृढ़ता से लगाते हैं। सुनिश्चित करते हैं कि ट्यूब दर्पण की पट्टियों से थोड़ी लम्बी हो। ट्यूब के एक सिरे को गत्ते की एक ऐसी डिस्क से बन्द करते हैं जिसमें भीतर का दृश्य देखने के लिए छिद्र बना हो। डिस्क को टिकाऊ बनाने के लिए इसके नीचे पारदर्शी प्लास्टिक की शीट चिपका देते हैं। ट्यूब के दूसरे सिरे पर समतल काँच की एक वृत्ताकार प्लेट दर्पणों को छूते हुए दृढ़तापूर्वक लगाते हैं। इस प्लेट पर छोटे-छोटे रंगीन काँच के कुछ टुकड़े (रंगीन चूड़ियों के टुकड़े) रखते हैं। ट्यूब के इस सिरे को घिसे हुए काँच की प्लेट से बन्द करते हैं। रंगीन टुकड़ों की हलचल के लिए पर्याप्त जगह रहने देते हैं। हमारा कैलाइडोस्कोप तैयार है।

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 13 चित्र 1

चित्र: परावर्तन के नियम का प्रायोगिक प्रदर्शन

चित्र : बहुमूर्तिदर्शी (कैलाइडोस्कोप) बनाना

प्रश्न 10. मानव नेत्र का एक नामांकित रेखाचित्र बनाइए।

उत्तर-

चित्र-मानव नेत्र

प्रश्न 11. गुरमीत लेज़र टॉर्च के द्वारा पाठ्यपुस्तक के क्रियाकलाप 13.8 को करना चाहता था। उसके अध्यापक ने ऐसा करने से मना किया। क्या आप अध्यापक की सलाह के आधार की व्याख्या कर सकते हैं?

उत्तर- लेज़र टॉर्च से उत्पन्न प्रकाश आँख के रेटिना को क्षति पहुँचा सकता है। इसलिए अध्यापक ने लेज़र टॉर्च का उपयोग करने से मना किया।

प्रश्न 12. वर्णन कीजिए कि आप अपने नेत्रों की देखभाल कैसे करेंगे?

उत्तर- हम अपने नेत्रों की देखभाल निम्न प्रकार से कर सकते हैं-

(1) यदि परामर्श दिया गया है तो उचित चश्मे का उपयोग करना चाहिए।

(2) नेत्रों के लिए बहुत कम या अधिक प्रकाश हानिकारक है। अपर्याप्त प्रकाश से नेत्र-खिंचाव तथा सिरदर्द हो सकता है। सूर्य या किसी शक्तिशाली लैंप का अत्यधिक प्रकाश अथवा लेज़र टॉर्च का प्रकाश रेटिना को क्षति पहुँचा सकता है।

(3) सूर्य या किसी शक्तिशाली प्रकाश स्रोत को कभी भी सीधा नहीं देखना चाहिए।

(4) अपने नेत्रों को कभी नहीं रगड़ना चाहिए। यदि नेत्रों में कोई धूल का कण गिर जाए तो नेत्रों को स्वच्छ जल से धोना चाहिए। यदि कोई सुधार न हो तो डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

(5) अपने नेत्रों को बारम्बार स्वच्छ जल से धोना चाहिए।

(6) पठन सामग्री को सदैव दृष्टि की सामान्य दूरी पर रखकर पढ़ना चाहिए। अपनी पुस्तक को नेत्रों के बहुत समीप लाकर अथवा उसे नेत्रों से बहुत दूर ले जाकर नहीं पढ़ना चाहिए।

(7) विटामिन A युक्त भोजन का उपयोग करना चाहिए।

प्रश्न 13. यदि परावर्तित किरण आपतित किरण से का कोण बनाए तो आपतन कोण का मान कितना होगा?

उत्तर- आपतित किरण व परावर्तित किरण के मध्य कोण का मान है

अर्थात्

परावर्तन के नियमानुसार-

यहाँ

(चूँकि )

अतः आपतन कोण का मान होगा।

प्रश्न 14. यदि दो समान्तर दर्पण एक-दूसरे से के अन्तराल पर रखे हों तो इनके बीच रखी एक मोमबत्ती के कितने प्रतिबिम्ब बनेंगे?

उत्तर- अनन्त प्रतिबिम्ब बनेंगे।

प्रश्न 15. दो दर्पण एक-दूसरे के लम्बवत् रखे हैं। प्रकाश की एक किरण एक दर्पण पर के कोण पर आपतित होती है जैसा कि निम्न चित्र में दर्शाया गया है। दूसरे दर्पण से परावर्तित होने वाली परावर्तित किरण बनाइए।

चित्र

चित्र

प्रश्न 16. निम्न चित्र में दर्शाए अनुसार बूझो एक समतल दर्पण के ठीक सामने पार्श्व से कुछ हटकर एक किनारे A पर खड़ा होता है। क्या वह स्वयं को दर्पण में देख सकता है? क्या वह P, Q तथा R पर स्थित वस्तुओं के प्रतिबिम्ब भी देख सकता है?

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 13 चित्र 2

चित्र: बहुमूर्तिदर्शी (कैलाइडोस्कोप) के तीन दृश्य (a), (b), (c)

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 13 चित्र 3

चित्र: मानव नेत्र का नामांकित रेखाचित्र जिसमें पक्ष्माभ पेशी, परितारिका, लेंस, कॉर्निया, रेटिना और प्रकाशिक तंत्रिका दर्शाई गई है

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 13 चित्र 4

चित्र: दो लम्बवत् दर्पणों पर प्रकाश किरण का परावर्तन

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 13 चित्र 5

चित्र: परावर्तन का विस्तृत रेखाचित्र जिसमें 30°, 60°, 90° कोण दर्शाए गए हैं

546 —

उत्तर—बूझो स्वयं को नहीं देख सकता क्योंकि वह दर्पण सीमा के बाहर है। उसे P और Q के प्रतिबिम्ब सरलता से दिखाई देंगे परन्तु R का प्रतिबिम्ब नहीं दिखेगा।

प्रश्न 17. (a) A पर स्थित किसी वस्तु के समतल दर्पण में बनने वाले प्रतिबिम्ब की स्थिति ज्ञात कीजिए। (चित्र)।

(b) क्या स्थिति B से पहेली प्रतिबिम्ब को देख सकती है?
(c) क्या स्थिति C से बूझो इस प्रतिबिम्ब को देख सकता है?
(d) जब पहेली B से C पर चली जाती है तो A का प्रतिबिम्ब किस ओर खिसक जाता है?

उत्तर—(a) A पर स्थित वस्तु का प्रतिबिम्ब दर्पण में उतनी ही दूरी पर बनेगा जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के आगे है।

(b) स्थिति B से पहेली प्रतिबिम्ब को देख सकती है।
(c) स्थिति C से बूझो A का प्रतिबिम्ब देख सकता है।
(d) A का प्रतिबिम्ब कहीं नहीं खिसकेगा। पहेली के B से C जाने पर भी यह पहले वाली जगह पर ही रहेगा।
भाग 2 — नोट्स (Notes & Summary)

📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य

महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।

पाठ-सार-

(1) प्रकाश सभी पृष्ठों से परावर्तित होता है।

(2) प्रकाश किसी चिकने पॉलिश किए हुए तथा नियमित पृष्ठों पर आपतित होता है तो नियमित परावर्तन होता है तथा पृष्ठ यदि खुरदरा है तो विसरित परावर्तन होता है। परावर्तन के दो नियम हैं—

(i) आपतन कोण, परावर्तन कोण के बराबर होता है।

(ii) आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा परावर्तक पृष्ठ पर आपतन बिंदु पर खींचा गया अभिलंब एक ही तल में होते हैं।

(3) दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्ब पार्श्व परिवर्तन दर्शाते हैं। किसी कोण पर झुके दर्पणों के मध्य रखी वस्तु के अनेक प्रतिबिम्ब बनते हैं।

(4) सूर्य का प्रकाश सात रंगों से मिलकर बना है। प्रकाश के अपने घटक रंगों में विभक्त होने की क्रिया को विक्षेपण कहते हैं।

(5) हमारे नेत्र के महत्त्वपूर्ण भाग कॉर्निया, आइरिस, पुतली, लेंस, रेटिना तथा दृक तंत्रिकाएँ हैं।

(6) ब्रैल पद्धति का उपयोग करके चाक्षुषविकृतियुक्त व्यक्ति पढ़ तथा लिख सकता है।

भाग 3 — परीक्षा उपयोगी प्रश्न (Important Q&A)

3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

बहुचयनात्मक प्रश्न—

1. सामान्य नेत्र द्वारा पढ़ने के लिए सर्वाधिक सुविधाजनक दूरी लगभग कितनी होती है?

(अ)
(ब)
(स)
(द)

2. समतल दर्पण किसी वस्तु के कितने प्रतिबिम्ब बनाता है?

(अ) 1
(ब) 2
(स) 3
(द) अनन्त

3. प्रकाशिक संसाधन कौन-से होते हैं?

(अ) द्विफ़ोकसी लेंस
(ब) परावर्तित किरण
(स) प्रतिबिम्ब किरण
(द) इनमें से कोई नहीं

4. किसी पृष्ठ पर पड़ने वाली प्रकाश किरण को क्या कहते हैं?

(अ) आपतित किरण
(ब) परावर्तित किरण
(स) प्रतिबिम्ब किरण
(द) इनमें से कोई नहीं

5. मानव नेत्र में किस प्रकार का लेंस होता है?

(अ) अवतल
(ब) समतल
(स) उत्तल
(द) इनमें से कोई नहीं

6. लेंस प्रकाश को आँख के पीछे एक परत पर फोकस करता है, उसे क्या कहते हैं?

(अ) कॉर्निया
(ब) परितारिका
(स) अंध बिन्दु
(द) रेटिना

7. जो पिण्ड दूसरी वस्तुओं के प्रकाश से चमकते हैं उन्हें क्या कहते हैं?

(अ) गोलीय पिण्ड
(ब) दीप्त पिण्ड
(स) प्रदीप्त पिण्ड
(द) उपरोक्त सभी

8. जब दर्पण के पृष्ठ पर आपतित किरण अभिलम्बवत् पड़ती है तब परावर्तित किरण—

(अ) परावर्तन के पश्चात् उसी पथ पर वापस लौट आती है।
(ब) परावर्तन के पश्चात् अभिलम्ब से दूर जाती है।
(स) परावर्तन के पश्चात् अभिलम्ब से दूर नहीं जाती है।
(द) इनमें से कोई नहीं

9. समतल दर्पण से परावर्तन के द्वारा बना प्रतिबिम्ब—

(अ) केवल आभासी होता है।
(ब) केवल वास्तविक होता है।
(स) आभासी तथा वास्तविक कुछ भी हो सकता है।
(द) इनमें से कोई नहीं

10. अभिलम्ब पर आपतित किरण के लिए परावर्तन कोण का मान होगा—

(अ)
(ब)
(स)
(द)

11. रतौंधी रोग का कारण हो सकता है—

(अ) विटामिन A की कमी
(ब) विटामिन B की कमी
(स) विटामिन A की वृद्धि
(द) विटामिन D की वृद्धि

12. आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है-

(अ) परितारिका
(ब) पक्षमाभी पेशियाँ
(स) पुतली
(द) लेंस

उत्तर-तालिका- 1.
(ब) 2.
(अ) 3.
(द) 4.
(अ) 5.
(स) 6.
(द) 7.
(स) 8.
(अ) 9.
(अ) 10.
(ब) 11.
(अ) 12.
(अ)।

रिक्त स्थानों की पूर्ति-

1. विसरित परावर्तन .................... पृष्ठों से होता है।

2. सूर्य का प्रकाश .................... से मिलकर बना है।

3. प्रकाश के अपने घटक रंगों में विभक्त होने को .................... कहते हैं।

4. आपतन कोण, परावर्तन कोण .................... होता है।

5. दर्पण से टकराने के पश्चात्, प्रकाश किरण दूसरी दिशा में .................... हो जाती है।

6. परावर्तित किरण तथा अभिलम्ब के बीच के कोण को .................... कहते हैं।

7. .................... नेत्र में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है।

8. भोजन में .................... का अभाव नेत्रों के अनेक रोगों के लिए उत्तरदायी होता है।

उत्तर- 1. खुरदरे 2. सात रंगों 3. विक्षेपण 4. के बराबर 5. परावर्तित 6. परावर्तन कोण 7. परितारिका 8. विटामिन-A।

सत्य/असत्य-

निम्नलिखित कथनों में सही के लिए 'T' तथा गलत के लिए 'F' अंकित कीजिए-

(1) प्रकाश सभी पृष्ठों से परावर्तित नहीं होता है।

(2) खुरदरे पृष्ठों से नियमित परावर्तन होता है।

(3) आपतन कोण तथा परावर्तन कोण बराबर होते हैं।

(4) सूर्य का प्रकाश सात रंगों से मिलकर बना होता है।

(5) प्रकाश के अपने घटक रंगों में विभक्त होने को विक्षेपण कहते हैं।

(6) दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्ब में पार्श्व-परिवर्तन नहीं होता है।

उत्तर- (1) F (2) F (3) T (4) T (5) T (6) F

'कॉलम-A' में दिए गए शब्दों का मिलान 'कॉलम-B' से कीजिए-

प्रश्न 1.

कॉलम-A

कॉलम-B

(i) आपतित किरण

(a) परावर्तित किरण तथा अभिलम्ब के बीच कोण

(ii) परावर्तित किरण

(b) पृष्ठ पर पड़ने वाली किरण

(iii) आपतन कोण

(c) पृष्ठ से परावर्तन से वापस आने वाली किरण

(iv) परावर्तन कोण

(d) आपतित किरण तथा अभिलम्ब के बीच कोण

प्रश्न 2.

कॉलम-A

कॉलम-B

(i) परितारिका

(a) वर्ण संवेदी

(ii) कॉर्निया

(b) प्रकाश संवेदी

(iii) शंकु

(c) नेत्र का पारदर्शी अग्र भाग

(iv) शलाका

(d) प्रकाश की मात्रा का नियंत्रण

उत्तर-

(i)

(ii)

(iii)

(iv)

1.

(b)

(c)

(d)

(a)

2.

(d)

(c)

(a)

(b)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. हमें वस्तुएँ क्यों दिखाई देती हैं?

उत्तर- वस्तु से आने वाला प्रकाश जब हमारे नेत्रों में प्रवेश करता है, तब वस्तुएँ दिखाई देती हैं।

प्रश्न 2. समतल दर्पण से बने प्रतिबिम्ब की प्रकृति कैसी होती है?

उत्तर- समतल दर्पण से बना प्रतिबिम्ब हमेशा सीधा व आभासी होता है।

प्रश्न 3. प्रकाश का परावर्तन किसे कहते हैं?

उत्तर- जब कोई किरण किसी सतह पर आपतित होकर उसी माध्यम में पुनः वापस लौटती है, तो इस परिघटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।

प्रश्न 4. पार्श्व परिवर्तन क्या है?

उत्तर- समतल दर्पण में बने प्रतिबिम्ब का दाईं ओर का भाग बाईं ओर तथा बाईं ओर का भाग दाईं ओर बनता है, इसे पार्श्व परिवर्तन कहते हैं।

प्रश्न 5. कैलाइडोस्कोप की क्या विशेषता है?

उत्तर- इसमें कभी भी एक पैटर्न को दोबारा नहीं देख पाते हैं।

प्रश्न 6. प्रकाश का सात रंगों में विभाजन होने की क्रिया को क्या कहते हैं?

उत्तर- प्रकाश विक्षेपण।

प्रश्न 7. शंकु प्रकाश के किस भाग पर अनुक्रिया करते हैं?

उत्तर- प्रकाश के रंग पर।

प्रश्न 8. वे कौन-सी संवेदन कोशिकाएँ हैं जो मंद प्रकाश के लिए संवेदनीय हैं?

उत्तर- शलाकाएँ।

प्रश्न 9. अंध बिन्दु क्या हैं?

उत्तर- दृक् तंत्रिकाओं तथा रेटिना की संधि पर कोई तंत्रिका कोशिका नहीं होती। इस बिन्दु को अंध बिन्दु कहते हैं।

प्रश्न 10. मोतियाबिन्द क्या है? यह कैसे ठीक किया जा सकता है?

उत्तर- कुछ वृद्धों के नेत्र लेंस के धुँधला हो जाने से आँख की देखने की क्षमता कम या समाप्त हो जाती है। इसे मोतियाबिन्द कहते हैं। इसे शल्य चिकित्सा से ठीक किया जा सकता है।

प्रश्न 11. विटामिन-A की कमी से होने वाला सबसे सामान्य रोग कौनसा है?

उत्तर- रतौंधी।

प्रश्न 12. कैलाइडोस्कोप (बहुमूर्तिदर्शी) का उपयोग बताइए।

उत्तर- दीवार, कागज तथा वस्त्रों पर डिजाइन बनाने वाले तथा कलाकार कैलाइडोस्कोप का उपयोग नए-नए पैटर्न की कल्पना करने के लिए करते हैं।

प्रश्न 13. विक्षेपण को दर्शाने वाली एक प्राकृतिक परिघटना बताइए।

उत्तर- इन्द्रधनुष विक्षेपण को दर्शाने वाली एक प्राकृतिक परिघटना है।

प्रश्न 14. जब हम कहते हैं कि किसी व्यक्ति के नेत्र हरे हैं तो वास्तव में हम नेत्र के किस भाग की बात कर रहे होते हैं।

उत्तर- परितारिका की।

प्रश्न 15. 'रेटिना' किससे बना होता है?

उत्तर- रेटिना अनेक तंत्रिका कोशिकाओं का बना होता है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-(I-Type)

प्रश्न 1. आपतन कोण तथा परावर्तन कोण बराबर होते हैं। इसे चित्र की सहायता से स्पष्ट कीजिए।

उत्तर-

चित्र : आपतन कोण तथा परावर्तन कोण

प्रश्न 2. "प्रकाश किरण का अस्तित्व एक आदर्शीकरण है।" इस कथन को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- प्रकाश किरण का अस्तित्व एक आदर्शीकरण है क्योंकि वास्तव में हमें प्रकाश का एक संकीर्ण किरण-पुंज प्राप्त होता है जो अनेक किरणों से मिलकर बना होता है। सरलता के लिए हम प्रकाश के संकीर्ण-किरण-पुंज के लिए किरण शब्द का उपयोग करते हैं।

प्रश्न 3. क्या हम सभी वस्तुओं को परावर्तित प्रकाश के कारण ही देखते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।

उत्तर- हमें अपने चारों ओर की लगभग सभी वस्तुएँ परावर्तित प्रकाश के कारण ही दिखाई देती है। उदाहरण के लिए चन्द्रमा, सूर्य से प्राप्त प्रकाश को परावर्तित करता है। इस प्रकार हम चन्द्रमा को देखते हैं।

प्रश्न 4. प्रदीप्त पिण्ड तथा दीप्त पिण्ड में अन्तर कीजिए।

उत्तर-

प्रदीप्त पिण्ड

दीप्त पिण्ड

1. ये ऐसे पिण्ड हैं जो दूसरी वस्तुओं के प्रकाश में चमकते हैं।

1. ये ऐसे पिण्ड हैं जो स्वयं प्रकाश उत्सर्जित करते हैं।

2. उदाहरण-चन्द्रमा

2. उदाहरण-सूर्य, विद्युत लैम्प

प्रश्न 5. 'परदर्शी' क्या होता है? इसकी उपयोगिता बताइए।

उत्तर- परदर्शी परावर्तित प्रकाश के पुनः परावर्तन पर आधारित एक युक्ति है। इसमें दो समतल दर्पण उपयोग किए जाते हैं। परदर्शियों का उपयोग पनडुब्बियों, टैंकों तथा बंकरों में छिपे सैनिकों द्वारा बाहर की वस्तुओं को देखने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 6. प्रदीप्त पिण्ड से क्या आशय है? समझाइए।

उत्तर- जो पिण्ड दूसरी वस्तुओं के प्रकाश में चमकते हैं, उन्हें प्रदीप्त पिण्ड कहते हैं। जैसे-चन्द्रमा सूर्य के प्रकाश के परावर्तन के कारण चमकता है। यह प्रदीप्त पिण्ड है। स्वयं चमकने वाले पिण्ड दीप्त पिण्ड कहलाते हैं।

प्रश्न 7. क्या कारण है कि धीमे प्रकाश में हम किसी वस्तु के सही रंगों का पता लगा नहीं पाते?

उत्तर- कम प्रकाश में, शलाकाएँ तो सुग्राही होती हैं पर शंकु कोशिकाएँ जो वर्णों के प्रति अनुक्रिया दर्शाती है उतनी सुग्राही नहीं होती है। इसलिए धीमे प्रकाश में हम किसी वस्तु के सही रंगों का पता नहीं लगा पाते हैं।

प्रश्न 8. प्राथमिक प्रकाश के सभी वर्णों के लिए, क्या दृष्टि पटल की शंकु कोशिकाएँ बराबर की सुग्राही होती हैं?

उत्तर- नहीं, शंकु कोशिकाएँ प्राथमिक रंग लाल, हरा तथा नीले प्रकाश के लिए अलग-अलग संवेदी होती हैं। जब लाल प्रकाश दृष्टि पटल पर पड़ता है, तो सिर्फ वही कोशिकाएँ संवेदी हो जाती हैं जो लाल रंग के लिए उत्तरदायी हैं, शेष कोशिकाएँ नहीं।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-(II-Type)

प्रश्न 1. परावर्तन के दो नियमों का उल्लेख कीजिए एवं इन्हें रेखाचित्र से प्रदर्शित कीजिए।

उत्तर- परावर्तन के नियम-

(i) आपतन कोण सदैव परावर्तन कोण के बराबर होता है।

(ii) आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा परावर्तक पृष्ठ पर आपतन बिन्दु पर खींचा गया अभिलम्ब एक ही तल में होते हैं।

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 13 चित्र 8

चित्र: आपतन कोण और परावर्तन कोण का आरेख

चित्र

प्रश्न 2. समतल दर्पण के सामने रखी वस्तु के प्रतिबिम्ब बनने की क्रिया को समझाइए। इस प्रतिबिम्ब की विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर- यहाँ P एक वस्तु है जो समतल दर्पण AB के सामने है। इससे निकलने वाली प्रकाशीय किरणें व दर्पण पर आपतित होती हैं तो ये किरणें एवं की दिशा में परावर्तित हो जाती हैं। ये परावर्तित किरणें आँख पर पहुँचती हैं तो से आती हुई प्रतीत होती हैं। वस्तु का प्रतिबिम्ब है। समतल दर्पण से प्राप्त प्रतिबिम्ब की निम्न विशेषताएँ होती हैं-

(1) समतल दर्पण से वस्तु जितनी आगे होगी प्रतिबिम्ब दर्पण से उतनी ही दूरी पर सीधे बनेगा।

(2) प्रतिबिम्ब सदैव आभासी होता है।

(3) प्रतिबिम्ब का आकार वस्तु के समान ही होता है किन्तु पार्श्व परिवर्तन हो जाता है।

चित्र-समतल दर्पण द्वारा प्रतिबिम्ब बनना

प्रश्न 3. परावर्तन क्या है? यह कितने प्रकार का होता है? प्रत्येक प्रकार को चित्र सहित समझाइए।

अथवा

प्रकाश का परावर्तन कितने प्रकार का होता है? समझाइए।

उत्तर- परावर्तन-दो माध्यम को अलग-अलग करने वाली सतह से प्रकाश ऊर्जा स्पर्श कर (टकराकर) वापिस उसी माध्यम में लौट जाती है। इस परिघटना को परावर्तन कहते हैं।

परावर्तन के प्रकार- प्रकाश का परावर्तन निम्न दो प्रकार का होता है-

(1) नियमित परावर्तन- जब प्रकाश किसी समतल चिकने पृष्ठ जैसे समतल दर्पण पर आपतित होता है तो प्रकाश की प्रत्येक किरण एक निश्चित दिशा में परावर्तित होती है। इसे नियमित परावर्तन कहते हैं।

चित्र-नियमित परावर्तन

(2) विसरित परावर्तन- जब प्रकाश किरण किसी खुरदरे सतह पर आपतित होती है तो ये किरणें भिन्न-भिन्न दिशाओं में परावर्तित होती हैं, इसे विसरित या अनियमित परावर्तन कहते हैं।

चित्र-विसरित परावर्तन

प्रश्न 4. नेत्र के अन्दर लेंस की फोकस दूरी कैसे बदलती रहती है?

उत्तर- नेत्र लेंस की आकृति पक्ष्माभी पेशियों द्वारा रूपान्तरित होती है, जिससे इसकी फोकस दूरी भी बदलती रहती है। जब पेशियाँ शिथिल होती हैं तो अभिनेत्र लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाती है और दूर रखी वस्तुएँ स्पष्ट दिखती हैं। निकट की वस्तुओं को देखने के लिए पक्ष्माभी पेशियाँ सिकुड़ जाती हैं, अतः फोकस दूरी कम हो जाती है और निकट की वस्तुएँ स्पष्ट दिखती हैं।

प्रश्न 5. ब्रैल पद्धति क्या है? इसे बिन्दुकित पैटर्न द्वारा दर्शाइए।

उत्तर- ब्रैल पद्धति चाक्षुष विकृतियुक्त व्यक्तियों के लिए पढ़ने का सर्वाधिक लोकप्रिय साधन है। ब्रैल पद्धति में 63 बिन्दुकित पैटर्न हैं अथवा छाप हैं। प्रत्येक छाप एक अक्षर, अक्षरों के समुच्चय, सामान्य शब्द अथवा व्याकरणिक चिह्न को प्रदर्शित करती है। बिन्दुओं को ऊर्ध्वाधर पंक्तियों के दो कक्षों में व्यवस्थित किया गया है। प्रत्येक पंक्ति में तीन बिन्दु हैं। इन पैटनों को जब ब्रैल शीट पर उभारा जाता है तो ये चाक्षुष विकृतियुक्त व्यक्तियों को छूकर शब्दों को पहचानने में सहायता करते हैं। स्पर्श को आसान करने के लिए बिन्दुओं को थोड़ा-सा उभार दिया जाता है।

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 13 चित्र 9

चित्र: समतल दर्पण पर प्रकाश का परावर्तन

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 13 चित्र 10

चित्र: समतल दर्पण द्वारा प्रतिबिम्ब बनना

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 13 चित्र 11

चित्र: नियमित परावर्तन

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 13 चित्र 12

चित्र: विसरित परावर्तन

550 ——————————————————————————————————————

चित्र- ब्रैल पद्धति में प्रयोग किए जाने वाले बिन्दुकित पैटर्न का उदाहरण।

प्रश्न 6. उल्लू रात्रि में ज्यादा स्पष्ट देख पाता है जबकि चील दिन में। ऐसा क्यों होता है?

उत्तर- उल्लू के नेत्र में बड़ा कॉर्निया तथा बड़ी पुतली होती है, ताकि नेत्र में अधिक प्रकाश प्रवेश कर सके। इसी के साथ-साथ इसके रेटिना में बड़ी संख्या में शलाकाएँ होती हैं तथा केवल कुछ ही शंकु होते हैं। इसलिए उल्लू के नेत्र मंद प्रकाश के लिए अधिक सुग्राही होते हैं। इसके विपरीत चील जैसे दिन के पक्षियों के नेत्रों में शंकु अधिक तथा शलाकाएँ कम होती हैं जिससे वे दिन के तीव्र प्रकाश के प्रति अधिक सुग्राही होते हैं।

प्रश्न 7. 'रतौंधी रोग' क्या होता है? इससे बचने के उपाय सुझाइए।

उत्तर- रतौंधी भोजन में विटामिन-A का अभाव होने से होने वाला नेत्र रोग होता है। इससे ग्रसित व्यक्ति मंद प्रकाश में देखने में सक्षम नहीं होता है।

बचाव के उपाय- इससे बचने के लिए हमें अपने आहार में विटामिन-A युक्त अवयवों को सम्मिलित करना चाहिए। कच्ची गाजर, फूलगोभी तथा हरी सब्जियाँ तथा कॉड-लीवर तेल में विटामिन A की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। अंडे, दूध, दही, पनीर, मक्खन एवं फल जैसे आम तथा पपीता भी विटामिन A से भरपूर होते हैं।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. परावर्तन क्या है? इसके क्या नियम हैं? परावर्तन कोण और आपतन कोण को समझाते हुए इनमें सम्बन्ध लिखिए।

उत्तर- परावर्तन- दो माध्यम को अलग-अलग करने वाली सतह से प्रकाश ऊर्जा स्पर्श कर (टकराकर) वापिस उसी माध्यम में लौट जाती है। इस परिघटना को परावर्तन कहते हैं। इसमें प्रकाश माध्यम को नहीं, मार्ग को बदल लेता है।

परावर्तन के नियम-

(1) आपतित किरण, परावर्तित किरण और आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब ये सभी एक तल में रहते हैं।

(2) आपतन कोण, परावर्तन कोण के बराबर होता है।

आपतन कोण आपतित किरण व अभिलम्ब के बीच बनता है।

परावर्तन कोण परावर्तित किरण व अभिलम्ब के बीच बनता है।

सम्बन्ध

प्रश्न 2. मानव नेत्र की संरचना को नामांकित चित्र बनाते हुए समझाइए।

अथवा

हमारे नेत्र की संरचना एवं कार्य-विधि को समझाइए।

उत्तर- हमारे नेत्र की संरचना में निम्न भाग होते हैं-

(1) श्वेत पटल (Sclera)- यह आँख के गोले (eyeball) के ऊपरी सतह पर एक मोटी सख्त, सफेद एवं अपारदर्शक तह के रूप में होता है। इसका कार्य आँख के गोले की आकृति को बनाये रखना एवं आँख की बाहरी चोट से रक्षा करना होता है।

(2) कॉर्निया या स्वच्छमण्डल (Cornea)- यह श्वेत पटल के सामने का कुछ उभरा हुआ भाग होता है। इसे श्वेत पटल के ऊपरी एवं नीचे के भागों को जोड़ने वाली पारदर्शक तह भी कह सकते हैं।

(3) परितारिका या आइरिस (Iris)- यह कॉर्निया के पीछे एक अपारदर्शक परदा होता है। आइरिस के बीच में एक छिद्र होता है। आइरिस का रंग अधिकांशतः काला होता है।

(4) तारा या पुतली (Pupil)- आइरिस के बीच वाले छिद्र को तारा कहते हैं। इसकी विशेषता यह है कि मांसपेशियों की सहायता से अधिक प्रकाश में स्वतः ही छोटी और अँधेरे में स्वतः ही बड़ी हो जाती है जिससे आँख में आवश्यक प्रकाश ही प्रवेश कर सके।

(5) नेत्र लेंस (Eye lens)- आइरिस के पीछे एक मोटा उत्तल लेंस होता है जिसे नेत्र लेंस कहते हैं। यह लेंस मुलायम एवं पारदर्शक पदार्थ का बना होता है तथा मांसपेशियों की सहायता से अपने निश्चित स्थान पर टिका रहता है। मांसपेशियों पर तनाव को परिवर्तित कर इस लेंस की वक्रता त्रिज्या को परिवर्तित किया जा सकता है। इसी लेंस से देखने वाली वस्तु का उल्टा, छोटा एवं वास्तविक प्रतिबिम्ब बनता है।

(6) रक्तक पटल या कॉरोइड (Choroid)- यह श्वेत पटल के नीचे अन्दर की ओर एक काले रंग की झिल्ली होती है। काली होने के कारण यह आपतित प्रकाश का शोषण कर लेती है जिससे आँख के गोले के भीतर प्रकाश का परावर्तन नहीं हो पाता है। इसके पृष्ठ भाग में बहुत-सी रक्त की धमनी एवं शिराएँ होती हैं जो नेत्र का पोषण करती हैं।

(7) दृष्टिपटल या रेटिना (Retina)- यह रक्त पटल के नीचे आँख की सबसे भीतरी पारदर्शक झिल्ली होती है।

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 13 चित्र 13

चित्र: Braille pattern for CAT and comma

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 13 चित्र 14

चित्र: Reflection of light diagram showing mirror, incident ray, reflected ray, normal, angle i and angle r

इस परत को रेटिना (दृष्टि पटल) कहते हैं। रेटिना अनेक तंत्रिका कोशिकाओं का बना होता है। तंत्रिका कोशिका द्वारा अनुभव की गई संवेदनाओं को दृक् तंत्रिकाओं द्वारा मस्तिष्क तक पहुँचा दिया जाता है। तंत्रिका कोशिकाएँ दो प्रकार की होती हैं-

(i) शंकु, जो तीव्र प्रकाश के लिए सुग्राही होते हैं।

(ii) शलाकाएँ, जो मंद प्रकाश के लिए सुग्राही होती हैं।

इसके अतिरिक्त शंकु वर्णों की सूचनाएँ भी भेजते हैं। दृक् तंत्रिकाओं तथा रेटिना की संधि पर कोई तंत्रिका कोशिका नहीं होती। इस बिन्दु को अंध बिन्दु कहते हैं। यदि किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब अंध बिन्दु पर बने तो वह वस्तु दिखाई नहीं देती है।

[नोट- मानव नेत्र का नामांकित चित्र इसी अध्याय के पाठ्यपुस्तक के प्रश्नों में प्रश्न संख्या 10 के उत्तर में देखें।]

प्रश्न 3. नेत्र की समंजन क्षमता व दृष्टि परास क्या है? समझाइए। मानव में दृष्टि दोष कैसे उत्पन्न होते हैं? उनका निवारण कैसे करते हैं?

उत्तर-

आँख की समंजन क्षमता- नेत्र लेंस की फोकस दूरी उससे सम्बद्ध मांसपेशियों द्वारा आसानी से बदली जाती है। मांसपेशियों द्वारा लेंस की फोकस की दूरी को इस प्रकार बदलने की प्रक्रिया को नेत्र की समंजन क्षमता कहते हैं।

दृष्टि परास- एक मानव की स्वस्थ आँख के लिये निकटतम दृष्टि सीमा है और सबसे दूर अनन्त पर होता है। निकटतम तथा दूर बिन्दु के बीच की दूरी ही दृष्टि परास कहलाती है।

दृष्टि दोष- आयु के साथ या अन्य कारणों से मनुष्य की आँखों में दृष्टि दोष उत्पन्न हो जाते हैं। जैसे कुछ मनुष्य पास रखी वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं परन्तु दूर की वस्तु स्पष्ट नहीं दिखाई देती है। यह निकट दृष्टि दोष है तथा कुछ मनुष्य निकट रखी वस्तु को स्पष्ट नहीं देख पाते किन्तु दूर रखी वस्तु को स्पष्ट देख सकते हैं। यह दूरदृष्टि दोष कहलाता है। इनके लिए हम उचित संशोधक लेंसों का उपयोग कर इन दोषों को दूर कर सकते हैं।

मोतियाबिन्द (Cataract)- यह वृद्ध व्यक्तियों में एक सामान्य रोग है जिसमें क्रिस्टलीय लेंस धुँधला या अपारदर्शी हो जाता है क्योंकि इस पर एक झिल्ली बन जाती है। इसके कारण दृष्टि कमजोर हो जाती है। इस दोष के निवारण के लिए शल्य क्रिया द्वारा अपारदर्शी लेंस को हटाकर नया कृत्रिम लेंस लगा दिया जाता है।

प्रश्न 4. निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए।

(a) आपतित किरण
(b) परावर्तित किरण
(c) आपतन कोण
(d) परावर्तन कोण (e) अभिलम्ब

उत्तर-

(a) आपतित किरण- किसी पृष्ठ पर पड़ने वाली प्रकाश किरण को आपतित किरण कहते हैं।
(b) परावर्तित किरण- पृष्ठ से परावर्तन के पश्चात् वापस आने वाली प्रकाश-किरण को परावर्तित किरण कहते हैं।
(c) आपतित कोण- आपतित किरण तथा अभिलम्ब के बीच के कोण को आपतन कोण कहते हैं।
(d) परावर्तन कोण- परावर्तित किरण तथा अभिलम्ब के बीच के कोण को परावर्तन कोण कहते हैं।

(e) अभिलम्ब- परावर्तक पृष्ठ से का कोण बनाते हुए खींची गई रेखा अभिलम्ब कहलाती है।

प्रश्न 4. चलचित्र मानव नेत्र की किस विशेषता को ध्यान में रखते हुए बनाये जाते हैं? समझाइए।

उत्तर- रेटिना पर बने प्रतिबिम्ब का प्रभाव, वस्तु को हटा लेने पर, तुरन्त ही समाप्त नहीं होता। यह लगभग सेकंड तक बना रहता है। इसलिए, यदि नेत्र पर प्रति सेकंड या इससे अधिक दर पर किसी गतिशील वस्तु के स्थिर प्रतिबिम्ब बने तो नेत्र को वह वस्तु चलती-फिरती अनुभव होती है। मानव नेत्र की इस विशेषता का उपयोग चलचित्र दिखाने में किया जाता है। हम जो चलचित्र देखते हैं, वह वास्तव में कुछ-कुछ भिन्न अनेक चित्रों का उपयुक्त क्रम में पर्दे पर प्रक्षेपण है। उन्हें नेत्र के सामने प्राय: प्रतिबिम्ब प्रति सेकंड की दर से परिवर्तित होते दिखाया जाता है। इस प्रकार हम चलचित्र देख पाते हैं।

सड़क सुरक्षा एवं स्वच्छता सम्बन्धी प्रश्न

प्रश्न 1. हमें ट्रैफिक नियमों का पालन क्यों करना चाहिए?

उत्तर- हमें दुर्घटना से बचने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए। यदि हम सड़क पर वाहन चलाते वक्त ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करेंगे तो पुलिस हमें रोककर हमारे नाम का चालान काटेगी।

प्रश्न 2. वाहन चलाते समय क्या-क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?

अथवा

वाहन चलाते समय हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर-

(1) वाहन चलाते समय हमें सड़क पर सावधानीपूर्वक चलना चाहिए।

(2) दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग करना चाहिए।

(3) चार पहिया वाहन चलाते समय हमेशा सीट बेल्ट का प्रयोग करना चाहिए।

(4) चौराहे पर लाल बत्ती होने पर रुकना चाहिए।

प्रश्न 3. ट्रैफिक लाइट और जेब्रा लाइन के बारे में आप क्या जानते हैं?

उत्तर- ट्रैफिक लाइट- ट्रैफिक लाइट में लाल, पीली और हरी बत्तियाँ होती हैं, जो चौराहों और तिराहों पर लगी होती हैं। लाल बत्ती ट्रैफिक रुकने का संकेत देती है। हरी बत्ती ट्रैफिक चलने का संकेत देती है, जबकि

पीली बत्ती सावधानीपूर्वक सोच-समझकर चलने का संकेत देती है।

जेब्रा लाइन-सड़क पर बनी काली और सफेद पट्टी को जेब्रा लाइन कहते हैं। यह यात्रियों के सुरक्षित रूप से सड़क पार करने के लिए बनाई जाती है।

प्रश्न 4. वर्तमान में सड़क दुर्घटनाओं में तीव्र वृद्धि होती जा रही है। सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण क्या हैं?

उत्तर- (1) लोगों का सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक नहीं होना। (2) सड़कों पर वाहनों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि। (3) सड़क पर लगे यातायात संकेतों पर ध्यान न देना। (4) गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बातें करना व गाने सुनना। (5) नशे में वाहन चलाना।

प्रश्न 5. सड़क पार करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर- (1) सड़क पार करते समय हमें अत्यंत सावधानी बरतनी चाहिए।

(2) सड़क हमेशा जेब्रा क्रॉसिंग से ही पार करनी चाहिए।

(3) सड़क हमेशा उस समय पार करनी चाहिए जब वाहन लाल बत्ती पर रुके हों।

(4) सड़क पार करते समय पहले हमें दायीं ओर से आ रहे वाहन देखने चाहिए तथा मध्य में जाकर बायीं ओर से आ रहे वाहन देखने चाहिए, इसके बाद ही सड़क पार करनी चाहिए।

प्रश्न 6. सड़कों के किनारों पर सुरक्षित यातायात से सम्बन्धित लिखे हुए कोई चार वाक्य लिखिये।

उत्तर- (1) धीरे चलें। (2) दुर्घटना से देर भली।

(3) नशे में वाहन न चलायें। (4) यातायात नियमों का पालन करें।

प्रश्न 7. सड़क किनारे बने कोई चार यातायात संकेत बनाकर उनके नाम लिखिए।

उत्तर- (1) पार्किंग (2) प्रवेश निषेध (3) चलना मना है (4) एक तरफा यातायात

प्रश्न 8. सड़क पर दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए?

उत्तर- (1) सड़क पर दुर्घटना में घायल व्यक्ति को सबसे पहले प्राथमिक चिकित्सा देनी चाहिए।

(2) उसके बाद उसके लिए एम्बुलेंस को फोन करके बुला लेना चाहिए।

(3) दुर्घटना की सूचना पुलिस को देनी चाहिए।

(4) एम्बुलेंस ना आ पाये तो मरीज को नजदीक के अस्पताल में भरती करा देना चाहिए।

(5) घायल व्यक्ति के घरवालों को फोन कर उसके अस्पताल में भरती होने की सूचना दे देनी चाहिए।

प्रश्न 9. हम हमारे देश को सड़क सुरक्षा के साथ सुन्दर भविष्य किस प्रकार दे सकते हैं?

उत्तर- एक अच्छे नागरिक के रूप में हम सभी को सड़क सुरक्षा के नियमों की पालना करनी चाहिए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इस प्रकार हम हमारे देश को सुरक्षा के साथ-साथ एक सुन्दर भविष्य भी प्रदान कर सकते हैं।

प्रश्न 10. सड़क पर फैले धूम-कोहरे से दृश्यता कम हो जाती है। इस स्थिति में वाहन चालक को कौन-कौनसी सावधानियाँ बरतनी चाहिए?

उत्तर- (1) धूम-कोहरे में हमेशा धीमी गति से ही वाहन चलाना चाहिए। (2) धूम-कोहरे के समय वाहन की हैडलाइट को ऑन करके लो बीम मोड पर रखनी चाहिए। इसके साथ ही फॉग लैम्प और पार्किंग लाइट को ऑन रखना चाहिए। (3) धूम-कोहरे में वाहनों के बीच न्यूनतम सुरक्षित दूरी बनाए रखना चाहिए।

प्रश्न 11. दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग क्यों जरूरी है? सड़क दुर्घटना के कोई दो दुष्प्रभाव बताइये।

उत्तर- हेलमेट का उपयोग- (1) हेलमेट से आकस्मिक दुर्घटना के समय सिर में चोट का बचाव हो पाता है।

(2) मोटर यान अधिनियम 1988 के तहत बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर सजा का प्रावधान भी है।

सड़क दुर्घटना के दो दुष्प्रभाव- (1) पीड़ित व्यक्ति का अपंग होना या मौत हो जाना।

(2) परिवार पर आकस्मिक आर्थिक भार पड़ना।

प्रश्न 12. गली-मौहल्ले में कचरा और गंदगी का क्या कारण है?

उत्तर- (1) गली-मौहल्ले के लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं हैं। वे घर का कचरा गली-मौहल्ले की सड़क पर डालते हैं जिससे गली-मौहल्ले में कचरा और गंदगी होती है।

(2) दूसरे, सफाई अभी हमारी आदत का हिस्सा नहीं बनी है।

प्रश्न 13. हमारे गली-मौहल्ले साफ रहें, इसके लिए हम क्या-क्या कर सकते हैं?

उत्तर- हमारे गली-मौहल्ले साफ रहें, इसके लिए हम निम्न कार्य कर सकते हैं- (1) गली-मौहल्ले के लोगों को गंदगी से होने वाली बीमारियों से जागरूक करना। (2) गली-मौहल्ले में कचरे को उठाने की व्यवस्था करना तथा गली-मौहल्ले में झाड़ू लगवाना। (3) गली-मौहल्ले में जगह-जगह पर कचरादान रखवाना तथा इनका उपयोग करने के लिए प्रेरित करना। (4) गली-मौहल्ले में कचरा फैलाने वाले पर जुर्माना लगाना।

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 13 चित्र 15

चित्र: यातायात संकेत (1) पार्किंग, (2) प्रवेश निषेध, (3) चलना मना है, (4) एक तरफा यातायात

प्रश्न 14. खुले में शौच जाने के क्या बुरे परिणाम हो सकते हैं?

अथवा

खुले में शौच क्यों नहीं करना चाहिए? इस सम्बन्ध में अपने विचार लिखिए। (कोई तीन)

उत्तर— खुले में शौच जाने के बुरे परिणाम—

(1) खुले में शौच जाने से वातावरण दूषित होता है।

(2) इससे मक्खियों द्वारा भोजन दूषित होता है।

(3) इससे तालाब आदि का पानी भी प्रदूषित होता है।

(4) इससे बीमारियाँ फैलती हैं।

प्रश्न 15. आपने अपने विद्यालय में स्वच्छता अभियान कैसे चलाया? वर्णन कीजिए।

उत्तर— हमने अपने विद्यालय में महात्मा गाँधी जयन्ती पर विद्यालय के सभी बच्चों को इकट्ठा किया और उन विद्यार्थियों के अलग-अलग दल बनाकर उन्हें अलग-अलग कार्य करने को दिये। जैसे—मैदान साफ करना, कक्षा में रंग करना, पुराने सामान को बेचना, शौचालय साफ करना, विद्यालय में फैली गंदगी को साफ करना आदि। इस प्रकार पूरे विद्यालय की सफाई हो गयी।

प्रश्न 16. देश के 'स्वच्छ भारत मिशन' पर अपने विचार लिखिए।

उत्तर— स्वच्छ भारत अभियान 2 अक्टूबर, 2014 से प्रारम्भ किया गया राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्त्वपूर्ण अभियान है। इसके तहत भारतीयों को स्वच्छता अभियान से जोड़ा जा रहा है। इस अभियान में सार्वजनिक जगह को साफ रखने में सरकार के साथ-साथ आम नागरिक को भी जोड़ा जा रहा है। स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य है—स्कूल, घर, गलियों, मोहल्लों तथा सार्वजनिक क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखना।

प्रश्न 17. हमारे आसपास का वातावरण स्वच्छ रहे, इसके लिए हमें क्या करना होगा? स्वच्छता संबंधी दो बातें लिखिए।

उत्तर— (i) घरों के आस-पास पेड़-पौधे लगाने चाहिए।

(ii) कूड़ा-कर्कट न फैले, इसके लिए कचरा-पात्रों का उपयोग करना चाहिए।

(iii) खुले में शौच नहीं करना चाहिए।

(iv) प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग नहीं करना चाहिए।

स्वच्छता संबंधी बातें— (i) शौच जाने के बाद साबुन से हाथ धोना। (ii) दिन में दो बार दाँतों को ब्रश करना।

प्रश्न 18. स्वच्छता से क्या तात्पर्य है? हमें अपने आसपास सफाई रखनी चाहिए। अस्वच्छता फैलने के कोई दो कारण लिखिए।

उत्तर— स्वच्छता से तात्पर्य बाह्य एवं आन्तरिक स्वच्छता से है। बाह्य स्वच्छता सम्पूर्ण पर्यावरण की रक्षा से सम्बन्धित है तो आन्तरिक स्वच्छता शारीरिक एवं आत्मिक आचरण की शुद्धता से सम्बन्धित है।

अस्वच्छता फैलने के कारण—(1) घर के कचरे को सड़क पर अथवा गली अथवा नालों में फेंकना।

(2) खुले में शौच जाना।

प्रश्न 19. स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए किस बात की आवश्यकता है? हरे रंग के डस्टबिन में आप कौनसा कचरा डालेंगे?

उत्तर— स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता है। यह एक सामूहिक दायित्व है। जब तक देश का हर नागरिक स्वच्छता अभियान के अनुरूप आचरण नहीं करता तब तक यह अभियान सफल नहीं हो पायेगा।

हरे रंग के डस्टबिन में हम पत्ते, सूखे फल-सब्जी, इस्तेमाल की गई माचिस की डिब्बी, बचा हुआ खाना जैसा सामान डालेंगे।

प्रश्न 20. स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत हेतु कोई दो सुझाव लिखिए। स्वयं के शरीर की स्वच्छता हेतु आप किन दो बातों का विशेष ध्यान रखेंगे?

उत्तर— स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत हेतु सुझाव—

(i) गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित किया जाना चाहिए।

(ii) पॉलिथीन के उपयोग पर प्रतिबन्ध लगाया जाना चाहिए।

स्वयं के शरीर की स्वच्छता हेतु ध्यान रखने वाली बातें—

(1) शौच जाने के उपरान्त साबुन से हाथ धोयेंगे।

(2) नियमित अन्तराल पर नाखूनों को काटेंगे ताकि उनमें गन्दगी न भरे।

प्रश्न 21. सामान्य कचरा पात्र (डस्ट-बिन) कितने रंगों के होते हैं? उनमें कौनसा कचरा डालना चाहिए?

उत्तर— सामान्यतः कचरा पात्र निम्न तीन रंगों के होते हैं—

(1) हरा डस्टबिन—इसमें पत्ते, सूखे फल-सब्जी, बचा हुआ खाना जैसे सामान डाल सकते हैं।

(2) नीला डस्टबिन—इसमें प्लास्टिक बैग, जूस की बोतल, टूटा हुआ प्लास्टिक का सामान आदि डाल सकते हैं।

(3) लाल डस्टबिन—इसमें टॉर्च के सेल, पुरानी दवा, इस्तेमाल की गई सुई आदि डाल सकते हैं।

प्रश्न 22. 'स्वच्छ भारत मिशन' के क्या उद्देश्य हैं? बताइए। व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए विद्यार्थियों को क्या प्रयास करने चाहिए? कोई दो लिखिए।

उत्तर— स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य—(1) भारत में खुले में शौच की प्रवृत्ति की पूर्ण समाप्ति।

(2) हाथों से मल-सफाई व्यवस्था को जड़ से समाप्त करना।

व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए विद्यार्थियों के प्रयास—

(1) विद्यार्थी स्वयं के शरीर की सफाई रखें, इसके लिए नित्य स्नान करें, साफ कपड़े पहनें।

(2) शौच के उपरान्त हाथों को साबुन से धोएँ।